अब इस यूरोपीय ने लगाया बुर्के पर संपूर्ण बैन, पहना तो 90 हजार का देना होगा जुर्माना

ज्यूरिख़ अब स्विटजरलैंड भी उन देशों की लिस्ट में शामिल होने जा रहा है, जहां पर हिजाब या बुर्का बैन है. स्विटजरलैंड जल्द ही अपने यहां हिजाब, बुर्का या सर को ढकने वाली चीजों पर पाबंदी लगा देगा. अधिकारिक तौर पर स्विटजरलैंड में बुर्का पर बैन 1 जनवरी 2025 से शुरू होगा. कई दूसरे देशों की तरह स्विटजरलैंड ने भी सिक्योरिटी का हवाला देकर बुर्का पर बैन लगाने की बात कही है. स्विटजरलैंड ने भी बुर्का पर बैन लगाने के पीछे सामाजिक सामंजस्य का हवाला दिया है. 2021 में लागू हुआ था फैसला स्विटजरलैंड ने सबसे पहले साल 2021 में जनमत संग्रह के बाद पूरे देश में बुर्के पर बैन लगाने का फैसला किया था. हालांकि, इस फैसले के खिलाफ मुस्लिम संगठनों और मानवाधिकार समर्थकों ने कड़ी आलोचना की थी. इसके बावजूद, जनमत संग्रह बहुत कम अंतर से पारित हो गया. यहां महज 51 फीसद लोगों ने पाबंदी का सपोर्ट किया था. लगाया जाएगा जुर्माना स्विटजरलैंड में बुर्का बैन कानून का उल्लंघन करने वाले के खिलाफ 1,000 स्विस फ़्रैंक तक का जुर्माना लगाया जाएगा. यह रकम भारतीय पैसों के हिसाब से 1 लाख रुपये के आस-पास बनती है. यहां होगी आजादी स्विटजरलैंड में बुर्का बैन होने के बाद भी कुछ स्थितियों में सर ढकने की सहूलत होगी. जैसे हवाई जहाज और राजनयिक परिसर में औरतें सर ढक सकती हैं. पूजा स्थल और दूसरी पाक जगहों पर भी सर ढका जा सकता है. मेडिकल इशू की वजह से भी सर ढका जा सकता है. इसके अलावा ज्यादा गर्मी या सर्दी की वजह से चेहरा और सर ढका जा सकता है. पारंपरिक रीति-रिवाज़ और आर्ट प्रोग्राम में भी सर और चेहरे को ढका जा सकता है. सार्वजनिक सभाओं या विरोध प्रदर्शन के दौरान सर-चेहरा ढकने की आजादी है. इन देशों में बैन है बुर्का अपने यहां बुर्का बैन करने वाला सबसे नया देश स्विटजरलैंड है. इसके अलावा 16 देशों ने अपने यहां बुर्का बैन किया हुआ है. इन देशों में यूरोप, एशिया और अफ्रीका देश शामिल हैं. ट्यूनीशिया, ऑस्ट्रिया, डेनमार्क, फ्रांस, बेल्जियम, ताजकिस्तान, उज्बेकिस्तान, बुल्गारिया, कैमरून, चाड, रिपब्लिक ऑफ शिकागो, गाबोन, नीदरलैंड, चीन, मोरक्को और श्रीलंका. recent visitors 81

उत्साहजनक : केवल एक सप्ताह में ही 2 लाख से ज्यादा बुजुर्ग आयुष्मान की नई योजना से जुड़ गए

नई दिल्ली केंद्र सरकार ने कुछ समय पहले ही आयुष्मान भारत योजना का विस्तार करते हुए इसमें अहम बदलाव किया. योजना में 70 साल से अधिक उम्र के बुजुर्गों को भी शामिल किया गया है. इस बदलाव के महज एक हफ्ते बाद ही जो आंकड़े निकलकर सामने आए हैं, वो उत्साहजनक है. केवल एक सप्ताह में ही 2 लाख से ज्यादा बुजुर्ग इस योजना से जुड़ गए हैं. प्रमुख स्वास्थ्य बीमा योजना के विस्तारित संस्करण को शुरू करने के पहले सप्ताह के भीतर 70 वर्ष से अधिक आयु के 2.16 