इंदौर मेट्रो प्रोजेक्ट को रफ्तार, अनुमति के बाद मालवीय नगर तक विस्तार, खामियां दूर करने की कवायद जारी

इंदौर शहरी क्षेत्र में मेट्रो के संचालन की तैयारी अंतिम चरण में पहुंच चुकी है। कमिश्नर आफ मेट्रो रेलवे सेफ्टी (सीएमआरएस) की जूनियर टीम निरीक्षण कर चुकी है। टीम द्वारा बताई गई कमियों को दूर कर सीएमआरएस के फाइनल निरीक्षण की तैयारी की जा रही है। मेट्रो रेल कार्पोरेशन लिमिटेड के प्रबंध संचालक एस. कृष्ण चैतन्य ने स्थलीय निरीक्षण किया। सीएमआरएस की स्वीकृति मिलते ही सुपर कारिडोर-2 से मालवीय नगर चौराहे तक मेट्रो का संचालन शुरू होने की संभावना जताई जा रही है। मेट्रो के प्रबंध संचालक एस. कृष्ण चैतन्य ने दो दिवसीय स्थलीय निरीक्षण कर परियोजनाओं की प्रगति और संचालन की तैयारी को परखा। उन्होंने डिप्टी सीएमआरएस टीम द्वारा सुझाए गए सभी बिंदुओं का त्वरित पालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।  निरीक्षण के दौरान प्रबंध संचालक ने फिनिशिंग कार्यों में तेजी लाने, सुरक्षा मानकों का सख्ती से पालन करने तथा प्रत्येक स्थल पर पर्याप्त मैनपावर उपलब्ध रखने के निर्देश दिए। अधिकारियों को नियमित मॉनीटरिंग बढ़ाने और ठेकेदारों के साथ बेहतर समन्वय बनाए रखने पर भी जोर दिया गया। खामियां दूर करने पर पूरा ध्यान शनिवार को मालवीय नगर चौराहे से शुरू हुए निरीक्षण के दौरान विभिन्न स्टेशनों, अप्रोच मार्गों, यात्री सुविधाओं और तकनीकी व्यवस्था का बारीकी से अवलोकन किया गया। संचालन से जुड़े प्रबंधकीय पहलुओं का भी आकलन किया गया। वहीं परियोजना से जुड़े अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक आयोजित की गई, जिसमें पैकेज आईएन-02, आईएन-03, आईएन-04, आईएन-05आर और आईएन-07 की प्रगति का मूल्यांकन किया गया। अधिकारियों के मुताबिक अब पूरा ध्यान जूनियर टीम द्वारा बताई खामियों को दूर करने पर है।   recent visitors 28

सुपर प्रायोरिटी कॉरिडोर न केवल तकनीकी दृष्टि से महत्त्वपूर्ण है, बल्कि इंदौर की आधुनिकता की ओर बढ़ती दिशा का प्रतीक भी

