रामगढ़ताला झील में संचालित ‘लेक क्वीन क्रूज’ बना घाटे का सौदा, 89 लाख रुपये का किराया बकाया

गोरखपुर  गोरखपुर की रामगढ़ताला झील में 2 साल पहले 'लेक क्वीन क्रूज' शुरू किया गया था। लेकिन अब इसे बंद किया जा सकता है। कहा जा रहा है कि संचालक गोरखपुर विकास प्राधिकरण (जीडीए) को किराया नहीं दे रहे हैं। यह किराया धीरे-धीरे बढ़कर 89 लाख रुपये तक पहुंच चुका है। जीडीए की तरफ से नोटिस भेजे जाने के बाद इसके संचालकों ने निर्णय लिया है कि घाटे का सौदा होने की वजह से जल्द ही इसे बंद किया जा सकता है। वहीं नौका विहार आने वाले पर्यटकों की शिकायत है कि इसका किराया बहुत ज्यादा है। रामगढ़ताल में नौका विहार के लिए आने वाले पर्यटकों के लिए यह बुरी खबर की तरह है। 2 साल पूर्व मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के हाथों उद्घाटन किए जाने के बाद लेक क्वीन क्रूज को बड़े जोर-शोर से रामगढ़ ताल झील में उतारा गया था। शुरुआत में इसको लेकर दर्शकों और पर्यटकों में बेहद उत्साह का माहौल था। लेकिन अब इसे बंद किया जा सकता है, क्योंकि इसका संचालन करने वाली फर्म ने जीडीए का अब तक 89 लाख रुपए किराया नहीं जमा कराया। इस संदर्भ में जीडीए द्वारा तीन बार नोटिस भेजा जा चुका है। इसके बाद संचालकों ने क्रूज को बंद करने की तैयारी शुरू कर दी है। क्रूज का संचालन करने वाली फर्म ने 7,41000 रुपए प्रति माह की बोली लगाकर इसके संचालन का ठेका अपने नाम किया था। हालांकि जब इसकी बोली लगाई गई थी उस समय इसका बेस प्राइस 3 लाख रुपए रखा गया था। इस बारे में संचालकों का कहना है कि पर्यटक आते हैं, लेकिन जिस हिसाब से इसके रखरखाव, स्टाफ के खर्चे और किराया है, उसे निकालना मुश्किल हो रहा है। घाटे का सौदा साबित होने के कारण इसे बंद करने के बारे में विचार चल रहा है। वहीं इस बारे में पर्यटकों का कहना है कि क्रूज का किराया और यहां लंच या डिनर करना महंगा है किसी भी आम परिवार के लिए इतना पैसा अफोर्ड करना मुश्किल है। इस बारे में क्रूज के मालिक राजकुमार राय ने बताया कि प्रदेश के लिए इतिहास रचने वाले क्रूज को लेकर शुरुआत में तो पर्यटकों में उत्साह रहा। लेकिन अब धीरे-धीरे इसका किराया निकालना भी मुश्किल होता जा रहा है। जिस फर्म ने इसे चलवाने वाले का ठेका लिया था, उन्होंने जीडीए का किराया भी अभी तक नहीं दिया,जो बढ़कर 89 लाख रुपए पहुंच चुका है। नोटिस के अलावा, फिलहाल इस बारे में जीडीए की तरफ से कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है। recent visitors 84

