मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने सौंपी सपनों के घर की चाबी और सम्मानजनक जीवन

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने किया अटल विहार योजना अंतर्गत 226 आवासों का लोकार्पण यह क्षण न केवल आपके जीवन का बल्कि शासन के जनकल्याणकारी प्रयासों का भी स्मरणीय पड़ाव है-मुख्यमंत्री विष्णु देव साय मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने सौंपी सपनों के घर की चाबी और सम्मानजनक जीवन रायपुर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने आज सुशासन तिहार के तहत् ग्राम मुरमुंदा स्थित अटल विहार योजना के अंतर्गत निर्मित 226 नवीन आवासों का विधिवत लोकार्पण कर हितग्राहियों को उनके सपनों का घर सौंपा। इस अवसर पर उन्होंने भवन क्रमांक 226 के स्वामी तुषार साहू को गृह प्रवेश कराते हुए कहा, आज हम आपको सिर्फ एक घर नहीं, बल्कि आपके सपनों का आशियाना सौंप रहे हैं। यह क्षण न केवल आपके जीवन का बल्कि शासन के जनकल्याणकारी प्रयासों का भी स्मरणीय पड़ाव है। मुख्यमंत्री ने सभी हितग्राहियों को बधाई देते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ शासन की प्राथमिकता है कि राज्य के प्रत्येक नागरिक को गरिमामय और सुरक्षित आवास उपलब्ध हो। उन्होंने कहा कि अटल विहार जैसी योजनाएं जनसामान्य को न केवल आवासीय सुविधा देती हैं, बल्कि उनके सामाजिक और आर्थिक सशक्तिकरण की दिशा में भी अहम भूमिका निभाती हैं। इस अवसर पर पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री विजय शर्मा भी उपस्थित थे। साकार हुआ वर्षों का सपना आवास क्रमांक 226 के लाभार्थी तुषार साहू ने मुख्यमंत्री के हाथों गृह प्रवेश प्राप्त कर अभिभूत होते हुए कहा कि हमेशा एक सुंदर, स्वच्छ और शांत वातावरण में रहने का सपना देखा था। वर्षों का यह सपना आज साकार हुआ। मुख्यमंत्री जी द्वारा गृह प्रवेश कराना मेरे लिए गर्व और भावुकता का क्षण है। उन्होंने बताया कि यह 2 बीएचके आवास सभी आवश्यक सुविधाओं से युक्त है और बाज़ार मूल्य की तुलना में किफायती भी है। साहू इस अवसर पर अपने माता-पिता और परिजनों के साथ उपस्थित थे। मुख्यमंत्री ने उनके आवास का अवलोकन भी किया और निर्माण गुणवत्ता की सराहना की। कई हितग्राहियों को मिली चाबी इस अवसर पर मुख्यमंत्री द्वारा रूपनारायण देवांगन, अरुण साहू, तथा चंद्रशेखर राठौर को भी उनके आवास की चाबी सौंपी गई। भवन क्रमांक 215 के स्वामी अरुण साहू, जो भिलाई इस्पात संयंत्र में पदस्थ हैं। उन्होंने कहा कि रिटायरमेंट से पहले अपने स्वप्निल घर में प्रवेश करना मेरे जीवन की सबसे सुखद अनुभूति है। अटल विहार योजना के माध्यम से राज्य शासन ने हमें वह अवसर दिया है, जिसकी वर्षों से प्रतीक्षा थी। उज्ज्वल आवासीय भविष्य की सौगात छत्तीसगढ़ गृह निर्माण मंडल द्वारा संचालित अटल विहार योजना के तहत ग्राम मुरमुंदा में लगभग 10 एकड़ भूमि पर 24 करोड़ 57 लाख 98 हजार रुपए की लागत से कुल 226 स्वतंत्र आवास और 12 दुकानों का निर्माण किया गया है। इनमें 55 भवन ईडब्ल्यूएस श्रेणी, 69 एलआईजी-ए टाइप, 86 बी टाइप, 16 एमआईजी टाइप के हैं। सभी भवनों का विक्रय पूर्ण हो चुका है तथा 7 भवनों की रजिस्ट्री भी की जा चुकी है। recent visitors 24

मुंबई में कोरोना के मरीजों की संख्या में बढ़ोतरी के मिले संकेत, खबरों के बीच इन शेयर पर टूटे निवेशक, खरीदने की लूट

मुंबई बीएमसी के अफसरों ने कहा है कि सिंगापुर, हांगकांग, पूर्वी एशिया और अन्य देशों में कोरोना मामलों में बढ़ोतरी के संकेत मिले हैं। बीएमसी का स्वास्थ्य विभाग इस पर नियंत्रण रखने के लिए लगातार निगरानी कर रहा है।  देश की आर्थिक राजधानी मुंबई में एक बार फिर कोरोना के मरीजों की संख्या में बढ़ोतरी के संकेत मिले हैं। मुंबई महानगरपालिका क्षेत्र में कुछ 53 कोरोना के पॉजिटिव मरीज सामने आए हैं। इस बात को ध्यान में रखते हुए बीएमसी ने कोरोना मरीजों के लिए गाइडलाइन जारी की है।  