103 स्टेशनों का रीडेवलपमेंट, PM मोदी आज करेंगे शुभारंभ, MP के ये रेलवे स्टेशन शामिल

नर्मदापुरम भारतीय रेल (Indian Railways) को देश की जीवन रेखा माना जाता है और रेलवे स्टेशन किसी भी शहर की पहचान का केंद्र होते हैं. अधिकतर स्टेशन शहर के बीचोंबीच स्थित होते हैं, जहां आर्थिक, सामाजिक और सांस्कृतिक गतिविधियां दिखती रहती हैं. इसलिए स्टेशनों का विकास केवल यात्री सुविधाओं तक सीमित नहीं रहकर, उन्हें स्थानीय विरासत और पहचान से जोड़ना ज़रूरी है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Modi) के नेतृत्व में भारत ने 'अमृत काल' में तेज़ विकास की दिशा पकड़ी है. उनकी प्रेरणा से भारतीय रेलवे ने 1300 से अधिक स्टेशनों के कायाकल्प की शुरुआत की, और अब 103 स्टेशनों का उद्घाटन अमृत भारत स्टेशन योजना के अंतर्गत होने जा रहा है. यह विकास की नई संस्कृति है, जिसमें शिलान्यास से उद्घाटन तक का सफर रिकॉर्ड समय में पूरा हो रहा है और इसके लिए भारतीय रेलवे सराहना की पात्र है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 22 मई को देशभर के 103 पुनर्विकसित रेलवे स्टेशनों का उद्घाटन करेंगे इसमें एमपी के दो स्टेशन शामिल हैं. अमृत भारत स्टेशन योजना से हो रहे ये काम अमृत भारत स्टेशन योजना के तहत विकसित किए जा रहे 1300 से अधिक स्टेशनों में जो 103 स्टेशन अभी बनकर तैयार हुए हैं, उनमें मध्य प्रदेश राज्य के छह स्टेशन – कटनी साउथ, श्रीधाम, नर्मदापुरम, शाजापुर, सिवनी और ओरछा शामिल हैं. 86 करोड़ से अधिक की लागत से विकसित इन स्टेशनों में सौंदर्य, सुविधा और संस्कृति तीनों का समन्वय है. इन स्टेशनों पर भव्य प्रवेश द्वार, आकर्षक फसाड, हाई मास्ट लाइटिंग, आधुनिक प्रतीक्षालय, टिकट काउंटर, मॉर्डन टॉयलेट और दिव्यांगजन के लिए सुगम रैंप जैसी सुविधाएं विकसित की गई हैं. प्लेटफॉर्म पर शेल्टर, कोच इंडिकेशन सिस्टम और सूचना के लिए डिजिटल डिस्प्ले लगाए गए हैं. सभी सुविधाओं को  दिव्यांगजन अनुकूल बनाया गया है. वहीं, हर स्टेशन पर मध्य प्रदेश की लोक कला, संस्कृति और परंपराओं की झलक भी देखने को मिल रही है. नर्मदापुरम रेलवे स्टेशन नर्मदापुरम रेलवे स्टेशन, जिसे अब आधुनिक सुविधाओं और सांस्कृतिक पहचान के साथ नया स्वरूप प्रदान किया गया है, ₹26 करोड़ रुपये से अधिक की लागत से पुनर्विकसित किया गया है. यह स्टेशन नर्मदा संस्कृति और स्थानीय लोककला पर आधारित थीम के तहत डिज़ाइन किया गया है, जिससे यह केवल एक यात्री ठहराव का स्थान नहीं, बल्कि एक सांस्कृतिक अनुभव बन गया है. पुनर्विकास कार्यों में स्टेशन भवन का नवनिर्माण, भव्य प्रवेश द्वार, विकसित प्रतीक्षालय, पर्याप्त टिकटिंग काउंटर, दिव्यांगजन अनुकूल शौचालय एवं रैम्प, 12 मीटर चौड़ा नया फुट ओवर ब्रिज और दोनों ओर के हाई लेवल प्लेटफॉर्म पर कवर शेड्स शामिल हैं. यात्रियों की सुविधा के लिए 3100 वर्गमीटर क्षेत्र में सर्कुलेटिंग एरिया का सौंदर्यीकरण किया गया है और 1000 वर्गमीटर से अधिक क्षेत्र में आधुनिक LED