उज्जैन से मक्सी के बीच 36 किलोमीटर लंबा है ये रास्ता, मार्गों को चौड़ा करने के साथ 14 नए पुल भी बनाए जाएंगे

उज्जैन उज्जैन-मक्सी टू-लेन रोड 704 करोड़ रुपये से फोरलेन सड़क में तब्दील किया जाएगा। उज्जैन शहरी क्षेत्र में आइटीआई के सामने इंदौर रेल सेक्शन पर बने रेलवे ओवर ब्रिज के समानांतर एक ओर पुल बनाया जाएगा। सड़क निर्माण के लिए पांच महीने पहले मिली प्रशासकीय स्वीकृति के बाद डीपीआर और फिजिबिलिटी सर्वे का काम पूर्ण होने की कगार पर है। वर्तमान में मार्ग पर यूजर फी योजना अंतर्गत महिला स्वसहायता समूह द्वारा टोल टैक्स का संचालन हो रहा है। मालूम हो कि मध्यप्रदेश की सरकार उज्जैन में औद्योगिकी पारिस्थति तंत्र का निर्माण करने के लिए शहर के सभी पहुंच मार्गों को फोरलेन सड़क में बदल रही है। ये फोरलेन भी हैं प्रस्तावित आगर रोड, देवास रोड का निर्माण हो चुका है। गरोठ, बड़नगर-बदनावर रोड का निर्माण प्रगति पर है। इंदौर रोड़ को सिक्सलेन में बदलने को भी धरातल पर पिछले महीने काम शुरू करवा दिया गया है। अगले चरण में 36 किलोमीटर लंबा मक्सी रोड, 44 किमी लंबा उन्हेल-नागदा-जावरा रोड, 49 किलोमीटर लंबा नया इंदौर रोड फोरलेन (चिंतामन गणेश से इंदौर एयरपोर्ट तक) सड़क मार्ग बनाना प्रस्तावित है। 14 पुल भी बनाने की तैयारी ये सारा काम कराने को मध्य प्रदेश सड़क विकास निगम ने योजना बनाई है जो सिंहस्थ- 2028 की कार्य योजना का हिस्सा है। कहा गया है कि उज्जैन में ट्रांसपोर्टेशन, यातायात की सुविधा सुलभ होगी तो उज्जैन तेजी से विकास करेगा। यहां उद्योग स्थापित करने को बड़े-बड़े समूह भी निवेश करेंगे। इसलिए विभिन्न मार्गों को चौड़ा करने के साथ 14 नए पुल बनाने की भी तैयारी की जा रही है। तीन पुल निर्माण के लिए ठेकेदार फर्म का चयन करने की कार्रवाई प्रक्रियाधिन है। ये पुल फ्रीगंज क्षेत्र में चामुंडा माता मंदिर चौराहे से फ्रीगंज के बीच, तीन बत्ती चौराहे से मुल्लापुरा मार्ग पर, लालपुल के समीप शिप्रा नदी पर बनाना प्रस्तावित है। सारा निर्माण कार्य 2028 में लगने वाले महाकुंभ सिंहस्थ से पहले कराने का लक्ष्य रखा गया है। इंदौर रोड सिक्सलेन के लिए मिट्टी परीक्षण का काम शुरू इदौर रोड सिक्सलेन निर्माण का निर्माण 735 करोड़ रुपये से होना है, जिसकी शुरुआत करने से पहले मध्यप्रदेश सड़क विकास निगम (एमपीआरडीसी) से अनुबंधित ठेकेदार फर्म उदयपुर की रवि इन्फ्राबिल्ड ने मिट्टी परीक्षण कराना शुरू किया है। पिछले माह इंदौर क्षेत्र में ये काम किया था अब उज्जैन में किया जा रहा है। 46.475 किलोमीटर लंबे मार्ग में दो वृहद पुल, दो फ्लाई ओवर, छह अंडरपास बनाया जाना है। पुल, फ्लायओवर बनाने के लिए नींव स्तर पर कितनी खोदाई करना होगी, किस डिजाइन के कितनी लोडिंग क्षमता के बीम-काम खड़े करना होंगे, इसके लिए मिट्टी परीक्षण यानी जियो टेक्निकल सर्वेक्षण कार्य किया जा रहा है। टीम ने त्रिवेणी शनि मंदिर के समीप शिप्रा नदी पर बने पुल के समक्ष नया पुल बनाने के लिए यहां जमीनी सर्वे की शुरूआत की। recent visitors 171

