मैरिटल रेप केस: पीड़ित पतियों का विरोध प्रदर्शन, ‘शादी के खेल में हर पति जाएगा जेल में…’ के लगाए नारे

नई दिल्ली राजधानी दिल्ली में अक्सर अपनी मांगों को लेकर कई तरह के संगठन धरना प्रदर्शन करते हैं. अपनी बात सरकार तक पहुंचाते हैं. कई बार विरोध में भी प्रदर्शन किए जाते हैं. दिल्ली में इस तरह के धरना प्रदर्शन यूं तो आम बात हैं. लेकिन रविवार को जवाहर लाल नेहरू स्टेडियम के बाहर एक ऐसा प्रदर्शन हुआ, जिसने सबका ध्यान अपनी तरफ खींचा. खासकर प्रदर्शनकारियों के नारों और तख्तियों ने. दरअसल, ये प्रदर्शन किसी सियासी संगठन या पार्टी का नहीं था, बल्कि ये था पत्नियों से पीड़ित पतियों का प्रदर्शन. ये लोग मैरिटल रेप को लेकर प्रस्तावित कानून का विरोध कर रहे थे. – शादी के खेल में, हर पति जाएगा जेल में. – बीवी करे तो प्यार, पति करे तो बलात्कार. – पत्नी के प्यार में, पति गया तिहाड़ में. – अगले जन्म मोहे बेटा ना कीजो. ..और ना जाने ऐसे ही कितने नारे रविवार को दिल्ली के जवाहर लाल नेहरू स्टेडियम के बाहर गेट पर प्रदर्शन कर रहे करीब 75 लोग लगा रहे थे. ये नारे लिखी तख्तियां भी उनके हाथों में थीं. स्टेडियम के बाहर प्रदर्शन करने वाले वो लोग थे, जो किसी ना किसी हाल में अपनी पत्नियों से पीड़ित हैं. उनके उत्पीड़न का शिकार बनें हैं या फिर उनकी ब्लैकमेलिंग का. इन लोगों में कुछ लोग तो ऐसे थे, जो कई साल से अपने बच्चों से भी नहीं मिले हैं. क्योंकि उनकी पत्नियों नें उन्हें घर से बाहर निकाल दिया है. और कुछ बच्चों को उनके पिता से भी मिलने की इजाजत नहीं देती हैं. कुछ पति ऐसे हैं, कि वो अपना घर होते हुए भी किराए के मकानों में रहते हैं. दरअसल, ये सारे पत्नी पीड़ित प्रदर्शनकारी मैरिटल रेप को लेकर प्रस्तावित कानून का विरोध करने के लिए वहां जमा हुए थे. ये सभी अपने नारों और तख्तियों की वजह से लोगों का ध्यान अपनी तरफ खींच रहे थे. दिल्ली हाई कोर्ट के अधिवक्ता मनीष सिंधवानी इस प्रोटेस्ट का नेतृत्व कर रहे थे. वह खुद पत्नी पीड़ित रह चुके हैं. उन्होंने खुद शिकार बनने के बाद ऐसे लोगों की मदद करने का फैसला किया था, जो पत्नी से पीड़ित हैं. इसी के चलते उन्होंने न्याय प्रयास फॉउन्डेशन का आगाज किया. प्रदर्शन के दौरान अधिवक्ता मनीष सिंधवानी ने कहा कि अगर ये कानून पास हो गया तो हर घर में रहने वाले पुरुषों को रेपिस्ट बता कर जेल भेजा जा सकता है. मामूली झगड़े पर भी पत्नी पति को जेल भिजवा सकती है. पति को ब्लैकमेल किया जा सकता है. सहमति से संबंध की बात बात कही जाती है, लेकिन सवाल ये है कि सहमति कौन तय करेगा? रात की सहमति अगले दिन किसी भी विवाद या झगड़े के बाद बदली जा सकती है. मनीष सिंधवानी का कहना था कि पहले से ही महिलाओं की सुरक्षा के नाम पर बने कानूनों का जमकर दुरुपयोग होता आया है. चाहे घरेलू हिंसा हो या दहेज उत्पीड़न या फिर यौन हिंसा. अधिकांश मामलों में महिलाएं इन कानून के नाम पर पति का उत्पीड़न करती आई हैं. ऐसे मे अगर ये नया कानून भी पास हो गया तो महिलाओं को पुरुषों के खिलाफ मिसयूज करने के लिए एक और कानून मिल जाएगा. एक प्रर्दशनकारी सुमित सिन्हा का कहना था कि अगर पुरुषों के खिलाफ एक तरफा ऐसे ही कानून बनते रहे, तो आने वाले वक्त में युवा शादी के नाम से भी कतराने लगेंगे और शादी जैसी संस्था भी बदनाम हो जाएगी. सुमित का दावा है कि पत्नी के कारण वो पिछले तीन साल से अपनी 6 साल की बेटी से मिल नहीं पाए हैं. न्याय प्रयास फॉउन्डेशन पीड़ित पतियों की कानूनी सहायता के लिए काम कर रही है. जिसमें बहुत से ऐसे पीड़ित पति भी आए हैं, जो खुद हिंसा और ब्लैकमेलिंग का शिकार हैं. जिनसे उनकी पत्नियां लगातार पैसे की मांग करती हैं. पैसा नहीं देने पर वे अपने पति और उनके माता-पिता के खिलाफ झूठे मुकदमें दर्ज कराती रहती हैं. कई मामलों में तो ऐसा भी देखा गया है कि पति को घर से बाहर निकाल कर उनकी संपत्ति पर भी कब्जा कर लिया गया. आपको बता दें कि मैरिटल रेप को लेकर कानून अभी तक नहीं बना है और इस पर भारत के सर्वोच्च न्यायालय में विचार-विमर्श चल रहा है. जिस पर अगली सुनवाई 22 अक्टूबर को होनी है. न्याय प्रयास फाउंडेशन इस कानून को पारित न किए जाने की मांग कर रही है. और लगातार इस कानून का विरोध कर रही है. संस्था का मानना है कि इस कानून सबसे अधिक दुरुपयोग होगा और विवाह संस्था विफल हो जाएगी.   recent visitors 84

