शिवराज के घर जल्द बजेगी शहनाई, पीएम मोदी केंद्रीय मंत्री के बेटों की शादी में शामिल होंगे

भोपाल मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री और देश के कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान के दोनों बेटों की शादी जल्द ही होने वाली है। पीएम नरेंद्र मोदी को उन्होंने शादी का न्योता दिया है। शादी में आमंत्रित करने शिवराज अपनी पत्नी साधना सिंह और दोनों बेटे कार्तिकेय-कुणाल के साथ पहुंचे थे। बता दें कि शिवराज सिंह चौहान के दोनों बेटे कार्तिकेय और कुणाल की जल्द ही शादी होने वाली है। शिवराज सिंह चौहान के बड़े समधी अनुपम आर बंसल देश की जानी-मानी कंपनी लिबर्टी शूज कंपनी के निदेशक हैं। इसके अलावा भी वे कई कारोबार से जुड़े हुए हैं। वहीं, केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान के छोटे समधी भोपाल के बड़े डॉक्टर हैं। शादी का न्योता देने की जानकारी खुद शिवराज सिंह चौहान ने अपने फेसबुक अकाउंट पर साझा की है। तस्वीरों में शिवराज पीएम मोदी को फूलों का गुलदस्ता और गणेश प्रतिमा भेंट करते नजर आ रहे हैं। इस दौरान पूरा परिवार साथ है। शिवराज ने जानकारी साझा करते हुए लिखा कि आदरणीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी से अपनी धर्मपत्नी साधना और दोनों बेटों कार्तिकेय-कुणाल के साथ भेंट की। हमने प्रधानमंत्री जी को दोनों बेटों की शादी में आने का निमंत्रण दिया और उनसे आशीर्वाद लिया। स्नेह, प्रेम, आत्मीयता और अपनेपन से भरे आदरणीय प्रधानमंत्री जी अभिभावक और बड़े भाई हैं। वह मानवीय संवेदनाओं से भरे अत्यंत सहज और सरल हैं। प्रधानमंत्री जी से मिलकर मन भावुक हो गया। उनके साथ देश और किसानों के लिए काम करना जीवन का सबसे बड़ा सौभाग्य है। कौन हैं कार्तिकेय और अमानत? कार्तिकेय चौहान पूर्व मुख्यमंत्री और केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान के बड़े बेटे हैं। कार्तिकेय को पिता का राजनीतिक उत्तराधिकारी माना जाता है। 2013 से कार्तिकेय राजनीति में सक्रिय हैं। हाल ही में हुए लोकसभा चुनाव में पिता शिवराज के लिए उन्होंने जमकर प्रचार किया था। इसकी पूरी संभावना है कि आने वाले समय में कार्तिकेय खुद चुनावी मैदान में उतरेंगे। वहीं, शिवराज सिंह की होने वाली बड़ी बहू अमानत बंसल लिबर्टी शूज कंपनी के निदेशक और कारोबारी अनुपम आर बंसल की बेटी हैं। अमानत ने ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी से पढ़ाई की है, उन्होंने मनोवैज्ञानिक शोध में एमएससी किया है। बताया जाता है कि अमानत को शास्त्रीय नृत्य का भी बहुत शौक है। अमानत की मां रुचिता बंसल 'इजहार' नाम की एक संस्था चलाती है। कौन हैं कुणाल और रिद्धी? कुणाल चौहान शिवराज सिंह चौहान के छोटे बेटे हैं। कुणाल का राजनीति से कोई नाता नहीं है, उनका पूरा फोकस अपने कारोबार पर ही रहता है। वे मेसर्स सुंदर फूड्स एंड डेयरी के मैनेजिंग पार्टनर हैं। उनकी डेयरी से दूध, घी, पनीर, लस्सी, दही और पानी भी भोपाल व आसपास के जिलों में सप्लाई किया जााता है। इससे पहले कुणाल ने भोपाल में फूलों की दुकान भी खोली थी। शिवराज की छोटी बहू रिद्धी जैन परिवार से आती हैं। उनके पिता संदीप जैन हैं, जो भोपाल में बड़े डॉक्टर हैं। रिद्धी के दादा इंदरमल जैन भी डॉक्टर हैं। डॉ. इंदरमल जैन का निवास भोपाल के 74 बंगले के पास निषाद कॉलोनी में है। अमेरिका में पढ़ाई के दौरान कुणाल और रिद्धी एक दूसरे से मिले थे। दोनों करीब दो साल से दोस्त रहे, इसके बाद दोनों परिवारों की मौजूदगी में दोनों का रोका कार्यक्रम हुआ था। शिवराज सिंह चौहान की ओर से इस कार्यक्रम गोपनीय रखा गया था, लेकिन जैन परिवार की ओर से रोका कार्यक्रम की तस्वीरें सोशल मीडिया पर शेयर कर दी गईं, जिससे यह जानकारी सामने आ गई।   recent visitors 82

