श्री शिव सकल परिवार में शामिल शेर, मोर, सर्प, मूसक सभी एक दूसरे के दुश्मन होने के बाद भी साथ रहते हैं: मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव

भोपाल कुशाभाऊ ठाकरे सभागार में आयोजित पर्यावरण संरक्षण के कार्यक्रम के बाद मुख्यमंत्री ने मिट्टी के खिलौने और कलाकृति बनाने वाले कारीगरों से मिले। इस दौरान CM ने कारीगर के साथ दिये बनाएं। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि, हम प्रगति और प्रकृति दोनों चाहते हैं। मध्यप्रदेश में दिन में मनुष्य घूमते हैं और रात में टाइगर रातापानी में घूम रहे हैं। प्रकृति, परमात्मा और मानवता प्रेमी होने की हमारी सोच इसमें बदलाव लाती है। सोमवार को 'जलवायु परिवर्तन के लिए वैश्विक प्रयास-भारत की प्रतिबद्धता में राज्य का योगदान’ विषय पर भोपाल के कुशाभाऊ ठाकरे कन्वेंशन सेंटर में चल रहे पहले राज्य-स्तरीय प्री-कॉन्फ्रेंस ऑफ पार्टीज (सीओपी) परामर्श कार्यक्रम में मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि, इससे ज्यादा पर्यावरण संतुलन का उदाहरण और क्या हो सकता है कि श्री शिव सकल परिवार में शामिल शेर, मोर, सर्प, मूसक सभी एक दूसरे के दुश्मन होने के बाद भी साथ रहते हैं। उन्होंने कहा कि सबका संतुलन बनाए रखने महादेव गंगा स्नान कर रहे हैं। 'खान-पान, जीवन शैली भी डाल रही असर' डॉ. मोहन यादव ने कहा कि, हमारा जीवन बगैर सौर ऊर्जा के संभव नहीं है। पर्यावरण से छेड़छाड़ किसने की और उसे बचाने के लिए कौन सामने आ रहा है? जीवन शैली का असर इसमें पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि, एमपी में सौर ऊर्जा उत्पादन पीएम नरेंद्र मोदी द्वारा तय किए गए उत्पादन टारगेट के आधार पर तय किया जाएगा। रूस और यूक्रेन का युद्ध, इजरायल युद्ध का जिक्र कर यादव ने कहा कि, आशा की किरण पीएम नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में दिखाई दे रहा है। सामर्थ्यशाली भी बनना है, पर्यावरण प्रेमी भी बनना है और वसुधा प्रेमी भी बनना है। आरती के समय हाथ को गोल घुमाना सौर आराधना ही है। हमारी जीवनशैली, खान-पान किस प्रकार का है, इस पर भी पर्यावरण निर्भर करता है। 'धूल चेहरे पर लगी लगी और ये आईना साफ करा रहे…' एक शायरी का जिक्र कर सीएम मोहन ने कहा- धूल चेहरे पर लगी थी और ये आईना साफ करा रहे… इसलिए इस ओर भी ध्यान देना होगा। उन्होंने कहा कि प्रदेश में नर्मदा नदी और नर्मदा तटों का संरक्षण, खनन रोकने का प्रयास करेंगे। एमपी नदियों का मायका है और यहां की सोन नदी के बिना गंगा नदी पूरी नहीं होती हैं। चंबल, शिप्रा समेत सभी नदियां इसके लिए काम कर रही हैं। सीएम ने कहा कि, यत पिंडे तत् ब्रह्रांडे यानी जैसा हमारा पिंड है वही ब्रह्रांड है। पर्यावरण और राजनीतिक पर्यावरण का ध्यान रखना मेरी मजबूरी है, क्योंकि अभी झारखंड में नामिनेशन के लिए जाना है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री कहते हैं कि एक देश एक चुनाव होना चाहिए। इनके सहयोग से हो रहा प्रोग्राम यह परामर्श अटल बिहारी वाजपेयी सुशासन एवं नीति विश्लेषण संस्थान (AIGGPA), मध्यप्रदेश विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी परिषद, नर्मदा समग्र, पब्लिक एडवोकेसी इनिशिएटिव फॉर राइट्स एंड वैल्यूज़ इन इंडिया (PAIRVI), और कम्युनिटी इकोनॉमिक्स एंड डेवलपमेंट कंसल्टेंट्स सोसाइटी (CECEODECON) के सहयोग से आयोजित किया जा रहा है। 