एक ही स्थान पर मिलेगी खाद, बीज, मिट्टी और कृषि उपकरणों की जानकारी : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि पीएम किसान समृद्धि केन्द्र वन स्टॉप सेंटर के रूप में कार्य करेंगे। इनमें खाद, बीज, कृषि उपकरण और मिट्टी परीक्षण के अतिरिक्त खेती-किसानी से संबंधित अन्य जानकारियाँ भी उपलब्ध कराई जायेंगी। उल्लेखनीय है कि 3 सितम्बर को मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सहकारिता विभाग और नर्मदा नियंत्रण मण्डल के कार्यों की समीक्षा बैठक में प्रत्येक ग्राम पंचायत में पीएम किसान समृद्धि केन्द्र स्थापित किये जाने के निर्देश दिये थे। पीएम किसान समृद्धि केन्द्रों का उद्देश्य है कि एक ही स्थान पर किसानों को मिट्टी, बीज, उर्वरक इत्यादि की जानकारी उपलब्ध कराई जाये। इसके साथ ही इन केन्द्रों को कस्टम हॉयरिंग सेंटर्स से जोड़कर किसानों को कृषि संबंधी छोटे और बड़े उपकरण भी उपलब्ध कराये जायें। किसानों को कृषि की बेहतर पद्धतियों और विभिन्न शासकीय योजनाओं के बारे में जानकारियाँ प्रदान की जायें। किसानों को मिलेंगे ये लाभ ग्राम पंचायतों में पीएम किसान समृद्धि केन्द्र स्थापित हो जाने से किसानों को अन्य स्थानों पर नहीं जाना पड़ेगा। उन्हें केन्द्र में ही खेती-किसानी के लिये आवश्यक सभी संसाधन उपलब्ध होंगे। संसाधन उपलब्ध न होने पर किसान समृद्धि केन्द्र समन्वयक की भूमिका निभाकर उन्हें संसाधन उपलब्ध करायेगा। इससे किसानों का खाद, बीज, उर्वरक और कृषि उपकरणों की खरीदी के लिये आने-जाने का समय भी बचेगा और अन्य व्यय भी नहीं होंगे। उन्हें किसान समृद्धि केन्द्र पर ही गुणवत्तापूर्ण सामग्री उपलब्ध होगी, जिससे वे बेहतर उपज भी प्राप्त कर सकेंगे। किसान समृद्धि केन्द्र पर रहेगी हेल्प-डेस्क पीएम किसान समृद्धि केन्द्र पर हेल्प-डेस्क भी रहेगी। यहाँ से मृदा विश्लेषण और मृदा परीक्षण के आधार पर पोषक तत्वों के उपयोग की जानकारी मिलेगी। मौसम पूर्वानुमान की जानकारी मिलेगी। केन्द्र से फसल बीमा, ड्रोन, कृषि वस्तुओं की जानकारी के साथ अधिक लाभार्जन के लिये फसलों के पेटर्न के पैकेज संबंधी जानकारी भी मिलेगी। प्रगतिशील किसानों का रहेगा व्हाट्सएप ग्रुप पीएम किसान समृद्धि केन्द्र के संचालक कृषि विभाग और कृषि संबंधी कार्यक्रम और गतिविधियों से जुड़े रहेंगे। पीएम किसान समृद्धि केन्द्र से जुड़े प्रगतिशील किसानों के किसान समृद्धि समूह नामक व्हाट्स-अप ग्रुप का निर्माण भी किया जायेगा। recent visitors 87

कांकेर नक्सल मुठभेड़ में शामिल जवान केंद्रीय गृहमंत्री दक्षता पदक होंगे सम्मानित