इंदौर भारत का सबसे स्वच्छ शहर इंदौर एक नये युग में प्रवेश करने जा रहा है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी शनिवार 31 मई, 2025 को भोपाल से वर्चुअली इंदौर मेट्रो के सुपर प्रायोरिटी कॉरिडोर पर यात्री सेवा का  शुभारंभ करेंगे। यह लगभग 6 किलोमीटर का हिस्सा येलो लाइन का सुपर प्रायोरिटी कॉरिडोर है। इसमें पाँच स्टेशन गांधीनगर स्टेशन, सुपर कॉरिडोर 6 स्टेशन, सुपर कॉरिडोर 5 स्टेशन, सुपर कॉरिडोर 4 स्टेशन और सुपर कॉरिडोर 3 स्टेशन शामिल हैं। यह कॉरिडोर ट्रैफिक और प्रदूषण कम करेगा, साथ ही यात्रियों को आरामदायक सफर प्रदान करेगा। सुपर प्रायोरिटी कॉरिडोर न केवल तकनीकी दृष्टि से महत्त्वपूर्ण है, बल्कि इंदौर की आधुनिकता की ओर बढ़ती दिशा का प्रतीक भी है। इंदौर में 31.32 किलोमीटर का मेट्रो प्रोजेक्ट इंदौर में कुल 31.32 किलोमीटर लम्बाई का मेट्रो प्रोजेक्ट है। प्रोजेक्ट में 22.62 किलोमीटर एलेवेटेड एवं 8.7 किलोमीटर भूमिगत मेट्रो है। मेट्रो की येलो लाइन पर 28 स्टेशन होंगे, जो शहरी यात्रा को आसान, तेज़ और पर्यावरण के अनुकूल बनायेंगे। मेट्रो के 31.32 किलोमीटर के सम्पूर्ण प्रोजेक्ट की लागत लगभग 7 हजार 500 करोड़ रूपये है। प्रारंभिक तौर पर 6 किलोमीटर के कॉरिडोर का उद्घाटन किया जा रहा है इसकी लागत लगभग 1520 करोड़ रूपये है। यह परियोजना इंदौर को एक आधुनिक, पर्यावरण-अनुकूल शहर बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। इंदौर मेट्रो की खास बातें •      वातानुकूलित, प्रदूषण रहित आधुनिक कोच •      एक ट्रेन की यात्री क्षमता : लगभग 980 यात्री •      सभी स्टेशनों पर लिफ्ट और एस्केलेटर की सुविधा •      दिव्यांगजनों के लिए ब्रेल लिपि और स्पर्शनीय टाइलें •      सभी स्टेशन व डिपो पर CCTV कैमरे और अग्निशमन उपकरण •      यात्रियों की सुरक्षा के लिये आपातकालीन बटन और इंटरकॉम •      दृष्टिहीन यात्रियों के लिए ऑडियो अनाउंसमेंट प्रणाली •      मेट्रो स्टेशनों पर व्हील-चेयर, बैठने की सुविधा, शौचालय और पीने का पानी recent visitors 61

इंदौर मेट्रो के लिए अंडरग्राउंड टनल का रास्ता नहीं हुआ तय, अंडरग्राउंड हुई तो एमजी रोड खराब हो जाएगी

इंदौर बंगाली चौराहे से रीगल तिराहे के बीच मेट्रो अंडरग्राउंड कहां से होगी, यह बुधवार को भी तय नहीं हो सका। 17 जून 2024 को इस मुद्दे पर मेट्रो के अफसरों के साथ मंत्री कैलाश विजयवर्गीय सहित शहर के अन्य जनप्रतिनिधियों की बैठक हुई थी। 289 दिन बीतने के बाद भी बुधवार को मेट्रो को अंडरग्राउंड करने पर मेट्रो प्रबंधन व शहर के जनप्रतिनिधियों के बीच आम सहमति नहीं बन सकी। बुधवार को मेट्रो प्रबंधन ने हाई कोर्ट के बजाय विकल्प के रूप में एमजी रोड पर पलासिया से इंद्रप्रस्थ टावर के बीच मेट्रो को अंडरग्राउंड करने का विकल्प दिया। सभी ने नकार दिया मेट्रो के अधिकारियों ने नगरीय आवास व विकास मंत्री कैलाश विजयवर्गीय सहित अन्य जनप्रतिनिधियों ने छप्पन दुकान के सामने एमजी रोड पर मार्किंग के साथ अंडरग्राउंड करने की योजना भी समझाई, जिसे सभी ने नकार दिया। मंत्री विजयवर्गीय बोले अभी जो विकल्प मेट्रो के अफसरों ने बताए हैं, उनसे संतुष्ट नहीं हैं। हम एमजी रोड पर मेट्रो को अंडरग्राउंड नहीं करना चाहते हैं। इससे एमजी रोड खराब होगी। हमने अपने एक्सपर्ट के साथ विकल्प दिए हैं। मेट्रो शहर के लिए बोझ न बने और जनउपयोगी हो। मेट्रो के अफसर व टेक्नीकल टीम के अगले एक सप्ताह में नया विकल्प तैयार करें। घाटे का धंधा हम अपने सिर नहीं लेंगे : मंत्री मंत्री विजयवर्गीय ने कहा कि मेट्रो का पहले जो प्लान बना है वो अप टू द मार्क नहीं बना है। जनप्रतिनधियों से राय नहीं ली गई और न ही पूछा गया। जब एक बार प्लान पूरा प्लान बन जाएगा, उसके बाद बता पाएंगे कि मेट्रो शहर की रिंग कब तक तैयार हो पाएगी। सुपर प्रायोरिटी कॉरिडोर के 5.9 किलोमीटर हिस्से पर मेट्रो चलाने के पहले उसकी उपयोगिता के साथ यह देखा जाएगा, मेट्रो में कितने लोग सफर करेंगे। मेट्रो चलाकर हम रोज घाटे का धंधा हम अपने सिर लें, इतनी जल्दबाजी नहीं करेंगे। पलासिया के बाद मेट्रो को अंडरग्राउंड ले जाना शहरहित में नहीं महापौर पुष्यमित्र भार्गव ने बताया कि मेट्रो को अंडरग्राउंड करने मुद्दे पर अधिकारियों को टेक्निकल एक्सपर्ट के साथ रिवाइज प्लान लाने के लिए कहा है। अभी किसी विषय पर सहमति नहीं बनी है। सभी इस बात पर एक मत है कि पलासिया के बाद मेट्रो को तुरंत अंडरग्राउंड ले जाना ले जाना शहरहित में वर्तमान में परिस्थितियों में नहीं दिखता है। recent visitors 40

