सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि मंत्री द्वारा मांगी गई माफ़ी स्वीकार करने के लिए तैयार नहीं, कानून अपना काम करेगा

भोपाल कर्नल सोफिया कुरैशी पर आपत्तिजनक टिप्पणी करने वाले मध्य प्रदेश के मंत्री विजय शाह के मामले में सुप्रीम कोर्ट ने एसआईटी का गठन कर दिया है। इसमें मध्य प्रदेश के बाहर से एक महिला अधिकारी सहित तीन वरिष्ठ आईपीएस अधिकारी शामिल होंगे। सोमवार को सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने विजय शाह को फटकार भी लगाई और उनकी माफी स्वीकार करने से भी इनकार कर दिया। सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि वह मंत्री द्वारा मांगी गई माफ़ी स्वीकार करने के लिए तैयार नहीं है। कोर्ट ने कहा, आप एक पब्लिक फिगर हैं। एक अनुभवी राजनीतिज्ञ हैं। आपको बोलते समय अपने शब्दों पर विचार करना चाहिए। हमें आपका वीडियो यहां दिखाना चाहिए। यह सशस्त्र बलों के लिए एक महत्वपूर्ण मुद्दा है। हमें बहुत ज़िम्मेदार होने की जरूरत है। सुनवाई के दौरान मंत्री विजय शाह के वकील मनिंदर सिंह ने कहा कि अपने बयान के लिए वे माफी मांग चुके हैं। इस पर अदालत ने कहा कि माफी स्वीकार नहीं है। एक मंत्री का आचरण आदर्श वाला होना चाहिए। कोर्ट ने यह भी कहा कि माफी स्वीकार हो गई, तो आप बाह जाकर कहेंगे कि हमने अदालत के कहने पर माफी मांगी। आपके बयान से देश में गुस्सा है। भावना अच्छी होती तो माफी में अगर-मगर नहीं लगाते। कोर्ट ने तीन आईपीएस अधिकारियों की एसआईटी का गठन किया है, जो पूरे मामले की जांच करेगी। कोर्ट ने अपने आदेश में डीजीपी को एसआईटी का गठन करने का आदेश दिया। एसआईटी का नेतृत्व आईजी रैंक के अधिकारी करेंगे और इसमें एक महिला भी शामिल होगी। विजय शाह को जांच में सहयोग करने का निर्देश दिया गया है। हालांकि उनकी गिरफ्तारी नहीं होगी। सुप्रीम कोर्ट के फैसले पर टिकी भाजपा की निगाहें विजय शाह द्वारा दिए गए बयान के बाद कांग्रेस लगातार उन्हें मंत्री पद से हटाने का दबाव बना रही है। उधर इस मामले में भाजपा की निगाहें सुप्रीम कोर्ट के फैसले पर थी। इससे पहले मामले में मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने स्वत: संज्ञान लेते हुए मंत्री विजय शाह के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने के आदेश दिए थे। कोर्ट के आदेश के बाद मानपुर पुलिस ने मंत्री के खिलाफ केस दर्ज किया था। इधर हाईकोर्ट द्वारा दिए गए एफआईआर के आदेश पर रोक लगाने के लिए विजय शाह ने सुप्रीम कोर्ट में अपील की थी, लेकिन वहां से भी उन्हें फटकार मिली। पाकिस्तान ने बना लिया दुष्प्रचार का टूल मंत्री विजय शाह द्वारा कर्नल सोफिया को लेकर दिए गए बयान को पाकिस्तानी मीडिया ने दुष्प्रचार का टूल बना लिया है। वहां के मीडिया चैनल इस बयान के जरिए भारत को मुस्लिम विरोधी बता रहे हैं। बार एंड बेंच के के मुताबिक सुप्रीम कोर्ट ने कहा आपने किस तरह की माफ़ी मांगी है? हमें दिखाइए। माफी का एक मतलब होता है। कभी-कभी नम्र और बनावटी माफी भी होती है, कभी कभी घड़ियालू आंसू भी होते हैं। आपका कौनसा मामला है? वहीं वकील मनिंदर सिंह ने कहा कि माफी मांगी गई थी और इसे अदालत के सामने भी मांगी जा सकती है। इस पर सुप्रीम कोर्ट ने कहा, हमें माफी की ज़रूरत नहीं है, यह अवमानना ​​नहीं है। हम इसे कानून के अनुसार संभाल सकते हैं। सिर्फ इसलिए कि आप अदालत में आ रहे हैं, आप माफी मांग रहे हैं। आप एक सार्वजनिक व्यक्ति और एक अनुभवी राजनीतिज्ञ हैं और आपको अपने शब्दों पर विचार करना चाहिए। recent visitors 33

