कब से शुरू होगा धनतेरस, छोटी दिवाली, भैया दूज नोट करलें शुभ मुहूर्त

पांच दिन का त्योहार दिवाली पंचदिवसीय दीपावली पर्व भी कहा जाता है. इसकी शुरुआत धनतेरस से होती है. दूसरे दिन नरक चतुर्दशी, तीसरे दिन अमावस्या पर दीपों का पर्व दिवाली, चौथे दिन गोवर्धन पूजा और आखिरी दिन भाई दूज का त्योहार मनाया जाता है. इन पांच दिनों में गणपति जी, मां लक्ष्मी, भगवान धनवंतरि, यमराज, श्रीराम, श्रीकृष्ण, कुबेर देव और गाय की पूजा की जाती है. आइए जानते हैं इस साल 2024 में दिवाली के पांच दिन कब-कब मनाए जाएंगे. दिवाली 2024 कैलेंडर 29 अक्टूबर 2024 – धनतेरस कार्तिक कृष्ण त्रयोदशी तिथि शुरू 29 अक्टूबर 2024, सुबह 10.31 कार्तिक कृष्ण त्रयोदशी तिथि समाप्त  30 अक्टूबर 2024, दोपहर 01.15 पूजा मुहूर्त शाम 06.31 – रात 08.13 यम दीपम सायान्ह सन्ध्या शाम 05:38 – शाम 06:55 महत्व – धनतेरस पर मान्यता है कि भगवान धन्वंतरि अमृत कलश लेकर प्रकट हुए थे. इसलिए इस दिन बर्तन, सोना, चांदी, वाहन, संपत्ति, धातु और आभूषण आदि खरीदने की परंपरा है. धनतरेस पर एक दीपक मृत्यु के देवता यमराज के लिए घर के बाहर जलाया जाता है. दीपदान से यमदेव प्रसन्न होते है और परिवार के सदस्यों की अकाल मृत्यु से सुरक्षा करते है. 31 अक्टूबर 2024- नरक चतुर्दशी कार्तिक कृष्ण चतुर्दशी तिथि शुरू 30 अक्टूबर 2024, दोपहर 01.15 कार्तिक कृष्ण चतुर्दशी तिथि समाप्त  31 अक्टूबर 2024, दोपहर 03.52 अभ्यंग स्नान मुहूर्त सुबह 05.20 – सुबह 06.32 महत्व – नरक चतुर्दशी पर सूर्योदय से पहले उबटन और स्नान करने से समस्त पापों से मुक्ति मिलती है और पुण्य की प्राप्ति होती है. इस दिन भगवान श्रीकृष्ण ने नरकासुर का वध का 16 हजार कन्याओं को उसके चुंगल से मुक्ति कराया था. 1 नवंबर 2024 – दिवाली कार्तिक अमावस्या तिथि शुरू 31 अक्टूबर 2024, दोपहर 03.52 कार्तिक अमावस्या तिथि समाप्त 1 नवंबर 2024, शाम 06.16 लक्ष्मी पूजा मुहूर्त शाम 05.36 – शाम 06.16 महत्व – दिवाली पर भगवान राम, माता सीता और लक्ष्मण 14 वर्ष का वनवास समाप्त कर अयोध्या लौटे थे. भगवान राम के स्वागत के लिए अयोध्यावासियों ने पूरी अयोध्या को दीपों से प्रज्जवलित किया था. इस दिन मां लक्ष्मी का पूजन करने से घर में धन की कमी नहीं होती. 2 नवंबर 2024 – गोवर्धन पूजा कार्तिक शुक्ल प्रतिपदा तिथि शुरू 1 नवंबर 2024, शाम 06.16 कार्तिक शुक्ल प्रतिपदा तिथि समाप्त 2 नवंबर 2024, रात 08.21 गोवर्धन पूजा मुहूर्त सुबह 06.34 – सुबह 08.46 महत्व – त्रेतायुग में श्रीकृष्ण ने अपनी छोटी अंगुली पर गोवर्धन पर्वत उठाकर गांववासियों को गोवर्धन की छांव में सुरक्षित किया था. इसलिए सुख, समृद्धि की कामना से इस दिन गोबर से गोवर्धन बनाकर पूजा की जाती है. 3 नवंबर 2024 – भाई दूज कार्तिक शुक्ल द्वितीया तिथि शुरू 2 नवंबर 2024, रात 08.21 कार्तिक शुक्ल द्वितीया तिथि समाप्त 3 नवंबर 2024, रात 10.05 भाई दूज पूजा मुहूर्त दोपहर 01.10 – दोपहर 03.22 महत्व – भैय्या दूज पर जो बहनें अपने भाइयों को टीका कर भोजन कराती हैं उनके भाई को लंबी उम्र का वरदान मिलता है.जीवन खुशहाल रहता है. इसी दिन यमराज भी अपनी बहन यमुना से मिलने उनके घर गए थे. recent visitors 162

