CM सैनी की पराली जलाने पर सख्ती, जलाई तो उस खेत की फसल MSP पर नहीं बिकेगी

चंडीगढ़  हरियाणा में नई सरकार का शपथ ग्रहण हो चुका है. जिसके बाद सीएम नायब सिंह सैनी ने सचिवालय में पदभार ग्रहण किया. इस बीच पहली कैबिनेट की बैठक भी हुई, जिसके बाद सीएम सैनी ने स्वयं मंत्रियों को उनके कक्षों तक पहुंचाया, फिर वो मीडिया से मुखातिब हुए. इस दौरान सीएम सैनी ने कहा कि उनका पहला फैसला किडनी पेशेंट के मामले में था. डायलिसिस पर मरीजों का बहुत खर्च होता है. करीब 20 से 25 हजार महीने का खर्च सामने आता है. अब हरियाणा सरकार इस खर्च को वहन करेगी. "विपक्ष ने कांग्रेस, युवा व किसानों को भड़काया" : उन्होंने आगे कहा कि हमारी तीसरे टर्म की सरकार है. मैं जनता को इसके लिए धन्यवाद देता हूं. लोगों ने पीएम मोदी की नीतियों पर मोहर लगाई है. विपक्ष के नरेटिव को लोगों ने नकारा है. हमने दस साल में जन हितैषी काम किए हैं. विपक्ष लोगों के बीच कहती थी, यह सरकार जा रही है. किसानों को भड़काया गया, युवाओं को अविश्वास में धकेलने का काम किया किया. खिलाड़ियों का यूज किया गया. किसानों को भी भ्रामक परिस्थिति में डाला गया. युवा और गरीबों के साथ धोखा किया, हमने सभी वर्गों के लिए ऐतिहासिक काम किए हैं. दस साल बाद भी जनता ने सरकार की नीतियों पर मोहर लगाई, और विपक्ष के मुद्दों को लोगों ने दरकिनार कर दिया. "लागू होगा एससी आरक्षण में वर्गीकरण": उन्होंने कहा कि कैबिनेट में हमने सुप्रीम कोर्ट के उस फैसले का सम्मान किया जो एससी आरक्षण में उपवर्गीकरण पर आधारित है. कैबिनेट मीटिंग में हमने अनुसूचित जाति के आरक्षण में वर्गीकरण से जुड़े सुप्रीम कोर्ट के फैसले को लागू करने का फैसला लिया है. हमने फैसला किया है कि हम एससी आरक्षण के वर्गीकरण के बारे में सुप्रीम कोर्ट ने जो कहा है, उसे लागू करेंगे. "एक-एक दाना MSP पर खरीदेंगे" : सीएम सैनी ने कहा कि धान की फसल खरीद पर भी चर्चा हुई है. हम एक-एक दाना किसानों का एमएसपी पर ही खरीदेंगे. 17 प्रतिशत से कम की नमी वाले धान को हमने एमएसपी पर खरीदने के आदेश दिए हैं. अगर नमी ज्यादा है तो फिर थोड़ा इंतजार करना होगा. अब तक 27,45,128 मीट्रिक टन की आवक हुई है. 23 लाख मीट्रिक टन से अधिक की खरीद हो चुकी हैं. 11 लाख मीट्रिक टन से अधिक का उठान हो चुका है. "नए फैसले लेंगे और पुराने पर तेजी से काम करेंगे" : उन्होंने कहा कि किसानों को मैं बताना चाहूंगा कि हमने अब तक किसानों के खाते में 3056 करोड़ डाले हैं. बाजरे की खरीद 3 लाख 44 हजार मीट्रिक टन में से 2 लाख मीट्रिक टन से ज्यादा खरीद ली गई है. करीब इतने का ही उठान हो चुका है. हम अब नए फैसले लेंगे और पुराने पर तेजी से काम करेंगे. हरियाणा की भूमिका विकसित भारत में अहम होगी. इस दौरान सीएम ने राम चरित मानस की चौपाई पढ़ी. "हमने युवाओं को नौकरी का पहला वादा पूरा किया": मैने 50 हजार नौकरियां देने का वादा किया था. कांग्रेस ने उसमें