इंदौर मेट्रो कोच को 80 किलोमीटर प्रतिघंटा की रफ्तार से चलाया जाएगा, 24 और 25 मार्च को 5 स्टेशनों का होगा इंस्पेक्शन

 इंदौर मार्च अंत तक मेट्रो का कमर्शियल रन शुरू होने पर शहरवासियों को सफर करने का मौका मिल सकता है। इसके पहले कमिश्नर ऑफ मेट्रो रेलवे सेफ्टी (सीएमआरएस) जनक कुमार गर्ग मेट्रो के निरीक्षण के लिए 24 मार्च को इंदौर पहुंचेंगे। वे 24 व 25 मार्च को सुपर प्रायोरिटी कारिडोर के 5.9 किलोमीटर में बने पांचों मेट्रो स्टेशन का बारीकी से निरीक्षण करेंगे। वे इस हिस्से में मेट्रो के वायडक्ट पर ट्राली में बैठकर भी निरीक्षण करेंगे। 22 जनवरी को सीएमआरएस ने इंदौर में मेट्रो डिपो व कोच का निरीक्षण किया था। 80 किमी की रफ्तार से चलेगी मेट्रो गांधीनगर मेट्रो स्टेशन से सुपर कॉरिडोर स्टेशन नंबर-3 तक सफर उन्होंने डेढ़ घंटे में पूरा किया था। इस दौरान उन्होंने मेट्रो कोच के ब्रेकिंग सिस्टम का निरीक्षण किया था। इस बार सीएमआरएस मेट्रो कोच में बैठकर गति निरीक्षण भी करेंगे। इस दौरान मेट्रो कोच को तय स्पीड 80 किलोमीटर प्रतिघंटा की रफ्तार से चलाया जाएगा। सीएमआरएस व उनकी टीम के सदस्य कोच में यात्री सुरक्षा और तय स्पीड पर होने वाले कंपन की जांच भी करेंगे। प्लेटफार्म पर कोच के रुकने के दौरान उसके ब्रेकिंग सिस्टम को जांचा जाएगा। सीएमआरएस के इस निरीक्षण के बाद इंदौर मेट्रो में यात्रियों के सफर का राह का आगामी चरण शुरू होगा। यात्री सुविधाएं भी देखेंगे सीएमआरएस सुपर प्रायोरिटी कॉरिडोर के पांचों स्टेशन का अलग-अलग निरीक्षण करेंगे। वे स्टेशन पर बने आपरेशन रूम, इलेक्ट्रिकल सेक्शन, प्लेटफार्म, लिफ्ट, एस्केलेटर सहित अन्य यात्री सुविधाओं का निरीक्षण करेंगे। रेलवे बोर्ड से मेट्रो कोच व ट्रैक को लेकर अनुमोदन (अप्रूवल) मिल चुका है। सीएमआरआएस अपने आगामी इंदौर दौरे पर मेट्रो का दो दिन निरीक्षण करने के बाद ‘फाइनल क्लीयरेंस’ देंगे। इसके बाद मेट्रो कोच में यात्रियों को सफर करने का मौका मिलेगा। कमर्शियल रन शुरू करने का इंतजार     पहला लक्ष्य – जुलाई 2024 तय किया गया।     दूसरा लक्ष्य – दिसंबर 2024 तय किया गया।     तीसरा लक्ष्य – फरवरी 2025 तय किया गया।     चौथा लक्ष्य – मार्च 2025 में अंतिम सप्ताह तय किया गया।   recent visitors 38