भोपाल में आज पहला राज्य-स्तरीय प्री-कॉन्फ्रेंस ऑफ पार्टीज (सीओपी) परामर्श होगा आयोजित

भोपाल “जलवायु परिवर्तन के लिये वैश्विक प्रयास-भारत की प्रतिबद्धता में राज्य का योगदान’’ विषय पर भोपाल में 28 अक्टूबर 2024 को पहला राज्य-स्तरीय प्री-कॉन्फ्रेंस ऑफ पार्टीज (सीओपी) परामर्श आयोजित हो रहा है। कुशाभाऊ ठाकरे इंटरनेशनल कन्वेंशन सेंटर भोपाल में प्रात: 10 बजे शुरू होने वाले इस कार्यक्रम में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव प्रमुख रूप से सहभागिता करेंगे। कार्यक्रम जलवायु परिवर्तन के क्षेत्र में कार्यरत प्रमुख लीडर्स को एक मंच पर लाने का प्रयास है। यह परामर्श अटल बिहारी वाजपेयी सुशासन एवं नीति विश्लेषण संस्थान (AIGGPA) के तत्वावधान में मध्यप्रदेश विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी परिषद (MPCOST), नर्मदा समग्र, पब्लिक एडवोकेसी इनिशिएटिव फॉर राइट्स एंड वैल्यूज़ इन इंडिया (PAIRVI), और कम्युनिटी इकोनॉमिक्स एंड डेवलपमेंट कंसल्टेंट्स सोसाइटी (CECEODECON) के सहयोग से आयोजित किया जा रहा है। कार्यक्रम का भोपाल में आयोजन क्लाइमेट चेंज के क्षेत्र में राज्य द्वारा लिया गया एक महत्वपूर्ण कदम है। यह परामर्श मध्यप्रदेश के आर्थिक विकास और पर्यावरण के प्रति जिम्मेदारी को एक साथ लाने के नवीन दृष्टिकोण को दर्शाता है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव के नेतृत्व में मध्यप्रदेश वसुधैव कुटुम्बकम के विचार को समाहित करता है- जिसमें 'सारा विश्व एक परिवार है। यह आयोजन प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के 'एक पृथ्वी, एक परिवार, एक भविष्य' के दृष्टिकोण के साथ मेल खाता है। इसका उद्देश्य साझा और समावेशी जलवायु समाधान को बढ़ावा देना है। कार्यक्रम में 200 से अधिक राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय क्लाइमेट लीडर्स, शासकीय अधिकारी, पर्यावरण विशेषज्ञ और प्रतिनिधि शामिल होंगे। इस विमर्श के केंद्र में मध्यप्रदेश राज्य द्वारा किए जा रहे प्रयास रहेंगे, जो कि भारत के नेशनली डिटरमिन्ड कंट्रीब्यूशन (NDCs) और सतत विकास लक्ष्यों (SDGs) को आगे बढ़ाने में महती भूमिका निभा रहे हैं। वर्ष 2025 का समय भारत की अपडेटेड NDC प्रस्तुत करने के लिए एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर है। देश के सबसे तेजी से बढ़ते राज्यों में से एक, मध्यप्रदेश ने अपने आर्थिक विकास को महत्वाकांक्षी जलवायु लक्ष्यों के साथ जोड़ा है। देश के सबसे बड़े वन क्षेत्र और अद्वितीय पारिस्थितिकी संपदा के साथ, मध्यप्रदेश क्लाइमेट चेंज के प्रति एक्शन लेने के लिए तथा नेतृत्व करने के लिये अग्रणी है। यह सरकार की क्लाइमेट एक्शन और सतत विकास के प्रति प्रतिबद्धता को दर्शाता है। प्री-सीओपी विमर्श का उद्देश्य राज्य के प्रयासों को भारत की वैश्विक जलवायु प्रतिबद्धताओं के साथ जोड़ना है। परामर्श के मुख्य विषय राष्ट्रीय और वैश्विक जलवायु लक्ष्यों में राज्य स्तरीय प्रयासों को रेखांकित करना। सतत विकास और जलवायु संरक्षण में मध्यप्रदेश के नवाचारों को प्रदर्शित करना। बहु-हितधारकों के सहयोग के माध्यम से NDC-SDG संबंध को मजबूत करना। स्थानीय और प्रभावी क्लाइमेट एक्शन रणनीति को COP 29 की रणनीति के साथ एकरूप बनाना। यह ऐतिहासिक कार्यक्रम मध्यप्रदेश को भारत के जलवायु प्रयासों के अग्रिम पंक्ति में खड़ा करेगा और देश के अन्य राज्यों के लिए प्रेरणा का कार्य करेगा।   recent visitors 122

