केरल, पंजाब और यूपी में 13 नवंबर को होने वाले उपचुनाव अब 20 नवंबर को होंगे

 नई दिल्ली केरल, पंजाब और यूपी में 13 नवंबर को होने वाले उपचुनाव अब 20 नवंबर को होंगे. विभिन्न उत्सवों के कारण चुनाव आयोग ने वोटिंग को एक हफ्ते तक टालने का फैसला किया है. बता दें कि 13 नवंबर को होने वाली वोटिंग को टालने के लिए कांग्रेस, भाजपा समेत कई दलों ने चुनाव आयोग से अपील की थी. पार्टियों का कहना था कि कई त्योहारों के चलते 13 नवंबर को वोटिंग कम हो सकती है. हालांकि, चुनाव के नतीजे 23 नवंबर को ही आएंगे. इसी दिन महाराष्ट्र और झारखंड के चुनावी नतीजे भी आएंगे. कार्तिक पुर्णिमा के चलते बीजेपी ने की थी ये मांग भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने यूपी में होने वाले विधानसभा उप-चुनाव की तारीखों में बदलाव की मांग को लेकर चुनाव आयोग को ज्ञापन दिया था. बीजेपी प्रतिनिधिमंडल ने अपने ज्ञापन में कहा था कि 15 नवंबर को कार्तिक पूर्णिमा होने की वजह से कुंदरकी, मीरापुर, गाजियाबाद और प्रयागराज में लोग तीन चार दिन पहले इकट्ठे जो जाते हैं. ऐसे में चुनाव आयोग को कार्तिक पूर्णिमा को ध्यान में रखते हुए तारीखों में बदलाव करना चाहिए. बीजेपी की मांग थी कि 13 नवंबर की जगह 20 नवंबर को चुनाव कराए जाएं. बता दें कि अब 20 नवंबर को उत्तर प्रदेश में 9 सीटों पर उपचुनाव होने हैं जिनमें- कानपुर की सीसामऊ, प्रयागराज की फूलपुर, मैनपुरी की करहल, मिर्जापुर की मझवां, अंबेडकरनगर की कटेहरी, गाजियाबाद सदर, अलीगढ़ की खैर, मुरादाबाद की कुंदरकी और मुजफ्फरनगर की मीरापुर सीट शामिल है. जानकारी के मुताबिक, हाईकोर्ट में मुकदमा लंबित होने के चलते चुनाव आयोग ने मिल्कीपुर में चुनाव की तारीख का एलान नहीं किया है. चुनाव के नतीजे 23 नवंबर को आएंगे. इसी दिन महाराष्ट्र और झारखंड विधानसभा चुनाव के नतीजे भी सामने आएंगे. यूपी की इन 9 सीटों पर होना है विधानसभा उपचुनाव     करहल     सीसामऊ     कुंदरकी     गाजियाबाद     फूलपुरट     मझवां     कटेहरी     खैर     मीरापुर   recent visitors 114

कनाडा में हिंदू मंदिर पर हमला: प्रधानमंत्री मोदी ने कहा- ऐसे कृत्य भारत के संकल्प को कमजोर नहीं कर सकते हैं

नई दिल्ली प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कनाडा में एक हिंदू मंदिर पर किए गए हमले की कड़ी निंदा की है। उन्होंने सोशल मीडिया मंच एक्स पर एक पोस्ट में कहा, मैं कनाडा में हिंदू मंदिर पर किए गए हमले की कड़ी निंदा करता हूं। इसी तरह, हमारे राजनयिकों को डराने-धमकाने की कायरतापूर्ण कोशिशें भयावह हैं। इस प्रकार की हिंसा कभी भी भारत के संकल्प को कमजोर नहीं कर सकती। हम कनाडा सरकार से न्याय सुनिश्चित करने और कानून का शासन बनाए रखने की उम्मीद करते हैं। पीएम मोदी