लाइटिंग की व्यवस्था की गई है. नर्मदापुरम स्टेशन अब सिर्फ एक रेलवे हब नहीं, बल्कि माँ नर्मदा की आध्यात्मिक धरा पर आधुनिक भारत की झलक प्रस्तुत करता है. रेलवे अधिकारियों के अनुसार, इस विकास से स्थानीय यात्रियों को आधुनिक सुविधाएं मिलेंगी और क्षेत्र में पर्यटन, आर्थिक गतिविधियों और सांस्कृतिक समृद्धि को भी गति मिलेगी. शाजापुर रेलवे स्टेशन शाजापुर रेलवे स्टेशन अब आधुनिकता और परंपरा का संगम बन चुका है. 13 करोड़ रुपये से अधिक की लागत से पुनर्विकसित इस स्टेशन में यात्रियों के लिए कई आधुनिक सुविधाएं विकसित की गई हैं. प्लेटफॉर्मों का उच्चीकरण, नया फुट ओवर ब्रिज, विस्तारित छायादार क्षेत्र, सौंदर्यीकृत सर्कुलेटिंग एरिया, नव निर्मित प्रवेश द्वार, सुव्यवस्थित टिकट काउंटर और आधुनिक प्रतीक्षालय अब इस स्टेशन की पहचान बन चुके हैं. स्टेशन भवन के फासाद को भी आकर्षक और सांस्कृतिक रूप में नया डिजाइन दिया गया है. यात्रियों की सुविधा के लिए पुरुष एवं महिला शौचालयों के साथ-साथ दिव्यांगजन अनुकूल विशेष सुविधाएं, VIP प्रतीक्षालय, द्वितीय श्रेणी वेटिंग हॉल और पर्याप्त पार्किंग व्यवस्था की गई है. इससे न केवल यात्रा अनुभव बेहतर होगा, बल्कि लोगों को स्टेशन पर समय बिताना भी सुखद अनुभव प्रदान करेगा. यात्रियों के लिए विशेष आकर्षण का केंद्र बना है 140 वर्ग मीटर में फैला 'आर्ट एंड कल्चर ज़ोन', जो स्थानीय संस्कृति की झलक को जीवंत करता है. यह न केवल एक रेलवे स्टेशन का विकास है, बल्कि शाजापुर जिले की सांस्कृतिक, आर्थिक और सामाजिक पहचान को नया आयाम देने वाला कदम भी है. recent visitors 50

2026 में भारत की वृद्धि दर 6.2 % और वित्त वर्ष 2027 के लिए 6.5 प्रतिशत रहने का अनुमान लगाया: मॉर्गन स्टेनली

नई दिल्ली वैश्विक उथल-पुथल और मौसमी प्रभावों के बावजूद, भारतीय अर्थव्यवस्था काफी हद तक मजबूत बनी हुई है और वित्त वर्ष 2025 की चौथी तिमाही में जीडीपी वृद्धि दर 6.4-6.5 प्रतिशत रहने का पूर्वानुमान है। यह जानकारी  जारी एसबीआई की एक रिपोर्ट में दी गई है। जीडीपी का सांख्यिकीय रूप से अनुमान लगाने के लिए, भारतीय स्टेट बैंक के इकोनॉमिक रिसर्च डिपार्टमेंट ने इंडस्ट्री एक्टिविटी, सर्विस एक्टिविटी और ग्लोबल इकोनॉमी से जुड़े 36 हाई फ्रीक्वेंसी इंडिकेटर्स के साथ एक ‘नाउकास्टिंग मॉडल’ बनाया है। यह मॉडल वित्त वर्ष 2013 की चौथी तिमाही से वित्त वर्ष 2023 की दूसरी तिमाही तक सभी हाई-फ्रिक्वेंसी इंडिकेटर्स के कॉमन, रिप्रेजेंटेटिव या लेटेंट फैक्टर का अनुमान लगाने के लिए डायनेमिक फैक्टर मॉडल का इस्तेमाल करता है। वित्त वर्ष 2025 में जीडीपी 6.3 प्रतिशत रहने की उम्‍मीद एसबीआई के ग्रुप चीफ इकोनॉमिक एडवाइजर डॉ. सौम्य कांति घोष ने कहा, “हमारे ‘नाउकास्टिंग मॉडल’ के अनुसार, वित्त वर्ष 2025 की चौथी तिमाही के लिए अनुमानित जीडीपी वृद्धि दर 6.4-6.5 प्रतिशत के आसपास आनी चाहिए।” घोष ने कहा कि यह मानते हुए कि एनएसओ से जारी अपकमिंग डेटा में पहली से तीसरी तिमाही के