सरकारी दफ्तर रहेंगे बंद, कर्मचारियों को मिला रंगों का डबल जश्न

भोपाल मध्य प्रदेश शासन ने होली के पावन अवसर पर प्रदेशवासियों और सरकारी कर्मचारियों के लिए बड़ी घोषणा की है। राज्य सरकार ने पहले से घोषित अवकाश में संशोधन करते हुए अब 4 मार्च 2026 (बुधवार) को भी सार्वजनिक एवं सामान्य अवकाश घोषित कर दिया है। पहली बार किसी त्योहार पर दो दिन की छुट्टी मध्य प्रदेश में पहली बार किसी त्योहार को लेकर दो दिन सरकारी छुट्टी रहेगी। 29 दिसंबर 2025 को सरकार ने 2026 के लिए घोषित अवकाशों की सूची में तीन मार्च मंगलवार को होली का सार्वजनिक एवं सामान्य अवकाश घोषित किया था। चूंकि, होली मनाने को लेकर अलग-अलग राय है इसलिए कर्मचारी संगठनों ने चार मार्च का अवकाश घोषित किए जाने की मांग की थी। सामान्य प्रशासन विभाग ने मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव को प्रस्ताव भेजा। 4 मार्च को भी सरकारी छुट्टी का एलान पूर्व में 29 दिसंबर 2025 की अधिसूचना के अनुसार केवल 3 मार्च 2026 (मंगलवार) को होली का अवकाश घोषित था। अब इसे संशोधित कर 4 मार्च 2026 (बुधवार) को भी छुट्टी का दिन तय किया गया है। यह अवकाश 'निगोशिएबल इन्स्ट्रूमेन्ट्स एक्ट 1881' की धारा 25 के अंतर्गत घोषित किया गया है, जिसका अर्थ है कि यह सार्वजनिक और सामान्य अवकाश की श्रेणी में आएगा। यह संशोधित अधिसूचना मध्य प्रदेश के राज्यपाल के नाम से और आदेशानुसार सामान्य प्रशासन विभाग के अपर सचिव दिनेश कुमार मौर्य द्वारा 1 मार्च 2026 को जारी की गई है शासन के इस निर्णय के बाद अब प्रदेश के सभी सरकारी कार्यालयों, शैक्षणिक संस्थानों और बैंकों (नेगोशिएबल इंस्ट्रूमेंट्स एक्ट के तहत) में बुधवार को भी अवकाश रहेगा । इस कदम से लोगों को होली का त्यौहार मनाने के लिए पर्याप्त समय मिल सकेगा। यह आदेश तत्काल प्रभाव से लागू कर दिया गया है और इसकी जानकारी समस्त विभागाध्यक्षों, संभागायुक्तों और जिला कलेक्टरों को व्यापक प्रचार-प्रसार हेतु भेज दी गई है।   recent visitors 33