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा- समग्र विकास से सभी की खुशहाली के द्वार खुलेंगे

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि उज्जैन की पहचान साधु-संतों से है। उज्जैन में हरिद्वार के तर्ज पर साधु-संतों, महंत, अखाड़ा प्रमुखों और महामंडलेश्वर आदि को स्थायी आश्रम बनाने की अनुमति दी जाएगी। प्रत्येक 12 वर्षों में एक बार होने वाला सिहंस्थ का आयोजन वर्ष 2028 में किया जाएगा। साधु-संतों को उज्जैन में आने, ठहरने, कथा, भागवत इत्यादि अन्य आयोजन के लिए पर्याप्त रूप से भूमि-भूखंड की आवश्यकता पड़ती है। इसे ध्यान में रखते हुए प्रदेश सरकार द्वारा साधु-संतों के हित को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए स्थायी आश्रम बनाए जाने की योजना बनाई गई हैं। निजी होटल्स में साधु-संतों और श्रद्धालुओं को इस प्रकार के आयोजनों के लिए चुनौतियां आती हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव  मेला कार्यालय, उज्जैन के ऑडिटोरियम में सिंहस्थ के संबंध में पत्रकारों से संवाद कर रहे थे। सांसद श्री अनिल फिरोजिया, राज्यसभा सांसद बालयोगी उमेशनाथ जी महाराज, विधायक श्री अनिल जैन कालूहेड़ा, विधायक श्री सतीश मालवीय, महापौर श्री मुकेश टटवाल, नगर निगम सभापति श्रीमती कलावती यादव, संभागायुक्त श्री संजय गुप्ता, आईजी श्री संतोष कुमार सिंह, कलेक्टर श्री नीरज कुमार सिंह, एसपी श्री प्रदीप शर्मा सहित मीडिया प्रतिनिधि उपस्थित थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि हरिद्वार में जिस प्रकार साधु-संतों के अच्छे आश्रम बने हुए हैं, उसी प्रकार उज्जैन में भी साधु-संतों के स्थायी आश्रम बनवाने के प्रयास किए जाएंगे। उज्जैन विकास प्राधिकरण के माध्यम से योजना को आकार दिया जाएगा। सिंहस्थ के दृष्टिगत सड़क, बिजली, पेयजल, जल-निकासी इत्यादि मूलभूत सुविधाओं के लिए भी स्थायी अधोसंरचना का निर्माण भी होगा, जिससे अस्थायी निर्माण से होने वाली समस्याएं निर्मित न हों। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि हरिद्वार की तरह उज्जैन को धार्मिक शहर के रूप में विकसित करने के लिए सभी जन-प्रतिनिधियों के साथ मिलकर कार्य-योजना तैयार की गई है। सुगम यातायात के दृष्टिगत फोर-लेन, सिक्स-लेन और ब्रिज जैसे स्थायी अधोसंरचना विकास के कार्य किए जाएंगे। सभी मूलभूत सुविधाओं के विकास के साथ साधु-संतों के लिए आश्रम निर्माण के कार्य समानांतर रूप से होंगे। समाज के इच्छुक सनातन धर्मावलंबियों के माध्यम से अन्न क्षेत्र, धर्मशाला, आश्रम, चिकित्सा केंद्र, आयुर्वेद केंद्र आदि सार्वजनिक गतिविधियों के संचालन को भी प्राथमिकता दी जाएगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि उज्जैन सहित प्रदेश के सर्वांगीण विकास के लिए प्रदेश सरकार निरंतर आगे बढ़ रही है। समग्र विकास से सभी की खुशहाली के द्वार खुलेंगे। सभी देव-स्थानों के आसपास हमारे धर्माचार्य आ जाए यह हमारी प्राथमिकता हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि महंत, अखाड़ा प्रमुखों, महामंडलेश्वर को ही आश्रम निर्माण के लिए अनुमति इस प्रकार दी जाएगी कि एक हेक्टेयर के भूखंड पर 25 प्रतिशत पर ही भवन का निर्माण किया जा सकेगा। शेष 75 प्रतिशत भूखंड खुला रहेगा, जिसमें पार्किंग आदि व्यवस्थाओं के लिए पर्याप्त खुला स्थान रहे। आवासीय और कमर्शियल उपयोग के लिए इस प्रकार की अनुमति नहीं रहेगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि महाकाल महालोक बनने के बाद से बड़ी संख्या में श्रद्धालु उज्जैन आते हैं। निरंतर धार्मिक आयोजनों का क्रम जारी रहता है, जो कि इसी को ध्यान में रखते हुए पूरी योजना तैयार की गई है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि उज्जैन-इंदौर सिक्स-लेन कार्य की टेंडर प्रक्रिया हो गई है। वहीं उज्जैन- जावरा ग्रीन फील्ड फोर-लेन मार्ग का शीघ्र भूमि-पूजन किया जाएगा। इस वृहद् योजना में इंदौर, उज्जैन, धार, भोपाल, ग्वालियर, जबलपुर आदि को विकसित किया जाएगा। उज्जैन के धार्मिक मूल स्वरूप को ध्यान में रखते हुए विकास कार्य किए जाएंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि इंदौर-उज्जैन मेट्रो ट्रेन संचालन की सैद्धांतिक स्वीकृति भी दी गई है। इसी के साथ उज्जैन, देवास, फतेहाबाद, इंदौर को जोड़ते हुए सर्किल वंदे मेट्रो ट्रेन का भी संचालन किया जाएगा। इसकी गति मेट्रो ट्रेन की तुलना में अधिक होगी। रेल रूट के साथ उज्जैन के सभी मार्गों का भी सुदृढ़ीकरण किया जा रहा है। उज्जैन से निकलने वाले सभी मार्ग फोर-लेन किए जाएंगे। वर्तमान एयर-स्ट्रिप का भी उन्नयन कर टेक्निकल रूप से एयरपोर्ट बनाया जायेगा, जिससे 12 महीने हवाई यातायात सुविधा भी उज्जैन को मिल सके।   recent visitors 76

मध्यप्रदेश चिकित्सा के क्षेत्र में विश्व स्तरीय सेवाएं उपलब्ध कराने की ओर तेजी से बढ़ रहा : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

