सीएम ने कहा हमने रेशम उत्पादन को 84 गुना बढ़ाने में सफलता प्राप्त की, UP जल्द ही देश में अग्रणी राज्यों में गिना जाएगा

लखनऊ उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि रेडीमेड गारमेंट्स में दुनिया के छोटे-छोटे देशों की धमक है। जिन लोगों के पास संसाधन कम और संभावनाएं न के बराबर हैं, वे आगे बढ़ चुके हैं। हमारे पास संभावना और संसाधन भी है। काम चाहने वाली आधी आबादी के बड़े तबके को रेशम उत्पादन, प्रोसेसिंग, रेडीमेड गारमेंट, डिजाइनिंग, मार्केटिंग, पैकेजिंग के साथ जोड़ लें तो दुनिया में रेडीमेड गारमेंट में धमक बनाने वाले देशों का स्थान उत्तर प्रदेश और भारत ले सकता है। इस संभावना को आगे बढ़ाने के लिए प्रदेश सरकार के द्वारा उठाए गए कदमों का लाभ लेना चाहिए। सीएम ने कहा कि हमने रेशम उत्पादन को 84 गुना बढ़ाने में सफलता प्राप्त की है। वह समय जरूर आ सकता है, जब यूपी का किसान रेशम उत्पादन में देश में अग्रणी राज्यों में गिना जाएगा। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने 22 से 28 अक्टूबर तक चलने वाले सिल्क एक्सपो का  इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में उद्घाटन किया। सीएम ने रेशम मित्र पत्रिका का विमोचन किया और 16 कृषकों,उद्यमियों, संस्थाओं व डिजाइनरों को पं. दीनदयाल उपाध्याय रेशम रत्न सम्मान प्रदान किया। सीएम ने यहां लगी प्रदर्शनी का भी अवलोकन किया। सीएम योगी ने कहा कि 2017 में भाजपा सरकार आने के बाद प्रदेश ने परंपरागत उत्पाद को प्रोत्साहित करने के लिए अनेक कदम उठाए हैं। उत्तर प्रदेश देश का पहला ऐसा राज्य है, जिसने परंपरागत उत्पाद के लिए पॉलिसी बनाई। 75 जनपदों के लिए वहां के एक उत्पाद को चिह्नित करते हुए आगे बढ़ाया। यही कारण है कि 75 जनपद का यूनिक प्रोडक्ट है, जिसे हमने वन डिस्ट्रिक्ट, वन प्रोडक्ट कहा। ओडीपीओपी को सरकार ने मार्केट, डिजाइनिंग, पैकेजिंग से जोड़ा तो इससे रोजगार का सृजन हुआ और परंपरागत उत्पादों का एक्सपोर्ट भी प्रारंभ हुआ। यूपी के 75 जनपदों में 75 जीआई प्रोडक्ट हैं, जिन्हें देश के अंदर मान्यता प्राप्त हुई है। यह संभावना यूपी में हैं। वाराणसी, भदोही और मुबारकपुर की साड़ियों के माध्यम से भी यूपी के पोटेंशियल को बढ़ाने का अवसर प्राप्त होता है। सिल्क एक्सपो इस फील्ड में यूपी की संभावनाओं को आगे बढ़ाने का माध्यम बने, इस पर हमें प्रयास करना होगा। उन्होंने कहा कि रोटी, कपड़ा और मकान का नारा सदैव से प्रचलित रहा है। जीव सृष्टि और किसी भी व्यक्ति के लिए हवा-पानी तो आवश्यक है ही, लेकिन रोटी, कपड़ा, मकान भी आवश्यक है। कपड़ा न सिर्फ जीवन की आवश्यकता है, बल्कि किसानों की आमदनी बढ़ाने के साथ ही रोजगार सृजन का भी सशक्त माध्यम भी है। रेशम, प्राचीन काल से ही इसकी अलग-अलग पद्धतियां रही हैं। 25 करोड़ की आबादी वाले यूपी में इस फील्ड में अनेक संभावनाएं विकसित हो सकती हैं। यूपी ने पिछले कुछ समय में प्रगति की है। पहले की तुलना में यह संतोषजनक है, लेकिन अभी उत्तर प्रदेश जैसे बड़े राज्य की दृष्टि से यह अपर्याप्त है। यहां अत्यंत संभावनाएं हैं। सीएम योगी ने कहा कि सभी को देखना चाहिए कि उत्तर प्रदेश के अंदर क्या संभावनाएं विकसित हो सकती हैं। यूपी में वाराणसी, भदोही, आजमगढ़ से लेकर वाराणसी तक, चाहे वह मुबारकपुर की साड़ी हो या वाराणसी की। सिल्क कलस्टर विकसित करने के लिए केंद्र और राज्य सरकार ने इस दिशा में नए प्रयास को आगे बढ़ाया है। वाराणसी की सिल्क साड़ियां पूरे देश में हर मांगलिक