बेंगलुरु में भारी बारिश से जलभराव और बाढ़ जैसे हालात

बेंगलुरु बेंगलुरु भारी बारिश से निचले इलाके जलमग्न हो गए है. तेज बारिश की वजह से सडकें दरिया बन गई है. जनजीवन प्रभावित हुआ. मूसलाधार बारिश के चलते शहर के निचले इलाकों में जलभराव की स्थिति पैदा हो गई है. हजारों लोग बाढ़ जैसी स्थिति से प्रभावित हुए हैं. कई स्थानों पर नाव चलाने की नौबत भी आ गई है. भारी जल निकासी की व्यवस्था के बावजूद, लगातार बारिश के कारण जलस्तर कम नहीं हो पा रहा है. बारिश का यह सिलसिला पिछले 48 घंटों में पूरे शहर की स्थिति को अस्त-व्यस्त कर चुका है. बेंगलुरु के कई मशहूर इलाकों में कई जगहों पर सड़कों पर पानी भर गया है. इस जलभराव ने आम नागरिकों की दिनचर्या पर बेहद नकारात्मक असर डाला है. राहत और बचाव कार्य जोरों से चल रहे हैं. पंपों से जल निकासी की जा रही है. बेंगलुरु में रविवार को हुई भारी बारिश ने शहर के कई इलाकों को बुरी तरह से प्रभावित किया। खासकर होरमावु इलाके में घरों में पानी घुस गया, जिससे लोगों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा। होरमावु में बुरा हाल भारी बारिश के बाद ग्राउंड फ्लोर के घरों में पानी भर गया। फर्नीचर, इलेक्ट्रॉनिक उपकरण और घर का सामान बर्बाद हो गया। लोग घुटनों तक पानी में चलकर घर से निकलने को मजबूर हुए। इलाके की सड़कों पर पानी भरने से ट्रैफिक ठप हो गया और वाहन डूबते दिखे। शहर की जल निकासी व्यवस्था फेल अचानक आई तेज बारिश से जल निकासी व्यवस्था पूरी तरह नाकाम हो गई। कई सड़कें नालों में बदल गईं, जिससे आम लोगों की दैनिक जिंदगी प्रभावित हो गई। पब्लिक ट्रांसपोर्ट की रफ्तार भी धीमी हो गई और यात्री फंसे रहे। मौसम विभाग का अलर्ट भारतीय मौसम विभाग (IMD) ने दक्षिण कर्नाटक, असम, मेघालय और तमिलनाडु सहित कई राज्यों में भारी बारिश की चेतावनी दी है। दोपहर 3 बजे से रात 1 बजे के बीच बेंगलुरु और आसपास के इलाकों में तेज तूफान और बारिश की संभावना जताई गई है। बेंगलुरु में लगातार हो रही बारिश शहर में लगातार एक सप्ताह से बारिश हो रही है। शुक्रवार की रात भी तेज बारिश हुई, जो कई घंटों तक जारी रही थी।   recent visitors 48

अब आतंकी सैफुल्लाह का शव पाक झंडे में लिपटा, पहलगाम कनेक्शन आया सामने