कांकेर  कांकेर पुलिस अधीक्षक आई के एलिसेला समेत जिले के 58 जवान केंद्रीय दक्षता पदक से सम्मानित हुए हैं. उन्हें ये सम्मान हापाटोला मुठभेड़ में सफल ऑपरेशन पर दिया गया. इस मुठभेड़ में लगभग 1 करोड़ 80 लाख के इनामी 29 नक्सली मारे गए थे. कांकेर के जवानों को सम्मान: गृह मंत्रालय की तरफ से हर साल विशेष ऑपरेशन, जांच और फोरेंसिक विज्ञान के क्षेत्र में बेहतर काम करने वाले देशभर के पुलिस अधिकारी व कर्मचारियों को केंद्रीय गृहमंत्री दक्षता पदक से सम्मानित किया जाता है. साल 2024 में छत्तीसगढ़ के 182 अधिकारी व कर्मचारियों को सम्मानित किए जाने के साथ ही कांकेर के पुलिस अधीक्षक आई. कल्याण ऐलिसेला के अलावा जिले के अन्य 57 अधिकारियों व कर्मचारियों को इस पदक से सम्मानित किए जाने की घोषणा दिवाली के दिन की गई. इस पदक की घोषणा हर साल 31 अक्टूबर को सरदार वल्लभभाई पटेल की जयंती के अवसर पर की जाती है. 16 अप्रैल 2024 को मारे गए थे 29 नक्सली: कांकेर पुलिस अधीक्षक आई के एलिसेला ने कहा कि छत्तीसगढ़ और कांकेर जिला पुलिस के लिए ये सम्मान बड़ी उपलब्धि है. 16 अप्रैल 2024 को हापाटोला मुठभेड़ में 29 नक्सली मारे गए थे. उन पर 1 करोड़ 80 लाख का इनाम घोषित था. इनमें कई बड़े नक्सली शामिल थे. इस घटना के बाद कांकेर में नक्सली घटनाओं में काफी कमी आई है. इस घटना के बाद लोकसभा चुनाव हुआ था जो काफी शांतिपूर्ण हुआ. इस में नक्सली एनकाउंटर का काफी महत्व रहा. आई के एलिसेला ने बताया कि इस सफल एनकाउंटर को लेकर केंद्रीय गृहमंत्री दक्षता पदक की घोषणा की गई. इस ऑपरेशन में शामिल 60 लोगों को इस पदक से सम्मानित किया गया. बाकी लोगों के लिए भी वीरता पदक की अनुशंसा की गई है. अमित शाह के दौरे के बाद हापाटोला मुठभेड़: कांकेर जिले के कलपर-हापाटोला मुठभेड़ के कुछ माह पहले गृहमंत्री अमित शाह ने छत्तीसगढ़ प्रवास के दौरान अगले साल तक नक्सलियों का सफाया करने की बात कहीं थी. इसके बाद ही ये ऑपरेशन चलाया गया. एसपी आई कल्याण ऐलीसेला ने कांकेर और सीमावर्ती जिलों की सीमा पर नक्सल ऑपरेशन के लिए खाका तैयार किया और अंदरुनी इलाके में नेटवर्क बढ़ाया. कलपर हापाटोला पहाड़ी में नक्सलियों की उपस्थिति का इनपुट मिलने पर नक्सलियों के कैंप पर हमला बोलने की रणनीति तैयार की गई. इस ऑपरेशन में पखांजुर एएसपी प्रशांत शुक्ला, पखांजुर डीएसपी रवि कुमार कुजूर, पखांजुर थाना प्रमारी लक्ष्मण केवट और तत्कालीन बांदे थाना प्रभारी रामेश्वर देशमुख ने वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक की रणनीति पर ऑपरेशन किया. यह आपरेशन उस समय का सबसे बड़ा ऑपरेशन था, जिसमें 29 नक्सलियों को मार गिराने में कांकेर पुलिस और अन्य बल को सफलता मिली. नक्सलियों के कई बड़े लीडर एनकाउंटर में मारे गए. कांकेर मुठभेड़ समेत कई ऑपरेशनों में विशेष योगदान इस सम्मानित सूची में उन पुलिसकर्मियों के नाम शामिल हैं, जिन्होंने कांकेर नक्सल मुठभेड़ समेत विभिन्न अभियानों में महत्वपूर्ण योगदान दिया है. इनके साहस और निडरता के कारण इन