केंद्र शासित जम्मू-कश्मीर को मिला पहला मुख्यमंत्री, उमर अब्दुल्ला ने ली सीएम पद की शपथ…

श्रीनगर उमर अब्दुल्ला ने जम्मू कश्मीर के मुख्यमंत्री पद की शपथ ग्रहण कर ली है. समारोह में सुरिंदर चौधरी ने डिप्टी सीएम की शपथ ली. उमर अब्दुल्ला ने श्रीनगर स्थित शेर-ए-कश्मीर इंटरनेशनल कॉन्फ्रेंस सेंटर (SKICC) में जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री के रूप में शपथ ली. उपराज्यपाल मनोज सिन्हा पहले उमर अब्दुल्ला को शपथ दिलाई, इसके बाद सुरिंदर चौधरी ने डिप्टी सीएम की शपथ ग्रहण की. बता दें कि जम्मू-कश्मीर में 10 साल बाद विधानसभा चुनाव कराए गए थे। जम्मू-कश्मीर में 90 विधानसभा सीटों पर तीन चरणों में मतदान हुए थे जबकि 8 अक्टूबर को नतीजे आए थे। शपथ लेने से पहले उमर अब्दुल्ला ने अपने दादा स्वर्गीय शेख मोहम्मद अब्दुल्ला की मजार पर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की। उमर अब्दुल्ला के शपथ ग्रहण में कई दिग्गज नेताओं को भी आमंत्रित किया गया है। नेकां-कांग्रेस की सरकार के बहाने आईएनडीआई गठबंधन के शक्ति प्रदर्शन की भी तैयारी है। शपथ ग्रहण में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे, राहुल गांधी, सोनिया गांधी और प्रियंका गांधी, बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी, आम आदमी पार्टी (आप) के प्रमुख अरविंद केजरीवाल, शिवसेना (यूबीटी) के अध्यक्ष और महाराष्ट्र के पूर्व मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे, माकपा नेता प्रकाश करात और भाकपा नेता डी राजा सहित लगभग 50 नेताओं को आमंत्रित किया गया है। राहुल, प्रियंका समेत कई नेता बने समारोह का हिस्सा इंडिया गठबंधन दलों के कई नेता शपथ समारोह में शामिल हुए. लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी, कांग्रेस नेता प्रियंका गांधी वाड्रा, JKNC प्रमुख फारूक अब्दुल्ला, समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव, PDP प्रमुख महबूबा मुफ्ती, AAP नेता संजय सिंह, CPI नेता डी राजा सहित INDIA गठबंधन के अन्य नेता यहां मौजूद हैं. सरकार में शामिल नहीं हुई कांग्रेस कांग्रेस पार्टी सरकार में शामिल नहीं हुई है. कांग्रेस ने उमर सरकार को बाहर से समर्थन देने के फैसला लिया है. उमर अब्दुल्ला के साथ नेशनल की तरफ से सुरिंदर चौधरी,सतीश शर्मा, सकीना इटू ने मंत्री पद की शपथ ली है. सुरिंदर चौधरी डिप्टी सीएम बनाए गए हैं. सुरक्षा के भी बेहद कड़े बंदोबस्त शेर-ए-कश्मीर इंटरनेशनल कन्वेंशन सेंटर (एसकेआईसीसी) में मुख्यमंत्री और उनके मंत्रिपरिषद के सदस्यों के शपथ ग्रहण समारोह हुआ. शपथ ग्रहण समारोह स्थल के आसपास कड़ी सुरक्षा व्यवस्था की गई है. शपथ समारोह से पहले उमर अब्दुल्ला ने नेकां के संस्थापक शेख मुहम्मद अब्दुल्ला के स्मारक पर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की. पठानी सूट और कोट पहने 54 वर्षीय अब्दुल्ला ने पार्टी संस्थापक के स्मारक पर फूल चढ़ाए. उमर अब्‍दुल्‍ला ने CM बनने से पहले जम्‍मू-कश्‍मीर को फिर स्‍पेशल स्‍टेटस दिलाने के लिए संघर्ष करने का किया वादा जम्‍मू-कश्‍मीर के होने वाले नए सीएम आज शपथ लेने को तैयार हैं. यह पहला मौका है जब घाटी में धारा-370 हटने के बाद सरकार बनने जा रही है. 