भोपाल में बनाया जा रहा है विशेष औषधि पार्क : महापौर श्रीमती राय

भोपाल आयुर्वेद उपचार की प्राचीन पद्धती है। यह वर्तमान में भी उपचार की एक महत्वपूर्ण पद्धति है। यह बात पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक कल्याण राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्रीमती कृष्णा गौर ने कही। राज्यमंत्री श्रीमती गौर शरद पूर्णिमा के अवसर पर अयोध्या नगर दशहरा मैदान में आयोजित 34वें आयुर्वेदिक नि:शुल्क स्वास्थ्य शिविर को संबोधित कर रहीं थी। राज्यमंत्री श्रीमती गौर ने कहा कि परमार्थ और परोपकार करनेवालों के साथ अपने आप लोग जुडते जाते हैं। उन्होंने कहा कि नाड़ी वैद्य पंडित चंद्रशेखर तिवारी जी शरद पूर्णिमा के अवसर पर आयुर्वेदिक चिकित्सा शिविर का आयोजन कर परोपकार का कार्य कर रहें हैं। श्रीमती गौर ने शिविर में भाग लेने वाले नागरिकों से कहा कि हमें उपचार की प्राचीन पद्धति आयुर्वेद पर विश्वास करना चाहिए। आयुर्वेद चिकित्सा पद्धति से रोगों का स्थाई समाधान होता है। श्रीमती गौर ने नागरिकों से अधिक से अधिक पेड़ लगाने का आग्रह भी किया। कार्यक्रम में महापौर श्रीमती मालती राय ने कहा कि आयुर्वेद से उपचार के लिए लगाया गया नि:शुल्क शिविर सराहनीय है। उन्होंने बताया कि भोपाल में विशेष औषधि पार्क बनाया जा रहा है। महापौर श्रीमती राय ने कहा कि भोपाल के 150 मंदिरों के लिए 11-11 पौधे मंदिर परिसर में लगाने के लिए दिए गए है। कार्यक्रम के प्रारंभ में नाड़ी वैद्य पंडित तिवारी ने बताया कि शरद पूर्णिमा के अवसर पर आयोजित होने वाले शिविर में श्वास संबंधी रोगों के मरीजों को नाड़ी परीक्षण कर नि:शुल्क आयुर्वेदिक औषधि दी जाती है। औषधि, गाय के दूध से बनी चावल की खीर केले के पत्ते पर दी जाती है। शिविर में हजारों की संख्या में नागरिकों ने भाग लिया। शिविर का आयोजन अखंड आयुर्वेद भवन महौबा ने किया। श्रीराम जानकी हनुमान मंदिर के महंत श्रीराम दास, पार्षद श्रीमती उर्मिला मौर्य और श्रीमती शिरोमणी शर्मा सहित अन्य गणमान्य शामिल थे। recent visitors 83

दिल्ली में आने वाली है कड़ाके की ठंड, गिर गया रात का पारा, हवा भी खराब, बीमारियों का बढ़ेगा कहर

नई दिल्ली देश की राजधानी दिल्ली में लगातार तीसरे दिन वायु गुणवत्ता 'खराब' श्रेणी में रहने के साथ चौथे दिन भी यही स्थिति बनी हुई है. आज यानी 17 अक्टूबर को दिल्ली के कई इलाकों का वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) 'बहुत खराब' श्रेणी में पहुंच गया है. हालांकि, सुबह 7 बजे तक कहीं भी प्रदूषण का स्तर 'गंभीर' श्रेणी में नहीं मापा गया है. बता दें कि कल (16 अक्टूबर) कुछ इलाकों में एक्यूआई गंभीर श्रेणी में मापा गया था. प्रदूषण की वजह की बात करें तो दिल्ली में वायु गुणवत्ता प्रबंधन के लिए केंद्र की निर्णय सहायता प्रणाली के अनुसार, परिवहन से होने वाला उत्सर्जन दिल्ली