की ओर से यह प्रतिक्रिया ऐसे समय में आई है, जब लगातार दूसरे दिन खालिस्तान समर्थकों ने कनाडा में हिंदू मंदिर पर हमला किया और वहां मंदिर में मौजूद हिंदुओं को घायल कर दिया। पीड़ितों ने आरोप लगाया कि दूसरे दिन के हमले के दौरान पुलिस मंदिर परिसर और आसपास मौजूद थी। लेकिन उसके बाद भी उन पर हमले किए गए। मामले को कनाडा के सामने उठाए भारत सरकार: कांग्रेस इस बीच, विपक्षी कांग्रेस पार्टी ने भी कनाडा के ब्रांपटन में हिंदू मंदिर पर खालिस्तानी चरमपंथियों की ओर से की गई हिंसा की निंदा की और भारत सरकार से इस मामले को कनाडा के सामने मजबूती के साथ उठाने का अनुरोध किया। कांग्रेस के मीडिया और प्रचार विभाग के प्रमुख पवन खेड़ा ने कहा, यह पूरी तरह से निंदनीय है और कांग्रेस स्पष्ट शब्दों में इस घटना की आलोचना करती है। हम भारत सरकार से इस मुद्दे को कनाडाई अधिकारियों के सामने मजबूती से उठाने का आग्रह करते हैं। किसी को भी श्रद्धालुओं को मंदिर में जाने से रोकने की अनुमति नहीं दी जा सकती। हमले पर विदेश मंत्राय ने क्या कहा हिंदू मंदिर पर हमला ऐसे समय में हुआ है, जब भारत और कनाडा के बीच राजनयिक तनाव बढ़ा हुआ है। विदेश मंत्रालय ने एक बयान में कहा कि नई दिल्ली कनाडा में भारतीय नागरिकों की सुरक्षा को लेकर गंभीर रूप से चिंतित है। मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा,  हम ब्रांपटन, ओंटारियों में हिंदू सभा मंदिर में चरमपंथियों और अलगाववादियों की ओर से की गई हिंसा की निंदा करते हैं। हम कनाडा सरकार से आग्रह करते हैं कि सभी पूजा स्थलों को ऐसे हमलों से सुरक्षित रखा जाए। उन्होंने यह भी कहा कि जो लोग हिंसा में शामिल हैं, उनके खिलाफ कार्रवाई की जानी चाहिए।  recent visitors 107

बहुती माइक्रो इरिगेशन से 30 दिनों में किसानों को पानी उपलब्ध कराएँ : उप मुख्यमंत्री श्री शुक्ल

भोपाल. उप मुख्यमंत्री श्री राजेन्द्र शुक्ल ने कमिश्नर कार्यालय सभागार रीवा में संभाग की प्रमुख सिंचाई परियोजनाओं की समीक्षा की। उप मुख्यमंत्री ने कहा कि छोटी-मोटी बाधाओं के कारण बहुती माइक्रो इरिगेशन से सिंचाई शुरू नहीं हो पा रही है। जल संसाधन विभाग के अधिकारी तथा निर्माण एजेंसी बहुती नहर निर्माण के छूटे हुए भाग में तत्काल निर्माण कार्य शुरू कराएं। निर्माण कार्य के दौरान कानून और व्यवस्था बनाए रखने के लिए कमिश्नर तथा पुलिस महानिरीक्षक आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित करें। लगभग 10 स्थानों में अधिग्रहीत भूमि पर निर्माण कार्य में बाधा डालने के कारण 65 हजार हेक्टेयर क्षेत्र में सिंचाई की सुविधा नहीं मिल पा रही है। सभी निर्माण कार्य 30 दिन में पूरा करके बहुती माइक्रो इरिगेशन से किसानों को सिंचाई के लिए उपलब्ध कराया जाए। उप मुख्यमंत्री