अभियानों में सफलता प्राप्त हुई. इनकी बहादुरी से ही अंतिम सांसें ले रहा नक्सलवाद छत्तीसगढ़ का नाम पूरे देश में कभी नक्सल प्रभावित राज्य के रूप में नकारात्मक रूप में लिया जाता था. साल की शुरुआत में केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने सात राज्यों के डीजीपी और मुख्य सचिवों की बैठक लेकर नक्सलवाद के खात्मे के लिए खाका तैयार किया. छत्तीसगढ़ के पुलिस अफसरों और जवानों में उन्होंने ऐसा जोश भरा कि इसके बाद सिलसिलेवार मुठभेड़ों का दौर शुरू हो गया. कांकेर से लेकर नारायणपुर व बीजापुर में पुलिस अफसरों की रणनीति और मैदान में जवानों की बहादुरी से इसे अंजाम तक पहुंचाया गया. यही वजह रही कि अवॉर्ड सूची में छत्तीसगढ़ के जवानों व पुलिस अफसरों की संख्या पूरे देश में सर्वाधिक है. recent visitors 63

ये चुनाव इस बात के लिए है कि हम आगे अपने देवी देवताओं की पूजा पाएंगे: सीएम यादव

 भोपाल /रांची मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव आज झारखंड की राजधानी रांची की कांके विधानसभा पहुंचे, उन्होंने यहाँ आयोजित जनसभा को संबोधित करते हुए झारखंड में हो रही घुसपैठ पर बड़ा हमला किया, मुख्यमंत्री ने कहा कि ये बांग्लादेशी घुसपैठिये आपके मकान, दुकान, रोजगार और हक़ पर कब्ज़ा कर रहे हैं और इसे झारखंड की सरकार संरक्षण दे रही है, इसे रोकना होगा। कांके विधानसभा रांची पहुंचे मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव का क्षेत्र के लोगों ने दिल से स्वागत किया,मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने उपस्थित जन समूह से कहा मैं बाबा महाकाल की धरती उज्जैन से आता हूँ यहाँ मुझे मालूम पड़ा है कि पहाड़ी बाबा भी महाकाल का ही रूप हैं मैं दोनों को प्रणाम करता हूँ, उन्होंने कहा कि ये जो झारखंड की सरकार है, कांग्रेस की सरकार है उसके पीछे कोई औ र्लोग हैं ये लोग केवल झूठ बोलते हैं। ये चुनाव इस बात के लिए है कि हम आगे अपने देवी देवताओं की पूजा पाएंगे? घुसपैठ पर हमला करते हुए सीएम ने कहा मैं आपको डरा नहीं रहा लेकिन ये बात सही है ये चुनाव इस बात का है कि हम आगे अपने देवी देवताओं की पूजा पाएंगे? होली दिवाली मना पाएंगे कि नहीं? क्योंकि घुसपैठ बहुत तेजी से हो रही है, उन्होंने कहाकि बांग्लादेश में हिन्दुओं का नर संहार हो रहा है लेकिन ये चुप है क्योंकि ये केवल कुर्सी चाहते है इसलिए ये षड्यंत्र कर रहे हैं। ये घुसपैठिये आपकी आने वाली पीढ़ी के लिए संकट बन रहे हैं   सीएम ने कहा मैं आबादी का रेशो देख रहा था यहाँ 7 प्रतिशत हिन्दू कम हुए है आदिवासी वर्ग जो कभी 41 प्रतिशत था आज 28 रह गया है, अरे जब आबादी बढ़ रही है तो ये लोग कम क्यों हो रहे हैं? वो इसलिए कि झारखंड सरकार घुसपैठ को शरण दे रही है मुख्यमंत्री ने कहा कि ये घुसपैठिये आपके