अनुमानों में कोई बड़ा रिविजन नहीं होगा, हमें उम्मीद है कि वित्त वर्ष 2025 में जीडीपी 6.3 प्रतिशत रहेगी। भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) ने कहा है कि दक्षिण-पश्चिम मानसून 1 जून की अपनी सामान्य शुरुआत की तारीख से काफी पहले, अगले चार से पांच दिनों में केरल में पहुंचने की संभावना है। अगर मानसून केरल में अनुमान के अनुसार पहुंचता है, तो यह 2009 के बाद से भारत के मुख्य भूमि क्षेत्र पर जल्दी दस्तक देने को लेकर रिकॉर्ड किया जाएगा। एसबीआई की रिपोर्ट में कहा गया है, “भारत बेहतर मानसून बारिश के पूर्वानुमान पर जुलाई से शुरू होने वाले 2025-26 फसल वर्ष में 354.64 मिलियन टन खाद्यान्न उत्पादन का लक्ष्य बना रहा है। चालू 2024-25 फसल वर्ष में, सरकार ने 341.55 मिलियन टन खाद्यान्न उत्पादन (अब तक: 332.3 मिलियन टन) का लक्ष्य रखा था।” आईएमएफ के अनुसार, वैश्विक विकास 2025 में 2.8 प्रतिशत और 2026 में 3 प्रतिशत तक गिरने का अनुमान है। रिपोर्ट में बताया गया है, “भारत के लिए, विकास का दृष्टिकोण वित्त वर्ष 2025 में 6.2 प्रतिशत, वित्त वर्ष 2026 के लिए 6.3 प्रतिशत पर अपेक्षाकृत अधिक स्थिर है, जिसे निजी खपत, विशेष रूप से ग्रामीण क्षेत्रों में समर्थन प्राप्त है, लेकिन यह दर व्यापार तनाव और वैश्विक अनिश्चितता के उच्च स्तर के कारण पहले के अनुमान से 30 बीपीएस कम है।” मॉर्गन स्टेनली ने वित्त वर्ष 2026 के लिए भारत की वृद्धि दर 6.2 प्रतिशत वैश्विक वित्तीय सेवा क्षेत्र की प्रमुख कंपनी मॉर्गन स्टेनली नेभारत के लिए अपने सकल घरेलू उत्पाद की वृद्धि दर के अनुमान को वित्त वर्ष 2026 के लिए 6.2 प्रतिशत और वित्त वर्ष 2027 के लिए 6.5 प्रतिशत पर बढ़ा दिया। कंपनी ने कहा कि बाहरी मोर्चे पर अनिश्चितता के बीच घरेलू मांग के रुझान देश की वृद्धि की गति के मुख्य चालक होंगे। इससे पहले वित्त वर्ष 2026 के लिए वृद्धि दर 6.1 प्रतिशत और वित्त वर्ष 2027 के लिए 6.3 प्रतिशत रहने का अनुमान लगाया गया था। वैश्विक ब्रोकरेज ने अपने नोट में कहा, "हमें उम्मीद है कि बाहरी कारकों से अनिश्चितता के बीच घरेलू मांग में मजबूती के कारण वृद्धि मजबूत रहेगी।" "राजकोषीय नीति में पूंजीगत व्यय को प्राथमिकता दिए जाने के साथ आसान मौद्रिक नीति के माध्यम से नीतिगत समर्थन जारी रहने की संभावना है। मजबूत बफर के साथ मैक्रो स्थिरता के आरामदायक क्षेत्र में रहने की उम्मीद है।" घरेलू मांग के मामले में, ब्रोकरेज को उम्मीद है कि शहरी मांग में सुधार और ग्रामीण खपत के स्तर में पहले से ही मजबूती के साथ खपत में सुधार अधिक व्यापक आधार पर होगा। "निवेश के मामले में, हम देखते हैं कि सार्वजनिक और घरेलू पूंजीगत व्यय वृद्धि को बढ़ावा दे रहे हैं, जबकि हम उम्मीद करते हैं कि निजी कॉर्पोरेट पूंजीगत व्यय धीरे-धीरे ठीक हो जाएगा," इसने कहा। मॉर्गन स्टेनली को उम्मीद है कि खाद्य मुद्रास्फीति में कमी और मुख्य मुद्रास्फीति में सीमाबद्ध प्रवृत्ति के कारण हेडलाइन मुद्रास्फीति सौम्य बनी रहेगी।   recent visitors 53