कार्यक्रम के लिए पसंद बनती हैं। काशी विश्वनाथ धाम बढ़ने के बाद श्रद्धालुओं और पर्यटकों की बढ़ी संख्या ने इस व्यापार को नई ऊंचाई दी है। वाराणसी में एक्सपो मार्ट के माध्यम से ट्रेड फैसिलिटेशन सेंटर बनने के उपरांत इसमें काफी वृद्धि हुई है। सीएम ने कहा कि आजमगढ़ के मुबारकपुर के साड़ी उद्योग से जुड़े उद्यमियों, मिर्जापुर, वाराणसी और भदोही के सिल्क कलस्टर की प्रगति को देखकर लगता है कि इसमें बहुत गुंजाइश है। उत्तर प्रदेश के लखनऊ-हरदोई बॉर्डर पर पीएम मित्र पार्क (टेक्सटाइल्स पार्क का वृहद रूप) आने जा रहा है। एक हजार एकड़ क्षेत्रफल में इसमें टेक्सटाइल्स से जुड़े अलग-अलग उद्योग लगने जा रहे हैं। यह यूपी की संभावनाओं को प्रदर्शित करने का माध्यम है, लेकिन रॉ मटेरियल हमें ही तैयार करना होगा। किसान यदि इस दिशा में आगे बढ़ते हैं तो प्रोत्साहन के लिए केंद्र सरकार द्वारा अनेक योजनाएं चल रही हैं। विभाग इन योजनाओं के बारे में हर जनपद में संगोष्ठी, सेमिनार, प्रगतिशील किसानों के साथ संवाद करे और प्रोसेसिंग-ट्रेनिंग प्रोग्राम से जोड़े। केवल गोरखपुर मंडल ही नहीं, वाराणसी, मिर्जापुर, लखनऊ, देवीपाटन, बस्ती, आजमगढ़ में भी संभावनाएं बढ़ेंगी। सीएम योगी ने कहा कि यूपी जैसे राज्य में 9 क्लाइमेटिक जोन हैं। इनमें अलग-अलग क्षेत्र में अलग-अलग कृषि उत्पादों को विकसित करने और आगे बढ़ाने का अवसर होता है। यूपी के अंदर यह संभावनाएं बहुत अच्छी बन सकती हैं। वाराणसी-आजमगढ़ प्राचीन काल से ही रेशम उद्योग का कलस्टर रहा है। लोकल स्तर पर रेशम का उत्पादन, प्रोसेसिंग, आगे की प्रक्रिया के साथ वस्त्र उत्पादन से जोड़ें। रॉ मटेरियल सस्ता मिलता है तो स्वाभाविक रूप से लागत भी सस्ती आएगी। समाज-मार्केट की डिमांड के अनुरूप उत्पाद आसानी से लोगों को उपलब्ध कराने में मदद मिलेगी। सरकार इस दिशा में प्रशिक्षण से जोड़ने, रॉ मटेरियल-प्रोसेसिंग के लिए सहयोग, मार्केटिंग और डिजाइनिंग के साथ जोड़ने में मदद करेगी। सीएम योगी ने कहा कि प्राचीन काल से ही यूपी का किसान-उद्यमी इससे जुड़ा रहा है, लेकिन उन्हें पिछली सरकार का दंश झेलना पड़ा था। समय के अनुरूप उचित प्रोत्साहन, डिजाइनिंग, पैकेजिंग के साथ उन्हें नहीं जोड़ा गया। यह केवल सिल्क ही नहीं, बल्कि परंपरागत उत्पाद के प्रत्येक क्षेत्र में ऐसा होता था। भदोही में कॉरपेट, गोरखपुर में टेराकोटा उत्पाद मिलेगा। सबसे अधिक जीआई प्रोडक्ट वाराणसी में हैं। आगरा और कानपुर में चमड़ा उत्पाद, मुरादाबाद में पीतल उत्पाद, फिरोजाबाद में ग्लास, मेरठ में स्पोर्ट्स आइटम है यानी अलग-अलग जनपद के अलग-अलग उत्पाद यूपी के पोटेंशियल को देश-दुनिया के सामने रखता है। इसके माध्यम से यूपी परंपरागत उत्पादों के माध्यम से युवाओं-उद्यमियों को आगे बढ़ने का प्लेटफॉर्म उपलब्ध करा रहा है। सीएम योगी ने कहा कि यूपी के अंदर सिल्क के कलस्टर जिन क्षेत्रों में विकसित हो सकते हैं या जहां संभावनाएं बनी हुई हैं, वहां भी उसे तेजी के साथ बढ़ाने के लिए प्रयास प्रारंभ करना होगा। आवश्यकता पड़ने पर विभाग को अलग से भी ऐसे किसान, जो रेशम मित्र के … Read more

MI5 की चेतावनी रूस और ईरान मिलकर यूरोप समेत ब्रिटेन में अराजकता पैदा करने की कोशिशों में जुटे