उज्जैन को वैश्विक आध्यात्मिक नगर बनाने को योजना तैयार की, किए जायेंगे भूखंड आवंटित

उज्जैन उज्जैन विकास प्राधिकरण ने उज्जैन को वैश्विक आध्यात्मिक नगर (ग्लोबल स्पिरिचुअल सिटी) बनाने को योजना तैयार की है। ये योजना मोक्षदायिनी शिप्रा नदी से सटी 3062 हेक्टेयर सिंहस्थ भूमि के विकास की है, जिस पर सड़क, पानी, बिजली, सीवरेज का स्थायी काम कराकर आश्रम, स्कूल-कॉलेज और धर्मशाला बनाने के लिए भूखंड आवंटित किए जाएंगे। इससे साधु-संत और श्रद्धालुओं को होटलों के महंगे किराये से मुक्ति मिलेगी और पर्यटन के साथ रोजगार के अवसर बढ़ेंगे। यह बात अलग है कि इससे करीब तीन हजार हेक्टेयर खेती का रकबा कम हो जाएगा, लेकिन संबंधित किसान मालामाल होंगे। 2028 में सिंहस्थ नए स्वरूप में लगाने की तैयारी है। उल्लेखनीय है कि तीन दिन पहले ही मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने सिंहस्थ क्षेत्र में साधु-संतों के लिए आश्रम, स्कूल-कॉलेज और धर्मशाला बनवाने की घोषणा की थी। कहा था कि उज्जैन की पहचान साधु-संतों से है। इनके उज्जैन में ठहरने, कथा-भागवत करने को पर्याप्त रूप से भूमि की आवश्यकता पड़ती है। इसे ध्यान में रखते हुए उज्जैन विकास प्राधिकरण के माध्यम से भूखंड लेकर आश्रम बनाए जा सकेंगे। उज्जैन मास्टर प्लान- 2035 अंतर्गत इस योजना में यदि किसी को आश्रम के लिए पांच बीघा जमीन दी जाती है तो उसमें से चार बीघा जमीन उसे खुली रखनी होगी ताकि वहां कथा, यज्ञ जैसे कार्यक्रम आसानी से हो सकें। परिसर में वाहन भी पार्क किए जा सकें। भूखंडों का व्यावसायिक उपयोग नहीं किया जा सकेगा। घोषणा पत्र में भी है उल्लेख भाजपा द्वारा 2023 में संकल्प पत्र के रूप में जारी किए चुनावी घोषणा पत्र में उज्जैन को वैश्विक आध्यात्मिक नगर बनाने का उल्लेख है। सरकार का मानना है कि महाकालेश्वर मंदिर, शिप्रा तट और योगेश्वर भगवान श्रीकृष्ण का शिक्षा स्थल महर्षि सांदीपनि आश्रम होने से उज्जैन में पूरे वर्ष श्रद्धालुओं का मेला लगा रहता है। लैंड पूलिंग योजना के अंतर्गत भूमि का अधिग्रहण कर स्थायी सड़क, नाली, बिजली, पानी की व्यवस्था कराकर भूखंड आवंटित करने की योजना बनाई गई है। भूखंड कितने बड़े होंगे, क्या कोई संस्था या साधु-संत एक से अधिक भूखंड ले सकेगा, इस बारे में नीति अभी तैयार होना शेष है। यह भी जानिए वर्ष 2016 और उसके पहले के सिंहस्थ आयोजनों में साधु-संत एवं श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए मेला क्षेत्र में सड़क, पानी, सीवरेज, बिजली की व्यवस्था अस्थायी की जाती रही है। इन व्यवस्थाओं पर उतनी ही राशि खर्च हुई, जितने में स्थायी कार्य होते। पिछली बार सरकार ने 4500 करोड़ खर्च किए थे। recent visitors 67

