भस्म आरती की सामान्य बुकिंग श्रावण में शनिवार, रविवार और सोमवार को कैंसल रह सकती है

उज्जैन ज्योतिर्लिंग महाकाल मंदिर में श्रावण मास में सप्ताह के तीन दिन भस्म आरती की सामान्य बुकिंग सुविधा स्थगित रह सकती है। मंदिर समिति शनिवार, रविवार व सोमवार यानी भीड़ वाले दिनों में श्रद्धालुओं की संख्या सीमित करने पर विचार कर रही है। बता दें इन दिनों के लिए भस्म आरती की ऑनलाइन बुकिंग सुविधा को पहले ही ब्लॉक कर दिया गया है। यानी इन तीन दिनों में ऑफलाइन, ऑनलाइन व्यवस्था की कुल 700 सीटों पर बुकिंग नहीं होगी। महाकाल मंदिर में 11 जुलाई से श्रावण मास की शुरुआत होगी।   3 से 4 लाख श्रद्धालु पहुंचेंगे महाकाल के दर्शन को पंचांग की गणना के अनुसार 9 अगस्त तक चलने वाले इस पुण्य पवित्र मास में प्रतिदिन 3 से 4 लाख भक्तों के भगवान महाकाल के दर्शन करने आने का अनुमान है। देशभर से आने वाले श्रद्धालुओं के मन में भगवान महाकाल की भस्म आरती के दर्शन की प्रबल इच्छा रहती है। भक्तों की इसी मंशा का पूरा करने के लिए मंदिर समिति भस्म आरती में चलायमान दर्शन व्यवस्था को प्रभावी रूप से लागू करने की योजना बना रही है। इसके लिए कार्तिकेय मंडपम को पूरी तरह रिक्त रखा जाएगा। नंदी व गणेश मंडपम में बैठकर भस्म आरती दर्शन करने वाले श्रद्धालुओं की संख्या बेहद सीमित रहेगी। खासकर शनिवार, रविवार व सोमवार को अत्यधिक भीड़ वाले दिनों में भस्म आरती की सामान्य बुकिंग सुविधा को भी बंद रखा जाएगा। भस्म आरती बुकिंग के अभी यह विकल्प ऑनलाइन – 400 स्थान ऑफलाइन – 300 स्थान प्रोटोकाल – 700 स्थान पुजारी, पुरोहित के यजमान – 400 स्थान प्रतिदिन कुल – 1800 सीट की बुकिंग इस बार श्रावण में चार सोमवार 11 जुलाई से शुरू हो रहे श्रावण मास का समापन 9 अगस्त रक्षा बंधन के दिन होगा। इस बार श्रावण मास में चार सोमवार रहेंगे। श्रावण का पहला सोमवार 14 जुलाई, दूसरा 21 जुलाई, तीसरा 28 जुलाई तथा चौथा सोमवार 4 अगस्त को रहेगा। रात 2.30 बजे खुलेंगे मंदिर के पट श्रावण मास में भगवान महाकाल भक्तों के लिए समान्य दिनों की जल्दी जागेंगे। श्रावण मास में प्रत्येक रविवार को रात 2.30 बजे मंदिर के पट खुलेंगे। पश्चात भगवान महाकाल की भस्म आरती होगी। सप्ताह के शेष दिनों में रात 3 बजे मंदिर के पट खोले जाएंगे। recent visitors 34

सीहोर जिले में सिविल डिफेंस वॉलंटियर में 2641 स्वयंसेवकों का नामांकन किया गया, आपातकालीन समय में करेंगे काम

सीहोर भारत-पाकिस्तान के बीच पिछले दिनों बने युद्ध जैसे हालात को देखते हुए देश में आंतरिक सुरक्षा की भी तैयारी की जा रही है। युद्ध होने की स्थिति में सीमा पर सेना जंग लड़ेगी और सिविल डिफेंस की टीम भी गृह युद्ध, दंगे और आपात स्थितियों के लिए तैयार रहेगी। मध्यप्रदेश के सीहोर जिले में सिविल डिफेंस वॉलंटियर संगठन को मजबूत करने का अभियान सफल रहा। जिले में 2641 स्वयंसेवकों का नामांकन किया गया। 