200 से ज्यादा क्लाइमेट लीडर्स बता रहे पर्यावरण बदलाव कार्यक्रम में 200 से अधिक राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय क्लाइमेट लीडर्स, शासकीय अधिकारी, पर्यावरण विशेषज्ञ और प्रतिनिधि शामिल हो रहे हैं। वर्ष 2025 का समय भारत की अपडेटेड NDC प्रस्तुत करने के लिए एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर है। यह सरकार की क्लाइमेट एक्शन और सतत विकास के प्रति प्रतिबद्धता को दर्शाता है। प्री-सीओपी विमर्श का उद्देश्य राज्य के प्रयासों को भारत की वैश्विक जलवायु प्रतिबद्धताओं के साथ जोड़ना है। recent visitors 191

अखनूर में सेना का बड़ा एक्शन काफिले पर हमला करने वाले तीन आतंकी को किया ढेर

 अखनूर जम्मू के अखनूर इलाके में सुरक्षाबलों ने तीन आतंकियों को मार गिराया है. सोमवार को सेना के काफिले पर घात लगाकर किए गए हमले के बाद सुरक्षाबलों ने इलाके में ऑपरेशन शुरू किया था जिसमें तीन आतंकवादियों को मार दिया गया है. मारे गए आतंकियों के पास से हथियार और गोला-बारूद मिले हैं. सेना का ऑपरेशन अभी जारी है. जम्मू-कश्मीर के अखनूर में आतंकियों ने सेना के वाहन को निशाना बनाया और कई राउंड फायरिंग की। सुरक्षा बल फिलहाल बड़े पैमाने पर तलाशी अभियान चला रहे हैं। वहीं दूसरी तरफ हमले के दौरान 3 आतंकी मारा गया है। आधिकारिक तौर पर पुष्टि होनी बाकी है। जानकारी के अनुसार, जम्मू-कश्मीर के अखनूर में आतंकियों ने सेना के काफिले पर हमला किया है। फायरिंग करने वाले दहशतगर्दों की संख्या तीन से चार बताई जा रही है। सूत्रों के अनुसार, आतंकी एक स्थानीय मंदिर के आसपास छिपे हो सकते हैं। हमले के बाद बड़ा तलाशी अभियान चलाया जा रहा है। मिली जानकारी के मुताबिक, आतंकी पहले मंदिर में घुस गए थे और एक मूर्ति को खंडित कर दिया। लेकिन वहां मौजूद लोगों को नुकसान नहीं पहुंचाया। वहां से भागते वक्त आतंकियों ने सेना की एंबुलेंस पर फायरिंग कर दी। जम्मू-कश्मीर पुलिस, भारतीय सेना और स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप (एसओजी) की टीम मिलकर तलाशी अभियान चला रही है। फिलहाल इलाके को घेर लिया गया है। जानकारी मिली है कि सोमवार सुबह करीब सात बजे यह हमला हुआ। अखनूर के बटाल गांव के शिव मंदिर के पास घात लगाकर बैठे तीन से चार आतंकियों ने सेना के काफिले पर गोलीबारी की। जम्मू एसएसपी ने कहा कि माना जा रहा है कि तीन आतंकवादी जम्मू जिले के अखनूर के अस्सान मंदिर के पास देखे गए। उन्होंने सेना की एम्बुलेंस पर कुछ राउंड फायरिंग की। इलाके की घेराबंदी कर दी गई है और पुलिस और सुरक्षा बलों ने संयुक्त तलाशी अभियान शुरू कर दिया है।     recent visitors 74

