महाकाल मंदिर के गेट नंबर 1 पर लगेगी लड्डू ATM मशीन, 24 घंटे भगवान महाकाल का प्रसाद खरीद सकेंगे भक्त

 उज्जैन सब कुछ ठीक रहा तो आने वाले दिनों में देश-विदेश से भगवान महाकाल के दर्शन करने आने वाले भक्त 24 घंटे भगवान महाकाल का लड्डू प्रसाद खरीद सकेंगे। मंदिर समिति एक नंबर गेट के समीप लड्डू मशीन स्थापित कर रही है।दर्शनार्थी एटीएम की तरह बारकोड स्कैन कर मशीन से लड्डू प्रसाद खरीद सकते हैं। फिलहाल यह व्यवस्था प्रायोगिक तौर पर लगी हुई जा रही है और दर्शनार्थी सुबह 6 बजे से रात 10 बजे तक लड्डू प्रसाद खरीद सकेंगे। शुद्ध देसी घी से बने बेसन के लड्डुओं का प्रसाद     महाकाल मंदिर समिति द्वारा मंदिर के प्रसाद काउंटरों से महाकाल भोग प्रसाद के नाम से शुद्ध देसी घी से निर्मित बेसन के लड्डुओं का विक्रय किया जाता है। समिति 100, 200, 500 ग्राम व एक किलो के पैक में प्रसाद विक्रय करती है।     400 रुपये किलो में बिकने वाला प्रसाद अब एटीएम की तरह कार्य करने वाली मशीन के माध्यम से बेचे जाने की योजना है। मंदिर प्रशासन ने एक दानदाता के सहयोग से कोयंबटूर की कंपनी से इस मशीन का निर्माण कराया है।     करीब 5 दिन पहले निर्माण कंपनी ने मशीन को मंदिर कार्यालय पहुंचाया था। अब कंपनी के टेक्नीशियन मशीन को मंदिर के एक नंबर गेट के समीप स्थापित कर रहे हैं।     मंदिर प्रशासन के अनुसार एक-दो दिन में मशीन से लड्डू प्रसाद के विक्रय की शुरुआत हो सकती है। अधिकारियों के मुताबिक, प्रसाद की गुणवत्ता पर पहले से ध्यान दिया जा रहा है। नीलकंठेश्वर महादेव मंदिर पर महाप्रसादी महोत्सव इस बीच, उज्जैन से सटे खाचरौद में नगर के प्राचीन नीलकंठेश्वर महादेव मंदिर में दीपावली महापर्व के 28 दिन पश्चात शुक्रवार को मास शिवरात्रि के पावन अवसर पर महाप्रसादी महोत्सव संपन्न हुआ। इस दौरान पूरे मंदिर परिसर को विद्युत रोशनी एवं पुष्पमाला से सजाया गया था। दिनभर मंदिर परिसर में कई धार्मिक आयोजन एवं रात्रि में भजन संध्या हुई। मंदिर पुजारी नागेंद्र गिरी एवं धर्मेंद्र गिरी गोस्वामी ने बताया कि नीलकंठेश्वर महादेव मंदिर पर भगवान का महाप्रसादी महोत्सव संपन्न हुआ। जिसमें बड़ी संख्या में भक्तों ने भगवान का दर्शन पूजन कर भगवान को शीश नवाया। महोत्सव के दौरान भगवान का महादेव के रूप में आकर्षक शृंगार कर भगवान को छप्पन भोग अर्पित किए गए। तत्पश्चात शाम 5 बजे भगवान की महाआरती की गई। इस अवसर पर महोत्सव पर बड़ी संख्या में भगवान की महाप्रसादी भक्तों ने ग्रहण की। recent visitors 58

प्रयागराज महाकुंभ के लिए रेलवे ने कसी कमर, 40 करोड़ तीर्थयात्री आने का अनुमान, रेलवे ने बनाया फुलप्रूफ प्लान

