हेलेन और मिल्टन तूफानों की लागत 50 बिलियन डॉलर होने की, US के इतिहास में सबसे ज्यादा तबाही मचाने वाले तूफानों में से एक

फ्लोरिडा अमेरिका में हाल में आए मिल्टन तूफान ने काफी तबाही मचाई है। यह अमेरिका के इतिहास में सबसे ज्यादा तबाही मचाने वाले तूफानों में से एक है। शुरुआती अनुमानों के मुताबिक तूफान के कारण आई बाढ़ और तेज हवाओं से करीब 34 अरब डॉलर का नुकसान हुआ है। इस तूफान के कारण फ्लोरिडा में कम से कम 24 लोगों की मौत हुई। साथ ही लोगों को घरों को काफी नुकसान पहुंचा है। समस्या यह है कि अधिकांश घर तेज हवाओं से होने वाले नुकसान के लिए इंश्योर्ड थे लेकिन उनके पास बाढ़ से हुए नुकसान के लिए कवर नहीं था। मिल्टन से दो हफ्ते पहले आए हरिकेन हेलेन से करीब $47.5 अरब डॉलर का नुकसान हुआ था। लेकिन मिल्टन अमेरिका में आए 10 सबसे विनाशक तूफानों में शामिल है। इसमें करीब 22 अरब डॉलर का नुकसान तेज हवाओं के कारण हुआ है जबकि बाढ़ के कारण छह अरब डॉलर के नुकसान की आशंका है। हेलेन ने भी फ्लोरिडा के तटीय इलाकों में तबाही मचाई थी। अभी लोग इससे उबर भी नहीं पाए थे कि मिल्टन ने दस्तक दे दी। इससे फ्लोरिडा का इंश्योरेंस मार्केट मुश्किल में आ गया है। फ्लोरिडा में प्रीमियम फ्लोरिडा में इंश्योरेंस प्रीमियम देश के बाकी राज्यों की तुलना में बहुत अधिक है। सरकार के समर्थन वाली नॉन-प्रॉफिट होम इंश्योरेंस कंपनी Citizens Property Insurance Corp के पास 13 लाख पॉलिसीज हैं। अगर यह प्राइवेट कंपनी होती तो डूब चुकी होती। लेकिन सरकारी कंपनी होने के नाते इसके पास प्रीमियम सरचार्ज लगाने का अधिकार है ताकि सभी दावों का भुगतान किया जा सके। लेकिन इससे इंश्योरर्ड लोगों पर बोझ बढ़ेगा। राक्षसी तूफान हेलेन और मिल्टन ने इतनी जटिल तबाही मचाई कि अभी भी नुकसान का आकलन किया जा रहा है, लेकिन सरकारी और निजी विशेषज्ञों का कहना है कि वे संभवतः 50 अरब डॉलर से अधिक की लागत वाले कुख्यात तूफान कैटरीना, सैंडी और हार्वे की श्रेणी में शामिल हो जाएंगे। इससे भी अधिक पीड़ादायक बात यह है कि अधिकांश क्षति – हेलेन के मामले में 95% या उससे अधिक – का बीमा नहीं किया गया था, जिससे पीड़ितों को और अधिक वित्तीय संकट का सामना करना पड़ा। तूफान से होने वाली मौतें समय के साथ कम होती जा रही हैं, हालांकि हेलेन एक अपवाद था। लेकिन मुद्रास्फीति के लिए समायोजित करने पर भी, तीव्र तूफानों से होने वाली क्षति आसमान छू रही है क्योंकि लोग नुकसानदेह तरीके से निर्माण कर रहे हैं, पुनर्निर्माण की लागत मुद्रास्फीति की तुलना में तेज़ी से बढ़ रही है, और मानव-कारण जलवायु परिवर्तन तूफानों को अधिक शक्तिशाली और गीला बना रहा है, विभिन्न क्षेत्रों के विशेषज्ञों ने कहा। "आज के तूफान, आज की घटनाएँ कल की घटनाओं से बिलकुल अलग हैं। हम जो देख रहे हैं, उनमें से एक यह है कि ये सिस्टम जो ऊर्जा बनाए रख सकते हैं, वह पहले की तुलना में काफी अधिक है," जॉन डिक्सन, एऑन एज इंश्योरेंस एजेंसी के अध्यक्ष, जो बाढ़ कवरेज में विशेषज्ञ हैं, ने कहा। "ऐसा लगता है कि कई मामलों में मौसम इतनी तेज़ी से आगे बढ़ रहा है कि एक समाज के रूप में हम इसके साथ तालमेल नहीं रख पा रहे हैं।" पिछले 45 वर्षों में, मुद्रास्फीति के हिसाब से समायोजित, राष्ट्रीय महासागरीय और वायुमंडलीय प्रशासन ने 396 मौसमी आपदाओं की गणना की है, जिनसे कम से कम 1 बिलियन डॉलर का नुकसान हुआ है। इनमें से 63 तूफ़ान या उष्णकटिबंधीय तूफ़ान थे। recent visitors 134