बीएमसी ने नई गाइडलाइन में लोगों को बताया है कि नगरपालिका अस्पतालों में कोविड-19 रोगियों के उपचार एवं मार्गदर्शन की सुविधाएं मुहैया कराई जा रही है। मुंबई महानगरपालिका के अस्पतालों में मरीजों के लिए विशेष बिस्तर और विशेष कमरों की व्यवस्था भी की गई है। कोरोना को लेकर बीएमसी कर्मचारी फिर अलर्ट बीएमसी की ओर से जारी बयान के अनुसार पिछले कुछ दिनों में सिंगापुर, हांगकांग, पूर्वी एशिया और अन्य देशों में COVID मामलों की संख्या बढ़ोतरी के संकेत मिले हैं। बृहन्मुंबई नगर निगम का स्वास्थ्य विभाग COVID-19 के प्रसार पर नियंत्रण रखने के लिए लगातार निगरानी कर रहा है। जनवरी 2025 से अप्रैल 2025 तक कोविड मरीजों की संख्या बहुत कम आई थी। हालांकि, मई से अब तक कुछ मरीज देखे गए हैं, लेकिन बृहन्मुंबई नगर निगम प्रशासन नागरिकों से न घबराने की अपील कर रहा है। बीएमसी के अस्पताल में अलग से बेड की व्यवस्था बृहन्मुंबई नगर निगम के अस्पतालों में कोरोना मरीजों की समस्याओं को ध्यान में रखते हुए कई कदम उठाए गए हैं. कोरोना मरीजों के लिए सेवन हिल्स अस्पताल में 20 बिस्तर (एमआईसीयू), 20 बिस्तर बच्चों और गर्भवती महिलाओं के लिए और 60 सामान्य बिस्तर हैं. इसके अलावा, कस्तूरबा अस्पताल में 2 गहन चिकित्सा इकाई (आईसीयू) बेड और 10 बेड का वार्ड है. यदि आवश्यक हुआ तो यह क्षमता बढ़ाई जा सकती है. कोविड-19 के लक्षण COVID-19 के सामान्य लक्षणों में मुख्य रूप से बुखार, खांसी (सूखी या कफ के साथ), गले में खराश या दर्द, थकान महसूस होना, शरीर में दर्द और सिरदर्द शामिल हैं। इसके साथ ही कभी-कभी सर्दी, नाक बहना, स्वाद या गंध का एहसास न होने जैसे लक्षण भी शामिल हो सकते हैं। ये लक्षण प्रायः सामान्य सर्दी-जुकाम के समान हो सकते हैं। प्रत्येक व्यक्ति में भिन्न-भिन्न हो सकते हैं। गंभीर मामलों में सांस लेने में कठिनाई एक बड़ा खतरे का संकेत है। कोविड से बचने के उपाय अगर आपको कोई भी लक्षण महसूस हो तो आपको तुरंत किसी नगरपालिका क्लिनिक, अस्पताल या पारिवारिक चिकित्सक से परामर्श जरूर लें। ताकि कोरोना को फैलने से समय पर रोका जा सके। इस बीच, कोविड वैक्सीन बनाने वाली कंपनी के शेयरों में जबरदस्त खरीदारी देखी जा रही है। साथ ही अन्य फार्मा सेक्टर के शेयरों में भी खरीदारी बढ़ी है। आज मंगलवार को ग्लोबल वैक्सीन निर्माता फाइजर इंक की भारतीय यूनिट फाइजर लिमिटेड के शेयर एनएसई पर 13% तक चढ़ गए और 5,009 रुपये के पार पहुंच गए थे। इन शेयरों में भी तेजी अजंता फार्मा के शेयर में आज तेजी है। इसके अलावा, एबॉट इंडिया लिमिटेड, डॉ रेड्डीज लैबोरेटरीज लिमिटेड में तेजी है। डिवीज़ लैबोरेटरीज लिमिटेड, सनफार्मा, सिप्ला समेत के शेयर फोकस में हैं। बता दें कि पिछली बार कोविड के समय शेयर बाजार पस्त पड़ गया था, बावजूद फार्मा कंपनी के शेयरों में जबरदस्त तेजी देखी गई थी। ऐसे में निवेशकों में फार्मा कंपनी के शेयरों को लेकर एक बार फिर उत्साह नजर आ रहा है और वे खरीदारी को लेकर अलर्ट हो गए हैं। बता दें कि ग्लोबल मार्केट में बीते सोमवार को साउथ कोरियाई डायग्नोस्टिक किट निर्माता सुगेंटेक इंक. सोमवार को 29% तक उछल गया था। जापान में, कोविड वैक्सीन निर्माता दाइची सैंक्यो के शेयरों में 7.4% तक की बढ़ोतरी हुई थी, जब यूबीएस द्वारा इसके टारगेट प्राइस को भी बढ़ा दिया गया। हांगकांग में, शंघाई जुंशी बायोसाइंसेज कंपनी, जो कोविड टीके भी बनाती है, के शेयरों में 4.3% तक की बढ़ोतरी हुई थी। भारत में स्थिति कंट्रोल बता दें कि देश के विभिन्न राज्यों में कुल 257 सक्रिय COVID मामले दर्ज हैं। इनमें से ज्यादातर मामले केरल, तमिलनाडु और महाराष्ट्र से सामने आए हैं। सरकार के मुताबिक, स्थिति कंट्रोल में और लगातार निगरानी में है। इस बार संक्रमण के लिए ओमिक्रोन के नए वेरिएंट JN.1 और इसके सब-वेरिएंट्स LF.7 और NB.1.8 को जिम्मेदार ठहराया जा रहा है। हालांकि, यह खतरनाक है भी नहीं। अभी इस तरह का कोई प्रमाण नहीं मिला है।   recent visitors 37

मोहन कैबिनेट बैठक सम्पन्न, लिए गए अहम फैसले, इन प्रस्तावों पर भी लगी मुहर

इंदौर आज इंदौर में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में राज्य कैबिनेट की बैठक राजवाड़ा स्थित गणेश हॉल में आयोजित की गई। इस बैठक की खास बात यह रही कि परंपरा और संस्कृति को केंद्र में रखते हुए देवी अहिल्या बाई होलकर की प्रतिमा को बैठक में प्रमुख स्थान दिया गया। प्रतिमा को मुख्यमंत्री से भी आगे रखा गया, और बैठक की शुरुआत उनसे स्मरण और पुष्पांजलि अर्पित कर की गई। यह दृश्य राज्य की सांस्कृतिक जड़ों से जुड़ाव का प्रतीक था। परंपरागत पहनावे में पहुंचे सीएम मोहन यादव कैबिनेट बैठक में मुख्यमंत्री समेत कई मंत्री धोती-कुर्ता और भगवा दुपट्टा पहनकर पहुंचे, जो एक विशेष परंपरागत संदेश दे रहा था। पूरी बैठक का माहौल बेहद गरिमामय और अनुशासित रहा। सुरक्षा के लिहाज