Ayodhya Deepotsav: रामलला की पहली दिवाली को 25 लाख दीयों से रोशन करेंगे 30 हजार स्वयंसेवक

अयोध्या अयोध्या नगरी को दीपों से रोशन करने और श्रीरामजन्मभूमि पर बने नव्य और भव्य मंदिर में पहली दीपावली को अविस्मरणीय बनाने की तैयारियां जोरों पर हैं। इस वर्ष सरयू तट पर जहां 25 से 28 लाख दीपक प्रज्वलित कर विश्व रिकॉर्ड बनाने की योजना है,वहीं श्रीराम मंदिर में विशेष प्रकार के दीपक जलाए जाएंगे। मंदिर भवन को दाग-धब्बों और कालिख से सुरक्षित रखने के लिए विशिष्ट दीपकों की व्यवस्था की है, जो लंबे समय तक प्रकाशमान रहेंगे। श्रीरामजन्मभूमि मंदिर को आकर्षक फूलों से सजाने की भी विशेष योजना है। मंदिर परिसर को कई खंडों और उपखंडों में विभाजित कर सजावट का दायित्व सौंपा गया है। मंदिर के प्रत्येक कोने को व्यवस्थित रूप से रोशन करने, सभी प्रवेश द्वारों को तोरण से सजाने, साफ-सफाई और सजावट की जिम्मेदारी सौंपी गई है। इससे श्रद्धालु मनोहारी फूलों और दीपों से सजे मंदिर का दिव्य दर्शन कर सकेंगे। पर्यावरण संरक्षण का भी रखा गया ध्यान इस दीपोत्सव में पर्यावरण संरक्षण का भी विशेष ध्यान रखा गया है। मंदिर भवन के ढांचे को धुएं की कालिख से बचाने के लिए परिसर में विशेष मोम के दीपक जलाए जाएंगे, जिनसे कार्बन उत्सर्जन न्यूनतम होगा। मंदिर ट्रस्ट का प्रयास है कि इस दीपावली में अयोध्या न केवल धर्म और आस्था का केंद्र बने, बल्कि स्वच्छता और पर्यावरण संरक्षण का भी संदेश दे। दीपोत्सव की भव्यता को श्रद्धालुओं के लिए अविस्मरणीय बनाने के लिए श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ने मंदिर को 29 अक्टूबर से 1 नवम्बर तक रात 12 बजे तक बाहर से भवन दर्शन के लिए खुला रखने का निर्णय लिया है। गेट संख्या चार बी (लगेज स्कैनर प्वाइंट) से श्रद्धालु आधी रात तक मंदिर की भव्य सजावट का आनंद ले सकेंगे। स्वयं सहायता समूह से खरीदे मोम का दीये स्वयं सहायता महिला समूह की समन्वयक सरिता वर्मा ने बताया कि तीर्थ क्षेत्र ने पांच हजार मोम के दीयों का आर्डर दिया था। बताया गया कि यह मोम के धीरे से कार्बन उत्सर्जन नहीं होगा और न ही धुआं उठेगा। बताया गया कि मिट्टी के धीरे में मधुमक्खी के मोम को पिघला कर फैला दिया गया है और इसमें बाती भी लगी है। इस धीरे को बिना घी-तेल के सीधे जलाया जाएगा। इससे फर्श पर दाग-धब्बे भी नहीं पड़ेंगे और यह करीब आधे घंटे तक जलता रहेगा। राम मंदिर के लिए ही पर्यटन विभाग ने भी एक लाख मिट्टी के दीए का भी आर्डर दिया गया था। इन्हें भी राम मंदिर परिसर में पहुंचा दिया है। इन दीयों का निर्माण पूरा बाजार, मसौधा व मिल्कीपुर ब्लाक की महिलाओं ने किया है। recent visitors 53

MP के सरकारी कर्मचारियों को दिवाली का तोहफा, महंगाई भत्ते में 4 प्रतिशत की हुई बढ़ोतरी