लाख से अधिक नए लाभार्थियों को आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना (AB-PMJAY) के तहत कार्ड प्राप्त हुए हैं. केरल से सबसे अधिक पंजीकरण राष्ट्रीय स्वास्थ्य प्राधिकरण के पास 7 नवंबर तक उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार, विस्तारित संस्करण के तहत केरल से सबसे अधिक नए लाभार्थियों ने पंजीकरण करवाया है, जहां बुजुर्गों के लिए लगभग 89,800 कार्ड जारी किए गए हैं. संयोग से, यह राज्य उन राज्यों में से है, जहां अगले दशक में बुज़ुर्ग नागरिकों का अनुपात सबसे ज़्यादा होने का अनुमान है. 2031 तक केरल में 60 वर्ष से ज़्यादा उम्र के लोगों की संख्या की आबादी 20.9% होने की उम्मीद है. नए बुज़ुर्ग लाभार्थियों की सूची में केरल के बाद राज्य मध्य प्रदेश और उत्तर प्रदेश का नंबर आता है जहां से क्रमशः 53,000 और 47,000 बुजुर्ग योजना से जुड़े हैं. आंध्र प्रदेश, तेलंगाना और तमिलनाडु जैसे राज्यों के लोगों की संख्या कम है. पिछले एक सप्ताह में आंध्र प्रदेश के 3488, तेलंगाना के 3056 और तमिलनाडु के 3156 बुजुर्ग इस योजना से जुड़े हैं. बंगाल और दिल्ली के बुजुर्ग इस वजह से नहीं ले सकेंगे लाभ इन आंकड़ों में AAP शासित दिल्ली और TMC शासित पश्चिम बंगाल शामिल नहीं हैं, जिन्होंने इस योजना से बाहर निकलने का विकल्प चुना है.  29 अक्टूबर को विस्तारित संस्करण को लागू करने के दौरान, प्रधानमंत्री ने खेद व्यक्त किया था कि इन दोनों राज्यों में बुजुर्ग नागरिक इससे बाहर रह गए हैं. हालांकि, पंजाब की AAP शासित सरकार ने विस्तारित संस्करण को लागू किया है. यहां के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि राज्य ने पिछले सप्ताह बुजुर्गों को 5,697 नए कार्ड जारी किए हैं, जो टॉप टेन की सूची में शामिल है. आपको बता दें कि आयुष्मान भारत योजना को साल 2018 में पहली बार लॉन्च किया गया था जो दुनिया का सबसे बड़ा स्वास्थ्य बीमा कार्यक्रम है. इस योजना के तहत, लोगों को सालाना 5 लाख रुपये तक के मुफ्त इलाज की सुविधा मिलती है. हाल ही में केंद्र सरकार ने योजना का विस्तार करते हुए 0 वर्ष और उससे ज्यादा आयु के सभी वरिष्ठ नागरिकों को भी इसमें शामिल किया है. सरकार का मकसद केंद्र सरकार की नवीनतम पहल का उद्देश्य 6 करोड़ वरिष्ठ नागरिकों वाले लगभग 4.5 करोड़ परिवारों को लाभ पहुंचाना है. विस्तारित संस्करण के तहत, 70 वर्ष या उससे अधिक आयु के सभी लोग, चाहे उनकी आय कुछ भी हो, वह 5 लाख रुपये के कवर पाने के हकदार होंगे. जिन लोगों के पास पहले से आयुष्मान कार्ड है, उन्हें नए कार्ड के लिए फिर से आवेदन करना होगा और अपना EKYC फिर से पूरा करना होगा. AB-PMJAY के तहत पहले से ही कवर परिवारों से संबंधित 70 वर्ष और उससे ज्यादा आयु के वरिष्ठ नागरिकों को अपने लिए प्रति वर्ष 5 लाख रुपये तक का अतिरिक्त टॉप-अप कवर मिलेगा. इसे उन्हें परिवार के अन्य सदस्यों के साथ साझा नहीं करना होगा.     recent visitors 77

