दो बूंद हर बार, पोलियों पर जीत बरकरार, मुख्यमंत्री ने बच्चों को दवा पिलाकर शुरू किया अभियान

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि पल्स पोलियो के प्रति जागरूकता ही बचाव का पहला कदम है। भारत पोलियो मुक्त देशों में से एक है परन्तु पोलियो मुक्त बने रहने के लिए पोलियो की दो बूंद का उपयोग अवश्य करें। मुख्यमंत्री डॉ. यादव मुख्यमंत्री निवास स्थित समत्व भवन में पल्स पोलियो के राज्य स्तरीय अभियान का शुभारंभ अवसर पर संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने 5 वर्ष से कम उम्र के बच्चें जुड़वा बहनें अर्निका और अनाया राय, कनिष्का, नियति, अर्थ और समर्थ को दवा पिलाई। इस अवसर पर लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा राज्यमंत्री श्री नरेन्द्र शिवाजी पटेल, प्रमुख सचिव लोक स्वास्थ्य श्री संदीप यादव, डब्ल्यू.एच.ओ. के प्रतिनिधि सहित गणमान्य उपस्थित थे। 38 लाख बच्चों को दवा पिलाने का लक्ष्य मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि 3 दिवसीय पल्स पोलियो अभियान 8 दिसम्बर से 10 दिसम्बर तक आयोजित किया जाएगा। इस अवधि में 38 लाख बच्चों को दवा पिलाने का लक्ष्य है। उन्होंने कहा कि पल्स पोलियो अभियान की सार्थकता तभी है जब कोई भी बच्चा दवा से वंचित न रह जाए। उच्चतम रिहायशी इलाकों से ईंट भट्टे, क्रेशर, निर्माण स्थल, घुमक्कड़ आबादी और झुग्गी बस्तियों में भी पोलियो की दवा पिलाने के लिए मोबाइल टीमें घर-घर, गली-गली जाकर अपने लक्ष्य को पूरा करेंगी। उन्होंने लोगों से आहवान किया कि सजग माता-पिता होने का परिचय दें और अपने 5 वर्ष तक के बच्चों को नि:शुल्क पल्स पोलियो की दवा अवश्य पिलाएं। दो बूंद हर बार, पोलियो पर जीत बरकरार दो बूंद हर बार, पोलियो पर जीत बरकरार की भावना से प्रदेश के 16 जिलों में यह अभियान चलाया जा रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि स्वास्थ्य सुविधाओं में निरंतर विश्व स्तरीय विकास के लिए प्रधानमंत्री श्री मोदी एवं केन्द्रीय स्वास्थ्य मंत्री श्री जे.पी. नड्डा के प्रति प्रदेश की जनता की ओर से आभार व्यक्त करता हूँ। पोलियो लाइलाज, बचाव जरूरी मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि पोलियो लाइलाज बीमारी है, जो बच्चों में दिव्यांगता का प्रमुख कारण है। बच्चों को "डबल सुरक्षा" सुनिश्चित करने के लिए दो बूंद जिन्दगी की खुराक हर बार पिलाई जाना जरुरी है। पल्स पोलियो अभियान की शुरुआत वर्ष 1995 से हुई थी, जिसका उद्देश्य भारत को सतत पोलियो मुक्त बनाए रखना है। परन्तु कुछ सीमावर्ती देशों में पोलियो के पॉजिटिव प्रकऱण सामने आए है। इन्हें देखते हुए हमें पोलियो के विरुद्ध गंभीरता से लड़ना होगा। हमने अधिक संवेदनशील क्षेत्रों को चिन्हित कर, योजनाबद्ध रूप से पल्स पोलियो अभियान चलाया है। उन्होंने कहा कि भिंड, भोपाल, छिंदवाड़ा, दतिया, ग्वालियर, इन्दौर, कटनी, खरगौन, मंदसौर, नरसिंहपुर, नीमच, निवाड़ी, सतना, श्योपुर, टीकमगढ़ और विदिशा में अभियान का अतिरिक्त चरण आयोजित किया गया हैं।   recent visitors 66

महाराष्ट्र विधानसभा के विशेष सत्र के दूसरे दिन विपक्ष के 105 विधायकों ने शपथ ली, कल किया था इंकार