12 से 17 मई के बीच 2345 स्वयंसेवकों को विशेष प्रशिक्षण दिया गया। इस प्रशिक्षण में स्वयंसेवकों को आपातकालीन स्थितियों से निपटने के गुर सिखाए गए। भारत-पाकिस्तान के बीच पिछले दिनों बने युद्ध जैसे हालात को देखते हुए देश में आंतरिक सुरक्षा की भी तैयारी की जा रही है। युद्ध होने की स्थिति में सीमा पर सेना जंग लड़ेगी और सिविल डिफेंस की टीम भी गृह युद्ध, दंगे और आपात स्थितियों के लिए तैयार रहेगी। जिला प्रशासन ने सिविल डिफेंस की टीम बनाने के लिए देशभक्ति और समाजसेवा में रुचि रखने वाले युवाओं को प्रशिक्षित किया। कलेक्टर बालागुरू के. और  एसपी दीपक कुमार शुक्ला के निर्देशानुसार, प्रशिक्षण के तहत सीहोर जिले में कुल 2641 सिविल डिफेंस वॉलंटियर नामांकित किए गए हैं। इसके तहत 12 मई से 17 मई तक आयोजित प्रशिक्षण में 2345 सिविल डिफेंस स्वयंसेवकों को गहन प्रशिक्षण प्रदान किया गया। प्रशिक्षण में स्वयंसेवकों ने उत्साह से भाग लिया और देश की सेवा के लिए पूरी तत्परता से कार्य करने की कसम खाई। आपातकालीन स्थितियों से निपटने के गुर सिखाए इस प्रशिक्षण सत्र का मुख्य उद्देश्य स्वयंसेवकों को विभिन्न आपातकालीन स्थितियों, जैसे युद्ध के समय हवाई हमले, आगजनी अथवा किसी भी प्रकार की प्राकृतिक आपदाओं के दौरान, अपनी और दूसरों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के तरीकों से अवगत कराना था। प्रशिक्षण में स्वयंसेवकों को सिखाया गया कि इन विषम परिस्थितियों में वे किस प्रकार अपनी और अपने समुदाय की सुरक्षा को प्रभावी ढंग से संभाल सकते हैं। प्लाटून कमांडर महेंद्र वर्मा, अशोक पाटीदार एवं एएसआई सीएस चंदेरिया ने बताया कि यह पहल मध्यप्रदेश सरकार की आपदा प्रबंधन तैयारियों को मजबूत करने और आम नागरिकों को आपातकालीन स्थितियों में प्राथमिक प्रतिक्रियाकर्ता के रूप में सशक्त बनाने की प्रतिबद्धता को दर्शाती है। recent visitors 33

मध्य प्रदेश में शिक्षकों के करीब 10 हजार पदों पर नियुक्तियां होना है, नियुक्तियां हाई कोर्ट के अंतिम निर्णय के अधीन

जबलपुर मध्य प्रदेश हाई कोर्ट के न्यायमूर्ति द्वारिकाधीश बंसल की एकलपीठ ने माध्यमिक व प्राथमिक शिक्षक भर्ती परीक्षा के तहत होने वाली नियुक्तियों को इस याचिका के अंतिम निर्णय के अधीन कर दिया है। इस अंतरिम आदेश के साथ की स्कूल शिक्षा विभाग के सचिव, आयुक्त लोक शिक्षण, आयुक्त आदिवासी विभाग व कर्मचारी चयन आयोग के संचालक को नोटिस जारी कर जवाब मांगा गया है। याचिकाकर्ता सतना निवासी प्रदीप कुमार पांडे की ओर से आर्यन उरमलिया ने पक्ष रखा। उन्होंने दलील दी कि माध्यमिक शिक्षक (संस्कृत) पद के लिए भर्ती प्रक्रिया में पात्रता नियमों में अचानक संशोधन कर दिया गया। पात्रता शर्तों में संशोधन कर दिया याचिकाकर्ता ने वर्ष 2023 में आयोजित माध्यमिक शिक्षक पात्रता परीक्षा (टीईटी) में सफलता प्राप्त की थी और सभी आवश्यक योग्यताएं भी पूरी की थीं। लेकिन राज्य सरकार ने वर्ष 2024 में नया परीक्षा संचालन मैनुअल जारी किया, जिसमें माध्यमिक शिक्षक (संस्कृत) पद के लिए पात्रता शर्तों में संशोधन कर दिया गया। 