मोहन भागवत ने कहा – दो या तीन बच्चे पैदा करना जरूरी, वरना मानवता ही खतरे में आ जाएगी

नागपुर. राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सरसंघचालक मोहन भागवत ने जनसंख्या नीति को लेकर अहम बयान दिया है। उन्होंने रविवार को महाराष्ट्र में आयोजित एक कार्यक्रम में कहा कि यह जरूरी है कि जनसंख्या की औसत वृद्धि दर 2.1 से नीचे न जाए। हमारे लिए यह जरूरी है कि दो या तीन बच्चे पैदा किए जाएं। ऐसा जनसंख्या विज्ञान कहता है और यदि औसत आंकड़ा 2.1 का ही रहा तो फिर बिना किसी खतरे के ही पृथ्वी से मानवता समाप्त हो जाएगी। आबादी यदि ऐसे ही कम होने की दर बनी रही तो फिर कई भाषाएं और सभ्यताएं खत्म होने के कगार पर पहुंच जाएंगी। मोहन भागवत ने कहा, 'आबादी का घटना चिंता का विषय है। आधुनिक जनसंख्या विज्ञान कहता है कि जब जन्म दर 2.1 से नीचे जाती है तो फिर धरती से मानवता ही खत्म होने का खतरा पैदा हो जाता है। ऐसी स्थिति में समाज खत्म हो जाता है, जबकि उसके आगे कोई प्रत्यक्ष संकट नहीं होता। ऐसी स्थिति में कई भाषाओं और सभ्यताओं के खत्म होने का खतरा होता है। देश की जनसंख्या नीति 1998 या 2002 में तय हुई थी। जनसंख्या की औसत वृद्धि दर 2.1 से कम नहीं होनी चाहिए। हमारे लिए यह जरूरी है कि दो या तीन बच्चे हों। आबादी की जरूरत है क्योंकि समाज का अस्तित्व रहना चाहिए।' recent visitors 80

पांच लोगों की दर्दनाक मौत, छत्तीसगढ़-सरगुजा में ट्रक ने कार को मारी टक्कर

सरगुजा. छत्तीसगढ़ के सरगुजा जिला में अंबिकापुर- बिलासपुर नेशनल हाईवे 130 पर उदयपुर के पास भीषण सड़क हादसा हुआ है। हादसे में पांच लोगों की मौत हो गई है। रायपुर से अंबिकापुर की ओर जा रही कार को ट्रक ने जोरदार टक्कर मार दी। हादसे में कार के परखचे उड़ गए। कार सवार चार लोगों की मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई, जबकि एक अन्य ने उदयपुर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में दम तोड़ दिया। घटना रविवार की सुबह पांच से 5:30 बजे के बीच की है। बताया जा रहा है कि ट्रक अंबिकापुर से बिलासपुर की ओर जा रहा था। कार चालक रायपुर से अंबिकापुर की ओर आ रहे थे। इसी दौरान उदयपुर अदानी गेस्ट हाउस के पास आमने-सामने दोनों की जबरदस्त टक्कर हो गई। हादसे के बाद ट्रक चालक ने भागने की कोशिश की, उसके ट्रक को पीछे किया तो कार और भी बुरी तरह से क्षतिग्रस्त हो गई। कार के परखचे उड़ गए और उसमें सवार लोग कार में ही बुरी तरह से दब गए। जिससे सभी लोगों की मौत हो गई। कार में सवार पांचों लोग चंगोराभाठा रायपुर के रहने वाले हैं, वह घर से जगदलपुर जाने की बात कहकर निकले थे, उनका प्लान अचानक सरगुजा जिला के मैनपाट में जाने का हो गया, इसी दौरान उदयपुर अदानी गेस्ट हाउस के पास हादसा हो गया। कार में सवार सभी पांच लोगों की मौत हो गई। recent visitors 62

तीन लोगों की मौत और 6 गंभीर घायल, मरीज को यूपी लेकर जा रही एंबुलेंस सिवनी में दुर्घटनाग्रस्त