से सभी अधिकारियों और मंत्रियों के OSD (ऑफिसर ऑन स्पेशल ड्यूटी) को सघन चेकिंग के बाद ही हॉल में प्रवेश दिया गया। राज्य सरकार ने इस बैठक को न केवल प्रशासनिक बल्कि सांस्कृतिक रूप से भी खास बनाने की पूरी तैयारी की थी। इन अहम प्रस्तावों पर लगी मुहर मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने बताया कि देवी अहिल्या की 300वीं जयंती पर 21 मई से 31 मई का कई कार्यक्रम चलेंगे। कल का नाटक देखकर मुझे और प्रहलाद पटेल को भी आंसू आ गए। जबकि हम दोनों बहुत कठोर माने जाते हैं। हमें आंसू नहीं आते। हमारी वजह से दूसरों को आंसू आ जाते हैं। सीएम डॉ मोहन ने निर्णय लिया है कि प्रदेश का जो शहर मांगेगा। वहां हम ये नाटक कराएंगे। इसका प्रोग्राम तैयार हो गया है। इंदौर में एकल कविता पाठ लगातार चलेगा। वहीं ग्वालियर, भोपाल और बैतूल में भी ये नाटक किया जाएगा। कालिदास संस्कृत अकादमी उज्जैन में भी ये महानाट्य होगा। राहवीर योजना से मिलेगा 25 हजार का इनाम मंत्री विजयवर्गीय ने बताया कि राहवीर योजना… जब कभी एक्सीडेंट हो जाता है तो लोग देखकर आगे बढ़ जाते हैं। इस पर सीएम ने चिंता व्यक्त की। अब जहां पर भी एक्सीडेंट होगा। उसे अस्पताल पहुंचाया जाएगा। सरकार की ओर से 25 हजार रुपए का इनाम भी दिया जाएगा। किसानों को हुआ 20 हजार करोड़ का भुगतान सरकार ने इस बार एमएसपी 2400-2500 रुपए तय की थी। सरकार ने 2600 रुपए प्रति क्विंटल में गेंहू खरीदा। पिछली बार से 30 लाख मीट्रिक टन ज्यादा खरीदी की है। किसानों को 20 हजार करोड़ रुपयों का भुगतान किया गया है। नरसिंहपुर में होगा किसान समागम नरसिंहपुर में 26 से 28 मई तक किसान समागम आयोजित किया जाएगा। जिसमें कृषि आधारित उद्योगों पर चर्चा होगी और ऑर्गनिक और प्राकृतिक खेती का प्रशिक्षण दिया जाएगा। पांच शहर महानगर बनेंगे मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने आगे बताया कि इंदौर, भोपाल, उज्जैन, ग्वालियर और जबलपुर मेट्रोपॉलिटन विकास प्राधिकरण बनाने का फैसला किया गया। इसमें कुछ हिस्सा देवास और धार का भी मिलाया जाएगा। इसके नियमों को मंजूरी दी गई। इसे इस तरह तैयार किया गया है कि नगर निगमों के काम प्रभावित न हों। सीएम इसके चेयरमैन होंगे। यहां आने वाले दिनों में पीने के पानी की जरूरत कितनी होगी? खेती के लिए कितने पानी की जरूरत होगी? कितने वाहनों के आवागमन की व्यवस्था करनी होगी? ये सब काम इसमें किए जाएंगे। इसमें सभी विधायक भी अपने सुझाव दे सकेंगे। मुख्यमंत्री शहरी स्वच्छता कार्यक्रम शुरु होगा स्वच्छ भारत मिशन पीएम नरेंद्र मोदी के द्वारा शुरू किया गया है। 2.0 में कई ऐसे प्रावधान हैं जो नंबर वन में नहीं थे। अब हम मुख्यमंत्री शहरी स्वच्छता कार्यक्रम फिर शुरू कर रहे हैं। इसके लिए 277 करोड़ का प्रावधान किया है। विजयवर्गीय ने कहा- ये राशि कम लग रही है। आगे बढ़ाई जाएगी। स्वच्छ भारत मिशन में नई मशीन या कचरा गाड़ी खरीदने के लिए प्रावधान नहीं है। बुनकरों के लिए 100 करोड़ का प्रावधान लोकमाता देवी अहिल्या ने उस समय रोजगार देने के लिए बुनकरों को महेश्वर में साड़ी बनाने का प्रशिक्षण दिया था। उनको समर्पित स्किल डेवलपमेंट प्रोग्राम हमने शुरू किया है। इसके तहत व्यक्ति को बैंक ब्याज से छूट दी जाएगी। योजना में 100 करोड़ का प्रावधान है। ओंकारेश्वर को मिलेंगे 2100 करोड़ ओंकारेश्वर में आदि शंकराचार्य की प्रतिमाओं के आसपास सनातन परंपराओं के विकास के लिए 2100 करोड़ का प्रावधान किया है। लोग रहकर पढ़कर, रिसर्च, अध्ययन, लाइब्रेरी में पढ़ सकेंगे। टूरिज्म के लिए बढ़िया रहेगा। भारत की सनातन परंपरा को जानने का मौका मिलेगा। एक हजार लोग रह सकें इसलिए होस्टल बन रही है। इसमें फाइव स्टार कमरे भी रहेंगे। संस्कृति केंद्र बनेगा। पर्यटन के क्षेत्र में क्रांति लाएगा। उज्जैन में महाकाल लोक बनने के बाद दर्शकों की संख्या बढ़ी है और इकोनॉमी बदली है। इसी तरह का काम ओंकारेश्वर के क्षेत्र में किया जाएगा जो इकोनॉमी बदलने का काम करेगा। एमवाय अस्पताल को 773 करोड़ इंदौर के एमवाय अस्पताल में 773 करोड़ रुपए से वर्तमान व्यवस्था से दोगुनी व्यवस्था होगी। यह हॉस्पिटल हार्ट, लिवर की सर्जरी होगी, ताकि लोगों को दिल्ली-मुंबई न जाना पड़े। रीवा के जिला अस्पताल को 321 करोड़ रुपए दिए हैं। सेंट्रल इंडिया के लिए गरीब और मध्यमवर्गीय के लिए बड़ा तोहफा है। वर्किंग वूमन हॉस्टल बनेंगे वर्किंग वूमन हॉस्टल इंडस्ट्रियल एरिया में बनाने के प्रस्ताव पर मंत्रियों ने सुझाव दिया है कि उद्योगपति सीएसआर फंड से भी यह काम कर सकते हैं। इसे पीपीपी मोड पर भी बनाने का काम किया जा सकता है। सभी जिलों में बनाएंगे। पीथमपुर में, मालनपुर, उज्जैन में बनेंगे। इंडस्ट्रिलिस्ट से सीएसआर मद में बनवाएंगे। पीपीपी मोड में भी बनवाएंगे। खासकर औद्योगिक क्षेत्र में महिलाएं सुरक्षित रह सकें, इसलिए ये योजना है। recent visitors 46