कोविड-19 एक बार फिर फैल रहा, देश में फिलहाल 257 एक्टिव मामले

नई दिल्ली  कोविड-19 एक बार फिर फैल रहा है। भारत में फिलहाल कोविड के मामले उतनी चिंता में डालने वाले नहीं हैं, लेकिन फिर भी कुछ राज्यों में कोरोना के मामले बढ़ते नजर आ रहे हैं। देश में फिलहाल 257 एक्टिव मामले हैं। कुछ राज्यों में मामूली केस हैं तो कुछ में आंकड़ा अच्छा खासा है। जैसे हरियाणा, पश्चिम बंगाल और सिक्किम में कोविड के 1-1 केस ही हैं तो वहीं केरल में इस समय 95 एक्टिव केस हैं। देश की राजधानी दिल्ली में भी इस समय कोविड के 5 एक्टिव केस हैं। हालांकि, कुछ राज्य ऐसे भी हैं, जहां एक भी कोरोना का मामला सामने नहीं आया है। तमिलनाडु में भी कोरोना के 55 एक्टिव मामले हैं। महाराष्ट्र में केस इससे 10 कम यानी 56 हैं। आइए आपको बताते हैं कि किस राज्य में कितने एक्टिव केस इस समय हैं। किस राज्य में कितने एक्टिव केस राज्य    एक्टिव केस केरल    95 तमिलनाडु    66 महाराष्ट्र    56 कर्नाटक    13 पुडुचेरी    10 गुजरात    7 दिल्ली    5 राजस्थान    2 हरियाणा    1 पश्चिम बंगाल    1 सिक्किम    1 कुल मामले    257 सिंगापुर-चीन में भी फैल रहा कोरोना एशिया के कुछ देशों में कोरोना केस तेजी से बढ़ रहे हैं। हांगकांग, सिंगापुर, थाईलैंड के अलावा चीन में भी कोविड-19 के मामलों में बढ़ोतरी देखी गई है। सिंगापुर के स्वास्थ्य मंत्रालय के मुताबिक 27 अप्रैल से 3 मई 2025 के सप्ताह में कोविड-19 के मामलों की संख्या बढ़कर 14,200 हो गई, जबकि पिछले सप्ताह यह संख्या 11,100 थी। थाइलैंड में 33 हजार मामले इस अवधि में सिंगापुर के अंदर कोविड-19 के कारण अस्पताल में भर्ती होने वाले लोगों की औसत संख्या 102 से बढ़कर 133 हो गई। थाईलैंड में 11 मई से 17 मई के बीच मामले बढ़कर 33,030 हो गए, जबकि बैंकॉक में 6,000 मामले सामने आए। इसी तरह हांगकांग में भी कोविड-19 के मामलों में सिर्फ 4 हफ्तों (6 से 12 अप्रैल) के अंदर 6.21% से 13.66% की वृद्धि हुई। recent visitors 57

मुख्यमंत्री स्वयं एमआरडीए के अध्यक्ष होंगे, सरकार तय करेगी अध्यक्ष व उपाध्यक्ष

भोपाल  मध्यप्रदेश के जिन क्षेत्रों की आबादी 10 लाख या उससे ज्यादा होगी, उन्हें ही मेट्रोपॉलिटन क्षेत्र बनाकर विकसित किया जाएगा। हालांकि आबादी ही काफी नहीं है। ऐसे क्षेत्रों का दायरा एक से ज्यादा जिलों तक होना चाहिए। क्षेत्र में कम से कम दो या दो से ज्यादा नगर पालिका, पंचायतें या अन्य क्षेत्र शामिल होने चाहिए। इन क्षेत्रों के विकास के लिए कम से कम 15 वर्षीय कार्ययोजना बनेगी। योजना तैयार करने का काम मेट्रोपॉलिटन योजना समिति (एमपीसी) करेगी। ये करेंगे काम     नगर विकास प्राधिकरण सीमाओं के बाहर शेष क्षेत्र में नियोजन व विकास के काम मेट्रोपॉलिटन क्षेत्र(Metropolitan Region) विकास प्राधिकरण (एमआरडीए ) के जरिए किए जाएंगे।     ऐसे प्रोजेक्ट जो एक से अधिक विकास प्राधिकरण की सीमा क्षेत्र में विकसित किया जाना प्रस्तावितहो, विकास कार्य एमआरडीएद्वारा किए जाएंगे।     