भोपाल गैस कांड स्थल पर नया प्रोजेक्ट, 400 करोड़ की लागत से बनेगा ओपन थिएटर

भोपाल दुनिया की सबसे बड़ी औद्योगिक त्रासदियों में शुमार 1984 की गैस त्रासदी का साक्षी रहा भोपाल का यूनियन कार्बाइड परिसर अब नए स्वरूप में विकसित किए जाने की तैयारी में है। राज्य सरकार यहां ओपन थिएटर, रिहायशी और व्यावसायिक परिसर के साथ एक अत्याधुनिक अनुसंधान केंद्र विकसित करने की योजना बना रही है। सबसे महत्वपूर्ण पहलू यह है कि परिसर में लगभग सात से 10 एकड़ क्षेत्र में गैस त्रासदी पीड़ितों की स्मृति में भव्य स्मारक बनाया जाएगा। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने 17 जनवरी को स्थल का निरीक्षण कर इस दिशा में संकेत दिए थे। हालांकि, स्मारक निर्माण का प्रस्ताव पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के कार्यकाल से लंबित है, जिसे अब नए सिरे से आगे बढ़ाया जा रहा है।   पुनर्घनत्वीकरण के तहत विकास सरकार अब इस परियोजना को पुनर्घनत्वीकरण (रीडेंसिफिकेशन) योजना के तहत विकसित करने पर विचार कर रही है। प्रस्ताव को मुख्यमंत्री की स्वीकृति मिलने के बाद विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (डीपीआर) तैयार की जाएगी। स्मारक निर्माण के लिए आवश्यक धनराशि परिसर में प्रस्तावित आवासीय और व्यावसायिक विकास से जुटाई जाएगी। मिट्टी का दोबारा परीक्षण स्मारक निर्माण से पहले परिसर की मिट्टी का परीक्षण राष्ट्रीय पर्यावरण अभियांत्रिकी अनुसंधान संस्थान (नीरी), नागपुर से पुनः कराया जाएगा। करीब 10 वर्ष पूर्व भी यहां परीक्षण हो चुका है। जनवरी 2025 में हाईकोर्ट के निर्देश पर 337 टन जहरीले कचरे को पीथमपुर भेजकर वैज्ञानिक तरीके से नष्ट किया गया था। आधारभूत ढांचे पर जोर परिसर में पहले सड़क, ड्रेनेज और जल प्रदाय व्यवस्था विकसित की जाएगी। वर्तमान में यहां फैक्ट्री का लोहे का ढांचा और प्रशासनिक भवन मौजूद हैं, जिन्हें हटाया जाना है। प्रस्तावित स्मारक में संग्रहालय, कांच से सुरक्षित प्रदर्शनी स्थल और प्रशासनिक भवन शामिल होंगे, जबकि अनुसंधान केंद्र में लैब, सभागार और छात्रावास जैसी सुविधाएं विकसित की जाएंगी। recent visitors 28

इंदौर मेट्रो प्रोजेक्ट को रफ्तार, अनुमति के बाद मालवीय नगर तक विस्तार, खामियां दूर करने की कवायद जारी

इंदौर शहरी क्षेत्र में मेट्रो के संचालन की तैयारी अंतिम चरण में पहुंच चुकी है। कमिश्नर आफ मेट्रो रेलवे सेफ्टी (सीएमआरएस) की जूनियर टीम निरीक्षण कर चुकी है। टीम द्वारा बताई गई कमियों को दूर कर सीएमआरएस के फाइनल निरीक्षण की तैयारी की जा रही है। मेट्रो रेल कार्पोरेशन लिमिटेड के प्रबंध संचालक एस. कृष्ण चैतन्य ने स्थलीय निरीक्षण किया। सीएमआरएस की स्वीकृति मिलते ही सुपर कारिडोर-2 से मालवीय नगर चौराहे तक मेट्रो का संचालन शुरू होने की संभावना जताई जा रही है। मेट्रो के प्रबंध संचालक एस. कृष्ण चैतन्य ने दो दिवसीय स्थलीय निरीक्षण कर परियोजनाओं की प्रगति और संचालन की तैयारी को परखा। उन्होंने डिप्टी सीएमआरएस टीम द्वारा सुझाए गए सभी बिंदुओं का त्वरित पालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।  निरीक्षण के दौरान प्रबंध संचालक ने फिनिशिंग कार्यों में तेजी लाने, सुरक्षा मानकों का सख्ती से पालन करने तथा प्रत्येक स्थल पर पर्याप्त मैनपावर उपलब्ध रखने के निर्देश दिए। अधिकारियों को नियमित मॉनीटरिंग बढ़ाने और ठेकेदारों के साथ बेहतर समन्वय बनाए रखने पर भी जोर दिया गया। खामियां दूर करने पर पूरा ध्यान शनिवार को मालवीय नगर चौराहे से शुरू हुए निरीक्षण के दौरान विभिन्न स्टेशनों, अप्रोच मार्गों, यात्री सुविधाओं और तकनीकी व्यवस्था का बारीकी से अवलोकन किया गया। संचालन से जुड़े प्रबंधकीय पहलुओं का भी आकलन किया गया। वहीं परियोजना से जुड़े अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक आयोजित की गई, जिसमें पैकेज आईएन-02, आईएन-03, आईएन-04, आईएन-05आर और आईएन-07 की प्रगति का मूल्यांकन किया गया। अधिकारियों के मुताबिक अब पूरा ध्यान जूनियर टीम द्वारा बताई खामियों को दूर करने पर है।   recent visitors 30