 प्रयागराज भारतीय रेलवे ने अगले साल प्रयागराज में आयोजित होने वाले कुंभ मेले की तैयारियां शुरू कर दी हैं। रेलवे का अनुमान है कि इस मेगा इवेंट में करीब 40 करोड़ तीर्थयात्री हिस्सा लेंगे। यह आयोजन 13 जनवरी से 26 फरवरी 2025 तक चलेगा। रेलवे इस दौरान 140 नियमित ट्रेनों के साथ 1,225 विशेष ट्रेनें भी चलाएगा। जिनमें से अधिकतर स्नान के मुख्य दिनों के लिए होंगी। तीर्थयात्रियों के लिए विशेष व्यवस्था रेलवे ने अयोध्या और वाराणसी जाने वाले यात्रियों की सुविधा के लिए प्रयागराज, प्रयाग, अयोध्या, वाराणसी, और रामबाग जैसे प्रमुख स्टेशनों को जोड़ने के लिए फास्ट रिंग मेमू सेवा शुरू करने की योजना बनाई है। चित्रकूट जाने वालों के लिए एक अलग रिंग रेल सेवा चलाई जाएगी, जो झांसी, बांदा, चित्रकूट, मानिकपुर, प्रयागराज, फतेहपुर, गोविंदपुरी और उरई को कवर करेगी। ट्रेनों की संख्या 1,225 विशेष ट्रेनों में से 825 ट्रेनें छोटी दूरी की यात्रा के लिए और 400 लंबी दूरी के लिए होंगी। यह 2019 के अर्धकुंभ के मुकाबले 177% ज्यादा है, जब 533 छोटी दूरी की और 161 लंबी दूरी की ट्रेनें चलाई गई थीं। तीर्थयात्रियों की मदद के लिए रेलवे ने 1800-4199-139 टोल-फ्री नंबर जारी किया है। इसके अलावा, "कुंभ 2025" नाम का मोबाइल ऐप तैयार किया जा रहा है, जो 24×7 कॉल सेंटर से जुड़ा होगा। इंफ्रास्ट्रक्चर पर बड़ा निवेश रेलवे इस आयोजन के लिए 933.62 करोड़ रुपये खर्च कर रहा है। इसमें 494.90 करोड़ रुपये यात्री सुविधाओं को बेहतर बनाने और 438.72 करोड़ रुपये सड़क ओवरब्रिज और अंडरब्रिज के निर्माण के लिए रखे गए हैं। प्रयागराज जंक्शन पर 4,000 लोगों की क्षमता वाला एक अतिरिक्त यात्री शेड तैयार किया जा रहा है। टिकटिंग और सुरक्षा रेलवे मेला क्षेत्र सहित सभी स्टेशनों पर 542 टिकट काउंटर लगाएगा, जो रोजाना करीब 9.76 लाख टिकट जारी कर सकेंगे। सुरक्षा के लिए 651 अतिरिक्त सीसीटीवी कैमरे लगाए जा रहे हैं, जिनमें से 100 कैमरे एआई-आधारित फेस रिकग्निशन सिस्टम से लैस होंगे। 900 करोड़ से ज्यादा खर्च कर रहा रेलवे प्रवक्ता ने कहा कि रेलवे 933.62 करोड़ रुपए की बुनियादी ढांचागत परियोजनाओं को क्रियान्वित कर रहा है, जिसमें यात्री सुविधाओं में वृद्धि के लिए 494.90 करोड़ रुपए और सड़क ओवरब्रिज और अंडरब्रिज के निर्माण के लिए 438.72 करोड़ शामिल हैं. नए स्टेशन भवन और सीसीटीवी व्यवस्था सहित 79 यात्री सुविधाओं पर काम चल रहा है. एक अतिरिक्त यात्री घेरा, जो 4,000 यात्रियों को समायोजित कर सकता है, प्रयागराज जंक्शन पर स्थापित किया जाएगा. ऐसे चार बाड़े पहले से ही स्टेशन पर उपलब्ध हैं. 542 टिकटिंग प्वाइंट उपलब्ध सभी स्टेशनों के साथ-साथ मेला क्षेत्र में कुल 542 टिकटिंग प्वाइंट उपलब्ध कराए गए हैं. प्रवक्ता ने कहा कि ये काउंटर प्रतिदिन 9.76 लाख टिकट वितरित कर सकते हैं. रेलवे सुरक्षा बल 651 अतिरिक्त सीसीटीवी कैमरे लगा रहा है. इनमें से लगभग 100 कैमरों में उपद्रवियों और असामाजिक तत्वों की पहचान के लिए एआई-बेस्ड फेस रिक्ग्निशन सिस्टम होगा.   recent visitors 72

