सीएम साय ने सरगुजा आदिवासी विकास प्राधिकरण की बैठक में सदस्यों से मांगे सुझाव

जशपुर छत्तीसगढ़ में साय सरकार के गठन के बाद आज जशपुर में पहली बार सरगुजा क्षेत्र आदिवासी विकास प्राधिकरण की बैठक आयोजित की गई है. इस बैठक की अध्यक्षता मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय कर रहे हैं. बैठक की शुरुआत होते ही सीएम साय ने प्राधिकरण के सदस्यों से उनके सुझाव रखने को कहा. जिसके बाद एक सदस्य की मांग पर उन्होंने सरगुजा जिले में गन्ना उत्पादन के घटते रकबे पर चिंता जाहिर की और गन्ना उत्पादन बढ़ाने का प्रयास करने के निर्देश दिए. सदस्य ने बैठक में बताया कि लुण्ड्रा में सब्जी की बहुत खेती होती है. लेकिन लोग निजी बाजार से महंगे में पौधे खरीदते हैं. इस समस्या को सुनकर सीएम साय ने सरकारी स्तर पर नर्सरी लगाकर सस्ते में पौधे उपलब्ध कराने की बात कही. उन्होंने बंद नर्सरी को शुरू करने के निर्देश दिए. साथ ही सदस्यों को उनकी मांग के सन्दर्भ में पत्र प्रस्ताव देने की भी बात कही है. इस बैठक में सीएम साय ने प्राधिकरण अंतर्गत नए काम जनप्रतिनिधियों से सलाह लेकर स्वीकृत करने के निर्देश दिए. इसके अलावा पुराने काम, जो अभी तक प्रारंभ नहीं हुए हैं, उन्हें निरस्त करने के भी निर्देश दिए हैं. सीएम ने कहा कि छोटे छोटे काम को जल्द पूरा करें. कार्य पूर्ण होने में विलंब नहीं होना चाहिए. recent visitors 78

इंदौर ने जल संरक्षण-संवर्धन के लिए चौथी बार राष्ट्रीय जल पुरूस्कार, राष्ट्रपति ने किया सम्मानित

इंदौर मध्य प्रदेश के इंदौर को एक और राष्ट्रीय उपलब्धि प्राप्त हुई है। फिफ्थ नेशनल वाटर अवॉर्ड में इंदौर जिला वेस्टर्न जोन में बेस्ट डिस्ट्रिक्ट कैटेगरी में प्रथम स्थान पर रहा है। मंगलवार को राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने जिला कलेक्टर आशीष सिंह, नगर निगम आयुक्त शिवम वर्मा और जिला पंचायत सीईओ सिद्धार्थ जैन को यह पुरस्कार प्रदान किया। गौरतलब है कि इंदौर को वर्ष 2018 व 2022 में पश्चिम जोन में प्रथम स्थान का पुरस्कार मिला था। वहीं वर्ष 2023 में बेस्ट नगरीय निकाय श्रेणी में इंदौर को दूसरा स्थान मिला था। चौथा अवार्ड लेते ही पांचवें की तैयारी में जुटा इंदौर     चौथी बार वाटर अवार्ड लेने के साथ ही इंदौर ने पांचवीं बार भी पुरस्कार लेने की तैयारी कर ली। जिला पंचायत के सीईओ सिद्धार्थ जैन के मुताबिक अब जिले की सभी नदियों, तालाब व कुओं की जीआईएस मैपिंग की जाएगी।     इसके माध्यम से जलाशयों की सतत निगरानी कर जल संरक्षण किया जाएगा। शहरी क्षेत्र में भूजल पुनर्भरण की संख्या भी बढ़ाई जाएगी। अभी शहरी क्षेत्र में जहां एक लाख घरों में जल पुनर्भरण इकाइयां लगाई गईं, अगले एक वर्ष में दो से तीन लाख घरों में यह इकाइयां लगाई जाएंगी।     