मेट्रोपॉलिटन योजना समिति में नगर पालिकाओं, पंचायतों के निर्वाचित प्रतिनिधि होंगे। इसके अलावा एमआरडीए के प्रतिनिधि। सरकार तय करेगी अध्यक्ष व उपाध्यक्ष एमपीसी में एक अध्यक्ष व दो उपाध्यक्ष होंगे। नियुक्ति निगम-मंडलों की तर्ज पर सरकार करेगी। दो तिहाई सदस्य क्षेत्र में आने वाली नगर पालिकाओं व पंचायतों के निर्वाचित प्रतिनिधियों में से चुनाव के जरिए चुने जाएंगे। इसके अलावा केंद्र व राज्य सरकार, संस्थाओं, संगठनों के प्रतिनिधि शामिल किए जाएंगे। क्षेत्र में आने वाले लोकसभा व विधानसभा क्षेत्र के सदस्य, संबंधित नगर पालिकाओं, परिषदों, नगर निगम के महापौर विशेष आंमित सदस्य होंगे। सीएम होंगे एमआरडीए के अध्यक्ष मुख्यमंत्री स्वयं एमआरडीए के अध्यक्ष होंगे। नगरीय विकास एवं आवास विभाग, पंचायत एवं ग्रामीण विकास व राजस्व विभाग के मंत्री उपाध्यक्ष होंगे। इसके अलावा इसमें राज्य के मुय सचिव और नगरीय विकास, राजस्व, परिवहन, लोक निर्माण, पर्यावरण व पंचायत विभाग के एसीएस, पीएस सदस्य होंगे। साथ ही महानगरीय योजना समिति के प्रतिनिधि, संभागीय आयुक्त, नगर एवं ग्राम निवेश के संचालक को शामिल किया जाएगा। सदस्य संयोजक मेट्रोपॉलिटन आयुक्त को बनाया जाएगा। शासन द्वारा नामित चार विशेषज्ञ होंगे। विशेष आमंत्रित सदस्यों में नगर निगम के आयुक्त, रेलवे जोन के जीएम, केंद्रीय दूरसंचार व केंद्रीय नागरिक उड्यन मंत्रालय के प्रतिनिधि भी शामिल रहेंगे। मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन के एमडी और नगर निगम, नगर पालिका, नगर परिषद, पंचायतों और विधानसभाओं के नामित सदस्यों को शामिल किया जाएगा। बाहरी काम ऐसे प्लान का प्रारूप बनाने में एमपीसी की मदद एमआरडीए करेगा। विकास प्राधिकरणों की सीमा क्षेत्र के बाहर बचे क्षेत्रों के नियोजन व विकास के काम करने होंगे। खासकर जो प्रोजेक्ट एक से ज्यादा प्राधिकरणों की सीमा में विकसित किए जाने हों। मेट्रोपॉलिटन क्षेत्र(Indore Bhopal Metropolitan Region) की कार्यकारिणी समिति के अध्यक्ष मेट्रोपॉलिटन आयुक्त होंगे। इसके अलावा नगर निगम आयुक्त, औद्योगिक विकास, हाउसिंग बोर्ड, मेट्रो कॉर्पोरेशन, परिवहन विभाग, जिलों के कलेक्टर, टीएंडसीपी के संयुक्त संचालक, पीएचई के प्रतिनिधि आदि भी शामिल। recent visitors 47

इंदौर महानगर रीजन: नर्मदा पेयजल योजना का प्लान नए सिरे से बनेगा, शिप्रा शुद्धिकरण योजना भी तीनों शहरों को मिलाकर

इंदौर प्रदेश सरकार ने मध्य प्रदेश मेट्रो पाॅलिटन एक्ट की मंजूरी दी है। अब महानगर विकास प्राधिकरण का गठन होगा। इसका सेटअप नए सिरे से होगा या इंदौर विकास प्राधिकरण को इसमे मर्ज किया जाएगा, यह तय नहीं है। राजनीतिक समीकरणों पर इस एक्ट का प्रभाव न पड़े। इस पर भी सरकार की नजर है। नगरीय प्रशासन मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने कहा कि महानगर विकास प्राधिकरण समन्वय की भूमिका में रहेगा, इसके अधीन नगर निगम या विकास प्राधिकरण नहीं