सिवनी। लखनादौन-रीवा राष्ट्रीय राजमार्ग 34 में सिवनी जिले के धूमा थाना अंतर्गत भीषण सड़क दुर्घटना में रविवार सुबह तीन लोगों की मौत हो गई है। छह घायलों को बेहतर उपचार के लिए लखनादौन सिविल अस्पताल से मेडिकल कॉलेज जबलपुर भेजा जा रहा है। नेशनल हाईवे में धारपाठा गांव के पास दुर्घटनाग्रस्त हुआ एंबुलेंस वाहन आंध्रप्रदेश से मरीज को लेकर परिवार सदस्य उत्तर प्रदेश के गोरखपुर जा रहे थे। एक दिसंबर की सुबह लगभग 7:30 बजे एंबुलेंस वाहन अनियंत्रित हो गया और हाईवे में पैदल चल रहे धारपाठा गांव एक व्यक्ति को टक्कर मार दी। इस घटना के बाद अनियंत्रित एंबुलेंस वाहन सड़क किनारे खंभे से टकराकर नीचे मैदानी क्षेत्र में जा पलटा। इस भीषण सड़क दुर्घटना में एंबुलेंस में सवार एक महिला व बच्चे सहित तीन लोगों की घटनास्थल पर मौत हो गई है। कुछ घायलों की हालत गंभीर दुर्घटना में घायल छह व्यक्तियों को हाईवे पेट्रोलिंग दल और पुलिस बल की मदद से उपचार के लिए धूमा और लखनादौन अस्पताल में भर्ती कराया गया। घायलों में कुछ की हालत गंभीर बताई जा रही है। यूपी के गोरखपुर जा रही थी एंबुलेंस लखनादौन एसडीओपी अपूर्व भलावी ने नईदुनिया को बताया कि एंबुलेंस में स्वर शाह का परिवार बिहार के पश्चिम चंपारण जिले का निवासी बताया जा रहा है। घायल एक सदस्य का उपचार कराने आंध्रप्रदेश के कर्नूल जिले से शाह परिवार एंबुलेंस से उत्तरप्रदेश के गोरखपुर जा रहा था। मरीज सहित आठ लोग सवार थे एंबुलेंस में ड्राइवर व मरीज सहित आठ व्यक्ति सवार थे। दुर्घटना का कारण स्पष्ट नहीं है। माना जा रहा है कि सुबह ड्राइवर को झपकी लगने या धुंध के कारण नेशनल हाइवे यह भीषण सड़क हादसा हुआ है। recent visitors 93

मकवाना कल संभालेंगे चार्ज, डीजीपी सुधीर सक्सेना को विदाई समारोह में आईपीएस बेटी सोनाक्षी ने दी सलामी

