CM यादव ने कहा देवी अहिल्या बाई होलकर ने करके दिखाया कि कठिन समय में कुशलता के साथ सत्ता का संचालन कैसे किया जाता

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि देवी अहिल्या सांस्कृतिक राष्ट्रवाद, नारी सशक्तिकरण और सुशासन की एक मिसाल है। कुशल प्रशासक के रूप में उनके जन कल्याण के कार्य हमें आज भी समाज के हर वर्ग के कल्याण की प्रेरणा देते हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव इंदौर के लता मंगेशकर सभागार में विश्व मांगल्य सभा द्वारा पुण्यश्लोका लोकमाता देवी अहिल्याबाई होल्कर की जन्म त्रिशताब्दी अवसर पर "राष्ट्र समर्था देवी अहिल्या की पुण्य गाथा" नाट्य के मंचन में उपस्थित जन समुदाय को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मंत्रि-परिषद के सदस्यों के साथ इस नाट्य को देखा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि देवी अहिल्या बाई होलकर ने करके दिखाया कि कठिन समय में कुशलता के साथ सत्ता का संचालन कैसे किया जाता है। उन्होंने सोमनाथ और वाराणसी में मंदिर बनाने के साथ ही नदियों पर घाट बनवाए हैं। रामेश्वरम के मंदिर निर्माण में भी लोकमाता देवी अहिल्या बाई होलकर का योगदान है। मंदिर के साथ ही धर्मशाला, अन्नशाला, घाट निर्माण, पुजारी के मानदेय इत्यादि सबका ध्यान रखा। सहस्त्रबाहु की राजधानी रही महेश्वर (महिष्मती) का पुरूद्धार कराया। लोकमाता देवी अहिल्या बाई में एक आदर्श बहु और बेटी का रुप भी दिखाई देता है।  मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि लोकमाता देवी अहिल्या की 300वीं जयंती के अवसर पर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने सम्पूर्ण देश में अहिल्या उत्सव मनाए जाने का मार्ग प्रशस्त किया है। लोकमाता देवी अहिल्या बाई की 300वीं जयंती के अवसर पर इंदौर के राजवाड़ा में प्रदेश की कैबिनेट बैठक का आयोजन किया गया है। कैबिनेट की इस बैठक में लोकमाता देवी अहिल्या बाई की दूरदृष्टि से प्रेरित होकर प्रदेश के विकास के निर्णय लिए जाएंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने लोकमाता देवी अहिल्या बाई के जीवन के विविध पहलुओं को एक नाटक के माध्यम से प्रस्तुत करने के लिए विश्व मांगल्य सभा की सराहना करते हुए कहा कि यह नाटक जन सामान्य को लोकमाता देवी अहिल्या बाई के कार्यों और सुशासन से परिचित कराने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। उन्होंने कहा कि महेश्वर में इस नाटक का कुछ भाग ही देखा था, लेकिन आज इंदौर में पूरी जीवनगाथा कैबिनेट के सभी सदस्यों के साथ देखने का अवसर मिला है। कार्यक्रम के प्रारंभ में मुख्यमंत्री डॉ. यादव सहित कैबिनेट के सदस्यों का मालवी पगड़ी पहनाकर स्वागत किया गया। इस अवसर पर उप मुख्यमंत्री द्वय राजेन्द्र शुक्ल और जगदीश देवड़ा, मंत्रीगण प्रहलाद सिंह पटेल, कैलाश विजयवर्गीय, राकेश सिंह, तुलसीराम सिलावट, मुख्य सचिव अनुराग जैन, संभागायुक्त दीपक ‍सिंह, सांसद शंकर लालवानी, महापौर पुष्यमित्र भार्गव, विधायक श्रीमती मालिनी गौड़, मधु वर्मा, गोलू शुक्ला, सुमित मिश्रा एवं अन्य जनप्रतिनिधि उपस्थित थे।   recent visitors 22

एक ओवर ने सब बर्बाद कर दिया, प्लेऑफ की रेस से बाहर हुई लखनऊ, बना मैच का टर्निंग पॉइंट

हैदराबाद इंडियन प्रीमियर लीग (आईपीएल 2025) का 61वां मैच सनराइजर्स हैदराबाद और लखनऊ के बीच गया. इस मैच में हैदराबाद ने 6 विकेट से जीत हासिल की. लखनऊ को मिली इस हार के बाद प्लेऑफ में पहुंचने की उसकी उम्मीद भी टूट गई है. इस मुकाबले में टॉस जीतकर हैदराबाद ने पहले गेंदबाजी का फैसला लिया था. लखनऊ की टीम ने पहले बैटिंग करते हुए मार्श और मार्करम की फिफ्टी के दम पर 206 रनों का लक्ष्य हैदराबाद के सामने रखा था. इसके जवाब में उतरी हैदराबाद ने 19वें ओवर में ये मैच जीत लिया. ऐसी रही हैदराबाद की बल्लेबाजी 206 रनों के जवाब में उतरी हैदराबाद की शुरुआत अच्छी नहीं रही. दूसरे ही ओवर में अथर्व का विकेट दिग्वेश ने चटकाया. अथर्व के बल्ले से केवल 13 रन ही निकले. लेकिन