इसके अलावा जिले में हरित क्षेत्र बढ़ाया जाएगा। कान्ह व सरस्वती नदियों के कैचमेंट एरिया को बढ़ाने के साथ इन नदियों के पानी को किसी नए तालाब में ले जाकर सहेजने की योजना पर भी काम किया जा रहा है। भोपाल: अमृत -2 मिशन अंतर्गत शहरी क्षेत्रों में भू-जल संसाधनों के प्रबंधन पर कार्यशाला शहरी क्षेत्रों में भू-जल संसाधनों के प्रबंधन और संरक्षण विषय पर मंगलवार को नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग द्वारा अमृत परियोजना के अंतर्गत पर्यावरण परिसर स्थित (एप्को) भोपाल में कार्यशाला का आयोजन किया जा रहा है। इसका उद्देश्य शहरी क्षेत्रों में भू-जल संसाधनों के प्रबंधन और संरक्षण पर विचार करना है। कार्यशाला में आयुक्त नगरीय प्रशासन एवं विकास भरत यादव मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहेंगे। कार्यशाला में 418 नगरीय निकायों के प्रतिनिधि शामिल हो रहे हैं।   recent visitors 49

CWG 2026: भारत को ग्लासगो राष्ट्रमंडल खेलों से पहले बड़ा झटका, क्रिकेट-बैडमिंटन, हॉकी-शूटिंग इन खेलों से बाहर

नई दिल्ली राष्ट्रमंडल खेलों में भारत की पदक संभावनाओं को करारा झटका देते हुए मेजबान शहर ग्लासगो ने क्रिकेट, हॉकी, बैडमिंटन, कुश्ती और निशानेबाजी जैसे प्रमुख खेलों को 2026 संस्करण से हटा दिया है। ग्लासगो ने बजट के अनुकूल खेलों को 2026 में होने वाले खेलों के लिए चुना है और इसकी लिस्ट भी बनाई है। बजट को सीमित करने और लॉजिस्टिक्स को व्यवस्थित करने के लिए टेबल टेनिस, स्क्वैश और ट्रायथलॉन को भी हटा दिया गया है। ग्लासगोमें केवल चार स्थान ही पूरे खेलों की मेजबानी करेंगे। 2022 बर्मिंघम संस्करण की तुलना में खेलों में आयोजनों की कुल संख्या नौ कम होगी। 2026 में होना है ग्लासगो राष्ट्रमंडल खेल राष्ट्रमंडल खेलों के 23वें संस्करण की शुरुआत 2026 में 23 जुलाई से होगी और यह दो अगस्त तक चलेगा। 2014 में ग्लासगो में ही राष्ट्रमंडल खेलों का आयोजन हुआ था। 12 साल बाद मेजबान के रूप में ग्लासगो की वापसी कई परेशानियां लेकर आई हैं। राष्ट्रमंडल खेल महासंघ ने एक बयान में कहा- खेल कार्यक्रम में एथलेटिक्स और पैरा एथलेटिक्स (ट्रैक एंड फील्ड), तैराकी और पैरा तैराकी, कलात्मक जिमनास्टिक, ट्रैक साइक्लिंग और पैरा ट्रैक साइक्लिंग, नेटबॉल, भारोत्तोलन और पैरा पावरलिफ्टिंग, मुक्केबाजी, जूडो, बाउल्स और पैरा बाउल्स, और 3×3 बास्केटबॉल और 3×3 व्हीलचेयर बास्केटबॉल शामिल होंगे। खेल चार स्थानों पर होंगे – स्कॉट्सटाउन स्टेडियम, टोलक्रॉस इंटरनेशनल स्विमिंग सेंटर, एमिरेट्स एरेना- जिसमें सर क्रिस होय वेलोड्रोम और स्कॉटिश इवेंट कैंपस (एसईसी) शामिल हैं। एथलीटों और सहायक कर्मचारियों को होटल आवास में रखा जाएगा।' भारत की पदक की संभावनाओं को झटका यह रोस्टर भारत की पदक संभावनाओं के लिए एक बड़ा झटका है, क्योंकि पिछले संस्करण में देश के अधिकांश पदक हटाए गए खेलों से आए थे। चार साल पहले लॉजिस्टिक्स के कारण बर्मिंघम कार्यक्रम से हटा दिए जाने के बाद शूटिंग की वापसी की कभी उम्मीद नहीं थी। ग्लासगो कार्यक्रम की घोषणा करते हुए कॉमनवेल्थ गेम्स फेडरेशन ने कहा, 'ग्लासगो 2026 में आठ मील के गलियारे के भीतर चार स्थानों पर केंद्रित 10-खेल कार्यक्रम होगा।' इसने शूटिंग को रोस्टर से बाहर कर दिया क्योंकि बैरी बुडन सेंटर (2014 सीडब्ल्यूजी के दौरान शूटिंग की मेजबानी) ग्लासगो से 100 किमी से ज्यादा दूर है। कुश्ती स्थल ग्लासगो ग्लासगो ग्रीन और स्कॉटिश प्रदर्शनी और सम्मेलन केंद्र, जिसने 2014 में हॉकी और कुश्ती की मेजबानी की थी, को आयोजन स्थलों की सूची से हटा दिया गया है, जबकि सर क्रिस होय वेलोड्रोम, जहां उस साल बैडमिंटन आयोजित किया गया था, इस बार