जंग की त्रासदी से जूझते गाजा में शवों को अंतिम संस्कार भी नसीब नहीं हो रहा, लाशों को कुत्ते नोच रहे

गाजा इजरायल और हमास के बीच जंग छिड़े अब एक साल से भी ज्यादा का समय बीत चुका है। पिछले साल 7 अक्टूबर को हमास के इजरायल पर हमले के बाद से गाजा में संघर्ष जारी है। अब युद्धग्रस्त गाजा से दिल दहला देने वाली तस्वीरें सामने आई हैं। इन तस्वीरों में आवारा कुत्ते लावारिश शवों को खाते नजर आ रहे हैं। गाजा के आपातकालीन सेवाओं के प्रमुख फारेस अफाना ने बताया है कि उन्हें और उनके सहयोगियों को उत्तरी गाजा में मारे गए फिलिस्तीनियों के शव मिले हैं जिनमें से कई पर जानवरों द्वारा शवों को खाए जाने के निशान हैं। फारेस अफाना ने सीएनएन को बताया, "भूखे आवारा कुत्ते सड़क पर इन शवों को खा रहे हैं। इससे हमारे लिए शवों की पहचान करना भी मुश्किल हो रहा है।" उन्होंने उत्तरी गाजा और जबालिया क्षेत्र में हवाई और जमीनी हमलों का जिक्र करते हुए कहा कि इजरायली सेना का कहर जारी है। अब त्रासदी से जूझते गाजा में शवों को अंतिम संस्कार भी नसीब नहीं हो पा रहा है। वहीं इजरायल ने दावा किया है कि हमास के लड़ाके इन इलाकों में फिर से संगठित हो रहे हैं। ‘स्थिति बदतर होती जा रही है’ पिछले साल 7 अक्टूबर को हमास ने इजरायल पर हमला किया था। इन हमलों में 1,206 लोगों की मौत हो गई थी जिनमें से ज़्यादातर आम लोग थे। तब से इजरायल के हमले में गाजा में 42,409 लोग मारे गए हैं वहीं 99,153 से ज्यादा लोग घायल हुए हैं। बुधवार को गाजा स्वास्थ्य मंत्रालय ने बताया है कि पिछले 24 घंटों में इजरायली सैन्य हमलों में 65 फिलिस्तीनी मारे गए हैं। अफ़ाना ने बताया कि सोमवार को इजरायली सैनिकों ने फिलिस्तीन शरणार्थियों के लिए संयुक्त राष्ट्र की एजेंसी (UNRWA) द्वारा संचालित एक राहत शिविर केंद्र में खाने की तलाश कर रहे भूखे लोगों पर गोलीबारी की है। उन्होंने कहा, "स्थिति बदतर होती जा रही है। उत्तरी गाजा में जो हो रहा है वह वास्तव में नरसंहार है।" गाजा में अकाल का डर इस बीच UNRWA ने गाजा में अकाल के जोखिम की चेतावनी दी है। एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में UNRWA के प्रमुख फिलिप लाज़ारिनी ने कहा है कि गाजा में अकाल और तीव्र कुपोषण की संभावना बनी हुई हैं।" उन्होंने कहा कि यह एक तरह की बंजर जमीन बन गई है और यह जगह रहने लायक भी नहीं है"। recent visitors 80

इजरायली हमले में हमास के नए राजनीतिक नेता याह्या सिनेवार के भी मारे जाने की संभावना