बाधा डालने का काम किया. हमने बिना पर्ची, बिना खर्ची के युवाओं में विश्वास बनाया है, लेकिन कांग्रेस ने रिजल्ट में बाधा डालने का काम किया. चुनाव के दौरान उनके नेताओं ने नौकरियां बांटने की बात कही. युवाओं में डर पैदा किया, लेकिन लोगों ने बीजेपी पर विश्वास किया. हमने वादे के मुताबिक 25 हजार युवाओं को नौकरी दी. "अपराधी हरियाणा छोड़ दे" : इस बीच उन्होंने अपराधियों को भी चेतावनी दी कि आपराधिक गतिविधियों में शामिल लोग या तो प्रदेश छोड़ दे या सुधर जाएं, नहीं तो हम उन्हें प्रदेश से बाहर कर देंगे. हम लोगों को सुरक्षा देने का काम करेंगे. उन्होंने अगले विधानसभा सेशन से जुड़े सवाल पर कहा कि एक दो दिन में इसकी डेट हम सार्वजनिक कर देंगे. त्योहार के बाद यानी करवाचौथ के बाद बताया जाएगा, जिसमें नवनियुक्त विधायकों को शपथ दिलाई जाएगी. "पराली पर क्या बोले नायब सैनी?" : पराली जलाने पर हरियाणा के सीएम नायब सिंह सैनी ने कहा कि हरियाणा के किसान जागरूक हैं और मैं उन्हें बधाई देता हूं, क्योंकि सुप्रीम कोर्ट ने भी उनकी तारीफ की है. अगर कोई किसान पराली जलाता है तो हम उसे समझाएंगे. हम सब्सिडी पर यंत्र भी उपलब्ध करा रहे हैं. हमारे किसान बहुत जागरूक हैं और वे ऐसा कुछ नहीं करेंगे. सुप्रीम कोर्ट में पराली को लेकर सुनवाई पर सीएम ने कहा कि हमारे चीफ सेक्रेटरी सुप्रीम कोर्ट में जाएंगे और हमारे पराली प्रबंधन को लेकर जानकारी देंगे. पराली जलाने वाले किसानों को सावधान हो जाना चाहिए, क्योंकि अब जिला प्रशासन सख्त हो गया है। जिस खेत में पराली जलेगी, उस खेत की मेरी फसल-मेरा ब्योरा पोर्टल पर रेड एंट्री कर दी जाएगी। इसके बाद किसान को उस रेड एंट्री वाले खेत की गेहूं हो या धान की फसल नहीं बिक पाएगी। साथ ही एफआईआर दर्ज करा गिरफ्तारी की कार्रवाई भी होगी। उपनिदेशक (कृषि) डॉ. वजीर सिंह ने बताया कि अब ऐसे किसानों की मेरी फसल मेरा ब्योरा पोर्टल पर रेड एंट्री की जाएगी जिससे भविष्य में वह किसान न तो अपनी धान की फसल बेच पाएंगे और न ही गेहूं की फसल बेच सकेंगे। उपनिदेशक (कृषि) ने बताया कि सुप्रीम कोर्ट द्वारा पराली जलाने के मामले में कड़ा संज्ञान लिया जा रहा है। कृषि एवं किसान कल्याण विभाग तथा प्रशासन द्वारा लगातार किसानों को जागरूक किया जा रहा है कि वह किसी भी स्थिति में पराली में आग न लगाएं, बल्कि सरकार द्वारा रियायती दरों पर उपलब्ध करवाए गए कृषि यंत्रों की मदद से पराली का उचित प्रबंध करें। किसान पराली को या तो खेत में ही नष्ट करके खाद के रूप में इस्तेमाल कर सकते हैं या उनके गट्ठे बनवाकर खरीद केंद्रों पर बेचकर आमदनी ले सकते हैं। किसानों को काफी रियायतें देने के बावजूद कुछ किसान पराली में आग लगने से बाज नहीं आ रहे हैं, जिस कारण सुप्रीम कोर्ट तथा केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड द्वारा आरोपी किसानों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं। करनाल जिले में पराली जलाने वालों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई करने के लिए प्रशासन ने निर्देश दिए हैं कि जो किसान पराली जलाते हैं तो उनके खिलाफ जुर्माना लगाने के … Read more