केवल साइकिलिंग के लिए उपयोग किया जाएगा। लागत के अलावा, हॉकी को बाहर करने का कारण यह भी हो सकता है कि खेलों का आयोजन विश्व कप के करीब किया जा रहा है जो दो सप्ताह बाद 15 से 30 अगस्त तक वावरे, बेल्जियम और अम्स्टेलवीन, नीदरलैंड में निर्धारित है। ऑस्ट्रेलियाई राज्य विक्टोरिया 2026 संस्करण का मूल मेजबान था, लेकिन बढ़ती लागत के कारण पिछले साल उसने अपना नाम वापस ले लिया। इसके बाद स्कॉटलैंड ने खेलों को बचाने के लिए कदम बढ़ाया। हॉकी का बाहर होना झटका खेलों से हॉकी का बाहर होना भारत के लिए एक बड़ा झटका होगा। पुरुष टीम ने तीन रजत और दो कांस्य पदक जीते हैं, जबकि महिलाओं ने भी चमक बिखेरी है और 2002 के खेलों में एक ऐतिहासिक स्वर्ण सहित तीन पदक जीते हैं। बैडमिंटन में भारत ने प्रभावशाली 31 पदक जीते हैं। इनमें 10 स्वर्ण, आठ रजत और 13 कांस्य शामिल हैं। खासतौर पर देश को 2026 संस्करण में पुरुष और महिला एकल के साथ-साथ पुरुष युगल में गत चैंपियन के रूप में प्रवेश करना था। निशानेबाजी भारत के लिए एक मजबूत पदक की उम्मीद थी, जिसके नाम पर चौंका देने वाले 135 पदक थे। गिनती में 63 स्वर्ण, 44 रजत और 28 कांस्य शामिल थे। कुश्ती प्रतियोगिता में देश को 114 पदक मिले हैं, जिनमें 49 स्वर्ण, 39 रजत और 26 कांस्य शामिल हैं। 2022 में क्रिकेट को जोड़ा गया था 2022 में क्रिकेट की इन खेलों में दोबारा शुरुआत के बाद भारतीय महिला टीम ने रजत पदक जीता था। पैरा-एथलीट 2002 मैनचेस्टर संस्करण से खेलों का हिस्सा रहे हैं और 2026 संस्करण में भी बने रहेंगे। सीजीएफ ने कहा, 'पैरा खेल को एक बार फिर खेलों के लिए एक प्रमुख प्राथमिकता और अंतर के बिंदु के रूप में पूरी तरह से एकीकृत किया जाएगा, जिसमें छह पैरा खेलों को खेल कार्यक्रम में शामिल किया जाएगा।' सीजीएफ ने कहा कि खेलों से शहर में 100 मिलियन पाउंड से अधिक का निवेश आएगा और इस क्षेत्र के लिए 150 मिलियन पाउंड से अधिक का आर्थिक मूल्य जोड़ने में मदद मिलने की उम्मीद है। संस्था ने दावा किया कि यह सब एक ऐसे मॉडल की बदौलत संभव होगा जिसे विशेष रूप से खेलों के आयोजन के लिए सार्वजनिक धन की आवश्यकता नहीं होने के लिए डिजाइन किया गया है। राष्ट्रमंडल खेल महासंघ की सीईओ केटी सैडलेयर ने प्रेस विज्ञप्ति में कहा- 2026 के खेल कल के राष्ट्रमंडल खेलों के लिए एक पुल होंगे। भविष्य के लिए खेलों को वास्तव में सहयोगी, लचीले और टिकाऊ मॉडल के रूप में रीसेट और फिर से परिभाषित करने की हमारी यात्रा में एक रोमांचक पहला कदम जो लागत को कम करता है। यह पर्यावरणीय पदचिह्न को कम करता है और सामाजिक प्रभाव को बढ़ाता है।'   recent visitors 79

मुख्यमंत्री साय की अध्यक्षता में हुई आदिवासी विकास प्राधिकरण की बैठक, मयाली नेचर कैंप का 10 करोड़ से होगा कायाकल्प