ने कहा कि हनुमना उद्वहन सिंचाई परियोजना से सीधी, मऊगंज और रीवा जिले के बड़ी संख्या में किसानों को लाभ मिलेगा। इसके लिए शासन द्वारा चार हजार करोड़ रुपए की स्वीकृति प्रदान कर दी गई है। इसका मुख्य बांध सीधी जिले में सोन नदी पर बनाया जाएगा। इससे उद्वहन द्वारा पानी मऊगंज और हनुमना में पहुंचाया जाएगा। परियोजना के लिए पर्यावरणीय स्वीकृति तथा अन्य सभी अनुसंशाओं के लिए तत्काल आवेदन कर दें। मुख्य वन संरक्षक परियोजना की पर्यावरणीय स्वीकृति के लिए विभागीय मापदण्डों के अनुसार शीघ्र स्वीकृतियाँ जारी कराएं। उप मुख्यमंत्री ने नईगढ़ी सूक्ष्म दाब सिंचाई परियोजना की नहरों का निर्माण भी शीघ्र पूरा कराने के निर्देश दिए। उप मुख्यमंत्री ने कहा कि विन्ध्य क्षेत्र के सभी जिलों में विकास को गति देने के लिए ललितपुर-सिंगरौली रेलवे लाइन तथा सिंचाई परियोजनाओं के कार्य समय पर पूरा किया जाना आवश्यक है। रेलवे परियोजना के लिए आवश्यक भूमि उपलब्ध कराकर निर्माण कार्य तेजी से पूरा कराएं, जिससे 2025 में रीवा रेलवे लाइन से सीधी जिले से जुड़ जाए। बैठक में मुख्य अभियंता जल संसाधन विभाग ने सिंचाई परियोजनाओं की प्रगति की जानकारी दी। बैठक में बताया गया कि बहुती सिंचाई परियोजना में 21 किलोमीटर नहर तथा छुहिया घाटी में 3.1 किलोमीटर की टनल का निर्माण पूरा हो गया है। मैहर, सीधी और रीवा जिले के कुल 11 स्थानों में नहर निर्माण के लिए अर्जित भूमि पर निर्माण कार्य में कठिनाई आ रही है। इन कठिनाईयों को दूर करके 30 दिन में निर्माण कार्य पूरा करा लिया जाएगा। बैठक में कमिश्नर श्री बीएस जामोद, आईजी श्री एमएस सिकरवार, कलेक्टर रीवा श्रीमती प्रतिभा पाल, कलेक्टर सीधी श्री स्वरोचिष सोमवंशी, कलेक्टर मऊगंज श्री अजय श्रीवास्तव, जल संसाधन विभाग के अधिकारी तथा निर्माण एजेंसियों के प्रतिनिधि उपस्थित रहे। recent visitors 87

25 से अधिक गोवंश कराया मुक्त, राजस्थान-भरतपुर में गोतस्करों और क्यूआरटी टीम में मुठभेड़

भरतपुर. भरतपुर जिले के बयाना सदर थाना क्षेत्र के जंगल में गोतस्करों और पुलिस की क्यूआरटी-5 टीम के बीच रविवार रात मुठभेड़ हो गई। पुलिस को मुखबिर से सूचना मिलने पर टीम ने तुरंत कार्रवाई की। मौके पर पहुंचने पर गोतस्करों ने पुलिस को देख फायरिंग शुरू कर दी, जिस पर QRT-5 टीम ने जवाबी फायरिंग की। मुठभेड़ के दौरान गोतस्कर अंधेरे का फायदा उठाकर भागने में सफल हुए, लेकिन QRT-5 टीम ने एक ट्रक को पकड़ने में सफलता पाई, जिसमें 25 से अधिक गोवंश को मुक्त कराया गया। सभी गोवंश को भरतपुर नगर निगम की गोशाला में सुरक्षित भिजवा दिया गया है। QRT-5 टीम के प्रभारी सुरज्ञान सिंह मीणा ने बताया कि मुखबिर द्वारा सूचना मिली थी कि बयाना सदर थाने के अंतर्गत गांव खोहरा के जंगल में गोतस्करों