देश की पहली हाइड्रोजन ट्रेन जल्द दौड़ेगी पटरी पर, 110 किमी की स्पीड… 8 कोच… बैठ सकेंगे 2638 पैसेंजर…

नई दिल्ली भारतीय रेलवे ने हाइड्रोजन से चलने वाली ट्रेन लॉन्च करने की तैयारी के साथ एक और बड़ी उपलब्धि हासिल करने की दिशा में कदम बढ़ाया है। यह अत्याधुनिक ट्रेन हरियाणा के जींद और सोनीपत रेलवे स्टेशनों के बीच जल्द ही ट्रायल रन के लिए दौड़ेगी। इस हाइड्रोजन ट्रेन का डिजाइन रेलवे की शोध, डिजाइन और मानक संगठन (RDSO) द्वारा विकसित किया गया है। डिजाइन को दिसंबर 2021 में अंतिम रूप दिया गया था। इसके निर्माण पर काम तब से लगातार चल रहा है। इस ट्रेन का अंतिम ट्रायल अगले साल की पहली तिमाही में होने की संभावना है। रिपोर्ट के मुताबिक, आरडीएसओ के महानिदेशक उदय बोरवंकर ने कहा, ''आरडीएसओ लगातार नए और अभिनव प्रोजेक्ट्स पर ध्यान केंद्रित करता है। हाइड्रोजन ईंधन का उपयोग सड़क परिवहन में सफल रहा है। रेलवे में अभी तक इसका व्यापक उपयोग नहीं हो सका है। भारत का यह प्रयास टिकाऊ ऊर्जा के क्षेत्र में एक बड़ी उपलब्धि होगी।'' 8 डिब्बे और 2,638 यात्रियों की क्षमता इस ट्रेन में 8 यात्री डिब्बे होंगे, जिनमें एक बार में 2,638 यात्री यात्रा कर सकेंगे। ट्रेन की अधिकतम गति 110 किमी/घंटा होगी। इसमें तीन डिब्बे हाइड्रोजन सिलेंडरों, ईंधन सेल कन्वर्टर्स, बैटरियों और एयर रिज़र्व के लिए होंगे। यह ट्रेन विशेष रूप से कम दूरी के सफर के लिए उपयुक्त मानी जा रही है। वर्तमान में चेन्नई के इंटीग्रल कोच फैक्ट्री (ICF) में ट्रेन का इंटीग्रेशन कार्य प्रगति पर है। हाइड्रोजन से चलने वाली ट्रेनें हाइड्रोजन और ऑक्सीजन के ईंधन सेल से उत्पन्न बिजली का उपयोग मोटर चलाने के लिए करती हैं। जर्मनी और चीन जैसे देशों ने रेल परिवहन में हाइड्रोजन ईंधन पर काम किया है, लेकिन अब तक केवल जर्मनी में एक सफल हाइड्रोजन ट्रेन परिचालित हो रही है। वहां ट्रेन में सिर्फ दो कोच हैं। पर्यावरण के लिए फिट है यह ट्रेन भारत की यह हाइड्रोजन ट्रेन न केवल तकनीकी दृष्टि से बल्कि पर्यावरण संरक्षण के लिहाज से भी एक महत्वपूर्ण पहल मानी जा रही है। इसका लक्ष्य ग्रीन एनर्जी के उपयोग को बढ़ावा देना है। क्या होगा ट्रेन का नाम ट्रेन का नाम अभी तय नहीं हुआ है। हाल ही में आयोजित इंटरनेशनल इनोवेटिव रेल एक्सपो में