भोपाल मध्य प्रदेश की मोहन यादव ( Mohan Yadav ) सरकार ने इस दिवाली सरकारी अधिकारियों और कर्मचारियों को एक बड़ा तोहफा दिया है। सरकार ने महंगाई भत्ता 4% बढ़ाया (Dearness Allowance – DA ) है। इससे अब सरकारी कर्मचारियों को 46 प्रतिशत की जगह 50 प्रतिशत महंगाई भत्ता मिलेगा। यह नई दरें जनवरी 2024 से लागू होंगी, और इस वृद्धि के चलते कर्मचारियों को जनवरी से सितंबर तक का एरियर भी प्राप्त होगा। सीएम मोहन यादव ने कर्मचारियों को दिवाली की शुभकामनाएं देते हुए कहा, “राज्य सरकार ने महंगाई भत्ता बढ़ाने का फैसला किया है। 46 फीसदी महंगाई भत्ते को मंजूरी दे दी गई है, जिसे 1 जुलाई 2023 से प्रभावी किया गया है। एरियर किश्तों में दिया जाएगा। अब 1 जनवरी 2024 से 50 प्रतिशत की दर से महंगाई भत्ता दिया जाएगा।     मध्य प्रदेश सरकार ने 4% महंगाई भत्ता बढ़ा दिया है, जिसके बाद डीए 46% से बढ़कर 50% हो गया है। नई दरें जनवरी 2024 से लागू होंगी, ऐसे में जनवरी से सितंबर तक का एरियर भी मिलेगा। केंद्र से अब भी 3% पीछे हालांकि, राज्य कर्मचारी केंद्र सरकार से 3 प्रतिशत पीछे हैं। लंबे समय से तृतीय वर्ग कर्मचारी संघ ( Third Class Employees Union) दिवाली से पहले महंगाई भत्ता और बकाया भुगतान की मांग कर रहा था। संघ का कहना है कि राज्य के 12 लाख कर्मचारी डीए/डीआर (Dearness Relief) में केंद्र की तुलना में पीछे हैं, जिसके चलते कर्मचारियों में नाराजगी बढ़ रही है। राज्य में 7.50 लाख कार्यरत एवं 4.50 लाख पेंशनरों को जनवरी 2024 से DA/DR न मिलने से कर्मचारियों को हर महीने लगभग ₹620 से ₹5640 तक का नुकसान हो रहा है। कांग्रेस विधायक की मांग हाल ही में कांग्रेस विधायक और उप नेता प्रतिपक्ष हेमंत कटारे ( Hemant Katara ) ने भी महंगाई भत्ते की मांग की थी। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स (X) पर मोहन सरकार से कर्मचारियों के डीए बढ़ाने की मांग की। कटारे ने कहा, “वेतन सभी कर्मचारियों का अधिकार है, दिवाली तभी रौशन होगी जब उन्हें 7% डीए प्राप्त होगा। छत्तीसगढ़ सरकार ने भी DA जारी कर दिया है, फिर MP सरकार को 7% DA जारी करने में क्या परेशानी हो रही है? यह मेरी नहीं बल्कि कर्मचारियों की मांग है।     इस कदम के लिए आपको साधुवाद मुख्यमंत्री जी लेकिन वेतन कर्मचारियों का अधिकार है और कर्मचारियों की असली दीपावली तभी रौशन होगी जब आप उन्हें 7% महंगाई भत्ता देंगे।  उमाशंकर तिवारी ने कहा तृतीय वर्ग कर्मचारी संघ के महामंत्री उमाशंकर तिवारी ने कहा कि हमारी मांग जनवरी 2024 से 4% एवं जुलाई 2024 से 3% कल 7% महंगाई भत्ता/  महंगाई राहत देने की है। मुख्यमंत्री जी ने केवल जनवरी 2024 से महंगाई भत्ता देने की घोषणा की है उसका स्वागत करते हैं लेकिन जुलाई 2024 से 3% भी लागू किया जाए जिस प्रकार से केंद्र सरकार एवं अन्य राज्यों ने किया है। 1 नवंबर, मध्यप्रदेश के गठन की पहली तारीख, जो 1956 में एक नए प्रदेश का आकार साकार लेकर आई…इसके मध्य में हम सब अपनी-अपनी दिनचर्या चलाते हुए देश की सेवा, मध्यप्रदेश की सेवा, समान रूप से आगे बढ़ती जाए…इस भाव के आधार पर हम काम करते रहते हैं। सभी अधिकारियों-कर्मचारियों को मैं इस नाते से भी बधाई देना चाहूंगा। आप सब अपने लगन, मेहनत, सकारात्मक सोच के कारण से पूरे देश के अधिकारियों -कर्मचारियों में एक विशेष