10 हजार पदों पर होना है नियुक्तियां करीब 10 हजार पदों पर नियुक्तियां होना है। वर्ष 2018 के नियमों के अनुसार, माध्यमिक शिक्षक (संस्कृत) पद के लिए शास्त्री उपाधि (द्वितीय श्रेणी) संस्कृत साहित्य/व्याकरण के साथ अनिवार्य थी। इसी आधार पर याचिकाकर्ता ने 2023 में आयोजित पात्रता परीक्षा में भाग लिया और उसे सफलतापूर्वक उत्तीर्ण किया। वर्ष 2024 में जारी नए पात्रता मानदंड को संशोधित कर दिया, जिससे याचिकाकर्ता अयोग्य हो गया। इधर जिला शिक्षा अधिकारी कटनी का आदेश निरस्त हाई कोर्ट के न्यायमूर्ति विशाल मिश्रा की एकलपीठ ने जिला शिक्षा अधिकारी कटनी के उस आदेश को निरस्त कर दिया, जिसमें याचिकाकर्ता को गलत श्रेणी में विभाजित कर वेतनमान तय किया था। कोर्ट ने मामला वापस डीईओ को भेजने और उपयुक्त वेतनमान प्रदान करने के निर्देश दिए। इसके लिए 90 दिन की मोहलत दी है। याचिकाकर्ता जबलपुर निवासी अनिल कुमार गर्ग की ओर से दलील दी गई कि याचिकाकर्ता की नियुक्ति वर्ष 1984 में विकासखण्ड मंझौली में समयपाल (टाइम कीपर) के पद पर दैनिक वेतनभोगी कर्मचारी के रूप में की गई थी। दलील दी गई कि डीईओ कटनी द्वारा 12 सितंबर 2017 को आदेश जारी कर याचिकाकर्ता को अकुशल श्रेणी के वेतनमान पर नियमित किया गया। recent visitors 30

मंत्री विजयवर्गीय ने कहा- आधुनिक युग में नौजवान पीढ़ी के लिये डिजिटल लाइब्रेरी की सुविधा बहुत उपयोगी रहेगी

भोपाल नगरीय विकास एवं आवास मंत्री श्री कैलाश विजयवर्गीय ने कहा है कि किसी शहर के संग्रहालय और शिक्षण संस्थान धरोहर के समान हैं इनका समृद्ध होना समाज के गौरव को बढ़ाता है। उन्होंने माधवराव सप्रे स्मृति समाचार पत्र संग्रहालय के गौरवशाली इतिहास की प्रशंसा की। मंत्री श्री विजयवर्गीय ने कहा कि आधुनिक युग में नौजवान पीढ़ी के लिये डिजिटल लाइब्रेरी की सुविधा बहुत उपयोगी रहेगी। मंत्री श्री विजयवर्गीय रविवार को भोपाल में अंतर्राष्ट्रीय संग्रहालय दिवस के मौके पर डिजिटल लाइब्रेरी के लोकार्पण समारोह को संबोधित कर रहे थे। समारोह में संग्रहालय की स्थापना से लेकर अब तक के सफर में सहयोग करने वाली संस्थाओं और हस्तियों का सम्मान किया गया। मंत्री श्री विजयवर्गीय ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने वर्ष 2047 तक भारत को विकसित राष्ट्र बनाने का संकल्प लिया है। उनके इस संकल्प को शैक्षणिक संस्थानों को समृद्ध करके पूरा किया जा सकता है। उन्होंने कहा कि सप्रे संग्रहालय की शुरूआत एक छोटे स्वरूप में हुई थी। लगभग पिछले 4 दशकों में इस संस्थान ने अपनी पहचान राष्ट्रीय स्तर पर स्थापित कर ली है। पूर्व केन्द्रीय राज्य मंत्री श्री सुरेश पचौरी ने अपने उदबोधन में कहा कि श्री विजयदत्त श्रीधर ने अपनी लगन से भोपाल शहर को एक अमूल्य धरोहर दी है, जिसका लाभ लोकतंत्र के चौथे स्तंभ कहे जाने वाले