इसके बाद अभिषेक शर्मा और ईशान किशन ने शानदार बल्लेबाजी की. दोनों ने हैदराबाद को संभाला और ताबड़तोड़ अंदाज में रन बनाए. अभिषेक ने लगातार तीन छक्के जड़कर महज 18 गेंदों में ही फिफ्टी जड़ दी. आलम ये रहा की हैदराबाद ने 8वें ओवर में ही 100 रनों का आंकड़ा पार कर लिया. लेकिन 8वें ओवर में अभिषेक शर्मा का विकेट गिर गया. अभिषेक ने 59 रनों की पारी खेली. इसके बाद 12वें ओवर में ईशान किशन भी चलते बने. उन्हें भी दिग्वेश सिंह राठी ने चलता किया. किशन ने 35 रनों की पारी खेली. इसके बाद हेनरिक क्लासेन और कामिंदु ने शानदार बल्लेबाजी की. दोनों के बीच अर्धशतकीय साझेदारी हुई. हालांकि, ये जोड़ी 18वें ओवर में टूट गई. क्लासेन ने 47 रनों की पारी खेली.  लेकिन हैदराबाद ने ये मुकाबला 6 विकेट से जीत लिया. हैदराबाद की इस जीत के साथ ही लखनऊ की उम्मीदें टूट गईं. अब प्लेऑफ का सफर उसके लिए खत्म हो गया है. हैदराबाद की टीम पहले ही प्लेऑफ की दौड़ से बाहर हो चुकी थी.   रवि बिश्नोई के एक ओवर में पड़े थे 26 रन दरअसल, सनराइजर्स हैदराबाद की पारी का सातवां ओवर लखनऊ सुपर जायंट्स की तरफ से लेग स्पिनर रवि बिश्नोई डालने आए थे। उनके ओवर की पहली गेंद वाइड रही थी। इसके बाद स्ट्राइक पर मौजूद इशान किशन ने एक डॉट बॉल खेली और ओवर की दूसरी बॉल पर सिंगल लेकर स्ट्राइक रोटेट कर ली। अब स्ट्राइक पर थे अभिषेक शर्मा, जिन्होंने लगातार चार गेंदों पर चार छक्के जड़ डाले। उन्होंने तीसरे सिक्स के साथ ओवर में 18 गेंद पर अपनी फिफ्टी भी पूरी की। रवि बिश्नोई के इस एक ओवर में कुल 26 रन पड़े। यहां से पूरी तरह खेल हैदराबाद के हाथ में आ गया था। ऐसी रही लखनऊ की शुरुआत पहले बल्लेबाजी के लिए उतरी लखनऊ की शुरुआत बेहद धमाकेदार रही. मिचेल मार्श और एडेन मार्करम ने तूफानी अंदाज में आगाज किया. छक्के-चौके की बारिश की. मिचेल मार्श ने महज 28 गेंदों पर ही फिफ्टी जड़ दी. अपनी इस पारी में उन्होंने 3 चौके और 4 छक्के लगाए. 9 ओवर में ही लखनऊ ने 100 का आंकड़ा भी पार कर लिया था.लेकिन 11वें ओवर में लखनऊ को पहला झटका लगा, जब हर्ष दुबे ने मिचेल मार्श का विकेट झटका. मार्श ने 39 गेंद में 65 रनों की पारी खेली. उन्होंने 6 चौके और 4 छक्के लगाए. लेकिन दूसरे छोर पर मार्करम टिके रहे. लेकिन ऋषभ पंत फिर फ्लॉप रहे. वह नंबर-3 पर बल्लेबाजी के लिए आए लेकिन 7 रन बनाकर ही 12वें ओवर में आउट हो गए. 27 करोड़ी पंत के लिए ये सीजन बेहद खराब रहा है. वहीं, मार्करम ने 28 गेंदों पर अर्धशतक लगाया. ये उनका इस सीजन का 5वां अर्धशतक था. लेकिन 16वें ओवर में एडेन मार्करम का विकेट गिर गया. मार्करम ने 38 गेंद में 61 रनों की तूफानी पारी खेली. वहीं, 18वें ओवर में लखनऊ को चौथा झटका लगा जब बदोनी 3 रन बनाकर आउट हो गए. हालांकि, निकोलस पूरन एक छोर पर टिके रहे. पूरन ने 26 गेंद में 45 रन बनाए और आखिरी ओवर में वो रन आउट हो गए. लखनऊ ने 20 ओवर में 7 विकेट गंवाकर 205 रन बनाए. राठी और अभिषेक में हुई तीखी बहस जब हैदराबाद 206 रनों का चेज करने उतरी तो अभिषेक शर्मा तूफानी अंदाज में बल्लेबाजी कर रहे थे. उन्होंने महज 18 गेंदों में ही फिफ्टी जड़ी और लगातार 4 छक्के भी लगाए. लेकिन पारी का 8वां ओवर लेकर दिग्वेश सिंह राठी पहुंचे. अभिषेक शर्मा इस ओवर में कैच आउट हो गए. इसके बाद दिग्वेश राठी ने अभिषेक को देखकर अपने पुराने अंदाज में जश्न मनाया. इसपर अभिषेक शर्मा आग बबूला हो गए. दोनों में तीखी बहस हुई. अंपायर को बीच-बचाव करना पड़ा. इसका वीडियो सोशल मीडिया पर खूब वायरल हो रहा है. हर्षल पटेल ने बुमराह-मलिंगा को भी छोड़ा पीछे  इस मैच में SRH के तेज गेंदबाज हर्षल पटेल ने IPL इतिहास में सबसे तेज़ 150 विकेट लेने वाले गेंदबाज बनने का रिकॉर्ड अपने नाम कर लिया है. उन्होंने इस उपलब्धि के साथ लसिथ मलिंगा को पीछे छोड़ दिया है. हर्षल पटेल ने यह उपलब्धि मैच के 16वें ओवर में हासिल की, जब उन्होंने एडन मार्करम को 61 (38 गेंदों) पर क्लीन बोल्ड किया. इस विकेट के साथ उन्होंने IPL में 2381 गेंदों में 150 विकेट पूरे किए. उन्होंने लसिथ मलिंगा (2444 गेंदें) और युजवेंद्र चहल (2543 गेंदें) जैसे दिग्गजों को पीछे छोड़ते हुए रिकॉर्ड बुक में अपना नाम दर्ज कराया. हर्षल इस सीजन में अब तक 11 पारियों में 15 विकेट लेकर संयुक्त रूप से 5वें सबसे अधिक विकेट लेने वाले गेंदबाज हैं. उनका औसत 24.26 है और उन्होंने दो बार चार विकेट लिए हैं. 150 IPL विकेट सबसे कम गेंदों में 1. 2381 गेंदें – हर्षल पटेल 2. 2444 गेंदें – लसिथ मलिंगा 3. 2543 गेंदें – युजवेंद्र चहल 4.2656 गेंदें – ड्वेन ब्रावो 5. 2832 गेंदें – जसप्रीत बुमराह recent visitors 43