पहचान रखते हैं। इस नाते से सरकार का भी उत्तरदायित्व है की आपके हितों का भी ध्यान रखें। मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने बताया कि राज्य शासन द्वारा 46% महंगाई भत्ता वित्त विभाग के प्रतिपत्र द्वारा 14/03/2024 द्वारा स्वीकृत किया गया है। इसके आधार पर स्वीकृति महंगाई भत्ते की दर एक जुलाई 2023 से प्रभावशील की गई थी। एरियर राशि का भुगतान किस्तों में किया गया। अब सभी शासकीय सेवकों को 1 जनवरी 2024 से महंगाई भत्ता 50% की दर से दिया जाएगा। अभी अक्टूबर चल रहा है लेकिन हम इसे 01 जनवरी से देंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने अपील करते हुए कहा कि हम सभी दीपावली के अवसर पर अपना ध्यान रखें और अपने आसपास के लोगों का भी ध्यान रखें, गरीब से गरीब आदमी के आंखों में भी आनंद आए… आप सभी से यही कामना करते हुए, पुनः दीपावली की बधाई, मंगलकामनाएं। आज आएगी खाते में सैलरी दिवाली के मौके पर मध्य प्रदेश की मोहन सरकार ने सूबे के सरकारी कर्मचारियों को अक्टूबर के महीने का वेतन 28 अक्टूबर (सोमवार) को उनके खाते में पहुंचाने का फैसला लिया है। इसके लिए विभागों द्वारा सैलरी बिल राजकोष में जमा करा दिए गए हैं। संविदा और आउटसोर्स कर्मचारियों को भी नियमित कर्मचारियों की तरह अग्रिम वेतन आज ही दे दिया जाएगा। बता दें कि राज्य में 7 लाख से ज्यादा नियमित अधिकारी-कर्मचारी हैं। सभी को हर महीने की पहली तारीख को सेलरी दी जाती है। लेकिन, इस बार 31 अक्टूबर को दिवाली पड़ रही है, जिसे देखते हुए सूबे के मुखिया डॉ. मोहन यादव ने 28 अक्टूबर को ही वेतन देने का फैसला लिया है। recent visitors 69

सब इंस्पेक्टरभर्ती परीक्षा का फाइनल रिजल्ट जारी, 959 उम्मीदवारों का हुआ चयन

रायपुर छत्तीसगढ़ पुलिस सब इंस्पेक्टर (SI) भर्ती परीक्षा का रिजल्ट जारी कर दिया गया है। लंबे इंतजार के बाद ये रिजल्ट जारी हुआ है। यह भर्ती प्रक्रिया 2018 में शुरू हुई थी। पिछले साल अगस्त-सितंबर में इंटरव्यू हुआ था। तब से अभ्यर्थी रिजल्ट का इंतजार कर रहे थे। अब भर्ती बोर्ड द्वारा फाइनल नतीजे घोषित किए गए हैं। जिन छात्रों ने ये परीक्षा दी थी, वह cgpolice.gov.in पर अपना रिजल्ट देख सकते हैं। सरकार ने दिया दिवाली का तोहफा बता दें कि 6 साल बाद सब इंस्पेक्टर भर्ती परीक्षा के नतीजे जारी किए गए हैं। पिछले 6 सालों से अभ्यर्थियों को रिजल्ट का इंतजार था। कुछ 975 पदों के लिए 1436 अभ्यर्थियों का इंटरव्यू हुआ था। रिजल्ट के बाद 959 अभ्यर्थियों का चयन SI के पद के लिए हुआ है। पिछले 1 साल से अभ्यर्थी लगातार सब इंस्पेक्टर भर्ती परीक्षा के रिजल्ट को जारी करने की कर रहे थे मांग। कोर्ट ने भी राज्य सरकार को जल्द नतीजे जारी करने का आदेश दिया था। अभ्यर्थियों ने गृहमंत्री से भी मुलाकात की थी। छत्तीसगढ़ पुलिस में SI समेत 341 पदों पर निकली भर्ती छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग (CGPSC) ने पुलिस विभाग के 341 पदों पर भर्ती निकाली है, जिनमें सूबेदार, उप निरीक्षक, उप निरीक्षक (विशेष शाखा), और प्लाटून कमांडर के पद शामिल हैं। इच्छुक अभ्यर्थी 21 नवंबर तक सीजीपीएससी की आधिकारिक वेबसाइट www.cgpsc.gov.in पर जाकर ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। इस भर्ती के लिए आवेदन प्रक्रिया 23 अक्टूबर से शुरू हो गई है।   