दुबई इजरायल-हमास युद्ध को लेकर एक और बड़ी खबर आ रही है, जहां हमास के नए राजनीतिक नेता याह्या सिनेवार के भी मारे जाने की संभावना है। इजरायली सेना ने इसकी कहा है कि वह इसकी जांच कर रही है और पूरी संभावना है कि हमास चीफ उसके हमले में मारा गया है। गौरतलब है कि कुछ दिन पहले भी याह्या सिनेवार के मारे जाने की खबरें सामने आई थीं। हालांकि, कुछ मीडिया रिपोर्ट्स में इसका खंडन भी किया गया था। अब इजरायली सेना नई संभावनाओं के साथ इसकी जांच कर रही है। आतंकियों की नहीं हुई है पहचान समाचार एजेंसी रॉयटर्स के मुताबिक इजरायली सेना ने गाजा पट्टी में एक ऑपरेशन के बाद हमास नेता याह्या सिनवार को मार गिराने का अनुमान लगाया है। सेना ने यह भी कहा है कि उसने तीन आतंकवादियों को निशाना बनाया था। सेना ने बयान में कहा, 'इस स्तर पर आतंकवादियों की पहचान की पुष्टि नहीं की जा सकती है।' इसने कहा कि इस बात के कोई संकेत नहीं थे कि जिस इमारत में तीन आतंकवादी मारे गए थे, वहां बंधक मौजूद थे। गौरतलब है कि सिनवार, 7 अक्टूबर, 2023 को इजरायल पर हमले का मुख्य साजिशकर्ता था, जिसके कारण गाजा में बड़े पैमान पर युद्ध छिड़ा। उसे अगस्त में तेहरान में पूर्व नेता इस्माइल हानिये की हत्या के बाद हमास का नेता नामित किया गया था। हमास ने नहीं की कोई टिप्पणी इधर, हमास की ओर से इस पूरे मामले पर कोई तत्काल टिप्पणी नहीं की गई है। यदि सिनवार की मौत की पुष्टि की जाती है तो इजरायली सेना और प्रधान मंत्री बेंजामिन नेतन्याहू के लिए यह एक बड़ी सफलता होगी, जिन्होंने हाल के महीनों में अपने दुश्मनों के प्रमुख नेताओं की हाई-प्रोफाइल हत्याओं की श्रृंखला शुरू की है। रॉयटर्स के मुताबिक सिनवार इजरायल की वांटेड लिस्ट में सबसे ऊपर है, लेकिन अब तक उसका पता नहीं लगाया जा पा रहा था। संभवतः वह पिछले दो दशकों में हमास द्वारा गाजा के नीचे बनाई गई सुरंगों के जाल में छिपा हुआ है।   हिजबुल्लाह चीफ को भी मार गिराया था इससे पहले इजरायल ने पिछले महीने बेरूत में ईरानी समर्थित हिजबुल्लाह आंदोलन के नेता हसन नसरल्लाह को भी मार डाला। साथ ही समूह की सैन्य शाखा के शीर्ष नेतृत्व को भी मार डाला। हमास के नेतृत्व वाले बंदूकधारियों ने 7 अक्टूबर, 2023 को इजरायल पर हमला किया था, जिसमें करीब 1,200 लोग मारे गए और 250 से अधिक लोगों को बंधक बना लिया गया। जवाब में इजरायल के अभियान में 42,000 से अधिक लोग मारे गए। गाजा का अधिकांश हिस्सा मलबे में तब्दील हो गया और इसकी अधिकांश आबादी विस्थापित हो गई। recent visitors 91

डिबालोंग में लोकमान्य तिलक एक्सप्रेस के 8 डिब्बे पटरी से उतरे, किसी के हताहत होने की सूचना नहीं