मुख्यमंत्री ने मुंगेली जिला ग्रंथालय में किया अतिरिक्त कक्ष का लोकार्पण

रायपुर मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा है कि “शिक्षा ही जीवन की असली पूंजी है। इसके बिना जीवन अधूरा है। यह न केवल रोजगार का माध्यम है, बल्कि समग्र विकास का आधार भी है।” वे आज सवेरे मुंगेली जिला मुख्यालय में जिला ग्रंथालय में 29.90 लाख रुपये की लागत से निर्मित अतिरिक्त कक्ष का लोकार्पण कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। इस अवसर पर उप मुख्यमंत्री श्री अरुण साव, केंद्रीय राज्य मंत्री श्री तोखन साहू, मुंगेली विधायक श्री पुन्नूलाल मोहले तथा पूर्व सांसद श्री लखन साहू भी उपस्थित थे। मुख्यमंत्री श्री साय ने कार्यक्रम में विद्यार्थियों से संवाद करते हुए आदर्श विद्यार्थी के पाँच गुण “काक चेष्टा बको ध्यानं, श्वान निद्रा तथैव च। अल्पाहारी गृहत्यागी, विद्यार्थी पंच लक्षणं का उल्लेख करते हुए विद्यार्थियों को अनुशासित, मेहनती और लक्ष्यनिष्ठ बनने की प्रेरणा दी। एक छात्र द्वारा सोशल मीडिया के प्रभाव पर पूछे गए प्रश्न के उत्तर में उन्होंने कहा, डिजिटल युग में अच्छाई को अपनाएं और बुराई से दूर रहें। श्री साय ने अपने छात्र जीवन के संघर्ष साझा करते हुए बताया कि अविभाजित रायगढ़ जिले में शिक्षा के अवसर सीमित थे। नटवर स्कूल ही एकमात्र विकल्प था। उन्होंने विद्यार्थियों से समय का सदुपयोग करने, कभी निराश न होने और परिश्रम को अपना मूल मंत्र बनाने का आह्वान किया।         मुख्यमंत्री ने ‘प्रयास’ और ‘नालंदा परिसर’ जैसे शैक्षणिक नवाचारों की सराहना की और कहा कि सरकार का लक्ष्य है कि हर जिले में आधुनिक ग्रंथालय स्थापित किए जाएं। उन्होंने मुंगेली जिला ग्रंथालय की सराहना करते हुए बताया कि यह ग्रंथालय अब तक सैकड़ों युवाओं की सफलता की नींव बन चुका है। उन्होंने इसे केवल अध्ययन का स्थल न मानकर एक सफलता केंद्र बताया। मुख्यमंत्री ने कार्यक्रम में कक्षा 10वीं और 12वीं की बोर्ड परीक्षाओं में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों को स्मृति चिन्ह व प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया। इस मौके पर मुख्यमंत्री को तोप सिंह कुंभकार द्वारा उनके चित्र का हस्तनिर्मित छायाचित्र तथा भगवद् गीता और अन्य स्मृति चिन्ह भी भेंट किए गए। गौरतलब है कि जिला ग्रंथालय में वर्तमान में यहाँ 4780 से अधिक पुस्तकों का संग्रह, 893 पंजीकृत सदस्य, 32 टेबल, 11 सीसीटीवी कैमरे हैं। कार्यक्रम में राज्य के मुख्य सचिव श्री अमिताभ जैन, मुख्यमंत्री के सचिव श्री पी. दयानंद सहित कई वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी, शिक्षकगण एवं बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे। recent visitors 41

अहमदाबाद नगर निगम ने अवैध अतिक्रमण के खिलाफ दूसरे चरण का अभियान शुरू किया, 8 हजार अवैध निर्माण होंगे ध्वस्त

अहमदाबाद  गुजरात के अहमदाबाद शहर में अवैध अतिक्रमण के खिलाफ प्रशासन का एक्शन जारी है। अहमदाबाद नगर निगम ने अवैध अधिक्रमण हटाने के लिए दूसरे चरण का अभियान शुरू कर दिया है। इसके तहत 2.5 लाख वर्ग मीटर की भूमि से अतिक्रमण हटाया जाना है। न्यूज एजेंसी एएनआई के अनुसार, चंदोला क्षेत्र में प्रशासन ने अतिक्रमण हटाने का काम शुरू भी कर दिया है। मौके पर भारी पुलिस बल को तैनात किया गया है। बता दें कि पहले चरण के अभियान में 1.5 लाख वर्ग मीटर की जमीन से अतिक्रमण हटाया गया था। बांग्लादेशी नागरिकों का ठिकाना बन चुका है चंडोला तालाब पुलिस कमिश्नर जीएस मलिक ने कहा कि ये अवैध निर्माण अवैध बांग्लादेशी नागरिकों का ठिकाना बन चुके थे. पिछले महीने शहर में 250 अवैध बांग्लादेशी नागरिक पकड़े गए थे, जिनमें से 207 चंडोला तालाब के अवैध निर्माणों में रहते थे और गैरकानूनी गतिविधियों से जुड़े थे. इससे पहले साल 2009 में 95 अवैध बांग्लादेशी पकड़े गए थे, तब भी यहां डिमोलिशन किया गया था. डिमोलिशन के दूसरे चरण के दौरान एक जेसीपी, एक एडीसीपी, 6 डीसीपी, एसीपी, और पीआई सहित कुल 3 हजार से ज्यादा पुलिस कर्मी तैनात रहेंगे. 