राजनांदगांव शहर में भव्य संत कबीर प्रवेश द्वार बनाने की घोषणा

रायपुर मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय संत परंपरा और आध्यात्मिक चेतना समाज को सही दिशा देती है, और जब शासन व्यवस्था इन मूल्यों से जुड़ती है, तो विकास और संस्कार दोनों साथ-साथ आगे बढ़ते हैं। संत कबीर की वाणी समाज को जोड़ती है, सरकार का संकल्प जनजीवन संवारता है। मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय ने आज राजनांदगांव जिले के डोंगरगांव विकासखंड के ग्राम नादिया स्थित कबीर मठ आश्रम में आयोजित अखिल भारतीय सद्गुरु कबीर संत सम्मेलन फाल्गुन महोत्सव को संबोधित करते हुए यह बात कही।  मुख्यमंत्री  साय ने इस अवसर पर आश्रम में विकास कार्य के लिए 11 लाख रुपए  स्वीकृत करने की घोषणा की। उन्होंने मठ आश्रम परिसर में स्थायी डोम निर्माण और प्रतिवर्ष आयोजन के लिए बजट में राशि का प्रावधान करने की घोषणा की। मुख्यमंत्री ने ग्राम नादिया में मिनी स्टेडियम के निर्माण की घोषणा की, साथ ही राजनांदगांव शहर में कबीर साहेब के नाम भव्य प्रवेश द्वार निर्माण की भी घोषणा की। मुख्यमंत्री  साय ने संत सम्मेलन को संबोधित करते हुए कहा कि 202 साल पहले पूज्य सद्गुरु सेवा साहब जी ने नादिया जैसे गांव में कबीर मठ की स्थापना की। हलबा समाज के संत स्वरूप मंतू ठाकुर जी ने आश्रम की सेवा के लिए अपनी समस्त संपत्ति अर्पित कर दी।  साय ने कहा कि हलबा समाज का गौरवशाली और समृद्ध इतिहास रहा है। हलबा समाज से गेंदसिंह जी जैसे महानायक हुए हैं। मुख्यमंत्री  साय ने छत्तीसगढ़ में सद्गुरु कबीर के प्रभाव का उल्लेख करते हुए कहा कि हमारे प्रदेश में सद्गुरु संत कबीर का बड़ा प्रभाव है। उन्होंने अपने बचपन से ही कबीर पंथ से जुड़ाव का उल्लेख करते हुए कहा कि कुनकुरी में कबीरपंथ का बड़ा आश्रम है। बचपन से ही पंथ के रीति-रिवाजों से मैं भलीभांति परिचित रहा।छत्तीसगढ़ का जिला कबीरधाम सद्गुरु के नाम पर है। यहां के लोकजीवन में कबीर की वाणी का प्रभाव है। मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि कबीर दास जी के दोहों में जीवन का संदेश है। उन्होंने ‘निंदक नियरे राखिए’ जैसे कबीर संत के दोहों को दोहराया।  साय ने कहा कि संत कबीर कहते थे कि हमारे भीतर अपनी कमियों को सुनने का साहस होना चाहिए, ताकि हम खुद को बेहतर बना सकें। उनके दोहों में आदर्श जीवन और मानव समाज के हित के संदेश हैं, इसलिए हमें कबीरदास जी के बताए मार्ग पर चलना चाहिए। उन्होंने कहा कि हमारा छत्तीसगढ़ धान का कटोरा है, जहां की 80 प्रतिशत आबादी कृषि अर्थव्यवस्था से जुड़ी है। हमने सुव्यवस्थित धान खरीदी की। धान बेचने के 48 घंटे के भीतर किसानों के खाते में राशि पहुंचे, यह सुनिश्चित किया। शनिवार को हमने 25 लाख 28 हजार से अधिक किसानों के खातों में कृषक उन्नति योजना के माध्यम से 10 हजार करोड़ रुपए से अधिक की राशि अंतरित की। महतारी वंदन योजना अंतर्गत प्रदेश की 69 लाख से अधिक माताओं-बहनों के खातों में 15 हजार करोड़ रुपए से ज्यादा का भुगतान किया है। मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि मोदी की गारंटी में हमने वादा किया था कि सरकार बनते ही प्राथमिकता के आधार पर 18 लाख आवास प्रदान करेंगे। हमने शपथ लेने के 24 घंटे के भीतर ही पहली कैबिनेट बुलाकर 18 लाख प्रधानमंत्री आवासों की स्वीकृति दे दी। आज 8 लाख से ज्यादा मकान बन चुके हैं, जिनका गृह प्रवेश भी हो चुका है। इतना ही नहीं, बस्तर क्षेत्र में नक्सलवाद समाप्त हो रहा है। आत्मसमर्पित नक्सलियों के लिए 15,000 प्रधानमंत्री आवासों की अलग से स्वीकृति हुई है। पीवीजीटी समुदाय के लोगों के लिए अलग से 32,000 पीएम आवासों की स्वीकृति हुई है।  