द्वारा भारी संख्या में गोवंश को एकत्र किया जा रहा है। सूचना के आधार पर टीम ने रात करीब एक बजे लोकेशन पर छापा मारा। वहां पहुंचने पर तस्करों ने पुलिस पर फायरिंग की, जिसका पुलिस ने भी मुंहतोड़ जवाब दिया। हालांकि, तस्कर अंधेरे का फायदा उठाकर फरार हो गए। लेकिन पुलिस ने एक ट्रक बरामद किया, जिसमें 25 से अधिक गोवंश भरे हुए थे। इन सभी को तत्काल गोशाला भेज दिया गया है। बताया जा रहा है कि खोहरा के जंगल में तस्करों ने 100 से अधिक गोवंश को पकड़कर बांध रखा है। पुलिस अब इन सभी गोवंशों को भी जल्द से जल्द किसी गोशाला में भिजवाने की योजना बना रही है।गौरतलब है कि हाल ही में 27 अक्तूबर को भी QRT-5 टीम ने गहनौली मोड़ थाना क्षेत्र के गांव बर पीपल के पास छापा मारकर 28 गोवंश को मुक्त कराया था। भरतपुर एसपी मृदुल कच्छावा द्वारा क्षेत्र में बढ़ती गोतस्करी की घटनाओं को देखते हुए QRT-5 टीम का गठन किया गया है, जो लगातार गोतस्करों के खिलाफ सख्त कार्रवाई कर रही है। गोतस्करी पर लगाम कसने के प्रयास में QRT-5 टीम का गठन और अभियान चलाया जा रहा है, जिसके चलते यह टीम विशेष कर रात में विशेष निगरानी रखती है और जहां कहीं भी मुखबिर की सूचना मिलती है, तुरंत वहां पर दबिश देती है। recent visitors 123

प्रधानमंत्री स्वनिधि योजना में प्रदेश का श्रेष्ठ प्रदर्शन, पिछले तीन वर्षों से मध्यप्रदेश लगातार प्रथम स्थान पर

भोपाल. मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने विभागीय अधिकारियों को निर्देश दिये है कि नगरीय क्षेत्र में जरूरतमंद पथ-विक्रेताओं को उनकी जरूरत के मुताबिक ऋण प्रदान करते हुए कार्यशील पूंजी उपलब्ध कराई जाये। प्रदेश में प्रधानमंत्री स्वनिधि योजना में पिछले तीन वर्षों से श्रेष्ठ प्रदर्शन करते हुए मध्यप्रदेश लगातार पहले स्थान पर है। इस योजना में प्रदेश के नगरीय क्षेत्रों में हाथठेला चालकों, रेहड़ी पटरी वालों को 10, 20 और 50 हजार रूपये तक का ऋण प्रदान कर उन्हें आर्थिक रूप से सशक्त किया जा रहा है। प्रदेश में प्रधानमंत्री स्वनिधि योजना का क्रियान्वयन नगरीय विकास एवं आवास विभाग द्वारा किया जा रहा है। तीन वर्षों में श्रेष्ठ प्रदर्शन मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बताया है कि प्रदेश में प्रधानमंत्री स्वनिधि योजना में पिछले तीन वर्षों में श्रेष्ठ प्रदर्शन करते हुए देशभर में पहले स्थान पर अपनी उपस्थिति दर्ज करता आया है। पीएम स्वनिधि योजना में अब तक 12 लाख 30 हजार हितग्राहियों को करीब 1769.16 करोड़ रूपये का ऋण उपलब्ध कराया गया है। वर्तमान में मध्यप्रदेश के 4 लाख 89 हजार पथविक्रेता सफलतापूर्वक डिजिटल लेन-देन कर रहे है। जिसमें उन्हें 21 करोड़ रूपये का कैशबेक भी प्राप्त हुआ है। प्रधानमंत्री स्वनिधि योजना