2014 में जब चुनाव हुए थे तब बीजेपी और पीडीपी के गठबंधन की सरकार बनी थी. तब जम्‍मू-कश्‍मीर के पास स्‍पेशल स्‍टेटस था. अब यह राज्‍य एक केंद्र शासित प्रदेश है. एक दिन पहले उमर अब्‍दुल्‍ला ने कहा था कि वो जम्‍मू-कश्‍मीर को फिर स्‍पेशल स्‍टेटस दिलाने के लिए संघर्ष करेंगे. सतीश शर्मा और सुरिंदर चौधरी जम्‍मू-कश्‍मीर में बनने जा रहे उमर अब्‍दुल्‍ला सरकार में मंत्री जम्मू से सतीश शर्मा और सुरिंदर चौधरी बनेंगे मंत्री. सुरिंदर चौधरी ने नौशहरा से रवींद्र रैना को हराया था. सतीश शर्मा ने कांग्रेस से टिकट न मिलने पर निर्दलीय उम्मीदवार बन लड़े थे चुनाव. बाद में ज्वाइन की NC. सतीश शर्मा कांग्रेस के पूर्व सांसद मदन लाल शर्मा के बेटे हैं. मैं मंत्रीपद में 9 सीट खाली रखूंगा… कांग्रेस के गठबंधन में शामिल नहीं होने पर बोले उमर अब्‍दुल्‍ला  उमर अब्दुल्ला ने बुधवार को कहा कि कांग्रेस मंत्रिमंडल से बाहर नहीं है. यह उन्हें तय करना है, और हम उनके साथ चर्चा कर रहे हैं. मैं मंत्रिपरिषद में सभी 9 रिक्तियों को नहीं भरूंगा. कुछ रिक्तियों को खुला रखा जाएगा क्योंकि हम कांग्रेस के साथ बातचीत कर रहे हैं. एनसी और कांग्रेस के बीच सब कुछ ठीक है, अन्यथा खरगे जी, राहुल जी और वरिष्ठ कांग्रेस नेता यहां नहीं आते. उनकी उपस्थिति इस बात का संकेत है कि गठबंधन मजबूत है, और हम लोगों जम्‍मू-कश्‍मीर के लिए काम करेंगे.   recent visitors 186

उत्तर प्रदेश में बीजेपी के नए दस्यों की संख्या पहुंची दो करोड़, मुख्यमंत्री योगी ने किया स्वागत

लखनऊ  उत्तर प्रदेश में भारतीय जनता पार्टी से दो करोड़ नए सदस्य जुड़ गए हैं। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इन सदस्यों का भाजपा परिवार में स्वागत किया। मुख्यमंत्री ने अपने सोशल मीडिया अकाउंट 'एक्स' पर लिखकर इस उपलब्धि पर कार्यकर्ताओं के सामूहिक प्रयास की सराहना की।उत्तर प्रदेश में भारतीय जनता पार्टी से दो करोड़ नए सदस्य जुड़ गए हैं. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इन सदस्यों का भाजपा परिवार में स्वागत किया. मुख्यमंत्री ने अपने सोशल मीडिया अकाउंट 'एक्स' पर लिखा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन, राष्ट्रीय अध्यक्ष जगत प्रकाश नड्डा के निर्देशन और कार्यकर्ताओं के सामूहिक प्रयास से भाजपा उत्तर प्रदेश परिवार के सदस्य के रूप में राष्ट्रीय विचारों, लोकतांत्रिक मूल्यों और जनसेवा के संस्कारों से जुड़ने का सौभाग्य प्राप्त करने वाले दो करोड़ नए सदस्यों का हार्दिक स्वागत एवं अभिनंदन है. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने लिखा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के यशस्वी मार्गदर्शन, राष्ट्रीय अध्यक्ष जगत प्रकाश नड्डा के कुशल निर्देशन और देवतुल्य कार्यकर्ताओं के सामूहिक प्रयास से भाजपा उत्तर प्रदेश परिवार के सदस्य के रूप में राष्ट्रीय विचारों, लोकतांत्रिक मूल्यों और जनसेवा के संस्कारों से जुड़ने का सौभाग्य प्राप्त करने वाले 2 करोड़ नए सदस्यों का हार्दिक स्वागत एवं अभिनंदन है! राष्ट्र प्रथम की भावना से ओतप्रोत है भाजपा का प्रत्येक सदस्य मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने लिखा कि पूर्ण विश्वास है कि नेशन फर्स्ट की भावना से ओतप्रोत उत्तर प्रदेश भाजपा परिवार का प्रत्येक सदस्य 'विकसित उत्तर प्रदेश-विकसित भारत' के संकल्प की पूर्णता में पूरी ऊर्जा और प्रतिबद्धता के साथ सहयोगी सिद्ध होगा। recent visitors 148

शपथ से पहले कश्मीर में पलट गई बाजी ! सरकार के साथ नहीं कांग्रेस

श्रीनगर  विधानसभा चुनाव में नेशनल कॉन्फ्रेंस की जीत के बाद उमर अब्दुल्ला के केंद्र शासित प्रदेश जम्मू-कश्मीर के पहले मुख्यमंत्री के रूप में शपथ लेने की तैयारियां पूरी हो गई हैं। अधिकारियों ने बताया कि बुधवार को शेर-ए-कश्मीर इंटरनेशनल कन्वेंशन सेंटर में मुख्यमंत्री और उनके मंत्रिपरिषद के सदस्यों के शपथ ग्रहण समारोह की तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री और उनके मंत्रियों को उपराज्यपाल मनोज सिन्हा सुबह 11:30 बजे पद और गोपनीयता की शपथ दिलाएंगे। शपथ समारोह में शामिल होने के लिए I.N.D.I.A. गठबंधन को निमंत्रण भेजा गया है। लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी, कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे और पार्टी महासचिव प्रियंका गांधी श्रीनगर में मुख्यमंत्री पद के लिए नामित उमर अब्दुल्ला के शपथ ग्रहण समारोह में शामिल होंगे। इधर शपथ ग्रहण समारोह से पहले जम्मू-कश्मीर के मनोनीत मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने श्रीनगर में शेर-ए-कश्मीर शेख मोहम्मद अब्दुल्ला की मजार-ए-अनवर पर पुष्पांजलि अर्पित की। जिसमें 10 कैबिनेट मंत्रियों के शपथ लेने की संभावना है. इस आयोजन में कांग्रेस सहित INDIA ब्लॉक के कई दिग्गज शामिल होने वाले हैं. लेकिन आयोजन से पहले ही इस समारोह के रंग में भंग पड़ता दिखाई दे रहा है. दरअसल, पहले कहा जा रहा था कि जम्मू-कश्मीर कांग्रेस के चीफ तारिक हमीद कर्रा भी इस कैबिनेट में शामिल होकर मंत्री पद की शपथ लेंगे, लेकिन अब कांग्रेस ने साफ कर दिया है कि आज उनकी पार्टी का कोई भी विधायक मंत्री पद की शपथ नहीं लेगा और पार्टी बाहर से समर्थन करने पर भी विचार कर रही है. जम्मू-कश्मीर के कांग्रेस प्रभारी भरत सिंह सोलंकी का कहना है कि फिलहाल नेशनल कांफ्रेंस और कांग्रेस के बीच बातचीत चल रही है. चर्चा पूरी होने के बाद ही कोई फैसला लिया जाएगा. बात पूरी न हो पाने के कारण आज कोई भी कांग्रेस विधायक शपथ नहीं लेगा. इस बात को लेकर भी चर्चा चल रही है कि कांग्रेस सरकार का हिस्सा रहेगी या फिर उसे बाहर से समर्थन करेगी. कांग्रेस के इस बयान से सियासी गलियारों में हलचल शुरू हो गई है. बता दें कि जम्मू-कश्मीर में नेशनल कांफ्रेंस और कांग्रेस ने मिलकर चुनाव लड़ा था और माना जा रहा था कि कांग्रेस भी इस सरकार का हिस्सा रहेगी. लेकिन आज शपथ ग्रहण से पहले कांग्रेस के ऐलान ने सभी को चौंका दिया है, क्योंकि कांग्रेस विधायक के शपथ न लेने का सीधा मतलब है कि फिलहाल कैबिनेट शेयरिंग को लेकर बात फाइनल नहीं हो सकी है और कांग्रेस के पास बाहर से समर्थन देने का विकल्प भी है ताकि किसी तरह का दबाव भी न रहे. NC-कांग्रेस गठबंधन को 48 सीटें बता दें कि जम्मू-कश्मीर में 10 साल बाद हुए विधानसभा चुनाव में नेशनल कॉन्फ्रेंस और कांग्रेस गठबंधन ने जीत हासिल की. 