नई दिल्ली महाराष्ट्र विधानसभा के तीन दिवसीय विशेष सत्र की शुरुआत कल हुई। आज सत्र के दूसरे दिन विपक्षी महा विकास अघाड़ी (एमवीए) के सदस्यों ने विधायक के रूप में शपथ ली। सत्र के पहले दिन (शनिवार) राज्य के सीएम देंवेद्र फडणवीस, डिप्टी सीएम एकनाथ शिंदे और अजित पवार ने विधायक पद की शपथ ली थी। महाराष्ट्र विधानसभा के विशेष सत्र के दूसरे दिन रविवार को विपक्ष के 105 विधायकों ने शपथ ली। इन सभी ने EVM के मुद्दे पर 7 दिसंबर को शपथ लेने से इनकार करते हुए सदन से वॉकआउट कर दिया था। कांग्रेस के नाना पटोले, विजय वडेट्टीवार और अमित देशमुख, NCP-SP नेता जितेंद्र अव्हाड, शिवसेना UBT के आदित्य ठाकरे ने सदन की कार्यवाही दोबारा शुरू होते ही शपथ ली। शनिवार को 173 विधायकों ने शपथ ली थी। इनमें समाजवादी पार्टी के विधायक अबू आजमी और रईस शेख भी शामिल रहे। अब बाकी बचे 9 विधायक सोमवार को शपथ लेंगे। इधर, राहुल नार्वेकर ने आज स्पीकर पद के लिए नामांकन भर दिया है। कोलाबा सीट से विधायक नार्वेकर का निर्विरोध चुना जाना तय है क्योंकि किसी और उम्मीदवार ने नामांकन दाखिल नहीं किया है। शपथ ग्रहण से पहले विपक्ष के नेताओं ने CM फडणवीस से मुलाकात की। ये सभी विधानसभा में डिप्टी स्पीकर के पद की मांग को लेकर पहुंचे थे। जानिए मारकडवाडी विवाद, जिसकी वजह से EVM पर विपक्ष सवाल उठा रहा मारकरवाडी के लोगों ने 3 दिसंबर को बैलेट पेपर से मॉक पोलिंग रखी थी, लेकिन प्रशासन ने इसे रोक दिया था। मारकरवाडी के लोगों ने 3 दिसंबर को बैलेट पेपर से मॉक पोलिंग रखी थी, लेकिन प्रशासन ने इसे रोक दिया था। 23 नवंबर को महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव का रिजल्ट आया था। सोलापुर जिले की मालसिरस विधानसभा सीट से NCP (शरद) उम्मीदवार उत्तमराव जानकर ने जीत हासिल की थी। उन्होंने बीजेपी के राम सातपुते को हराया था। रिजल्ट के बाद मालसिरस विधानसभा के मारकडवाडी गांव के लोगों ने दावा किया था कि गांव के ज्यादातर लोगों ने NCP प्रत्याशी को वोट दिए थे, लेकिन EVM के आंकड़े के मुताबिक बीजेपी प्रत्याशी को 1003 वोट मिले हैं और NCP प्रत्याशी को 843 वोट। ये गलत है। गांववालों का दावा है कि बीजेपी प्रत्याशी को 100-150 वोट से ज्यादा नहीं मिल सकते हैं। गांववालों ने खुद के खर्चे पर स्थानीय प्रशासन से बैलट पेपर पर दोबारा मतदान कराने की अपील की थी, लेकन प्रशासन से इसे खारिज कर दिया था। इसी के बाद EVM में गड़बड़ी का आरोप लगाते हुए आज गांववालों ने खुद बैलट पेपर पर मतदान का कार्यक्रम आयोजित किया। 3 दिसंबर को सारी तैयारी की गई थी। पोलिंग बूथ तक बनाया गया था, लेकिन प्रशासन ने बैलेट पेपर से ग्रामीणों की तरफ से वोटिंग को रोक दिया था। 17 लोगों के खिलाफ FIR दर्ज की गई थी। विपक्ष के किसी भी दल के पास 10% सीटें नहीं, नेता विपक्ष पर संशय महाराष्ट्र की 288 विधानसभा सीटों पर 20 नवंबर को वोटिंग हुई थी। 23 नवंबर को रिजल्ट आया। महायुति को 230 सीटें मिलीं। इसमें भाजपा को 132, शिवसेना को 57 और NCP के 41 विधायक जीते। वहीं महाविकास अघाड़ी (MVA) को 46 और अन्य को 12 सीटें मिलीं। MVA में शिवसेना (UBT) 20, कांग्रेस 16 और शरद पवार की NCP को 10 सीटों पर जीत मिली। बहुमत का आंकड़ा 145 है। नेता विपक्ष पर दावा करने के लिए पार्टी के पास 10% सीटों का होना जरूरी है। 288 सीटों वाली महाराष्ट्र विधानसभा में इस पद पर दावा करने के लिए 29 सीटों की जरूरत है, जो किसी भी विपक्षी पार्टी के पास नहीं हैं। ऐसे में विधानसभा में कोई भी मुख्य विपक्षी दल और उसका नेता नहीं होगा। recent visitors 68