पाकिस्तान के भिखरियों ने भीख मांगकर खरीद ली हवेली से लेकर SUV, , विदेश तक फैला नेटवर्क

नई दिल्ली पाकिस्तान में भीख मांगना कारोबार बन गया है। काफी लोग भीख मांगकर आलिशान जीवन जी रहे हैं। यह स्थिति तब है जब पाकिस्तान कर्ज के तले दबा हुआ है और उधार के पैसों से चल रहा है। पाकिस्तान को हाल ही में आईएमएफ से बेलआउट पैकेज मिला है। पाकिस्तान के भिखारियों की यह स्थिति है कि काफी लोग दुनिया के दूसरे देशों में भी जाकर भीख मांग रहे हैं। वहीं पाकिस्तान ने भी इस बात को मान लिया है कि उसके देश में भिखारियों की संख्या बढ़ रही है। इकोनॉमिक टाइम्स के अनुसार पाकिस्तान की नेशनल असेंबली में बताया गया कि साल 2024 से अब तक 5000 से ज्यादा पाकिस्तानी भिखारियों को अलग-अलग देशों से वापस भेजा गया है। पाकिस्तानी भिखारियों के पास हवेली, SUV बता दें, इस साल फरवरी के महीने में एक वीडियो भी वायरल हुआ था, जिसमें पेशे से एक डॉक्टर महिला ने दावा किया था कि उसकी शादी के कुछ महीने बाद उसे पता चला कि उसके ससुराल में हवेली, एसयूवी, स्विमिंग पूल और दूसरे आलीशान सामान भीख के पैसों से खरीदा गया था. इसलिए उसकी शादी एक शाही भिखारी परिवार में हुई है. इसमें सबसे खास बात ये है कि पाकिस्तान में दो तरह के भिखारी पाए जाते हैं. पाकिस्तान में दो तरह के भिखारी एक वो जो वहीं पर भीख मांगकर अपना गुजारा करते हैं जबकि दूसरे भिखारी वो हैं जिनके बड़े सपने होते हैं. वो ऐसे भिखारी होते हैं जो पाकिस्तान को छोड़कर दूसरे देशों में भीख मांगने जाते हैं. वहां पर वो भीख मांगकर काफी पैसे कमा लेते हैं. उनका ये सारा कारोबार एक मॉडल पर चलता है. जिस तरह से आपको कोई भी कारोबार शुरू करने के लिए स्किल्स की जरूरत होती है, ठीक उसी तरह से पाकिस्तान में भिखारियों ने इस पेशे को अपने भीख मांगने के स्किल्स के साथ चला रहे हैं. ये भीख मांगते समय खास तरह की ड्रेस पहनते हैं, ये आपको अलग-अलग लुक में नजर आएंगे, ताकि सामने वाले लोगों का ध्यान खींचा जा सके. सऊदी अरब के बाद इराक ने सबसे ज्यादा 247 पाकिस्तानियों को वापस भेजा. यूएई ने पाकिस्तान सरकार के सामने गंभीर चिंता जताई और पाकिस्तानियों के लिए वीजा नियमों को कड़ा किया. इस दौरान 58 लोगों को वापस भेजा गया. पाकिस्तान के रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ ने कहा कि यह समस्या खतरनाक स्तर पर पहुंच गई है, जिससे पाकिस्तानियों के लिए दूसरे देशों से वीजा प्राप्त करना मुश्किल हो गया है. उन्होंने अनुमान लगाया कि पाकिस्तान में करीब 22 मिलियन लोग भीख मांगते हैं, जिससे सालाना करीब 42 बिलियन डॉलर की कमाई होती है. यह आंकड़ा इस समस्या के पैमाने को दिखाता है. 2023 में सीनेट समिति की बैठक के दौरान, तत्कालीन विदेश मंत्रालय सचिव, जुल्फिकार हैदर ने खुलासा किया कि विदेशों में गिरफ्तार किए गए अधिकांश भिखारी लगभग 90 फीसदी पाकिस्तानी नागरिक थे. उन्होंने कहा कि उनमें से कई सऊदी अरब, ईरान और इराक जैसे देशों में तीर्थयात्रा वीजा पर यात्रा करते हैं, लेकिन फिर भीख मांगते हैं. व्यवसाय का नया मॉडल पाकिस्तान के गृह मंत्रालय ने खुलासा किया है कि सबसे ज्यादा 4,498 भिखारियों को सऊदी अरब से वापस भेजा गया था. ऐसे में जब सब कुछ सामने आ चुका है तो सवाल ये उठता है कि, पाकिस्तान अब भारत के रक्षा मंत्री के उस बयान पर क्या प्रतिक्रिया देगा, जिसमें उन्होंने ये कहा था कि “जहां भी पाकिस्तान खड़ा होता