25 एसआरपी कंपनियां भी मौजूद रहेंगी. पहले चरण के दौरान स्थानीय लोगों ने गुजरात हाईकोर्ट में जाकर डिमोलिशन रोकने की मांग की थी, लेकिन कोर्ट ने तालाब पर बने सभी निर्माणों को अवैध बताते हुए  डिमोलिशन पर रोक नहीं लगाई थी. इसके बाद प्रशासन ने 4 हजार अवैध निर्माण ध्वस्त कर दिए थे. अब दूसरे चरण में बाकी अवैध निर्माणों को ध्वस्त करके तालाब का हिस्सा खाली करवाया जाएगा. प्रशासन यह भी सुनिश्चित करेगा कि इस खाली जगह पर दोबारा कोई अवैध निर्माण न हो.     शहर के पुलिस कमिश्नर जीएस मलिक ने बताया कि दो शिफ्ट में पुलिस के करीब 3000 कर्मियों और एसआरपी की 25 कंपनियों को तैनात किया गया है। अतिक्रमण हटाए जाने की प्रक्रिया अगले 3-4 दिनों तक चल सकती है।     प्रभावित क्षेत्रों में दो दिन से लाउडस्पीकर से घोषणा कर लोगों से घर खाली करने की अपील की गई थी। चंदोला क्षेत्र में बिना कानूनी दस्तावेज के काफी अवैध बांग्लादशी रहते थे। इसमें से अधिकतर को अब डिपोर्ट किया जा चुका है।     दावा था कि क्षेत्र के कुछ हिस्सों का इस्तेमाल अवैध गतिविधियां संचालित करने के लिए भी किया जा रहा था। 2010 से पहले क्षेत्र में रहने वाले लोगों को ईडब्ल्यूएस आवास के लिए वार्ड कार्यालय से फॉर्म लेने को कह दिया गया है। सुरक्षाबल इलाके में गश्त कर रहे हैं। अधिकारियों ने दी जानकारी अहमदाबाद के डीसीपी रवि मोहन सैनी ने कहा, 'ये पूरा तालाब का एरिया है। इसमें जो भी निर्माण किया गया है, वो अवैध है। इसलिए आज इसे हटाया जा रहा है। पहले चरण में हमने जब अतिक्रमण हटाया था, तब कई अवैध बांग्लादेशी प्रवासी पकड़े गए थे। उनके खिलाफ डिपोर्टेशन की कार्रवाई शुरू की गई थी। ज्यादातर मकान अवैध बांग्लादेशी नागरिकों के बता दें कि इससे पहले 29 और 30 अप्रैल को अभियान के पहले चरण में लगभग 3 हजार अवैध मकानों को ध्वस्त किया गया था, जिनमें ज्यादातर अवैध बांग्लादेशी नागरिकों के थे। दूसरे चरण में भी प्रशासन ढाई हजार से ज्यादा अवैध निर्माणों को निशाना बना रहा है। बता दें कि गुजरात पुलिस ने पिछले कुछ हफ्तों में हजारों अवैध बांग्लादेशी नागरिकों को हिरासत में लिया है, जिनमें से बड़ी संख्या में अहमदाबाद में रह रहे बांग्लादेशी भी शामिल हैं। चंदोला लेक इलाके में चल रही इस कार्रवाई का मकसद अवैध कब्जों को हटाना और घुसपैठियों पर नकेल कसना है। अवैध कब्जे की शुरुआत 1970-80 के दशक में हुई चंदोला लेक का इलाका लंबे समय से अवैध बांग्लादेशी प्रवासियों का गढ़ बना हुआ था, जहां मानव तस्करी और जाली दस्तावेजों का जाल फैला हुआ था। इस इलाके में अवैध कब्जे की शुरुआत 1970-80 के दशक में हुई, जब यहां बड़ी संख्या में प्रवासी बस्तियां बसाई गईं। 2002 में एक NGO ने इस क्षेत्र में सियासत नगर नाम से बस्ती बसाई थी। इसके बाद 2010 से 2024 के बीच चंदोला झील की जमीन पर अवैध कब्जों में तेजी आई। प्रशासन के अनुसार, इस इलाके में लोगों ने बड़े पैमाने पर अवैध निर्माण किए, जिनमें कई अवैध बांग्लादेशी नागरिक भी शामिल थे। अवैध कब्जे की शुरुआत कब हुई? लंबे समय से चंदोला लेक का इलाका अवैध बांग्लादेशियों का गढ़ बना हुआ था, जहां ह्यूमन ट्रैफिकिंग और फेक डॉक्यूमेंट्स का जाल फैला था। अवैध कब्जे की शुरुआत 1970 में हुई, जब यहां बड़ी संख्या में माइग्रेंट के लिए बस्तियां बसाई गईं। 2002 में एक NGO ने इस एरिया में सियासत नगर नाम से एक बस्ती बसाई थी। इसके बाद 2010 से लेकर 2024 के बीच चंदोला झील की जमीन पर अवैध कब्जे बढ़ोतरी होने लगी। प्रशासन के मुताबिक, इस इलाके में लोगों ने कई बड़े अवैध निर्माण किए, जिनमें कई बांग्लादेशी नागरिक भी मौजूद थे। स्थानीय लोगों ने की थी ये मांग गुजरात हाईकोर्ट में पहली स्टेज के दौरान लोकल लोगों ने जाकर डिमोलिशन रोकने को लेकर मांग की थी, लेकिन गुजरात कोर्ट ने तालाब पर बने सभी निर्माणों को अवैध करार देते हुए डिमोलिशन पर रोक नहीं लगाई थी। इसके बाद प्रशासन ने 4 हजार अवैध निर्माण ध्वस्त कर दिए थे। अब दूसरी स्टेज में बाकी अवैध निर्माणों को ध्वस्त करके तालाब का हिस्सा खाली करवाया जाएगा। प्रशासन यह भी नजर रखेगा कि खाली जगह पर फिर दोबारा कोई अवैध निर्माण न हो। recent visitors 45

कर्नल सोफिया कुरैशी पर टिप्पणी करने वाले मंत्री शाह के खिलाफ जांच करेगी 3 सदस्यीय SIT टीम, जानें पूरा मामला