ड्रैगन सरकार के कर्ज का रेश्यो 86% पहुंचा, ऑल-टाइम हाई पर पहुंचा चीन का लोन

नई दिल्ली  चीन की सरकार ने अपनी इकॉनमी में जान फूंकने के लिए अरबों डॉलर के स्टीम्युलस पैकेज की घोषणा की है लेकिन इससे देश का कर्ज संकट हल होता नहीं दिख रहा है। दुनिया की सबसे बड़ी इकॉनमी वाले देश चीन का डेट-टु-जीडीपी रेश्यो साल की पहली तिमाही में 366% के ऑल-टाइम हाई लेवल पर पहुंच चुका है। 2008 के वित्तीय संकट के बाद से यह रेश्यो डबल हो चुका है। नॉन-फाइनेंशियल कॉरपोरेट का रेश्यो सबसे ज्यादा 171% है। इसके बाद सरकार के कर्ज का रेश्यो 86% है। अमेरिका में सरकार का डेट-टु-जीडीपी रेश्यो 125% है। करीब तीन दशक से दुनिया की फैक्ट्री बना चीन अब कई मोर्चों पर संघर्ष कर रहा है। देश की इकॉनमी डिफ्लेशन के दौर से गुजर रही है। यह वही स्थिति है जिसमें 1990 के दशक से जापान की इकॉनमी फंसी है। अमेरिका के साथ चल रहे तनाव ने चीन की बुरी हालत कर दी है। देश में बेरोजगारी चरम पर है, रियल एस्टेट सेक्टर गहरे संकट में है और लोग पैसा खर्च करने के बजाय बचत करने में लगे हैं। चीन की हालत का असर दूसरे देशों और विदेशी कंपनियों पर भी दिख रहा है। जापान का एक्सपोर्ट कई महीनों में पहली बार गिरा है। इसकी वजह यह है कि चीन में डिमांड में गिरावट आई है। दुनिया के लिए खतरे की घंटी चीन की इकॉनमी डूबी तो इससे पूरा दुनिया की ग्रोथ प्रभावित होगी। हाल में दुनिया की सबसे बड़ी फैशन कंपनी LMVH के शेयरों में बड़ी गिरावट आई है। इसकी वजह यह रही कि चीन में कंपनी की बिक्री में गिरावट आई है। इसी तरह दुनिया की कई कंपनियों की ग्रोथ में चीन का बड़ा हाथ है। दुनियाभर के बाजार चीन के माल से पटे हैं। लेकिन जानकारों की मानें तो चीन में 2008 जैसी मंदी के लक्षण दिखने शुरू हो गए हैं। यही वजह है कि चीन में मंदी की आशंका ग्लोबल इकॉनमी के लिए खतरे की घंटी है। इस बीच तीसरी तिमाही में चीन की ग्रोथ डेढ़ साल में सबसे कम रही। नेशनल ब्यूरो को स्टैटिस्टिक्स के जारी आंकड़ों के मुताबिक सितंबर तिमाही में चीन की इकॉनमी 4.6 फीसदी की रफ्तार से बढ़ी जो पिछली तिमाही में 4.7 परसेंट थी। यह 2023 की शुरुआत से सबसे कम ग्रोथ है। हाल के दिनों में चीन की सरकार ने इकॉनमी में जान फूंकने के लिए कई तरह की घोषणाएं की हैं। इनमें ब्याज दरों में कटौती और घर खरीदने से जुड़े नियमों में ढील शामिल है। लेकिन निवेशकों में इसे लेकर ज्यादा उत्साह नहीं है। recent visitors 81