रोजगार पर, दुकान पर, मकान पर कब्ज़ा कर रहे हैं इतना ही नहीं ये आपका हक़ भी छीन रहे है ये घुसपैठ आपकी आने वाली पीढ़ी के लिए संकट पैदा कर रही है डॉ मोहन यादव ने कहा कि कांग्रेस के कर्मों के कारण जनता ने उन्हें लोकसभा चुनावों में सबक दिखाया है, जम्मू कश्मीर में 40 हजार हत्याओं का पाप कांग्रेस के सिर पर है, कांग्रेस के कर्मों के कारण जो हालत जम्मू कश्मीर में हुई है यदि रोका नहीं गया तो वो हालत झारखंड की भी होगी। ये चुनाव ईमानदारों और बेईमानों के बीच है मुख्यमंत्री ने कहा झारखंड के लिए भाजपा ने सोचा, बिहार के साथ जुड़कर यहाँ की प्रगति रुकी हुई थी अटल जी ने इसे अलग राज्य बनाया, यहाँ प्राकृतिक सुन्दरता बहुत, है अटल जी ने कहा था कि ये देश का नंबर एक राज्य होगा लेकिन अटल जी को क्या पता होगा कि यहाँ ऐसी सरकार आयेगी जो भ्रष्टाचारी होगी, इस सरकार में बैठे लोगों ने इतना भ्रष्टाचार किया है कि यदि सौ सौ के नोट हो तो एक रेल गाड़ी भर जाएगी, इसलिए समझिये ये चुनाव ईमानदारी और बेईमानी के बीच है, बेईमानों का आपको बाहर का रास्ता दिखाना है। recent visitors 66

25 दिसंबर से 25 फरवरी तक लगने जा रहा है सबसे बड़ा मेला, 11 नवंबर तक स्वीकार की जाएंगी मेले के लिए निविदाएं

ग्वालियर ग्वालियर व्यापार मेला प्राधिकरण के सचिव से प्राप्त जानकारी के अनुसार ऑनलाइन निविदाएँ 11 नवम्बर को दोपहर 12 बजे तक प्रस्तुत की जा सकती हैं। पोर्टल पर प्राप्त निविदाएँ 12 नवम्बर को दोपहर 12 बजे खोली जायेंगीं। मेला की व्यवस्थाओं से संबंधित कार्यों के ठेके लेने के इच्छुक व्यक्ति एवं संस्थायें निर्धारित तिथि तक ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। पोर्टल पर निविदा की शर्तें उपलब्ध हैं। ग्वालियर व्यापार मेला में टीनशेड, बेरीकेटिंग, माइक, टेंट, टैक्सी, अस्थायी विद्युत फिटिंग, सजावट कार्य व सुरक्षा गार्ड व्यवस्था इत्यादि के ठेके के लिये पोर्टल पर निविदाएँ अपलोड कर दी गई हैं। इसके अलावा फ्लैक्स प्रिंटिंग कार्य, अस्थायी सीसीटीव्ही कैमरा, मंच पर प्रकाश व्यवस्था, सम्पूर्ण मेला परिसर की साफ-सफाई शिल्प बाजार की दुकानें तैयार करने, सीवर संधारण, होर्डिंग, दुपहिया व चार पहिया वाहन पार्किंग, पब्लिक एनाउंसमेंट सिस्टम, स्वच्छता परिसरों की साफ-सफाई, पानी की लाइन बिछाने इत्यादि व्यवस्थाओं के संबंध में भी निविदाएँ पोर्टल पर अपलोड की गई हैं। साथ ही विधिवत विज्ञापन भी प्रकाशित कराया गया है। ग्वालियर व्यापार मेला प्राधिकरण के सचिव से मिली जानकारी के अनुसार ऑनलाइन निविदाएं 11 नवंबर को दोपहर 12 बजे तक प्रस्तुत की जा सकती हैं। पोर्टल पर मिली निविदाएं 12 नवम्बर को दोपहर 12 बजे खोली जाएंगी। मेला की व्यवस्थाओं से संबंधित कार्यों के ठेके लेने के इच्छुक व्यक्ति एवं संस्थाएं निर्धारित तिथि तक ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। पोर्टल पर निविदा की शर्तें उपलब्ध हैं। मेला संबंधी इन व्यवस्थाओं की निविदाएं मांगी ग्वालियर व्यापार मेला में टीन शेड, बैरिकेडिंग, माइक, टेंट, टैक्सी, अस्थायी बिजली फ़िटिंग, सजावट कार्य व सुरक्षा गार्ड व्यवस्था के ठेके के लिए पोर्टल पर निविदाएं अपलोड कर दी गई हैं। इसके अलावा फ्लैक्स प्रिंटिंग कार्य, अस्थायी सीसीटीवी कैमरा, मंच पर प्रकाश व्यवस्था, सम्पूर्ण मेला परिसर की साफ-सफाई, शिल्प बाजार की दुकानें तैयार करने, सीवर संधारण, होर्डिंग, दोपहिया व चार पहिया वाहन पार्किंग, पब्लिक अनाउंसमेंट सिस्टम, परिसरों की साफ-सफाई, पानी की लाइन बिछाने के संबंध में भी निविदाएं पोर्टल पर अपलोड की गई हैं। साथ ही विधिवत विज्ञापन भी प्रकाशित कराया गया है। 104 एकड़ में लगता है व्यापार मेला ग्वालियर व्यापार मेला की खासियत है कि यह 104 एकड़ में लगता है। यह मेला पहले सागर ताल के पास मैदान में लगता था। पर एक सदी पहले यह वर्तमान मेला मैदान में आया। इस मेला की एक और विशेषता है। यहां मध्य प्रदेश शासन द्वारा वाहन की खरीद पर 50 प्रतिशत की रोड टैक्स छूट मिलती है। इसके चलते मेले में लगने वाला ऑटो मोबाइल सेक्टर अपने आप में खास होता है। recent visitors 50

इंदौर में मस्जिद पर लगे गजवा-ए-हिंद के पोस्टर, विधायक के बेटे ने सोशल मीडिया पर पोस्ट कर उठाए सवाल

इंदौर शहर के कागदीपुरा इलाके की एक मस्जिद के ऊपर लगे पोस्टर को लेकर इंदौर में बवाल मच गया है। ‘गजवा-ए-हिंद’ जैसे पोस्टर को लेकर हिंद रक्षक संगठन ने इस पर कड़ी आपत्ति लेते हुए पुलिस प्रशासन से कार्रवाई की मांग की है। इससे पहले दीपावली के अगले दिन छत्रीपुरा थाना क्षेत्र में पटाखा चलाने को लेकर दो पक्षों में जमकर विवाद हुआ था। हटा दिए गए पोस्टर हालांकि, विधायक मालिनी गौड़ के बेटे और हिंद रक्षक संगठन के संयोजक एकलव्य सिंह गौड़ के आपत्ति के बाद मुस्लिम समुदाय ने कल शाम को ही पोस्टर हटा दिया था। गौड़ ने एक्स पर मस्जिद पर लगा पोस्टर शेयर करते हुए लिखा कि इंदौर के कागदीपुरा क्षेत्र में एक मस्जिद पर लगाया गया 'गजवा-ए-हिंद' के आतंक को दर्शाता यह पोस्टर प्रशासन की शांति व्यवस्था को मुंह चिढ़ा रहा है। प्रशासन से निवेदन है तत्काल संज्ञान में लेकर दोषियों के विरुद्ध कठोरतम कार्रवाई करें। गजवा-ए-हिंद को जान लीजिए गजवा-ए-हिंद में गजवा का अर्थ 'इस्लाम को फैलाने के लिए की जाने वाली जंग' होता है। इस युद्ध में शामिल इस्लामिक लड़ाकों को 'गाजी' कहा जाता है। मोटे तौर पर गजवा-ए-हिंद के मायने भारत में जंग के जरिए इस्लाम की स्थापना करने से है। गजवा-ए-हिंद का मतलब भारतीय उपमहाद्वीप में रहने वाले काफिरों को जीतकर उन्हें मुस्लिम बनाने से है। दुनिया के इस हिस्से में रहने वाले लोगों