जनरल टिकट हो जाये साबधान, अब नहीं चढ़ पाएंगे रिजर्वेशन वाले कोच में, रेलवे का सख्त कदम

नई दिल्ली आगामी दिवाली और छठ पर्व पर होने वाली भीड़ को नियंत्रित करने के लिए रेलवे ने नई दिल्ली रेलवे स्टेशन पर कुछ नई व्यवस्थाएँ लागू की हैं। इस बार बिना रिजर्वेशन वाले यात्रियों को रिजर्व कोच में चढ़ने की अनुमति नहीं होगी और स्टेशन में प्रवेश के लिए भी विशेष प्रावधान किए गए हैं। बिना टिकट वालों की एंट्री पर सख्ती बिना टिकट यात्रियों के लिए प्लेटफॉर्म पर अलग एंट्री की व्यवस्था की गई है। ये यात्री गेट नंबर 12 से प्रवेश करेंगे और उन्हें ग्रीन पाथ के माध्यम से प्लेटफॉर्म नंबर 16 पर पहुंचाया जाएगा। यहाँ पर पानी, पंखे और लाइट की भी व्यवस्था की गई है। पुलिस बल द्वारा रस्सियों के सहारे रास्ता बनाकर उन्हें उनके जनरल कोच तक पहुँचाया जाएगा, ताकि भगदड़ जैसी स्थिति से बचा जा सके। रिजर्वेशन वाले यात्रियों के लिए विशेष एंट्री गेट जिन यात्रियों का रिजर्वेशन है, उनके लिए गेट नंबर 7 और 10 से एंट्री की व्यवस्था है। इसके अलावा, अगर ये यात्री अपनी ट्रेन के समय से पहले स्टेशन पहुँच जाते हैं, तो उनके लिए अलग होल्डिंग एरिया भी बनाया गया है ताकि वे आराम से प्रतीक्षा कर सकें। क्लोन ट्रेनों की व्यवस्था अगर बिना रिजर्वेशन यात्रियों की संख्या बहुत अधिक होती है, तो चार प्रमुख ट्रेनों – बिहार संपर्क क्रांति (12566), संपूर्ण क्रांति (12394), वैशाली एक्सप्रेस (12554), और पुरुषोत्तम एक्सप्रेस (12802) के अलावा पूरी तरह अनरिजर्व्ड क्लोन ट्रेनें चलाई जाएंगी। इससे यात्रियों को सीट पाने में सुविधा होगी और भीड़भाड़ भी नियंत्रित रहेगी।   रेलवे का यह कदम त्योहारों के मौसम में सुरक्षा और सुविधाजनक यात्रा सुनिश्चित करने के लिए उठाया गया है। नई व्यवस्था का पालन यात्रियों के लिए अनिवार्य होगा, जिससे सभी यात्रियों को एक सुरक्षित और सुगम यात्रा अनुभव मिल सके।   recent visitors 112

छह देशों के कलाकार प्रस्तुत करेंगे रामलीला, रामनगरी में दीपोत्सव पर 15 राज्यों के कलाकार देंगे भव्य प्रस्तुति