नई दिल्ली असम के डिबालोंग स्टेशन के पास एक ट्रेन डिरेल हो गई है। डिबालोंग में लोकमान्य तिलक एक्सप्रेस के 8 डिब्बे पटरी से उतर गए। हालांकि, रेलवे प्रवक्ता ने बताया कि ट्रेन डिरेल की वजह से किसी के हताहत होने की सूचना नहीं है। यह दुर्घटना लुमडिंग डिवीजन के लुमडिंग-बदरपुर हिल सेक्शन में हुई। असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने भी इस दुर्घटना की जानकारी अपने आधिकारिक सोशल हैंडल एक्स पर दी। दुर्घटना दोपहर करीब 3:55 बजे हुई रेलवे के एक प्रवक्ता ने बताया कि आज सुबह अगरतला से रवाना हुई मुंबई जाने वाली लोकमान्य तिलक एक्सप्रेस असम के डिबालोंग स्टेशन पर दोपहर करीब 3:55 बजे पटरी से उतर गई। पूर्वोत्तर सीमांत रेलवे जोन के सीपीआरओ ने बताया, 'ट्रेन के पावर कार और इंजन समेत आठ डिब्बे पटरी से उतर गए। हालांकि, किसी के हताहत होने या गंभीर रूप से घायल होने की खबर नहीं है।' इंजन सहित 8 डिब्बे पटरी से उतर सीपीआरओ, पूर्वोत्तर सीमांत रेलवे ने कहा कि अगरतला से आज सुबह रवाना हुई 2520 अगरतला-लोकमान्य तिलक टर्मिनस एक्सप्रेस लुमडिंग डिवीजन के अंतर्गत डिबालोंग स्टेशन पर लुमडिंग-बदरपुर हिल सेक्शन में लगभग 15-55 बजे पटरी से उतर गई। ट्रेन के पावर कार और इंजन सहित 8 डिब्बे पटरी से उतर गए। हालांकि, किसी के हताहत होने या गंभीर रूप से घायल होने की सूचना नहीं है। बचाव और बहाली कार्यों की निगरानी दुर्घटना राहत ट्रेन और दुर्घटना राहत चिकित्सा ट्रेन बचाव और बहाली कार्यों की निगरानी के लिए डिवीजन के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ लुमडिंग से घटनास्थल के लिए रवाना हो चुकी है। लुमडिंग-बदरपुर सिंगल लाइन सेक्शन पर ट्रेनों का परिचालन रोक दिया गया है। घटना स्थल पहुंची राहत टीम रेलवे अधिकारियों के अनुसार, दुर्घटना राहत ट्रेन और दुर्घटना राहत चिकित्सा ट्रेन बचाव और बहाली कार्यों की निगरानी के लिए डिवीजन के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ लुमडिंग से घटनास्थल पर पहुंच चुकी है। हेल्पलाइन नंबर जारी सीपीआरओ ने बताया कि लुमडिंग-बदरपुर सिंगल लाइन सेक्शन पर ट्रेनों का परिचालन रोक दिया गया है। इसके साथ ही हेल्पलाइन नंबर 03674 263120, 03674 263126 जारी कर दिया गया है। recent visitors 73

पूरे विश्व को महात्मा बुद्ध की शिक्षाएं ग्रहण कर शांति की राह पर चलना चाहिए: प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी

नई दिल्ली प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने गुरुवार को कहा कि पूरे विश्व को महात्मा बुद्ध की शिक्षाएं ग्रहण कर शांति की राह पर चलना चाहिए, क्योंकि दुनिया को युद्ध में नहीं, बल्कि बुद्ध में समाधान मिल सकता है। श्री मोदी ने दिल्ली के विज्ञान भवन में अंतरराष्ट्रीय अभिधम्म दिवस और पाली को शास्त्रीय भाषा के रूप में मान्यता देने के लिए आयोजित समारोह को संबोधित करते हुए कहा कि ऐसे समय में जब दुनिया अस्थिरता से ग्रस्त है, बुद्ध न केवल प्रासंगिक हैं, बल्कि एक जरूरत भी हैं। उन्होंने कहा, “मैं आज अभिधम्म पर्व पर पूरे विश्व का आवाहन करता हूं- बुद्ध से सीखिए…युद्ध को दूर करिए…शांति का पथ प्रशस्त करिए…क्योंकि, बुद्ध कहते हैं- “नत्थि-संति-परम-सुखं” अर्थात्, शांति से बड़ा कोई सुख नहीं है।”उन्होंने कहा, “नही वेरेन वैरानि सम्मन्तीध कुदाचनम्, अवेरेन च सम्मन्ति एस धम्मो सनन्ततो” अर्थात वैर से वैर, दुश्मनी से दुश्मनी शांत नहीं होती। वैर अवैर से, मानवीय उदारता से खत्म होता है। बुद्ध कहते हैं- “भवतु-सब्ब-मंगलम्”।। यानी, सबका मंगल हो, सबका कल्याण हो- यही बुद्ध का संदेश है, यही मानवता का पथ है।” प्रधानमंत्री ने कहा कि हर देश अपनी विरासत को अपनी पहचान से जोड़ता है, लेकिन भारत इस मामले में बहुत पीछे रह गया है। उन्होंने कहा कि आजादी से पहले आक्रमणकारियों ने भारत की पहचान को मिटाने की कोशिश की। बाद में गुलाम मानसिकता से ग्रसित लोगों ने ऐसा किया। आजादी के बाद एक ऐसे समूह ने देश पर कब्जा कर लिया, जो इसे अपनी विरासत की विपरीत दिशा में ले गया। उन्होंने कहा कि पाली को शास्त्रीय भाषा के रूप में मान्यता देना भगवान बुद्ध की महान विरासत का सम्मान है। भाषा सभ्यता और संस्कृति की आत्मा है। पाली भाषा को जिंदा रखना, भगवान बुद्ध के शब्दों को जिंदा रखना हम सभी की जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा, “अभिधम्म दिवस हमें याद दिलाता है कि करुणा और सद्भावना से ही हम दुनिया को और बेहतर बना सकते हैं। इससे पहले 2021 में कुशीनगर में ऐसा ही आयोजन हुआ था। वहां उस आयोजन में भी मुझे शामिल होने का सौभाग्य मिला था और ये मेरा सौभाग्य है कि भगवान बुद्ध के साथ जुड़ाव की जो यात्रा मेरे जन्म के साथ ही शुरू हुई है, वो अनवरत जारी है। मेरा जन्म गुजरात के उस वडनगर में हुआ, जो एक समय बौद्ध धर्म का महान केंद्र हुआ करता था। उन्हीं प्रेरणाओं को जीते-जीते मुझे बुद्ध के धम्म और शिक्षाओं के प्रसार के इतने सारे अनुभव मिल रहे हैं।” श्री मोदी ने कहा, “पिछले 10 वर्षों में भारत के ऐतिहासिक बौद्ध तीर्थ-स्थानों से लेकर दुनिया के अलग-अलग देशों तक नेपाल में भगवान बुद्ध की जन्मस्थली के दर्शन, मंगोलिया में उनकी प्रतिमा के अनावरण से लेकर श्रीलंका में वैशाख समारोह तक….