देश के कई शहरों में रेसिडेंशियल रियल एस्टेट की कीमतों में 88 फीसदी का उछाल दिखा

नई दिल्ली रियल एस्टेट (Real Estate) मार्केट में इन दिनों भारी उछाल दिख रहा है। कोरोना काल से पहले की बात करें तो तब से अब तक स्थिति काफी बदल गई है। बीते पांच साल में ही देश के टॉप 10 शहरों में प्रॉपर्टी की कीमतें (Property Price) काफी बढ़ गई है। इन शहरों में मकान की कीमतों में 88 फीसदी तक का उछाल आया है। इसकी जानकारी रियल एस्टेट डेटा एनालिटिक्स फर्म प्रॉपइक्विटी (PropEquity) की एक रिपोर्ट से मिलती है। सबसे ज्यादा कीमत कहां बढ़ी इस रिपोर्ट के अनुसार इस दौरान गुरुग्राम में सबसे अधिक, 160 फीसदी का उछाल दर्ज किया गया है। साल 2019 में वहां मकान की औसत कीमतें 7,500 रुपये प्रति वर्ग फुट थी। यह साल 2024 में बढ़कर 19,500 रुपये प्रति वर्ग फुट पर पहुंच गई हैं। मतलब कि पांच साल पहले गुड़गांव में 75 लाख रुपये में 1,000 वर्ग फुट का मकान मिल जाता था। अब यह करी दो करोड़ रुपये तक पहुंच गया है। सबसे कम बढ़ोतरी कहां बीते पांच साल की अवधि के दौरान मकान की कीमतें सबसे कम मुंबई में बढ़ी है। साल 2019 में मुंबई में रेसिडेंशियल रियल एस्टेट की प्रति वर्ग फुट कीमत 25,820 रुपये थी। यह साल 2024 में बढ़ कर 25,820 प्रति वर्ग फुट हो गई। मतलब कि महज 37 फीसदी की बढ़ोतरी। अन्य शहरों का क्या रहा हाल रिपोर्ट के अनुसार गुरुग्राम के बाद कीमतों में सबसे अधिक बढ़ोतरी नोएडा में (146 फीसदी), बेंगलुरु (98 फीसदी), हैदराबाद (81 फीसदी), चेन्नई (80 फीसदी), पुणे (73 फीसदी), नवी मुंबई(69 फीसदी), कोलकाता (68 फीसदी) और ठाणे में (66 फीसदी)। सबसे महंगी और सबसे सस्ती प्रॉपर्टी कहां प्रति वर्ग फीट कीमतों की बात करें तो मुंबई इस दृष्टि से सबसे महंगा शहर है। वहां मकानों की औसत कीमत 35,500 रुपये प्रति वर्ग फुट है। इसके बाद गुरुग्राम में 19,500 रुपये प्रति वर्ग फुट। इन शहरों में सबसे कम प्रॉपर्टी रेट नोएडा में दिखा जहां आवासी परिसंपत्ति की औसत कीमत 16,000 रुपये प्रति वर्ग फुट है। कितनी परियोजनाएं हुई लॉन्च? इस अवधि के दौरान देश के टॉप 10 शहरों- बेंगलुरु, चेन्नई, हैदराबद, कोलकाता, मुंबई, ठाणे, नवी मुंबई, पुणे, नोएडा और गुरुग्राम में करीब 15,000 परियोजनाएं लॉन्च की गईं। इनमें अपार्टमेन्ट, फ्लोर और विला शामिल हैं। जमीन वाले मकानों की संख्या इनमें काफी कम रही। कीमत में बढ़ोतरी के क्या हैं कारण प्रॉपइक्विटी के संस्थापक एवं सीईओ समीर जसूजा का कहना है, ‘‘पिछले 5 सालों में सभी बड़े शहरों में रियल एस्टेट की कीमतों में ज़बरदस्त बढ़ोतरी देखी गई है। इस बढ़ोतरी में कई कारकों का योगदान है जैसे बुनियादी सुविधाओं का विकास, एनआरआई की बढ़ती रुचि, एचएनआई/यूएचएनआई और स्टॉक मार्केट में मुनाफ़ा हासिल करने वालों द्वारा रियल एस्टेट में निवेश तथा सम्पत्ति बनाने और आय कमाने की चाह, मकान खरीदने की चाह, लक्ज़री/सुपर लक्ज़री मकानों की ओर झुकाव।” recent visitors 98

बसपा प्रमुख मायावती ने बड़ा ऐलान कर दिया, महाराष्ट्र-झारखंड और यूपी में बसपा नहीं करेगी गठबंधन