रायपुर प्रकृति की गोद से सरगुजा क्षेत्र में विकास की नई इबारत लिखी जाएगी। जशपुर जिले के प्रसिद्ध पर्यटन स्थल मयाली में आज मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की अध्यक्षता में सरगुजा क्षेत्र आदिवासी विकास प्राधिकरण की बैठक आयोजित है, जिसमें शामिल होने खड़सा व्यू प्वाइंट पहुंचने पर मुख्यमंत्री साय एवं सभी अतिथियों का कर्मा नृत्य और पारंपरिक वाद्य यंत्रों ढांक एवं नगाड़े की धुनों के बीच परम्परागत बांस की टोपी और डुंबर के फल और आम की पत्तियों की माला पहनाकर स्वागत किया गया। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय मयाली डैम में बोट से सभी अतिथियों के साथ मयाली नेचर कैंप की खूबसूरती को निहारते हुए बैठक स्थल तक पहुंचे. मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के साथ बैठक में शामिल होने स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल, राजस्व मंत्री टंक राम वर्मा, उपाध्यक्ष सरगुजा क्षेत्र आदिवासी विकास प्राधिकरण गोमती साय, सांसद रायगढ़ राधेश्याम राठिया, विधायक जशपुर रायमुनी भगत, राम प्रताप सिंह, कृष्ण कुमार राय, मुख्यमंत्री के सचिव पी दयानंद, कमिश्नर जीआर चुरेंद्र, आईजी अंकित गर्ग, कलेक्टर डॉ. रवि मित्तल, एसपी शशिमोहन सिंह भी पहुंचे हैं. पर्यटन स्थल मयाली का 10 करोड़ से होगा कायाकल्प नेचर कैंप से एक ओर डैम की खूबसूरती तो दूसरी ओर विशालतम प्राकृतिक शिवलिंग मधेश्वर पहाड़ का विहंगम दृश्य और दिखाई पड़ता है। चारों ओर फैली हरियाली इसकी सुंदरता और बढ़ जाती है। मयाली नेचर कैंप को स्वदेश दर्शन योजना में शामिल करने के साथ ही पर्यटन विभाग ने मयाली के विकास के लिए 10 करोड़ रुपए की स्वीकृति प्रदान की गई है। मयाली नेचर कैंप- प्रकृति का अनुपम उपहार जशपुर की सुरम्य पहाड़ियों की गोद में स्थित है प्रकृति का अनुपम उपहार मयाली। यहां मयाली नेचर कैंप जिले के कुनकुरी ब्लॉक में चराईडांड़ बगीचा स्टेट हाईवे के करीब स्थित है। डेम के किनारे, हरियाली से भरे हुए प्राकृतिक स्थल पर परिवार के साथ भारी संख्या में पर्यटक आते हैं। वीकेंड के दिनों में मयाली में लोगों की भीड़ ज्यादा जुटती है। मयाली नेचर कैंप में बोटिंग की भी सुविधा है। recent visitors 56

मध्यप्रदेश में1 लाख लोगों को सरकारी नौकरी, नाबालिग दुष्कर्म पीड़िता के रहने-खाने की व्यवस्था…

भोपाल मोहन सरकार ने आज कैबिनेट बैठक की। इस बैठक में एमपी सरकार ने दिवाली से पहले युवाओं को बड़ा तोहफा दिया है। बैठक में लिए गए सभी फैसलों की जानकारी प्रदेश के उपमुख्यमंत्री राजेंद्र शुक्ला ने दी। डिप्टी सीएम ने कहा कि दिसंबर 2024 तक प्रदेश में 1 लाख सरकारी नौकरियों के लिए भर्ती प्रक्रिया शुरू कर दी जाएगी। उन्होंने यह भी बताया कि यात्री सिर्फ 999 रुपए में रीवा से भोपाल के लिए उड़ान भर सकेंगे। बता दें कि हाल ही में नरेंद्र मोदी ने रीवा एयरपोर्ट का उद्घाटन किया था। यह प्रदेश का छठा एयरपोर्ट है। दूरस्थ गांवों के जिलों को बदलने का फैसला उपमुख्यमंत्री राजेंद्र शुक्ल ने आगे कहा कि कैबिनेट की बैठक में दूरस्थ गांवों के जिलों को बदलने के फैसले लिए गए। हालांकि उन्होंने यह भी कहा कि लोगों के सुझावों पर ही फैसले लिए जाएंगे। साथ ही डिप्टी सीएम ने कहा कि बैठक में प्रशासनिक इकाई पुनर्गठन आयोग को लेकर भी चर्चा हुई। आयोग नवंबर से पूरे प्रदेश का दौरा करेगा। तहसील, विकासखंड, जिला, संभाग स्तर पर दौरे किए जाएंगे। आम लोगों से सुझाव लिए जाएंगे। दूरस्थ क्षेत्रों को नजदीकी जिलों में शामिल करने के सुझाव लिए जाएंगे। फीडबैक लेने का काम चार से छह महीने तक जारी रहेगा। सिंहस्थ को लेकर भी बड़ा फैसला डिप्टी सीएम ने बताया कि शस्त्र पूजन के बाद