पत्रकारों को निरंतर मिलता रहेगा। पूर्व केन्द्रीय मंत्री श्री पचौरी ने भारतीय स्टेट बैंक के सीएसआर फंड से दी जाने वाली मदद को सराहनीय बताया। संस्थान के संस्थापक सदस्य श्री विजयदत्त श्रीधर ने बताया कि माधवराव सप्रे स्मृति समाचार पत्र संग्रहालय एवं शोध संस्थान पुस्तकालय सेवा के 3 प्रारूप में कार्यरत है। पत्रकार एवं पाठक वर्ष 1984 से इसका लाभ उठा रहे हैं। उन्होंने बताया कि भारतीय स्टेट बैंक की सामाजिक सेवा बैंकिंग के अंतर्गत सीएसआर मद से उपलब्ध धन राशि से सप्रे संग्रहालय के 20 लाख दुर्लभ दस्तावेजों और पुराने जर्जर पृष्ठों का डिजिटलीकरण हुआ है। संग्रहालय की संदर्भ सामग्री का फायदा लेकर 1240 शोधार्थियों ने विभिन्न विश्वविद्यालयों से पीएचडी एवं डी.लिट्. की उपाधियां अर्जित की हैं। संग्रहालय में बिजली की बचत के लिये 10 किलोवाट क्षमता क सौर ऊर्जा पैनल भी लगाये गये है। समारोह में सहयोग देने वाली संस्थाओं के साथ श्री शिवकुमार अवस्थी, स्व. सुरेश शर्मा, स्व. शौकत रमूजी के उल्लेखनीय योगदान के लिये उनके परिजनों को सम्मानित किया गया।   recent visitors 39

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा- संग्रहालयों के तकनीकी उन्नयन से देश-दुनिया में प्रदेश की विशेष बनी है पहचान

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि हमारी समृद्ध सांस्कृतिक विरासत और धरोहरों के प्रति युवाओं की रूचि विकसित करने के लिए नवीनतम तकनीक का उपयोग करते हुए जानकारियों का आकर्षक रूप से प्रस्तुतिकरण आवश्यक है। धरोहरों के संरक्षण के लिए भी अद्यतन तकनीक का उपयोग जरूरी है। इस दृष्टि से राज्य संग्रहालय ने इमर्सिव एक्सपीरियंस सेंटर आरंभ करने का नवाचार समयानुकूल है। प्रदेश में स्मारकों और संग्रहालयों में दर्शकों के लिए विश्वस्तरीय सुविधाएं विकसित की जा रही हैं। संग्रहालयों की समृद्ध परंपरा में मध्यप्रदेश जिस प्रकार से कार्य कर रहा है, उससे देश- दुनिया में प्रदेश की विशेष पहचान बनी है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव विश्व संग्रहालय दिवस के अवसर पर राज्य संग्रहालय में आयोजित कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने इमर्सिव एक्सपीरियन्स सेंटर का लोकापर्ण किया तथा इंदौर, ग्वालियर, जबलपुर में आयोजित कार्यक्रमों का भी वर्चुअल शुभारंभ किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में हम बदलते दौर के भारत में रह रहे हैं। यह बदलाव हर क्षेत्र में देखा जा सकता है। संग्रहालय अब इतिहासकारों और शोधार्थियों के साथ-साथ जनसामान्य के लिए भी रूचि-आकर्षण और ज्ञार्नाजन के केंद्र का रूप ले रहे हैं। मुख्यमंत्री डॉ.