2018 में हुई थी परीक्षा उल्लेखनीय है कि, वर्ष 2018 में SI भर्ती परीक्षा शुरू हुई थी। लेकिन 6 साल बाद भी कोई भी परिणाम जारी नहीं किया गया था। फाइनल रिजल्ट जारी करने की मांग को लेकर युवाओं ने कई आंदोलन, धरना प्रदर्शन किए। इसी के साथ ही हाईकोर्ट में याचिका दायर की। इसी के तहत आज सरकार ने इसका फाइनल रिजल्‍ट जारी किया। बता दें कि 2018 की भर्ती प्रक्रिया का पिछले साल अगस्त-सितंबर में इंटरव्यू हुआ, तभी से कैंडिडेट्स फाइनल रिजल्‍ट का इंतजार कर रहे थे। वर्ष 2021 में बढ़ गई थी पदों की संख्या 6 साल पहले एसआई भर्ती हुई थी। तब करीब साढ़े 600 पद थे। बाद में 2021 में संशोधित विज्ञापन आया। तब पदों की संख्या बढ़कर 975 हो गई। शारीरिक मापतौल, लिखित परीक्षा के बाद पिछले साल साक्षात्कार हुआ। इसमें 1378 शामिल हुए। जिसके बाद यह मामला कोर्ट पहुंचा। कोर्ट के निर्देश पर 370 अतिरिक्त पुरुष अभ्यर्थियों को शारीरिक दक्षता परीक्षा के लिए बुलाया गया। यह परीक्षा 9 जुलाई 2024 को हुई। इस आधार पर जुलाई में ही 58 अभ्यर्थियों का साक्षात्कार हुआ। इस तरह 975 पदों के लिए 1436 दावेदार हैं। CG SI Bharti 2018 Result: SI अभ्यर्थियों ने करवाया था सामूहिक मुंडन छत्तीसगढ़ में सब इंस्पेक्टर 2018 भर्ती के रिजल्ट को लेकर 17 अक्टूबर गुरुवार को अभ्यर्थियों ने अपना सामूहिक मुंडन करवाया। अभ्यर्थी राजधानी रायपुर स्थित तेलीबांधा तालाब पहुंचे और मुंडन करवाया। मुंडन के बाद सभी अभ्यर्थी गृहमंत्री विजय शर्मा से मुलाकात किए। अभ्यर्थियों का कहना थाकि, तारीख नहीं मिलने पर युवतियां भी अपना मुंडन करवाएंगी। इस दौरान अभ्यर्थियों ने सरकार से जल्द परिणाम जारी करने की मांग भी की थी। गृहमंत्री के बंगले का किया था घेराव परीक्षा परिणाम जारी नहीं होने से नाराज छत्तीसगढ़ SI भर्ती के अभ्यर्थियों ने डिप्टी सीएम और गृहमंत्री विजय शर्मा के बंगले तक पहुंच गए थे। डिप्टी सीएम से मुलाकात करने पर अड़ गए थे। डिप्टी सीएम से मुलाकात‌ नहीं होने पर वहीं रात गुजारी थीं। recent visitors 55

पीएम मोदी… ‘यह फैक्ट्री भारत-स्पेन संबंधों को मजबूती देने के साथ ही…

वडोदरा वडोदरा पहुंचे स्पेन के प्रधानमंत्री ने पीएम मोदी के साथ टाटा एयरक्राफ्ट कॉम्लेक्स का उद्घाटन किया. इसके बाद उन्होंने पीएम मोदी की तारीफ करते हुए कहा कि यह आपके विज़न की एक और जीत है. वहीं उन्होंने कहा कि आपका विज़न भारत को एक औद्योगिक शक्ति और निवेश और व्यापार के लिए एक आकर्षण बनाना है। वहीं पीएम मोदी ने कहा कि यह फैक्ट्री भारत-स्पेन संबंधों को मजबूती देने के साथ ही मेक इन इंडिया, मेक फॉर द वर्ल्ड, इस मिशन को भी सशक्त करने वाली है…” प्रधानमंत्री मोदी के विज़न की एक और जीत : पेड्रो सांचेज़ वडोदरा में स्पेन