मुख्यमंत्री  साय ने बताया कि जैसे-जैसे नक्सलवाद समाप्त हो रहा है, बस्तर के पिछड़े क्षेत्रों में विकास हो रहा है। जिन गांवों में कभी सर्वे नहीं होता था, आज वहां की 7,000 से अधिक महिलाओं को महतारी वंदन योजना का लाभ मिल रहा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि हमने दो साल में 32,000 से ज्यादा नौकरियों की प्रक्रिया शुरू की। 5,000 से अधिक शिक्षकों की भर्ती निकाली जा रही है। मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि हमारा छत्तीसगढ़ प्रभु राम का ननिहाल और माता कौशल्या का मायका है। प्रभु राम ने 14 साल में सबसे ज्यादा समय छत्तीसगढ़ में बिताया। 500 साल के संघर्ष के बाद अयोध्या धाम में हमारे भांचा राम विराजमान हुए तो हमने छत्तीसगढ़ से राम लला दर्शन योजना की शुरुआत की, जिसके तहत अब तक 42,000 से अधिक लोगों को अयोध्या धाम और काशी विश्वनाथ धाम का दर्शन कराया जा चुका है। हमने मुख्यमंत्री तीर्थ दर्शन योजना की भी पुनः शुरुआत की है, जिसमें 5,000 से ज्यादा लोगों को देश के 19 चिन्हांकित तीर्थस्थलों का दर्शन कराया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारी सरकार भ्रष्टाचार के सख्त खिलाफ है। डीएमएफ, कोयला और पीएससी घोटाले के दोषी जेल के भीतर हैं। आज राज्य में प्रतियोगी परीक्षाओं की पारदर्शी व्यवस्था है, इसलिए गरीब का बेटा भी बड़ा अधिकारी बन रहा है। स्कूल शिक्षा मंत्री  गजेंद्र यादव ने अपने संबोधन में कहा कि यदि पूरे भारतवर्ष में देवभूमि, संस्कारभूमि और समर्पण की परंपरा की बात की जाए, तो छत्तीसगढ़ का स्थान अत्यंत विशिष्ट और सम्मानजनक है। यहां की मिट्टी में सेवा, सद्भाव और आध्यात्मिक चेतना रची-बसी है, जो प्रदेशवासियों के जीवन और व्यवहार में स्पष्ट रूप से दिखाई देती है। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ के लोग सरल, संवेदनशील और संस्कारों से परिपूर्ण हैं, यही इस प्रदेश की सबसे बड़ी ताकत है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय के नेतृत्व में हमारी सरकार विकास के साथ-साथ सांस्कृतिक और आध्यात्मिक मूल्यों को भी समान महत्व दे रही है, जो छत्तीसगढ़ की पहचान को और मजबूत बनाता है। उन्होंने विशेष रूप से उल्लेख करते हुए कहा कि मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय का संत-महात्माओं के प्रति गहरा सम्मान और आस्था है। ऐसा कोई दिन शायद ही गुजरता हो, जब मुख्यमंत्री निवास में किसी संत, महात्मा या आध्यात्मिक व्यक्तित्व का आगमन न होता हो। यह केवल आस्था का विषय नहीं, बल्कि समाज में सकारात्मक ऊर्जा, मार्गदर्शन और मूल्यों के संरक्षण का एक सशक्त माध्यम भी है। सांसद  संतोष पांडेय ने छत्तीसगढ़ की धरती को रत्नगर्भा बताते हुए कहा कि हमारी धरती को समय-समय पर संतों का मार्गदर्शन मिलता रहा है। संतों की वाणी में जीवन का आदर्श और दर्शन मिलता है। इस … Read more