के वायु प्रदूषण का लगभग 19.2 प्रतिशत है. इसके अलावा पड़ोसी राज्यों में पराली जलाना भी है. सैटेलाइट डेटा से बुधवार को पंजाब में 99, हरियाणा में 14, उत्तर प्रदेश में 59 और दिल्ली में एक आग लगने की घटनाएं सामने आई हैं. आज दिल्ली का एक्यूआई 267 मापा गया. वहीं कई इलाकों में आज एक्यूआई बहुत खराब श्रेणी में है. दिल्ली के इलाके AQI अलीपुर 261 आनंद विहार – अशोक विहार 276 आया नगर 251 बवाना – बुराड़ी – डॉ करणी सिंह शूटिंग रेंज 227 द्वारका सेक्टर-8 339 आईजीआई एयरपोर्ट 280 दिलशाद गार्डन 202 आईटीओ 195 जहांगीरपुरी 343 जवाहरलाल नेहरू स्टेडियम 218 लोधी रोड – मंदिर मार्ग – मुंडका 370 द्वारका एनएसआईटी 262 नजफगढ़ 192 नरेला 281 नेहरू नगर 261 नॉर्थ कैंपस 242 ओखला फेस-2 290 पटपड़गंज 322 पंजाबी बाग 289 पूसा DPCC 214 पूसा IMD 214 आरके पुरम 266 रोहिणी 315 शादीपुर 315 सिरीफोर्ट 252 सोनिया विहार 268 अरबिंदो मार्ग 206 विवेक विहार 285 वजीरपुर 323 जैसे-जैसे सर्दियां आ रही हैं, दिल्लीवासी पहले से ही हवा की बिगड़ती गुणवत्ता का असर महसूस कर रहे हैं. बुधवार सुबह 4 बजे वायु गुणवत्ता सूचकांक की रीडिंग 230 थी, जो मुख्य निगरानी स्टेशन पर मंगलवार की रीडिंग 207 से कम है. मौसम की बात करें तो अब न्यूनतम तापमान ने भी गोता लगाना शुरू कर दिया है, जिससे हल्की ठंड का एहसास होने लगा है. आईएमडी ने गुरुवार को मुख्य रूप से साफ आसमान रहने का अनुमान लगाया है, अधिकतम और न्यूनतम तापमान 34 डिग्री सेल्सियस और 18 डिग्री सेल्सियस के आसपास रहने की उम्मीद है. NCR की बात करें तो यहां की स्थिति दिल्ली से कुछ बेहतर है. जहरीली हवा बढ़ा सकती है मेंटल प्रॉब्लम्स डॉक्टर की मानें तो हद से ज्यादा एयर पॉल्यूशन आंखों की बीमारियों की वजह बन सकता है और इससे मेंटल हेल्थ बुरी तरह प्रभावित हो सकती है. पॉल्यूशन की वजह से लोगों का स्ट्रेस लेवल बढ़ सकता है और मानसिक स्वास्थ्य से जुड़ी समस्याएं हो सकती हैं. कई रिसर्च में यह साबित हो चुका है कि जहरीली हवा से मूड स्विंग्स, एंजायटी, डिप्रेशन और अन्य मेंटल डिसऑर्डर का खतरा बढ़ सकता है. प्रदूषित हवा में मौजूद नाइट्रोजन डाई ऑक्साइड के संपर्क में आने पर मेंटल प्रॉब्लम से जूझ रहे लोगों की तबीयत बिगड़ सकती है, क्योंकि एयर पॉल्यूशन से मेंटल प्रॉब्लम ट्रिगर हो सकती हैं. फरीदाबाद-165 गाजियाबाद-251 ग्रेटर नोएडा-236 गुरुग्राम-170 नोएडा-224 कैसे मापी जाती है एयर क्वालिटी? अगर किसी क्षेत्र का AQI जीरो से 50 के बीच है तो AQI ‘अच्छा’ माना जाता है, 51 से 100 AQI होने पर ‘संतोषजनक’, 101 से 200 के बीच ‘मध्यम’माना जाता है, अगर किसी जगह का AQI 201 से 300 के बीच हो तो उस क्षेत्र का AQI ‘खराब’ माना जाता है. अगर AQI 301 से 400 के बीच हो तो ‘बहुत खराब’ और 401 से 500 के बीच AQI होने पर ‘गंभीर’ श्रेणी में माना जाता है. वायु प्रदूषण से कई तरह की बीमारियां हो सकती हैं. बता दें कि राजधानी में कल प्रदूषण के स्तर में मामूली सुधार के बाद भी GRAP-1 की पाबंदियां लगी हैं. GRAP-1 के तहत नीचे दी गई पाबंदियां लगाई जाती हैं. सड़कों पर समय-समय पर मशीनीकृत सफाई और पानी का छिड़काव निर्माण स्थलों पर धूल शमन का उपयोग प्रदूषण फैलाने वाले वाहनों पर कड़ी जाँच, बेहतर यातायात प्रबंधन और उद्योगों, बिजली संयंत्रों और ईंट भट्टों में उत्सर्जन