में डिजिटल लेन-देन को बढ़ावा देने के लिये चयनित क्षेत्रों में हितग्राहियों को प्रशिक्षण भी दिलाया जा रहा है। प्रदेश में कोरोना काल के दौरान पूर्व में असंगठित क्षेत्र के पंजीकृत पथ-विक्रेताओं को प्रदेश सरकार की ओर से एक-एक हजार रुपये की अनुदान राशि भी उपलब्ध कराई गई थी। पथ-विक्रेताओं को निकायों द्वारा बैंकों के लिये निरंतर सहयोग प्रदान किया जा रहा है। हितग्राहियों को अन्य योजनाओं का भी दिलाया गया लाभ मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बताया है कि प्रधानमंत्री स्वनिधि योजना के अंतर्गत प्रदेश के 16 लाख 17 हजार से अधिक पथ-विक्रेताओ कों प्रधानमंत्री जीवन ज्योति बीमा योजना, प्रधानमंत्री सुरक्षा बीमा योजना, प्रधानमंत्री जन-धन योजना, भवन और अन्य निर्माण श्रमिक अधिनियम, प्रधानमंत्री श्रम योगी मानधन योजना, राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम में एक राष्ट्र-एक राशन कार्ड की भी सुविधा उपलब्ध कराई गई है। इसी के साथ जननी सुरक्षा योजना और प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना से भी हितग्राहियों को जोड़ा गया है। प्रदेश में पीएम स्वनिधि योजना का क्रियान्व्यन 413 नगरीय निकायों में सफलतापूर्वक किया जा रहा है। recent visitors 51

कनाडा : मंदिर पर खालिस्तानियों का हमला, गुस्साए हिंदू संगठनों ने लिया बड़ा फैसला, सिखों का भी मिला साथ!

नई दिल्ली/ ओटावा  कनाडा के ओटावा में भारतीय उच्चायोग ने 4 नवंबर को एक बयान जारी कर खालिस्तानी चरमपंथियों द्वारा ब्रैम्पटन में हिंदू सभा मंदिर पर हुए हमले की कड़ी निंदा की है। ओटावा में भारतीय उच्चायोग ने अपने आधिकारिक बयान में कहा, “हमने आज (3 नवंबर) टोरंटो के पास ब्रैम्पटन में हिंदू सभा मंदिर के साथ मिलकर आयोजित वाणिज्य दूतावास शिविर के बाहर भारत विरोधी तत्वों द्वारा हिंसक व्यवधान देखा है। यह देखना बेहद निराशाजनक है कि हमारे वाणिज्य दूतावास द्वारा स्थानीय सह-आयोजकों के पूर्ण सहयोग से आयोजित किए जाने वाले नियमित वाणिज्य दूतावास संबंधी कार्यों में इस तरह की रुकावट पैदा की जा रही हैं। हम भारतीय नागरिकों सहित आवेदकों की सुरक्षा के लिए भी बहुत चिंतित हैं, जिनकी मांग पर ही इस तरह के कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं। भारत विरोधी तत्वों के इन प्रयासों के बावजूद, हमारा वाणिज्य दूतावास भारतीय और कनाडाई आवेदकों को 1000 से अधिक जीवन प्रमाण पत्र जारी करने में सक्षम रहा।” इससे पहले कनाडा के प्रधानमंत्री जस्टिन ट्रूडो ने भी हमले की निंदा की और कहा कि हर कनाडाई को अपने धर्म का स्वतंत्र और सुरक्षित तरीके से पालन करने का अधिकार है। ट्रूडो ने एक्स पर एक पोस्ट में कहा, “ब्रैम्पटन में हिंदू सभा मंदिर में आज हुई हिंसा