इस्लामाबाद  पाकिस्तान के सिंध प्रांत में लश्कर-ए-तैयबा (LeT) के एक टॉप आतंकी सैफुल्लाह खालिद की मौत हो गई है. रविवार को सैफुल्लाह, जिसे विनोद कुमार, मोहम्मद सलीम, खालिद, वानियाल, वाजिद और सलीम भाई के नाम से भी जाना जाता था, को सिंध के बदिन जिले के मटली तालुका में मार गिराया गया. लेकिन अब उसके जनाजे में ठीक वैसा ही नजारा दिखा है, जिसकी पाकिस्तान से उम्मीद थी. आतंकी सैफुल्लाह के शव को पाकिस्तानी झंडे से ढका गया. इससे पहले ऑपरेशन सिंदूर में जब भारत ने पाकिस्तान में आतंकियों को मारा था तब भी पाकिस्तान ने राजकीय सम्मान दिया था. सैफुल्लाह खालिद के नमाज-ए-जनाजे में लश्कर के कई आतंकी मौजूद रहे. उसकी लाश को पाकिस्तानी झंडे में लपेटा गया, जिसके बाद एक-एक कर लश्कर के आतंकियों ने नमाज-ए-जनाजा पढ़ा. बता दें कि रविवार को अज्ञात बंदूकधारियों ने ताबड़तोड़ गोलियां मारकर सैफुल्लाह की हत्या कर दी थी. वह लश्कर के नेपाल मॉड्यूल का इंचार्ज था. पाकिस्तान में रहकर लश्कर के लिए रिक्रूटमेंट का काम देख रहा था यानी आतंकियों की भर्ती कर रहा था. ऑपरेशन सिंदूर के बाद पाकिस्तान में लश्कर के टॉप आतंकियों की सुरक्षा में पाक आर्मी और ISI ने इजाफा किया है. ऑपरेशन सिंदूर के बाद सैफुल्लाह को भी लश्कर की तरफ से घर से ज्यादा बाहर नहीं निकलने को कहा गया था. सैफुल्लाह की सुरक्षा भी बढ़ाई गई थी. हाल फिलहाल में लश्कर के चीफ हाफिज सईद के कई करीबियों की पाकिस्तान के अलग-अलग शहरों में हत्या की गई है. खुद हाफिज सईद पर लाहौर में उसके घर के पास फिदायीन हमला हुआ था, जिसमें वह बाल-बाल बच गया था. ऑपरेशन सिंदूर में लश्कर का हेडक्वार्टर मुरिदके इंडियन आर्मी के निशाने पर था और उसे मिसाइल से उड़ाया गया था. ऐसे में हाफिज सईद इसके बेटे ताल्हा सईद समेत इंडिया के सभी मोस्ट वांटेड आतंकियों की ना सिर्फ सुरक्षा बढ़ाई गई है बल्कि उन सभी को ज्यादा मूवमेंट ना करें ये भी पाकिस्तान आर्मी और ISI की तरफ से मैसेज दिया गया है. सैफुल्लाह के पहले हाफिज सईद के साथ साए की तरह रहने वाले इंडिया के मोस्ट वांटेड आतंकी अबु कताल की पाकिस्तान में भी हत्या कर दी गई थी. अबु कताल की 16 मार्च को पाकिस्तान में हत्या की गई थी. ये लश्कर का सबसे खूंखार आतंकी था जिसने कश्मीर में सेना के ऊपर कई बड़े हमलों को अंजाम दिलवाया था. हाफिज सईद के करीबी और इंडिया मोस्ट वांटेड आतंकी अबु कताल के पहले दो और लश्कर के खूंखार आतंकी और हाफिज सईद के बेहद करीबी आतंकियों में शुमार आतंकी हंजला अदनान की कराची में दिसंबर 2023 में हत्या कर दी गई थी. वहीं, आतंकी रियाज अहमद उर्फ अबु कासिम की सितम्बर 2023 में भी अज्ञात हमलावरों ने हत्या कर दी गई थी. ये सभी हत्याएं सीधेतौर पर हाफिज सईद के लिए बड़ा झटका माना जाता है. recent visitors 40

केएल राहुल ने लगाई रिकॉर्ड्स की झड़ी, T20 में 7 शतक, 8 हजार रन का आंकड़ा क्रॉस…

 नई दिल्ली इंडियन प्रीमियर लीग (आईपीएल 2025) के 60वें मैच में गुजरात टाइटंस ने दिल्ली कैपिटल्स को 10 विकेट से करारी शिकस्त दी. इस जीत के साथ ही गुजरात के 12 मैचों में 18 अंक हो गए हैं और अंक तालिका में टॉप पर अब गुजरात की टीम पहुंच गई है. गुजरात ने प्लेऑफ के लिए क्वालिफाई भी कर लिया है. साथ ही आरसीबी और पंजाब की टीम का भी प्लेऑफ टिकट पक्का हो गया है.  