90 सीटों में से नेशनल कॉन्फ्रेंस ने 42 और कांग्रेस ने 6 विधानसभा सीटों पर जीत दर्ज की है. वहीं, बीजेपी 29 विधानसभा सीटों पर जीत हासिल करने में सफल रही. महबूबा मुफ्ती की पार्टी पीडीपी इस चुनाव में अच्छा प्रदर्शन नहीं कर सकी. ये है जम्मू-कश्मीर का नंबर गेम जम्मू कश्मीर विधानसभा की 90 सीटों के लिए चुनाव हुए थे और उपराज्यपाल की ओर से पांच विधायकों के मनोनयन को भी जोड़ लें तो सदन की स्ट्रेंथ 95 पहुंचती है. 10 फीसदी वाली कैप भी है, ऐसे में मंत्रिमंडल में सदस्यों की कुल संख्या 9.5 यानि अधिकतम 10 ही हो सकती है. नेशनल कॉन्फ्रेंस के 42 विधायक चुनाव जीतकर विधानसभा पहुंचे हैं और चुनाव पूर्व गठबंधन में शामिल रही कांग्रेस के छह, सीपीएम के एक विधायक हैं. चुनाव पूर्व गठबंधन से ही 49 विधायक हैं और अब पांच निर्दलीय विधायकों ने भी उमर सरकार के समर्थन का ऐलान कर दिया है. आम आदमी पार्टी भी गिव एंड टेक के फॉर्मूले पर समर्थन ऑफर कर चुकी है. recent visitors 76

Salary Hike Prediction: अगले साल 9.5% बढ़ सकती है आपकी सैलरी!

नईदिल्ली  एक रिपोर्ट में दावा किया गया कि देश की कॉरपोरेट कंपनियों में काम कर रहे लोगों के वेतन में 2025 में 9.5 प्रतिशत तक का इजाफा हो सकता है। यह अनुमान 2024 की वास्तविक वेतन वृद्धि के समान ही हैं। डब्ल्यूटीडब्ल्यू की नवीनतम वेतन बजट योजना रिपोर्ट के अनुसार, भारत में औसत वेतन वृद्धि 2025 में 9.5 प्रतिशत बढ़ने का अनुमान है, वर्ष 2024 की वास्तविक वेतन वृद्धि भी 9.5 प्रतिशत ही रही है। भारत में यह वेतन वृद्धि पूरे क्षेत्र में सबसे अधिक है। वियतनाम (7.6 प्रतिशत), इंडोनेशिया (6.5 प्रतिशत), फिलीपींस (5.6 प्रतिशत), चीन (5 प्रतिशत) और थाईलैंड (5 प्रतिशत) जैसे बाजारों में भी अगले साल मजबूत वेतन वृद्धि दिख सकती है। वेतन बजट योजना से जुड़ी रिपोर्ट डब्ल्यूटीडब्ल्यू के रिवार्ड्स डेटा इंटेलिजेंस प्रैक्टिस द्वारा संकलित की जाती है। यह सर्वेक्षण अप्रैल और जून 2024 में आयोजित किया गया था। इस दौरान दुनिया भर के 168 देशों की कंपनियों से लगभग 32,000 प्रतिक्रियाएं ली गईं थी। सर्वेक्षण में भारत से 709 प्रतिभागी शामिल किए गए थे। WTW इंडिया के कंसल्टिंग लीडर, वर्क एंड रिवॉर्ड्स, राजुल माथुर के अनुसार भारत में कंपनियाँ विकास के बारे में आशावादी हैं। वे आशावाद को सावधानी के साथ संतुलित भी कर रहे हैं। इस्तीफे का दौर पीछे छूट गया है। नियोक्ता और कर्मचारी दोनों अब स्थिरता चाहते हैं और बाजार की भावना भी स्थिर बनी हुई है। 