अस्वीकार्य है। हर कनाडाई को अपने धर्म का स्वतंत्र और सुरक्षित तरीके से पालन करने का अधिकार है।” कनाडा में एक हिंदू मंदिर पर हुए हमले पर भाजपा सांसद प्रवीण खंडेलवाल ने कहा कि, “कनाडाई प्रधानमंत्री द्वारा कनाडा में हिंदू मंदिरों पर हुए हमलों की निंदा करना एक अच्छा कदम है। चूंकि कई भारतीय कनाडा में काम कर रहे हैं, जिससे वहां की अर्थव्यवस्था को बढ़ावा मिल रहा है, मेरा मानना है कि कनाडा सरकार वहां रहने वाले भारतीयों की सुरक्षा का ध्यान रखेगी।” 3 नवंबर को ब्रैम्पटन हिंदू सभा मंदिर के पास हुई घटना में खालिस्तानी चरमपंथियों ने विरोध प्रदर्शन किया और भारतीय तिरंगे को थामे एक समूह के साथ उनकी झड़प हो गई। वीडियो फुटेज से पता चलता है कि खालिस्तानी प्रदर्शनकारियों ने विरोधी समूह पर हमला किया। मंदिर में आने वाले कई लोग सुरक्षा की तलाश में मंदिर परिसर में भाग गए, जिससे चरमपंथियों ने मंदिर पर हमला कर दिया। इससे पहले, विंडसर, मिसिसॉगा और ब्रैम्पटन में मंदिरों को भी इसी तरह की तोड़फोड़ का सामना करना पड़ा था, जिसकी कनाडाई और भारतीय नेताओं ने निंदा की थी। कनाडा और भारत के बीच संबंधों में उस समय गिरावट आ गई जब ओटावा ने 45 वर्षीय कनाडाई नागरिक हरदीप सिंह निज्जर की 2023 में वैंकूवर में हत्या की साजिश रचने का आरोप भारत सरकार पर लगाया था। निज्जर एक प्रमुख खालिस्तान कार्यकर्ता था।  कनाडा में लगे 'बंटोगे तो कटोगे' के नारे… मंदिर पर खालिस्तानियों के हमले के बाद हिंदुओं की हुंकार कनाडा में खालिस्तानी समर्थकों की हिमाकत लगातार बढ़ रही है. वो खुलेआम भारत के खिलाफ प्रदर्शन और नारेबाजी कर रहे हैं. यहां तक कि हिंदुओं और मंदिरों पर हमले भी कर रहे हैं. इस बीच, अब हिंदुओं में भी एकजुटता के प्रयास तेज हो गए हैं. यहां हिंदुओं ने कनाडा में 'बंटोगे तो कटोगे' के नारे लगाए हैं और एकता दिखाने की अपील की है. दरअसल, रविवार को खालिस्तानी समर्थकों ने ब्रैम्पटन में हिंदू मंदिर में भक्तों के एक समूह को निशाना बनाया है. इस घटना से हिंदुओं में बड़े स्तर पर आक्रोश फैल गया है. खुद प्रधानमंत्री जस्टिन ट्रूडो सामने आए और घटना की निंदा की. ट्रूडो ने कहा, मंदिर में हिंसा की घटनाएं अस्वीकार्य हैं. प्रत्येक कनाडाई को अपने धर्म का स्वतंत्र और सुरक्षित तरीके से पालन करने का अधिकार है. उन्होंने इस घटना की जांच करने के लिए त्वरित एक्शन लेने के लिए कानून प्रवर्तन एजेंसी को धन्यवाद भी दिया. इस घटना से कनाडा के हिंदुओं के बीच लगातार नाराजगी बढ़ती जा रही है. अब ब्रैम्पटन मंदिर के पुजारी ने एकता का परिचय देने का आग्रह किया और 'बंटोगे तो कटोगे' के नारे लगाए हैं. खालिस्तानी हमले के बाद हिंदुओं ने ब्रैम्पटन में बंटोगे तो कटोगे के नारे लगाए हैं. ब्रैम्पटन मंदिर के पुजारी