पुलिस पर झूठा फंसाने का लगाया आरोप, राजस्थान-जोधपुर में रंगदारी केस में लॉरेंस ने 8 साल बाद कोर्ट में दिए बयान

जोधपुर. पंजाब के कुख्यात और हार्डकोर बदमाश लॉरेंस बिश्नोई और उनके गुर्गों पर ट्रैवल्स कंपनी के मालिक को धमकाने और रंगदारी के मामले में महानगर मजिस्ट्रेट संख्या-7 में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए लारेंस के बयान दर्ज किए गए। साबरमती जेल से वीसी के जरिए मजिस्ट्रेट हर्षित आडा के समक्ष लारेंस के बयान दर्ज किए गए। अधिवक्ता संजय विश्नोई ने बताया कि ट्रैवल्स एजेंसी के मालिक मनीष जैन से रंगदारी और डराने धमकाने एवं फायरिंग करने के मामले में साल 2017 में सरदारपुरा थाने में मुकदमा दर्ज किया गया था। लंबे समय से इस मामले में सुनवाई चल रही थी। लारेंस के बयान नहीं हो पा रहे थे। ऐसे में फिजिकली लारेंस को लाना संभव नहीं होने पर पिछली सुनवाई पर वीसी के जरिए बयान करवाने थे, लेकिन तकनीकी खराबी की वजह से बयान नहीं हो पाए थे। आज वीसी के जरिए साबरमती जेल से लारेंस ऑनलाइन कोर्ट के समक्ष पेश हुआ और उसके बयान दर्ज किए गए। लारेंस ने कोर्ट के समक्ष बयान दर्ज कराए। करीब 55 सवाल लारेंस के सामने रखे गए जिन पर उससे जवाब लिए गए। लारेंस ने सभी का जवाब दिया और कहा कि पुलिस ने इस मामले में उसे झूठा फंसाया है, क्योंकि घटना से तीन साल पहले से वह जेल में था। ऐसे में पुलिस केवल उसे फंसाने का प्रयास कर रही है। उसका कहा कि घटना के वक्त जेल में होने से वह घटना को कैसे अंजाम दे सकता है। अधिवक्ता विश्नोई ने कहा कि अभी उसके बयान पूरे नहीं हुए हैं। ऐसे में अगली पेशी पर उसके बयान होने के बाद इस मामले में बयानों पर जिरह होगी। उसके बाद ही इस मामले में कोर्ट की आगे की प्रोसेडिंग होने के साथ फैसला होगा। recent visitors 84

अब मध्यप्रदेश में शादी से पहले पंडित जी को देना होगा वर-वधु के जन्म प्रमाण-पत्र, वरना हो जाएगी कार्रवाई