बहराइच में जुमे पर हेलीकॉप्टर से निगरानी, मस्जिदों के आस पास भारी पुलिस बल तैनात, सूनी है सड़कें

बहराइच बहराइच में बवाल के बाद जुमे की नमाज को लेकर शहर जिले भर में कड़ी सतर्कता बरती जा रही है। सड़कें सूनी हैं। मस्जिदों के आस पास भारी पुलिस बल तैनात है। डीआईजी व एसपी स्वयं पूरे लाव लश्कर के साथ भ्रमण कर रहे हैं। संवेदनशील इलाकों में पुलिस की गश्त बढ़ा दी गई है। अभी तक सब कुछ शांति पूर्वक चल रहा है। महसी के महराजगंज में शुक्रवार दोपहर नमाज के समय हेलीकाप्टर से निगरानी हो रही है। महसी के महराजगंज में हुई हिंसा के पांच आरोपितों के गुरुवार को गिरफ्तार होने व पुलिस की जवाबी कार्रवाई में दो लोगों के होने के बाद से बने दहशत और तमाम आशंकाओं के मद्देनजर शुक्रवार को पुलिस की ओर से जुर्म के नमाज के दौरान सुरक्षा के कड़े बंदोबस्त किए गए हैं। सुबह से ही देवी पाटन रेंज के डीआईजी व एसपी पूरे लाव लश्कर के साथ विभिन्न इलाकों व संवेदनशील क्षेत्रों में भ्रमण कर रहे हैं। अभी तक सब कुछ शांति पूर्ण तरीके से चल रहा है। कहीं किसी अप्रिय घटना की सूचना नहीं है। सड़कों पर सन्नाटा पसरा हुआ है। नमाजी मस्जिदों को प्रस्थान कर रहे हैं।   गोंडा पुलिस भी अलर्ट, इलाकों में पुलिस के जवानों की गश्त जारी उधर, पड़ोसी जिला गोंडा में भी पुलिस भी अलर्ट मोड में आ गई है। संवेदनशील इलाकों में पुलिस की गश्त बढ़ा दी गई है। सिपाही से लेकर थानेदार तक क्षेत्र में गश्त कर रहे हैं। जुमे की नमाज को लेकर को गुरुवार रात को एसपी ने पुलिस बल के साथ शहर में गश्त कर पुलिस कर्मियों को आवश्यक निर्देश भी दिए है। जुमे में खासतौर पर अलग-अलग हिस्से में अफसरों ने फोर्स तैनाती करवाई है। लोकल इंटेलीजेंस इकाई को भी रात से सक्रिय कर दिया गया है। जुमे की नमाज के दौरान शुक्रवार को सुबह से पुलिस जिलेभर में अलर्ट मोड में रही। पुलिस अधिकारियों के निर्देशन पर सभी पुलिसकर्मी सतर्क रहे। नमाज को देखते हुए मस्जिदों के अलावा विभिन्न स्थानों पर पुलिस चप्पे-चप्पे पर तैनात रही। एसपी विनीत जायसवाल ने स्वयं मोर्चा संभाल रखा था। उन्होंने कोतवाली नगर क्षेत्र के कस्बे का भ्रमण किया। भड़काऊ पोस्ट डालने वालों पर सख्त कार्रवाई का निर्देश संवेदनशील इलाके में गश्त बढ़ाने के साथ ही सोशल मीडिया पर भी चौकसी शुरू हो गई है। भड़काऊ पोस्ट डालने वालों पर सख्त कार्रवाई का निर्देश दिया गया है। माहौल बिगाड़ने का प्रयास करने वालों को चिन्हित कर निरोधात्मक कार्रवाई करने का अफसरों ने निर्देश दिया है। recent visitors 60

पीएम मोदी 22-23 अक्टूबर को जाएंगे रूस, 16वें BRICS समिट में होंगे शामिल