2025 में, फार्मास्यूटिकल्स (10 प्रतिशत), मैन्युफैक्चरिंग (9.9 प्रतिशत), बीमा (9.7 प्रतिशत), कैप्टिव और एसएसओ सेक्टर (9.7 प्रतिशत) और रिटेल (9.6 प्रतिशत) जैसे उद्योगों में वेतन वृद्धि सामान्य उद्योगों के वेतन औसत से अधिक रहने की संभावना है। सॉफ्टवेयर और बिजनेस सर्विसेज के क्षेत्र में 9 प्रतिशत तक की वेतन वृद्धि हो सकती है। इस क्षेत्र में वेतन वृद्धि औसत 9.5 प्रतिशत से नीचे रहने का अनुमान है। इस सर्वे के मुताबिक देश में अगले साल यानी 2025 में लोगों को पहले से ज्यादा सैलरी मिलेगी, रिपोर्ट में कहा गया है कि 2025 में लोगों की औसतन सैलरी साढ़े 9 फीसदी तक बढ़ सकती है, जबकि 2024 में ये बढ़ोतरी 9.3 फीसदी रहने का अनुमान है. सबसे ज्यादा इन सेक्टर्स में बढ़ेगी सैलरी ऐसा अलग-अलग सेक्टर्स में पॉजिटिव कारोबारी माहौल की वजह से होने का अनुमान है. अगर अलग-अलग सेक्टर्स की बात करें तो इंजीनियरिंग, मैन्युफैक्चरिंग और रिटेल सेक्टर्स में 10 फीसदी की वेतन बढ़ोतरी का अनुमान है. जबकि फाइनेंशियल इंस्टीट्यूशंस और ग्लोबल कैपेसिटी सेंटर्स में सैलरी इंक्रीमेंट 9.9 फीसदी हो सकता है.   वहीं टेक्निकल प्रॉडक्शन के कर्मचारियों को 9.3 फीसदी वेतन बढ़ोतरी मिलने की उम्मीद है, और सर्विस सेक्टर में सैलरी इंक्रीमेंट 8.1 परसेंट हो सकता है. एऑन के मुताबिक वैश्विक आर्थिक चुनौतियों के बावजूद भारत में कई सेक्टर्स में पॉजिटिव माहौल बना हुआ है. ये मैन्युफैक्चरिंग, बायोसाइंस और रिटेल सेक्टर्स में अनुमानित वेतन बढ़ोतरी से साफ नजर भी आ रहा है. ऐसे कर्मचारियों को मिल रही है तगड़ी सैलरी इसके अलावा भारत की तेजी से बढ़ती अर्थव्यवस्था कई क्षेत्रों में कारोबार को बढ़ा रही है. इसके लिए कंपनियों को अच्छे कर्मचारी चाहिए तो वो ज्यादा वेतन दे रही हैं, और महंगाई में हो रही बढ़ोतरी भी कर्मचारियों के ज्यादा वेतन की वजह बन रही है. सर्वे में ये भी बताया गया है कि नौकरी बाजार में प्रतिस्पर्धा के चलते कंपनियों को बदलते बाजार के आंकड़ों का ध्यान में रखकर रणनीति बनानी चाहिए. इस साल औसतन 16.9 फीसदी कर्मचारियों ने नौकरी छोड़ी, जबकि 2023 में ये अनुपात 18.7 फीसदी और 2022 में 21.4 फीसदी था. एऑन के मुताबिक नौकरी छोड़ने की दर में कमी कंपनियों को अंदरुनी विकास और उत्पादकता को बढ़ाने पर ध्यान केंद्रित करने का मौका देती है. एऑन का ये सर्वे 40 उद्योगों की 1176 से ज्यादा कंपनियों के आंकड़ों पर आधारित है. recent visitors 83

न्यूजीलैंड के खिलाफ भारत की तीन मैचों के टेस्ट सीरीज का आज से होगा आगाज, पहला टेस्ट मैच 16 से 20 अक्टूबर तक खेला जाएगा

बेंगलूर रोहित शर्मा की अगुवाई वाली भारतीय टीम टेस्ट सीरीज में बांग्लादेश का सूपड़ा साफ करने के बाद अब न्यूजीलैंड की चुनौती से निपटने के लिए तैयार है। इंडिया वर्सेस न्यूजीलैंड तीन मैचों की टेस्ट सीरीज का बुधवार से आगाज होने जा रहा है। यह सीरीज आईसीसी वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप (डब्ल्यूटीसी) 2023-25 का हिस्सा है। रोहित ब्रिगेड डब्ल्यूटीसी पॉटइंट्स टेबल में फिलहाल शीर्ष पर है। भारत आगामी सीरीज में कीवियों को रौंदकर अपनी स्थिति को और मजबूत करने की फिराक में होगा। चलिए, आपको बताते हैं कि भारत और न्यूजीलैंड सीरीज में धूम-धड़ाके