जबलपुर सुप्रीम कोर्ट ने बाल विवाह रोकथान को लेकर आवश्यक परामर्श जारी किए हैं। इसके बाद मध्य प्रदेश के जबलपुर में जिला अदालत जज डीपी सूत्रकार ने भी निर्देश जारी किए हैं। नगर निगम और जबलपुर क्षेत्राधिकार को लेकर जारी एडवायजरी में निर्देशित किया है कि विवाह कराने से पूर्व पुरोहित को वर-वधु के जन्म प्रमाण-पत्र की जांच करनी होगी। यही नहीं विवाह समारोह के लिए बुकिंग से पूर्व मैरिज गार्डन व होटल संचालकों को भी ऐसा ही करना होगा। यदि ऐसा नहीं किया गया तो बाल विवाह प्रतिषेध अधिनियम के अंतर्गत अपराध दर्ज किया जाएगा। वर की आयु 21 और वधू की आयु 18 साल से कम न हो एडवायजरी में कहा गया है कि सुप्रीम कोर्ट ने जो परामर्श जारी किया था, उसे गंभीरता से लेकर मध्य प्रदेश हाई कोर्ट ने प्रदेश के सभी मजिस्ट्रेटों को परामर्श की प्रति देते हुए आवश्यक दिशा-निर्देश जारी करने आदेशित किया था। बाल विवाह प्रतिषेध अधिनियम-2006 की धारा-13 के अंतर्गत यह निर्देश जारी किए जाते हैं कि जबलपुर नगर निगम के क्षेत्राधिकार में विवाह संपन्न कराने वाले मैरिज गार्डन, होटल व पंडित वर-वधु के जन्म प्रमाण-पत्र की जांच करें। वर की आयु 21 वर्ष और वधू की आयु 18 वर्ष से कम होने पर विवाह संपन्न न कराएं। एडवाइजरी का उल्लंघन होने पर बाल विवाह अनुष्ठान कराने का अपराध स्वत: संज्ञान के आधार पर दर्ज किया जाएगा, जो अजमानती होगा। इसकी धारा 10 के तहत दो वर्ष के कारावास और एक लाख रुपये के जुर्माने का प्रावधान है। एडवाइजरी तत्काल प्रभाव से लागू करने के आदेश भी जारी कर दिए गए हैं। इस संबंध में नगर निगम को भी आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं। पत्नी को धमकाकर पीटने वाले पति को तीन वर्ष का सश्रम कारावास अपराध से जुड़े एक अन्य मामले में डिंडौरी जिले के शहपुरा थाना अंतर्गत ग्राम बटौंधा तिराहा निवासी पति को अपनी पत्नी के साथ मारपीट करते हुए धमकाने के मामले में तीन वर्ष सश्रम कारावास की सजा सुनाई गई है। मीडिया सेल प्रभारी मनोज कुमार वर्मा ने बताया कि वर्ष 2020 पत्नी की शिकायत पर आरोपी पति विकास जैन पिता प्रदीप जैन उम्र 40 वर्ष निवासी बटौंधा तिराहा शहपुरा के विरूद्ध मामला दर्ज हुआ था। आरोपित द्वारा अपनी पत्नी पर चरित्र संदेह करते हुए गाली गलौज करते हुए मारपीट कर जान से मारने की धमकी देने के मामले में सुनवाई करते हुए विशेष न्यायाधीश अजा अजजा अत्याचार निवारण अधिनियम द्वारा आरोपित विकास जैन को यह सजा सनाई है। बताया गया कि पीड़िता प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र कोहानी देवरी में स्टाफ नर्स के पद पर पदस्थ है। उसके पति द्वारा एक जून 2020 को विवाद किया गया था। इसकी शिकायत के बाद से ही यह मामला लंबित था। recent visitors 134

मुख्‍यमंत्री ने कहा- कृषकों को विद्युत के लिए आत्‍मनिर्भर बनाने के उद्देश्‍य से सोलर पंप लगाने के लिए प्रोत्‍साहित किया जा रहा