है, भिखारियों की कतार वहीं से शुरू होती है. भीख मांगकर बनाई हवेली फरवरी में एक वीडियो वायरल हुआ था। इसमें एक पाकिस्तानी महिला ने बताया कि शादी के कुछ महीनों बाद उसे पता चला कि उसके ससुराल वालों की हवेली, एसयूवी, स्विमिंग पूल और दूसरी लग्जरी चीजें भीख मांगकर खरीदी गई हैं। यह पाकिस्तानी महिला पेशे से डॉक्टर है। उसकी शादी भिखारियों के एक अमीर परिवार में हुई थी। भीख मांगकर कमाई बेशुमार दौलत पाकिस्तानी भिखारियों ने भीख मांगकर बेशुमार दौलत कमाई है। यही नहीं, कई पाकिस्तानी भिखारी विदेश चले गए और वहां भी उन्होंने भीख मांगी। ऐसे में उन्होंने और ज्यादा दौलत इकट्ठी की ली। उनका यह बिजनेस मॉडल लोगों को हैरान कर रहा है। वहीं पिछले 3 सालों में 50 हजार पाकिस्तानी दुनिया भर के देशों में भीख मांगते पाए गए। किन-किन देशों से भेजे गए भिखारी? पाकिस्तान की नेशनल असेंबली को सौंपे गए एक लिखित बयान के अनुसार साल 2024 से अब तक कुल 5,402 पाकिस्तानी भिखारियों को विदेश से खदेड़ा गया है। सऊदी अरब, इराक, मलेशिया, यूएई, कतर और ओमान जैसे कई देश शामिल हैं, जहां से पाकिस्तानी भिखारियों को पकड़कर भगाया गया है। ज्यादातर भिखारी सऊदी अरब से वापस भेजे गए हैं। सऊदी अरब से 4,498 और इराक से 242 भिखारी वापस पाकिस्तान भेजे गए। इसी तरह मलेशिया से 55 और यूएई से 49 पाकिस्तानी भिखारियों को वापस पाक भेजा गया है। recent visitors 42

मध्यप्रदेश में टेक्सटाइल सेक्टर को मिल रहा बढ़ावा, भोपाल में रेडीमेड गारमेंट पार्क तो इंदौर में बनेगा प्लग एन प्ले गारमेंट कॉम्पलेक्स

भोपाल मध्य प्रदेश जल्द ही टेक्सटाइल सेक्टर का हब बनने की दौड़ में अग्रसर आने की तैयारी कर रहा है। इसके लिए मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में कई ऐतिहासिक कदम उठाए जा रहे हैं। अब सरकार टेक्सटाइल सेक्टर में निवेश बढ़ाने की कोशिशे कर रही है। सरकार के प्लान के अनुसार, राजधानी भोपाल में रेडीमेड गारमेंट पार्क बनाया जाएगा, जबकि आर्थिक राजधानी इंदौर में प्लग एन प्ले गारमेंट कॉम्पलेक्स तैयार होगा। इसी को लेकर आगामी 27 मई को मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव लुधियाना में टेक्सटाइल कंपनियों से निवेश पर चर्चा करेंगे।  मध्य प्रदेश रेडीमेड गारमेंट सेक्टर में भी आगे बढ़ रहा है। राजधानी भोपाल में रेडीमेड गारमेंट पार्क तैयार किया जा रहा है। ये पार्क कोलार रोड के सतगढ़ी में 61 हेक्टेयर क्षेत्र में बनाया जा रहा है। भोपाल के प्रोजेक्ट में कोलकाता और दक्षिण भारत के मैन्युफैक्चरर्स निवेश के लिए तैयार है। वहीं इंदौर के परदेशीपुरा में प्लग-एन-प्ले गारमेंट कॉम्पलेक्स तैयार किए जा रहे हैं। इस कॉम्पलेक्स में चार ब्लॉक में कुल 184 यूनिट संचालित हो सकेगी। MPIDC ने बनाया कॉम्पलेक्स का प्रस्ताव भोपाल के कोलार रोड के सतगढ़ी में 61 हेक्टेयर में एमपीआईडीसी (MPIDC) ने कॉम्पलेक्स का प्रस्ताव बनाया है। पार्क से मेन रोड तक किलोमीटर की 4 लेन एप्रोच रोड 20 करोड़ की लागत से बनेगी। नेशनल हाईवे 46 और एयरपोर्ट की नजदीकी के चलते निवेशकों की रुचि बढ़ी है। 27 मई को मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव पंजाब के लुधियाना में टेक्सटाइल कंपनियों से निवेश पर चर्चा करेंगे। मध्यप्रदेश बनेगा टेक्सटाइल का नया हब इस टेक्सटाइल पार्क को राज्य में 2100 एकड़ भूमि पर विकसित किया जाएगा, जो अत्याधुनिक सुविधाओं से युक्त होगा। इसमें शामिल होंगी – • 20 MLD क्षमता वाला Zero Liquid Discharge (ZLD) जल संयंत्र • सौर ऊर्जा आधारित पॉवर प्लांट • “प्लग एंड प्ले” फैक्ट्री यूनिट्स • श्रमिकों के लिए आवासीय परिसर सभी निर्माण कार्य 14 माह के भीतर पूर्ण करने का लक्ष्य रखा गया है, जिससे यह देश का सबसे तेज़ी से विकसित होने वाला टेक्सटाइल इंफ्रास्ट्रक्चर बनेगा। रोज़गार और निवेश का नया द्वार सरकार ने जानकारी दी है कि इस प्रोजेक्ट में अब तक 10,000 करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हो चुके हैं, जो उद्योग जगत के भरोसे को दर्शाता