के साथ युद्ध से है। आसान भाषा में समझें तो गजवा-ए-हिंद का मतलब जंग में भारत को जीतकर इसका इस्लामीकरण करने से है। कहां से आया गजवा-ए-हिंद इस्लाम में दुनिया को दो हिस्‍सों में बांटकर देखा गया है। एक, जहां इस्लाम को मानने वालों का शासन है। दूसरा, जहां इस्लाम मानने वाले लोग रहते तो हैं, लेकिन वहां शासन किसी दूसरे धर्म का है। इस्लाम में मुस्लिम शासन वाले देश को दारुल इस्लाम कहा जाता है। वहीं, गैर मुस्लिम शासन वाले देश को दारुल हर्ब कहा गया है। यह एक चेतावनी है इसमें सबसे आगे भगवा झंडे लिए सेना को दिखाया गया है। यह सनातन धर्म के लिए एक चेतावनी है। साथ ही कहा कि इस्लाम ने दुनिया को दो हिस्सों में बांट दिया है। एक दारुल इस्लाम, यह वह दुनिया है जिसमें सभी लोग इस्लाम स्वीकार करते हैं। जहां दारुल इस्लाम नहीं है, वहां वे उसे जीतना चाहते हैं, जिसे दारुल हरब कहा जाता है. गजवा-ए-हिंद का मतलब है कि उसे हिंद के खिलाफ अपनी हुकूमत कायम करनी है। एक अभियान चल रहा है। इसे छोटा काम नहीं समझना चाहिए, यह हमारे लिए एक संदेश है।’ इस प्रकार का व्यवहार पूर्णतः अस्वीकार्य है। हमने इसकी शिकायत थाने में की है, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। क्या है गजवा-ए-हिंद का मतलब जानकारी के मुताबिक गजवा-ए-हिंद में गजवा का मतलब है ‘इस्लाम फैलाने के लिए युद्ध’. इस युद्ध में शामिल इस्लामी लड़ाकों को ‘गाजी’ कहा जाता है। मोटे तौर पर कहें तो गजवा-ए-हिंद का मतलब युद्ध के जरिए भारत में इस्लाम की स्थापना करना है। recent visitors 87

उत्तराखंड में बड़ा हादसा; अल्मोड़ा में बस खाई में गिरी, 38 यात्रियों की मौत, कई घायल

अल्मोड़ा उत्तराखंड के अल्मोड़ा में बड़ा सड़क हादसा हुआ है। मार्चुला के पास एक बस खाई में गिर गई है। हादसे में 38 लोगों की मौत हो गई है। जबकि कई लोग घायल हुए हैं। चार घायलों को एयरलिफ्ट भी किया गया है। तीन घायलों को एम्स ऋषिकेश में भर्ती कराया गया है। मौके पर राहत एवं बचाव कार्य चलाया जा रहा है। एसडीआरएफ की टीम मौके पर है। उत्तराखंड के अल्मोड़ा जिले के मार्चुला इलाके के पास सोमवार को यात्रियों से भरी बस नदी में गिर गई। बस में 55 से ज्यादा यात्री सवार थे। हादसे की सूचना मिलते ही पुलिस-प्रशासन मौके पर पहुंचा। एसएसपी अल्मोड़ा मौके पर पहुंच गए हैं। रेस्क्यू ऑपरेशन के लिए एसडीआरएफ की टीम  भी पहुंची हैं। हादसे में 38 लोगों के मारे जाने की पुष्टि हुई है। बस नैनीडांडा के किनाथ से रामनगर जा रही थी। जैसे ही बस मार्चुला के पास पहुंची तो सारड बैंड के पास नदी में गिर गई। बस के नदी में गिरते ही चीख-पुकार मच गई। कुछ लोगों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि कुछ लोग बस से छिटककर नीचे गिर गए। घायल लोगों ने ही जानकारी दूसरों तक पहुंचाई। सूचना मिलते ही पुलिस और प्रशासन की टीम मौके पर पहुंची और राहत एवं बचाव कार्य चलाया। घायलों को अस्पताल ले जाने का काम किया। बस सवार 38 यात्रियों की मौत हो गई।  