मुझे कितने ही पवित्र आयोजनों में शामिल होने का अवसर मिला है। मैं मानता हूँ, संघ और साधकों का ये संग, ये भगवान बुद्ध की कृपा का ही परिणाम है। मैं आज अभिधम्म दिवस के इस अवसर पर भी आप सभी को और भगवान बुद्ध के सभी अनुयायियों को अनेक-अनेक शुभकामनाएँ देता हूँ। आज शरद पूर्णिमा का पवित्र पर्व भी है। आज ही, भारतीय चेतना के महान ऋषि वाल्मीकि जी की जन्म जयंती भी है। मैं समस्त देशवासियों को शरद पूर्णिमा और वाल्मीकि जयंती की भी बधाई देता हूं” उन्होंने कहा कि इस वर्ष अभिधम्म दिवस के आयोजन के एक साथ, एक ऐतिहासिक उपलब्धि भी जुड़ी है। भगवान बुद्ध के अभिधम्म, उनकी वाणी, उनकी शिक्षाएँ, जिस पाली भाषा में ये विरासत विश्व को मिली हैं, इसी महीने भारत सरकार ने उसे क्लासिकल लैंग्वेज (शास्त्रीय भाषा) का दर्जा दिया है। इसलिए, आज ये अवसर और भी खास हो जाता है। पाली शास्त्रीय भाषा का ये दर्जा, पाली भाषा का ये सम्मान भगवान बुद्ध की महान विरासत का सम्मान है। श्री मोदी ने कहा, “आप सभी जानते हैं, अभिधम्म धम्म के निहित है। धम्म को, उसके मूल भाव को समझने के लिए पाली भाषा का ज्ञान आवश्यक है। धम्म यानी, बुद्ध के संदेश, बुद्ध के सिद्धान्त…धम्म यानी, मानव के अस्तित्व से जुड़े सवालों का समाधान…धम्म यानी, मानव मात्र के लिए शांति का मार्ग…धम्म यानी, बुद्ध की सर्वकालिक शिक्षाएँ…..और, धम्म यानी, समूची मानवता के कल्याण का अटल आश्वासन! पूरा विश्व भगवान बुद्ध के धम्म से प्रकाश लेता रहा है।” प्रधानमंत्री ने कहा कि दुर्भाग्य से पाली जैसी प्राचीन भाषा, जिसमें भगवान बुद्ध की मूल वाणी है, आज सामान्य प्रयोग में नहीं है। भाषा केवल संवाद का माध्यम भर नहीं होती। भाषा सभ्यता और संस्कृति की आत्मा होती है। हर भाषा से उसके मूल भाव जुड़े होते हैं। इसलिए, भगवान बुद्ध की वाणी को उसके मूल भाव के साथ जीवंत रखने के लिए पाली को जीवंत रखना, ये हम सबकी ज़िम्मेदारी है। उन्होंने कहा, “मुझे खुशी है कि हमारी सरकार ने बड़ी नम्रता पूर्वक ये ज़िम्मेदारी निभाई है। भगवान बुद्ध के करोड़ों अनुयायियों को, उनकी लाखों भिक्षुकों की अपेक्षा को पूरा करने का हमारा नम्र प्रयास है। मैं इस महत्वपूर्ण निर्णय के लिए भी आप सबको बहुत-बहुत बधाई देता हूँ। भाषा, साहित्य, कला, आध्यात्म…,किसी भी राष्ट्र की ये धरोहरें उसके अस्तित्व को परिभाषित करती हैं। इसीलिए, आप देखिए, दुनिया के किसी भी देश में कहीं कुछ सौ साल पुरानी चीज भी मिल जाती है, तो उसे पूरी दुनिया के सामने गर्व से प्रस्तुत करता है।” recent visitors 73