सरकार ने लिया फैसला, प्रदेश में सौ से अधिक लोग इकट्ठा होते हैं, वहां सुरक्षा के लिए सीसीटीवी कैमरे लगाना अनिवार्य होगा

भोपाल इंदौर में कानून व्यवस्था को बनाए रखने के लिए सरकार ने सार्वजनिक और व्यावसायिक स्थानों पर सीसीटीवी कैमरे लगाने की अनिवार्यता लागू की है। यह प्राविधान मध्य प्रदेश नगर पालिक निगम अधिनियम 1956 के तहत सार्वजनिक स्थानों पर सीसीटीवी कैमरे लगाने की उप विधि के अंतर्गत किया गया है। अब गृह विभाग ने लोक सुरक्षा अधिनियम लाने की तैयारी शुरू कर दी है। कुल चार विधेयक प्रस्तुत करने की योजना है। इन विधेयकों का प्रारूप तैयार कर विधि एवं विधायी विभाग को भेजा गया है। प्रदेश सरकार ने यह फैसला लिया है कि कॉलेजों, स्कूलों, मॉल, रेस्टोरेंट, अस्पतालों और उन स्थानों पर जहां सौ से अधिक लोग इकट्ठा होते हैं, वहां सुरक्षा के लिए सीसीटीवी कैमरे लगाना अनिवार्य होगा। इसके लिए विधायिका में प्रस्तावित विधेयक को दिसंबर के शीतकालीन सत्र में प्रस्तुत किया जा सकता है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने इंदौर संभाग की समीक्षा के दौरान इस प्रस्ताव को जल्द लागू करने के निर्देश दिए थे। इंदौर में यह व्यवस्था नगर पालिक निगम अधिनियम के उप-विधि के अंतर्गत पहले ही लागू की जा चुकी है। अब गृह विभाग पूरे प्रदेश के लिए एक अलग से कानून लाने की तैयारी कर रहा है। इस नए कानून के तहत, उन संस्थानों के संचालकों को यह जिम्मेदारी दी जाएगी कि वे सीसीटीवी कैमरों की रिकॉर्डिंग कम से कम दो महीने तक सुरक्षित रखें। इस कानून का उद्देश्य सार्वजनिक स्थानों पर सुरक्षा को मजबूत करना और कानून-व्यवस्था की स्थिति को नियंत्रित करना है। बदलेंगे मकान मालिक और किराएदार के अधिकार नगरीय विकास एवं आवास विभाग किराएदारी अधिनियम को लागू करने की भी तैयारी कर रहा है। इस अधिनियम का उद्देश्य मकान मालिक और किराएदार के बीच के रिश्तों को स्पष्ट रूप से परिभाषित करना है। इसके तहत किराए पर रहने वाले व्यक्ति को अनुबंध में निर्धारित अवधि के बाद मकान खाली करना होगा। अगर, किराएदार ऐसा नहीं करता, तो मकान मालिक शिकायत कर किराया प्राधिकारी से बेदखली की कार्रवाई करवा सकेगा। किराएदार की मृत्यु होने पर उसके उत्तराधिकारी को वहां रहने का अधिकार होगा, लेकिन उसे भी अनुबंध का पालन करना होगा। इसके अतिरिक्त मकान मालिक को किराएदार को तंग करने की अनुमति नहीं होगी। मकान मालिक को जल, विद्युत, पाइप गैस, मार्ग, लिफ्ट, सीढ़ियों की सफाई, पार्किंग, स्वच्छता और सुरक्षा सुविधाओं की आपूर्ति बाधित नहीं करनी होगी। किराएदार के परिसर में प्रवेश का मकान मालिक को कोई अधिकार नहीं होगा। प्रदेश का नया फायर एक्ट तैयार भारत सरकार के निर्देश पर प्रदेश में नया फायर एक्ट तैयार किया गया है, जिसे जल्द लागू किया जाएगा। यह एक्ट पहले ही 2016 