यादव ने राज्य संग्रहालय की सराहना करते हुए कि पर्यटकों के लिए अब भोपाल की यात्रा, राज्य संग्रहालय आए बिना अधूरी रहेगी। उन्होंने कहा कि स्कूल शिक्षा- उच्च शिक्षा और पर्यटन विकास निगम संयुक्त रूप से स्कूल-कॉलेज के विद्यार्थियों के संग्रहालय भ्रमण का संभागवार क्रम बनाएं, इससे विद्यार्थी, प्रदेश की समृद्ध ऐतिहासिक धरोहर से जुड़ेंगे और राज्य संग्रहालय की खुबियों से अधिक से अधिक लोग परिचित हो सकेंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि उन्होंने कहा कि प्रदेश के धार्मिक, सांस्कृतिक, ऐतिहासिक केंद्रो को जन सामान्य से जोड़ने के लिए विभिन्न स्तरों पर गतिविधयां संचालित की जा रही हैं। प्रदेश के प्रमुख नगरों के मुख्य प्रवेश मार्गों पर महापुरूषों को समर्पित द्वार विकसित किए जा रहे हैं। हमारे देवस्थान अभी तक केवल पूजा-पाठ के लिए जाने जाते थे। प्रदेश में निर्मित हुए महाकाल लोक सहित अन्य लोकों ने मंदिरों को आस्था, श्रद्धा के साथ-साथ लोक रुचि का भी स्वरूप प्रदान किया है । प्राचीन भारतीय स्थापत्य कला, मुद्रा व्यवस्था सहित संपूर्ण जीवन पद्धति उन्नत स्वरूप में थी। नवीनतम तकनीक से इनके संरक्षण और प्रस्तुतीकरण से हमारी समृद्ध धरोहर को वर्तमान और आगामी पीढ़ी की रूचि के अनुकूल बनाए रखने में मदद मिलेगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने राज्य संग्रहालय परिसर में  आयोजित ‘संग्रहालय मेला’ के अंतर्गत पुरातत्व के संरक्षण और संवर्धन से संबंधित विभिन्न स्टॉल का अवलोकन किया। उन्होंने उत्खनन उपकरण के प्रकार और कार्य सहित दस्तावेजों के डिजिटलाइजेशन की जानकारी प्राप्त की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव मेले में ऐतिहासिक इमारतों के 3डी प्रिंटिंग और कॉस्टिंग से बने मिनिएचर और पीओपी से बनी मूर्तियों को सराहा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मध्यप्रदेश में पहली बार वर्चुअल म्यूजियम केंद्र "आंखों देखा" का शुभारंभ किया गया, जो आगंतुकों को एक अद्वितीय डिजिटल अनुभव प्रदान करेगा। यह केंद्र इंटरैक्टिव और इमर्सिव तकनीक के माध्यम से बिना किसी फिजिकल गाइड के संग्रहालय की गहन यात्रा का अनुभव कराएगा। इससे दर्शकों को इतिहास को करीब से देखने का अनुभव मिलेगा और वे स्टीरियोस्कोपिक 3-डी में भव्य ऐतिहासिक महलों की एक रोमांचक कहानी यात्रा का अनुभव कर सकेंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने संचालनालय के अधिकृत मैस्कॉट वाकणकर दादा का लोकार्पण भी किया गया। यह मैस्कॉट प्रसिध्द पुरातत्वविद पद्मश्री विष्णु श्रीधर वाकणकर के कार्यों और योगदान को समर्पित किया गया है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मध्यप्रदेश टूरिज्म बोर्ड के त्रैमासिक न्यूज लैटर “ऑफबीट मध्य प्रदेश” के द्वितीय संस्करण का विमोचन किया । मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने संचनालय पुरातत्व द्वारा प्रकाशित 11 नवीन पुस्तकों का विमोचन भी किया। इसमें भिंड जिले का पुरातत्व, रतलाम जिले का पुरातत्व, बैतूल जिले का पुरातत्व, बड़वानी जिले का पुरातत्व, कटनी जिले का पुरातत्व, भोपाल के चिचित्र शैलाश्रय, रायसेन के चिचित्र शैलाश्रय, सहित संचनालय का कंजर्वेशन मैनुअल और नियम पुस्तिका शामिल है। कार्यक्रम में प्रमुख सचिव संस्कृति श्री शिव शेखर शुक्ला ने संचालनालय पुरात्व द्वारा जारी गतिविधियों की जानकारी दी। recent visitors 42