के प्रधानमंत्री पेड्रो सांचेज़ ने कहा, आज हम न केवल एक अत्याधुनिक औद्योगिक सुविधा का आधिकारिक उद्घाटन कर रहे हैं। आज हम यह भी देख रहे हैं कि कैसे दो प्रतिष्ठित कंपनियों के बीच एक असाधारण परियोजना वास्तविकता बन जाती है। प्रधानमंत्री मोदी, यह आपके विज़न की एक और जीत है। आपका विज़न भारत को एक औद्योगिक शक्ति और निवेश और व्यापार के लिए एक आकर्षण बनाना है। एयरबस और टाटा के बीच यह साझेदारी भारतीय एयरोस्पेस उद्योग की प्रगति में योगदान देगी और अन्य यूरोपीय कंपनियों के आगमन के लिए नए द्वार खोलेगी। यह परियोजना दो दुनियाओं की सर्वश्रेष्ठता को एक साथ लाती है। टाटा शायद भारतीय औद्योगिक शक्ति का सबसे अच्छा प्रतिपादक है. ‘भारत और स्पेन की पार्टनरशिप को नई दिशा’ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा, ” आज से हम भारत और स्पेन की पार्टनरशिप को नई दिशा दे रहे हैं। हम C-295 एयरक्राफ्ट के प्रोडक्शन की फैक्ट्री का शुभारंभ कर रहे हैं। यह फैक्ट्री भारत-स्पेन संबंधों को मजबूती देने के साथ ही मेक इन इंडिया, मेक फॉर द वर्ल्ड, इस मिशन को भी सशक्त करने वाली है…” मोदी और सांचेज जब वडोदरा में ‘टाटा एडवांस्ड सिस्टम्स’ केंद्र की ओर आगे बढ़े तो भारत की समृद्ध संस्कृति का प्रदर्शन करने वाले विभिन्न कलाकारों ने उनका स्वागत किया। दोनों नेता एक द्विपक्षीय बैठक के लिए ऐतिहासिक लक्ष्मी विलास पैलेस जाने से पहले ‘टाटा एडवांस्ड सिस्टम्स’ केंद्र का संयुक्त रूप से उद्घाटन करेंगे। टाटा एडवांस्ड सिस्टम्स’ द्वारा सी-295 विमानों के निर्माण के लिए यह कॉम्प्लेक्स बनाया गया है। समझौते के तहत वडोदरा के इस परिसर में 40 विमानों का निर्माण किया जाएगा। भारत में इन 40 विमानों के निर्माण की जिम्मेदारी टाटा एडवांस्ड सिस्टम्स को दी गयी है और यह परिसर भारत में सैन्य विमानों के लिए पहली निजी क्षेत्र की अंतिम असेंबली लाइन है। इसमें विमानों के निर्माण से लेकर उनके पुर्जों को जोड़ना और उनका परीक्षण शामिल होगा। साथ ही विमानों के रखरखाव की सुविधा भी उपलब्ध करायी जाएगी। टाटा के अलावा रक्षा क्षेत्र की प्रमुख सार्वजनिक क्षेत्र की इकाइयां जैसे भारत इलेक्ट्रॉनिक्स और भारत डायनेमिक्स के साथ ही निजी सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम इस कार्यक्रम में योगदान देंगे। मोदी ने अक्टूबर 2022 में वडोदरा अंतिम असेंबली लाइन की नींव रखी थी। ‘भारत में डिफेंस मैन्यूफैक्चरिंग इकोसिस्टम नई ऊंचाइयों को छू रहा’ उन्होंने कहा कि जैसे ही हम अपने लक्ष्य तक पहुंचने के लिए पहला कदम उठाते हैं, रास्ते अपने आप बनते चले जाते हैं। आज भारत में डिफेंस मैन्यूफैक्चरिंग इकोसिस्टम नई ऊंचाइयों को छू रहा है। अगर हमने 10 साल पहले ठोस कदम न उठाए होते, तो आज इस मंजिल तक पहुंचना असंभव होता। तब कोई सोच भी नहीं सकता था कि भारत में इतने बड़े पैमाने पर डिफेंस मैन्यूफैक्चरिंग हो सकती है। उस समय प्राथमिकता और पहचान सिर्फ आयात की थी। हमने नए रास्ते पर चलने का फैसला किया, अपने लिए नए लक्ष्य तय किए। आज इसका