है। इससे न केवल लाखों युवाओं को रोजगार मिलेगा, बल्कि राज्य की अर्थव्यवस्था को जबरदस्त बल भी मिलेगा। प्रधानमंत्री मोदी की ‘मेक इन इंडिया’ नीति को मिलेगा बल पीएम मित्रा पार्क योजना, प्रधानमंत्री मोदी की ‘मेक इन इंडिया’, ‘वोकल फॉर लोकल’, और आत्मनिर्भर भारत अभियान को मजबूती देने वाली योजना है। इसके ज़रिए भारत वैश्विक टेक्सटाइल बाजार में एक सशक्त खिलाड़ी के रूप में उभरेगा। शीघ्र शुरू होगी भूमि आवंटन प्रक्रिया सरकार ने बताया है कि परियोजना से संबंधित भूमि आवंटन की प्रक्रिया जल्द शुरू की जाएगी और इसके लिए औद्योगिक इकाइयों से आवेदन आमंत्रित किए जाएंगे। recent visitors 30

भोपाल मेट्रो ट्रेन का ट्रायल रन 90 किलोमीटर प्रति घंटे की गति से किया जाएगा, क्यूआर कोड आधारित टिकटिंग सिस्टम

भोपाल भोपाल मेट्रो रेल परियोजना अब अपने अंतिम चरण में पहुंच चुकी है। राजधानी के पांच स्टेशनों पर फिनिशिंग कार्य तेजी से चल रहा है, जबकि तीन स्टेशनों पर इंट्री और एग्जिट प्वाइंट्स पर काम जारी है। स्टेशनों के भीतर फॉल सीलिंग, लाइटिंग, टाइल्स और अन्य सौंदर्यीकरण कार्य किए जा रहे हैं। अधिकांश स्टेशनों पर एस्केलेटर और लिफ्ट का काम पूरा हो चुका है। भोपाल मेट्रो के पहले चरण में 7 किलोमीटर लंबा रूट सुभाष नगर से एम्स तक खोला जाएगा, जिसमें कुल 8 स्टेशन होंगे। यह रूट एलिवेटेड कॉरिडोर के रूप में विकसित हो रहा है। इसमें रानी कमलापति रेलवे स्टेशन (आरकेएमपी) पर स्काईवॉक बनेगा। 700 मीटर का स्काईवॉक का एक सिरा मेट्रो स्टेशन के कॉनकोर्स और दूसरा सिरा रेलवे स्टेशन के कॉनकोर्स से जुड़ा होगा। आरडीएसओ की टीम आ सकती है जल्द मेट्रो ट्रेन का ट्रायल रन 90 किलोमीटर प्रति घंटे की गति से किया जाएगा। इस ट्रायल की निगरानी आरडीएसओ (रिसर्च डिजाइन एंड स्टैंडर्ड्स ऑर्गनाइजेशन) द्वारा की जाएगी। यह संस्था हर स्पीड पर ट्रेन की ब्रेकिंग, स्थिरता और तकनीकी सुरक्षा का आकलन करेगी। आरडीएसओ की टीम के इसी माह के अंत तक आने की संभावना है। इसके बाद रेलवे सेफ्टी कमिश्नर मेट्रो के ट्रैक, सिविल वर्क, ट्रेन, सिग्नलिंग सिस्टम और सार्वजनिक सुविधाओं की व्यापक जांच करेगा। एक माह की प्रक्रिया के बाद ट्रेन का कमर्शियल रन शुरू किया जाएगा। तीन कोच 900 यात्रियों को ले जाने में सक्षम अब तक सात मेट्रो ट्रेनें भोपाल पहुंच चुकी हैं। कुल 27 ट्रेनों का संचालन प्रस्तावित है। प्रत्येक ट्रेन तीन कोच की होगी, जो लगभग 900 यात्रियों को ले जाने में सक्षम होगी। इनमें 150 लोगों के बैठने की व्यवस्था भी होगी। ट्रेनों में दिव्यांगों के लिए विशेष सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी। सितंबर तक चल सकती है मेट्रो यदि सभी परीक्षण समय पर सफलतापूर्वक पूरे होते हैं, तो अगस्त-सितंबर तक भोपाल मेट्रो का संचालन शुरू हो सकता है। ट्रायल और सुरक्षा अनुमोदन के बाद राज्य सरकार अंतिम निर्णय लेगी। इंदौर मेट्रो का परीक्षण कार्य पहले ही पूर्ण हो चुका है, जिसका कमर्शियल रन जल्द शुरू होगा। क्यूआर कोड आधारित टिकटिंग सिस्टम भोपाल मेट्रो में क्यूआर कोड आधारित टिकटिंग सिस्टम लागू किया जाएगा। यात्रियों को एयरपोर्ट जैसी सुविधाएं मिलेंगी, जिसमें पेयजल, स्वच्छता और दिव्यांग अनुकूल सुविधाएं शामिल हैं। सुरक्षा के लिए  रिटायर्ड फौजियों और निजी सुरक्षा एजेंसियों की भी मदद ली जाएगी। सभी स्टेशनों पर एएफसी (ऑटोमैटिक फेयर कलेक्शन) गेट लगाए जा रहे हैं, जहां बारकोड टिकट से प्रवेश मिलेगा।   recent visitors 34

पाकिस्तान से बांग्लादेश होते हुए तुर्किये… ट्रंप परिवार का ये दोस्त कौन, जो बुन रहा डील का जाल