Ujjwala Scheme योगी सरकार का दि‍वाली तोहफा! मुफ्त गैस स‍िलेंडर का एलान

लखनऊ  दीपावली का त्योहार बेहद पास आ गया है और इस मौके पर घरों में पकवान बनाने में किसी तरह की दिक्कत ना आए इसके लिए सरकार ने मुफ्त रसोई गैस सिलेंडर का डिस्ट्रीब्यूशन शुरू कर दिया है. दिवाली से पहले करवा चौथ, अहोई अष्टमी जैसे त्योहार आने हैं तो इन सब में वंचितों और गरीब परिवारों को खाना बनाने के लिए परेशान ना होना पड़े, इसका इंतजाम सरकार ने कर दिया है. इस राज्य के बेनेफिशयरीज को बड़ा तोहफा उत्तर प्रदेश सरकार ने दीपावली के मौके पर राज्य के 1.86 करोड़ परिवारों के लिए वादों को पूरा कर दिया है. इस तोहफे के लिए 1,890 करोड़ रुपये एलोकेट किए गए हैं. राज्य सरकार ने आज एक बयान जारी करके ये बताया कि इस पहल के तहत 'डबल इंजन सरकार' ने मुफ्त सिलेंडर देने का वादा किया था, इसे पूरा करने के लिए काम चालू कर दिया गया है. बता दें कि प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना के तहत होली और दीपावली के त्योहारों के दौरान राज्य में दो साल से मुफ्त रसोई गैस सिलेंडर का डिस्ट्रीब्यूशन किया जा रहा है. खाद्य और रसद विभाग ने इसके लिए जारी शासन के आदेश के मुताबिक डिस्ट्रीब्यूशन को जल्द से जल्द पूरा करने का जिम्मा उठाया है. मुफ्त सिलेंडर के लिए क्या करना होगा? ये मुफ्त सिलेंडर लेने के लिए महिलाओं को खास तौर पर इंतजार है और अब ये प्रतीक्षा खत्म होने वाली है. इस योजना के तहत आधार सर्टिफिकेशन का प्रोसेस चल रहा है और जिनका आधार प्रमाणीकरण हो गया है, उन्हें दिवाली से पहले फ्री सिलेंडर मिलने की राह खुली है. ये फ्री सिलेंडर उन्हीं बेनेफिशयरीज को मिलेगा जिनके बैंक अकाउंट आधार से लिंक होंगे और वैलिड होंगे. बीते साल भी सरकार ने बांटे थे मुफ्त सिलेंडर यहां की सरकार ने पिछले साल 85 लाख से ज्यादा महिलाओं सहित 1.85 करोड़ परिवारों को मुफ्त रसोई गैस सिलेंडर का डिस्ट्रीब्यूशन किया था. यहां 14.2 किलो के एलपीजी सिलेंडर की कीमत 842.42 रुपये पर है और ये सिलेंडर के दाम सितंबर के मुताबिक हैं. केंद्र सरकार उज्ज्वला योजना के तहत हर बेनेफिशयरी को 300 रुपये की सब्सिडी देती है जबकि राज्य सरकार बाकी छूट को खुद वहन करती है. दीपावली से पहले कर्मचारियों के लिए भी खुशखबरी: बता दें कि इसके साथ ही योगी सरकार प्रदेश के करीब 12 लाख कर्मचारियों और पेंशनरों के लिए बहुत जल्द महंगाई भत्ते भी का एलान करने वाली है. दीपावली से पहले बोनस की घोषणा की भी उम्मीद है. इससे पहले बुधवार को केंद्र की भाजपा सरकार ने केंद्रीय कर्मचारियों के लिए तीन माह के एरियर के साथ तीन प्रतिशत डीए देने की घोषणा की है. इस घोषणा के साथ ही राज्य कर्मचारियों में भी उम्मीद बढ़ गई है कि उन्हें भी महंगाई भत्ता और बोनस दिया जाएगा. उम्मीद है कि दीपावली से पूर्व सरकार इसे जारी कर देगी. recent visitors 79