नियंत्रण खुले में कचरा जलाने पर प्रतिबंध, डीजल जनरेटर का सीमित उपयोग और भोजनालयों में कोयले या जलाऊ लकड़ी का उपयोग नहीं प्रदूषणकारी गतिविधियों पर अंकुश लगाने के लिए 311 एपीपी, ग्रीन दिल्ली ऐप, समीर ऐप और ऐसे अन्य सोशल मीडिया प्लेटफार्मों पर शिकायतों के निवारण के लिए त्वरित कार्रवाई सड़क पर यातायात कम करने के लिए कार्यालयों को कर्मचारियों के लिए एकीकृत आवागमन शुरू करने के लिए प्रोत्साहित करें पटाखों से परहेज कर पर्यावरण अनुकूल तरीके से त्योहार मनाने की सलाह बता दें कि दिल्ली की वायु गुणवत्ता के आधार पर GRAP को चार चरणों में वर्गीकृत किया गया है:  स्टेज I – 'खराब' (AQI 201-300);  स्टेज II – 'बहुत खराब' (AQI 301-400);  स्टेज III – 'गंभीर' (AQI 401-450);  स्टेज IV – 'गंभीर प्लस' (AQI >450). फर्टिलिटी बर्बाद कर सकता है एयर पॉल्यूशन हेल्थ एक्सपर्ट्स की मानें तो हवा में मौजूद पॉल्यूशन के बेहद छोटे कण शरीर में पहुंच जाते हैं और हमारे खून में मिल जाते हैं. इससे शरीर के सभी अंगों पर बुरा असर पड़ता है. कई रिसर्च में पता चला है कि ज्यादा पॉल्यूशन लोगों की फर्टिलिटी को बुरी तरह प्रभावित करता है और इसकी वजह से इनफर्टिलिटी की परेशानी बढ़ सकती है. पॉल्यूशन से बच्चे और बुजुर्ग बुरी तरह प्रभावित होते हैं, क्योंकि इससे उनके फेफड़ों पर बुरा असर पड़ता है. प्रेग्नेंट महिलाओं के लिए भी पॉल्यूशन बेहद खतरनाक है. अगर आपको किसी भी तरह की बीमारी है, तो पॉल्यूशन से हर हाल में बचाव करना चाहिए. एयर पॉल्यूशन से कैसे करें बचाव? – एयर पॉल्यूशन घर के बाहर ही नहीं, घर के अंदर भी होता है. ऐसे में घर के अंदर एयर क्वालिटी सुधारने की कोशिश करें. खिड़कियां खोलें और ताजा हवा आने दें. पॉल्यूशन कम करने के लिए घर के अंदर एयर प्यूरिफायर का इस्तेमाल करें. घर के अंदर इनडोर प्लांट्स रख लें, जो हवा को शुद्ध करते हैं. – जब हवा में प्रदूषण का स्तर अधिक हो, तो घर से बाहर कम से कम निकलें. बाहर जाने से पहले मौसम की जानकारी लेना भी जरूरी है. अगर एयर क्वालिटी इंडेक्स (AQI) ज्यादा स्तर खराब हो, तो बाहर जाने से … Read more

बहराइच हिंसा के 2 आरोपियों का एनकाउंटर, आरोपी बहराच हिंसा में मारे गए रामगोपाल मिश्रा की हत्या में शामिल थे

बहराइच उत्तर प्रदेश के बहराइच जिले में हुई हिंसा के 2 आरोपियों का एनकाउंटर हो गया है. दोनों आरोपी नेपाल भागने की फिराक में थे. घटना वाले दिन से पुलिस इनके पीछे लगी हुई थी. आज पुलिस को इनकी लोकेशन लगी, जिसके बाद इनको ट्रैक किया गया. आरोपियों के नाम सरफराज और तालिब है. दावा किया जा रहा है कि दोनों आरोपी बहराच हिंसा में मारे गए रामगोपाल मिश्रा की हत्या में शामिल थे. इन्होंने ही साथियों संग मिलकर रामगोपाल पर गोली चलाई थी. घटना के वक्त के कुछ वीडियोज सामने आए हैं, जिनमें अब्दुल हामिद की छत पर चार से पांच लोग नजर आ रहे हैं.   बहराइच में ऐसे भड़की थी हिंसा आपको बता दें कि बहराइच के थाना हरदी क्षेत्र के रेहुआ मंसूर गांव निवासी रामगोपाल मिश्रा बीते रविवार की शाम करीब 6 बजे दुर्गा प्रतिमा विसर्जन के लिए निकले जुलूस में शामिल था. ये जुलूस जब महराजगंज बाजार में समुदाय विशेष के मोहल्ले से गुजर रहा था तो दो पक्षों में कहासुनी हो गई. आरोप है कि इस दौरान छतों से पत्थर फेंके जाने लगे, जिससे विसर्जन में भगदड़ मच गई. इस बीच रामगोपाल को एक घर की छत पर गोली मार दी गई, जिससे उसकी मौत हो गई. रामगोपाल की मौत की खबर के बाद महराजगंज कस्बे में बवाल शुरू हो गया. आक्रोशित प्रदर्शनकारियों ने आरोपी के घर समेत कई वाहनों में तोड़फोड़ की और उसमें आग लगा दी. हिंसा के दौर अगले दिन भी जारी रहा. जिसके चलते जिले में भारी पुलिस फोर्स बुलानी पड़ी. खुद सीएम योगी ने मामले का संज्ञान लिया. फिलहाल, हालात सामान्य हैं. recent visitors 99