जबकि कई लोग घायल हैं। बस में सवार थे 55 से ज्यादा यात्री बस 40 सीटर थी। बस में 55 से ज्यादा यात्री थे। आपदा प्रबंधन अधिकारी अल्मोड़ा विनीत पाल ने बताया कि 38 यात्रियों की मौत हो चुकी है। मरने वालों की संख्या बढ़ सकती है। टीम रेस्क्यू में जुटी है। सीएम धामी ने दिए निर्देश सीएम पुष्कर सिंह धामी ने अल्मोड़ा में बस हादसे पर सचिव आपदा प्रबंधन,आयुक्त कुमाऊं मंडल और डीएम अल्मोड़ा से फोन पर बात कर घटना की जानकारी ली और बचाव और राहत कार्य तेजी से चलाने के निर्देश दिए हैं।    recent visitors 61

5967 पदों पर होगी भर्ती, छत्तीसगढ़ पुलिस कांस्टेबल के फिजिकल टेस्ट का आज जारी होगा प्रवेश पत्र

रायपुर. छत्तीसगढ़ पुलिस विभाग आज 4 नवंबर को शारीरिक माप परीक्षण (PMT) और शारीरिक स्वास्थ्य परीक्षण (PFT) राउंड के लिए पुलिस कांस्टेबल पदों के लिए एडमिट कार्ड जारी करेगा। इसके लिए उम्मीदवार आधिकारिक वेबसाइट (cgpolice.gov.in) से अपने एडमिट कार्ड डाउनलोड कर सकेंगे। इस भर्ती अभियान का लक्ष्य कुल 5967 पदों को भरना है। अधिसूचना के अनुसार, छत्तीसगढ़ पुलिस 16 नवंबर से दस्तावेज सत्यापन (DV), शारीरिक माप परीक्षण (PMT) और शारीरिक फिटनेस परीक्षण (PFT) आयोजित करेगी। पीएफटी और पीएमटी राउंड के माध्यम से चयनित अभ्यर्थियों को लिखित परीक्षा और मेडिकल परीक्षण से गुजरना होगा। जिन उम्मीदवारों ने छत्तीसगढ़ पुलिस कांस्टेबल भर्ती के लिए आवेदन किया है, उन्हें सबसे पहले फिजिकल टेस्ट परीक्षा पास करनी होती है। इसके बाद इस परीक्षा में सफल उम्मीदवारों को लिखित परीक्षा और मेडिकल एग्जाम में बैठने का अवसर दिया जाता है। इतनी होनी चाहिए लंबाई छत्तीसगढ़ कांस्टेबल फिजिकल टेस्ट के लिए उम्मीदवारों की लंबाई, वजन, सीना का माप लिया जाता है। इसमें शामिल होने के लिए सामान्य, अनुसूचित जााति और ओबीसी वर्ग के पुरुष उम्मीदवारों की लंबाई 168 सेमी होना आवश्यक है। वहीं उनकी छाती 81 सेमी बिना फुलाए और फूलने के बाद 86 सेमी होनी चाहिए। अनुसूचित जनजाति वर्ग के उम्मीदवारों की लंबाई 158 सेमी और छाती बिना फुलाए 76 सेमी होना जरूरी है। एडमिट कार्ड ऐसे कर सकेंगे डाउनलोड 0- सबसे पहले उम्मीदवार आधिकारिक वेबसाइट cgpolice.gov.in पर जाएं। 0- होमपेज पर उपलब्ध 'सीजी पुलिस कांस्टेबल एडमिट कार्ड 2024' डाउनलोड लिंक पर क्लिक करें। 0- पंजीकरण संख्या, जन्मतिथि आदि सहित अपनी लॉगिन जानकारी दर्ज करें। 0- सबमिट बटन पर क्लिक करें। 0- आपका सीजी पुलिस कांस्टेबल एडमिट कार्ड 2024 स्क्रीन पर दिखाई देगा। 0- भविष्य के संदर्भ के लिए डाउनलोड करें और प्रिंटआउट लें। recent visitors 99