होली से पहले डबल मार: सिलेंडर के दाम चढ़े, फ्लाइट टिकट महंगे, खर्चों ने बढ़ाई चिंता

नई दिल्ली हर महीने की तरह मार्च 2026 भी आम लोगों की जेब पर असर डालने वाले कई अहम बदलाव लेकर आया है। गैस सिलेंडर की कीमतों से लेकर बैंकिंग नियमों, रेलवे टिकटिंग सिस्टम और डिजिटल सुरक्षा मानकों तक कई नियम आज 1 मार्च से लागू हो गए हैं। इन बदलावों का सीधा असर घरेलू बजट, यात्रा खर्च और ऑनलाइन लेनदेन पर पड़ने वाला है। आइए जानते हैं विस्तार से क्या-क्या बदला है। तेल विपणन कंपनियों ने 19 किलो वाले कॉमर्शियल एलपीजी सिलेंडर के दाम में 31 रुपये की बढ़ोतरी की है। हालांकि घरेलू रसोई गैस सिलेंडर की कीमतों में फिलहाल कोई बदलाव नहीं किया गया है। होटल, रेस्टोरेंट और छोटे कारोबारियों पर इसका असर देखने को मिलेगा।   रेलवे टिकटिंग सिस्टम में बदलाव 1 मार्च से अनरिजर्व्ड टिकटिंग सिस्टम (UTS) एप बंद कर दिया गया है। अब यात्रियों को जनरल, प्लेटफॉर्म और लोकल ट्रेन की टिकट बुक करने के लिए ‘RailOne’ एप का इस्तेमाल करना होगा। रेलवे का दावा है कि नया एप अधिक सुविधाजनक और सुरक्षित होगा। सिम बाइंडिंग का नया नियम डिजिटल फ्रॉड रोकने के लिए सरकार ने सिम बाइंडिंग का नियम लागू किया है। अब WhatsApp, Telegram और Signal जैसे एप मोबाइल सिम से लिंक रहेंगे। फोन से सिम हटाते ही ये एप काम करना बंद कर देंगे। बैंकिंग नियमों में संशोधन सरकारी बैंकों ने मिनिमम बैलेंस नियम में बदलाव किया है। अब औसत मासिक बैलेंस के आधार पर पेनल्टी लगेगी, जिससे ग्राहकों को एक दिन की कमी पर जुर्माना नहीं देना पड़ेगा। CNG, PNG और ATF की कीमतें तेल कंपनियों ने एटीएफ (हवाई ईंधन) की कीमतों में 5,500 रुपये की बढ़ोतरी की है। इससे हवाई यात्रा महंगी हो सकती है। साथ ही सीएनजी और पीएनजी की दरों में भी बदलाव की संभावना जताई जा रही है। recent visitors 40