लखनऊ सीएम योगी आदित्यनाथ के मार्गदर्शन में 28 से 30 अक्टूबर तक रामनगरी में दीपोत्सव का आयोजन होगा। आठवें दीपोत्सव पर 25 लाख दीप प्रज्ज्वलित होंगे। दीपोत्सव का शुभारंभ साकेत से चार किमी. तक शोभायात्रा में कलाकारों के विभिन्न दलों द्वारा रामायण के विविध प्रसंगों पर आधारित आयोजन व मंचन किया जाएगा। इस बार दीपोत्सव में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के साथ ही केंद्रीय पर्यटन व संस्कृति मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत भी रहेंगे। योगी सरकार के पर्यटन व संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह ने बताया कि मुख्यमंत्री व अतिथियों की मौजूदगी में इस बार लक्ष्मण किला घाट से नया घाट तक 1100 वेदाचार्यों के साथ सरयू आरती कर गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड बनाया जाएगा। वहीं लाखों दीपों के मध्य अवरिल सरयू धारा, राम की पैड़ी पर पानी के बीचोबीच भव्य स्टेज पर कलाकारों द्वारा सांस्कृतिक कार्यक्रम व लेजर शो होगा। छह देशों के कलाकार करेंगे रामलीला का मंचन योगी सरकार एक ओर दीपोत्सव के आयोजन के साथ विभिन्न देशों की संस्कृति से भी लोगों को परिचित कराती है तो दूसरी तरफ यहां की संस्कृति का भी प्रचार-प्रसार करती है। इसी क्रम में आठवें दीपोत्सव में छह देशों के कलाकार रामलीलाओं का मंचन करेंगे। इसमें थाईलैंड, कंबोडिया, इंडोनेशिया, म्यांमार, मलेशिया व नेपाल के कलाकार हिस्सा लेंगे। इसमें आईसीसीआर का सहयोग लिया जाएगा। रामनगरी में देश के 16 राज्यों के कलाकार अपनी संस्कृति से कराएंगे अवगत दीपोत्सव के दौरान रामनगरी अयोध्या में मेजबान उत्तर प्रदेश सहित 16 राज्यों के कलाकार भी हिस्सा लेंगे। इसमें कश्मीर, उत्तराखंड, हरियाणा, मध्य प्रदेश, पंजाब, महाराष्ट्र, असम, गुजरात, हिमाचल प्रदेश, झारखंड, राजस्थान, बिहार, चंडीगढ़, सिक्किम, छत्तीसगढ़ के कलाकार भी सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत करेंगे। वहीं दीपोत्सव-2024 में गुप्तार घाट, बड़ी देवकाली, तुलसी उद्यान, हनुमानगढ़ी, रामपथ, रामकथा पार्क, सरयू तट, राम की पैड़ी आदि स्थानों पर देश-विदेश के कलाकारों द्वारा सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किया जाएगा। साथ ही भव्य ड्रोन शो, म्यूजिकल लेजर शो आदि भी होंगे।   recent visitors 127

इंदौर में अभी हल्की गुलाबी ठंड का अहसास, दीपावली पर गरज-चमक के साथ बूंदाबांदी होने की संभावना

इंदौर अभी इंदौर शहर में सुबह व शाम के समय हल्की गुलाबी ठंड का अहसास शहरवासियों को हो रहा है। मौसम विज्ञानियों के मुताबिक, इस बार इंदौर में दीपावली पर गरज-चमक के साथ बूंदाबांदी होने की संभावना है। बादल भी छाने से तापमान में हल्की गिरावट दिखाई देगी। दाना तूफान अब आंध्रप्रदेश व ओड़िशा के क्षेत्र में चक्रवाती हवा के घेरे में तब्दील हो गया है। इसके प्रभाव से आगामी सप्ताह में पूर्वी मध्य प्रदेश में बारिश होगी। वहीं इंदौर सहित पश्चिमी मप्र के कई इलाकों में हल्की बारिश होने की संभावना है।   बादलों के कारण रात का तापमान बढ़ा हुआ रहेगा। वहीं सुबह व शाम के समय शहर में धुंध व कोहरा भी दिखाई देगा। इंदौर में अगले तीन-चार दिन शुष्क रहेंगे। उसके बाद बारिश होने की संभावना है। अभी हवा का रुख उत्तर पश्चिमी है। आगामी दिनों में उत्तरी-पूर्वी हवा चलने पर ठंड का असर शहर में बढ़ेगा। मुंह और नाक पर मास्क लगाएं गौरतलब है कि अभी दोपहर में धूप रहने के कारण शहरवासियों को गर्मी का अहसास भी हो रहा है। धूप के कारण वातावरण में धूल के कण भी उड़ रहे हैं। ऐसे में घर से बाहर निकलने वाले लोगों को मुंह व नाक पर कपड़ा या मास्क रखने की जरूरत है। वाहन चलाते समय भी चालक हेलमेट पहनें ताकि वे श्वसन रोग, सर्दी-खांसी जैसी बीमारियों से बच सकें। शनिवार को शहर में सुबह हल्की धुंध रही और दोपहर में धूप ने गर्मी का अहसास करवाया। मौसम विज्ञानियों के मुताबिक रविवार को मौसम शुष्क रहेगा और उत्तरी हवाओं के कारण सुबह व शाम के समय हल्की ठंडक का अहसास होगा। recent visitors 70