का लुत्फ कब-कहां और कैसे उठा सकते हैं? टेस्ट सीरीज का शेड्यूल इंडिया वर्सेस न्यूजीलैंड टेस्ट सीरीज का पहला मैच 16 से 20 अक्टूबर तक खेला जाएगा। यह मुकाबला बेंगलुरु के एम चिन्नास्वामी स्टेडियम में होगा। दूसरे टेस्ट का आयोजन 24 से 28 अक्टूबर तक पुणे के महाराष्ट्र क्रिकेट एसोसिएशन स्टेडियम में होगा। तीसरा मुकाबला मुंबई के वानखेड़े स्टेडियम में होना है। आखिरी टेस्ट 1 से 5 नवंबर तक खेला जाएगा। लाइव स्ट्रीमिंग कहां देखें? आप भारत-न्यूजीलैंड टेस्ट मैचों का लाइव प्रसारण स्पोर्ट्स18 नेटवर्क के चैनलों पर देख सकते हैं। वहीं, जियो सिनेमा ऐप और वेबसाइट पर लाइव स्ट्रीमिंग का लुत्फ सकते हैं। मुकाबले से जुड़ी खबरों के लिए आप लाइव हिंदुस्तान के क्रिकेट पेज पर विजिट कर सकते हैं। मुकाबला भारतीय समयानुसार सुबह 9:30 बजे शुरू होगा। टॉस के लिए दोनों कप्तान आधे घंटे पहले मैदान पर उतरेंगे। ऐसा है दोनों का स्क्वॉड भारतीय स्क्वॉड: रोहित शर्मा (कप्तान), शुभमन गिल, विराट कोहली, केएल राहुल, सरफराज खान, ऋषभ पंत, ध्रुव जुरेल, अक्षर पटेल, कुलदीप यादव, मोहम्मद सिराज, आकाश दीप, जसप्रीत बुमराह, यशस्वी जायसवाल, रविचंद्रन अश्विन, रविंद्र जडेजा। न्यूजीलैंड स्क्वॉड : टॉम लाथम (कप्तान), डेवोन कॉनवे, मार्क चैपमैन, विल यंग, डेरिल मिचेल, ग्लेन फिलिप्स, मिचेल ब्रासवेल, मिचेल सेंटनेर, रचिन रविंद्र, टॉम ब्लंडेल, ऐजाज पटेल, जैकब डफी , मैट हेनरी, टिम साउदी, विलियम ओ राउरकी, केन विलियमसन। केन बेंगलुरु टेस्ट से बाहर न्यूजीलैंड के दिग्गज बल्लेबाज केन विलमयमसन बेंगलुरु टेस्ट में नहीं खेलेंगे। विलियमसन को चोट के कारण बाहर होना पड़ा है। न्यूजीलैंड टीम को सीरीज शुरू होने से पहले एक और झटका लगा है। दरअसल, तेज गेंदबाज बेन सीयर्स घुटने की चोट के कारण पूरी सीरीज से ही बाहर हो गए हैं। न्यूजीलैंड ने उनकी जगह जैकब डफी को टीम में शामिल किया गया है। डफी ने अभी तक एक भी टेस्ट नहीं खेला है। recent visitors 73

खेत में ऊंचे लगेंगे सोलर पैनल, नीचे होगी सब्जी और फूलों की खेती, कृषि विश्वविद्यालय परिसर में नवाचार

 ग्वालियर  सोलर पैनल के जरिए सौर ऊर्जा उत्पादन के साथ फूल और सब्जी की खेती का प्रदेश में पहली बार राजमाता विजयाराजे सिंधिया कृषि विश्वविद्यालय परिसर में नवाचार किया जाएगा। सौर ऊर्जा के इस माडल से बनने वाली बिजली का व्यवसायिक उपयोग किया जाएगा। आमतौर पर कम हाइट के सोलर पैनल लगाए जाते हैं, लेकिन यहां आठ फीट के सोलर पैनल लगाए जाएंगे। इस माडल के निर्माण पर 180.62 लाख रुपये की धनराशि खर्च की जाएगी। प्रोजेक्ट के प्रारूप की जानकारी देते हुए डा. वायपी सिंह निदेशक विस्तार सेवा ने बताया कि राष्ट्रीय कृषि विकास योजना के तहत इस माडल को लगाया जाएगा। इससे बिजली और फसल दोनों का उत्पादन संभव हो सकेगा। इसीलिए इस प्रोजेक्ट को गहन सब्जी खेती के लिए सौर ऊर्जा माडल नाम दिया गया है। सोलर प्लेट लगे होने के बावजूद भिंडी, टमाटर, गोभी, मिर्च, लौकी के साथ फूलों की खेती की जा सकेगी। वर्षा के पानी को हार्वेस्टिंग से तालाब में ले जाया जाएगा डा. सिंह