इस ट्रेन के मॉडल को "नमो ग्रीन रेल" नाम के साथ प्रदर्शित किया गया था। हालांकि अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि आधिकारिक नाम लॉन्च के समय तय किया जाएगा। ट्रेन की खूबियों को बताया लखनऊ में आरडीएसओ के अंतरराष्ट्रीय इनोवेटिव रेल एक्सपो में इस हाइड्रोजन ट्रेन के डिजाइन को प्रदर्शित किया गया है. इसके साथ ही इसकी खूबियों को भी बताया गया.पहली हाइड्रोजन ट्रेन के बारे में आरडीएसओ के डायरेक्टर जेनरल उदय बोरवनकर ने बताया कि आरडीएसओ हमेशा नए और अभिनव काम पर ध्यान देती है. अब तक दुनिया भर में रोड ट्रांसपोर्ट में तो हाइड्रोजन फ्यूल प्रयोग हो रहा है पर रेलवे ट्रांसपोर्ट में कहीं बहुत सफल प्रयोग नहीं हो सका है.अब भारत इसको करेगा जो निश्चित रूप से बड़ी उपलब्धि होगी. यह सस्टेनेबल एनर्जी पर आधारित है. इंटीग्रेशन का चल रहा काम नमो ग्रीन रेल नाम इस मॉडल पर लिखा है लेकिन अधिकारियों के अनुसार लॉन्च होते समय इस ट्रेन का नाम रखा जाएगा. अभी हाइड्रोजन ट्रेन का कोई नाम नहीं रखा गया है. आरडीएसओ की ओर से तैयार इस हाइड्रोजन ट्रेन में 8 पैसेंजर कोच होंगे. 2638 यात्री एक बार में उसमें यात्रा कर पाएंगे. इसकी स्पीड 110 किलोमीटर प्रति घंटा होगी. इसके अलावा तीन कोच हाइड्रोजन सिलिंडर के लिए भी होंगे. इसी में इंटीग्रेटेड फ्यूल सेल कनवर्टर, बैट्री, एयर रिजरवॉयर्स (Air Reservoirs) भी होगा. इसे कम दूरी तक की यात्रा के लिए उपयुक्त माना जा सकता है. फिलहाल चेन्नई के इंटेग्रल कोच फैक्ट्री (ICF Chennai) में इसके इंटीग्रेशन का काम चल रहा है. सिर्फ जर्मनी में ही चल रही हाइड्रोजन ट्रेन हाइड्रोजन पॉवर्ड ट्रेन में हाइड्रोजन और ऑक्सीजन सेल्स से मिलने से बिजली बनती है, जिससे ट्रेन का मोटर चलता है. अब तक हाइड्रोजन फ्यूल पर जर्मनी, चीन जैसे देश काम कर चुके हैं लेकिन बड़े पैमाने पर कहीं भी ये प्रयोग सफल नहीं रहा है. सिर्फ जर्मनी में ही हाइड्रोजन ट्रेन दो बोगियों के साथ चल रही है. आरडीएसओ के डायरेक्टर जनरल उदय बोरवनकर कहते हैं कि ग्रीन एनर्जी पर अब बहुत ज़्यादा हमारा ध्यान है. ऐसे में इसपर काम होगा. आपको मालूम हो कि हाइड्रोजन ट्रेन, डीजल और अन्य जीवाश्म ईंधन से चलने वाली ट्रेनों की तुलना में प्रदूषण को कम करने में सक्षम है. recent visitors 71