में तैयार किया गया था, लेकिन 2019 में माडल एक्ट को कैबिनेट से मंजूरी नहीं मिल पाई थी। अब इसे नए सिरे से तैयार किया गया है। इस फायर एक्ट में कई महत्वपूर्ण प्रावधान शामिल किए गए हैं। इसमें प्रॉपर्टी टैक्स और बिल्डिंगों में फायर सेस लगाने का प्रस्ताव है। यदि कोई भवन मालिक आग की सूचना प्रशासन को नहीं देता है, तो उसे सजा दी जाएगी। इसके अलावा, राज्य स्तर पर फायर-इमरजेंसी सर्विस बनाने और नए अग्निशमन सेवा केंद्र खोलने के प्रयास किए जा रहे हैं। बहुमंजिला इमारतों की जांच, अग्निकांड से बचाव के उपाय, और अग्निशमन की प्रक्रिया में रुकावट डालने पर अर्थदंड एवं सजा के प्रावधान भी शामिल किए गए हैं। recent visitors 116

मोदी ने कहा- कुछ लोग समाज को बांटने का प्रयास कर रहे हैं, भारत को विकसित बनाने के लिए एकता महत्वपूर्ण

अहमदाबाद प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने सोमवार को कहा कि कुछ लोग अपने निहित स्वार्थों के लिए समाज को बांटने की कोशिश कर रहे हैं, जिन्हें हराने की जरूरत है। उन्होंने देश को 2047 तक विकसित बनाने के लिए एकता की जरूरत पर बल दिया। प्रधानमंत्री श्री स्वामीनारायण मंदिर की 200वीं वर्षगांठ के अवसर पर गुजरात के खेड़ा जिले के वडताल में श्रद्धालुओं की एक सभा को डिजिटल माध्यम से संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा, ‘‘2047 तक भारत को विकसित राष्ट्र बनाने के लिए नागरिकों के बीच एकता और राष्ट्र की अखंडता महत्वपूर्ण है। लेकिन दुर्भाग्य से कुछ लोग अपने निहित स्वार्थों या संकीर्ण मानसिकता के चलते हमारे समाज को जाति, धर्म, भाषा, पुरुष-महिला, गांव-शहर के आधार पर बांटने की कोशिश कर रहे हैं।’’ उन्होंने वीडियो कांफ्रेंस के माध्यम से अपने संबोधन में कहा, ‘‘हमें उनके इरादों को समझना होगा और उन्हें हराने के लिए एकजुट होना होगा।’’ मोदी ने स्वामीनारायण सम्प्रदाय के सभी संतों से अनुरोध किया कि वे भारत को एक विकसित राष्ट्र बनाने लक्ष्य को पूरा करने में देश के प्रत्येक नागरिक को जोड़ें। उन्होंने कहा कि जैसे आजादी के आंदोलन में एक शताब्दी तक समाज के भिन्न-भिन्न कोने से आजादी की ललक और आजादी की चिंगारी देशवासियों को प्रेरित कर रही थी, वैसी ही ललक और वैसी ही चेतना ‘विकिसत भारत’ के लिए 140 करोड़ देशवासियों में हर पल होना जरूरी है उन्होंने कहा, ‘‘युवा, राष्ट्र का निर्माण कर सकते हैं और करेंगे। इसके लिए हमें सशक्त और शिक्षित युवाओं का निर्माण करना होगा। ‘विकसित भारत’ के लिए हमारे युवा सशक्त होने चाहिए। कुशल युवा हमारी सबसे बड़ी ताकत बनेंगे।’’ उन्होंने कहा, ‘‘मुझे खुशी है कि भारत सरकार ने स्वामीनारायण मंदिर, वडताल के 200 साल पूरे होने के उपलक्ष्य में एक सिक्का जारी किया है। भगवान स्वामीनारायण हमारे इतिहास के कठिन समय में आए थे और हमें नई ताकत दी थी।’’ प्रधानमंत्री ने कहा कि 200 साल पहले जिस वडताल धाम की स्थापना भगवान श्री स्वामीनारायण ने की थी, आज भी उसकी अध्यात्मिक चेतना को जागृत रखा गया है। उन्होंने कहा, ‘‘हम आज भी यहां भगवान श्री स्वामीनारायण की शिक्षाओं को, उनकी ऊर्जा को अनुभव कर सकते हैं।’’   recent visitors 105