नतीजा हमारे सामने है। ‘भारत को एविएशन हब बनाने के लिए काम कर रहे’ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा, मैं आज के कार्यक्रम को ट्रांसपोर्ट एयरक्राफ्ट के निर्माण से आगे भी देख रहा हूं। आप सभी ने पिछले दशक में भारत के एविएशन सेक्टर में अभूतपूर्व वृद्धि और परिवर्तन देखा है। हम पहले से ही भारत को एविएशन हब बनाने के लिए काम कर रहे हैं। ये इकोसिस्टम भविष्य में मेड इन इंडिया सिविल एयरक्राफ्ट का रास्ता प्रशस्त करेगा। अलग-अलग भारतीय एयरलाइन्स ने 1200 नए एयरक्राफ्ट खरीदने का ऑर्डर दिया है. यानि ये फैक्ट्री भविष्य में भारत और दुनिया की जरूरतों को पूरा करने के लिए सिविल एयरक्राफ्ट के डिजाइन और मैन्यूफैक्चरिंग में बड़ी भूमिका निभाने वाली है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा, C-295 एयरक्राफ्ट की फैक्ट्री नए भारत के नए वर्क कल्चर को रिफ्लेक्ट करती है। आज किसी भी योजना के विचार से लेकर शिक्षा तक भारत किस स्पीड से काम कर रहा है, ये यहां दिखाई देता है। 2 साल पहले अक्टूबर महीने में ही इस फैक्ट्री का निर्माण शुरू हुआ था। आज अक्टूबर महीने में ही ये फैक्ट्री अब एयरक्राफ्ट के प्रोडक्शन के लिए तैयार है.   recent visitors 77

जब मुख्यमंत्री मोहन यादव बन गए ‘चायवाले’! सड़क किनारे अदरक कूट बनाई चाय

  सतना सतना के चित्रकूट दौरे पर पहुंचे मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव का अनोखा अंदाज देखने को मिला. कामदगिरी पर्वत पर भगवान कामतानाथ की परिक्रमा के बाद मुख्यमंत्री अचानक सड़क किनारे एक चाय दुकान पर पहुंचे और चाय बनाने लगे. दरअसल, मुख्यमंत्री मोहन यादव और उनकी पत्नी सीमा यादव चित्रकूट में मंदिरों में दर्शन करने गए थे. मुख्यमंत्री ने इसी बीच सड़क किनारे एक रेलिंग के पार टी स्टॉल देखी. उन्होंने रेलिंग को झुककर पार किया और स्टॉल तक पहुंचे, इसकी मालकिन राधा से बातचीत की और चाय बनाने लगे. तभी वहां खड़ी पत्नी ने पूछा कि हमें कभी चाय नहीं पिलाई बनाकर? इस पर CM यादव ने कहा, ‘‘ये मेरी बहन है, इसे पिलाऊंगा, तुम थोड़ी मेरी बहन हो.  मैं अपनी बहन (स्टॉल मालकिन का जिक्र करते हुए) के लिए चाय बनाऊंगा. इसके बाद उन्होंने चाय का स्वाद बढ़ाने के लिए अदरक कूटना  शुरू कर दिया. जब यादव चाय बना रहे थे, तो उनकी पत्नी ने उनसे कहा कि ज्यादा चीनी न डालें. उन्होंने कई कप में चाय डाली और अपने साथ आए स्थानीय भाजपा विधायक, मंत्री और स्टॉल पर मौजूद लोगों को बांटी, जिनमें कई महिलाएं भी शामिल थीं. साथ ही चाय दुकान की मालकिन को चाय के पैसे भी दिए. अपनी यात्रा के दौरान मुख्यमंत्री मोहन यादव ने सपत्नीक श्री कामतानाथ मंदिर की पांच किलोमीटर की परिक्रमा भी की. इस वीडियो को मुख्यमंत्री ने 'x' पर शेयर कर लिखा, ''आज की चाय बहन नहीं, भाई बनाएगा.'' उधर, मुख्यमंत्री ने इंदौर में एक कार्यक्रम के दौरान दुकान से गर्म कपड़े खरीदे. यह भिलाला समाज की ओर से बनाए गए थे. मुख्यमंत्री ने दीपावली पर वोकल फॉर लोक को बढ़ावा दिया.   recent visitors 55