होंगे,हालांकि इसके गठन में भी अभी लंबा समय लगना है। इंदौर महानगर रीजन में पांच जिले धार, उज्जैन, देवास,इंदौर और शाजापुर जुड़ेंगे। पांचों जिलों की आबादी 60 लाख है। रीजन का प्लान 75 लाख की आबादी के हिसाब से होगा और इसका दायरा 9 हजार वर्ग किलोमीटर हो जाएगा। नर्मदा पेयजल योजना का प्लान नए सिरे से बनेगा अभी नर्मदा परियोजना अलग-अलग शहरों में बनी है। इंदौर में नर्मदा का चौथा चरण लाने की तैयारी की जा रही है। उज्जैन और देवास को भी नर्मदा- शिप्रा योजना से पानी मिल रहा है। महानगर रीजन बनने के बाद पेयजल की समग्र योजना तैयार हो सकती है। इसके लिए केंद्र से भी ज्यादा पैसा मिलेगा। शिप्रा शुद्धिकरण योजना भी तीनों शहरों को मिलाकर शिप्रा नदी तीन शहर इंदौर, देवास और उज्जैन से जुड़ी है। इंदौर की कान्ह नदी उज्जैन के पहले शिप्रा नदी में मिलती है। कान्ह नदी प्रदूषित नदी है। इस कारण शिप्रा का जल भी गंदा हो जाता है,जबकि देवास शहर के बड़े हिस्से को शिप्रा नदी से पानी सप्लाई होता है। सिंहस्थ के लिए इंदौर में अलग और उज्जैन के लिए अलग योजना बनती थी, लेकिन अब एक ही शुद्धिकरण प्लान बनेगा। इससे इंदौर से लेकर उज्जैन तक ट्रीटमेंट प्लांट बनाए जाएंगे। जनप्रतिनिधि भी होंगे शामिल कैलाश विजयवर्गीय ने कहा कि महानगर विकास प्राधिकरण के लिए तीन कमेटियां बनेगी। तीसरी कमेटी में जनप्रतिनिधि भी शामिल होंगे और उनकी स्वीकृति के बाद ही योजना को अमल में लाया जाएगा। एक्ट बनने के बाद अब महानगर प्राधिकरण का सेटअप तैयार किया जाएगा।   recent visitors 40

गृह मंत्री अमित शाह ने एक करोड़ के इनामी समेत 27 नक्सलियों के ढेर होने को ऐतिहासिक उपलब्धि बताई

नई दिल्ली छत्तीसगढ़ में सुरक्षाबलों के एक करोड़ के इनामी समेत 27 नक्सलियों के ढेर किए जाने को केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने ऐतिहासिक उपलब्धि बताया। उन्होंने कहा कि तीन दशकों में यह पहली बार हुआ है, जब इतना बड़ा नक्सली मारा गया है। केंद्रीय मंत्री अमित शाह ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा, "नक्सलवाद को खत्म करने की लड़ाई में एक ऐतिहासिक उपलब्धि। आज, छत्तीसगढ़ के नारायणपुर में एक ऑपरेशन में हमारे सुरक्षा बलों ने 27 खूंखार नक्सलियों को ढेर कर दिया है, जिनमें सीपीआई-माओवादी का महासचिव शीर्ष नेता और नक्सल आंदोलन की रीढ़, नम्बाला केशव राव उर्फ ​​बसवराजू भी शामिल है। नक्सलवाद के खिलाफ भारत की लड़ाई के तीन दशकों में यह पहली बार है कि किसी महासचिव स्तर के नेता को हमारी सेना ने मार गिराया है। मैं इस बड़ी सफलता के लिए हमारे बहादुर सुरक्षा बलों और एजेंसियों की सराहना करता हूं।" उन्होंने आगे लिखा, "मुझे यह बताते हुए भी खुशी हो रही है कि ऑपरेशन ब्लैक फॉरेस्ट के पूरा होने के बाद छत्तीसगढ़, तेलंगाना और महाराष्ट्र में 54 नक्सलियों को गिरफ्तार किया गया है और 84 नक्सलियों ने आत्मसमर्पण किया है। मोदी सरकार 31 मार्च 2026 से पहले नक्सलवाद को खत्म करने के लिए