मुख्यमंत्री का कर्मचारी हितैषी निर्णयों के लिऐ मध्यप्रदेश राज्य कर्मचारी संघ ने किया अभिनंदन

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि आम आदमी के जीवन को सुगम बनाने के लिए सुव्यवस्था स्थापित करना राज्य सरकार का उद्देश्य है। इस मंशा का सफल क्रियान्वयन सरकार के कर्मचारियों पर निर्भर करता है, इस दृष्टि से प्रदेश के कर्मचारी सच्चे कर्म योगी हैं। कर्मचारियों के परिश्रम और समर्पण से ही जनकल्याण और विकास के पथ पर हमारा प्रदेश अग्रसर है। कर्मचारियों की कर्तव्य निष्ठा से जनहित की योजनाओं के क्रियान्वयन में मध्यप्रदेश, देश के अग्रणी राज्य में शामिल हुआ है। प्रदेश के कर्मचारी सरकार और जनता के बीच नल और नील की तरह सेतु बनाने का कार्य कर रहे हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव रवींद्र भवन में मध्यप्रदेश राज्य कर्मचारी संघ के अभिनन्दन समारोह को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव द्वारा गत माह लिए गए कर्मचारी हितैषी निर्णयों के लिऐ मध्य प्रदेश राज्य कर्मचारी संघ ने रविंद्र भवन में उनका अभिनंदन किया। कर्मचारी संघ के सदस्यों ने अंगवस्त्रम भेंट कर मुख्यमंत्री डॉ.यादव का तिलक किया। इसके साथ ही उन्हें शॉल, श्रीफल और स्मृति चिन्ह भी भेंट किया। कर्मचारी संघ की ओर से मुख्यमंत्री डॉ.यादव को वृहद आकार की मालाएं पहनाकर उनका अभिनंदन किया गया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने दीप प्रज्ज्वलित करने के बाद मां सरस्वती और पूर्व वरिष्ठ श्रमिक नेता स्व. दत्तोपंत ठेंगड़ी के चित्र पर माल्यार्पण कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया। इस अवसर पर विधायक श्री भगवानदास सबनानी, मध्यप्रदेश राज्य कर्मचारी संघ के प्रदेश अध्यक्ष श्री हेमंत श्रीवास्तव तथा महामंत्री श्री जितेंद्र सिंह विशेष रूप से उपस्थित थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कर्मचारी संघ की ओर से कर्मचारियों को स्वास्थ्य बीमा योजना का लाभ प्रदान करने की मांग स्वीकृत करने की घोषणा की। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में राज्य सरकार कर्मचारी कल्याण के लिए प्रतिबद्ध है। प्रदेश की डबल इंजन सरकार ने केंद्र सरकार का अनुसरण करते हुए प्रदेश के कर्मचारियों का महंगाई भत्ता केंद्र के समान करने का निर्णय लिया है। इसके साथ ही 9 वर्षों से लंबित हाउस रेंट अलाउंस की मांग को भी पूरा किया गया है। इसके साथ ही अधिकारियों- कर्मचारियों और उनके परिवारों की सुविधा को देखते हुए प्रदेश में स्थानांतरण नीति का क्रियान्वयन किया गया है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि राज्य सरकार ने कर्मचारियों की लंबित समस्याओं के समाधान का वादा