CM यादव ने जेसी मिल ग्वालियर का लिया जायजा, जिलों में लम्बे समय से खाली पड़ी आवंटित भूमि का करेंगे उचित निराकरण

जेसी मिल श्रमिकों की देनदारियों के भुगतान के लिए सरकार प्रतिबद्ध : मुख्यमंत्री डॉ. यादव इंदौर की हुकुमचंद मिल की तर्ज पर करायेंगे जेसी मिल ग्वालियर के श्रमिकों का भुगतान : मुख्यमंत्री डॉ. यादव CM यादव ने जेसी मिल ग्वालियर का लिया जायजा, जिलों में लम्बे समय से खाली पड़ी आवंटित भूमि का करेंगे उचित निराकरण मुख्यमंत्री को अपने बीच पाकर अभिभूत हुए जेसी मिल श्रमिक और उनके परिजन श्रमिकों ने कहा अब हमें भरोसा है कि जल्द हमारी सभी देनिदारियां मिल जायेंगीं ग्वालियर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में मजदूरों के हित के लिये प्रदेश सरकार प्रतिबद्ध है। इंदौर की हुकुमचंद मिल और उज्जैन की विनोद मिल की तर्ज पर जल्द ही ग्वालियर की जेसी मिल के श्रमिकों और प्रदेश की अन्य बंद मिलों की देनदारियों के भुगतान की कार्यवाही की जायेगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि 30-40 साल से बंद पड़ी ग्वालियर की जेसी मिल के मजदूरों के प्रकरणों में 8 हजार से ज्यादा मजदूरों को उचित न्याय दिलाया जायेगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव सोमवार को ग्वालियर की जेसी मिल का जायजा लेने पहुंचे थे। इस दौरान उन्होंने जेसी मिल परिसर का भ्रमण किया, साथ ही नक्शे के माध्यम से जेसी मिल की जमीन और अन्य परिसम्पत्तियों की जानकारी ली। मुख्यमंत्री डॉ. यादव को अपने बीच पाकर जेसी मिल श्रमिक और उनके परिजन अभिभूत हो गए। सभी ने पुष्पाहारों से मुख्यमंत्री डॉ. यादव का आत्मीय स्वागत किया। साथ ही कहा पहली बार कोई मुख्यमंत्री हमारी दुख-तकलीफ सुनने जेसी मिल तक आया है। अब हमें पूरा भरोसा है कि जेसी मिल पर लंबित हमारी वर्षों पुरानी देनदारियों का भुगतान हो जाएगा। इस अवसर पर ऊर्जा मंत्री प्रद्युम्न सिंह तोमर ने जेसी मिल श्रमिकों की ओर से मुख्यमंत्री डॉ. यादव के प्रति आभार जताया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने जेसी मिल श्रमिकों के हितों की रक्षा की प्रतिबद्धता दोहराते हुए कहा सरकार मुकदमा नहीं समाधान चाहती है। इसी भावना के साथ सरकार न्यायालय में श्रमिकों के हित मे अपना पक्ष रखेगी, जिससे श्रमिकों की देनदारियों के भुगतान का रास्ता साफ हो सके। उन्होंने कहा कि जेसी मिल श्रमिकों के स्वत्वों के भुगतान के सिलसिले में अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं। मिल की जमीन और परिसम्पत्तियों के सर्वे का काम कर लिया गया