नई दिल्ली  अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने हाल के दिनों में उन देशों के साथ पींगें बढ़ाई है जिनके साथ भारत के अच्छे रिश्ते नहीं हैं। इनमें पाकिस्तान, बांग्लादेश और तुर्की शामिल हैं। यह भारत के लिए चिंता का विषय है। ऐसा लगता है कि पाकिस्तान में ट्रंप की दिलचस्पी केवल क्रिप्टो करेंसी के कारोबार तक ही सीमित नहीं है। उनके सहयोगियों ने हाल ही में इस्लामाबाद के साथ उनके परिवार की कंपनी के लिए क्रिप्टो करेंसी का सौदा किया था। अब एक नई बात सामने आई है। डोनाल्ड ट्रंप के बेटे डोनाल्ड ट्रंप जूनियर के कॉलेज के दोस्त जेंट्री बीच ने जनवरी में पाकिस्तान का दौरा किया था। इसके बाद वह बांग्लादेश और तुर्की भी गए थे। फिर उन्होंने मार-ए-लागो में ट्रंप सीनियर और उनके करीबी सहयोगियों को पाकिस्तान के बारे में जानकारी दी। उन्होंने बताया कि पाकिस्तान एक अद्भुत जगह है। वहां दुर्लभ खनिज, तेल, गैस और रियल एस्टेट के क्षेत्र में अरबों डॉलर के सौदे किए जा सकते हैं। पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने जेंट्री बीच की दो बार मेजबानी की। जेंट्री बीच पहली बार जनवरी में पाकिस्तान आए थे। इस दौरान शरीफ ने उनकी मेजबानी की थी। इस दौरान वरिष्ठ कैबिनेट मंत्री, वित्त मंत्री और विदेश मंत्री भी शामिल थे। शरीफ दूसरी बार 11 फरवरी को दुबई में वर्ल्ड गवर्नमेंट समिट के दौरान जेंट्री बीच से मिले। शरीफ ने कई विदेशी गणमान्य व्यक्तियों और राष्ट्राध्यक्षों के साथ तस्वीरें पोस्ट की थीं। लेकिन जेंट्री बीच उनमें से एक अनजान चेहरा थे। उनकी तस्वीर @PakPMO पर पोस्ट की गई थी। विवादों से पुराना नाता जेंट्री बीच ने बांग्लादेश में मुहम्मद यूनुस से मुलाकात की। यूनुस बांग्लादेश की अंतरिम सरकार के मुख्य सलाहकार हैं। यह मुलाकात पाकिस्तानी पीएम से मिलने के एक दिन बाद (29 जनवरी को) हुई थी। ट्रंप के करीबी सहयोगी जेंट्री बीच ने ढाका को तेल और गैस की खोज, एयरोस्पेस, रक्षा और रियल एस्टेट में भारी FDI लाने का वादा किया। शेख हसीना का तख्तापलट होने के बाद से भारत और बांग्लादेश के रिश्ते ठीक नहीं चल रहे हैं। ट्रंप जूनियर और उनके दोस्त जेंट्री बीच का विवादों से पुराना नाता है। 2018 में द गार्डियन ने लिखा था कि कैसे ट्रंप जूनियर के शिकार के साथी जेंट्री बीच ने डोनाल्ड ट्रंप के 2016 के चुनाव अभियान के लिए लाखों डॉलर जुटाए थे। इससे उन्हें ट्रंप के शीर्ष प्रशासनिक अधिकारियों तक पहुंच मिली। उन्होंने नेशनल सिक्योरिटी काउंसिल के अधिकारियों पर वेनेजुएला में अमेरिकी प्रतिबंधों को कम करने और वहां अमेरिकी कंपनियों के लिए व्यापार खोलने की योजना बनाने का दबाव डाला। शहबाज से मुलाकात, अरबों डॉलर का वादा जेंट्री थॉमस बीच ने इस दौरे में पाकिस्तान के पीएम शहबाज शरीफ से मुलाकात की और अरबों डॉलर निवेश का वादा किया. डॉन न्यूज की 30 जनवरी की रिपोर्ट के अनुसार जेंट्री थॉमस ने तब कहा था कि राष्ट्रपति ट्रंप आर्थिक कूटनीति में विश्वास करते हैं और उनका ये दौरा इसी के तहत हो रहा है. जेंट्री थॉमस ने कहा था, "हम पाकिस्तान में अलग अलग सेक्टर में अरबों डॉलर निवेश करने योजना बना रहे हैं, इनमें खनिज और प्रॉपर्टी सेक्टर शामिल है." जेंट्री थॉमस ने कहा था कि वे पाकिस्तान में ऐसी लग्जरी इमारतें बनाएंगे जैसी पाकिस्तान में अबतक नहीं बनी है, सोने की खान पर ट्रंप के करीबी की नजर एनबीटी की रिपोर्ट के अनुसार इस ट्रिप में जेंट्री थॉमस ने पाकिस्तान की कंपनी एपेक्स एनर्जी से एक डील साइन की थी. इस डील का मकसद था, सिंधु नदी के किनारे मिले 'प्लेसर गोल्ड' के भंडार को खोजना और विकसित करना. बता दें कि पाकिस्तान में हाल ही में सोना मिलने की खबर आई है. इस सोने की अनुमानित कीमत अरबों डॉलर बताई जा रही है. कुछ महीने पहले, पाकिस्तान की नेशनल इंजिनियरिंग सर्विसेज ने दावा किया था कि उन्होंने अटक में सिंधु नदी के पास 80,000 करोड़ रुपये मूल्य का एक विशाल प्लेसर गोल्ड ब्लॉक पाया है, बीबीसी की रिपोर्ट के अनुसार जियोलॉजिकल सर्वे ऑफ़ पाकिस्तान (जीएसपी) की साल 2022-23 की रिपोर्ट के अनुसार देश में कई जगहों पर खनिजों और बहुमूल्य धातुओं की खोज का काम जारी है. जीएसपी ने पाकिस्तान पंजाब के ज़िला अटक में और ख़ैबर पख़्तूनख़्वाह के ज़िला मानसहरा में जियोकेमिकल तकनीक से प्लेसर गोल्ड और दूसरी धातुओं की मौजूदगी का पता लगाने की कोशिश की है. रिपोर्ट के अनुसार अटक में सोने की मौजूदगी का पता लगाने के लिए जियो फिजिकल सर्वे और नमूने जमा किए गए हैं और इन पर काम जारी है. कहा जाता है कि ये सोना लाखों साल पहले हिमालय से बहकर आया है. और सिंधु नदी के तलछटों में है. इस्लामाबाद के बाद ढाका जेंट्री थॉमस का अगला पड़ाव 30 जनवरी को जेंट्री थॉमस इस्लामाबाद में थे तो 31 जनवरी को उनका चार्टर्ड प्लेन ढाका में था. यहां भी जेंट्री थॉमस ने मोहम्मद यूनुस को ढाका में भारी भरकम निवेश का लालच दिया.  