भोपाल मध्य प्रदेश पुलिस ने सुप्रीम कोर्ट के आदेश के अनुपालन में कर्नल सोफिया कुरैशी के खिलाफ राज्य के मंत्री विजय शाह की टिप्पणी की जांच के लिए सोमवार देर रात तीन सदस्यीय एसआईटी का गठन कर दिया है. विशेष जांच दल (एसआईटी) में पुलिस महानिरीक्षक प्रमोद वर्मा, उप महानिरीक्षक कल्याण चक्रवर्ती और पुलिस अधीक्षक वाहिनी सिंह शामिल हैं. सुप्रीम ने सोमवार को कर्नल कुरैशी पर की गई ‘‘अभद्र'' टिप्पणी के लिए विजय शाह को फटकार लगाई और उनके खिलाफ दर्ज प्राथमिकी से जुड़े मामले की जांच के लिए तीन सदस्यीय विशेष जांच दल का गठन करने का निर्देश दिया. कोर्ट के दखल के बाद पुलिस ने गठित की एसआईटी शीर्ष अदालत ने मध्य प्रदेश के पुलिस महानिदेशक को मंगलवार सुबह 10 बजे तक आईजी रैंक के अधिकारी की अध्यक्षता में तीन सदस्यीय एसआईटी गठित करने को कहा था, जिसमें एक महिला अधिकारी भी शामिल हो, जो मध्य प्रदेश उच्च न्यायालय के आदेश के बाद दर्ज प्राथमिकी से जुड़े मामले की जांच करेगी.  मंत्री ने अपनी टिप्पणी के लिए प्राथमिकी दर्ज करने के उच्च न्यायालय के आदेश के खिलाफ शीर्ष अदालत में याचिका दायर की थी. सुनवाई के दौरान पीठ ने कहा कि वह एक सार्वजनिक व्यक्ति और अनुभवी राजनेता हैं और इसलिए उनके शब्दों में कुछ वजन होना चाहिए. इस मामले में CID ​​ने आदेश जारी कर कहा है कि सुप्रीम कोर्ट ने 19 मई 2025 को कुंवर विजय शाह बनाम मध्य प्रदेश उच्च न्यायालय एवं अन्य के मामले में यह आदेश जारी किया था, जो एफआईआर क्रमांक 188/2025 से जुड़ा हुआ है, जिसमें भारतीय न्याय संहिता 2023 की धारा 152, 196 (1) (बी) एवं 197 (1) (सी) के तहत अपराध दर्ज किया गया है. गठित एसआईटी में पुलिस महानिरीक्षक सागर जोन प्रमोद वर्मा, उप पुलिस महानिरीक्षक विशेष सशस्त्र बल भोपाल कल्याण चक्रवर्ती, पुलिस अधीक्षक डिंडोरी वाहिनी सिंह जांच करेंगे. CID के आदेश में कहा गया है कि सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों का अक्षरशः एवं निर्धारित समय सीमा में पालन किया जाए. क्या है पूरा मामला दरअसल, सुप्रीम कोर्ट ने विजय शाह के मामले में जांच करने के लिए एसआईटी गठन करने का आदेश दिया था. कुछ दिनों पहले मंत्री विजय शाह ने कर्नल सोफिया कुरैशी पर की विवादित टिप्पणी की थी. सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को इस मामले में आईपीएस अधिकारियों की विशेष जांच समिति (एसआईटी) बनाने का आदेश दिया था. साथ ही पीठ ने विजय शाह की याचिका पर मध्य प्रदेश सरकार को भी नोटिस जारी किया था. कोर्ट ने मंत्री की लगाई फटकार पीठ ने कहा कि हमें ऐसी माफी नहीं चाहिए. आप पहले गलती करते हैं, फिर कोर्ट चले आते हैं. आप जिम्मेदार राजनेता हैं. आपको सोच-समझकर बोलना चाहिए, लेकिन आपने बहुत घटिया भाषा अपनाई है. इस पर विजय शाह के वकील मनिंदर सिंह ने कहा कि वह माफी मांग चुके हैं और माफी का वीडियो भी जारी कर चुके हैं. विजय शाह मेरी पार्टी में होते तो उन्हें निकाल देता: चिराग पासवान कर्नल सोफिया कुरैशी के बारे में मध्यप्रदेश के मंत्री विजय शाह की टिप्पणी की निंदा करते हुए केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान ने सोमवार को कहा कि अगर भाजपा नेता उनकी पार्टी में होते तो उन्हें ‘‘जीवन भर के लिए निष्कासित कर दिया जाता.'' लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) के अध्यक्ष पत्रकारों द्वारा पूछे गए सवालों का जवाब दे रहे थे. वह अपने गृह राज्य बिहार के दौरे पर हैं. हाजीपुर से सांसद ने कहा, ‘‘हमें अपने सैन्यकर्मियों पर गर्व है, जो कोई भी उनकी तुलना आतंकवादियों से करता है, वह निंदा का पात्र है। अगर ऐसा कोई व्यक्ति मेरी पार्टी में होता, तो उसे जीवन भर के लिए निष्कासित कर दिया जाता.'' चिराग की पार्टी भाजपा की सहयोगी है. शाह ने ‘ऑपरेशन सिंदूर' के बारे में मीडिया को जानकारी देने वाली कर्नल सोफिया कुरैशी को ‘‘आतंकवादियों की बहन'' कहकर विवाद खड़ा कर दिया था. हालांकि, भाजपा ने अभी तक शाह के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की है, जो दावा कर रहे हैं कि यह ‘‘जुबान फिसलने'' के कारण हुआ. मध्यप्रदेश के मंत्री को राजग सहयोगियों के साथ-साथ विरोधियों की भी आलोचना का सामना करना पड़ रहा है. सुप्रीम कोर्ट ने भी इस टिप्पणी पर कड़ी आपत्ति जताई. न्यायालय ने कहा कि शाह के बयानों से ‘‘पूरा