लंदन ब्रिटिश सैन्य खुफिया एजेंसी MI5 ने चेतावनी जारी की है कि रूस और ईरान मिलकर यूरोप समेत ब्रिटेन में अराजकता पैदा करने की कोशिशों में जुटे हैं। MI5 एजेंसी के महानिदेशक केन मैक्कलम ने मंगलवार को कहा कि रूस की सैन्य खुफिया एजेंसी GRU ब्रिटेन समेत यूरोप की सड़कों पर अराजकता पैदा करने के अपने मिशन पर निरंतर आगे बढ़ती जा रही है और इस मिशन के तहत आगजनी, तोड़फोड़ और हिंसा की अन्य घटनाओं को बढ़ावा दे रही है। केन मैक्कलम ने ये भी कहा है कि ईरान और रूस अब कुख्यात आतंकी संगठन ISIS और अलकायदा की मदद से आतंकवाद के बदलते स्वरूप का इस्तेमाल ब्रिटेन के खिलाफ करने लगे हैं और इसके तहत बच्चों और किशोरों को इंटरनेट के जरिए निशाना बनाया जा रहा है। MI5 की हालिया जांचों में से एक तिहाई से अधिक में ISIS और अलकायदा समेत अन्य विदेशी आतंकवादी समूहों से संबंधित जांच शामिल है। CNN की एक रिपोर्ट में कहा गया है कि एजेंसी के महानिदेशक केन मैक्कलम ने लंदन में एक भाषण में कहा, "ISIS ने आतंकवादी घटनाओं को फिर से अंजाम देना शुरू कर दिया है और ऐसे आतंकवादी घटनाओं में शामिल होने वाले आठ में से एक से ज्यादा लोग नाबालिग हैं।" मैक्कलम ने कहा कि यह 2021 के बाद से तीन गुना ज्यादा है। मैक्कलम का यह बयान रूस और ईरान द्वारा पोषित और प्रायोजित आतंक की घटनाओं के बढ़ते जोखिम, यूक्रेन-रूस युद्ध और मध्य पूर्व में कई मोर्चों पर छिड़े युद्धों के कारण वैश्विक सुरक्षा को प्रभावित करने के बारे में पश्चिमी देशों की चेतावनियों के बीच आया है। हालांकि, उन्होंने कहा, "हम इस जोखिम के प्रति पूरी तरह से सचेत हैं कि मध्य पूर्व में होने वाली घटनाएँ सीधे तौर पर ब्रिटेन में आतंकवादी कार्रवाई को बढ़ावा दे सकती हैं।" उन्होंने इस बात पर जोर दिया है कि पिछले एक-दो सालों में जब से यूक्रेन-रूस युद्ध और इजरायल-हमास युद्ध छिड़ा है, तब से सार्वजनिक घृणा अपराध में वृद्धि हुई है, लेकिन वह अभी तक आतंकवादी गतिविधि में तब्दील नहीं हुआ है। मैक्कलम ने संवाददाताओं को बताया कि ब्रिटिश एजेंसी का लगभग तीन-चौथाई काम इस्लामवादी चरमपंथ से निपटना रह गया है, जबकि एक चौथाई काम दूर-दराज के समूहों से संबंधित हैं। उन्होंने ये भी बताया कि MI5 और ब्रिटिश पुलिस ने 2022 की शुरुआत से अब तक ईरान समर्थित 20 आतंकी साजिशों को बेनकाब और नाकाम किया है। उन्होंने बताया कि ऐसी आतंकी साजिशों की वजह से ही पूरे यूरोप से यूक्रेन पर आक्रमण के बाद से करीब 750 रूसी राजनयिकों को निष्कासित किया जा चुका है। recent visitors 101

दिल्ली में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने इंदौर कलेक्टर और निगम कमिश्नर को दिया सम्मान

इंदौर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु द्वारा '5वें राष्ट्रीय जल पुरस्कार' से पश्चिम जोन के अंतर्गत इंदौर को सर्वश्रेष्ठ जिले के तौर पर पुरस्कृत करने पर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने इस उपलब्धि के लिए समस्त प्रदेशवासियों को बधाई दी है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने अपने संदेश में कहा है कि "मध्यप्रदेश पानी की एक-एक बूंद के उचित उपयोग एवं संरक्षण के लिए प्रतिबद्ध है और 'जल-संरक्षण' की दिशा में निरंतर अपनी भूमिका का निर्वाह कर रहा है। आने वाली पीढ़ी के लिए अपनी नैतिक जिम्मेदारी को भली-भाँति समझते हुए हमने प्रदेश में जल-संरचनाओं का जाल बिछाया है, पुरानी जल-संरचनाओं का नवीनीकरण किया है और सिंचाई क्षमता को बढ़ाने का लगातार प्रयत्न किया जा रहा है। कलेक्टर इंदौर आशीष ने प्राप्त किया पुरस्कार : विज्ञान भवन दिल्ली में हुआ कार्यक्रम उल्लेखनीय है कि इंदौर जिले को जल-संचयन और जल-संरक्षण में महत्वपूर्ण योगदान के लिए पश्चिम क्षेत्र  के सर्वश्रेष्ठ जिले का राष्ट्रीय जल पुरस्कार से सम्मानित किया गया है। दिल्ली स्थित विज्ञान भवन में हुए 5वें राष्ट्रीय जल पुरस्कार-2023 समारोह में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने यह पुरस्कार प्रदान किया। कार्यक्रम में केंद्रीय जल शक्ति मंत्री सी.