संकल्पबद्ध है।" वहीं, छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा, "जारी है विजय का शंखनाद, खत्म हो रहा नक्सलवाद, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में एवं केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के मार्च 2026 तक देश-प्रदेश में नक्सलवाद के खात्मे के संकल्प को मजबूती प्रदान करते हुए सुरक्षाबल के जवान निरंतर सफलता हासिल कर लक्ष्य की ओर तेजी से आगे बढ़ रहे हैं। नारायणपुर में छत्तीसगढ़ पुलिस की डीआरजी यूनिट के द्वारा कठिन भौगोलिक परिस्थितियों और अनेक चुनौतियों के बावजूद, वामपंथी उग्रवाद के खिलाफ इस निर्णायक अभियान को पूरी प्रतिबद्धता और दृढ़ संकल्प के साथ पूरा किया जा रहा है। इसका परिणाम है कि अब तक 27 नक्सली मारे गए हैं, जिनमें कुख्यात नक्सल लीडर नंबाला केशव राव उर्फ बसवराजू के खात्मे की भी पुष्टि हुई है।" उन्होंने आगे लिखा, "जवानों को मिली यह कामयाबी सराहनीय है, उनकी वीरता को नमन करता हूं। ऑपरेशन के दौरान डीआरजी के एक जवान के वीरगति को प्राप्त होने और कुछ जवानों के घायल होने की दु:खद सूचना प्राप्त हुई है। घायल जवानों के त्वरित इलाज के निर्देश दिए हैं। ईश्वर से शहीद जवान की आत्मा की शांति और घायल जवानों के जल्द से जल्द स्वस्थ होने की प्रार्थना करता हूं।" बता दें कि सुरक्षाबलों ने बुधवार को नारायणपुर-बीजापुर-दंतेवाड़ा जिले के सीमावर्ती क्षेत्र में मुठभेड़ में 27 नक्सलियों को ढेर कर दिया। मुठभेड़ में सुरक्षाबलों ने एक करोड़ के इनामी भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (माओवादी) के महासचिव नंबाला केशव राव उर्फ बसवराजू को भी मार गिराया। recent visitors 67

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा- मध्यप्रदेश देश का दिल है, इसकी धड़कनों में प्रदेश की आहट होना चाहिए

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि मध्यप्रदेश देश का दिल है, और देश की धड़कनों में मध्यप्रदेश की आहट होना चाहिए। यह प्रदेश के युवाओं की प्रतिभा, योग्यता और दक्षता से ही संभव है। यूपीएससी सिविल सेवा परीक्षा वर्ष 2024 में प्रदेश के 60 युवाओं का चयन मध्यप्रदेश की क्षमता को दर्शाता है। प्रदेश के यह युवा, देश की अलग-अलग सेवाओं में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे और पूरा देश हमारे प्रदेश के प्रभाव का अनुभव करेगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव यूपीएससी सिविल सेवा परीक्षा 2024 में चयनित प्रतिभागियों के सम्मान तथा उनसे संवाद के लिए कुशाभाऊ ठाकरे सभागार में कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सभी चयनित प्रतिभागियों को स्मृति चिन्ह तथा भारतीय ज्ञान परम्परा पुस्तक की प्रति भेंट कर सम्मानित किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने ई-ज्ञानसेतु यूट्यूब चैनल का लोकार्पण भी किया। उन्होंने पुस्तिका "मध्यप्रदेश की प्रतिभाओं का परचम" का विमोचन किया। इस अवसर पर ई-ज्ञानसेतु और चयनित प्रतिभागियों पर वृत चित्र का प्रदर्शन भी किया गया। कार्यक्रम में उच्च शिक्षा मंत्री श्री इंदर सिंह परमार, मध्यप्रदेश हिन्दी ग्रंथ अकादमी के संचालक श्री अशोक कड़ेल, प्रतिभागी और अन्य अधिकारी उपस्थित थे। मुख्यमंत्री डॉ.