चिकित्सा क्षेत्र में विश्व स्तरीय सेवाओं की ओर मध्यप्रदेश अग्रसर : मुख्यमंत्री डॉ. यादव मुख्यमंत्री ने इरकैड के इंदौर केंद्र के शुभारंभ समारोह को किया वर्चुअली संबोधित  मध्यप्रदेश चिकित्सा के क्षेत्र में विश्व स्तरीय सेवाएं उपलब्ध कराने की ओर तेजी से बढ़ रहा : मुख्यमंत्री डॉ. यादव भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि मध्यप्रदेश चिकित्सा के क्षेत्र में विश्व स्तरीय सेवाएं उपलब्ध कराने की ओर तेजी से बढ़ रहा है। मध्यप्रदेश सरकार ने चिकित्सा के क्षेत्र में निजी भागीदारी बढ़ाने के प्रयास किए हैं। वर्ष 2024-25 के बजट में स्वास्थ्य क्षेत्र के लिए 20 हजार 439 करोड़ रुपए का प्रावधन किया गया है। स्वास्थ्य सेवाओं की कार्य दक्षता बढ़ाने के लिए चिकित्सा शिक्षा विभाग और लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग का विलय किया गया है। प्रदेश में अभी 17 शासकीय मेडिकल कॉलेज संचालित हैं। अगले सत्र से सिंगरौली और श्योपुर में शासकीय मेडिकल कॉलेज प्रारंभ होंगे। इसके अलावा अगले दो वर्ष में 6 अन्य नए शासकीय मेडिकल कॉलेज संचालित होने लगेंगे। चिकित्सा महाविद्यालयों को पीपीपी मोड में स्थापित करने का निर्णय लिया गया है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने फ्रांस की संस्था इरकैड के इंदौर में केंद्र प्रारंभ होने पर कार्यक्रम को वीडियो कॉफ्रेंसिंग से संबोधित किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने अरविंदो विश्वविद्यालय इंदौर के डॉ. विनोद भण्डारी को इस केंद्र की शुरूआत के लिए बधाई दी और केंद्र की सफलता की कामना की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मध्यप्रदेश में स्वास्थ्य और चिकित्सा के क्षेत्र में किए जा रहे विशेष कार्यों के बारे में विस्तारपूर्वक जानकारी दी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बताया कि प्रदेश में एमबीबीएस एवं पीजी मेडिकल सीटों की संख्या बढ़ाई जा रही है, जिससे प्रदेश में योग्य चिकित्सकों की कमी न रहे। राज्य सरकार ने विश्व स्तरीय चिकित्सा अधोसंरचना विकसित करने के प्रयास किए हैं। इसमें मेडिकल कॉलेज परिसरों में नए नर्सिंग कॉलेज और पैरामेडिकल संस्थान स्थापित किए जा रहे हैं। इंदौर, ग्वालियर, जबलपुर और रीवा में चार नए सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल प्रारंभ किए गए हैं। इसके अलावा ग्वालियर में एक हजार बिस्तर क्षमता का अस्पताल भी प्रारंभ किया गया है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि पीपीपी माडल पर टेलिमेडिसिन सेवा से 1200 से अधिक प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र जोड़े गए हैं। स्वास्थ्य केंद्रों में 45 तरह की स्वास्थ्य जांचें हो रही हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहाकि इंदौर देश का फार्मा हब बन कर उभरा है। उज्जैन में सबसे बड़ा मेडिकल डिवाइस पार्क विकसित किया जा रहा है। प्रदेश के दूरस्थ क्षेत्रों से गंभीर रोगियों और दुर्घटनाग्रस्त लोगों को एयर लिफ्ट कर उपचार के लिए भिजवाने की व्यवस्था की गई है। प्रदेश में हृदय की सर्जरी, कैंसर के उपचार और अंग प्रत्यारोपण के कार्य किफायती दरों पर हो रहे हैं। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में देश मेडिकल टूरिज्म क्षेत्र में निरन्तर आगे बढ़ रहा है। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री डॉ. यादव की भागीदारी के लिए डॉ. भंडारी ने आभार व्यक्त किया। उन्होंने बताया कि दूरबीन से सर्जरी का ज्ञान देने और मेडिकल रिसर्च की दृष्टि से फ्रांस की संस्था इरकैड के सहयोग से की गई शुरूआत प्रदेश में अपने तरह की विशिष्ट पहल है। यह केंद्र जनोपयोगी बने इसके लिए निरंतर प्रयास किए जाएंगे।   recent visitors 98

28 अक्टूबर को पीएम मोदी और स्पेन के प्रधानमंत्री पेड्रो सांचेज वडोदरा में एयरक्राफ्ट प्लांट का करेंगे उद्घाटन

अहमदाबाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 28 अक्टूबर को स्पेन के प्रधानमंत्री पेड्रो सांचेज के साथ वडोदरा में टाटा एडवांस्ड सिस्टम्स के एयरक्राफ्ट मैन्युफैक्चरिंग प्लांट की ‘लास्ट असेंबली लाइन’ का उद्घाटन करेंगे। यह प्लांट, टाटा एडवांस्ड सिस्टम्स लिमिटेड और स्पेन के एयरबस डिफेंस एंड स्पेस (एयरबस डीएस) के बीच सहयोग से भारतीय वायु सेना (आईएएफ) के लिए पहला ‘मेड इन इंडिया’ सी-295 मीडियम-लिफ्ट टैक्टिकल ट्रांसपोर्ट एयरक्राफ्ट तैयार करेगा। टाटा एडवांस्ड सिस्टम्स को एयरबस डीएस द्वारा इंडियन प्रोडक्शन एजेंसी (आईपीए) के रूप में चुना गया है। समझौते के तहत, टाटा एडवांस्ड सिस्टम्स अपनी सुविधाओं से 40 फ्लाई-अवे सी-295 एयरक्राफ्ट का प्रोडक्शन करेगी और भारतीय वायुसेना द्वारा खरीदे जाने वाले कुल 56 विमानों के लिए एमआरओ सपोर्ट और सर्विस प्रदान करेगी। इस प्रोजेक्ट का लक्ष्य 2026 तक पहला विमान तैयार करना है। स्पेन के प्रधानमंत्री 27 अक्टूबर की रात को वडोदरा पहुंचेंगे। दोनों नेता संयुक्त रूप से प्लांट का शुभारंभ करेंगे और प्रमुख उद्योगपतियों से मिलेंगे। हालांकि दोनों प्रधानमंत्रियों के रोड शो करने की भी बात कही जा रही है, लेकिन सुरक्षा कारणों से आधिकारिक पुष्टि लंबित है। उद्घाटन के बाद, दोनों नेता द्विपक्षीय चर्चा करेंगे और वडोदरा के प्रतिष्ठित लक्ष्मी विलास पैलेस में दोपहर का भोजन करेंगे। बाद में, पीएम मोदी अमरेली जिले के लिए रवाना होंगे, जहां वह एक सार्वजनिक रैली को संबोधित करेंगे। उनका उद्योगपति सावजी ढोलकिया के गृहनगर दुधाला गांव में ‘अमृत सरोवर’ का उद्घाटन करने और विभिन्न विकास परियोजनाओं की आधारशिला रखने का भी कार्यक्रम है। प्रधानमंत्री मोदी शाम को दिल्ली लौट आएंगे। गृह मंत्री अमित शाह भी 22 अक्टूबर को गुजरात का दौरा करेंगे। इस बीच, गुजरात के मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल ने रविवार को कहा कि राज्य सरकार लोगों के सामने आने वाली समस्याओं और चुनौतियों से निपटने के लिए लगातार कोशिश कर रही है। विरमगाम के लिए 640 करोड़ रुपये की विकास परियोजनाओं का उद्घाटन करते हुए पटेल ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में देश के हरित ऊर्जा क्षेत्र को विकसित करने के लिए कई महत्वपूर्ण पहल चल रही हैं।   recent visitors 76

मुख्यमंत्री ने कहा वाल्मीकि समाज की बेहतरी के लिए आज समाज द्वारा सौंपे गए सुझाव-पत्र पर आवश्यक कदम उठाए जाएंगे