देश शर्मसार हुआ है''. इसने साथ ही आदेश दिया कि इस संबंध में दर्ज प्राथमिकी की जांच तीन सदस्यीय विशेष जांच दल द्वारा की जाए. 8 दिन में सौंपना होगी जांच रिपोर्ट सुप्रीम कोर्ट ने एसआईटी को 28 मई तक जांच करने के आदेश दिए हैं. सुप्रीम कोर्ट ने शाह को गिरफ्तारी से राहत देते हुए जांच में सहयोग करने के लिए भी कहा है. सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने विजय शाह को फटकार लगाई है. कोर्ट ने सरकार और पुलिस की निष्क्रियता पर भी सवाल उठाए. कोर्ट ने कहा कि एफआईआर के बाद आपने क्या किया? जांच कहां पहुंची? पीठ ने कहा कि राज्य सरकार को कुछ और ठोस कदम उठाने चाहिए थे. इस बयान से बढ़ीं विजय शाह की मुश्किलें मंत्री विजय शाह की मुश्किलें 11 मई को उनके द्वारा दिए गए बयान से बढ़ी हैं. उन्होंने महू के रायकुंडा गांव में एक कार्यक्रम में ऑपरेशन सिंदूर को लेकर मंच से बयान दिया था. उन्होंने नाम लिए बिना कर्नल सोफिया कुरैशी को आतंकियों की बहन बता दिया था. उन्होंने कहा था कि, उन्होंने कपड़े उतार-उतार कर हिंदुओं को मारा और मोदी जी ने उनकी बहन को उनकी ऐसी तैसी करने उनके घर भेजा.'' हाई कोर्ट ने लिया था संज्ञान मंत्री का वीडियो वायरल हुआ तो जबलपुर हाईकोर्ट ने इस पर स्वतः संज्ञान लिया. हाईकोर्ट ने 14 मई को 4 घंटे में मंत्री के खिलाफ FIR दर्ज करने के आदेश दिए. हालांकि मामले में FIR तो दर्ज हुई, लेकिन हाईकोर्ट ने FIR को खाना पूर्ति बताया था. हाईकोर्ट ने कहा था कि अब इस मामले में कोर्ट ही पुलिस जांच की निगरानी करेगी. हाईकोर्ट ने इस मामले में सुप्रीम कोर्ट में भी कैविएट दायर की है. यानी आज सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई के दौरान हाईकोर्ट के मामले को भी सुना जाएगा. विजय शाह मामले में कब क्या हुआ     11 मई को मंत्री विजय शाह, महू के रायकुंडा गांव पहुंचे और यहां एक कार्यक्रम … Read more

स्वास्थ्य अधोसंरचनाओं के सशक्तीकरण, चिकित्सकीय मैनपॉवर और अत्याधुनिक उपकरण की उपलब्धता के किए गए सुगठित प्रयास

भोपाल प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के स्वस्थ भारत, समृद्ध भारत के संकल्प को साकार करने के लिये मध्यप्रदेश सरकार निरन्तर कार्य कर रही है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में मध्यप्रदेश सरकार "स्वस्थ भारत, समृद्ध भारत" के संकल्प को साकार करने हेतु निरंतर प्रयासरत है। उप मुख्यमंत्री राजेन्द्र शुक्ल ने कहा कि “राइट टू हेल्थ” के साथ “राइट टू स्क्रीनिंग” भी आवश्यक है। राज्य ने सिकल सेल, टीबी और अन्य बीमारियों की समय पर पहचान और इलाज को प्राथमिकता दी है। राष्ट्रीय सिकल सेल उन्मूलन मिशन, टीबी मुक्त भारत अभियान, निरोगी काया अभियान में मध्यप्रदेश का उत्कृष्ट प्रदर्शन, मध्यप्रदेश की प्रतिबद्धता स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं के समर्पण का परिणाम है। उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने कहा है कि यह परिणाम हमें आश्वस्त करते हैं कि स्वस्थ सशक्त मध्यप्रदेश के निर्माण में हम शीघ्र सफल होंगे। प्रदेश में निक्षय भारत अभियन के अंतर्गत 23 जिलों में 78.14 लाख नागरिकों की स्क्रीनिंग की गई, 21,992 टीबी मरीज चिन्हित हुए, 28,664 निक्षय मित्र बनाए गए और 23,818 फूड-बास्केट वितरित किये गये। अभियान में उत्कृष्ट परिणामों के लिए प्रदेश को राष्ट्रीय स्तर पर सम्मानित किया गया। प्रदेश में नए बने जिलों के अतिरिक्त सभी जिलों में क्षय रोग की जांच के लिए हैंड हेल्ड एक्स-रे मशीनें उपलब्ध हैं। सिकल सेल एनीमिया उन्मूलन मिशन में 1.05 करोड़ स्क्रीनिंग हुई, 28,297 मरीजों का इलाज हुआ और 75.36 लाख कार्ड वितरित किये गये। इसके उपचार के लिए बीएमएचआरसी भोपाल और एमजीएम इंदौर में 2 सेंटर ऑफ कॉम्पिटेंस उपलब्ध हैं। साथ ही, संजय गांधी चिकित्सालय रीवा में सेंटर ऑफ एक्सीलेंस शुरू किया गया है। उच्च रक्तचाप के 77.73 लाख, मधुमेह के 76.07 लाख, एनएएफएलडी के 33.94 लाख, ओरल कैंसर के 11.90 लाख, सर्वाइकल कैंसर के 3.38 लाख और स्तन कैंसर के 5.59 लाख नागरिकों की स्क्रीनिंग की गई। प्रदेश के 52 डे-केयर में 42 प्रकार की कैंसर रोधी दवाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं। दिसंबर-2024 के पल्स पोलियो अभियान में 36 लाख बच्चों को 99% लक्ष्य के साथ पोलियो खुराक दी गई। 