UAE जाने वाले भारतीय यात्रियों के लिए बड़ी राहत, यूएई ने नई वीजा पॉलिसी लागू की है, जिससे यात्रा आसान हुई

नई दिल्ली भारतीय यात्रियों के लिए एक महत्वपूर्ण खबर है। यूएई ने नई वीजा पॉलिसी लागू की है, जिससे यात्रा आसान हो गई है। अब, यदि आपके पास अमेरिका या यूरोपीय संघ के किसी देश का वीजा या ग्रीन कार्ड है, तो आपको यूएई में वीजा मिलने में आसानी होगी। नई नीति के अनुसार, यूएई सरकार ने यह आदेश दिया है कि पात्र भारतीय नागरिकों को यूएई पहुंचने पर 14 दिन का वीजा ऑन अराइवल दिया जाएगा। इस बदलाव से भारत और यूएई के बीच रिश्ते मजबूत होंगे, क्योंकि यूएई में लगभग 35 लाख भारतीय रहते हैं। यूएई प्रशासन ने यह भी कहा कि यह नीति दोनों देशों के बीच यात्रा और व्यापार को बढ़ावा देने के लिए है, जिससे लाखों लोगों को लाभ होगा। भारतीयों ने इस तरह की व्यवस्था की मांग की थी। नई पॉलिसी से किसे मिलेगा वीजा अमेरिका या यूरोपीय संघ के किसी देश का वैध वीजा या ग्रीन कार्ड रखने वाले। कम से कम छह महीने की वैधता वाला पासपोर्ट रखने वाले। पात्र यात्रियों को वीजा शुल्क का भुगतान करने के लिए 60 अतिरिक्त दिन मिलेंगे।   recent visitors 108

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा- अयोध्या में रामलला के मंदिर में उपयोग में लाए गए मध्यप्रदेश के मंडला के पत्थर