नई दिल्ली प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Narendra Modi), रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के निमंत्रण पर 22-23 अक्टूबर को कजान (Kazan) में आयोजित होने वाले 16वें BRICS सिमट में भाग लेने के लिए रूस का दौरा करेंगे. विदेश मंत्रालय ने एक ऑफिशियल नोटिस में कहा, "Strengthening Multilateralism for Just Global Development and Security" थीम पर आयोजित होने वाला यह शिखर सम्मेलन नेताओं को अहम ग्लोबल मुद्दों पर चर्चा करने के लिए एक अच्छा मंच प्रदान करेगा. विदेश मंत्रालय ने कहा, "शिखर सम्मेलन ब्रिक्स द्वारा शुरू की गई पहलों की प्रगति का आकलन करने और भविष्य में सहयोग के लिए संभावित सेक्टर्स की पहचान करने का एक मूल्यवान मौका प्रदान करेगा." अपनी यात्रा के दौरान, प्रधानमंत्री मोदी BRICS सदस्य देशों के अपने समकक्षों और रूस के शहर कजान में बुलाए गाए नेताओं के साथ द्विपक्षीय बैठकें करेंगे. पीएम मोदी की अन्य नेताओं के साथ हो सकती हैं द्विपक्षीय बैठकें यह शिखर सम्मेलन ब्रिक्स की ओर से शुरू की गई पहलों की प्रगति का आकलन करने और भविष्य में सहयोग के लिए संभावित क्षेत्रों की पहचान करने का भी अवसर प्रदान करेगा। अपनी यात्रा के दौरान पीएम मोदी रूस में ब्रिक्स सदस्य देशों के अपने समकक्षों और आमंत्रित नेताओं के साथ द्विपक्षीय बैठकें भी कर सकते हैं। ब्रिक्स के सदस्य देश रूस इस साल ब्रिक्स की अध्यक्षता कर रहा है। ब्रिक्स में ब्राजील, रूस, भारत, चीन और दक्षिण अफ्रीक शामिल हैं। सऊदी अरब, ईरान, इथियोपिया, मिस्र, अर्जेंटीना और संयुक्त अरब अमीरात इसके नए सदस्य हैं। जुलाई में पीएम मोदी गए थे रूस इससे पहले 8 जुलाई को पीएम मोदी अपनी दो दिवसीय रूस गए ते। यहां रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को रूस के सर्वोच्च नागरिक सम्मान, ऑर्डर ऑफ सेंट एंड्रयू द एपोस्टल से सम्मानित किया था। इस पर पीएम मोदी ने पुतिन को धन्यवाद दिया था। उन्होंने कहा था कि यह 140 करोड़ भारतीयों का सम्मान है। यह भारत और रूस के बीच सदियों पुरानी दोस्ती का प्रतिबिंब है। एक साल में दूसरा रूस दौरा यह इस साल प्रधानमंत्री मोदी की रूस की दूसरी यात्रा होगी. वे रूस के राष्ट्रपति के साथ अनौपचारिक मुलाकात के लिए मास्को गए थे. यूक्रेन पर रूसी आक्रमण के बाद से उनकी मास्को की यह पहली यात्रा भी थी. पिछले दिनों अगस्त महीने में प्रधानमंत्री मोदी ने रूसी राष्ट्रपति से बात की और यूक्रेन संघर्ष के जल्द समाधान का आग्रह किया. यह बातचीत प्रधानमंत्री मोदी द्वारा कीव का दौरा करने और यूक्रेन के राष्ट्रपति व्लादिमीर जेलेंस्की से मिलने के कुछ दिनों बाद हुई थी.   recent visitors 60

दीपावली, छठ पूजा के दौरान रेल मंडल चलायेंगे फेस्टिवल स्पेशल ट्रेनें, मक्सी, उज्जैन, नागदा और रतलाम से गुजरेगी