है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने गरीब, महिला, युवा और किसानों को देश के चार स्तम्भ के रूप में रेखांकित किया है। प्रदेश सरकार इन सभी के उत्थान के लिये कृतसंकल्पित होकर काम कर रही है। ग्वालियर में आईटी इकाइयों को बढ़ावा दिया जायेगा मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि ग्वालियर में आईटी (सूचना प्रौद्योगिकी) के क्षेत्र में अपार संभावनाएँ हैं। यहाँ के आईटी विशेषज्ञ युवाओं को बाहर न जाना पड़े, इसके लिये ग्वालियर में सूचना प्रौद्योगिकी पर आधारित इकाइयों को विशेष बढ़ावा दिया जायेगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश में औद्योगिक निवेश बढ़ाने के लिये रीजनल कॉन्क्लेव की श्रृंखला चलाई जा रही है। उज्जैन, ग्वालियर, जबलपुर, सागर और रीवा में रीजनल इण्डस्ट्री कॉन्क्लेव आयोजित हो चुकी हैं। इसी कड़ी में 7 दिसम्बर को नर्मदापुरम संभाग एवं जनवरी माह में शहडोल में रीजनल कॉन्क्लेव का आयोजन होने जा रहा है। उन्होंने कहा संभाग स्तर पर रीजनल कॉन्क्लेव की श्रृंखला पूरी होने के बाद फरवरी माह में ग्लोबल इन्वेस्टर समिट का आयोजन होगा। प्रदेश में औद्योगिक निवेश के लिये विश्व भर के उद्यमियों को आमंत्रित किया जा रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि इस कड़ी में वे जल्द ही जर्मनी व ब्रिटेन के दौरे पर निवेशकों को आमंत्रित करने के लिये जायेंगे। उन्होंने कहा इण्डस्ट्री कॉन्क्लेव जैसे आयोजन से प्रदेश में उद्योग फ्रेंडली माहौल बना है, जिससे वृहद स्तर पर औद्योगिक निवेश हो रहा है। इससे प्रदेश के युवाओं को बड़े पैमाने पर रोजगार के अवसर मिल रहे हैं।   recent visitors 92

सरायकेला में अमित शाह ने घुसपैठ के मुद्दे पर हेमंत सोरेन को घेरा, सरकार बनी तो हम घुसपैठ के खिलाफ कानून लेकर आएंगे

सरायकेला झारखंड में पहले फेज की वोटिंग से पहले सियासी पारा हाई है। बीजेपी ने जेएमएम के ऊपर राजनीतिक हमले तेज कर दिए हैं। सोमवार को सरायकेला की एक जनसभा में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने आदिवासियों की घटती आबादी का जिक्र करते हुए बड़ा एलान कर दिया। अमित शाह ने कहा, "आदिवासियों की आबादी घट रही है, जबकि घुसपैठिए बढ़ रहे हैं। अगर बीजेपी की सरकार बनी तो हम घुसपैठ को पूरी तरह से खत्म कर देंगे"। बीजेपी के पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष ने आगे कहा कि हम एक कानून लाएंगे, जहां अगर कोई घुसपैठिया किसी आदिवासी महिला से शादी करता है, तो भी उसे महिला की जमीन ट्रांसफर नहीं की जा सकेगी। हेमंत सोरेन पर बरसे अमित शाह अमित शाह ने झारखंड के मुख्यमंत्री और झारखंड मुक्ति मोर्चा के स्टार प्रचारक हेमंत सोरेन पर भी निशाना साधा। अमित शाह ने कहा कि जिस तरह से चंपई सोरेन (पूर्व सीएम) को अपमानित किया गया और मुख्यमंत्री पद से हटाया गया, वह सही नहीं है। यह सिर्फ उनका नहीं, बल्कि पूरे