ने बताया कि सोलर पैनल पर गिरने वाले वर्षा के पानी को तालाब में ले जाया जाएगा। इस पानी का री-यूज भी किया जाएगा। बिजली उत्पादन कर बिजली कंपनी को देंगे। सोलर पैनल के अलग-अलग सिस्टम लगाए जाएंगे। इस माडल को टेस्ट भी किया जाएगा, जो माडल अच्छा होगा उसे किसानों को दिखाया जाएगा। इसके साथ ही किसानों को बताया जाएगा कि इस तरह सब्जी व फूलों की खेती करें। इसके साथ ही खुले में होने वाली खेती और सोलर पैनल में नीचे होने वाली खेती पर जलवायु के प्रभाव का अध्ययन भी किया जाएगा।     विश्वविद्यालय पहला संस्थान होगा जहां सौर ऊर्जा माडल का उपयोग बतौर नवाचार के रूप में किया जाएगा। इस योजना के तहत सोलर पैनल के नीचे सब्जी और फूलों की खेती की जाएगी। साथ ही जलवायु परिवर्तन की स्टडी भी हम करेंगे। डा.अरविंद शुक्ला, कुलपति, राजमाता विजयाराजे सिंधिया कृषि विश्वविद्यालय किसानों ने सीखी पौध उत्पादन की बारिकियां मेला रोड स्थित शासकीय पौधशाला में शुरू हुए चार दिवसीय जिला स्तरीय किसान मेले में  भितरवार विकासखंड के किसान पहुंचे। संयुक्त संचालक उद्यान बृजेन्द्र भदौरिया ने कहा कि किसान संरक्षित बागवानी, नर्सरी उत्पादन के साथ अन्य तरीकों से भी अपनी आमदनी में बढ़ोतरी कर सकते हैं। सहायक संचालक उद्यान महेश प्रताप सिंह बुंदेला ने किसानों को विभिन्न प्रकार की खेती के लिए बनाए जाने वाले ढांचों के बारे में बताया। recent visitors 77

एयर प्यूरीफायर कंपनियों पर कसेगी नकेल, केंद्र सरकार Air Purifiers की क्‍वालिटी को लेकर गंभीर

नई दिल्ली बदलते मौसम, पराली के चलते दिल्‍ली-एनसीआर की आबोहवा दिवाली से पहले ही खराब होना शुरू हो गई है. कुछ जगहों पर तो प्रदूषण का स्‍तर डेंजर जोन की ओर बढ़ गया है. ऐसे में आने वाले दिनों में AQI का स्‍तर और भी खराब होने की संभावना है. ऐसे में बाजार में Air Purifiers की मांग भी तेजी से बढ़ने लगी है. ऐसे में सरकार भी एयर प्यूरीफायर की क्‍वालिटी को लेकर काफी गंभीर हो गई है. फिल्‍टर घटिया पाया गया तो लिया जाएगा एक्‍शन ग्राहक की चिंता, एयर प्यूरीफायर की क्वालिटी, सर्विस और दावे को लेकर सरकार अब सख्‍त कदम उठाने की तैयारी में है. इसके तहत एयर प्यूरीफायर की क्वालिटी को जांचने के लिए सर्विलांस बढ़ाया जाएगा. फैक्ट्री, आउटलेट से रैंडम सैंपलिंग ली जाएगी. एयर फिल्टर के लिए QCO है, ऐसे में अगर फिल्‍टर घटिया पाया गया तो BIS एक्ट के तहत कार्रवाई की जाएगी. सरकार ने ग्राहकों से भी अपील की है कि वे बिना ISI मार्क वाला एयर प्यूरीफायर न खरीदें. साथ ही सर्विस सेंटर की जानकारी भी आसानी से उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं. अभी से खतरनाक स्‍तर पर पहुंच रहा है प्रदूषण बता दें कि दिल्‍ली-एनसीआर में प्रदूषण एक बहुत बड़ा मुद्दा है. हर साल दिवाली के बाद यहां प्रदूषण इतना बढ़ जाता है कि लोगों का सांस लेना भी मुश्किल हो जाता है. अभी दिवाली आई भी नहीं और तमाम जगहों पर एक्‍यूआई खतरनाक स्‍तर पर पहुंचने लगा है. नोएडा, ग्रेटर नोएडा और गाजियाबाद में प्रदूषण का हाल अभी से काफी खराब है. नोएडा का वायु गुणवत्ता सूचकांक सोमवार को सुबह 10 बजे 259, ग्रेटर नोएडा का AQI (Air Quality Index) 270 और गाजियाबाद में 265 दर्ज किया गया है.  