यह मैच अरुण जेटली स्टेडियम में हुआ. इस मैच में टॉस जीतकर गुजरात ने पहले गेंदबाजी का फैसला लिया था. दिल्ली की टीम ने पहले बल्लेबाजी करते हुए केएल राहुल के शतक के दम पर गुजरात के सामने 200 रनों का लक्ष्य रखा. इसके जवाब में उतरी गुजरात ने 19 ओवर में ही इसे साई सुदर्शन के शतक के दम पर चेज कर लिया. ऐसी रही गुजरात की बल्लेबाजी 200 रनों के जवाब में उतरी गुजरात की शुरुआत बेहद शानदार रही. साई सुदर्शन और शुभमन गिल ने पारी का आगाज किया और दोनों ने चौके-छक्के की बारिश की. साई सुदर्शन ने आतिशी फिफ्टी जड़ी. दिल्ली के गेंदबाज विकेटों के लिए तरसते दिखे. वहीं 13वें ओवर में शुभमन गिल ने 33 गेंद में फिफ्टी जड़ दी. साई सुदर्शन ने 18वें ओवर में महज 56 गेंदों में शतक जड़ दिया. साई सुदर्शन ने अपनी पारी में 61 गेंदों में नाबाद 108 रन बनाए. इस दौरान उनके बल्ले से 12 चौके और 4 छक्के निकले. वहीं, गिल ने 53 गेंदों में नाबाद 93 रन बनाए. गिल ने 3 चौके और 7 छक्के जड़े. इसके दम पर गुजरात ने 19 ओवर में ही ये मुकाबला जीत लिया. इसके साथ ही गुजरात की टीम अब प्लेऑफ के लिए क्वालिफाई कर गई है. वहीं आरसीबी भी अब दूसरी टीम बन गई है, जिसने क्वालिफाई कर लिया है. ऐसी रही दिल्ली की शुरुआत पहले बल्लेबाजी करने उतरी दिल्ली की शुरुआत अच्छी नहीं रही. केएल राहुल और फाफ ने धीमी शुरुआत दिलाई लेकिन चौथे ही ओवर में दिल्ली को फाफ डु प्लेसिस के रूप में झटका लगा. अरशद खान ने ये विकेट झटका. लेकिन इसके बाद केएल राहुल ने धैर्य दिखाया और दिल्ली की पारी को संभाला. दूसरे छोर पर अभिषेक पोरेल ने भी उनका साथ दिया. केएल राहुल ने 35 गेंद में अर्धशतक जड़ा और दिल्ली का स्कोर 10 ओवर के बाद 80 के पार पहुंचा दिया. आखिरकार 12वें ओवर में दिल्ली को दूसरा झटका लगा जब अभिषेक पोरेल 19 गेंद में 30 रन बनाकर आउट हो गए. लेकिन राहुल दूसरे छोर पर टिके रहे. 17वें ओवर में अक्षर पटेल का विकेट गिरा. अक्षर ने 16 गेंद में 25 रन बनाए. लेकिन केएल राहुल का आतिशी अंदाज जारी रहा. केएल राहुल ने 19वें ओवर में केवल 60 गेंद में शतक जड़ दिया. यह आईपीएल के इतिहास में केएल राहुल का 5वां शतक है. केएल राहुल ने इस मैच में 65 गेंदों में नाबाद 112 रनों की पारी खेली. अपनी इस पारी में राहुल ने 14 चौके और 4 छक्के लगाए. जिसके दम पर दिल्ली ने गुजरात के सामने 200 रनों का लक्ष्य रखा. जानें अंक तालिका का हाल गुजरात की टीम 12 मैच में 18 अंक के साथ टॉप पर है और क्वालिफाई कर लिया है. वहीं, आरसीबी के 12 मैच में 17 अंक हैं और उसने भी प्लेऑफ की सीट पक्की कर ली है. पंजाब के भी 12 मैच में 17 अंक है और उसके आगे भी क्वालिफाई लिख गया है. अब नंबर 4 की लड़ाई दिलचस्प है. मुंबई के 12 मैच में 14 अंक हैं जबकि दिल्ली के 12 मैच में अब 13 अंक हैं. यानी अब दिल्ली और मुंबई में लड़ाई है. लेकिन मुंबई का रन रेट अच्छा है. यानी दोनों टीमों के लिए बचे हुए दोनों मुकाबले करो या मरो वाले हैं. गुजरात, आरसीबी और पंजाब 3 टीम प्लेऑफ के लिए क्वालिफाई इंडियन प्रीमियर लीग (आईपीएल 2025) के 60वें मैच में गुजरात टाइटंस ने दिल्ली कैपिटल्स को 10 विकेट से करारी शिकस्त दी. इस जीत के साथ ही गुजरात के 12 मैचों में 18 अंक हो गए हैं और अंक तालिका में टॉप पर अब गुजरात की टीम पहुंच गई है. गुजरात ने प्लेऑफ के लिए