6 जनवरी 2025 से शुरू 66 मोबाइल मेडिकल यूनिट्स ने अब तक 21 जिलों के 87 विकासखंडों के 1268 ग्रामों में 2.08 लाख रोगियों को सेवा दी है। अब प्रदेश में इमरेजेंसी पेसेंट्र से लिए एयर एम्बुलेंस भी उपलब्ध है। इस सेवा से अब तक 61 नागरिक लाभान्वित हुए हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव के नेतृत्व में चिकित्सा शिक्षा में सतत विस्तार और उन्नतिकरण हुआ है। प्रदेश में 30 मेडिकल कॉलेज है। सत्र 2024-25 में 400 नई एमबीबीएस की सीटें उपलब्ध हुई हैं। आगामी वर्ष में 6 मेडिकल कॉलेज स्थापित होंगे। साथ ही पीपीपी मोड में 12 शासकीय कॉलेज भी स्थापित किये जायेंगे। 2300 और सीटों की वृद्धि संभावित है। सुपर स्पेशियलिटी सीटें 47 से बढ़कर 64 हुईं हैं, जबकि नॉन-क्लिनिकल विषयों में 291 सीनियर रेजिडेंट पद सृजित हुए हैं। भोपाल और इंदौर मेडिकल कॉलेज एम्स की तर्ज पर उन्नत किए जा रहे हैं। प्रदेश में 13 नए नर्सिंग कॉलेज निर्माणाधीन है, शेष 27 जिलों में भी इनकी स्थापना प्रस्तावित है। जबलपुर में बोन मेरो ट्रांसप्लांट, इंदौर में सीएआर-टी सेल थेरेपी और रक्त विकिरणक मशीन की सेवा शुरू की गई। 15वें वित्त आयोग और पीएम अभीम के तहत 271 उप स्वास्थ्य केंद्र, 11 प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र, 79 ब्लॉक पब्लिक हेल्थ यूनिट, 15 आईपीएचएल, 1 क्रिटिकल केयर ब्लॉक, 5 ब्लड बैंक और 2 मैटरनिटी वार्ड सहित 37 निर्माण कार्य पूर्ण किए गए। एनक्यूएएस के तहत 1977 संस्थाएँ अभिप्रमाणित, 176 लेबर रूम, 53 मेटरनिटी ओटी, 22 एसएनसीयू मुस्कान अभिप्रमाणित, 30 पैथोलॉजी लैब एनएबीएल प्रमाणित और 24 ब्लड बैंक ऑटोमेटेड हैं। प्रदेश में 10 हज़ार करोड़ के स्वास्थ्य अधोसंरचना विकास कार्य प्रगतिरत हैं। ‘हेल्थ केयर इन्वेस्टमेंट प्रमोशन पॉलिसी-2025’ लॉन्च की जा चुकी है। नीति 2020 के अंतर्गत 120 करोड़ रूपए के 84 प्रस्ताव और नई नीति में 200 से अधिक ‘इंटेंशन टू इन्वेस्ट’ प्राप्त हो चुके हैं। आयुष्मान भारत में अग्रणी अब तक 4.29 करोड़ आयुष्मान कार्ड बनाए जा चुके हैं। योजना में 58 लाख लाभार्थियों को 8,757 करोड़ रूपए की सेवाएँ उपलब्ध कराई गई हैं। योजना में शामिल किए जाने के बाद से 40 लाख वरिष्ठ नागरिकों के वय वंदना कार्ड बनाकर मध्यप्रदेश देश में शीर्ष स्थान पर है। मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य "मातृ शिशु संजीवन मिशन" और "अनमोल 2.0" प्रारंभ किये गए हैं। प्रदेश में MMR 173 से घटकर 80, NMR को 31 से 10 और IMR को 43 से 20 तक लाने का लक्ष्य तय किया गया हैं। अनमोल 2.0 के माध्यम से शत-प्रतिशत ट्रैकिंग, गर्भवती महिलाओं को जाँच और पोषण आहार के लिए प्रेरित करना, मुख्यमंत्री श्रमिक सेवा प्रसूति सहायता योजना और जननी सुरक्षा योजना के भुगतान को सुगम बनाया जाएगा। प्रदेश में SNCU, HDU, ICU और स्तनपान सहायता इकाइयों की स्थापना की गई है। हाई-रिस्क गर्भवती महिलाओं के लिए विशेष पैकेज निजी अस्पतालों तक विस्तारित हुए हैं। मध्यप्रदेश में 30 से 65 वर्ष की 39.5 लाख महिलाओं की सर्वाइकल कैंसर स्क्रीनिंग की गई, 12,251 को उपचार उपलब्ध कराया गया। प्रदेश में 111 लाख महिलाओं की स्तन कैंसर जाँच की जा कर अब तक 8000 मरीजों की कीमोथेरेपी कारई जा चुका है। भारत सरकार ने मध्यप्रदेश के डे-केयर सेंटर मॉडल को अपनाकर पूरे देश में लागू करने का प्रावधान किया है। ब्लड बैंक और डायलिसिस सेवा प्रदेश के सभी जिला अस्पतालों में ब्लड बैंक; 278 ब्लॉक्स में से 118 में यूनिट संचालित। साथ ही 67 ब्लॉकों में PPP मॉडल पर डायलिसिस यूनिट्स का संचालन किया जा रहा है। शेष में 2028 तक ब्लड बैंक और डायलिसिस सेवा विस्तार की योजना है। निःशुल्क दवाएँ और जाँच सेवाएँ प्रदेश के जिला अस्पतालों में 295 से बढ़ाकर 530 दवाएँ उपलब्ध कराई जा रही हैं। मेडिकल कॉलेजों में 267, सामुदायिक केंद्रों पर 80 तरह की जाँच सेवाएँ उपलब्ध हैं। 14 जिलों में आईपीएचएल कार्यरत है। आईपीएचएल सेवा का विस्तार भी योजनाबद्ध तरीके से किया जा जा रहा है।उज्जैन में ₹592.30 करोड़ से अटल मेडिसिटी का निर्माण कराया जा रहा है। मानव संसाधन सुदृढ़ीकरण वर्ष 2024-25 में 1768 रिक्त पदों (40 पीजीएमओ, 420 एमओ, 980 सीएचओ, 7 जिला कार्यक्रम प्रबंधक, 7 जिला लेख प्रबंधक, 10 जिला कम्युनिटी मोबिलाइजर, आदि) पर भर्ती की गई। 3850 नए पदों (1388 विशेषज्ञ, 1832 एमओ, 469 दंत चिकित्सक) के लिए मध्यप्रदेश लोक सेवा आयोग से और 454 लैब … Read more