रतलाम यात्रियों की मांग व सुविधा को ध्यान में रखते हुए तथा दीपावली, छठ पूजा के दौरान ट्रेनों में अतिरिक्त भीड़ को समायोजित करने के लिए रेल मंडल के विभिन्न स्टेशनों पर ठहराव के साथ उधना-कानपुर सेंट्रल तथा अहमदाबाद-ग्वालियर के बीच त्योहार स्पेशल ट्रेनों का संचालन किया जाएगा। 09069 उधना-कानपुर स्पेशल 21 अक्टूबर से 11 नवंबर तक प्रत्येक सोमवार को उधना से सुबह 5.30 बजे चलकर रतलाम (1.05/1.15), नागदा (2.10/2.12),उज्जैन (3.15/3.25) व मक्सी (4.40/4.42) होते हुए अगले दिन सुबह 6.30 बजे कानपुर सेंट्रल पहुंचेगी। इसी तरह 09070 कानपुर सेंट्रल-उधना स्पेशल 22 अक्टूबर से 12 नवंबर तक प्रत्येक मंगलवार को कानपुर सेंट्रल से 9.30 बजे चलकर मक्सी (12.35/12.37), उज्जैन (1.15/1.25), नागदा (2.00/2.02) व रतलाम (3.00/3.10) होते हुए अगले दिन सुबह 10 बजे उधना पहुंचेगी। इन रूट से होकर गुजरेगी ट्रेन यह ट्रेन दोनों दिशाओं में सूरत, भरूच, वड़ोदरा, रतलाम, नागदा, उज्जैन, मक्सी, शाजापुर, ब्यावरा राजगढ़, रुठियाई, गुना, शिवपुरी, ग्वालियर, सोनी, भिंड और ईटावा स्टेशनों पर रुकेगी। 09411 अहमदाबाद-ग्वालियर सुपरफास्ट स्पेशल 19 अक्टूबर से दो नवंबर तक प्रत्येक शनिवार को अहमदाबाद से रात 8.25 बजे चलकर रतलाम (1.20/1.30), नागदा (2.05/2.07), उज्जैन (3.00/3.10) व मक्सी (4.20/4.22) होते हुए रविवार को दोपहर एक बजे ग्वालियर पहुंचेगी। इसी तरह 09412 ग्वालियर-अहमदाबाद सुपरफास्ट स्पेशल 20 अक्टूबर से तीन नवंबर तक प्रत्येक रविवार को ग्वालियर से 4.30 बजे चलकर मक्सी (11.50/11.52), उज्जैन (12.40/12.45), नागदा (1.56/1.58) व रतलाम (2.30/2.40) होते हुए सोमवार को सुबह 9.05 बजे अहमदाबाद पहुंचेगी। यह ट्रेन दोनों दिशाओं में आणंद, छायापुरी, गोधरा, रतलाम, नागदा, उज्जैन, मक्सी, गुना एवं शिवपुरी स्टेशनों पर रुकेगी। इस ट्रेन में सेकंड एसी, थर्ड एसी स्लीपर क्लास और द्वितीय श्रेणी के सामान्य कोच रहेंगे। 09069 व 09411 की बुकिंग 16 अक्टूबर से सभी पीआरएस काउंटरों और आईआरसीटीसी वेबसाइट पर शुरू हो गई है। ट्रेनों के ठहराव के समय और संरचना के संबंध में विस्तृत जानकारी के लिए यात्री कृपया www.enquiry.indianrail.gov.in पर जाकर अवलोकन कर सकते हैं। यहां बता दें कि आगामी त्योहारों के मद्देनजर रतलाम रेल मंडल द्वारा ट्रेनों के फेरों में प्रतिदिन बदलाव किए जा रहे हैं। उधर इस दौरान पूर्वोत्तर में मेगा ब्लॉक की वजह से कुछ ट्रेनें कैंसल की गई हैं, वहीं कई ट्रेनों के रूट को भी बदला गया है। recent visitors 62

प्रदेश में उर्वरकों की कोई कमी नहीं, सरकार ने खरीफ में किसानों को आवश्‍यक मात्रा में उर्वरक उपलब्‍ध कराया : कृषि मंत्री कंषाना