क्वालिफाई भी कर लिया है. साथ ही आरसीबी और पंजाब की टीम का भी प्लेऑफ टिकट पक्का हो गया है. लेकिन नंबर-4 के लिए मुंबई और दिल्ली में तगड़ी फाइट है. यहां समझें पूरा समीकरण गुजरात की टीम 12 मैच में 18 अंक के साथ टॉप पर है और क्वालिफाई कर लिया है. वहीं, आरसीबी के 12 मैच में 17 अंक हैं और उसने भी प्लेऑफ की सीट पक्की कर ली है. पंजाब के भी 12 मैच में 17 अंक है और उसके आगे भी क्वालिफाई लिख गया है. अब नंबर 4 की लड़ाई दिलचस्प है. मुंबई के 12 मैच में 14 अंक हैं जबकि दिल्ली के 12 मैच में अब 13 अंक हैं. यानी अब दिल्ली और मुंबई में लड़ाई है. लेकिन मुंबई का रन रेट अच्छा है. यानी दोनों टीमों के लिए बचे हुए दोनों मुकाबले करो या मरो वाले हैं. चेन्नई, राजस्थान, हैदराबाद और केकेआर प्लेऑफ की रेस से पूरी तरह बाहर हैं. वहीं, लखनऊ की टीम के 11 मैच में 10 अंक हैं. यानी उसके 3 मैच बचे हैं. वह भी रेस में है लेकिन उसे बचे हुए सारे मैच जीतने होंगे और साथ में ये दुआ करनी होगी की लखनऊ और मुंबई अपने दोनों मैच हारें.   अगर मुंबई अपने दोनों मैच जीतती है और इधर दिल्ली भी अपने दोनों मैच जीतती है तो फिर बेहतर रन रेट के दम पर मुंबई क्वालिफाई कर जाएगी. वहीं, अगर दिल्ली और मुंबई दोनों एक-एक मैच हारती हैं तब भी मुंबई क्वालिफाई कर जाएगी. ऐसे में सबसे पहले तो दोनों टीमों के लिए अपने बचे हुए मैच जीतने होंगे और दिल्ली को बड़े अंतर से मैच जीतने होंगे. केएल राहुल ने लगाई रिकॉर्ड्स की झड़ी इंडियन प्रीमियर लीग (आईपीएल 2025) में रविवार को दिल्ली कैपिटल्स और गुजरात टाइटंस के बीच मैच खेला गया. इस मैच में गुजरात टाइटंस ने 10 विकेट से जीत हासिल की. लेकिन इस मुकाबले में भारतीय टीम के सीनियर बल्लेबाज़ केएल राहुल ने एक … Read more

देश के 17 सांसदों को संसद रत्न पुरस्कार 2025 से किया जाएगा सम्मानित

नई दिल्ली संसद में उल्लेखनीय योगदान देने वाले 17 सांसदों और 2 संसदीय स्थायी समितियों को संसद रत्न पुरस्कार 2025 के लिए चुना गया है। ये पुरस्कार संसद में सक्रियता, बहस में भागीदारी, प्रश्न पूछने और विधायी कामकाज में योगदान के आधार पर दिए जाते हैं। यह पुरस्कार प्राइम प्वाइंट फाउंडेशन की तरफ से शुरू किया गया है। इस वर्ष के विजेताओं का चयन जूरी कमेटी ने किया, जिसकी अध्यक्षता हंसराज अहीर, (राष्ट्रीय पिछड़ा वर्ग आयोग के अध्यक्ष) ने की। उन्होंने कहा कि ये पुरस्कार उन सांसदों को दिए जाते हैं जिन्होंने लोकतंत्र को मजबूती देने के लिए संसद में उत्कृष्ट योगदान दिया है। लगातार उत्कृष्ट कार्य के लिए- चार सांसदों को विशेष सम्मान चार सांसदों को संसदीय लोकतंत्र में उत्कृष्ट और सतत योगदान के लिए विशेष रूप से सम्मानित किया जाएगा। प्राइम प्वाइंट फाउंडेशन के अनुसार, ये चारों सांसद 16वीं और 17वीं लोकसभा में भी संसद में सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने वालों में शामिल रहे हैं और अपनी मौजूदा कार्यकाल में भी लगातार सक्रिय हैं।     