आर. पाटिल और राज्यमंत्री वी. सोमन्ना भी उपस्थित थे। पुरस्कार इंदौर के कलेक्टर आशीष सिंह, नगर निगम आयुक्त शिवम वर्मा तथा जिला पंचायत सीईओ सिद्धार्थ जैन ने ग्रहण किया। नदियों के जलग्रहण क्षेत्रों में किए गए कई कार्य इंदौर जिले में जल-संरक्षण के क्षेत्र में महत्वपूर्ण उपलब्धियां हासिल की गई हैं। जिले में अजनार, बालम, चोरल, कराम, मोरल और पातालपानी नदियों के जलग्रहण क्षेत्रों में विभिन्न कार्य किए गए हैं, जिनमें 366 पौध-रोपण कार्य, 216 जल-संचयन कार्य, 60 रिचार्ज संरचनाएं, 90 वाटरशेड उपचार कार्य और 814 जल और मिट्टी संरक्षण कार्य शामिल हैं। इसके अलावा  बालम नदी के जलग्रह-क्षेत्र में 5 अमृत सरोवर, 4 फार्म पॉन्ड, 5 चेक डैम और 30 गेबियन जाल संरचनाएं बनाई गई हैं। पुराने तालाबों का भी किया गया जीर्णोद्धार जल-संचयन के प्रयासों के अंतर्गत नाला ट्रेंचिंग (गहरीकरण) के लगभग 420 कार्य किए गए हैं, जिससे जल स्तर में वृद्धि हुई है। पुष्कर धरोहर समृद्धि अभियान के तहत 462 पुरानी संरचनाएं जैसे- तालाब, चेक डैम और स्टॉप डैम का जीर्णोद्धार किया गया है, जिससे जल-भंडारण क्षमता में 16 लाख घन मीटर की वृद्धि हुई है और 1500 हेक्टेयर कृषि भूमि के लिए अतिरिक्त सिंचाई सुविधा उपलब्ध हुई है। एक लाख घरों की छतों पर नागरिकों ने लगाई वर्षा जल संचयन प्रणाली जिले में वृहद स्तर पर जल-संचयन संरचनाएं भी निर्मित की गयी हैं, जिसमे 420 फार्म पॉन्ड, 180 पेरकोलेशन टैंक, 100 निस्तारी टैंक और 190 चेक डैम शामिल हैं। इससे जिले में जल-भंडारण क्षमता में 30 लाख घन मीटर की वृद्धि हुई है। लगभग 25 हजार 500 हेक्टेयर क्षेत्र को ड्रिप और स्प्रिंकलर सिंचाई प्रणालियों के तहत लाया गया है, जिससे जिले के लगभग 16 हजार किसान लाभान्वित हुए हैं। जिले में एक लाख घरों की छतों पर नागरिकों द्वारा अपने खर्च पर ही वर्षा जल संचयन प्रणाली स्थापित की गई हैं और 10 स्थानों पर पीज़ोमीटर लगाए गए हैं, जिससे जल स्तर का मूल्यांकन किया जा सके। हरियाली महोत्सव के दौरान 20 लाख पौधे लगाए गए और इंदौर शहरी क्षेत्र में 2 लाख 55 हजार पौधे लगाए गए हैं। राष्ट्रीय जल पुरस्कारों का उद्देश्य पानी के महत्व के बारे में जागरूकता उत्पन्न करना और स्वच्छ जल के उपयोग के सर्वोत्तम प्रचलन अपनाने के लिए प्रेरित करना है। 5वें राष्ट्रीय जल पुरस्कार में सर्वश्रेष्ठ राज्य, सर्वश्रेष्ठ जिला, सर्वश्रेष्ठ ग्राम पंचायत, सर्वश्रेष्ठ शहरी स्थानीय निकाय, सर्वश्रेष्ठ स्कूल या कॉलेज, सर्वश्रेष्ठ उद्योग, सर्वश्रेष्ठ जल उपयोगकर्ता संघ, सर्वश्रेष्ठ संस्थान और सर्वश्रेष्ठ नागरिक समाज सहित 9 श्रेणियों में संयुक्त विजेताओं सहित 38 विजेताओं को पुरस्कृत किया गया है। recent visitors 92

केंद्रीय कर्मचारियों के लिए बड़ी खबर, 40 प्राइवेट अस्पतालों में करा सकेंगे मुफ्त इलाज, सरकार ने बढ़ाई लिस्ट, ये हैं हॉस्पिटल