विधायक बाबू जंडेल एक बार फिर विवादित बयानों से सुर्खियों में, भगवान भोलेनाथ का नाम लेते हुए अपशब्द कहे

श्योपुर  मध्य प्रदेश के श्योपुर से कांग्रेस विधायक बाबू जंडेल एक बार फिर अपने विवादित बयानों के कारण सुर्खियों में हैं. गुरुवार को सोशल मीडिया पर उनका एक वीडियो वायरल हुआ. इस वीडियो में कांग्रेस नेता भगवान भोलेनाथ को लेकर काफी आपत्तिजनक बयान देते हुए नजर आ रहे हैं. विधायक ने भगवान शिव के लिए अपशब्द का इस्तेमाल किया. हालांकि एमएलए बाबू जंडेल ने वीडियो वायरल होने के बाद दावा किया कि ये वीडियो फेक है. इसे गलत तरीके से पेश करने की कोशिश की गई है. वीडियो वायरल होने के बाद लोगों ने काफी नाराजगी जाहिर की. वीडियो में कांग्रेस विधायक भगवान शिव को लेकर आपत्तिजनक बातें कहते हुए दिखाई दे रहे हैं. अब इसे लेकर महाकाल मंदिर के पुजारी और अखिल भारतीय पुजारी महासंघ के अध्यक्ष महेश शर्मा ने कड़ी प्रतिक्रिया दी है. पुजारी बोले- कार्रवाई होनी चाहिए महाकाल मंदिर के पुजारी महेश शर्मा ने बाबू जंडेल के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की मांग की है. महाकाल मंदिर के पुजारी और पुजारी महासंघ के अध्यक्ष महेश शर्मा ने कहा कि यह बयान अत्यंत निंदनीय है. विधायक नशे में भगवान शिव का अपमान कर रहे हैं. हम सरकार से मांग करते हैं कि इनके खिलाफ कड़ी से कड़ी कानूनी कार्रवाई हो. सनातन धर्म का अपमान करने वाले लोगों के लिए सख्त कानून बनना चाहिए, ताकि भविष्य में कोई ऐसी हरकत न करे.’ इस बीच भाजपा नेताओं ने भी इस वीडियो को लेकर कांग्रेस पर तीखे हमले किए हैं. भाजपा नेताओं ने इसे एक्स पर शेयर करते हुए कांग्रेस को घेरने की कोशिश की है. अब देखना होगा कि इस विवादित बयान पर क्या कार्रवाई होती है और यह मुद्दा राज्य की राजनीति में किस ओर रुख करता है. कांग्रेस बोली- पुराना है वीडियो कांग्रेस मीडिया विभाग अध्यक्ष मुकेश नायक का कहना है कि वीडियो 5 साल पुराना है. वीडियो मजाक में बनाया गया. शंकर भगवान के मंदिर के लिए खुद बाबू जंडेल ने दान किया था. उनके एक दोस्त, जो बीजेपी में चले गए हैं उन्होंने चुनावी फायदे के लिए वीडियो को अब पब्लिक किया है. विधायक ने कहा- वीडियो के साथ छेड़छाड़ कांग्रेस विधायक बाबू जंडेल ने भाजपा की ओर से लगाए गए आरोपों का खंडन किया है। लाइव हिन्दुस्तान से फोन पर बातचीत में उन्होंने कहा कि भोलेनाथ उनके भी आराध्य हैं। जंडेल ने कहा, 'मैं भगवान भोलेनाथ को पूजता हूं, इस तरह की बात भगवान भोलेनाथ के प्रति मैं कहना तो दूर सोच भी नहीं सकता। जो वीडियो वायरल किया है वह कांट, छांट करके रामनिवास रावत के लोगों ने मुझे बदनाम करने वायरल किया है।' recent visitors 61

‘वक्फ की जमीन पर बनी है संसद’, बदरुद्दीन अजमल बोले- बिना वक्फ की जमीन को खाली कराए इस्तेमाल करना गलत