भोपाल किसान कल्याण एवं कृषि विकास मंत्री एदल सिंह कंषाना ने कहा है कि प्रदेश में उर्वरकों की कोई कमी नहीं है। राज्य सरकार ने खरीफ में किसानों को आवश्‍यक मात्रा में उर्वरक उपलब्‍ध कराया है और रबी में भी इसी प्रकार से किसानों की आवश्‍यकतानुसार उर्वरक उपलब्‍ध करायेगें। मंत्री कंषाना श्यामला हिल्स स्थित निवास पर मीडिया से चर्चा में यह बातें कही। मंत्री कंषाना ने कहा कि फसलों के लिये नाईट्रोजन, फास्‍फोरस और पोटास की आवश्यकता होती है। डीएपी से नाइट्रोजन एवं फास्फोरस की ही पूर्ति हो पाती है, जबकि एनपीके के उपयोग से नाइट्रोजन, फास्‍फोरस एवं पोटाश तीनों तत्‍वों की पूर्ति हो जाती है। इसलिये किसानों को कृषि वैज्ञानिकों द्वारा डीएपी के स्थान पर एनपीके के उपयोग की सलाह दी जा रही है। केन्‍द्र सरकार ने डीएपी उर्वरक पर सब्सिडी बढ़ा दी है जिससे कि किसानों को किसी तरह की समस्‍या न हो। एक बैग यूरिया की कीमत 2 हजार 265 रूपये है। जबकि सरकार इसे सस्ते दर पर किसानों को 266.50 रूपये में उपलब्‍ध करा रही है। इसी प्रकार डी.ए.पी की एक बैग की कीमत 2 हजार 446 रूपये है, जबकि सरकार इसे किसानों को 1 हजार 350 रूपये प्रति बैग उपलब्‍ध कराती है। मंत्री कंषाना ने कहा कि प्रदेश में किसानों को खरीफ के मौसम में दी जाने वाली सब्सिडी की गणना करें तो यह यूरिया के लिए 7 हजार 32 करोड़ रूपये एवं डीएपी के लिये 1 हजार 258 करोड़ रूपये होगी। यह सरकार की किसानों के प्रति संवेदनशीलता को दर्शाता है। उन्होंने बताया कि इस वर्ष अंतर्राष्‍ट्रीय बाजारों में डीएपी की कीमतों में भारी उतार-चढ़ाव का कारण यूक्रेन और इजराइल संघर्ष है। इनके संघर्ष के कारण आपूर्ति में बाधाओं का सामना करना पड़ा है। फिर भी किसानों को पर्याप्‍त उर्वरक उपलब्‍ध कराने की योजना तैयार की गई है। मंत्री कंषाना ने कहा कि खरीफ 2024 में किसानों को 32.97 लाख मीट्रिक टन की मांग के विरूद्ध 33.69 लाख मीट्रिक टन उर्वरक उपलब्‍ध कराया गया है, जबकि पिछले वर्ष खरीफ 2023 में 32.62 लाख मीट्रिक टन उपलब्‍ध कराया गया था। इसी प्रकार रबी 2024 में 41.10 लाख मीट्रिक.टन की मांग के विरूद्ध 01 अक्‍टूबर 2024 से अभी तक 19 लाख मीट्रिक टन उर्वरक उपलब्ध कराया गया है। जिसमें 7.74 लाख मीट्रिक टन यूरिया, 5.21 लाख मीट्रिक टन डीएपी और 6.05 लाख मीट्रिक टन एसएसपी उपलब्‍ध करा दिया गया है। मंत्री कंषाना ने कहा कि प्रदेश में रबी 2024 के लिए भी पर्याप्त मात्रा में उर्वरक उपलब्ध हैं। मध्यप्रदेश एकमात्र ऐसा राज्य है जो उर्वरकों का अग्रिम भंडारण करता है ताकि किसानों को उर्वरक की कोई कमी न हो। रबी सीजन की शुरुआत में राज्य ने पहले ही 6.55 लाख मीट्रिक टन अग्रिम भंडारण कर लिया था। उन्होंने कहा कि भारत सरकार से पर्याप्त मात्रा में उर्वरक उपलब्‍ध कराने का आश्वासन मिला है और लगातर उर्वरक प्राप्‍त भी हो र‍हे है। किसानों को उनकी मांग के अनुसार उर्वरक उपलब्‍ध कराया जायेगा। मंत्री कंषाना ने कहा कि "नैनो यूरिया" और "नैनो डीएपी" भी किसानों को उपयोग करने की सलाह दी गई है। फूल आने से पहले स्‍प्रे करने से उपज में वृद्धि होती है। किसानों को उर्वरको की बिक्री पर अन्‍य उर्वरक टैग करने के लिये कोई दबाव नही डाला जा र‍हा है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार यह सुनिश्चित करेगी कि दिए गए उर्वरक गुणवत्तापूर्ण हों। जहाँ भी घटिया गुणवत्ता के उर्वरक, बीज एवं कीटनाशक ब्रिकी की सूचना मिलेगी, उनके विरूद्ध हम सख्त कार्रवाई करेंगे। कालाबाजारी और नकली उर्वरकों के मामले में हम कानूनी कार्रवाई भी करेंगे और दोषियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज करेंगे।   recent visitors 53