किया था। क्रमबद्ध रूप से सभी समस्याओं का निराकरण किया गया है। रिक्त पदों पर भर्ती के लिए विशेष अभियान संचालित हैं। पुलिस में सभी पद भरे गए हैं। इसके साथ ही सभी जिलों में बैंड की पुलिस बैंड की स्वीकृति प्रदान की गई है। रिक्त हुए पदों को प्रतिवर्ष लोक सेवा आयोग की परीक्षा आयोजित कर भरने की प्रक्रिया सुनिश्चित की जा रही है। शासकीय कर्मचारियों की सुविधा के लिए शासकीय आवास की व्यवस्था प्राथमिकता पर की जा रही है। प्रदेश में लोक परिवहन के लिए बस सेवा भी आरंभ होने जा रही है मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि न्यू मार्केट में बने 3000 नवीन आवासों का लोकार्पण कर कर्मचारियों को आवंटित किया गया। यह कर्मचारियों के जीवन को अधिक आरामदायक बनाने का एक प्रयास है। इसी प्रकार आंगनवाड़ी कार्यकर्ता, मिनी आंगनवाड़ी कार्यकर्ता, सहायिकाओं को प्रधानमंत्री जीवन ज्योति बीमा और प्रधानमंत्री सुरक्षा बीमा योजना के बीमा कवर का लाभ देने की स्वीकृति दी गई। प्रधानमंत्री श्री मोदी की पहल पर स्वास्थ्य बीमा का सुरक्षा कवच अधिकांश देशवासियों को उपलब्ध कराया जा रहा है। इसी क्रम में मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कर्मचारियों की स्वास्थ्य बीमा संबंधी मांग स्वीकृत करने की घोषणा भी की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश में औद्योगिक गतिविधियों के विस्तार से रोजगार के अवसरों में वृद्धि हो रही है। राज्य सरकार रोजगार परक उद्योगों को विशेष प्रोत्साहन उपलब्ध करा रही है। प्रदेश में दुग्ध उत्पादन को भी 9 प्रतिशत से बढ़ाकर 20 प्रतिशत करने का लक्ष्य है। प्रधानमंत्री श्री मोदी द्वारा निर्धारित चारों श्रेणियों, युवा- महिला- किसान- गरीब की बेहतरी के लिए प्रदेश में अनेकों गतिविधियां संचालित की जा रही हैं। प्रदेश में बिजली, पानी, सड़क और अधोसंरचना की स्थिति कई राज्यों से बेहतर है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने अभिनंदन के लिए कर्मचारियों का आभार व्यक्त करते हुए विश्वास जताया कि सरकार और कर्मचारी प्रदेशवासियों के जीवन की बेहतरी के लिए एक टीम की तरह लगातार काम करते रहेंगे।   recent visitors 45

भोपाल नगर निगम ने नीमच में स्थापित किया 10 मेगावाट का सौर ऊर्जा संयंत्र: मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि वर्तमान और भावी पीढ़ी को अपने गौरवशाली अतीत से जोड़ना और उन्हें अपनी समृद्ध सांस्कृतिक चेतना को जानने का सजीव अवसर प्रदान करना आवश्यक है। प्रदेश के नगरों के मुख्य प्रवेश मार्गों पर महापुरूषों की स्मृति में बन रहे सांस्कृतिक द्वार इस दिशा में प्रभावी भूमिका निभाएंगे। गौरवशाली अतीत से प्रेरणा लेकर युवा पीढ़ी के उज्जवल भविष्य निर्माण के लिए राज्य सरकार प्रतिबद्ध है। राजा भोज सहित अन्य महापुरूषों के गौरवशाली इतिहास को पाठ्यक्रमों में शामिल किया गया है। मुख्यमंत्री यादव भोपाल में नर्मदापुरम मार्ग पर