लखनऊ चुनाव आयोग ने मंगलवार को महाराष्ट्र और झारखंड विधानसभा चुनाव की तारीखों की घोषणा कर दी। इसके साथ ही यूपी में नौ विधानसभा सीटों के उपचुनाव का ऐलान भी कर दिया गया है। वहीं, बसपा प्रमुख मायावती ने भी बड़ा ऐलान कर दिया। उन्होंने साफ किया है कि उनकी पार्टी बसपा महाराष्ट्र और झारखंड में अकेले ही चुनाव लड़ेगी। इसके साथ ही मायावती ने कहा कि यूपी में 9 विधानसभा की सीटों पर हो रहे उपचुनाव में पार्टी अपने उम्मीदवार उतारेगी और यह चुनाव भी अकेले ही अपने बलबूते पर लड़ेगी। बहुजन समाज पार्टी (बसपा) प्रमुख मायावती ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक के बाद एक कई पोस्ट किए। उन्होंने लिखा, ''भारत निर्वाचन आयोग द्वारा महाराष्ट्र व झारखंड राज्य विधानसभा आम चुनाव के लिए तारीखों की आज की गई घोषणा का स्वागत। चुनाव जितना कम समय में तथा जितना पाक-साफ अर्थात धनबल और बाहुबल आदि के अभिशाप से मुक्त हो उतना ही बेहतर, जिसका पूरा दारोमदार चुनाव आयोग पर ही निर्भर है।'' एक अन्य पोस्ट में मायावती ने लिखा, ''बीएसपी इन दोनों राज्यों में अकेले ही चुनाव लड़ेगी और यह प्रयास करेगी कि उसके लोग इधर-उधर न भटकें, बल्कि पूरी तरह बीएसपी से जुड़कर परमपूज्य बाबा साहेब डॉ. भीमराव अम्बेडकर के आत्म-सम्मान व स्वाभिमान कारवां के सारथी बनकर शासक वर्ग बनने का अपना प्रयास जारी रखें।'' आखिर में बसपा प्रमुख ने लिखा, ''यूपी में 9 विधानसभा की सीटों पर हो रहे उपचुनाव में भी बीएसपी अपने उम्मीदवार उतारेगी और यह चुनाव भी अकेले ही अपने बलबूते पर पूरी तैयारी एवं दमदारी के साथ लड़ेगी।'' महाराष्ट्र की 288 विधानसभा सीटों पर 1 चरण में 20 नवंबर को वोट डाल जाएंगे। वहीं, झारखंड की 81 विधानसभा सीटों पर 2 फेज में 13 और 20 नवंबर को विधानसभा चुनाव के लिए मतदान होंगे। जबकि, चुनाव के नतीजे 23 नवंबर को घोषित किए जाएंगे। इसके अलावा यूपी समेत 47 विधानसभा सीटों पर 13 नवंबर को मतदान होंगे। यूपी की जिन 9 विधानसभा सीटों पर उपचुनाव होने हैं, उनमें गाजियाबाद सदर सीट, प्रयागराज की फूलपुर सीट, कानपुर की सीसामऊ सीट, मैनपुरी की करहल सीट, अंबेडकरनगर की कटेहरी सीट, मिर्जापुर की मझवां सीट, अलीगढ़ की खैर सीट, मुजफ्फरनगर की मीरापुर सीट और मुरादाबाद की कुंदरकी सीट शामिल है। हालांकि, अयोध्या की मिल्कीपुर सीट पर उपचुनाव अभी नहीं होगा। recent visitors 89