यादव ने कहा कि स्वतंत्रता प्राप्ति के बाद देश को एक स्वस्थ्य लोकतांत्रिक राष्ट्र के रूप में स्थापित करने में प्रशासनिक सेवा के अधिकारियों का महत्वपूर्ण योगदान रहा है। यह लोकतांत्रिक व्यवस्था की ही देन है कि जमीन से जुड़े व्यक्ति को भी देश-प्रदेश का नेतृत्व करने का अवसर प्राप्त हो सकता है। यह भी गर्व का विषय है कि सिविल सेवा में चयनित अधिकांश युवाओं ने शासकीय स्कूलों से पढ़ाई की है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने स्वतंत्रता संग्राम में श्रद्धेय नेताजी सुभाष चंद्र बोस के योगदान का उल्लेख करते हुए कहा कि भारत वासियों की योग्यता को सिद्ध करने के लिए ही उन्होंने आईसीएस की परीक्षा दी और उसमें सफलता प्राप्त कर अंग्रेजों का घमंड तोड़ा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सम्राट विक्रमादित्य और लोकमाता देवी अहिल्याबाई होल्कर की न्यायप्रियता और सुशासन के प्रति प्रतिबद्धता के उद्धरण देते हुए अभ्यर्थियों से अपने कर्तव्यों के निर्वहन में जनसामान्य के प्रति संवेदनशील, जनकल्याण के लिए सक्रिय और लोकहित के लिए सदैव प्रतिबद्ध रहने का आहृवान किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने अभ्यर्थियों को उज्ज्वल भविष्य के लिए शुभकामनाएं देते हुए कहा कि जन कल्याण और देश का विकास लोक सेवा का मुख्य उद्देश्य है। चयनित अभ्यर्थी अपनी कार्यकुशलता और निपुणता के साथ परिश्रम करेंगे तो उनके कार्यों और भावनाओं की सुगंध चंदन की तरह वातावरण में फैलेगी। उच्च शिक्षा मंत्री श्री इंदर सिंह परमार ने कहा कि इतनी बड़ी संख्या में यूपीएससी सिविल सेवा परीक्षा में प्रदेश के युवाओं का चयन प्रदेशवासियों के लिए गर्व का विषय है। आप सबके सहयोग से प्रदेश के सपनों को साकार करने में मदद मिलेगी। उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश में सिविल सेवा परीक्षा के लिए कोचिंग की व्यवस्था के लिए मुख्यमंत्री डॉ. यादव के नेतृत्व में राज्य शासन विशेष प्रयास कर रहा है। इस वर्ष शहरों के साथ-साथ ग्रामीण क्षेत्रों से भी बड़ी संख्या में प्रतिभागियों का चयन हुआ है, जो दर्शाता है कि न केवल स्कूल शिक्षा अपितु उच्च शिक्षा का भी ग्रामीण क्षेत्रों तक प्रभावी रूप से विस्तार हुआ है। अपर मुख्य सचिव श्री अनुपम राजन ने जानकारी दी कि राष्ट्रीय स्तर पर चयनित 1009 अभ्यर्थियों में से 60 मध्यप्रदेश से हैं। अभ्यर्थियों की इस सफलता से प्रदेश के सभी युवा प्रेरणा ले सकें, इस उद्देश्य से कार्यक्रम का प्रसारण प्रदेश के सभी महाविद्यालयों में किया जा रहा है। कार्यक्रम में मंदसौर के श्री ऋषभ चौधरी और बालाघाट की फरखंदा कुरैशी ने सिविल सेवा चयन परीक्षा में अपने अनुभव साझा किए। recent visitors 46