कैंसर और किडनी रोगों से पीड़ित पीड़ितों के लिए भोपाल गैस पीड़ित मोर्चे न्यूनतम 5 लाख रुपये के अतिरिक्त मुआवजे की मांग की

भोपाल भोपाल गैस त्रासदी के पीड़ितों के चार प्रमुख संगठनों ने शनिवार को एक पत्रकार वार्ता में सर्वोच्च न्यायालय में दायर रिट याचिका की जानकारी दी। यह याचिका कैंसर और घातक किडनी रोगों से ग्रस्त पीड़ितों को अपर्याप्त मुआवजा मिलने के खिलाफ है। संगठनों ने पीड़ितों के स्वास्थ्य क्षति के गलत वर्गीकरण को अस्थायी से स्थायी श्रेणी में बदलने और अतिरिक्त मुआवजे की मांग की है। गैस पीड़ितों के साथ हुआ अन्याय भोपाल गैस पीड़ित महिला स्टेशनरी कर्मचारी संगठन की अध्यक्ष रशीदा बी ने बताया कि सूचना के अधिकार के तहत प्राप्त दस्तावेजों के अनुसार, कैंसर से पीड़ित 11,278 व्यक्तियों में से 90% और घातक किडनी रोगों से पीड़ित 1,855 व्यक्तियों में से 91% को केवल 25,000 रुपये का मुआवजा दिया गया। उन्होंने इसे अत्यंत अन्यायपूर्ण बताया।   भोपाल गैस पीड़ित निराश्रित पेंशनभोगी संघर्ष मोर्चा के बालकृष्ण नामदेव ने कहा कि हम सौभाग्यशाली हैं कि ओडिशा के पूर्व मुख्य न्यायाधीश डॉ. एस. मुरलीधर ने हमारे मामले को सुप्रीम कोर्ट में प्रस्तुत किया। उन्होंने पहले भी हमारे लिए स्वास्थ्य सेवाएं सुनिश्चित करवाई हैं। स्थायी क्षति के बावजूद अस्थायी वर्गीकरण भोपाल ग्रुप फॉर इंफॉर्मेशन एंड एक्शन की रचना ढींगरा ने यूनियन कार्बाइड के दस्तावेजों का हवाला देते हुए कहा कि मिथाइल आइसोसाइनेट से स्वास्थ्य को स्थायी क्षति होती है। इसके बावजूद 93% दावेदारों को "अस्थायी" तौर पर प्रभावित माना गया, जिसके कारण उन्हें उचित मुआवजा नहीं मिला। उन्होंने कहा कि गैस पीड़ितों को अपर्याप्त मुआवजा मिलने के पीछे यही मुख्य कारण है।   भोपाल गैस पीड़ित महिला पुरुष संघर्ष मोर्चा के अध्यक्ष नवाब खान ने सुप्रीम कोर्ट के 1991 और 2023 के आदेशों का जिक्र करते हुए कहा कि पीड़ितों को मुआवजे की कमी की भरपाई सरकार को करनी होगी। उन्होंने कैंसर और किडनी रोगों से पीड़ित पीड़ितों के लिए न्यूनतम 5 लाख रुपये के अतिरिक्त मुआवजे की मांग की।   recent visitors 88

RSS बांग्लादेश में हिंदुओं के हालात पर नाराज, 4 दिसंबर को सर्व हिंदू समाज निकालेगा आक्रोश रैली, बांग्लादेशी हिंदुओं के समर्थन में सौंपेंगे ज्ञापन