दिल्‍ली-एनसीआर में खराब आबोहवा के बाद ग्रैप लागू, अब लगेगी कई चीजों पर पावंदी

नई दिल्ली दिल्ली-एनसीआर में वायु प्रदूषण का स्तर लगातार बढ़ता जा रहा है। एयर क्वालिटी इंडेक्स (एक्यूआई) खतरे के निशान के पार पहुंच गया है। दिल्ली एनसीआर के कई इलाके ऐसे हैं, जहां का एक्यूआई 300 से ज्यादा है। स्थिति को देखते हुए दिल्ली सरकार ने एनसीआर में ग्रैप का पहला चरण लागू कर दिया है। ऐसे में आईए जानते हैं कि ग्रैप के कितने चरण होते हैं और किस चरण में किन-किन चीजों पर पाबंदी होती है। एक्यूआई 201 से 300 के बीच रहने पर ग्रैप का पहला चरण लागू किया जाता है। इसमें निर्माण और विध्वंस से निकलने वाली धूल और मलबे के प्रबंधन से संबंधित निर्देश लागू होते हैं। खुली जगहों पर कचरा जलाने और फेंकने पर रोक लगाई जाती है। नियमित रूप से कूड़ा उठाने के निर्देश दिए जाते हैं। सड़कों पर धूल उड़ने से रोकने के लिए कुछ दिनों के अंतराल पर पानी का छिड़काव किया जाता है। डीजल जनरेटर सेट के इस्तेमाल पर रोक लगाई जाती है और पीयूसी के नियमों को सख्ती से लागू किया जाता है। वाहनों से निकलने वाले धुएं पर सख्ती बरती जाती है। एक्यूआई 301 से 400 के बीच होने पर ग्रैप का दूसरा चरण लागू किया जाता है। इसमें अस्पतालों, रेल और मेट्रो सेवाओं को छोड़कर अन्य जगहों पर डीजल जनरेटर के इस्तेमाल पर प्रतिबंध लगाया जाता है। रोजाना सड़कों की साफ-सफाई और पानी का छिड़काव किया जाता है। फैक्ट्रियों में केवल उचित ईंधन का इस्तेमाल किया जाता है। लोगों को सार्वजनिक परिवहन का अधिकतम इस्तेमाल करने के लिए पार्किंग फीस बढ़ाई जाती है, निर्माण स्थलों पर निरीक्षण बढ़ा दिया जाता है। एक्यूआई 401 से 450 के बीच होने पर तीसरा चरण लागू किया जाता है। इसमें हर दिन सड़कों की सफाई की जाती है, नियमित रूप से पानी का छिड़काव किया जाता है। निर्माण और विध्वंस से निकलने वाले धूल और मलबे का सही तरीके से निष्पादन किया जाता है। दिल्ली, गुरुग्राम, फरीदाबाद, गाजियाबाद और गौतम बुद्ध नगर में पेट्रोल से चलने वाले बीएस-3 इंजन और डीजल से चलने वाले बीएस-4 चार पहिया वाहनों के इस्तेमाल पर रोक लगाई जाती है। एक्यूआई 450 से अधिक होने पर ग्रैप का चौथा चरण लागू किया जाता है। इस चरण में ट्रक, लोडर जैसे भारी वाहनों को दिल्ली में प्रवेश करने पर रोक लगा दी जाती है। केवल आवश्यक सामग्री वाली आपूर्ति करने वाले वाहनों को प्रवेश दिया जाता है। सभी प्रकार के निर्माण और विध्वंस कार्यों पर प्रतिबंध लगा दिया जाता है। राज्य सरकार स्कूली छात्रों के लिए ऑनलाइन कक्षाएं और सरकारी तथा निजी कार्यालयों के लिए घर से काम करने का निर्णय भी ले सकती है। ऑड-ईवन का निर्णय भी चौथे चरण में लिया जा सकता है, हालांकि यह अनिवार्य नहीं है, लेकिन ऐसा करने के लिए राज्य सरकार को अधिकार दिए गए हैं। recent visitors 78

ओलंपिक पदक विजेता सुश्री मनु भाकर की मौजूदगी में होगा भव्य समापन कार्यक्रम

रायपुर मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव को राजधानी रायपुर में 16 से 20 अक्टूबर तक आयोजित 27वें अखिल भारतीय वन खेलकूद प्रतियोगिता में शामिल होने का आमंत्रण मिला है। श्री साय से आज यहाँ उनके निवास कार्यालय में वन मंत्री श्री केदार कश्यप के नेतृत्व में वन विभाग के अधिकारियों ने भेंटकर उन्हें शुभारंभ कार्यक्रम के लिए आमंत्रित किया। मुख्यमंत्री श्री साय ने अधिकारियों को सफल आयोजन  के लिए शुभकामनाएं देते हुए कहा कि इस प्रतिष्ठित प्रतियोगिता की मेजबानी करना छत्तीसगढ़ के लिए गर्व की बात है। इस मौके पर अधिकारियों ने  उन्हें स्पोर्ट्स किट भी भेंट किया। इस अवसर पर प्रधान मुख्य वन संरक्षक एवं वन बल प्रमुख श्री व्ही. श्रीनिवास राव,  एडिशनल पीसीसीएफ श्री सुनील मिश्रा, एडिशनल पीसीसीएफ श्री अरूण पाण्डेय, एडिशनल पीसीसीएफ श्रीमती संजीता गुप्ता, मुख्य वन संरक्षक श्रीमती शालिनी रैना, सीसीएफ श्री राजू अगासिमनी भी उपस्थित थे। प्रतियोगिता की नोडल अधिकारी श्रीमती शालिनी रैना (मुख्य वन संरक्षक मानव संसाधन व आईटी) ने बताया कि यह एक वृहद व प्रतिष्ठित आयोजन है जो वनों की सुरक्षा व वन्य प्राणियों के संरक्षण को लेकर समर्पित है, जिसमें देशभर के अनेक प्रतिभागी शामिल होने वाले हैं। उन्होंने बताया कि राजधानी के 27वें अखिल भारतीय वन खेलकूद प्रतियोगिता में देशभर से करीब 3 हजार से अधिक प्रतिभागी शामिल होंगे। वन विभाग के अधिकारी-कर्मचारी इस पांच दिवसीय प्रतियोगिता के सफल आयोजन के लिए सतत प्रयासरत है। गौरतलब है कि राजधानी रायपुर में 16 से 20 अक्टूबर तक आयोजित होने वाले अखिल भारतीय वन खेलकूद प्रतियोगिता का उद्घाटन राजधानी के कोटा स्थित स्टेडियम में होगा। कार्यक्रम में भारतीय टी-20 क्रिकेट टीम के कप्तान और युवाओं में स्काई के नाम मशहूर क्रिकेटर सूर्य कुमार यादव शामिल होंगे। साथ ही आयोजन के समापन समारोह में ओलंपिक पदक विजेता सुश्री मनु भाकर भी शामिल होंगी। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने भी वीडियो जारी कर प्रतियोगिता में भाग लेने वाले देशभर के वन सेवा के अधिकारी व कर्मचारियों को बधाई देते हुए आयोजक वन विभाग, छत्तीसगढ़ शासन को शुभकामनाएं प्रेषित की है। recent visitors 67