जिले के प्रभारी मंत्री गोवर्धन पूजा में भी शामिल होंगे। इसको लेकर मुख्यमंत्री ने कैबिनेट में निर्देश दिए हैं। सभी मंत्री गौशाला का भी दौरा करेंगे। इसके अलावा सरकार ने उज्जैन में सिंहस्थ को लेकर भी बड़ा फैसला लिया है। सिंहस्थ अखाड़े और संतों के लिए प्लॉटिंग करके आश्रम बनाए जाएंगे। हर अखाड़े को 5 बीघा जमीन दी जाएगी। आवासीय और व्यावसायिक काम पर रोक रहेगी। जमीन पर सिर्फ धार्मिक उद्देश्यों के लिए काम होगा। कैबिनेट की बैठक में महिला एवं बाल विकास विभाग के तहत विभिन्न पदों पर नियुक्ति के फैसले लिए गए। राज्य सरकार के इस फैसले से 12,670 आंगनवाड़ी सहायिका पदों पर भर्ती की जाएगी। इसके अलावा 476 पर्यवेक्षक के पद भी भरे जाएंगे। स्वास्थ्य विभाग में भी 7,900 पदों पर नियुक्तियां की जाएंगी। पीड़िता को 10 लाख रुपए की सहायता मोहन सरकार ने POCSO के लिए बड़ा फैसला लिया है। अगर 18 साल से कम उम्र की कोई पीड़िता गर्भवती होती है तो सरकार उसकी पहचान कर उसे 10 लाख रुपए की सहायता देगी। इसे राज्य के हर जिले में लागू किया जाएगा। वहीं मोहन कैबिनेट ने यूनिवर्सिटी के रिटायर्ड कर्मचारियों को लेकर बड़ा फैसला लिया है। सरकार ने रिटायरमेंट पर उन्हें सातवां वेतनमान देने का फैसला किया है। कैबिनेट में फैसला लिया गया कि 2016 से अब तक रिटायर हुए सभी कर्मचारियों को इसका लाभ मिलेगा। एक लाख पदों में स्वास्थ्य विभाग के 7900 पद शामिल कैबिनेट के फैसलों की जानकारी देते हुए डिप्टी सीएम और लोक स्वास्थ्य व चिकित्सा शिक्षा मंत्री राजेंद्र शुक्ल ने कहा, एक लाख पदों को भरने के फैसले में स्वास्थ्य विभाग के भी 7900 पद शामिल हैं। ये पद तीन नए जिलों में जिला अस्पताल खोलने और 454 चिकित्सा संस्थाओं में रिक्त पदों की भर्ती के लिए तय किए गए हैं। डिप्टी सीएम शुक्ल ने बताया कि कैबिनेट में मुख्यमंत्री यादव के उज्जैन सिंहस्थ 2028 को लेकर किए गए फैसले का समर्थन किया गया है। सिंहस्थ के लिए भव्य तैयारियां हो रही हैं। उज्जैन विकास प्राधिकरण रोड, नाली बनाएगा। हर अखाड़े को पांच बीघा जमीन दी जाएगी। जिसमें तीन बीघा में ही निर्माण होगा। 12670 आंगनवाड़ी को मंजूरी, नए पद भी भरेंगे डिप्टी सीएम ने बताया कि कैबिनेट बैठक के दौरान प्रदेश की 12670 मिनी आंगनवाड़ी को पूर्ण आंगनवाड़ी में उन्नयन को मंजूरी दी गई है। मिनी आंगनवाड़ी में सहायिका नहीं होती है। इसका उन्नयन होने के बाद अब इन आंगनवाड़ी केंद्रों में 12670 सहायक और 476 सुपरवाइजर के पद स्वीकृत किए गए हैं। इस पर 213 करोड़ का वार्षिक खर्च आएगा। इसमें 179 करोड़ राज्य सरकार देगी और 34 करोड़ केंद्र सरकार देगी। नवंबर से तेज होगा पुनर्गठन आयोग का काम मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा, मार्च 2024 में प्रदेश की प्रशासनिक इकाइयों के पुनर्गठन का प्रस्ताव किया गया था। इस क्रम में प्रदेश के संभाग, उप संभाग, जिले, तहसील, विकासखंडों के पुनर्गठन की प्रक्रिया आरंभ की जा रही है। इसके लिए आम जन व जनप्रतिनिधि अपने सुझाव, आवेदन और अभ्यावेदन के रूप में पुनर्गठन आयोग को प्रस्तुत कर सकेंगे। पुनर्गठन आयोग द्वारा आवेदनों पर विचार के बाद राज्य शासन को अनुशंसा की जाएगी। नगरीय क्षेत्र की सीमाओं के प्रस्ताव भी आयोग को आवेदन