इंदौर इंदौर में 4 दिसंबर को हिंदू समाज का बड़ा प्रदर्शन होने जा रहा है। बांग्लादेश में हिंदुओं पर हो रहे अत्याचार के खिलाफ यह रैली आयोजित होगी। RSS कार्यालय सुदर्शन में हुई बैठक में इसकी रूपरेखा तैयार की गई। संघ और इससे जुड़े दूसरे संगठनों के साथ व्यापारी संगठनों ने भी इस आंदोलन में भाग लेने का निर्णय लिया। रैली सुबह 9:30 बजे लालबाग से शुरू होकर कलेक्टर ऑफिस पर समाप्त होगी।अधिकारियों को ज्ञापन सौंपा जाएगा।   व्यापारी संगठनों ने भी दिखाई एकजुटता इंदौर में होने वाली इस रैली में 4 लाख से अधिक लोगों के शामिल होने की संभावना है। बीजेपी इंदौर महानगर अध्यक्ष गौरव रणदीवे ने मीडिया से बातचीत में बताया कि बांग्लादेश में हिंदुओं के खिलाफ हो रही वीभत्स घटनाओं के कारण व्यापारी संगठनों में भी गुस्सा है। 4 दिसंबर को शहर के आधे व्यापारिक प्रतिष्ठान बंद रहने की उम्मीद है। आयोजन का उद्देश्य अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारत की सरकार से बांग्लादेश में हिंदुओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने का दबाव बनाना है।   सर्व हिंदू समाज की एकजुटता बैठक में बीजेपी जिलाध्यक्ष चिंटू वर्मा ने बताया कि संघ परिवार के सभी वैचारिक संगठन इस प्रदर्शन में भाग लेंगे। इस आयोजन का उद्देश्य बांग्लादेश में हिंदुओं के खिलाफ हो रही घटनाओं के विरोध में इंदौर से एक सशक्त संदेश देना है। आयोजक पंकज पवार ने बताया कि यह रैली हिंदू समाज की पीड़ा और आक्रोश का प्रतीक होगी।   दुर्गा वाहिनी ने उठाई अंतरराष्ट्रीय दबाव की मांग दुर्गा वाहिनी की माला सिंह ठाकुर ने कहा कि बांग्लादेश में हो रही घटनाओं ने हिंदू समाज को झकझोर दिया है। उन्होंने सरकार से मांग की कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बांग्लादेशी प्रशासन पर दबाव बनाया जाए। ठाकुर ने यह भी कहा कि 4 दिसंबर को व्यापारी संगठनों ने आधे दिन का बंद रखने का निर्णय लिया है।  हिंदू एकता महासंघ फिरोजाबाद के तत्वावधान में प्रजापिता ब्रह्मकुमारी ईश्वरीय विद्यालय के वीनेश कुमार, धर्म रक्षा संघर्ष समिति के प्रभाष्कर राय, धर्म रक्षा संघर्ष समिति के संजय सिंह एडवोकेट एवं गुरुद्वारा समिति टूंडला के अध्यक्ष काके सरदार सहित 50 से 60 हिंदूवादी संगठन के पदाधिकारियों के साथ शुक्रवार को सरस्वती शिशु मंदिर गोशाला प्रांगण में बैठक आयोजित की गई। सभी संगठनों ने एक स्वर में बांग्लादेश में अल्पसंख्यकों के साथ हो रहे अत्याचार का विरोध किया। उन्होंने कहा संपूर्ण देश का हिंदू समाज यह सब बिल्कुल बर्दाश्त नहीं करेगा। हिंदू समाज के समस्त संगठन इसका पुरजोर विरोध प्रदर्शन करेगा। हिंदू संगठनों के द्वारा 4 दिसंबर को जिले में विशाल धरना प्रदर्शन किया जाएगा। इसमें राष्ट्रपति को संबोधित ज्ञापन देंगे। इस दौरान सिख समाज से सरदार दलवीर सिंह, प्रमोद श्रीवास्तव भारतीय, सद्भावना सीमा समिति के अध्यक्ष अनुभव महेश्वरी, अरुण जैन, प्रताप जैन, सौरभ, योगेंद्र उपाध्याय सहित काफी पदाधिकारी मौजूद थे। recent visitors 76

इस्कॉन ने की पुष्टि, बांग्लादेश में हिंदू समुदाय पर जारी हमलों के बीच एक और हिंदू पुजारी की गिरफ्तारी

ढाका बांग्लादेश में हिंदू समुदाय पर जारी हमलों और दमन के बीच एक और हिंदू पुजारी की गिरफ्तारी हुई है। इंटरनेशनल सोसाइटी फॉर कृष्णा कॉन्शसनेस (इस्कॉन) ने इस बारे में पुष्टि की है। गिरफ्तार पुजारी की पहचान श्याम दास प्रभु के रूप में हुई है, जो कथित रूप से जेल में बंद आध्यात्मिक नेता चिन्मय कृष्ण दास से मिलने गए थे। रिपोर्ट के मुताबिक, श्याम दास प्रभु को चटगांव पुलिस ने बिना किसी आधिकारिक वारंट के गिरफ्तार किया। इस घटना के बाद हिंदू समुदाय और धार्मिक संगठनों में गहरी नाराजगी है। इस्कॉन कोलकाता के उपाध्यक्ष और प्रवक्ता राधारमण दास ने इस गिरफ्तारी पर कड़ा विरोध जताते हुए सोशल मीडिया पर लिखा, "आज चटगांव पुलिस ने एक और ब्रह्मचारी श्याम दास प्रभु को गिरफ्तार कर लिया है।" पहले से ही तनावपूर्ण माहौल इससे पहले सोमवार को पूर्व इस्कॉन सदस्य और आध्यात्मिक नेता चिन्मय कृष्ण दास को राजद्रोह के एक मामले में गिरफ्तार किया गया था। उन्हें मंगलवार को जमानत देने से इनकार कर दिया गया, जिससे हिंदू समुदाय में भय और असुरक्षा का माहौल और बढ़ गया है। इस्कॉन ने किया गिरफ्तारी का विरोध इस्कॉन और अन्य हिंदू संगठनों ने इन गिरफ्तारियों की कड़ी निंदा की है। राधारमण दास ने कहा कि यह कार्रवाई अल्पसंख्यक हिंदू समुदाय को डराने और धार्मिक स्वतंत्रता का दमन करने का प्रयास है। उन्होंने बांग्लादेश सरकार से अल्पसंख्यकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने और इन घटनाओं की निष्पक्ष जांच की मांग की है। recent visitors 120