नई दिल्ली  केंद्रीय सरकार के कर्मचारियों के लिए खुशखबरी है। सरकार नें CGHS और ECHS की सर्विस का दायरा बढ़ा दिया है। अब केंद्रीय कर्मचारी 40 प्राइवेट अस्पताल, नर्सिंग होम और डायग्नोस्टिक सेंटर में अपना इलाज करा सकते हैं। सरकार नें अपनी लिस्ट में 40 अस्पतालों को शामिल कर लिया है। इन सभी अस्पतालों की रेट लिस्ट भी CGHS और ECHS के तहते आने वाले कर्मचारियों के लिए ने के बराबर होगी। साथ ही जो इलाज में खर्च होगा वह बाद में सरकार देगी। हाल ही में एक्स-सर्विसमेन कॉन्ट्रिब्यूटरी हेल्थ स्कीम (ECHS) ने 40 प्राइवेट अस्पतालों, नर्सिंग होम और डायग्नोस्टिक सेंटरों को अपने पैनल में शामिल किया है। यह फैसला हाल में स्क्रीनिंग कमेटी की बैठक में लिया गया। CGHS और ECHS के लिए शामिल किये 40 नए प्राइवेट अस्पताल ECHS के मैनेजिंग डायरेक्टर को इस पैनल में शामिल किए गए नए अस्पतालों की लिस्ट के बारे में औपचारिक आदेश मिला है। यह प्रोसेस रक्षा मंत्रालय के दिशा-निर्देशों के तहत की गया है, जिसके अनुसार ECHS लाभार्थियों को अस्पताल और इलाज की सर्विस दी जाएगी। अब ECHS की गिनती में 40 प्राइवेट अस्पताल, नर्सिंग होम और डायग्नोस्टिक सेंटर शामिल किये गए हैं। सभी कर्मचारी करा पाएंगे कम रेट में इलाज सभी पैनल में शामिल अस्पतालों और डायग्नोस्टिक सेंटरों को रक्षा मंत्रालय की तय की शर्तों का पालन करना होगा, जिसमें सर्विस की दरें भी शामिल हैं। इलाज का रेट लिस्ट समिति की पास की दरों दरों के अनुसार होगा। साथ ही CGHS (सेंट्रल गवर्नमेंट हेल्थ स्कीम) दरों के साथ समायोजित की जाएंगी। यानी, CGHS कर्मचारियों का जिस रेट पर प्राइवेट अस्पतलाओं में इलाज होता है, उसी रेट पर ECHS के तहत आने वाले कर्मचारी भी इलाज करा पाएंगे। ये 40 अस्पतालों की लिस्ट CGHS में भी शामिल की गई है। अस्पतालों की लिस्ट इसके अतिरिक्त जो अस्पताल पहले से ही CGHS के साथ पैनल में शामिल हैं, उन्हें ECHS के साथ समझौते पर हस्ताक्षर करते समय अपनी CGHS स्थिति का सर्टिफिकेश देना होगा। CGHS पैनल वाले अस्पतालों की स्थिति तब तक वैलिड रहेगी जब तक उनकी CGHS मान्यता एक्टिव है, और उनके समझौते का रिन्यू भी हो सकता है। NABH यानीनेशनल एक्रेडिटेशन बोर्ड फॉर हॉस्पिटल्स एंड हेल्थकेयर प्रोवाइडर्स से मान्यता प्राप्त सुर्विस को भी ECHS के साथ पैनल में शामिल किया जाएगा, जो उनके NABH सर्टिफिकेशन की पीरियड तक वैलिड रहेगी। यह कदम ECHS सदस्यों को अधिक सुविधाएं और बेहतर स्वास्थ्य सर्विस देने की दिशा में उठया अहम कदम है। CGHS और ECHS में क्या है अंतर CGHS और ECHS दोनों ही भारत सरकार की स्वास्थ्य योजनाएं हैं, लेकिन ये अलग-अलग समूहों को सर्विस देती है। CGHS केंद्र सरकार के कर्मचारियों और उनके परिवारों के लिए है, जबकि ECHS सेना के रिटायर कर्मियों और उनके आश्रितों के लिए है। ECHS के पास CGHS की तुलना में अधिक पैनल वाले अस्पताल हैं, जिसमें दूरदराज के एरिया के अस्पताल भी शामिल हैं। recent visitors 96

23 अक्टूबर को रीवा में 5वीं रीजनल इंडस्ट्री कॉनक्लेव

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के दूरदर्शी नेतृत्व और उनके सतत प्रयासों से मध्यप्रदेश में औद्योगिक विकास को नई दिशा मिली है। चार संभागों में सफल आरआईसी के बाद 23 अक्टूबर 2024 को रीवा में 5वीं आरआईसी आयोजित की जा रही है, जिसमें "वाइब्रेंट विंध्य" बायर-सेलर मीट होगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव का विजन राज्य में संतुलित और समान आर्थिक विकास को मजबूती प्रदान करना है। आरआईसी के माध्यम से प्रदेश औद्योगिक हब के रूप में विकसित हो रहा है। रीवा में होने वाली आरआईसी इसमें महत्वपूर्ण योगदान देगी। रीवा में बायर-सेलर मीट: व्यापारिक अवसरों को नई दिशा रीवा में होने वाली बायर-सेलर मीट विंध्य क्षेत्र के औद्योगिक विकास को नई दिशा देगी। इस