भोपाल। मध्य प्रदेश पुलिस की लगभग पौने तीन वर्ष तक कमान संभालने के बाद 1987 बैच के आइपीएस अधिकारी सुधीर कुमार सक्सेना 30 नवंबर शनिवार को सेवानिवृत हो गए। मोतीलाल नेहरू स्टेडियम में आयोजित विदाई समारोह में उन्होंने कहा कि मप्र पुलिस सर्वोत्कृष्ट है। उनके कार्यकाल में भी पुलिस ने एक से एक बड़े काम किए। आतंकवादियों और नक्सलियों से लोहा लिया। लोकसभा और विधानसभा के चुनाव शांतिपूर्ण संपन्न कराने में पुलिस की बड़ी भूमिका रही। उन्होंने आशा जताई कि नए डीजीपी कैलाश मकवाना भी सभी जिम्मेदारियों पर खरे उतरेंगे। बता दें कि 1988 बैच के आईपीएस अधिकारी मकवाना प्रदेश के 31 वें डीजीपी होंगे। वह सोमवार को पदभार ग्रहण करेंगे। उनका कार्यकाल दो वर्ष का होगा। परेड से पहले सुधीर सक्सेना ने शहीद स्मारक पर पुष्पांजलि अर्पित की। विदाई समारोह के बाद पुलिस मुख्यालय में सुधीर सक्सेना ने नए डीजीपी कैलाश मकवाना को बेटन सौंपी। यह एक छड़ी होती है, जो डीजीपी के नाम से होती है। एक डीजीपी सेवानिवृत होने पर नए को इसे सौंपते हैं। डीजीपी की कुर्सी संभालने वाले लगातार तीसरे इंजीनियर होंगे कैलाश मकवाना प्रदेश के नए पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) कैलाश मकवाना लगातार तीसरे ऐसे डीजीपी होंगे जो इंजीनियर हैं। इसके पहले सुधीर कुमार सक्सेना और विवेक जौहरी भी इंजीनियर थे। सुधीर सक्सेना शनिवार 30 नवंबर को सेवानिवृत हो गए। उनकी जगह कैलाश मकवाना इस पद की जिम्मेदारी संभालेंगे। आइपीएस अधिकारियों की वर्तमान ग्रेडिंग लिस्ट देखें तो सुधीर सक्सेना के बाद शीर्ष 10 अधिकारियों में छह इंजीनियर हैं। मकवाना ने मैनिट (पूर्व में एमएसीटी) से बीई किया है। इसके साथ ही आइआइटी से एमटेक हैं। कई पुलिस उच्चाधिकारी इधर से उधर होंगे अगले माह स्पेशल डीजी और एडीजी के स्तर पर कई अधिकारी इधर से उधर भी हो सकते हैं। मकवाना के पुलिस महानिदेशक बनने के बाद स्पेशल डीजी का एक पद रिक्त होगा। उसकी जगह एडीजी स्पेशल टास्क फोर्स पंकज श्रीवास्तव स्पेशल डीजी बनेंगे। पुलिस हाउसिंग कारपोरेशन का अध्यक्ष पद रिक्त हो जाएगा। यहां पर किसी वरिष्ठ आईपीएस अधिकारी की पदस्थापना की जा सकती है। इसके लिए ईओडब्ल्यू के डीजी अजय शर्मा के नाम की भी चर्चा है। यहां पहले से ही एक स्पेशल डीजी उपेंद्र जैन एमडी के पद पर हैं। एडीजी अजाक रहे राजेश गुप्ता के सेवानिवृत होने के बाद इस शाखा का प्रभार स्पेशल डीजी प्रज्ञा ऋचा श्रीवास्तव को दिया गया है। इसी तरह से पुलिस प्रशिक्षण अनुसंधान संस्थान (पीटीआरआई) का अतिरिक्त प्रभार एडीजी चयन संजीव शमी के पास है। दोनों जगह किसी एडीजी को पदस्थ किया जाएगा। ईओडब्ल्यू का डीजी बनने के लिए एक स्पेशल डीजी लंबे समय से प्रयास में हैं। इसी तरह से योगेश देशमुख के एडीजी गुप्तवार्ता बनने के बाद साइबर का उनके पास अतिरिक्त प्रभार है। जिस तरह से साइबर अपराध बढ़ रहे हैं, इस दृष्टि से यहां भी किसी को पदस्थ किया जाएगा। recent visitors 64

एक और भारतीय की अहम नियुक्ति, अमेरिकी ट्रंप सरकार में कश पटेल होंगे एफबीआई के नए निदेशक