दीक्षांत समारोह में 126 गोल्ड मैडल, 297 पीएचडी एवं 397 स्नातकोत्तर उपाधियाँ प्रदान की गईं

भोपाल राज्यपाल श्री मंगुभाई पटेल ने कहा कि विद्यार्थी भावी जीवन में निरंतर सीखने की भावना जागृत रखें और “अन-लर्निंग, रि-स्किलिंग व अप-स्किलिंग” पर विशेष ध्यान दें। साथ ही यह संकल्प लें कि जीवन के उतार-चढ़ाव और विपरीत परिस्थितियों में भी अपने आदर्शों, ज्ञान और आचरण के उच्चतम प्रतिमानों का निष्ठा के साथ पालन करेंगे। राज्यपाल श्री पटेल ने यह बात जीवाजी विश्वविद्यालय ग्वालियर के दीक्षांत समारोह में उपाधि प्राप्त विद्यार्थियों का आह्वान करते हुए कही। उन्होंने गोल्ड मैडल व उपाधियाँ प्राप्त करने वाले सभी विद्यार्थियों, उनके अभिभावक व गुरुजनों को बधाई दी और सभी के उज्ज्वल भविष्य की कामना की। राज्यपाल श्री पटेल की अध्यक्षता एवं नालंदा विश्वविद्यालय बिहार के चांसलर पद्मभूषण डॉ. विजय पी. भटकर के मुख्य आतिथ्य में आयोजित हुआ। इस अवसर पर विश्वविद्यालय के कुलगुरु प्रो. अविनाश तिवारी, कुलाधिसचिव प्रो. डी. एन. गोस्वामी, कुल सचिव श्री अरूण सिंह चौहान एवं कार्य परिषद के सदस्यगण मंचासीन थे। दीक्षांत समारोह में पद्मभूषण डॉ. विजय पी. भटकर को डॉक्टर ऑफ साइंस की मानद उपाधि और साहित्यकार व वरिष्ठ चिकित्सक डॉ. नरेन्द्र नाथ लाहा को डीलिट् की मानद उपाधि से सम्मानित किया गया। साथ ही शिक्षण सत्र 2022-23 और 2023-24 के 81 विद्यार्थियों को 126 गोल्ड मैडल, 297 विद्यार्थियों को पीएचडी (डॉक्टर ऑफ फिलोसपी) एवं 397 विद्यार्थियों को स्नातकोत्तर उपाधियाँ प्रदान की गईं। विश्वविद्यालय की प्रतिभावान छात्रा सुश्री अंकिता मिश्रा को 4 एवं सुश्री त्रिपर्णा बारिक को 3 गोल्ड मैडल देकर सम्मानित किया गया। राज्यपाल श्री पटेल ने कहा कि दीक्षांत कार्यक्रम सदैव से हमारी प्राचीन संस्कृति का हिस्सा रहे हैं। प्राचीन काल में गुरुकुल शिक्षा में अध्ययन के समापन के बाद घर वापस लौटने के लिये समावर्तन संस्कार होता था। आधुनिक दीक्षांत समारोह उसी का एक रूप है। उन्होंने कहा दीक्षांत समारोह एक भावनात्मक अनुबंध का प्रतीक भी हैं, जिसमें छात्र-छात्राएँ अपने ज्ञान और मेधा के साथ गुरुजनों के बताए मार्ग पर चलने और राष्ट्र सेवा की शपथ लेते हैं। राज्यपाल श्री पटेल ने विद्यार्थियों से कहा कि तेजी से बदलते वैश्विक परिवेश में या तो आप परिवर्तन को प्रेरित करते हैं अथवा परिवर्तन आपको प्रेरित करता है। इसलिए विद्यार्थी अपने जीवन के लक्ष्य निर्धारित करें और एकाग्र होकर उन लक्ष्यों को हासिल करने के लिये प्राण-पण से जुट जाएँ। राज्यपाल श्री पटेल ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने राष्ट्रीय शिक्षा नीति के माध्यम से समर्थ, सशक्त, समृद्ध