भोपाल रीजनल इण्डस्ट्रियल कॉन्क्लेव नर्मदापुरम में मुख्‍यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि अगले 5 साल में राज्‍य सरकार का बजट दोगुना करने के लिए हमारी सरकार प्रतिबद्ध है। उद्यमियों को प्रोत्‍साहित करने के साथ-साथ हमारी व्‍यवस्‍थाओं के बलबूते पर आईटी, टूरिज्‍म, खनन, उर्जा सहित सभी सेक्‍टर में गतिविधियों के विस्‍तार की हर संभव कोशिश होगी। कृषकों को विद्युत के लिए आत्‍मनिर्भर बनाने के उद्देश्‍य से सोलर पंप लगाने के लिए प्रोत्‍साहित किया जा रहा है। प्रदेश में 52 निजी विश्‍वविद्यालय संचालित हैं। इस प्रकार सभी क्षेत्रों को समन्‍वित प्रयास से हमारा लक्ष्य है कि मध्‍यप्रदेश देश का श्रेष्‍ठतम राज्‍य बने और देश-दुनिया से निवेशक तथा उद्योग समूह हमारे प्रदेश में आकर अपनी गतिविधियों को विस्‍तार दे। इससे प्रदेश के विकास को और अधिक गति मिलेगी। विकास के लक्ष्‍य को लेकर चल रहे हैं सीएम ने कहा- यह कॉन्‍क्‍लेव प्रदेश के औद्योगिक विकास के लिए राज्‍य शासन की प्रतिबद्धता की अभिव्यक्ति है। हम प्रदेश के संतुलित और सामान्‍य विकास के लक्ष्‍य को लेकर चल रहे हैं। इसी उद्देश्य से प्रदेश में संभाग स्तर पर इंडस्‍ट्रीयल कॉन्‍क्‍लेव का क्रम आरंभ किया गया। औद्योगिक विकास के इन क्षेत्रीय समागमों में मुख्‍यमंत्री, मुख्‍य सचिव सहित राज्‍य शासन के प्रमुख अधिकारियों की सहभागिता हमारी प्रतिबद्धता, पार‍दर्शिता और जो कहा उसे तय समय-सीमा में कर दिखाने की भावना का परिचायक है। क्षेत्रीय कॉन्‍क्‍लेव के माध्‍यम से औद्योगिक विकास की प्रक्रिया में प्रदेश के जन-जन को शामिल किया जा रहा है। उद्योग समूह और निवेशक भारत तथा मध्‍यप्रदेश की विकास यात्रा में सहभागी होनें के लिए आमंत्रित हैं। कॉन्क्लेव की थीम नए क्षितिज-नई संभावनाएं मुख्यमंत्री डॉ. यादव 'नए क्षितिज-नई संभावनाएं' थीम पर आयोजित नर्मदापुरम में 6वें रीजनल इंडस्ट्री कॉन्क्लेव के शुभारंभ सत्र को संबोधित कर रहे थे। मुख्‍यमंत्री डॉ. यादव ने कॉन्‍क्‍लेव का दीप प्रज्‍ज्वलित कर शुभारंभ किया। प्रदेश की 82 औद्योगिक ईकाइयों का किया गया भूमि-पूजन और लोकार्पण मुख्‍यमंत्री डॉ. यादव ने बताया कि नर्मदापुरम की इंडस्‍ट्रीयल कॉन्‍क्‍लेव में सभी सेक्‍टर मिला कर 31 हजार 800 करोड़ रुपए के निवेश प्रस्‍ताव प्राप्‍त हुए है। मुख्‍यमंत्री डॉ. यादव ने एमएसएमई प्रोत्‍साहन योजना के अंतर्गत 1200 से अधिक इकाइयों को प्रोत्‍साहन स्‍वरूप 367 करोड़ रूपए की वित्‍तीय सहायता राशि सिंगल क्लिक से अंतरित की। मुख्‍यमंत्री डॉ. यादव ने कार्यक्रम स्‍थल से प्रदेश की 82 इकाइयों का वर्चुअली भूमि-पूजन एवं लोकार्पण किया। कुल 2585 करोड़ रुपए निवेश की इन इकाइयों से लगभग 5800 व्‍याक्तियों को रोजगार प्राप्‍त होगा। मुख्‍यमंत्री डॉ. यादव ने प्रदेश में 98 इकाइयों को 163 एकड भूमि के लिए आशय पत्र/आवंटन आदेश जारी किये। कुल 911 करोड़ के निवेश से लगने वाली इन इकाइयों से 4 हजार रोजगार के अवसर सृजित होंगे। मुख्‍यमंत्री डॉ. यादव ने आद्योगिक क्षेत्र माना (बुधनी) में अधोसंरचनात्मक विकास कार्यों का वर्चुअल लोकार्पण भी किया। मुख्‍यमंत्री डॉ. यादव की उपस्थिती में देश की असीम पर्यटन संभावनाओं को देश-विदेश तक पहुंचाने के लिए मध्‍यप्रदेश पर्यटन विभाग और फिक्‍की के बीच समझौता ज्ञापन का आदान-प्रदान हुआ। क्षेत्रीय कॉन्‍क्‍लेव से प्रदेश के युवाओं, किसानों और महिलाओं के जीवन स्‍तर में आएगा बदलाव मुख्‍यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश के युवाओं, किसानों, महिलाओं के जीवन स्‍तर में बदलाव की दिशा में रीजनल इंडस्‍ट्री कॉन्‍क्‍लेव महत्‍वपूर्ण कदम है। आज हुए कॉन्‍क्‍लेव में कई औद्योगिक इकाइयों के भूमि-पूजन और लोकार्पण संपन्‍न हुए।नर्मदापुरम में हुए इस आयोजन से संपूर्ण प्रदेश जुड़ा, एमएसएमई के लिए उद्यमियों के खातों में सहायता राशि जारी की गई, इसी प्रकार उद्योग समूहों को भी प्रोत्‍साहन प्रदान किये गये। यह इस बात का परिचायक है कि राज्‍य सरकार औद्योगिक गतिविधियों को प्रोत्‍साहन देने के लिए कृत-संकल्पित हैं। recent visitors 72