रेल मंडल की ओर से आरओएच शेड तैयार किया जा रहा, वंदे भारत ट्रेन का मेंटेनेंस भोपाल में होगा

भोपाल भोपाल रेल मंडल की ओर से रानी कमलापति रेलवे स्टेशन के पास में आरओएच शेड (रुटीन ओवर हालिंग) तैयार किया जा रहा है। इस शेड में वंदे भारत ट्रेन का मेंटेनेंस किया जा सकेंगे। इसके साथ अन्य ट्रेनों का भी मेंटेनेंस होगा। इसके लिए पिट लाइन भी लगभग तैयार है, जो कि फरवरी तक शुरू की जाएगी। साथ ही वाशिंग पिट से एलएचबी कोच सहित अन्य ट्रेनों के कोचों की धुलाई की जाएगी। इसे बनाने में लगभग ढाई करोड़ की लागत से यह पिट बनाई जा रही है, जिसमें सभी आधुनिक सुविधा मौजूद रहेंगी। एलएचबी कोच के अनुसार तैयार हो रही पिट लाइन ट्रेनों का मेंटेनेंस अलग पिट लाइनों पर होगा। अभी रानी कमलापति के पास यार्ड में तीन पिट लाइन हैं। इस पिट लाइन को जर्मन कंपनी लिंक हाफ मैन बुश के तकनीकी सहयोग से तैयार एलएचबी कोच का मेंटेनेंस करने के हिसाब से बनाया जा रहा है। एलएचबी कोच वाली ट्रेनों की ओवर हालिंग होगा। भोपाल मंडल के एससीएम व प्रवक्ता नवल अग्रवाल ने बताया कि रानी कमलापति रेलवे स्टेशन के पास आरओएच शेड बनाया जा रहा है, जहां वंदे भारत ट्रेन का मेंटेनेंस किया जा जाएगा। साथ ही अन्य ट्रेनों का भी मेंटेनेंस होगा, जो कि फरवरी तक शुरू की जाएगी। हाई क्‍वालिटी के वाटर पंप होंगे मेंटेनेंस रानी कमलापति रेलवे स्टेशन के पास बन रही ऑटोमेटिक वाशिंग पिट पर एलएचबी कोच वाली ट्रेनों की पीरियोडिक ओवर हालिंग (पीओएच) के साथ प्रारंभिक मेंटेनेंस भी हो सकेगा। वहीं ट्रेन की धुलाई के लिए उच्च क्षमता वाले वाटर प्रेशर पंप और स्वचालित ब्रश मशीन रहेगी। ऑटोमेटिक वाशिंग मशीनों से होगी धुलाई रेलवे के वरिष्ठ अधिकारियों के अनुसार रानी कमलापति रेलवे स्टेशन के आउटर के पास रेलवे की ओर से यह पिट बनाई जा रही है। फरवरी से ट्रेनों की धुलाई आटोमेटिक वाशिंग मशीनों से होगी। अभी ऑटोमेटिक वाशिंग पिट लाइन का काम लगभग 60 प्रतिशत पूरा हो चुका है। यह करीब 680 मीटर लंबी पिट बनाई जा रही है। इस लाइन पर 24 कोच वाली एक ट्रेन 15 से 20 मिनट में बाहर से धूल जाएगी। अभी यह काम सफाईकर्मी करते हैं। इस तरह एक ट्रेन को चार सफाईकर्मी चार से पांच घंटे में धोते हैं। सबसे बड़ी बचत पानी की होगी। अभी एक ट्रेन के धुलने में अधिकतम 15 हजार लीटर पानी लग जाता है। जब यही ट्रेन मशीन से धुलेगी तो तीन से पांच हजार लीटर पानी लगेगा। इस तरह एक ट्रेन की धुलाई में लगभग 10 हजार लीटर पानी बचेगा।   recent visitors 103

सेंट्रल इंडिया के सबसे बड़े ब्यूटी पेजेंट मिस एंड मिसेज का आयोजन 17अक्टूबर को

भोपाल सेंट्रल इंडिया के सबसे बड़े ब्यूटी पेजेंट मिस एंड मिसेज वर्सेटाइलबल मध्य प्रदेश 3 का ग्रैंड फिनाले 17 अक्टूबर को होने जा रहा है। जो कि झीलों की नगरी भोपाल में होगा और इस बैंड फिनाले के लिए ऑर्गेनाइजर द्वारा पूरे एम पी से टॉप 10 टॉप 20 में मिस एंड मिसेज का चयन किया गया। इन सभी प्रतिभागियों को दिन की वर्कशॉप दी गई जो कि आदित्य शर्मा द्वारा कोरियोग्राफ किया गया। सायनासोर ऐसे इवेंट लगातार 15 साल से करता आ रहा है और आगे भी करता रहेगा । हमारी आज कल की भारतीय नारी और गृहणियों को इस तरह के कार्यक्रम में बहुत दिलचस्पी है और वो सब बढ़ चढ़ कर हिस्सा ले रहे है, आयोजन द्वारा बताया गया सभी प्रतिभागियों को ३ दिन पहले बुला है वर्कशॉप दी गई जिसमें उन्हें पर्सनेलिटी डेवलेपमेंट, हेल्थ केयर, फिटनेस केयर, डेंटल केयर टाइप की वर्कशॉप दी गई। सभी प्रतिभागियों का ग्रैंड फिनाले के लिए चयन किया जाएगा एवं विनर की घोषणा की जाएगी । recent visitors 78