आदिवासी समुदाय का अपमान है। अमित शाह ने आगे कहा, "चंपई सोरेन इतने वर्षों से वफादार रहे हैं, हेमंत जी के साथ खड़े रहे, लेकिन जिस तरह से उन्हें अपमानित किया गया और हटाया गया, यह सिर्फ चंपई सोरेन का अपमान नहीं है, बल्कि पूरे आदिवासी समुदाय का अपमान है।" भ्रष्टाचार पर कांग्रेस को घेरा अमित शाह ने भ्रष्टाचार के मुद्दे पर कांग्रेस को घेरा। केंद्रीय गृह मंत्री ने कहा, एक कांग्रेस नेता के आवास से भारी मात्रा में नकदी जब्त की गई। यहां अमित शाह पूर्व मंत्री आलमगीर आलम का जिक्र कर रहे थे। बता दें कि उनके आवास से 30 करोड़ रुपये और नोट गिनने की 27 मशीनें बरामद की गईं थी। झामुमो-कांग्रेस-राजद पर घोटालों का आरोप केंद्रीय गृह मंत्री ने आगे सीएम हेमंत सोरेन के नेतृत्व वाली झारखंड सरकार पर आरोप लगाया कि वह नियमित रूप से घोटाले करती है। उन्होंने (झामुमो-कांग्रेस-राजद) मनरेगा में 1,000 करोड़ रुपये का घोटाला किया, 300 करोड़ रुपये का भूमि घोटाला किया, 1,000 करोड़ रुपये का खनन घोटाला किया और हजारों करोड़ रुपये का शराब घोटाला किया। पेपर लीक पर बोले अमित शाह उन्होंने यह भी कहा कि अगर भाजपा राज्य में सत्ता में आती है तो पेपर लीक करने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। अमित शाह ने कहा, "हेमंत सोरेन की सरकार में भ्रष्टाचार हुआ और परीक्षा के पेपर लीक हुए। बीजेपी सरकार सत्ता में आने के बाद हम इन पेपर लीक करने वालों को सबक सिखाएंगे। recent visitors 68

शादी सीजन में सोना-चांदी हुआ सस्ता, पढ़ें आपके शहर में क्या है गोल्ड और सिल्वर के भाव

इंदौर सोने-चांदी की कीमत में भारी गिरावट आई है। धनतेरस के बाद से लेकर अब तक सोने की कीमत में करीब 4 हजार रुपये की गिरावट आ चुकी है। वहीं चांदी भी तब से लेकर अब तक करीब 10 हजार रुपये सस्ती हुई है। इंडियन बुलियन ज्वेलर्स एसोसिएशन (आईबीजेए) के मुताबिक सोमवार को 24 कैरेट सोने की कीमत करीब 77 हजार रुपये प्रति 10 ग्राम रही। वहीं चांदी करीब 91 हजार रुपये प्रति किलो पर है। फेस्टिवल सीजन में सोने और चांदी की खरीदारी के चलते इनकी कीमत काफी बढ़ गई थी। सोने की कीमत जहां 81 हजार रुपये प्रति 10 ग्राम हो गई थी, वहीं चांदी भी एक लाख रुपये के पार पहुंच गई थी। इसके बाद इनकी कीमत में गिरावट का दौर जारी है। जानकारों के मुताबिक सोने-चांदी की कीमत में फिर से तेजी देखी जा सकती है। इंडिया बुलियन एंड ज्वेलर्स के अनुसार 8 नवंबर की शाम को 999 शुद्धता वाले 24 कैरेट सोने की कीमत 77382 रुपये थी। 11 नवंबर को 999 वाले 24 कैरेट सोने की कीमत 77027 रुपये हो गई है। 8 नवंबर की शाम को 999 शुद्धता वाली चांदी की कीमत 91130 रुपये थी। 11 नवंबर को 999 शुद्धता वाली चांदी की कीमत 90833 रुपये हो गई है। 11 नवंबर को 995 शुद्धता वाले सोने की कीमत 76719 रुपये हो गई है। 916 शुद्धता वाले सोने की कीमत 70557 रुपये हो गई है। 