मध्‍य प्रदेश में फल, सब्जी और खाद्य पदार्थ बेचने वालों का अब मुफ्त होगा पंजीयन, अर्थदंड से होगा बचाव

भोपाल  मध्य प्रदेश में फेरी लगाने वालों के लिए एक जरूरी खबर है। प्रदेश में फल, सब्जी और खाद्य पदार्थ बेचने वालों का अब मुफ्त पंजीयन होगा। एक बार में पांच वर्ष तक के लिए पंजीयन करा सकेंगे। इससे अर्थदंड से बचाव होगा। सरकार ने सब्जी-फल या खाने की अन्य सामग्री घूमकर बेचने वालों को राहत दी है। अब वह खाद्य सुरक्षा एवं मानक प्राधिकरण (FSSAI) में पांच वर्ष के लिए अपना पंजीयन निशुल्क करा सकेंगे। आर्थिक स्थिति अच्छी नहीं होने के कारण वेंडर पंजीयन कराने से बचते थे, इसलिए सरकार ने यह सुविधा दी है। एफएसएसएआई ने 30 सितंबर को इस संबंध में आदेश जारी कर दिए हैं। अब इन लोगों से पांच वर्ष का पंजीयन शुल्क 500 रुपए नहीं लिया जाएगा। फल, सब्जी और खाद्य पदार्थ बेचने वाले एमपी ऑनलाइन के माध्यम से अपना पंजीयन करा सकेंगे। पंजीयन में फोटो, आधार कार्ड भी लगेगा। यह भी बताना होगा किस चीजों का व्यापार करते हैं। आपको बता दें कि एमपी में फल, सब्जी और खाद्य पदार्थ ठेले पर बेचने वालों की संख्या करीब 18 लाख है। पंजीयन नहीं कराने पर एडीएम पांच हजार रुपए से लेकर 20 हजार रुपए तक अर्थदंड लगा सकता है। शर्त के अनुसार स्वच्छता और अन्य निर्धारित मापदंड का पालन करना होगा। आर्थिक स्थिति अच्छी नहीं होने के कारण वेंडर पंजीयन कराने से बचते थे, इसलिए भारत सरकार ने यह सुविधा दी है। एफएसएसएआई ने 30 सितंबर को इस संबंध में आदेश जारी कर दिए हैं। एमपी ऑनलाइन के माध्यम से या खुद वे अपना पंजीयन करा सकेंगे। पंजीयन में फोटो, आधार कार्ड भी लगेगा। यह भी बताना होगा किस चीजों का व्यापार करते हैं। खाद्य एवं औषधि प्रशासन के नियंत्रक मयंक अग्रवाल का कहना है कि एफएसएसएआई ने बहुत अच्छा प्रयास किया है। फेरी वाले जिन हाकर्स ने अभी तक पंजीयन नहीं कराया है वह निशुल्क पंजीयन करा सकेंगे। मप्र स्ट्रीट वेंडर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष रत्नेश उपाध्याय ने बताया कि मध्य प्रदेश में खाद्य पदार्थ बेचने वाले लगभग 38 लाख हाकर्स हैं, जिनमें 16 से 18 लाख फेरी वाले होंगे। फेरी वालों को यह होगा लाभ     अभी बिना लाइसेंस पकड़े जाने पर पांच हजार से 20 हजार रुपये तक अर्थदंड लगता है, जिससे बच जाएंगे।     पंजीयन की शर्तों के अंतर्गत उन्हें यह पता रहेगा कि क्या करना और क्या नहीं करना।     