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि महर्षि वाल्मीकि ने भगवान श्रीराम की गौरव गाथा लिपिबद्ध की। उस युग में मुद्रण सुविधा नहीं थी लेकिन ताड़ के पत्तों पर भगवान श्रीराम के विविध पक्षों को लिखकर आदर्श स्थापित किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि वाल्मीकि समाज की बेहतरी के लिए आज समाज द्वारा सौंपे गए सुझाव-पत्र पर आवश्यक कदम उठाए जाएंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव आज लालघाटी स्थित गुफा मंदिर परिसर में महर्षि वाल्मीकि जयंती पखवाड़े के समापन समारोह को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने आयोजन के लिए वाल्मीकि समाज को बधाई दी। उन्होंने कहा कि महर्षि वाल्मीकि पखवाड़े के शुभारंभ और समापन अवसर पर उपस्थित होने का मुझे सौभाग्य मिला है। राज्यसभा सदस्य और राष्ट्र संत बालयोगी उमेश नाथ महाराज ने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. यादव वाल्मीकि जयंती पखवाड़े में वाल्मिकी धाम उज्जैन भी पहुंचे थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने महर्षि वाल्मीकि के सम्मान में हुए कार्यक्रम को प्राथमिकता दी। वे किसी को गिरिजन या हरिजन न मानकर सम्मानित नागरिक मानते हैं। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा अयोध्या में एयरपोर्ट का नामकरण महर्षि वाल्मीकि विमानतल करने का कार्य किया गया है। इसके साथ ही उच्च सदन में वाल्मीकि समाज के व्यक्ति को बिठाया गया। प्रधानमंत्री मोदी और मुख्यमंत्री डॉ. यादव के समर्थन से यह संभव हुआ है। कार्यक्रम में सकल वाल्मीकि समाज द्वारा मुख्यमंत्री डॉ. यादव और राज्य सभा सदस्य एवं राष्ट्र संत बालयोगी उमेश नाथ जी महाराज, पीठाधीश्वर श्रीक्षेत्र वाल्मीकि धाम, उज्जैन का सम्मान किया गया। कौशल विकास एवं रोजगार मंत्री गौतम टेटवाल और नगर निगम भोपाल के अध्यक्ष किशन सूर्यवंशी भी कार्यक्रम में उपस्थित थे। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री डॉ. यादव को वाल्मीकि रचित “रामायण’’ की प्रति सौंपी गई। सकल वाल्मीकि पंचायत और समाज द्वारा कार्यक्रम में उपस्थित अन्य अतिथियों का स्वागत किया गया।   recent visitors 67

अमृत भारत स्टेशन योजना के तहत रायपुर- दुर्ग रेलवे स्टेशन का हो रहा कायाकल्प

  रायपुर भारतीय रेल देश की लाइफ लाइन है। रेलवे लगातार यात्री सेवा को सुलभ करने के लिए नवीनतम तकनीक, सुविधाओं और बुनियादी ढांचे को आधुनिक बनाने पर काम कर रही है। वर्तमान में रेल मंत्रालय के महत्वाकांक्षी परियोजना के अंतर्गत यात्रियों को विश्वस्तरीय सुविधा प्रदान करने हेतु "अमृत भारत स्टेशन" योजना के अंतर्गत स्टेशनों का कायाकल्प किया जा रहा है। इस योजना के अंतर्गत दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे रायपुर मंडल के 15 स्टेशनों का