तथा अभ्यावेदन के माध्यम से दिए जा सकेंगे। आयोग नवंबर माह से विभिन्न संभाग में दौरा प्रारंभ करेगा। आवेदन अभ्यावेदन के लिए 4 से 6 माह तक का समय रहेगा। रिलायंस, हिंडाल्को, पतंजलि के आएंगे निवेश डिप्टी सीएम शुक्ल ने कहा कि रीवा में कल रीजनल इंडस्ट्री कॉन्क्लेव होने जा रहा है। रीवा में सीमेंट, पावर, सोलर एनर्जी और पर्यटन क्षेत्र में वृहद संभावनाएं हैं। रीवा एयरपोर्ट के परिचालन को लेकर भी कैबिनेट में चर्चा हुई। यहां से चलने वाले विमान का प्रति यात्री किराया रेलवे के एसी थ्री-टीयर के किराए से कम है। कॉन्क्लेव के लिए 4 हजार रजिस्ट्रेशन हो चुके हैं। रिलायंस, हिंडाल्को, पतंजलि, डालमिया ग्रुप समेत सीमेंट ग्रुप के अन्य बड़े उद्योगपति आ रहे हैं, जो यहां निवेश करेंगे। इसके पहले भोपाल में हुई माइनिंग कॉन्क्लेव का भी अच्छा रिस्पांस रहा है। यहां 19 हजार करोड़ से अधिक के निवेश आए। MSP पर सोयाबीन खरीदेगी सरकार हाल ही में मोहन सरकार ने MSP पर सोयाबीन खरीदने का फैसला किया था। राज्य में सोयाबीन उपार्जन 25 अक्टूबर से शुरू होना है। इसके लिए 3 लाख 44 हजार किसानों ने अपना रजिस्ट्रेशन कराया है। recent visitors 60

आज मासुलपानी पंचायत को मिलेगा राष्ट्रीय ‘जल पुरस्कार’, राष्ट्रपति करेंगी सम्मानित

रायपुर  छत्तीसगढ़ में जल संरक्षण के क्षेत्र में उल्लेखनीय कार्य के लिए कांकेर जिले की मासुलपानी ग्राम पंचायत को राष्ट्रीय जल पुरस्कार से सम्मानित किया जाएगा। राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मु 22 अक्टूबर को विज्ञान भवन, नई दिल्ली में आयोजित कार्यक्रम में कांकेर के नरहरपुर विकासखण्ड की ग्राम पंचायत मासुलपानी को श्रेष्ठ पंचायत श्रेणी में द्वितीय स्थान के लिए सम्मानित करेंगी। गौरतलब है कि, केंद्रीय जल शक्ति मंत्री सीआर पाटिल ने 14 अक्टूबर को श्रम शक्ति भवन नई दिल्ली में 5वें राष्ट्रीय जल पुरस्कारों के विजेताओं की घोषणा की। इसमें कांकेर जिले की मासुलपानी पंचायत सहित 38 विजेताओं के नाम शामिल हैं। यह पुरस्कार 9 श्रेणियों में दिए जाएंगे। गांव में 90% फीसदी आबादी आदिवसियों की कांकेर जिले की ग्राम पंचायत मासुलपानी जिला मुख्यालय से 5 किमी की दूरी पर स्थित है। मासुलपानी में 5 राजस्व गांव शामिल हैं। ग्राम पंचायत का कुल क्षेत्रफल 1429 हेक्टेयर है। मासुलपानी पंचायत में 90 प्रतिशत आबादी अनुसूचित जनजाति की है। जल संरक्षण के क्षेत्र में मासुलपानी पंचायत ने उल्लेखनीय कार्य किया है। इस ग्राम पंचायत में 161 जल शेड संरचनाएं बनाई गई हैं, जिनमें 99 फार्म तालाब शामिल हैं। इसके अलावा, वर्ष 2023 के दौरान पंचायत द्वारा 39 नंबर ब्रशवुड, एक सामुदायिक तालाब डी-सिल्टिंग, 02 कुएं, 02 भूमिगत बांध, 03 गेबियन और अन्य संरचनाओं का निर्माण किया गया है। श्रेष्ठ पंचायतों की श्रेणी में मिला दूसरा स्थान गांव के लोगों ने सिंचाई के लिए सतही जल का उपयोग करना शुरू कर दिया है। जल संरक्षण और इसके समुचित उपयोग की दिशा में इस नवाचार के लिए जिले की मासुलपानी ग्राम पंचायत को राष्ट्रीय स्तर पर श्रेष्ठ पंचायतों की श्रेणी में दूसरा स्थान मिला है। गांव में पर्याप्त पानी होने से पलायन रुका: जल संरक्षण का काम मासुलपानी और इसके आसपास के 5 ग्राम पंचायत