मीट में 2500 से अधिक उद्यमी शामिल होंगे। यह आयोजन न केवल व्यावसायिक साझेदारियों को बढ़ावा देने का मंच है, बल्कि विभिन्न राज्यों के उद्यमियों के बीच महत्वपूर्ण मंच साबित होगा। व्यावसायिक साझेदारियों के लिए बैठकें इस मीट का प्रमुख आकर्षण व्यावसायिक साझेदारियों के लिए बैठकें हैं। जहां विंध्य क्षेत्र के स्थानीय उद्यमी और बाहरी राज्यों के उद्यमी बिज़नेस अपॉर्चूनिटीज़ पर चर्चा कर करेंगे। इसमें विचारों का आदान-प्रदान होगा और व्यवसाय के नए रास्ते खुलेंगे। राज्य स्तर पर भागीदारी इस बायर-सेलर मीट में 10 से अधिक राज्य उत्तर प्रदेश, गुजरात, राजस्थान, छत्तीसगढ़, महाराष्ट्र और हरियाणा से उद्यमी शामिल होंगे। यह विविधता न केवल मौके को और रोचक बनाएगी, बल्कि व्यावसायिक नेटवर्क को भी मजबूत करेगी। स्थानीय उद्यमियों के लिए अवसर स्थानीय उद्यमियों को बाहरी राज्यों के उद्यमियों से सीधे मिलकर व्यापारिक अवसरों पर चर्चा करने का मौका मिलेगा। यह मंच न केवल नई व्यापारिक संभावनाओं को उजागर करेगा, बल्कि क्षेत्रीय उत्पादों को राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाने में भी सहायक होगा। अपनी सांस्कृतिक धरोहर के लिए प्रसिद्ध विंध्य अब व्यावसायिक अवसरों का प्रमुख केंद्र बनता जा रहा है। यह बायर-सेलर मीट स्थानीय उत्पादों और सेवाओं को नए बाजारों तक पहुँचाने का महत्वपूर्ण मंच साबित होगी, जिससे व्यापारिक संभावनाएँ और मजबूत होंगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव की इस पहल से क्षेत्रीय विकास को गति मिलेगी और नए निवेशकों को आकर्षित करने में सहायता मिलेगी। मेहमान बघेलखंड के पारंपरिक व्यंजनों का लेंगे आनंद रीवा में 23 अक्टूबर को होने जा रही कॉन्क्लेव की एक विशेषता होगी, जिसमें विंध्य क्षेत्र की समृद्ध और पारंपरिक खाद्य संस्कृति से प्रतिनिधियों को परिचय कराया जायेगा। बघेलखंड के विशिष्ट व्यंजनों का स्वाद लेकर मेहमान स्थानीय स्वाद का आनंद उठाएंगे, जो न केवल स्वादिष्ट, बल्कि अत्यधिक पौष्टिक भी होंगे। recent visitors 95

JPC की मीटिंग, BJP-TMC सांसद में जोरदार बहस, विपक्ष की हिस्सेदारी पर विवाद बढ़ा तो कांच की बोतल पटकी

 नई दिल्ली वक्फ बिल को लेकर संयुक्त संसदीय समिति (JPC) की बैठक में तृणमूल कांग्रेस नेता कल्याण बनर्जी और बीजेपी सांसद अभिजीत गंगोपाध्याय के बीच झड़प हो गई. इस झड़प में कल्याण बनर्जी चोटिल हो गए हैं. जेपीसी की बैठक में दोनों नेताओं के बीच हुई तीखी झड़प के दौरान कल्याण बनर्जी ने पानी की कांच की बोतल फोड़ दी, जिससे उनके हाथ में चोट लग गई. इससे उनके हाथ में चार टांके लगे हैं. JPC मीटिंग में बोतल तोड़ने वाले TMC सांसद पर ऐक्शन, हुए सस्पेंड वक्फ बिल पर हुई संयुक्त संसदीय समिति (जेपीसी) की बैठक के दौरान तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) नेता और पश्चिम बंगाल के श्रीरामपुर से सांसद कल्याण बनर्जी और भाजपा नेता अभिजीत गंगोपाध्याय के बीच तीखी बहस के बाद बैठक में हंगामा मच गया। इस दौरान कल्याण बनर्जी ने गुस्से में एक कांच की पानी की बोतल तोड़ दी, जिससे उनकी खुद की उंगली घायल हो गई। टीएमसी सांसद कल्याण बनर्जी को इस अनियंत्रित आचरण के लिए वक्फ बिल पर जेपीसी से एक दिन के लिए निलंबित कर दिया गया है। इस झड़प की वजह से बैठक को थोड़ी देर के लिए रोक दिया गया. प्रत्यक्षदर्शियों का कहना है कि कल्याण बनर्जी ने अचानक से बोतल उठाई और मेज पर फोड़ दी. इससे उन्हें खुद चोट लग गई. यह बैठक संसद परिसर में हुई