अमृत भारत स्टेशन योजना के अंतर्गत कायाकल्प किया जा रहा है। (1) भाटापारा, (2) भिलाई पावर हाउस, (3) तिल्दा-नेवरा, (4) बिल्हा, (5) भिलाई, (6) बालोद, (7) दल्ली राजहरा, (8) भानुप्रतापपुर, (9) हथबंद, (10) सरोना, (11) मरोदा, (12) मंदिर हसौद, (13) उरकुरा, (14) निपनिया, (15) भिलाई नगर, रिडेवलपमेंट आॅफ मेजर स्टेशन में (1) रायपुर, (02) दुर्ग स्टेशनों का विकास किया जा रहा है। मेजर रिडेवलपमेंट किया जा रहा हैं।रायपुर स्टेशन का मेजर री डेवलपमेंट लगभग 482.48 करोड़ है। इन योजनाओ का मकसद आधुनिक सुविधाओं की उपलब्धता के साथ मौजूदा सुविधाओं के अपग्रेडेशन पर भी काम करना है। चरणबद्ध तरीके से इन कार्यों को पूर्ण किया जाएगा। इसी कड़ी में रायपुर रेलवे स्टेशन जो छत्तीसगढ़ का महत्वपूर्ण जिला एवं राजधानी होने के कारण महत्वपूर्ण स्टेशन है। व्यापारिक केंद्र एवं पर्यटन स्थल है जहाँ पर वर्ष भर पड़ोसी राज्य से यात्रियों का आना झ्रजाना लगा रहता है। इसी को ध्यान में रखकर रायपुर स्टेशन को विश्वस्तरीय सुविधाएं और यात्रियों को बेहतर यात्रा अनुभव प्रदान करने के लक्ष्य के साथ विकसित किया जा रहा है। रेलवे स्टेशन के आसपास अच्छी व्यवस्थाएं होने से आर्थिक गतिविधियों को भी बढ़ावा मिलेगा। रायपुर स्टेशन को यात्रियों के अनुकूल सर्वसुविधायुक्त बनाने हेतु भव्य प्रवेश एवं विकास द्वार, यात्रियों के आवागमन एवं निकास के लिए सुगम पथ ,10 टिकट बुकिंग विंडो, बेहतरीन प्लेटफार्म सरफेस, 300 किलोवाट पावर सोलर सोलर पैनल युक्त ऊर्जा संरक्षण, प्रत्येक प्लेटफार्म पर 26 कोच इंडिकेशन बोर्ड, 74 टॉयलेट, सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट, 6 मीटर चौड़े तीन फुट ओवर ब्रिज 40 वाटर कूलर 42 लिफ्ट, 3512 स्क्वायर मीटर पार्सल एरिया, 12075 स्क्वायर मीटर प्लेटफार्म शेल्टर, 10 यात्री आरक्षण सुविधा काउंटर, 16 एस्केलेटर लगाए जाने हैं। रिजर्व लॉज, मल्टी मॉडल ट्रांसपोर्टेशन हब, कोनकोर्स एरिया, बस्तर छत्तीसगढ़ी आर्ट से सुसज्जित होगा रायपुर स्टेशन विश्व स्तरीय यात्री सुविधाओं से उन्नत होगा रायपुर स्टेशन। वर्तमान समय में रायपुर स्टेशन पर लगभग 50 हजार यात्रियों का आवागमन होता है। भविष्य में यात्रियों की संख्या और बढ़ाने को देखते हुए स्टेशन डेवलपमेंट में यात्री सुविधा उन्नत की जा रही है। ये सभी कार्य योजनाबद्ध तरीके से किए जाएंगे। रायपुर स्टेशन पर किए जा रहे पुनर्विकास कार्यों से यात्रियों के लिये आरामदायक व सुलभ यात्रा के साथ ही साथ उन्हें नया यात्रा अनुभव प्राप्त होगा तथा संस्कृति, पर्यटन और व्यापार में भी व्यापक विस्तार होगा। दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे यात्री सुविधा एवं विकास के लिए प्रतिबद्ध है तथा भविष्य में भी उन्नत और आधुनिक यात्री सुविधा के कार्य जारी रहेंगे। recent visitors 84

संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में स्थायी सदस्यता के भारत के दावे का ब्रिटेन, अमेरिका और फ्रांस ने समर्थन किया

नईदिल्ली रूसी विदेश मंत्री सर्गेई लावरोव ने कहा कि रूस का मानना है कि भारत, ब्राजील और अफ्रीकी देशों को संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में स्थायी प्रतिनिधित्व मिलना चाहिए। रविवार को सरकारी समाचार एजेंसी ‘तास’ ने एक खबर में यह जानकारी दी। ‘तास’ की खबर के अनुसार लावरोव ने एआईएफ ऑनलाइन को दिए साक्षात्कार में कहा, 'भारत, ब्राजील के साथ-साथ अफ्रीकी देशों को काफी समय पहले सुरक्षा परिषद में स्थायी प्रतिनिधित्व मिलना चाहिए था। इन देशों में दुनिया की बड़ी आबादी रहती है, जिसका प्रतिनिधित्व सुनिश्चित किया जाना आवश्यक है।' भारत सुरक्षा परिषद के स्थायी और अस्थायी सदस्यों की संख्या बढ़ाने समेत विभिन्न सुधारों के लिए वर्षों से किए जा रहे प्रयासों में सबसे आगे रहा है। भारत का कहना है कि 1945 में स्थापित 15 देशों की सुरक्षा परिषद 21वीं सदी के उद्देश्यों के लिए उपयुक्त नहीं है और समकालीन भू-राजनीतिक वास्तविकताओं को प्रतिबिंबित नहीं करती। भारत का कहना है कि वह भी सुरक्षा परिषद का स्थायी सदस्य बनने का हकदार है। पिछले महीने, ब्रिटेन के प्रधानमंत्री कीअर स्टार्मर, अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडन और फ्रांसीसी राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद यानी यूएनएससी में स्थायी सदस्यता के भारत के दावे का समर्थन किया था। भारत पिछली बार 2021-22 में संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद का अस्थायी सदस्य बना था। समकालीन वैश्विक वास्तविकता को प्रतिबिंबित करने के लिए स्थायी सदस्यों की संख्या बढ़ाने की मांग बढ़ रही है। recent visitors 140