खाद्य एवं औषधि प्रशासन के पास उनका ब्योरा होने से उन्हें समय-समय पर विभाग या एनजीओ के माध्यम से प्रशिक्षित किया जा सकेगा। सरकार को यह लाभ होगा पंजीयन होने से फेरी लगाकर खाद्य पदार्थ बेचने वालों का ब्योरा सरकार के पास रहेगा। पंजीयन कराने के साथ ही फेरीवालों को शपथ पत्र देना होता है कि वह शर्तों का पालन करेंगे। इस तरह वह नियम से बंध जाएंगे। पंजीयन में पता और मोबाइल नंबर भी रहेगा। फेरी वालों के विरुद्ध कोई शिकायत आती है तो नोटिस भेजना आसान हो जाएगा। खाद्य पदार्थ बनाने और बेचने में स्वच्छता का मापदंड पूरा कराना भी आसान होगा। आवश्यकता होने पर मोबाइल पर उन्हें एक साथ मैसेज भेजा जा सकेगा।   recent visitors 62

छह माह में 8500 से अधिक सुरक्षित प्रसव, छत्तीसगढ़-बलौदा बाजार में सरकारी अस्पतालों पर बढ़ा गर्भवतियों का भरोसा

बलौदा बाजार। बलौदाबाजार-भाटापारा जिले में गर्भवती महिलाओं का सरकारी व्यवस्था पर भरोसा बढ़ा है. यही वजह है कि वर्तमान छह महीनों की बात करें तो 8500 संस्थागत प्रसव हुए हैं, जिसमें ज्यादातर नार्मल तरीके से व 470 सिजेरियन ऑपरेशन हुए हैं. जिले की बात करें तो एक जिला हॉस्पिटल, एक सिविल हॉस्पिटल, पांच सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र व पच्चीस प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र हैं, जहां महिलाओं का सुरक्षित प्रसव कराया जाता है. वहीं रेयर केसों में जिला हास्पिटल में ऑपरेशन की भी सुविधा है, जहां महिला चिकित्सक और उनकी पूरी टीम तैनात रहती है. पिछले दिनों जिले के ग्राम करही बाजार प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र में एक ऐसा मामला आया, जिसमें प्रसव पीड़ा से कराह रही महिला का हिम्मत बंधाते हुए नर्सों ने सुरक्षित प्रसव करवाया. शिशु का वजन चार किलोग्राम का था. इस तरह बगैर ऑपरेशन एक स्वस्थ शिशु ने यहाँ जन्म लिया. जिले में चल रही मातृत्व सुख योजना के संबंध में हमने प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र व सिविल चिकित्सालय का जायजा लेने के साथ महिलाओं व परिजनों से बातचीत भी की, जिसमें उन्होंने शासन की योजनाओं का पूर्ण लाभ मिलने तथा चिकित्सालय में डॉक्टर व नर्सो के व्यवहार को बहुत अच्छा बताया. जिले के मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. राजेश अवस्थी ने बताया कि गांव-गांव में मितानिनों के माध्यम से गर्भवती महिलाओं को संस्थागत प्रसव के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा है. इसके साथ एम्बुलेंस की सुविधा भी दी जा रही है, जिसका परिणाम है कि हम अप्रैल से अभी तक 8500 संस्थागत सुरक्षित प्रसव कराने में सफल हुए हैं. बलौदाबाजार सिविल हास्पिटल की बात करें तो छह महीनों में यहाँ 1100 प्रसव हुए हैं. इसके साथ स्वास्थ्य केन्द्र और प्राइवेट अस्पतालों में भी स्वस्थ शिशुओं का जन्म हुआ है. सुरक्षित संस्थागत प्रसव के बाद महिलाओं को 1400 रुपये भी उनके खाते में दिया जा रहा है. इसके अलावा महीने के 9 व 24 तारीख को विशेष जांच भी किया जाता है. recent visitors 84