अवैध कब्जे वाली 6930 हेक्टेयर से अधिक गोचर भूमि में से 4740 हेक्टेयर से अधिक भूमि को कब्जा मुक्त कराया

लखनऊ योगी सरकार प्रदेश में पशुओं के लिए उपलब्ध गोचर भूमि को कब्जा मुक्त कराने के लिए बड़ा अभियान चला रही है। इस अभियान के तहत अब तक अवैध कब्जे वाली 6930 हेक्टेयर से अधिक गोचर भूमि में से 4740 हेक्टेयर से अधिक भूमि को कब्जा मुक्त करा लिया गया है, जबकि शेष कब्जे वाली भूमि को खाली कराने के लिए प्रक्रिया जारी है। उल्लेखनीय है कि राजस्व परिषद के 15 अक्टूबर 2024 तक के आंकड़ों के अनुसार प्रदेश में कुल 61304.504 हेक्टेयर गोचर भूमि उपलब्ध है। वहीं, 6930.619 हेक्टेयर गोचर भूमि को अवैध कब्जे के रूप में चिह्नित किया गया है। कुल मिलाकर 4740.598 हेक्टेयर गोचर भूमि को अवैध कब्जे से रिक्त कराया जा चुका है। देवरिया में कुल 256.296 हेक्टेयर भूमि चारागाह के लिए उपलब्ध है, जिसमें 16.458 हेक्टेयर भूमि को अवैध कब्जे के रूप में चिह्नित किया गया है। इसमें 5.431 हेक्टेयर भूमि को कब्जा मुक्त करा लिया गया है, जबकि अभी 11.027 हेक्टेयर भूमि को कब्जा मुक्त कराने की प्रक्रिया जारी है। इसी तरह, जौनपुर में कुल 1361.983 हेक्टेयर गोचर भूमि में से कब्जे वाली 70.945 हेक्टेयर भूमि पर 21.181 हेक्टेयर भूमि को कब्जा मुक्ता कराया गया है। 49.764 हेक्टेयर भूमि को कब्जा मुक्त कराने के लिए अभियान चलाया जाएगा। शामली की बात करें तो कुल 293.577 हेक्टेयर भूमि में 105.752 हेक्टेयर पर अवैध कब्जे में से 27.056 हेक्टेयर को मुक्त करा लिया गया है, जबकि 78.696 हेक्टेयर भूमि के लिए अभियान चल रहा है।  इसी तरह, बिजनौर, मऊ, संभल और गाजियाबाद में भी उपलब्ध कुल गोचर भूमि में से चिह्नित कब्जे वाली भूमि को कब्जा मुक्त कराने की कार्यवाही जारी है। पशुपालन विभाग द्वारा गोचर भूमि पर हरा चारा उत्पादन की बात करें तो प्रदेश में कुल 6708 ग्रामीण गो आश्रय उपलब्ध हैं। इनमें टैग्ड गोचर भूमि 3060 है जो कुल गो आश्रय स्थलों का 45.62 प्रतिशत है। गो आश्रय स्थलों से टैग्ड गोचर भूमि का क्षेत्रफल 9334.17 हेक्टयर, जिसमें बोया गया हरा चारा का क्षेत्रफल 3107.11 हेक्टेयर है जो कुल टैग्ड गोचर भूमि के  क्षेत्रफल का 33.29 प्रतिशत है।   recent visitors 61