750 शुद्धता वाले सोने की कीमत 57770 रुपये हो गई है। 585 शुद्धता वाले सोने की कीमत 45061 रुपये हो गई है। कितनी गिरी सोने की कीमत? फेस्टिव सीजन के दौरान 23 अक्टूबर को 24 कैरेट गोल्ड का दाम 81,500 रुपये प्रति 10 ग्राम के उच्च स्तर पर पहुंच गया है। लेकिन इसके बाद से इसमें गिरावट देखने को मिल रही है। और अब यह 77 हजार रुपये हो गई है यानी 4 हजार रुपये से ज्यादा की कमी आई है। वहीं बात अगर MCX की करें तो धनतेरस वाले दिन यानी 29 अक्टूबर को सोने की कीमत 79281 रुपये प्रति 10 ग्राम थी। अब यह 76660 रुपये पर है। ऐसे में इसमें 2500 रुपये से ज्यादा की गिरावट आई है। चांदी कितनी सस्ती हुई? धनतेरस के समय चांदी की कीमत एक लाख रुपये प्रति किलो पार हो गई थी। वहीं अब यह करीब 91 हजार रुपये पर आ गई है। ऐसे में तब से लेकर अब तक चांदी की कीमत में करीब 10 हजार रुपये की गिरावट आई है। वहीं एमसीएक्स पर भी चांदी की कीमत में गिरावट आई है। धनतेरस वाले दिन चांदी की कीमत 99332 रुपये प्रति किलो थी। अब यह 91154 रुपये पर है। ऐसे में यहां भी चांदी की कीमत में धनतेरस से लेकर अब तक 8178 रुपये की कमी आई है। क्यों आई इन धातुओं में गिरावट?     कीमतों में गिरावट की वजह फेस्टिव सीजन के बाद लगातार मांग में गिरावट को माना जा रहा है।     अमेरिका में राष्ट्रपति चुनाव खत्म हो चुके हैं। डोनाल्ड ट्रंप की जीत से निवेशक ज्यादा जोखिम वाले निवेश की ओर आकर्षित हुए हैं। यही कारण है कि सोने की मांग में कमी और क्रिप्टोकरेंसी में तेजी आई है।     अंतरराष्ट्रीय बाजार में सेंटीमेंट कमजोर होने के कारण सोने की मांग में कमी आई है। इससे भी इसकी कीमत गिरी है। कब बढ़ेगी कीमत? जानकारों के मुताबिक सोने-चांदी की कीमत जल्द ही बढ़ सकती है। कल यानी 12 नवंबर को देवउठनी एकादशी है। कल से शादियों का सीजन शुरू हो जाएगा। ऐसे में सोने और चांदी की मांग में फिर से तेजी आने की उम्मीद है, जिससे इसकी कीमत में उछाल आ सकता है। अगर आप सोने-चांदी में निवेश करना पसंद करते हैं तो इन धातुओं को खरीदने का यह सही समय हो सकता है। भारत के 7 प्रमुख महानगर शहरों में 10 ग्राम 24 कैरेट सोने का भाव लखनऊ (Gold Price In Lucknow) 76860 इंदौर (Gold Rate In Indore) 76760 मुंबई (Gold Price In Mumbai) 76760 दिल्ली (Gold Price In Delhi) 76860 जयपुर (Gold Rate In Jaipur) 76900 कानपुर (Gold Rate In Kanpur) 76860 मेरठ (Gold Rate In Meerut) 76860 मिस्ड कॉल लगाकर जानें सोने-चांदी का भाव ibja केंद्र सरकार की छुट्टियों और शनिवार और रविवार को रेट जारी नहीं करता है। आपको 22 कैरेट और 18 कैरेट गोल्ड ज्वेलरी का रेट जानना है, तो 8955664433 पर मिस्ड कॉल सकते हैं। मिस्ट कॉल के कुछ ही समय बाद एसएमएस के जरिए रेट्स मिल जाते हैं। गोल्ड या सिल्वर का रेट जानने के लिए www.ibja.co या ibjarates.com पर भी जा सकते हैं। recent visitors 83