वॉशिंगटन. अमेरिका के नवनिर्वाचित राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भारतीय मूल के कश्यप उर्फ कश पटेल को संघीय जांच एजेंसी एफबीआई के नए निदेशक के रूप में नामित किया है। कश पटेल को डोनाल्ड ट्रंप का काफी करीबी माना जाता है और ट्रंप की जीत के बाद ही इस बात की चर्चा थी कि ट्रंप, कश पटेल को अहम जिम्मेदारी दे सकते हैं। कश पटेल अमेरिकी सरकार के भीतर डीप स्टेट को खत्म करने के मुखर समर्थक रहे हैं। डोनाल्ड ट्रंप ने सोशल मीडिया पर साझा एक पोस्ट में लिखा कि 'कश एक शानदार वकील, जांचकर्ता और अमेरिका फर्स्ट योद्धा हैं, जिन्होंने अपना करियर भ्रष्टाचार को उजागर करने, न्याय की रक्षा करने और अमेरिकी लोगों की रक्षा करने में बिताया है।' डोनाल्ड ट्रंप के पहले कार्यकाल के दौरान कश पटेल ने 'रूस होक्स' मामले को उजागर करने में अहम भूमिका निभाई थी। डोनाल्ड ट्रंप एफबीआई के मौजूदा निदेशक क्रिस्टोफर रे के कामकाज से खुश नहीं हैं। ट्रंप ने ही रे को साल 2017 में एफबीआई का निदेशक नियुक्त किया था, लेकिन गोपनीय दस्तावेजों से जुड़ी जांच में रे ने जिस तरह से ट्रंप के खिलाफ कार्रवाई की, उससे ट्रंप खासे नाराज हैं। एफबीआई की मौजूदा व्यवस्था के माने जाते हैं कड़े आलोचक कश पटेल जिस एफबीआई के निदेशक नामित किए गए है, उसी एफबीआई के वे मुखर आलोचक हैं। एक टीवी शो के दौरान कश पटेल (44 वर्षीय) ने एफबीआई में आमूलचूल परिवर्तन करने की बात कही है। जिसमें एफबीआई के खुफिया जानकारी जुटाने से रोकने और एफबीआई मुख्यालय का फिर से निर्माण कश पटेल की प्राथमिकता में है। कश पटेल का कहना है कि जैसे ही वह अपना पद संभालेंगे तो अगले दिन से ही वह एफबीआई मुख्यालय में काम करने वाले सात हजार कर्मचारियों को फील्ड में भेज देंगे क्योंकि उनका काम अपराधियों को पकड़ना है। कश पटेल ने ये भी कहा है कि वह एफबीआई का मुख्यालय वॉशिंगटन डीसी से बाहर बनाएंगे ताकि एफबीआई को राजनीतिक प्रभाव से दूर रखा जा सके। कश पटेल अटॉर्नी जनरल पाम बॉन्डी के अधीन काम करेंगे। कौन हैं कश पटेल कश पटेल का जन्म न्यूयॉर्क के क्वींस इलाके में हुआ था, उनके माता-पिता गुजराती मूल के थे, जो पूर्वी अफ्रीका से अमेरिका में जाकर बसे थे। कश पटेल ने कानून की डिग्री हासिल की है और वे फ्लोरिडा राज्य के सार्वजनिक अभियोजक के रूप में काम कर चुके हैं। कश पटेल बाद में न्याय विभाग से जुड़ गए और वहां एक अभियोजक के रूप में काम किया। न्याय विभाग में कश पटेल हाई-प्रोफाइल अंतरराष्ट्रीय आतंकवाद के मामले देखते थे। कश पटेल के करियर ने यूटर्न उस वक्त लिया, जब वे रक्षा विभाग में बतौर वकील शामिल हुए। यहां से वे अमेरिकी कांग्रेस के सदस्य डेविन नून्स के संपर्क में आए, जो उस समय संसद की खुफिया समिति के अध्यक्ष थे। नून्स ने ही कश पटेल को आतंकवाद विरोधी मामलों में बतौर वरिष्ठ वकील नियुक्त किया। ट्रंप सरकार के पहले कार्यकाल के दौरान रूस मामले में एफबीआई जांच की जांच करने वाली रिपब्लिकन पार्टी की जांच का कश पटेल भी हिस्सा थे। राष्ट्रपति चुनाव के दौरान रिपब्लिकन पार्टी का घोषणा पत्र तैयार करने में भी कश पटेल की अहम भूमिका थी। बेटी इवांका के ससुर को डोनाल्ड ट्रंप ने दी अहम जिम्मेदारी डोनाल्ड ट्रंप ने अपनी बेटी इवांका ट्रंप के ससुर चार्ल्स कुशनर को अहम जिम्मेदारी देते हुए उन्हें फ्रांस में अमेरिका का नया राजदूत नियुक्त किया है। ट्रंप ने शनिवार को इसका एलान किया और चार्ल्स कुशनर को एक अच्छा समाजसेवी, व्यापार नेता बताया। गौरतलब है कि चार्ल्स कुशनर को साल 2005 में टैक्स गड़बड़ी के 16 मामलों में दोषी पाया गया था और एक मामले में उन्हें दो साल जेल की सजा भी हुई थी। हालांकि साल 2020 में ट्रंप ने चार्ल्स कुशनर की सजा माफ कर दी थी। recent visitors 115

लगभग 3300 करोड़ की लागत से विकसित होंगे पर्यटन स्थल, प्रधानमंत्री को मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने दिया धन्यवाद