देवगांव, धौराभांठा, बादल, दबेना और सुरही में भी हुआ है. इन गांव में पहले केवल मानसून में ही किसान एक बार धान की फसल लेते थे. इसके बाद गांव खाली हो जाता था, क्योंकि 75 प्रतिशत परिवार काम की तलाश में पलायन कर ईंट भट्ठा, बोर गाड़ी, राइस मिलों में काम करने चले जाते थे. अब गांव में पर्याप्त पानी होने से गांवों के लोग धान की डबल फसल के साथ सब्जी, दलहन तिलहन, मिलेट्स, मछली और झींगा पालन कर समृद्धि की ओर बढ़ रहे हैं. यही कारण है कि इन गांव में पलायन तो थम ही गया है, साथ ही आसपास के क्षेत्रों में इन गांवों से सब्जी और मछली बिकने जा रही है. मासुलपानी पंचायत को जल संरक्षण के क्षेत्र में राष्ट्रपति अवॉर्ड महिलाओं ने कैसे किया ये कमाल: साल 2014 में सबसे पहले मासुलपानी में जल संरक्षण का काम शुरू हुआ. यहां सफलता मिली तो इसी पैटर्न पर आसपास के भी गांव में जल संरक्षण की दिशा में काम शुरू कर दिया गया है. यहां भी बारिश का पानी गांव से लगी पहाड़ियों से तेजी से बहकर नदी नालों में मिल जाता था. मासुलपानी की तरह सुरही में भी 29 ब्रशवुड, 3 लूस बोल्डर स्ट्रक्चर तो 2 सीपीटी बनाए गए हैं. देवगांव में पानी रोकने 8 लूस बोल्डर स्ट्रक्चर, 3 गेबियन, 12 गुल्ली प्लग, एक सीपीटी बनाने के साथ 2 स्टॉपडैम की मरम्मत की गई है. 277 डबरियों के साथ मासुलपानी में किसानों को आत्मनिर्भर बनाने के लिए काफी काम शुरू हुए. मछली पकड़कर महिलाएं बन रही लखपति पानी बचाने गांव के लोगों को किया गया जागरूक: गांव की महिलाओं ने बताया कि गांव में पानी की समस्या ना हो इसे लेकर जागरूक करने का प्रयास किया गया. उन्हें पानी के सर्वोत्तम उपयोग के तरीकों को अपनाने के लिए प्रेरित करते हुए तरह तरह के कार्यक्रम चलाए गए. लोगों में जागरूकता आई. गांव में अब भरपूर पानी से ना सिर्फ खेती कर रहे हैं बल्कि मछली पालन कर लाखों रुपये कमा रहे हैं. मासुलपानी गांव को जल संरक्षण अवॉर्ड     गांव में समूह बनाने से पहले ही समूह बनाया. गांव में प्लानिंग की गई. जल संरक्षण के लिए गांव का दौरा कर चोटी से घाटी तक पानी संरक्षण के लिए फाइल बनाई गई. इस फाइल को जनपद में जमा किया गया.- हेमलता कश्वयप, स्थानीय, मासुलपानी जल संरक्षण से मछली पालन बना गांव का प्रमुख व्यवसाय: गांव की सुलोचना साहू बताती है कि साल में मछली पालन से एक घर से 80 से 85 हजार रुपये की कमाई हो जाती है. गांव में 167 तालाब है. लगभग 90 गांव के तालाब हैं और 50 से 60 सरकारी तालाब हैं. निजी और सरकारी तालाबों में मछली पालन कर हर परिवार के लोगों की लाखों रुपयों की कमाई हो रही है. गांव की अन्य महिलाएं बताती हैं कि जल संरक्षण से ना सिर्फ मछली पालन किया जा रहा है बल्कि धान के साथ ही दलहन तिलहन की फसल भी ली जा रही है. इसके अलावा बकरी पालन, सुअर पालन से भी लाभ कमा रहे हैं. प्रशासन के सहयोग से गांव बना आत्मनिर्भर: ग्राम पंचायत में 161 जल शेड संरचनाएं बनाई गई, जिनमें 99 फार्म तालाब शामिल हैं. इसके अलावा साल 2023 के दौरान पंचायत द्वारा 39 नंबर ब्रशवुड, एक सामुदायिक तालाब डी सिल्टिंग, 2 खोदे गए कुएं, 2 भूमिगत बांध, 3 गेबियन और अन्य संरचनाओं का निर्माण किया गया है. इन कार्यान्वयनों के कारण लोगों ने केवल भूजल पर निर्भर रहने के