मध्यप्रदेश में डीजीपी के पद पर अब कैलाश मकवाना जिम्मेदारी संभालेंगे, यह तीसरे इंजीनियर है जो MP DGP बने

भोपाल प्रदेश के नए पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) कैलाश मकवाना लगातार तीसरे ऐसे डीजीपी होंगे जो इंजीनियर हैं। इसके पहले सुधीर कुमार सक्सेना और विवेक जौहरी भी इंजीनियर थे। सुधीर सक्सेना शनिवार 30 नवंबर को सेवानिवृत हो गए। उनकी जगह कैलाश मकवाना इस पद की जिम्मेदारी संभालेंगे। मकवाना के डीजीपी बनने पर स्पेशल डीजी का एक पद रिक्त होगा। उसकी जगह एडीजी स्पेशल टास्क फोर्स पंकज श्रीवास्तव स्पेशल डीजी बनेंगे। आईपीएस अधिकारियों की वर्तमान ग्रेडिंग लिस्ट देखें तो सुधीर सक्सेना के बाद शीर्ष 10 अधिकारियों में छह इंजीनियर हैं। मकवाना ने मैनिट (पूर्व में एमएसीटी) से बीई किया है। इसके साथ ही आईआईटी से एमटेक हैं। अगले माह स्पेशल डीजी और एडीजी के स्तर पर कई अधिकारी इधर से उधर भी हो सकते हैं। मकवाना के पुलिस महानिदेशक बनने के बाद पुलिस हाउसिंग कारपोरेशन का अध्यक्ष पद रिक्त हो जाएगा। डीजी अजय शर्मा यहां पर किसी वरिष्ठ आईपीएस अधिकारी की पदस्थापना की जा सकती है। इसके लिए ईओडब्ल्यू के डीजी अजय शर्मा के नाम की भी चर्चा है। यहां पहले से ही एक स्पेशल डीजी उपेंद्र जैन एमडी के पद पर हैं। एडीजी अजाक रहे राजेश गुप्ता के सेवानिवृत होने के बाद इस शाखा का प्रभार स्पेशल डीजी प्रज्ञा ऋचा श्रीवास्तव को दिया गया है। इसी तरह से पुलिस प्रशिक्षण अनुसंधान संस्थान (पीटीआरआइ) का अतिरिक्त प्रभार एडीजी चयन संजीव शमी के पास है। दोनों जगह किसी एडीजी को पदस्थ किया जाएगा। ईओडब्ल्यू का डीजी बनने के लिए एक स्पेशल डीजी लंबे समय से प्रयास में हैं। इसी तरह से योगेश देशमुख के एडीजी गुप्तवार्ता बनने के बाद साइबर का उनके पास अतिरिक्त प्रभार है। जिस तरह से साइबर अपराध बढ़ रहे हैं, इस दृष्टि से यहां भी किसी को पदस्थ किया जाएगा। प्रमुख सचिव अनुपम राजन पदोन्नत होकर बने एसीएस शासन के प्रमुख सचिव अनुपम राजन अब अपर मुख्य सचिव (एससएसी) के पद पर पदोन्नत किए गए हैं। अपर मुख्य सचिव मलय श्रीवास्तव के 30 नवंबर को सेवानिवृत्त होने से रिक्त हुए पद पर अनुपम राजन को पदोन्नति मिली है। सामान्य प्रशासन विभाग ने शनिवार को पदोन्नति आदेश जारी कर दिया। उच्च शिक्षा के प्रमुख सचिव अनुपम राजन के पास उद्यानिकी एवं खाद्य प्रसंस्करण विभाग का अतिरिक्त प्रभार है। recent visitors 182