महंगाई में राहत: होली पर फ्री LPG सिलेंडर योजना से करोड़ों को फायदा

लखनऊ प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना (पीएमयूवाई) की शुरुआत मई 2016 में पूरे देश के गरीब परिवारों की वयस्क महिलाओं को बिना जमा राशि के एलपीजी कनेक्शन प्रदान करने के लिए की गई थी। पीएमयूवाई के अंतर्गत 25 लाख अतिरिक्त एलपीजी कनेक्शन को मंजूरी दी गई है। होली के मौके पर एक बड़े वर्ग को फ्री में एलपीजी गैस सिलेंडर मिलने वाला है। ये फ्री सिलेंडर उत्तर प्रदेश के 1.86 करोड़ (18.6 मिलियन) लाभार्थियों को मिलेगा। आइए इस योजना के बारे में जान लेते हैं। 1.86 करोड़ लोगों को मिलेगा फायदा दरअसल, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शनिवार को उज्ज्वला योजना के तहत 1.86 करोड़ (18.6 मिलियन) लाभार्थियों के लिए गैस सिलेंडर रिफिल सब्सिडी के रूप में 1,500 करोड़ रुपये जारी किए। इसके तहत लाभार्थी होली से पहले या बाद में अपनी नजदीकी एजेंसी से भरा हुआ एलपीजी सिलेंडर मुफ्त में प्राप्त कर सकते हैं। बता दें कि योगी सरकार ने रिफिल सब्सिडी योजना 2022 में शुरू की थी। इस योजना के तहत होली के अलावा दिवाली में भी लाभार्थियों को फ्री एलपीजी सिलेंडर मिलता है। उज्ज्वला योजना के बारे में प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना (पीएमयूवाई) की शुरुआत मई 2016 में पूरे देश के गरीब परिवारों की वयस्क महिलाओं को बिना जमा राशि के एलपीजी कनेक्शन प्रदान करने के लिए की गई थी। पूरे देश में लगभग 10.50 करोड़ पीएमयूवाई कनेक्शन हैं। हाल ही में वित्तीय वर्ष 2025-26 के लिए सरकार ने पीएमयूवाई के अंतर्गत 25 लाख अतिरिक्त एलपीजी कनेक्शन को मंजूरी दी गई है। पीएमयूवाई उपभोक्ताओं के लिए एलपीजी को ज्यादा किफायती बनाने और उनके द्वारा एलपीजी का निरंतर उपयोग सुनिश्चित करने के लिए, मई 2022 में सरकार ने पीएमयूवाई उपभोक्ताओं को 14.2 किलोग्राम सिलेंडर पर 200 रुपये (और 5 किलोग्राम कनेक्शन के लिए आनुपातिक रूप से निर्धारित) सब्सिडी देनी शुरू की। कुछ साल बाद में इसे बढ़ाकर 14.2 किलोग्राम सिलेंडर पर 300 रुपये (और 5 किलोग्राम कनेक्शन के लिए आनुपातिक रूप से निर्धारित) कर दिया गया। क्या है जरूरी दस्तावेज? प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना के तहत नामांकन प्रक्रिया के लिए जरूरी दस्तावेज आधार कार्ड, राशन कार्ड, पता प्रमाण, पासपोर्ट साइज का फोटो औ बैंक विवरण शामिल हैं। आवेदन पत्र आधिकारिक वेबसाइट के माध्यम से ऑनलाइन भरें। इसके बाद तेल कंपनी का नाम चुनना होगा। उदाहरण के लिए इंडेन / भारतगैस / एचपी गैस कनेक्शन का प्रकार चुनना होगा। इसके अलावा राज्य, जिला और वितरक का नाम चुनें। मोबाइल नंबर, कैप्चा और ओटीपी दर्ज करें। परिवार के सभी विवरण, व्यक्तिगत विवरण, पता विवरण, बैंक विवरण भरें, सिलेंडर के प्रकार चुनें, ग्रामीण या शहरी चुनें और घोषणा का चयन करके सबमिट करें। एलपीजी सिलेंडर के दाम बता दें कि होली से ठीक पहले कॉमर्शियल रसोई गैस सिलेंडर के दाम बढ़ा दिए गए हैं जबकि घरेलू सिलेंडर के मूल्य में कोई बदलाव नहीं किया गया है। दिल्ली में रविवार से 19 किलोग्राम वाला कॉमर्शियल रसोई गैस सिलेंडर 1,768.50 रुपये का हो गया है। यह मार्च 2025 के बाद का सबसे ऊंचा स्तर है। कॉमर्शियल एलपीजी सिलेंडर की कीमत में इस साल लगातार तीसरी बार वृद्धि हुई है। वहीं, 14.2 किलोग्राम वाले घरेलू एलपीजी सिलेंडर की कीमतों में 08 अप्रैल 2025 के बाद से कोई परिवर्तन नहीं हुआ है। दिल्ली में इसकी कीमत 853 रुपये, कोलकाता में 879 रुपये, मुंबई में 852.50 रुपये और चेन्नई में 868.50 रुपये पर स्थिर है।   recent visitors 35