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि मध्यप्रदेश खनिज संपदा से समृद्ध राज्य है। इस संपदा के दोहन के लिए प्रयास बढ़ाते हुए खनिज क्षेत्र में नए निवेश को पूरा प्रोत्साहन दिया जाएगा। खनन क्षेत्र के उद्यमियों को राज्य सरकार सभी आवश्यक सुविधाएं प्रदान करेगी। प्रदेश की खनिज संपदा का दोहन करते हुए उत्पाद भी प्रदेश में ही हो, ऐसे प्रयास किए जाएं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव शुक्रवार को 2 दिवसीय माईनिंग कॉन्क्लेव के समापन सत्र को संबोधित कर रहे थे। कुशाभाऊ ठाकरे सभागार में सम्पन्न कॉन्क्लेव में विभिन्न 11 औद्योगिक संस्थानों की ओर से 19,650 करोड़ रूपए के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव की उपस्थिति में एमओआईएल (भारत सरकार का उपक्रम) और मध्यप्रदेश राज्य खनिज निगम लिमिटेड के मध्य खनिज ब्लॉक से संबंधित "संयुक्त उद्यम समझौता" हस्ताक्षरित भी हुआ। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने इस कॉन्क्लेव को सफल आयोजन बताते हुए कहा कि प्रदेश के खनिज राजस्व में भी 5 गुना वृद्धि का लक्ष्य आने वाले समय में प्राप्त किया जाएगा। उद्यमियों के साथ भू-गर्भ शास्त्री, वैज्ञानिक, खनिज विभाग के वरिष्ठ अधिकारी, भारत सरकार के खनिज मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारी, जियोलॉजिकल सर्वे ऑफ इंडिया के अधिकारी कॉन्क्लेव में शामिल हुए हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि हमारे देश की संस्कृति विश्व में सबसे अलग है। जहां अन्य देश राष्ट्र को पिता मानते हैं, हमारे देश में हम भारत माता की जय का उद्घोष करते हैं। मातृ प्रधान व्यवस्था को प्राचीन काल से प्रश्रय मिला। हम देश को भी मातृ संस्था मानते हैं। शरीर की रचना भी ब्रम्हांड की तरह होती है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा‍कि इस वसुंधरा की नदियां मनुष्य के रक्त प्रवाह के समान हैं। पृथ्वी में भी प्राण होते हैं और वनस्पति में भी प्राण होते हैं, यह हमारी मान्यता अन्य देशों से काफी पुरानी हैं। प्रकृति के दोहन और शोषण के अंतर को समझने की आवश्यकता है। खनिज संपदा की दृष्ट से ईश्वर की कृपा मध्यप्रदेश पर है। प्रधानमंत्री श्री मोदी के नेतृत्‍व में जेट की गति से बढ़ रहा देश मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में हमारा देश जेट की गति से आगे बढ़ रहा है। खनिज के क्षेत्र में प्रधानमंत्री की कल्पना के अनुसार भारत वैश्विक स्तर पर महत्वपूर्ण कार्य कर रहा है। मध्यप्रदेश भी विकास के सभी क्षेत्रों में आगे बढ़ रहा है। जहां कृषि के साथ ही पशुपालन और अन्य क्षेत्रों में नए प्रकल्प आ रहे हैं, वहीं खनिज क्षेत्र में मध्यप्रदेश उल्लेखनीय उपलब्धियां अर्जित करेगा। भारत सरकार द्वारा खनिजों की नीलामी में पुरस्कृत मध्यप्रदेश विविध प्रकार की खनिज संपदा के समुचित दोहन के लिए संकल्पबद्ध है। मध्यप्रदेश सरकार खनिज क्षेत्र में निवेश को भरपूर प्रोत्साहन देगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि खनन क्षेत्र में उद्यमियों को सरकार का पूरा साथ मिलेगा। खनिज क्षेत्र मध्यप्रदेश को प्रगति के नए आयामों को छूने में सहयोगी बनेगा। हर महीने रीजनल इंडस्ट्री कॉन्क्लेव मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश में हर महीने अलग-अलग क्षेत्रों में रीजनल इंडस्ट्री कॉन्क्लेव हो रही हैं। इस वर्ष अब तक हुई 4 कॉन्क्लेव के फलस्वरूप लगभग 2500 करोड़ रूपए के निवेश प्रस्ताव मिले हैं। आने वाली 23 अक्टूबर को रीवा में "रीजनल इंडस्ट्री कॉन्क्लेव" उद्योग के विभिन्न सेक्टर्स में नए निवेश लाने में सहयोगी होगी। एक ही दिन में दो बड़े आयोजनों में भागीदारी का सौभाग्य मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश में औद्योगिक प्रगति को अग्रसर रखने एवं युवाओं को रोजगार से जोड़ने के लिये रीजनल इंडस्ट्री कान्क्लेव की जा रही है। इसी क्रम में मध्यप्रदेश की पूरी क्षमता को विकसित करने हमने पर्यटन की भी कॉन्क्लेव की। आज मैं दो कॉन्क्लेव में शामिल हुआ। सुबह पेट्रोकेमिकल एवं फार्मा इंडिया केम मुंबई में शामिल हुआ और अभी माइनिंग कॉन्क्लेव में शामिल हुआ हूँ। विभागवार कॉन्क्लेव की श्रंखला जारी रहेगी। अगले वर्ष फरवरी में जीआईएस का आयोजन करेंगे। मध्यप्रदेश में चहुँमुंखी औद्योगिक विकास और रोजगार बढ़ाने में कोई कसर नहीं छोड़ेगे। अयोध्या के राम मंदिर तक पहुंचा मध्यप्रदेश का पत्थर, हीरे के बाद सोना भी निकालेंगे मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि निश्चित ही यह गर्व का विषय है कि गोंडवाना अंचल के मंडला जिले में खनन से प्राप्त पत्थर का उपयोग अयोध्या में श्रीरामलला मंदिर के गर्भ गृह में लगाने का सौभाग्य मध्यप्रदेश को मिला। निश्चित ही यह पत्थर गुणवत्ता की दृष्टि से इस योग्य पाया गया कि उसे गर्भगृह में स्थान मिला। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री डॉ. यादव को श्री अनुपम चतुर्वेदी और श्री किशोर ने इस पत्थर का नमूना भेंट किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि निश्चित ही मध्यप्रदेश खनिजों के मामले में भी अद्वितीय है। भारत की वसुंधरा में मध्यप्रदेश हृदय प्रदेश होने के साथ रत्न-गर्भा भी है। पन्ना में हीरों का भंडार प्रदेश को अलग पहचान देता है। अब हीरों के साथ सोना भी प्रदेश की धरती से निकलेगा। अन्य खनिजों के खनन के लिए सभी आवश्यक प्रयास किए जाएंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने किया प्रदर्शनी का अवलोकन मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कार्यक्रम स्थल पर लगाई प्रदर्शनी का अवलोकन भी किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने खनन तकनीक में प्रयुक्त हो रहे नवीनतम उपकरणों की भी जानकारी ली। नई खनन मशीन के लोकार्पण के साथ ही खनन उपकरणों की कार्य प्रणाली की भी जानकारी प्राप्त की। recent visitors 72