नोएडा के सेक्टर 116 में वायु सूचकांक 306 मापा गया है, जो खतरनाक जोन में पहुंच गया है. इसी तरह ग्रेटर नोएडा के नॉलेज पार्क 5 में वायु सूचकांक 310 पर पहुंचा हुआ है. वहीं गाजियाबाद के लोनी इलाके में स्थिति और भी गंभीर हो चुकी है. यहां पर वायु सूचकांक 335 पर पहुंच गया है. हालातों को देखते हुए दिल्ली सरकार ने भी सोमवार को आदेश जारी करते हुए 1 जनवरी तक पटाखे के उत्पादन, भंडारण और बिक्री पर रोक लगा दी है. क्‍या होता है AQI हवा की क्वालिटी मापने के लिए एयर क्वालिटी इंडेक्स (Air Quality Index-AQI) का इस्तेमाल किया जाता है. AQI एक ईकाई है, जिसके आधार पर ये पता चलता है कि उस जगह की हवा सांस लेने लायक है या नहीं.  AQI में 8 प्रदूषक तत्वों सल्फर PM10, PM2.5, NO2, SO2, CO, O3, NH3 और PB को देखा जाता है कि उनकी मात्रा कितनी है. अगर उनकी तय लिमिट से ज्यादा मात्रा होती है, तो समझ जाता है कि वहां की हवा प्रदूषित है. AQI के छह मानक एयर क्वालिटी इंडेक्स (एक्यूआई) के छह मानक  होते हैं, जो ये बताते हैं कि शहर की हवा सांस लेने योग्‍य है या नहीं. ये छह मानक हैं- अच्छी, संतोषजनक,सामान्‍य, खराब, बहुत खराब और गंभीर जैसी कैटेगरी शामिल हैं. 0-50 के बीच 'अच्‍छी', 51-100 के बीच 'संतोषजनक', 101 से 200 के बीच 'सामान्य', 201 से 300 के बीच 'खराब', 301 से 400 के बीच 'बहुत खराब' और 401 से 500 के बीच 'गंभीर' माना जाता है. भ्रामक दावों के साथ कंपनियां करती हैं विज्ञापन मसलन, कंपनियां अक्सर भ्रामक विज्ञापनों के जरिए अपने प्रोडक्ट्स का प्रचार करती हैं, जबकि प्रोडक्ट्स में क्वालिटी नहीं पाई जाती. इस मामले पर केंद्रीय मंत्री प्रह्लाद जोशी ने वर्ल्ड स्टैंडर्ड्स डे इवेंट में बात भी की थी और मिसलीडिंग विज्ञापनों पर चिंता जाहिर की थी. उन्होंने कहा था, "एयर प्यूरीफायर बनाने वाली कंपनियां गलत दावे करती हैं और हम देखते हैं कि कितना कुछ लिखा होता है, लेकिन उसमें कुछ नहीं होता. उसमें मात्र एक फैन लगा होता है, फिर भी दावे किए जाते हैं. प्रदूषण बढ़ने के बीच सर्विलांस अहम प्रह्लाद जोशी ने इस मुद्दे का समाधान निकालने के लिए BIS, उपभोक्ता मामलों के मंत्रालय और उपभोक्ताओं के बीच सहयोग की शुरुआत करने की बात कही थी. इस पहल का समय अहम है क्योंकि भारतीय शहरों में बढ़ते प्रदूषण स्तर ने एयर प्यूरीफायर की डिमांड बढ़ाई है और ऐसे में कंपनियां अक्सर भ्रामक दावों के साथ अपने प्रोडक्ट्स के विज्ञापन करती हैं. भ्रामक विज्ञापनों पर रोक लगाना मकसद इस कदम से यह उम्मीद की जा रही है कि उपभोक्ताओं को अच्छी क्वालिटी के एयर प्यूरीफायर मिल सकें और यह सुनिश्चित करने की कोशिश होगी कि कंपनियां भ्रामक दावों के साथ अपने प्रोडक्ट्स का विज्ञापन करने पर रोक लगाएं. एक्सपर्ट्स भी मानते हैं कि इस तरह की जांच से क्वालिटी कंट्रोल को बेहतर किया जा सकता है और कंपनियों के गलत दावे करने पर लगाम लगाई जा सकती है.   recent visitors 76