इंदौर मेट्रो की बंगाली चौराहे से पलासिया तक अंडर ग्राउंड लाइन पर 1600 करोड़ रुपये की जरूरत

इंदौर  इंदौर मेट्रो का बंगाली चौराहे से पलासिया तक हिस्सा अंडर ग्राउंड करने पर विचार किया जा रहा है। इसके लिए करीब 1600 करोड़ रुपये की जरूरत है। केंद्रीय आर्थिक कार्य मंत्रालय के अधिकारियों का कहना है कि राज्य सरकार हमें इस संबंध में जो प्रस्ताव देगी, उस पर नियमानुसार विचार किया जाएगा। मंत्रालय की यह टीम पहली बार निरीक्षण के लिए इंदौर आई।  मंत्रालय के अन्य बहुपक्षीय संस्थाएं प्रभाग की अवर सचिव नीलिमा मिंज व सेक्शन ऑफिसर हिमांशु सिंह ने इंदौर मेट्रो डिपो व प्रायोरिटी कॉरिडोर के स्टेशन नंबर पांच व तीन का निरीक्षण किया। प्रायोरिटी कॉरिडोर के स्टेशनों का निरीक्षण वे इंदौर मेट्रो निर्माण कार्य की प्रगति से संतुष्ट दिखे। नेशनल डेवलपमेंट बैंक (एनडीबी) के सदस्यों ने भी मेट्रो के कास्टिंग यार्ड, सुपर प्रायोरिटी कॉरिडोर के सभी स्टेशनों का निरीक्षण किया। गौरतलब है कि मेट्रो के प्रथम चरण में 17 किलोमीटर हिस्से के लिए एनडीबी ने 1600 करोड़ रुपये लोन के रूप में देना तय किया है। इसमें से एनडीबी अभी तक लगभग 50 फीसद राशि दे चुकी है। ऐसे में एनडीबी के सदस्य यह आकलन कर रहे हैं कि मेट्रो को दी गई राशि का उपयोग किस तरह हुआ है। एनसीआर, ग्रेटर नोएडा में कुछ नहीं था, मेट्रो बनी तो विकास हुआ, ऐसा यहां भी होगा केंद्रीय आर्थिक कार्य मंत्रालय की अवर सचिव नीलिमा मिंज ने कहा कि जब एनसीआर में ग्रेटर नोएडा में मेट्रो चलाई गई थी तो उस समय वह क्षेत्र भी इंदौर के आज के सुपर कॉरिडोर की तरह हुआ करता था। मेट्रो बनने के बाद वहां विकास हुआ। ऐसे में इंदौर में सुपर कॉरिडोर आज भले आउटर एरिया है, लेकिन यहां पर कॉलेज, शैक्षणिक संस्थान आएंगे। रिक्त जमीन पर माल व अन्य निर्माण होंगे। यह भी भविष्य में रहवासी व व्यवसायिक हब के रूप में विकसित होगा। मंत्रालय के सेक्शन आफिसर हिमांशु सिंह ने बताया कि मेट्रो के लिए बजट की कोई कमी नहीं है। इंदौर में मेट्रो का निर्माण कार्य ठीक चल रहा है। हम पहली बार मेट्रो का भौतिक व वित्तीय निरीक्षण करने के लिए आए हैं। अभी तक मेट्रो का कार्य संतोषजनक है। मेट्रो की रिंग बनने के बाद होगा फायदे का सौदा सुपर कॉरिडोर पर मेट्रो के 5.9 किमी हिस्से पर फिलहाल कमर्शियल रन शुरू होना है। वहीं इसके बाद रेडिसन चौराहे तक 17 किलोमीटर हिस्से में कमर्शियल रन होगा। मंत्रालय के अधिकारियों के मुताबिक मेट्रो का अंडर ग्राउंड हिस्सा बनने क बाद जब मेट्रो की रिंग तैयार हो जाएगी तो इस पर काफी ज्यादा संख्या में यात्री सफर करेंगे। उसके बाद इंदौर मेट्रो फायदे में होगी। शुरुआती स्तर पर मेट्रो स्टेशन पर विज्ञापन व दुकानों की बिक्री कर मेट्रो की आय बढ़ाने के प्रयास किए जाएंगे। यात्री किराए से मेट्रो को आय स्तर पर ज्यादा लाभ नहीं होगा। recent visitors 95