शीर्ष अदालत की सभी बेंचों की लाइव-स्ट्रीमिंग की सुविधा देने वाला एक ऐप परीक्षण के अंतिम चरण में, CJI चंद्रचूड़ ने दी बड़ी सौगात

नई दिल्ली एक अहम कदम उठाते हुए सुप्रीम कोर्ट ने सभी मामलों की सुनवाई का सीधा प्रसारण करने का फैसला किया है। सूत्रों ने बताया कि शीर्ष अदालत की सभी बेंचों की लाइव-स्ट्रीमिंग की सुविधा देने वाला एक ऐप परीक्षण के अंतिम चरण में है। इससे पहले यानी अब तक सिर्फ संविधान पीठ के समक्ष मामलों की सुनवाई का ही सीधा प्रसारण होता था लेकिन मुख्य न्यायाधीश जस्टिस डीवाई चंद्रचूड़ की पहल पर इसे सभी बेंच तक विस्तारित करने का फैसला किया गया है। यह पहला मौका है जब दिन-प्रतिदिन की सुनवाई का नियमित सीधा प्रसारण करने का फैसला किया गया है। बता दें कि कोविड महामारी के बाद 2022 में सुप्रीम कोर्ट ने संविधान पीठ के तहत होने वाले मामलों की सुनवाई की यूट्यूब और अन्य सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर लाइव स्ट्रीमिंग की पहली बार व्यवस्था की थी, जो अबतक जारी है और उसे अब सभी अदालतों तक विस्तारित किया जा रहा है। 27 सितंबर 2022 में जब पहली बार सुप्रीम कोर्ट की तीन संविधान पीठ की सुनवाई की लाइव स्ट्रीमिंग की गई थी, तब 8 लाख से ज्यादा लोगों ने उसे देखा था। तब सुप्रीम कोर्ट की ओर से जारी एक बयान में कहा गया था कि यह कदम दूर-दराज के लोगों की बाधाओं को दूर करने में मील का पत्थर साबित होगा और देश के हर कोने से नागरिकों को सुप्रीम कोर्ट की कार्यवाही देखने का अवसर मिल सकेगा। दरअसल, जस्टिस डीवाई चंद्रचूड़ अपने कार्यकाल में उल्लेखनीय कार्यों के लिए जाने जाते हैं। उन्होंने तकनीक का इस्तेमाल कर न सिर्फ केसों के आवंटन में प्रगति और पारदर्शी व्यवस्था लाने की कोशिश की है बल्कि त्वरित सुनवाई की व्यवस्था में भी बड़ा बदलाव लाया है। वह अगले महीने 10 नवंबर को रिटायर हो रहे हैं। उनकी जगह अब जस्टिस संजीव खन्ना देश के अगले मुख्य न्यायाधीश होंगे। उन्होंने इस बाबत अपनी अनुशंसा केंद्र सरकार को भेज दी है। recent visitors 122