नई दिल्ली पूर्व सांसद बदरुद्दीन अजमल ने वक्फ से संबंधित नए विधेयक का कड़ा विरोध किया है। उन्होंने कहा कि देश भर में वक्फ संपत्तियों को लेकर जो चर्चाएँ हो रही हैं, उनमें दिल्ली की प्रमुख जगहों पर स्थित इमारतों और क्षेत्रों को भी शामिल किया जा रहा है। अजमल का दावा है कि संसद भवन, उसके आसपास का क्षेत्र, और वसंत विहार से लेकर एयरपोर्ट तक का इलाका वक्फ की संपत्ति पर स्थित है। उन्होंने यह भी कहा कि कुछ लोग यह मानते हैं कि दिल्ली का एयरपोर्ट भी वक्फ की जमीन पर बनाया गया है। इस तरह के बयान से वक्फ संपत्तियों को लेकर चल रही चर्चाओं में और अधिक विवाद जुड़ गया है। वक्फ की संपत्तियों का उपयोग आमतौर पर धार्मिक और सामाजिक उद्देश्यों के लिए होता है, और इन संपत्तियों के स्वामित्व के सवाल अक्सर जटिल कानूनी और राजनीतिक विवादों का विषय बनते हैं। अजमल के इस बयान से यह मुद्दा और अधिक संवेदनशील हो सकता है, और सरकार की प्रतिक्रिया भी महत्वपूर्ण होगी, खासकर अगर इसे संसद में चर्चा का विषय बनाया जाता है।उन्होंने आगे कहा, “बिना अनुमति के वक्फ की जमीन का इस्तेमाल करना गलत है। वक्फ बोर्ड के इस मुद्दे पर वे (मोदी सरकार) बहुत जल्द अपनी सरकार खो देंगे।” इस बीच, विपक्षी सांसदों ने वक्फ (संशोधन) विधेयक 2024 पर संयुक्त संसदीय समिति की बैठक के दौरान संसदीय आचार संहिता के घोर उल्लंघन पर लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला को पत्र लिखा है। पूर्व सांसद अजमल ने वक्फ बिल का विरोध किया है और कहा, "इस बारे में आवाजें उठ रही हैं और दुनिया भर में वक्फ संपत्तियों की सूची सामने आ रही है। संसद भवन, उसके आसपास के इलाके और वसंत विहार से लेकर एयरपोर्ट तक का पूरा इलाका वक्फ की संपत्ति पर बना है। लोगों का यह भी कहना है कि एयरपोर्ट वक्फ की संपत्ति पर बना है।" उन्होंने आगे कहा, "बिना अनुमति के वक्फ की जमीन का इस्तेमाल करना गलत है। वक्फ बोर्ड के इस मुद्दे पर वे (मोदी सरकार) बहुत जल्द अपनी सरकार खो देंगे।" इस बीच, विपक्षी सांसदों ने वक्फ (संशोधन) विधेयक 2024 पर संयुक्त संसदीय समिति की बैठक के दौरान संसदीय आचार संहिता के घोर उल्लंघन पर लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला को पत्र लिखा है। इस पत्र में विपक्षी सांसदों ने 14 अक्टूबर को नई दिल्ली में आयोजित JPC की बैठक के दौरान समिति के अध्यक्ष जगदंबिका पाल द्वारा संसदीय आचार संहिता और प्रक्रिया के नियमों के कई उल्लंघनों का आरोप लगाया है। लोकसभा अध्यक्ष को लिखे पत्र में विपक्षी सांसदों ने कहा, "समिति की कार्यवाही अध्यक्ष जगदंबिका पाल द्वारा पक्षपातपूर्ण तरीके से संचालित की गई। अध्यक्ष द्वारा अनवर मणिप्पाडी को समिति के समक्ष साक्ष्य प्रस्तुत करने के लिए दिया गया निमंत्रण समिति के दायरे और अधिकार क्षेत्र में नहीं है।" विपक्षी सांसदों ने यह भी दावा किया कि "कर्नाटक वक्फ घोटाला रिपोर्ट 2012 पर आधारित वक्फ विधेयक 2012 पर प्रस्तुति" शीर्षक वाले नोट में वक्फ विधेयक पर कोई टिप्पणी नहीं थी, बल्कि इसमें मल्लिकार्जुन खड़गे सहित कर्नाटक कांग्रेस के नेताओं के खिलाफ केवल राजनीतिक रूप से प्रेरित आरोप थे। विपक्षी सांसदों ने 14 अक्टूबर को नई दिल्ली में आयोजित संयुक्त संसदीय समिति (JPC) की बैठक के दौरान अध्यक्ष जगदंबिका पाल पर संसदीय आचार संहिता और प्रक्रिया के नियमों