अलग-अलग आकार की खून नसें होती है, जो जुड़ने में परेशानी पैदा करती, अब एम्स भोपाल में निजात हुई नै तकनीक, जिसे जुड़ सकेंग नसे

भोपाल अगर किसी मरीज का पैर जल जाता है, उसकी हड्डी तक की मांस काली पड़ जाती है। उस हड्डी को ढकने के लिए शरीर के किसी अन्य हिस्से से मांस लगाया जाता है। मांस जीवित रहे इसलिए खून की नस को भी काटा जाता है। और पैर ही हड्डी पर लगाया जाता है। इस प्रक्रिया में कई बार अलग-अलग आकार की खून नसें होती है, जो जुड़ने में परेशानी पैदा करती हैं। क्योंकि वह नसें छोटी-बड़ी होती हैं, जो जुड़ने में परेशानी पैदा करती हैं, ऐसे स्थिति से निपटने के लिए एम्स भोपाल के डॉ. गौरव चतुर्वेदी ने नवाचार किया है। नसों से खून बहने की समस्या दूर होगी इन्होंने खून की नसों पर टांके लगाने की नई तकनीक विकसित की है, जिसे इंटरप्टेड हॉरिजोंटल माइक्रोमैट्रेस शटरिंग नाम दिया है। इसकी मदद से किसी भी छोटी-बड़ी खून की नसों को आसानी के साथ जोड़ा जा सकेगा। इससे सर्जरी के बाद नसों से खून बहने की समस्या को दूर किया जा सकेगा। दरअसल, प्लास्टिक सर्जरी में शरीर के किसी एक हिस्से से त्वचा और ऊतक लेकर दूसरे हिस्से में लगाने होते हैं। हर हिस्से की रक्त वाहिकाओं का आकार अलग-अलग होता है। उन्हें जोड़ने में होने वाली परेशानी से यह तकनीक मुक्ति दिलाती है। देशभर में प्रचलित हुआ नवाचार डॉ. गौरव का यह नवाचार देशभर में भी प्रचलित हुआ है। हाल ही में डॉ. गौरव को माइक्रोसर्जिकल स्यूचरिंग तकनीकों पर उनके अग्रणी कार्य के लिए प्रतिष्ठित यंग रिसर्चर अवॉर्ड से सम्मानित किया गया। यह सम्मान उन्हें नेशनल बायोमेडिकल रिसर्च प्रतियोगिता के दौरान प्रदान किया गया, जिसे एम्स, नई दिल्ली ने जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय के सहयोग से सोसाइटी ऑफ यंग बॉयोमेडिकल साइंसेज इंडिया के तत्वावधान में आयोजित किया था। इस आयोजन में देशभर के शोधकर्ताओं ने अपनी उन्नत खोजों को प्रस्तुत किया था। एम्स भोपाल के बर्न्स और प्लास्टिक सर्जरी विभाग के डॉ. गौरव चतुर्वेदी बताया कि वर्तमान में ऑपरेशन के दौरान दो खून की नसों को जोड़ने पर परेशानी आती है। कई बार नसें ही फट जाती हैं। लीक होने लगती है। वैसे तो इस पर बहुत सारे शोध चल रहे हैं लेकिन मैंने अपने नवाचार की मदद से 30 सफल आपरेशन किए हैं। जिसमें सभी मरीज स्वस्थ्य हैं। इस नवाचार को पूरा करने में मुझे दो साल का समय लग गया है। recent visitors 88