सिंधिया ने कंटेंट क्रिएशन में क्रांति लाने में एआई की भूमिका को रेखांकित किया : संचार मंत्री सिंधिया

नई दिल्ली संचार मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने कंटेंट क्रिएशन में भारत के नेतृत्व को रेखांकित करते हुए आज कहा कि भारत दुनिया की कंटेंट क्रिएशन राजधानी बनने की ओर अग्रसर है, जिसका बाजार आज के 30 अरब डॉलर से बढ़कर 2035 तक 480 अरब डॉलर तक पहुंचने का अनुमान है। सिंधिया ने यहां चल रही इंडिया मोबाइल कांग्रेस 2024 में "भारत में कंटेंट क्रिएशन में क्रांति लाना: अगले एक अरब उपयोगकर्ताओं को जोड़ने के लिए एआई और डिजिटल प्लेटफ़ॉर्म का उपयोग करना" शीर्षक पर पैनल चर्चा के दौरान यह बात कही। इस व्यावहारिक सत्र ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) और कंटेंट क्रिएशन के बीच बढ़ते अंतर्संबंध पर प्रकाश डाला गया।उन्होंने सूचना तक पहुंच के लोकतंत्रीकरण और डिजिटल क्रांति का नेतृत्व करने के लिए 6जी जैसी अगली पीढ़ी की तकनीकों को अपनाने के लिए भारत की तत्परता पर जोर दिया। सिंधिया ने कंटेंट क्रिएशन में क्रांति लाने में एआई की भूमिका को रेखांकित किया। पैनल ने इस बात पर जोर दिया कि सामग्री निर्माण में एआई राजस्व धाराओं का विस्तार करने, लागत कम करने और नए बाजारों में प्रवेश करने का अवसर है, खासकर टियर 2 और टियर 3 शहरों में जहां सामग्री उपभोग पैटर्न विकसित हो रहे हैं। चूंकि एआई वास्तविक समय के वैयक्तिकरण और दर्शकों के साथ बातचीत की सुविधा देता है, इसलिए रचनात्मक अर्थव्यवस्था तेजी से बढ़ने वाली है। एशिया का सबसे बड़ा डिजिटल प्रौद्योगिकी मंच, इंडिया मोबाइल कांग्रेस, उद्योग, सरकार, शिक्षाविदों, स्टार्टअप और प्रौद्योगिकी और दूरसंचार पारिस्थितिकी तंत्र में अन्य प्रमुख हितधारकों के लिए अभिनव समाधान, सेवाओं और अत्याधुनिक उपयोग के मामलों को प्रदर्शित करने के लिए दुनिया भर में एक प्रसिद्ध मंच बन गया है। इंडिया मोबाइल कांग्रेस 2024 में 400 से अधिक प्रदर्शक, लगभग 900 स्टार्टअप और 120 से अधिक देशों से भागीदारी हो रही है। इस कार्यक्रम में 900 से अधिक प्रौद्योगिकी उपयोग मामले परिदृश्यों का प्रदर्शन भी किया जा रहा है, जिसमें 600 से अधिक वैश्विक और भारतीय वक्ताओं के साथ 100 से अधिक सत्र आयोजित किए जा रहे हैं। recent visitors 70