का कहना था कि अब सबको एक होना पड़ेगा. कनाडा में हिंदुओं को एकजुट होने की जरूरत है. आप एकजुट रहेंगे तो सुरक्षित बने रहेंगे. हिंदू सभा मंदिर के बाहर एकजुट हिंदुओं ने 'भारत माता की जय' के नारे भी लगाए. पुजारी का कहना था कि सिर्फ नारे नहीं लगाने हैं. ये हमला सिर्फ हिंदू सभा पर नहीं है, बल्कि पूरी दुनिया के हिंदुओं पर हुआ है. आज वो समय आ गया है, जब हम लोगों को एकजुट होने की जरूरत है. हमें अपने बारे में ही नहीं, बल्कि आने वाले समय के बारे में भी सोचना होगा. सबको एक होना पड़ेगा. हम किसी का भी विरोध नहीं करते हैं. लेकिन कोई अगर हमारा विरोध करेगा तो… उसके बाद फिर नारेबाजी होने लगती है. कनाडा : मंदिर पर खालिस्तानियों का हमला, गुस्साए हिंदू संगठनों ने लिया बड़ा फैसला, सिखों का भी मिला साथ! कनाडा के ब्रैम्पटन में मंदिर में हिंसा और श्रद्धालुओं के साथ मारपीट पर हिंदू संगठनों ने कड़ी प्रतिक्रिया दी है। हिंदू संगठनों ने खालिस्तानियों के बढ़ते हौसले और हिंदू समुदाय पर हमलों को देखते हुए जस्टिन ट्रूडो सरकार से सवाल किए हैं। कैनेडियन नेशनल काउंसिल ऑफ हिंदू और हिंदू फेडरेशन ने मंदिर के पुजारियों और हिंदू अधिकारों के लिए लड़ने वाले समूहों के साथ मंदिर पर हमले के बाद एक आधिकारिक बयान जारी किया है। साथ ही ये फैसला लिया है कि राजनेताओं को अब राजनीतिक उद्देश्यों के लिए मंदिर आने की अनुमति नहीं दी जाएगी। कैनेडियन नेशनल काउंसिल ऑफ हिंदू और हिंदू फेडरेशन ने अपने बयान में कहा है कि ब्रैम्पटन में मंदिर में हमला हिंदुओं की सुरक्षा को लेकर सवाल खड़े करता है। खालिस्तानियों की हिंसा और हिंदुओं पर हमलों की घटनाएं लगातार सामने आ रही हैं। ऐसे में इस घटना की जांच और इसमें शामिल लोगों पर कार्रवाई बहुत जरूरी है। साथ ही में फैसला लिया गया है कि मंदिरों में राजनीतिक गतिविधियों की इजाजत ना दी जाए।   recent visitors 46

CIA भारत, बांग्‍लादेश, म्‍यांमार को बांटने का प्लान- CM लालदुहोमा

वॉशिंगटन  मिजोरम के मुख्यमंत्री पीयू लालदुहोमा ने बीते महीने, 4 सितंबर को अमेरिका के इंडियानापोलिस में एक भाषण दिया है। इस भाषण में कही गई उनकी बातों की ना सिर्फ भारत बल्कि बांग्लादेश और म्यांमार में भी चर्चा है। इस दौरान लालदुहोमा ने चिन-कुकी-जो की एकजुटता और एक देश का आह्वान किया। चिन-कुकी-जो भारत, बांग्लादेश और म्यांमार में रहने वाली ईसाई जनजातियां हैं। अमेरिका में हुए इस भाषण के बाद सवाल है कि क्या यूएस की खुफिया एजेंस‍ियां भारत, बांग्‍लादेश और म्‍यांमार के कुछ हिस्सों को अलग करते हुए अलग ईसाई देश बनाने के लिए काम कर रही हैं क्योंकि अमेरिका की जमीन पर उनको इस बात को रखने के लिए मंच मिला है। गोवा क्रोनिकल के मुताबिक, मिजोरम सीएम के भाषण के अंतर्निहित