यूनुस से मुलाकात में जेंट्री थॉमस ने कहा था कि अब समय आ गया है कि इस देश में और अधिक निवेश आए. हम यहां आकर उत्साहित हैं, उन्होंने कहा कि उनकी कंपनी रियल एस्टेट, खासकर कम लागत वाले सामाजिक आवास, एयरोस्पेस और रक्षा में निवेश करने में भी रुचि रखती है. जेंट्री थॉमस को बांग्लादेश में सोना तो नहीं मिला लेकिन यहां पर वो जिस डील पर विचार कर रहे हैं उसकी वैल्यू सोने से कम नहीं है. हाईग्राउंड होल्डिंग्स के मुख्य कार्यकारी और संस्थापक बीच ने कहा था उनकी कंपनी ने पहले ही बांग्लादेश में कई परिसंपत्तियां हासिल कर ली हैं और वे देश के ऊर्जा, वित्त और अन्य क्षेत्रों में और अधिक निवेश करना चाहेंगे. जेंट्री थॉमस ने यूनुस सरकार की हिन्दू अल्पसंख्यकों पर किए जाए अनैतिक और अवैध कार्यों को नजरअंदाज करते हुए कहा था कि आपने बहुत अच्छा काम किया है. और बांग्लादेश में लॉ एंड ऑर्डर की स्थिति अच्छी हुई है. बीच की यात्रा से सवाल उठना लाजिमी है बीच और ट्रंप जूनियर की दोस्ती वॉर्टन बिजनेस स्कूल, यूनिवर्सिटी ऑफ पेंसिल्वेनिया से है, जहां वे 1990 के दशक में साथ थे. टाइम्स ऑफ इंडिया की रिपोर्ट के अनुसार जब पाकिस्तान पहलगाम आतंकी हमले की साजिश रचने में व्यस्त था, इस दौरान जेंट्री … Read more

Pakistan पर आर्थिक चोट, FATF की ग्रे लिस्ट में फिर आएगा नाम, भारत ने कर ली पूरी तैयारी

नई दिल्ली  जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले के करीब दो हफ्ते बाद भारत ने पाकिस्तान और पाकिस्तान के कब्जे वाली जम्मू-कश्मीर (POK) में कुल नौ आतंकी शिविरों को निशाना बनाते हुए उस पर एयर स्ट्राइक किया।भारत की यह कार्रवाई पहलगाम आतंकी हमले के ठीक बाद हुई कई असैन्य और रणनीतिक कार्रवाई के बाद हुई, जिसमें सिंधु जल संधि को स्थगित किए जाने समेत कई अन्य फैसले लिए गए। इस दौरान भारत की तरफ से पाकिस्तान को एक बार फिर से फाइनेंशियल एक्शन टास्क फोर्स (एफएटीएफ) की ग्रे लिस्ट में डाले जाने की कूटनीतिक विवाद की व्यापक चर्चा हुई। भारत पाकिस्तान में एक्टिव आतंकवादी इंफ्रास्ट्रक्चर के संबंध में फाइनेंशियल एक्शन टास्क फोर्स (FATF) को नई खुफिया जानकारी सौंपने की प्लानिंग कर रहा है. FATF मनी लॉन्ड्रिंग और आतंकवाद को मिलने वाली आर्थिक सहायता पर नजर रखने वाली वैश्विक संस्था है जिसने पाकिस्तान को कुछ सालों पहले तक आतंक के समर्थन के लिए ग्रे लिस्ट में रखा था. पहलगाम हमले के बाद भारत ने ऑपरेशन सिंदूर के तहत पाकिस्तान और पीओके में 9 आतंकी ठिकानों को निशाना बनाया और पूरी दुनिया को दिखाया कि कैसे पाकिस्तान आतंक के इंफ्रास्ट्रक्चर को सपोर्ट कर रहा है. भारत पहले ही वैश्विक मुद्रा कोष, आईएमएफ सहित दुनिया की वित्तीय संस्थाओं से पाकिस्तान की आर्थिक मदद रोकने की अपील कर चुका है. भारत का कहना है कि पाकिस्तान इन पैसों को आतंकवाद के लिए इस्तेमाल कर रहा है. भारत इस मुद्दे को अंतरराष्ट्रीय मंच पर उठाने की सोच रहा है. भारत नए सबूत दिखाने वाला है जिससे साफ होता है कि पाकिस्तान का सरकारी तंत्र आतंकी समूहों को लगातार संरक्षण दे रहा है. ऐसे में पाकिस्तान एक बार फिर FATF की ग्रे लिस्ट में जा सकता है. भारत ने पहलगाम आतंकवादी हमले में संलिप्तता के लिए पाकिस्तान के खिलाफ अपना कूटनीतिक अभियान तेज कर दिया है तथा एशियाई विकास बैंक (एडीबी) और अन्य अंतरराष्ट्रीय वित्तीय संस्थानों से पाकिस्तान को धनराशि उपलब्ध न कराने को कहा है। इसके अलावा भारत ने पश्चिमी देशों से पाकिस्तान को वित्तीय कार्रवाई कार्य बल (एफएटीएफ) की ग्रे सूची में डालने को कहा है। बताते चलें कि