IPS अधिकारियों को भाया ज्योतिष का शौक, भविष्य को जानने की इच्छा ही मनुष्य को कर्म की ओर प्रेरित करती है: ऋषि कुमार शुक्ला

भोपाल मध्य प्रदेश के कई पुलिस अधिकारियों में इन दिनों ज्योतिष के अध्ययन का शौक लगा है। सीबीआई के पूर्व डायरेक्टर ऋषि कुमार शुक्ला हों या डीजी पुलिस रहे एसएस लाल। डायरेक्टर स्पोर्ट्स के पद से सेवानिवृत्त हुए आईपीएस अधिकारी शैलेंद्र श्रीवास्तव को भी ज्योतिष खूब पसंद है। सितंबर में एडीजी (अजाक) के पद से सेवानिवृत्त हुए राजेश गुप्ता का भी बचपन से ज्योतिष का शौक पुलिस सेवा में आने के बाद भी कम होने की जगह बढ़ता ही गया। ऋषि कुमार शुक्ला तो ज्योतिष में शोध को बढ़ाने में लगे हैं। उनका कहना है, ज्योतिष भविष्य बताने के नाम पर डराने और उपाय बताने का विषय नहीं है। एसएस लाल ने ज्योतिष पर पुस्तकें भी लिखी हैं। कई आईएएस अधिकारियों को भी इसी तरह का शौक रहा है। इनमें डीएस माथुर, जेएस माथुर का नाम शामिल हैं। ऋषि कुमार शुक्ला बोले- ज्योतिष में कई भ्रांतियां फैली ऋषि कुमार शुक्ला बताते हैं, ‘काल को समझने का प्रयास, तो समस्त मानवीय तलाशों में सबसे ऊपर रहा है। भविष्य को जानने की इच्छा ही मनुष्य को कर्म की ओर प्रेरित करती है। भविष्य को कैसे सुधारा जाए, इसमें पूरा विज्ञान लगा है।’ उनके मुताबिक, ‘ज्योतिष में आज कई भ्रांतियां फैली हैं। किसे क्या समस्या हो सकती है, उसके उपाय क्या होंगे? यह सब ज्योतिष में चल रहा है। इन भ्रांतियों को कैसे दूर करें। कैसे शोध कर सही दिशा में पहुंचें।’ ‘ज्योतिष की सही विवेचना हो। यही प्रयास हमारा है। इसके लिए हमने एक संस्था भी बनाई है। मेरे परिवार में पीढ़ियों से ज्योतिष और आयुर्वेद को माना जाता रहा है। मेरी भी रुचि शुरू से ही रही। लगभग 25 वर्ष पहले खोजबीन की तो जिज्ञासा और बढ़ गई।’ ज्योतिष के प्रति जिज्ञासा के साथ बढ़ी सीखने की ललक ज्योतिष में रुचि को लेकर सेवानिवृत्त डीजीपी एसएस लाल बताते हैं, ‘कुछ जिज्ञासा होती है बचपन से। कोई संगति मिल जाती है तो उसमें आगे बढ़ जाते हैं। आईआईटी कानपुर में जब इंजीनियरिंग की पढ़ाई कर रहा था, तो वह कुछ विद्यार्थी हाथ देखकर भविष्य बताते थे। हमें भी जिज्ञासा हुई।’ ‘सेवा में आने पर मैं भिंड में एएसपी था। वहां, हिंदी के प्राध्यापक डॉ. एसएस शर्मा ने मेरे विवाह और ट्रांसफर को लेकर जो संभावना जताई, वह सही निकली। इसके बाद मैंने उनसे सीखना प्रारंभ किया। राकेश साहनी के साथ बिजली विभाग में काम किया। वह भी इस विषय को लेकर जिज्ञासु थे। मैंने भी ज्योतिष शास्त्र को लेकर दो पुस्तकें भी लिखी हैं।   recent visitors 128