निहितार्थों ने अलगाववादी एजेंडे के बारे में चिंताएं पैदा कर दी हैं, जो दक्षिण एशिया को अस्थिर कर सकता है। धार्मिक और सांस्कृतिक पहलुओं पर टिप्पणियों के साथ लालदुहोमा के भाषण ने किसी विदेशी समर्थन का संदेह पैदा किया है। साथ ही संप्रभुता, क्षेत्रीय स्थिरता और भूराजनीतिक पैंतरेबाजी पर भी बहस छेड़ दी है। लालदुहोमा बोले- हम सब एक लोग लालदुहोमा ने अपने भाषण में कहा, 'हम एक लोग हैं, हम भाई बहन हैं और बंटने का जोखिम नहीं उठा सकते। ईश्वर ने हमें एक बनाया और हम राष्ट्रीयता की हासिल करने के लिए एक नेतृत्व के तहत उठेंगे। हालांकि किसी देश की सीमाएं हो सकती हैं लेकिन एक सच्चा राष्ट्र उनसे परे होता है। हमें तीन देशों की तीन सरकारों में अन्यायपूर्वक विभाजित किया गया है। हम इसे स्वीकार नहीं कर सकते।' लालदुहोमा नेराजनीतिक एकता की एक मुखर दृष्टि का प्रस्ताव रखा, जिससे संप्रभुता के बारे में चिंताएं पैदा हुई हैं। लालदुहोमा ने अपने भाषण में 'राष्ट्रीयता की नियति' पर बात करते हुए साझा सांस्कृतिक और धार्मिक पहचान का आह्वान किया। उन्होंने इस पर जोर दिया कि चिन-कुकी-जो लोगों के पास उन सरहदों के बावजूद एक राष्ट्र होने का ऐतिहासिक दावा है। यह भावना चिन-कुकी-जो समुदाय की ओर से हाल में उभरी है, जो खुद को हाशिए पर महसूस कर रहे हैं। ये समुदाय भारत के मणिपुर और मिजोरम राज्यों के साथ-साथ बांग्लादेश और म्यांमार के कुछ हिस्सों में फैली हुई हैं।ये भाषाई, सांस्कृतिक और धार्मिक संबंध साझा करती हैं जो उन्हें सीमाओं के पार जुड़ा हुआ महसूस कराती हैं। बांग्लादेश की पूर्व पीएम ने भी किया था दावा ये चिंता लंबे समय ये रही है कि विदेशी शक्तियां रणनीतिक उद्देश्यों के लिए इस क्षेत्र में विभाजन करा सकती हैं। बांग्लादेश की पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना ने कुछ समय पहले दावा किया था कि एक अमेरिकी अधिकारी ने बांग्लादेश, म्यांमार और भारत के कुछ हिस्सों को मिलाकर एक ईसाई राष्ट्र बनाने की योजना के बारे में बात की थी। हसीना के बयान ने पूरे क्षेत्र में हलचल मचाई थी। अब मिजोरम सीएम का बयान भी इसी तरह की चिंताओं को बढ़ाता करता है कि क्या अमेरिका से इस क्षेत्र में कोई हस्तक्षेप हो रहा है। लालदुहोमा के भाषण की सेटिंग और समय इन चिंताओं को और भी बढ़ाता है क्योंकि उन्होंने अमेरिकी धरती पर यह संदेश देने का विकल्प चुना है। अमेरिका पर पूर्व में भी रणनीतिक हितों को आगे बढ़ाने के लिए अलगाववादी आंदोलनों का समर्थन करने का आरोप लगा है। हसीना के बाद इंडियानापोलिस में अपना भाषण देकर लालदुहोमा ने अमेरिकी इरादों के बारे में नई अटकलों को जन्म दे दिया है। खालिस्‍तानी आतंकी गुरपतवंत सिंह पन्‍नू को सीआईए का एजेंट माना जाता है। recent visitors 60