एफएटीएफ की अगली बैठक जून महीने में प्रस्तावित है। पाकिस्तान पिछले कई वर्षों तक ग्रे लिस्ट में शामिल रहा और 2022 में वह इस सूची से बाहर हुआ था। इस पर प्रतिक्रिया देते हुए  भारत ने कहा था कि एफएटीएफ की निगरानी की वजह से पाकिस्तान को 26/11 मुंबई हमले में शामिल आतंकियों के खिलाफ कार्रवाई करने के लिए मजबूर होना पड़ा था। बताते चलें कि 2021 में एफएटीएफ की अहम बैठक से पहले पाकिस्तान ने मुंबई हमलों के आरोपी और लश्कर-ए-तैयबा के ऑपरेशनल कमांडर जकी-उर-रहमान को टेरर फंड्स का इस्तेमाल करने के आरोप में गिरफ्तार किया था। एफएटीएफ ने 27 प्वाइंट एक्शन प्लान को जारी करते हुए पाकिस्तान को 2018 में ग्रे लिस्ट में डाल दिया था। यह एक्शन प्लान मनी लॉन्ड्रिंग और टेरर फंडिंग पर रोक लगाने की कार्रवाई से संबंधित था। अब एक बार फिर से पाकिस्तान को इस सूची में शामिल किए जाने की मांग जोर पकड़ रही है। क्या है FATF? फाइनेंशियल एक्शन टास्क फोर्स (एफएटीएफ) वैश्विक तौर पर मनी लॉन्ड्रिंग और टेरर फाइनेंसिंग की निगरानी करने वाली संस्था है। पेरिस स्थित 40 सदस्यों वाली इस संस्था की स्थापना 1989 में हुई थी। एफएटीएफ अपने सभी निर्णय एफएटीएफ प्लेनरी के जरिए लेता है और साल में तीन बार इसकी बैठक होती है। इस बैठक में उन देशों की जवाबदेही तय की जाती है, जो इसके मानकों का पालन नहीं करते हैं। FATF की ग्रे लिस्ट से पाकिस्तान का पुराना नाता पाकिस्तान आतंकवाद के लिए कई बार FATF की ग्रेल लिस्ट में डाला जाता रहा है. आतंकवाद और टेरर फाइनेंसिंग पर नजर रखने वाली FATF ने पाकिस्तान को जून 2018 में ग्रे लिस्ट में डाला था. FATF का कहना था कि पाकिस्तान ने संयुक्त राष्ट्र के नामित आतंकवादी समूहों को टार्गेट करने में कमी दिखाई है. FATF के मुताबिक, पाकिस्तान आतंकवादी समूहों की संपत्ति फ्रीज करने, उन्हें सजा देने और उनके खिलाफ प्रतिबंध लगाने में नाकाम रहा था. इसके बाद से पाकिस्तान के FATF की ब्लैक लिस्ट में डाले जाने का डर भी बना हुआ था. लेकिन अक्टूबर 2022 में FATF ने पाकिस्तान को ग्रे लिस्ट से हटा दिया. पाकिस्तान पहले भी कई बार FATF की ग्रे लिस्ट में डाला-निकाला जाता रहा है. पाकिस्तान को सबसे पहले 2008 में ग्रे लिस्ट में डाला गया था और 2009 में हटा लिया गया था. 2012 और 2015 के बीच भी पाकिस्तान FATF की ग्रे लिस्ट में था. पहलगाम हमले के बाद भारत ने पाकिस्तान के आतंकी ढांचे को बनाया निशाना 22 अप्रैल को पाकिस्तान स्पॉन्सर आतंकवादियों ने जम्मू-कश्मीर के पहलगाम की बैसरन घाटी में हमला किया था जिसमें 26 लोग मारे गए थे और 17 अन्य घायल हुए थे. इस हमले के लिए भारत ने पाकिस्तान को जिम्मेदार बताया और 6-7 अक्टूबर को पाकिस्तान और पाकिस्तान के अवैध कब्जे वाले कश्मीर (पीओके) में 9 आतंकी ठिकानों को निशाना बनाकर एयरस्ट्राइक किए. भारत के हमले में कम से कम 100 आतंकी मारे गए जिन्हें पाकिस्तानी सरकार ने शह दे रखा था. भारत की कार्रवाई के जवाब में पाकिस्तान ने सैन्य और नागरिक ठिकानों को निशाना बनाने की कोशिश की जिसे नाकाम कर दिया गया. दोनों देशों के बीच लड़ाई करीब 4 दिनों तक चली जिसके बाद दोनों संघर्षविराम पर राजी हुए. हालांकि, भारत ने साफ कहा है कि आगे से किसी भी आतंकी कृत्य को युद्ध की कार्रवाई माना जाएगा. क्या है ग्रे और ब्लैक लिस्ट? एफएटीएफ की वेबसाइट पर मौजूद जानकारी के मुताबिक, यदि कोई देश एफएटीएफ के मानकों को लागू करने में विफल रहता है, तो उसे बढ़ी हुई निगरानी (इनक्रीज्ड मॉनिटरिंग) और अधिक जोखिम वाले क्षेत्राधिकार (हाई रिस्क ज्यूरिसडिक्शंस) में डाला जाता है और इसे ही सामान्य भाषा में ग्रे और ब्लैक लिस्ट कहा जाता है। ब्लैक लिस्ट में वे देश शामिल हैं, जहां मनी लॉन्ड्रिंग और टेरर फाइनेंसिंग को रोकने के लिए गंभीर रणनीतिक क्षमता का अभाव होता है। इस सूची में फिलहाल तीन देश शामिल हैं: डेमोक्रेटिक पीपल्स रिपब्लिक ऑफ कोरिया, ईरान और म्यांमार। वहीं, बढ़ी हुई निगरानी वाले क्षेत्राधिकार, जिन्हें ग्रे लिस्ट कहा जाता है, में … Read more