भर्तृहरि महताब (भाजपा)     सुप्रिया सुले (एनसीपी-एसपी)     एन. के. प्रेमचंद्रन (आरएसपी)     श्रीरंग अप्पा बारणे (शिवसेना) अन्य संसद रत्न पुरस्कार विजेता सांसद बाकी 13 सांसदों को भी उनके विशिष्ट संसदीय कार्यों के लिए चुना गया है। इनमें कई राजनीतिक दलों के प्रतिनिधि शामिल हैं। इन सांसदों ने संसद में प्रश्न पूछने, चर्चा में भाग लेने और विधेयकों पर सुझाव देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।   स्मिता वाघ (भाजपा)                      अरविंद सावंत (शिवसेना उद्धव ठाकरे गुट) नरेश गणपत म्हास्के (शिवसेना) वर्षा गायकवाड़ (कांग्रेस) मेधा कुलकर्णी (भाजपा) प्रवीण पटेल (भाजपा) रवि किशन (भाजपा) निशिकांत दुबे (भाजपा) बिद्युत बारन महतो (भाजपा) पी. पी. चौधरी (भाजपा) मदन राठौर (भाजपा) सी. एन. अन्नादुरै (डीएमके) दिलीप सैकिया (भाजपा)     दो संसदीय समितियों को भी मिला सम्मान इस वर्ष दो संसदीय स्थायी समितियों को भी संसद रत्न पुरस्कार से नवाजा जाएगा। वित्त पर स्थायी समिति अध्यक्ष: भर्तृहरि महताब इस समिति ने वित्तीय नीतियों पर कई प्रभावशाली और व्यावहारिक रिपोर्टें संसद में प्रस्तुत की हैं। कृषि पर स्थायी समिति अध्यक्ष: चरणजीत सिंह चन्नी (कांग्रेस) इस समिति ने किसानों की समस्याओं और कृषि सुधारों पर ठोस सुझाव संसद में रखे हैं। क्या है संसद रत्न पुरस्कार? संसद रत्न पुरस्कार की शुरुआत 2010 में हुई थी और यह पुरस्कार उन सांसदों को दिए जाते हैं जो पारदर्शिता, जवाबदेही और लोकतांत्रिक मूल्यों को मजबूती देने के लिए संसद में सक्रिय रहते हैं। इसका उद्देश्य सांसदों को प्रोत्साहित करना और जनता के बीच संसदीय कार्यवाही को लोकप्रिय बनाना है। recent visitors 37

20 मई को राजवाड़ा में लगेगा मप्र सरकार का दरबार, सीएम यादव अपने मंत्रिमंडल के साथ लेंगे अहम निर्णय

इंदौर देवी अहिल्याबाई होलकर ने इंदौर के राजवाड़ा से सुशासन की नींव रखी थी। उनके बाद होलकर वंशजों ने इंदौर सहित होलकर राज्य के विकास के बड़े निर्णय राजवाड़ा के दरबार हाल में हुई बैठकों में लिए। आजादी के पहले जिस राजवाड़ा में दरबार सजा करता था, स्वतंत्र भारत में पहली बार उसी राजवाड़ा में मोहन सरकार का दरबार लगने वाला है। 20 मई को राजवाड़ा में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव अपने मंत्रिमंडल के साथ इंदौर सहित प्रदेश के विकास के कई अहम निर्णय लेंगे। कैबिनेट बैठक की तैयारी के लिए गणेश हाल और दरबार हाल को सजाया जा रहा है। यशवंतराव तृतीय ने आजादी के पहले की थी यहां बैठक होलकरकालीन ऐतिहासिक राजवाड़ा में आजादी के पहले यशवंतराव तृतीय ने दरबार हाल में अपने मंत्रिपरिषद के सदस्यों के साथ बैठक की थी। उस ऐतिहासिक क्षण का चित्र इंदौर के संग्रहालय में सहेजकर रखा हुआ है। राजवाड़ा के गणेश हॉल में जहां होलकर राजा संगीत कार्यक्रम, रंगपंचमी की गेर, ताजिये का जुलूस व खास मौकों पर बैठक करते थे। अब उसी स्थान पर मुख्यमंत्री डॉ. यादव के नेतृत्व में कैबिनेट की बैठक होगी। वहीं राजवाड़ा परिसर के प्रथम मंजिल पर दरबार हाल में जहां होलकर महाराज मंत्रियों के साथ अपनी रियासत के अहम मुद्दों पर चर्चा करते थे, वहां मुख्यमंत्री व कैबिनेट मंत्रियों का भोज होगा। अस्थायी सचिवालय बनेगा कैबिनेट बैठक के दौरान राजवाड़ा पर अस्थायी सचिवालय की स्थापना की जा रही है, जहां बैठक के संबंध में सभी प्रशासनिक गतिविधियां संचालित होंगी। सुरक्षा के लिए विशेष पुलिस दल तैनात किए जाएंगे। मंत्रियों और वरिष्ठ अधिकारियों के लिए लाइजनिंग अधिकारी नियुक्त होंगे। शासन की विभिन्न योजनाओं और इंदौर के विकास की प्रदर्शनी लगाई जाएगी। सामने के गार्डन को भी संवारा जा रहा है।   