और विकसित भारत बनाने के लिये भावी पीढ़ी को मति, गति और दिशा निर्धारण करने की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी विश्वविद्यालयों को सौंपी है। विश्वविद्यालयों से अपेक्षा है कि शिक्षा के इस मंदिर में विद्यार्थियों को ज्ञान, विज्ञान के साथ बौद्धिकता और संस्कारों के समन्वय की सीख भी दें। हर विधा के विद्यार्थियों को शोध एवं नवाचारों को समझने और अपनाने का अवसर भी विश्वविद्यालय में मिले। पद्मभूषण डॉ. विजय पी. भटकर ने दीक्षांत भाषण दिया। उन्होंने कहा कि अच्छे विश्वविद्यालय देश को महान बनाते हैं। खुशी की बात है कि जीवाजी विश्वविद्यालय “मेक द नेशन” के पथ पर चलकर देश को महान बनाने के लक्ष्य पर आगे बढ़ रहा है। हमारी कामना है कि यह विश्वविद्यालय विश्व स्तरीय विश्वविद्यालय का रूप लेकर नॉलेज बेस्ड इंडिया के निर्माण में अपना अहम योगदान दे। डॉ. भटकर ने खुशी जाहिर करते हुए कहा कि जीवाजी विश्वविद्यालय के दीक्षांत समारोह में गोल्ड मैडल व उपाधियाँ प्राप्त करने वाले विद्यार्थियों में छात्राओं की संख्या अधिक है। इससे निश्चित ही महिला सशक्तिकरण के प्रयासों को बल मिलेगा। जीवाजी विश्वविद्यालय के कुलगुरू (कुलपति) प्रो. अविनाश तिवारी ने दीक्षांत उपदेश दिया एवं गोल्ड मैडल व उपाधि प्राप्त करने वाले विद्यार्थियों को शपथ दिलाई। डॉ. नरेन्द्र नाथ लाहा ने मानद डीलिट् उपाधि प्रदान करने के लिये जीवाजी विश्वविद्यालय के प्रति धन्यवाद व्यक्त किया और यह उपाधि अपने माता-पिता को समर्पित की। दीक्षांत समारोह के आरंभ में शोभा यात्रा निकली। शुभारंभ व समापन राष्ट्रगान जन-गण-मन के सामूहिक गान के साथ हुआ। राज्यपाल श्री पटेल सहित अन्य अतिथियों ने दीक्षांत समारोह में जीवाजी विश्वविद्यालय की स्मारिका का विमोचन भी किया। संचालन विश्वविद्यालय के कुल सचिव श्री अरूण सिंह चौहान द्वारा किया गया। राज्यपाल श्री पटेल ने 8 विभागों को सेंटर ऑफ एक्सीलेंस का दर्जा मिलने पर दी बधाई राज्यपाल श्री पटेल ने जीवाजी विश्वविद्यालय के 8 शिक्षण विभागों को सेंटर ऑफ एक्सीलेंस का दर्जा एवं सरकार की पीएम उषा योजना के तहत 100 करोड़ रूपए का अनुदान मिलने पर बधाई दी। उन्होंने विश्वविद्यालय द्वारा अंकुर ऐप के माध्यम से परिसर में किए गए पौध-रोपण की जानकारी प्राप्त कर सराहा। फास्ट फूड की बजाय मिलेट्स को प्राथमिकता दें विद्यार्थी राज्यपाल श्री पटेल ने इस अवसर पर विद्यार्थियों का आह्वान किया कि वे पढ़ाई के साथ अपनी सेहत का भी ध्यान रखें। पूरी नींद लें और नियमित रूप से व्यायाम करें। साथ ही पिज्जा, बर्गर जैसे फास्ड फूड की बजाय मिलेट्स (मोटे अनाज) से बने व्यंजनों को अपने भोजन का हिस्सा बनाएँ।   recent visitors 43