के उल्लंघन का आरोप लगाते हुए लोकसभा अध्यक्ष को पत्र लिखा है। इस पत्र में कहा गया है कि जगदंबिका पाल ने समिति की कार्यवाही को पक्षपातपूर्ण तरीके से संचालित किया। विशेष रूप से, विपक्षी सांसदों ने आपत्ति जताई है कि अध्यक्ष ने अनवर मणिप्पाडी को समिति के समक्ष साक्ष्य प्रस्तुत करने के लिए बुलाया, जो उनके अनुसार समिति के दायरे और अधिकार क्षेत्र में नहीं आता था। यह विवाद इस बात पर केंद्रित है कि समिति की कार्यवाही निष्पक्ष और पारदर्शी होनी चाहिए, और विपक्षी सांसदों का आरोप है कि इस बैठक में ऐसा नहीं हुआ। संसदीय समितियों में इस प्रकार के आरोप गंभीर माने जाते हैं, क्योंकि ये समितियाँ महत्वपूर्ण नीतिगत और विधायी मामलों पर विचार करती हैं। ऐसे मामलों में लोकसभा अध्यक्ष की भूमिका महत्वपूर्ण होती है, क्योंकि उन्हें इन आरोपों का मूल्यांकन करना होता है और यह सुनिश्चित करना होता है कि संसदीय प्रक्रियाओं का पालन हो। विपक्षी सांसदों ने अपने पत्र में यह भी आरोप लगाया है कि जिस नोट का शीर्षक “कर्नाटक वक्फ घोटाला रिपोर्ट 2012 पर आधारित वक्फ विधेयक 2012 पर प्रस्तुति” था, उसमें वक्फ विधेयक पर कोई ठोस टिप्पणी या विश्लेषण नहीं था। इसके बजाय, उन्होंने दावा किया कि उस नोट में कर्नाटक कांग्रेस के प्रमुख नेताओं, विशेष रूप से मल्लिकार्जुन खड़गे, के खिलाफ राजनीतिक रूप से प्रेरित आरोप लगाए गए थे। सांसदों का कहना है कि इस प्रस्तुति का असल उद्देश्य वक्फ विधेयक से जुड़े मुद्दों पर चर्चा करना था, लेकिन इसके बजाय इसे राजनीतिक हितों की पूर्ति के लिए इस्तेमाल किया गया। विपक्षी नेताओं ने इस बात पर भी जोर दिया कि ऐसे मुद्दों पर निष्पक्ष और तथ्यात्मक चर्चा होनी चाहिए, न कि राजनीतिक लाभ के लिए विपक्षी नेताओं को निशाना बनाया जाना चाहिए।   recent visitors 85

राज्यपाल पटेल केन्द्रीय संस्कृत विश्वविद्यालय अखिल भारतीय स्पर्धा के शुभारम्भ कार्यक्रम में शामिल हुए

भोपाल राज्यपाल मंगुभाई पटेल ने कहा है कि प्रतियोगिता में भाग लेने से नया जोश और मनोबल तो मिलता ही है, साथ ही अपने और दूसरों के प्रदर्शन के अनुभव से कौशल का नया स्तर प्राप्त होता है। प्रतियोगिता में ज्ञान और कौशल के सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन के साथ इस बात का ध्यान रखना जरूरी है कि हार-जीत से कही अधिक महत्वपूर्ण हमारी संस्कृति, सुसंस्कृत जीवनशैली की गरिमा और गौरव का सम्मान है। राज्यपाल पटेल आज केन्द्रीय संस्कृत विश्वविद्यालय के भोपाल परिसर में आयोजित अखिल भारतीय क्रीड़ा, सांस्कृतिक, शैक्षिक स्पर्धा, युवा महोत्सव 2024 के उद्घाटन समारोह को संबोधित कर रहे थे। इस अवसर पर राज्यपाल मंगुभाई पटेल ने विश्वविद्यालय द्वारा प्रकाशित विशिष्ट ग्रंथों, “सर्वसमावेशी शिक्षा के परिप्रेक्ष्य में महर्षि दयानन्द सरस्वती” और “भारतीय ज्ञान परम्परा शिक्षक शिक्षा” का लोकार्पण किया। महर्षि पाणिनि संस्कृत एवं वैदिक विश्वविद्यालय के पूर्व कुलपति प्रोफेसर मिथिला प्रसाद त्रिपाठी, युव संसद जयपुर के संस्थापक आशुतोष जोशी मंचासीन थे।     राज्यपाल मंगुभाई पटेल ने कहा कि आधुनिक मानव जीवन से जुड़े क्षेत्रों शिक्षा, स्वास्थ्य, आत्मनिर्भर एवं स्वावलंबी जीवन आदि कई विषयों में संस्कृत ज्ञान निधि की प्रासंगिकता आज बढ़ रही है।