बनेंगे 8 स्टेशन, इंदौर के लवकुश चौराहे से रवाना होकर उज्जैन के महाकाल लोक तक जाएगी मेट्रो

इंदौर। इंदौर से महाकाल मंदिर तक 47 किलोमीटर हिस्से में मेट्रो चलाने के लिए कवायद शुरू हो गई। इंदौर-उज्जैन के हाइब्रिड मोड पर मेट्रो का संचालन किया जाएगा। इस पर करीब 10 हजार करोड़ रुपये खर्च का आकलन किया गया है। इसका लाभ इंदौर व उज्जैन वासियों को सिंहस्थ के बाद ही मिल पाएगा। लवकुश चौराहे से महाकाल मंदिर तक मौजूदा फोर लेन सड़क के डिवाइडर पर पिलर खड़े कर वायडक्ट के माध्यम से मेट्रो का मार्ग तैयार किया जाएगा। दिल्ली मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन (डीएमआरसी) द्वारा सर्वे की प्रक्रिया पूर्ण कर रुट अलायमेंट तय कर लिया है। अब जल्द ही डीएमआरसी की टीम मप्र मेट्रो रेल कारपोरेशन के अफसरों के सामने इसका प्रेजेंटेशन देगी। इसके बाद इंदौर-उज्जैन आरआरटीएस की डिटेल प्रोजेक्ट रिपोर्ट को अंतिम रूप दिया जाएगा। इंदौर शहर में निर्माणाधीन मेट्रो रूट पर मेट्रो मेट्रो 80 से 85 किलोमीटर प्रतिघंटा की गति से चलेगी। दो शहरों के बीच रीजनल रैपिड ट्रांजिट सिस्टम (आरआरटीएस) में 135 किलोमीटर प्रतिघंटा की गति से मेट्रो चलती है। इंदौर व उज्जैन के बीच हाइब्रिड मोड में मेट्रो का संचालन किया जाएगा। यह 135 किलोमीटर प्रतिघंटा की गति से चलेगी। वर्तमान में दिल्ली एयरपोर्ट एक्सप्रेस लाइन में इस तरह हाइब्रिड मोड में मेट्रो का संचालन किया जा रहा है। पूर्व में सिंहस्थ के पहले इंदौर से उज्जैन के बीच मेट्रो चलाने की योजना बनाई जा रही थी लेकिन 10 हजार करोड़ रुपये का बजट जुटाना राज्य शासन के लिए आसान नहीं होगा। यही वजह है कि यह प्रोजेक्ट सिंहस्थ के पहले पूरा नहीं हो पाएगा। ऐसे में 2028 में उज्जैन में होने वाले महाकुंभ में इंदौर से जाने वालों को सिक्स लेन का सड़क मार्ग व रेलवे स्टेशन से अन्य ट्रेनों के अलावा वंदे मेट्रो ट्रेन का विकल्प रहेगा। रेल मंत्रालय द्वारा इंदौर से उज्जैन के बीच वंदे मेट्रो ट्रेन चलाने पर सहमति दी गई है। तालाब तक मेट्रो ले जाने की कोशिश जानकारों के मुताबिक पूर्व में उज्जैन की सघन बसाहट के कारण उज्जैन शहर के हिस्से में अंडरग्राउंड मेट्रो के विकल्प पर विचार किया जा रहा था। अब महाकाल महालोक के पास बने तालाब के पास पार्किंग वाले हिस्से तक ओवरहेड मेट्रो ले जाने की योजना है। recent visitors 38