बजाय, सुरक्षात्मक सिंचाई के माध्यम से सतही जल का उपयोग करना शुरू कर दिया है. कांकेर कलेक्टर नीलेश क्षीरसागर कांकेर कलेक्टर नीलेश क्षीरसागर ने बताया कि ग्राम देवगांव के पास ग्राम पंचायत मासुलपानी को जल संरक्षण और संवर्धन के लिए राष्ट्रीय स्तर का सम्मान देश की राष्ट्रपति द्रोपदी मुर्मू 22 अक्टूबर को देंगी. यह कांकेर जिले के साथ साथ प्रदेश और देश के लिए बड़े गौरव की बात है. कलेक्टर ने कहा कि शासन की कोई भी योजना तब तक सफल नहीं होती, जब तक लोगों की उसमें सक्रिय सहभागिता न हो. मासुलपानी में सामुदायिक तालाब निर्माण, गहरीकरण, कुआं निर्माण, वॉटर शेड, कूप खनन, गेबियन निर्माण सहित विभिन्न जल संरक्षण के उपाय किए गए, जिसमें ग्रामीणों ने अपनी भूमिका निभाई.   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उत्‍तर प्रदेश में 9 सीटों पर उपचुनाव की रणभेरी बज चुकी, बीजेपी डोर टू डोर अभियान चलाकर वोटरों से संपर्क करने की तैयारी

मथुरा  उत्‍तर प्रदेश में 9 सीटों पर उपचुनाव की रणभेरी बज चुकी है। 13 नवंबर को यहां वोटिंग होगी। भारतीय जनता पार्टी ने अभी तक अपने प्रत्‍याशियों का ऐलान नहीं किया है। माना जा रहा है कि जल्‍द ही उम्‍मीदवारों की लिस्‍ट आ सकती है। इस बीच, मंगलवार को मुख्‍यमंत्री योगी आदित्‍यनाथ मथुरा दौरे पर आ रहे हैं। वह यहां 10 दिनों का प्रवास कर रहे संघ प्रमुख मोहन भागवत से मुलाकात कर सकते हैं। मीडिया रिपोर्ट्स में दावा किया गया है कि शाम छह बजे दोनों की मुलाकात हो सकती है। इस दौरान उपुचनाव में वोट प्रतिशत बढ़ाने के लिए रणनीति तैयार की जा सकती है। गौरतलब है कि मथुरा के परखम में संघ की अखिल भारतीय कार्यकारी मंडल की बैठक चल रही है। इस बैठक में संघ प्रमुख मोहन भागवत के साथ संघ के सभी प्रमुख प्रचारक भी मौजूद रहेंगे। संघ की यह बैठक भविष्य की योजनाओं का खाका खींचने के लिए हो रही है। बताया जा रहा है कि हरियाणा विधानसभा चुनाव में जीत से उत्‍साहित आरएसएस यूपी उपचुनाव में भी ऐसी ही रणनीति तैयार करने में जुटा है। संघ हरियाणा के तरह यूपी में भी नुक्‍कड़ सभाओं और डोर टू डोर अभियान चलाकर बीजेपी के लिए माहौल बनाने का प्रयास कर रहा है। 5 हजार छोटी सभाएं करने का लक्ष्‍य बताया जा रहा है कि हरियाणा चुनाव में जिस तरह बीजेपी ने ओबीसी वोटरों को अपने पक्ष में किया, उसी तरह यूपी में भी प्रयास कर रही है। इसके लिए पांच से सात लोगों के छोटे-छोटे ग्रुप बनाए जाएंगे जो अपने इलाकों में लोगों के घर-घर जाकर वोटरों से संवाद करेंगे। संघ ने उन इलाकों की पहचान की है, जहां बीते लोकसभा चुनाव में बीजेपी को उम्‍मीदों के अनुसार वोट नहीं मिले। सभी 10 विधानसभाओं में संघ ने करीब पांच हजार छोटी सभाएं करने का लक्ष्‍य बनाया है। ब्रज तीर्थ विकास परिषद की बैठक में आएंगे योगी गौरतलब है कि मंगलवार को मथुरा में ब्रज तीर्थ विकास परिषद की बैठक होनी है। इसमें शामिल होने के लिए मुख्‍यमंत्री योगी आदित्‍यनाथ आ रहे है। वह विकास परिषद के अध्‍यक्ष हैं। बताया जा रहा है कि शाम 4 बजे परिषद की बैठक शुरू होगी। इस दौरान डेढ़ दर्जन से ज्‍यादा के प्रस्‍ताव रखे जाएंगे। करोड़ों रुपयों के इन प्रस्‍ताव पर मुख्‍यमंत्री की अध्‍यक्षता में मुहर लगाई जाएगी। recent visitors 67