मालवी परंपरा और संस्कृति की दिखेगी झलक राजवाड़ा को होलकरकालीन पारंपरिक शैली में सजाया जा रहा है। बाहर और भीतर मालवी संस्कृति की झलक दिखाई देगी। मंत्रियों और वरिष्ठ अधिकारियों का स्वागत-सत्कार मालवी परंपरा से किया जाएगा। बैठक के बाद प्रथम तल पर पारंपरिक मालवी भोज का आयोजन किया गया है, जिसमें स्थानीय व्यंजन विशेष रूप से दाल-बाटी, दही बड़ा, मावा बाटी आदि परोसे जाएंगे।   recent visitors 46

जल गंगा संवर्धन अभियान: मध्यप्रदेश सरकार ने इस अभियान’ से जल संकट के समाधान के लिये गंभीर पहल की

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में जल गंगा संवर्धन अभियान पर्यावरण और जल संरक्षण, जल संरचनाओं के पुनरुत्थान और सांस्कृतिक चेतना का समवेत संगम बन गया है। मध्यप्रदेश सरकार ने इस अभियान’ से जल संकट के समाधान के लिये गंभीर पहल की है। जल संकट देश-प्रदेश ही नहीं पूरी दुनिया की चिंता का विषय है। भारत जैसे कृषि प्रधान देश के लिए तो यह जीवन-मृत्यु का विषय है। भविष्य की चिंताओं का समाधान आज के अभियान में जल संवर्धन के प्रयासों में निहित है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव के नेतृत्व में प्रारंभ किया गया जल गंगा संवर्धन अभियान एक बहुस्तरीय आयोजन है। इसका उद्देश्य राज्य के जल स्रोतों जैसे नदियों, तालाबों, झीलों, बावड़ियों, पुराने कुओं और जलधाराओं को पुनर्जीवित करना और उन्हें सतत रूप से संरक्षित करना है। यह अभियान सरकारी योजना से आगे बढ़कर अब जन आंदोलन का स्वरूप ले चुका है। जल गंगा संवर्धन अभियान में पुराने जल-स्त्रोतों का पुनरूद्धार पुनीत कार्य- उप मुख्यमंत्री श्री देवड़ा उप मुख्यमंत्री श्री जगदीश देवड़ा ने जल गंगा संवर्धन अभियान में जबलपुर जिले में जल स्त्रोतों के संरक्षण के लिये संचालित की जा रही गतिविधियों का निरीक्षण किया। उप मुख्यमंत्री श्री देवड़ा ने जनपद पंचायत कुंडेश्वर धाम के गुरैया गांव में बने खेत तालाब, कूप रिचार्ज निर्माण और बघराजी गांव में में लैगून पद्धति से जोगी तालाब के विस्तार एवं सुदृढीकरण के कार्य का निरीक्षण किया। उप मुख्यमंत्री श्री देवड़ा ने बघराजी में जन समुदाय को संबोधित करते हुए जल संरक्षण एवं संवर्धन की दिशा में तत्परता से कार्य करने के लिए प्रशासन की सराहना की। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. यादव के नेतृत्व में जल गंगा संवर्धन अभियान प्रदेश भर में ताल, तलैया, कुएं एवं बावड़ी सहित विभिन्न जल स्रोतों को संरक्षित करने के साथ ही प्राचीन जलस्रोतों को सूचीबद्ध कर उन्हें पुनर्जीवित किये जाने का पुनीत कार्य हो रहा है। उप मुख्यमंत्री श्री देवड़ा ने कुंडेश्वर धाम के साथ ही हनुमान ताल में जल गंगा संवर्धन अभियान के तहत किए जा रहे कार्यों का निरीक्षण भी किया। हनुमान ताल के उन्नयन के लिए अमृत योजना के तहत 55 लाख 09 हजार 514 रूपए की लागत से डी-सिल्टिंग, फेंसिंग और एरिएशन के कार्य किए जा रहे हैं। ताप्ती नदी से निकाली गाद, हटाया कचरा, प्लास्टिक काई जल गंगा संवर्धन अभियान के अंतर्गत बुरहानपुर में नया खेड़ा गांव के ताप्ती घाट छोटे पुल पर स्थानीय ग्रामीणों के सहयोग से आयोजित श्रमदान में नेपानगर विधायक सुश्री मंजू दादू, जनपद अध्यक्ष श्री राकेश सोलंकी, जनप्रतिनिधिगण, जिला पंचायत सीईओ सुश्री लता शरणागत, अपर कलेक्टर श्री वीरसिंह चौहान, एसडीएम श्री वाखला, जनपद सीईओ श्रीमती वंदना कैथल, जिला परियोजना प्रबंधक श्रीमति संतमति खलखो, पंचायत विभाग के समस्त अधिकारी-कर्मचारी, आंगनवाड़ी कार्यकर्ता, सहायिका सहित अन्य विभागों के अधिकारीगणों ने भी कार्यक्रम में सहभागिता की। श्रमदान करने वालों ने ताप्ती नदी में उतरकर गाद, नदी पुराने कपड़े और प्लास्टिक कचरे को बाहर निकाला। नदी में जमी हरी काई को भी साफ किया गया। सीहोर जिले में जल गंगा अभियान से जगाई जन जागरुकता की अलख  अभियान में जल संरक्षण के प्रति नागरिकों और ग्रामवासियों को जागरुक बनाने के लिए अनेक गतिविधियां आयोजित की जा रही हैं। अभियान में जल संरक्षण के प्रति जागरूकता जगाने के लिए दीवार लेखन, जागरूकता रैली, पोस्टर-बैनर, रंगोली, ग्राम सभाएं, कलश यात्राएं, शपथ-ग्हण सहित अनेक गतिविधियां संचालित की जा रही हैं। जिले के गांवों में कुओं की मरम्मत, तालाबों का जीर्णोद्धार, डैम्स की साफ-सफाई सहित अनेक कार्य किए जा रहे हैं। जल गंगा संवर्धन अभियान में लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग ने ग्राम पंचायत जताखेड़ा के खोखरी गांव में जल संरक्षण के प्रति जन जागरूकता जगाने के लिए शिविर आयोजित किया गया। मुरैना में खिरावली तालाब का श्रमदान से जीर्णोद्धार जल संसाधन विभाग के कर्मचारियों ने जल गंगा संवर्धन अभियान के अंतर्गत खिरावली तालाब के बंड पर उगे जंगल की सफाई जन सहयोग से की। कर्मचारियों और जन भागीदारी के परिश्रम से इस तालाब को पुनर्जीवन मिला है। अब यह ग्रीष्म ऋतु में भी भरा रहेगा। साथ ही आने वाले मानसून में इस पर्याप्त मात्रा में जल संग्रह होगा और स्थानीय जल स्रोतों में भी भू-जल रिचार्ज रहेगा। हरदा में प्राचीन बावड़ी का हुआ जीर्णोद्धार ‘जल गंगा संवर्धन अभियान’ के अंतर्गत जल स्रोतों के गहरीकरण एवं जीर्णोद्धार जैसे कार्य किए जा रहे हैं। अभियान में हरदा के कालू बाबा परिसर में स्थित प्राचीन बावड़ी में जीर्णोद्धार संचालित किया जा रहा है। इस कार्य का निरीक्षण करते हुए जिले के कलेक्टर मुख्य नगर पालिका अधिकारी को निर्माण वर्षा शुरू होने से पहले पूर्ण कराने के निर्देश दिये। प्राचीन बावड़ी का इतिहास एक बोर्ड पर लिखवाने के लिए भी कलेक्टर ने निर्देश दिया। जनभागीदारी से जन्मा भागीरथी संकल्प का प्रतीक यह अभियान भविष्य की पीढ़ियों को सुरक्षित, समृद्ध और जल-सम्पन्न मध्यप्रदेश में जुटा जन-आंदोलन बन गया है।   recent visitors 40