2700 करोड़ की विकास योजनाएँ, पुडुचेरी में पीएम मोदी का कांग्रेस-डीएमके पर प्रहार

पुडुचेरी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पुडुचेरी दौरे के दौरान 2700 करोड़ रुपये से अधिक की विभिन्न विकास परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास किया। इस मौके पर उन्होंने कहा कि पुडुचेरी आना उनके लिए सम्मान की बात है और यह संतों, कवियों तथा स्वतंत्रता सेनानियों की भूमि रही है। उन्होंने याद दिलाया कि महाकवि सुब्रमण्यम भारती ने इसी धरती से राष्ट्रवाद की अलख जगाई थी। प्रधानमंत्री ने कहा कि अपने पिछले दौरे में उन्होंने 'BEST पुडुचेरी' का मंत्र दिया था- जिसका अर्थ है बिजनेस, एजुकेशन, स्पिरिचुअलिटी और टूरिज्म। उन्होंने बताया कि पिछले साढ़े चार वर्षों में यह विजन धरातल पर उतर रहा है और केंद्र व केंद्र शासित प्रदेश की सरकार के साझा प्रयासों से तेज विकास संभव हुआ है। इंफ्रास्ट्रक्चर को रिकॉर्ड बजट पीएम मोदी ने कहा कि देशभर में उच्च गुणवत्ता के बुनियादी ढांचे पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। इस वर्ष के बजट में 12 लाख करोड़ रुपये इंफ्रास्ट्रक्चर के लिए आवंटित किए गए हैं। इससे पुडुचेरी में बेहतर सड़कें, पेयजल आपूर्ति, तटीय ढांचा, स्कूल और अस्पताल जैसी सुविधाओं को मजबूती मिलेगी। उन्होंने यह भी बताया कि पुडुचेरी को कैपिटल इन्वेस्टमेंट स्कीम के तहत विशेष सहायता दी गई है, जो पहले केवल राज्यों के लिए उपलब्ध थी। शिक्षा और युवाओं को बढ़ावा प्रधानमंत्री ने कहा कि मजबूत युवा शक्ति ही देश की तरक्की की नींव है। एनआईटी कराईकल में नए डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम इंजीनियरिंग ब्लॉक और आधुनिक अस्पताल सुविधाएं छात्रों को बेहतर तकनीकी शिक्षा देंगी। पुडुचेरी विश्वविद्यालय में भी आधारभूत ढांचे का विस्तार किया गया है। इलेक्ट्रिक बस और हरित मोबिलिटी उन्होंने कहा कि दुनिया स्वच्छ और हरित परिवहन की ओर बढ़ रही है। पीएम ई-बस सेवा के तहत पुडुचेरी को इलेक्ट्रिक बसें मिल रही हैं, जो पर्यटन केंद्र होने के कारण प्रदूषण कम करने में अहम भूमिका निभाएंगी। साथ ही, हाउसिंग परियोजनाएं कई परिवारों को स्थायित्व और सम्मानजनक जीवन देंगी। विपक्ष पर निशाना प्रधानमंत्री ने डबल इंजन सरकार के कामकाज की सराहना करते हुए कांग्रेस और डीएमके पर निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि पूर्व सरकारों के दौरान राजनीतिक अस्थिरता, भ्रष्टाचार और कानून-व्यवस्था की समस्याएं थीं। पीएम मोदी ने कहा कि पुडुचेरी को विकास की राह पर आगे बढ़ाने के लिए स्थिर और पारदर्शी शासन आवश्यक है और जनता भ्रष्टाचार व अपराध के दौर में लौटना नहीं चाहेगी।   recent visitors 39