थी. जेपीसी बैठक में क्या हुआ था? सूत्रों का कहना है कि इस बैठक में कई रिटायर्ड जज, वरिष्ठ अधिवक्ता और बुद्धिजीवी मौजूद थे. इस बीच अचानक से कल्याण बनर्जी उठकर बोलने लगे. वह इससे पहले भी बैठक में कई बार बोल चुके थे. लेकिन इस बार जब वह बीच में बोलने लगे तो अभिजीत गंगोपाध्याय ने आपत्ति जताई. सूत्रों का कहना है कि जब अभिजीत गंगोपाध्याय ने आपत्ति जताई तो कल्याण बनर्जी ने उनके खिलाफ आपत्तिजनक शब्दों का इस्तेमाल किया. इस बीच दोनों ने एक दूसरे के खिलाफ अभद्र शब्दों का इस्तेमाल किया और गुस्से में कल्याण बनर्जी ने कांच की बोतल उठाकर मेज पर पटक दी, जिससे वह चोटिल हो गए. पहले भी हो चुका है हंगामा वक्फ बिल पर जेपीसी की बैठक में हंगामा होता रहा है. पिछले हफ्ते भी जमकर हंगामा हुआ था, जिसके बाद विपक्षी सांसदों ने वॉकआउट कर दिया था. जानकारी के अनुसार, विपक्षी सांसदों ने भाजपा सांसदों पर उनके खिलाफ आपत्तिजनक भाषा का इस्तेमाल करने का आरोप लगाया. विपक्षी सांसदों का आरोप है कि इस दौरान समिति के अध्यक्ष जगदंबिका पाल ने भी बीजेपी सांसदों पर कोई एक्शन नहीं लिया. वहीं, भाजपा सांसदों ने आरोप लगाया कि अभद्र भाषा का इस्तेमाल विपक्षी सांसदों की ओर से किया गया झड़प के दौरान कांच की बोतल टूटी सूत्रों के मुताबिक, बैठक के दौरान बहस अचानक तीखी हो गई और दोनों सांसदों के बीच शब्दों का आदान-प्रदान गरम हो गया। इस बीच, कल्याण बनर्जी ने गुस्से में एक कांच की पानी की बोतल उठाकर उसे मेज पर तोड़ दिया। बोतल टूटने से उनके हाथ में चोट आई, जिसके चलते तुरंत उन्हें चिकित्सा सहायता दी गई और चार टांके लगाए गए। इस घटना ने बैठक में हड़कंप मचा दिया और कुछ समय के लिए बैठक स्थगित करनी पड़ी। बैठक के दौरान तनाव बढ़ा वक्फ बिल पर चर्चा के दौरान दोनों नेताओं के बीच मतभेद पहले से ही गहरा रहे थे। बहस के दौरान अचानक विवाद इतना बढ़ गया कि यह शारीरिक झड़प में बदल गया। बैठक में मौजूद अन्य सदस्यों ने हस्तक्षेप कर मामले को शांत किया। हालांकि, इस झड़प ने बैठक के एजेंडे को प्रभावित किया और कार्यवाही को कुछ समय के लिए रोकना पड़ा। प्रत्यक्षदर्शियों ने क्या कहा? प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, यह घटना अचानक हुई। कल्याण बनर्जी ने गुस्से में आकर पानी की बोतल उठाई और उसे टेबल पर पटक दिया, जिससे कांच के टुकड़े उनके हाथ में लग गए। वहां मौजूद लोगों ने तुरंत उनकी मदद की और उन्हें पास के अस्पताल ले जाया गया। इस घटना के बाद बैठक की कार्यवाही को स्थगित कर दिया गया और सुरक्षा के इंतजाम बढ़ाए गए। जानें, बैठक में झड़प की वजह वक्फ बिल पर पहले से ही दोनों पक्षों के बीच गहरी असहमति थी। बीजेपी सांसद अभिजीत गांगोपाध्याय और टीएमसी सांसद कल्याण बनर्जी के बीच तीखी बहस ने इस झड़प को जन्म दिया। सूत्रों के अनुसार, बिल के कुछ प्रावधानों पर दोनों नेताओं की राय में बहुत बड़ा फर्क था, जो अंततः झड़प का कारण बना। यह झड़प बिल के विभिन्न बिंदुओं पर गहरे मतभेदों को भी उजागर करती है। इलाज के बाद लौटे कल्याण बनर्जी चोट लगने के बाद, कल्याण बनर्जी को पास के अस्पताल में ले जाया गया, जहां उनके हाथ पर चार टांके लगाए गए। इलाज के बाद उन्होंने बैठक में वापस लौटने की इच्छा जताई, लेकिन सुरक्षा कारणों से उन्हें आराम करने की सलाह दी गई। घटना के बाद, दोनों पक्षों के नेताओं ने इस पर टिप्पणी करने से इनकार कर दिया, लेकिन पार्टी के अन्य सदस्यों ने बताया कि यह एक दुर्भाग्यपूर्ण घटना थी। बैठक की कार्यवाही दोबारा शुरू घटना के कुछ समय बाद बैठक की कार्यवाही दोबारा शुरू की गई, लेकिन दोनों पक्षों के बीच तनाव बना रहा। इस घटना के बाद से सुरक्षा के अतिरिक्त उपाय किए गए हैं ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं से बचा जा सके। वक्फ बिल पर चर्चा अभी भी जारी है और इसके भविष्य को लेकर कई सवाल खड़े हो रहे हैं। recent visitors 100