लॉरेंस बिश्नोई अपराध से दूर रहने वाले लड़कों को बना रहा शार्प शूटर, पूरे देश में करीब 700 शार्प शूटर की तैयार

नई दिल्ली महाराष्ट्र के सीनियर नेता बाबा सिद्दीकी की हत्या में लॉरेंस बिश्नोई गैंग का नाम सामने आ रहा है। अब तक पुलिस ने इसकी पुष्टि नहीं की है तो खंडन भी नहीं किया है। वहीं लॉरेंस बिश्नोई गैंग ने तो इसकी जिम्मेदारी ही ले ली है। इस हत्याकांड को सलमान खान को धमकी से भी जोड़कर देखा जा रहा है। इसके चलते यह कांड हाईप्रोफाइल हो गया है और पुलिस मुंबई से लेकर दिल्ली तक तफ्तीश में जुटी है। इस बीच जानकारी सामने आई है कि लॉरेंस बिश्नोई गैंग के काम करने का अलग ही तरीका है और पूरे देश में करीब 700 शार्प शूटर उसने खड़े कर लिए हैं। लॉरेंस बिश्नोई गैंग की पड़ताल कर रहे कुछ पुलिस सूत्रों का कहना है कि यह गैंगस्टर अलग ही तरीके से काम करता है। वह आमतौर पर ऐसे लड़कों को अपने साथ लाता है, जिनका पिछला कोई क्रिमिनल रिकॉर्ड नहीं होता। इनके जरिए ही वह बड़ी से बड़ी हत्याओं को अंजाम दिलाता है, जिससे पुलिस को कोई शक नहीं होता और ये लोग आसानी से मूवमेंट कर पाते हैं। इन लड़कों में उन्हें शामिल किया जाता है, जो जेल में कुछ समय पहले ही आए हों। इसके बाद उनकी मीटिंग लॉरेंस बिश्नोई के गुर्गों से होती है और उन्हें टारगेट सौंपे जाते हैं। गुजरात की साबरमती जेल में लॉरेंस बिश्नोई खुद बीते साल से ही बंद है। इसके अलावा उसकी गैंग के कई लोग राजस्थान, दिल्ली, पंजाब और हरियाणा की जेलों में कैद हैं। इनके जरिए वह कोई अपराध अंजाम नहीं दे सकता। इसलिए नई पौध खड़ी करता है और उन लोगों को चुनता है, जिनके नाम पर पहले से कोई केस न हों। एनआईए सूत्रों का कहना है कि इसके लिए उन लोगों को भी कई बार चुना जाता है, जो बेरोजगार हों। इन्हें मोटी रकम का लालच मिलता है या फिर विदेश में कहीं सेटल कराने का झांसा दिया जाता है। ऐसा कई लोगों के साथ किया भी गया है और वे कनाडा जैसे देशों में रह रहे हैं। इस साल दो और कांड कर चुका है लॉरेंस बिश्नोई गैंग बाबा सिद्दीकी की हत्या के लिए भी इसी पैटर्न का इस्तेमाल हुआ और नए लोगों को इसके लिए चुना गया। लॉरेंस बिश्नोई गैंग कुख्यात होता जा रहा है और पूरे देश में खौफ का दूसरा नाम बन चुका है। इसी साल की शुरुआत में हरियाणा की पार्टी इनेलो के नेता नफे सिंह राठी की हत्या हुई थी। इसके अलावा गुरुग्राम में बुकी सचिन मुंजाल मारा गया था। इन कत्लों के पीछे भी बिश्नोई गैंग का ही नाम सामने आया था। यही नहीं लॉरेंस बिश्नोई के करीबी गुर्गे रोहित गोदारा ने इसकी जिम्मेदारी भी ली थी, जो फिलहाल कनाडा में बसा हुआ है। recent visitors 113