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने देश के 40 विशेष पर्यटन स्थलों को विश्व के पर्यटन स्थलों भांति की विकसित करने के लिए प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी को प्रदेशवासियों की ओर से धन्यवाद देते हुए आभार माना है।उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी द्वारा 3 हजार 295.76 करोड़ की राशि देश के 40 चिन्हित पर्यटन स्थलों के लिए स्वीकृत की है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि पर्यटन स्थलों के सौंदर्यीकरण से ये स्थल देशी और विदेशी पर्यटकों के लिए आकर्षण का केंद्र बनते है। उन्होंने कहा कि अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर पर्यटन स्थलों के लिए निर्धारित मापदंड के लिए पर्यटन स्थलों के रख-रखाव एवं पर्यटकों के लिए संपूर्ण गाईड, कैफ़ेटरिया रहने के लिए होटल, गेस्ट हाउस आदि की व्यवस्था का होना आवश्यक है। केंद्र सरकार द्वारा देश के 23 राज्यों के 40 पर्यटन स्थलों में से मध्यप्रदेश की धार्मिक एवं पावन नगरी ओरछा ए मेडिएबल स्प्लेन्डर एवं भोपाल में इंटरनेशनल सेंटर फॉर एम.आई.सी.ई को विश्व स्तरीय आईकॉनिक सेंटर के रूप में विकसित करने के लिए मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने केन्द्रीय पर्यटन मंत्री श्री गजेन्द्र सिंह शेखावत के प्रति भी आभार व्यक्त किया है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि पर्यटन स्थल के विकसित होने से पर्यटकों की संख्या से पर्यटन उद्योग और उससे जुड़े छोटे-बड़े उद्योग एवं स्थानीय बाजार भी लाभान्वित होते हैं। इस योजना में राज्यों के प्रतिष्ठित पर्यटन केन्द्रों के विकास, ब्रांडिंग और विश्व व्यापार स्थानीय अर्थव्यवस्था को बढ़ावा देने के साथ ही रोजगार सृजन को बढ़ावा देना है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि इससे निश्चित ही पर्यटन, रोजगार, बाजार, अर्थव्यवस्था को बढ़ावा देने के साथ ही भारत की गौरवशाली संस्कृति एवं परंपरा का भी प्रसार होगा।   recent visitors 81

प्रदेश में छः नये वन स्टॉप सेंटर जल्द खोले जाएँगे: मंत्री सुश्री निर्मला भूरिया

भोपाल महिला एवं बाल विकास मंत्री सुश्री निर्मला भूरिया ने बताया कि प्रदेश में छः नये वन स्टॉप सेंटर जल्द खोले जाएँगे । केंद्रीय महिला बाल विकास मंत्रालय द्वारा इसके लिए स्वीकृति प्रदान की गई है। उन्होंने बताया कि वन स्टॉप सेंटर झाबुआ जिले के पेटलावाद, इंदौर के रसूलिया, धार के पीथमपुर और मनावर सहित नए जिले पांढुर्ना, मऊगंज और मैहर में खोले जाएँगे । मंत्री सुश्री भूरिया ने कहा कि इन जिलों में वन स्टॉप सेंटर खुलने से पीड़ित महिलाएं उनके साथ हुए अत्याचार अथवा घरेलू हिंसा के बारे में बता पाएंगी और व्यवस्था अनुसार अपने जीवन को एक नई दिशा दे सकेंगी। उन्होंने कहा कि यहां पर हिंसा से प्रभावित महिलाओं को तत्काल आपातकालीन प्रतिक्रिया और बचाव सेवाएं, चिकित्सा सहायता, प्राथमिकी दर्ज करने में महिलाओं की सहायता, मनोवैज्ञानिक या परामर्श सहायता, कानूनी सहायता, वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग सुविधा के साथ-साथ मुफ्त पुलिस और अदालती कार्यवाही के दौरान सहायता प्रदान की जाती है। साथ ही इन केंद्रों पर सभी तरह की हिंसा से पीडि़त महिलाओं और बालिकाओं को अस्थाई रूप से रहने की सुविधा दी जाती है। मंत्री सुश्री भूरिया के अथक प्रयासों से झाबुआ के पेटलावद में नवीन वन स्टॉप सेंटर खुलने से इस क्षेत्र की महिलाओं को किसी भी प्रकार की हिंसा के पश्चात न्याय पाने के लिए भटकना नहीं पड़ेगा। प्रदेश में अब तक 57 ओएससी सेंटर्स संचालित किये जा रहे थे। इन 7 नये वन स्टॉप सेंटर की स्वीकृति मिलने से अब इनकी संख्या 64 हो जाएगी।   recent visitors 91