रीजनल इंडस्ट्री कॉन्क्लेव विन्ध्य क्षेत्र के विकास में नया अध्याय लिखेगी : उप मुख्यमंत्री शुक्ल

मुख्यमंत्री डॉ. यादव के विजनरी नेतृत्व में प्रदेश के समग्र विकास को मिल रही है नई दिशा : उप मुख्यमंत्री शुक्ल विन्ध्य क्षेत्र में औद्योगिक विकास की अपार संभावनाएँ : उप मुख्यमंत्री शुक्ल रीजनल इंडस्ट्री कॉन्क्लेव विन्ध्य क्षेत्र के विकास में नया अध्याय लिखेगी : उप मुख्यमंत्री शुक्ल भोपाल मध्यप्रदेश के उप मुख्यमंत्री राजेन्द्र शुक्ल ने कहा कि विन्ध्य क्षेत्र में औद्योगिक विकास की अपार संभावनाएँ हैं और इसे साकार करने के लिए राज्य सरकार द्वारा प्रभावी कदम उठाए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि रीजनल इंडस्ट्री कॉन्क्लेव (RIC) जैसे आयोजन आज के समय में अत्यंत प्रासंगिक हैं, क्योंकि यह क्षेत्रीय विशेषताओं के आधार पर निवेश संभावनाओं को प्रस्तुत कर औद्योगिक विकास में संतुलन लाने का एक महत्वपूर्ण माध्यम बन रहे हैं। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के विजनरी नेतृत्व में यह पहल प्रदेश के समग्र विकास को एक नई दिशा प्रदान कर रही है। इसका पाँचवां संस्करण 23 अक्टूबर को रीवा में आयोजित किया जा रहा है। इससे पहले उज्जैन, जबलपुर, ग्वालियर और सागर में सफलतापूर्वक कॉन्क्लेव आयोजित किए जा चुके हैं। उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने मंत्रालय वल्लभ भवन में मीडिया प्रतिनिधियों से चर्चा की। विन्ध्य क्षेत्र निवेशकों के लिए आदर्श गंतव्य उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने कहा कि विन्ध्य क्षेत्र में औद्योगिक विकास के लिए आधुनिक और सशक्त इंफ्रास्ट्रक्चर, सड़क, रेलवे और हवाई मार्ग का निरंतर विस्तार किया जा रहा है, जिससे यह क्षेत्र निवेशकों के लिए एक आदर्श गंतव्य बन गया है। क्षेत्र में सीमेंट, खनिज और सरप्लस पॉवर जैसी प्राकृतिक संपदाओं की प्रचुरता इसे औद्योगिक गतिविधियों के लिए अत्यंत उपयुक्त बनाती हैं। 4 हज़ार से अधिक निवेशक करा चुके हैं पंजीयन उप मुख्यमंत्री ने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. यादव के नेतृत्व में प्रदेश में "ईज़ ऑफ डूइंग बिज़नेस", "सिंगल विंडो क्लीयरेंस" और औद्योगिक सहयोगी पहलों से निवेशकों के लिए अनुकूल वातावरण बना है। इसी सकारात्मक माहौल के चलते अब तक 4,000 से अधिक निवेशकों ने रीवा में होने वाले इस कॉन्क्लेव के लिए पंजीकरण कराया है। उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने कहा कि विन्ध्य क्षेत्र में उद्योगों के लिए 9,000 हेक्टेयर से अधिक का भूमि बैंक उपलब्ध है। इस कॉन्क्लेव में आईटी, पर्यटन, माइनिंग, एमएसएमई, कुटीर उद्योग, और कृषि क्षेत्र में निवेश पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। विन्ध्य क्षेत्र में पर्यटन की अपार संभावनाएँ हैं, जिनका विकास प्रदेश के आर्थिक विकास में महत्वपूर्ण योगदान देगा। उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने विश्वास जताया कि यह कॉन्क्लेव विन्ध्य क्षेत्र के विकास में एक नया अध्याय लिखेगी।   recent visitors 84