दुनिया में संस्कृत भारत की सॉफ्ट पावर का सबसे प्रमुख ज़रिया है। हमें ऐसा वातावरण तैयार करना होगा जिसमें संस्कृत के ज्ञान को आधुनिक और शोध परक दृष्टि से देखा जाए और ज्ञान के नए स्वरूप को प्रकाशित किए जाए। समय की आवश्यकता है कि हमारे पास ऐसे युवा हो, जिनमें संस्कृत के साथ कम्प्यूटर कोडिंग की तकनीक और अनुसंधान का सामर्थ्य हो। राज्यपाल मंगुभाई पटेल ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के विकसित भारत निर्माण प्रयासों के लिए जड़ों से जुड़ें वैश्विक प्रतिस्पर्धा हेतु सक्षम युवाओं का निर्माण समय की जरूरत है। विश्वविद्यालय को संस्कृत भाषा की भारतीय ज्ञान परम्परा को भविष्य की दृष्टि से विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी के साथ समन्वय से भारत को ज्ञान की महाशक्ति बनाने की जिम्मेदारी लेना होगी। विश्वविद्यालयों को विद्यार्थियों को संस्कृत के अध्ययन और अनुसंधान के द्वारा राष्ट्रीय, अंतर्राष्ट्रीय चुनौतियों के समाधान खोजने के अवसर उपलब्ध कराने होंगे। उन्होंने कहा कि छात्रों के समग्र, सर्वांगीण विकास में ऐसे शैक्षणिक, सांस्कृतिक और खेल स्पर्धाओं के आयोजन अत्यन्त महत्त्वपूर्ण होते है। उन्होंने वैश्विक स्तर पर भारतीय ज्ञान परम्परा के संरक्षण एवं संवर्धन में अग्रणी भूमिका निभाने और अखिल भारतीय प्रतियोगिता के आयोजन के लिए केन्द्रीय संस्कृत विश्वविद्यालय की सराहना की है। केन्द्रीय संस्कृत विश्वविद्यालय नई दिल्ली के अधिष्ठाता छात्र कल्याण प्रोफेसर मदन मोहन झा ने विश्वविद्यालय की शैक्षणिक सांस्कृतिक गतिविधियों का विवरण दिया। बताया कि राष्ट्रीय संस्कृत संस्थान से प्रारम्भ होकर 55वीं वर्ष गांठ के अवसर तक विश्व में संस्कृत का पर्याय बन गया है। उन्होंने बताया कि विश्वविद्यालय मल्टी डिसिप्लिनरी, बहुपरिसरीय विश्वविद्यालय है, जिसमें 12 परिसर, 28 महाविद्यालय और 105 से अधिक मान्यता प्राप्त संस्थाएं शामिल है। उन्होंने बताया कि विश्वविद्यालय में भारतीय विधिशात्र, नाट्य शास्त्र के पाठ्यक्रम के साथ ही बी.ए. ऑनर्स, संस्कृत, सिविल सर्विसेज, शुरू किया गया है, जिसमें संस्कृत एवं सिविल सर्विसेज के पाठ्यक्रम का अध्ययन कराया जाता है। विद्यार्थी पाठ्यक्रम के 5 में से किसी एक विषय में स्नातकोत्तर की एक वर्षीय उपाधि भी प्राप्त कर सकते है। उन्होंने बताया कि विश्वविद्यालय को नेक द्वारा A++ की ग्रेडिंग प्राप्त है। विश्वविद्यालय में राष्ट्रीय शिक्षा नीति विगत 2 वर्षों से सफलता पूर्वक क्रियान्वित की जा रही है। केन्द्रीय संस्कृत विश्वविद्यालय भोपाल परिसर के निदेशक प्रोफेसर रमाकांत पांडेय ने स्वागत उद्बोधन दिया। उन्होंने बताया कि विश्वविद्यालय देश के 12 प्रांतों में प्रस्तारित है। आयोजित, प्रतियोगिता में राज्य स्तरीय स्पर्धा के विजेता शामिल हो रहे है। उन्होंने बताया कि प्रतियोगिता के निर्णायक मण्डल में देश के विभिन्न क्षेत्रों से आए हुए विषय विशेषज्ञ विद्वान शामिल है। धन्यवाद ज्ञापन भोपाल परिसर के सहायक निदेशक प्रोफेसर नीलाभ तिवारी ने किया। कार्यक्रम के प्रारम्भ में अतिथियों द्वारा भगवती सरस्वती का दीप प्रज्ज्वलन कर पूजन किया। परिसर के छात्रों द्वारा वैदिक मंगलाचरण एवं नाट्य अनुसंधान विभाग के छात्र-छात्राओं ने सरस्वती वंदना प्रस्तुत की। अतिथियों का शॉल, शंख और पौधा भेंट कर स्वागत किया गया।   recent visitors 73