समरधा  में निर्मित होने वाले भोज-नर्मदा द्वार के भूमि-पूजन अवसर पर उपस्थित जनसमुदाय को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने भोपाल नगर निगम द्वारा नीमच में स्थापित 10 मेगावाट  सौर ऊर्जा संयंत्र का  इस कार्यक्रम से वर्च्युअल लोकार्पण भी किया। इस अवसर पर नगरीय विकास एवं आवास मंत्री श्री कैलाश विजयवर्गीय, खेल युवक कल्याण एवं सहकारिता मंत्री श्री विश्वास सारंग, पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक कल्याण राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्रीमती कृष्णा गौर, भोपाल महापौर श्रीमती मालती राय, भोपाल सांसद श्री आलोक शर्मा, विधायक श्री रामेश्वर शर्मा और विधायक श्री भगवान दास सबनानी उपस्थित थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि भोपाल प्रदेश की राजधानी है। यहां प्रदेश के विभिन्न अंचलों की संस्कृति और इतिहास को अभिव्यक्ती प्रदान की जाएगी। भोपाल के प्रमुख प्रवेश मार्गों पर निर्मित होने वाले 9 द्वारों पर माँ नर्मदा के तट पर विद्यमान प्रमुख तीर्थों सहित सभी महत्वपूर्ण ऐतिहासिक, सांस्कृतिक संदर्भ उकेरे जाएंगे। उज्जैन में निर्मित महामृत्युंजय द्वार, विभिन्न काल में उज्जैन के इतिहास और प्रमुख घटनाओं को अभिव्यक्त करता है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने राजा भोज की प्रतिभा, योग्यता और पराक्रम पर विस्तार से प्रकाश डाला। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि पाकिस्तान के विरूद्ध ऑपरेशन सिंदूर में भारत की जीत, प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी की नेतृत्व क्षमता और भारतीय सेना के शौर्य व पराक्रम का प्रत्यक्ष प्रमाण है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि बहन कर्नल सोफिया कुरैशी और विंग कमांडर व्योमिका सिंह ने विश्व के सामने ऑपरेशन सिंदूर में आंतकियों के विरूद्ध की गई कार्रवाई को सशक्त रूप से प्रस्तुत कर नारी शक्ति के सामर्थ्य का प्रकटीकरण किया है। हम आत्मनिर्भर नगर निगम व नगर पालिका के सपने को साकार करने की ओर अग्रसर हो रहे हैं: मंत्री श्री विजयवर्गीय नगरीय विकास एवं आवास मंत्री श्री कैलाश विजयवर्गीय ने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने नेतृत्व में हम आत्मनिर्भर मध्यप्रदेश के साथ-साथ आत्मनिर्भर नगर निगम व नगर पालिका के सपने को साकार करने की ओर अग्रसर हो रहे हैं। भोपाल नगर निगम द्वार नीमच में सौर ऊर्जा संयंत्र स्थापित करना, आत्मनिर्भता की ओर एक प्रभावी कदम है। भोपाल महापौर श्रीमती मालती राय ने बताया कि 5 करोड़ रुपए की लागत से "भोज-नर्मदा द्वार" का निर्माण होगा। उन्होंने कहा कि भोपाल नगर निगम द्वारा नीमच में स्थापित किए जा रहे सोलर पैनल से उत्पादित बिजली का उपयोग भोपाल की जल प्रदाय व्यवस्था  के संचालन में किया जाएगा। कार्यक्रम को विधायक श्री रामेश्वर शर्मा ने भी संबोधित किया।   recent visitors 38