एक मिनट में कैंसर होगा डिटेक्ट, IIT कानपुर ने 6 साल में तैयार किया डिवाइस

 कानपुर अब सिर्फ एक मिनट में ही पता चल जाएगा कैंसर है या नहीं. IIT कानपुर ने ऐसी कमाल की डिवाइस तैयार की है, जो 60 सेकेंड के अंदर ही रिपोर्ट देगी. यह डिवाइस केवल माउथ कैंसर (Mouth Cancer) का पता लगाने के लिए है. डिवाइस मुंह के अंदर की तस्वीर लेकर उसका एनालिसिस करेगी और तुरंत रिपोर्ट बता देगी. इस डिवाइस से यह भी पता चल जाएगा कि कैंसर किस स्टेज में है. इस डिवाइस को केमिकल इंजीनियरिंग डिपार्टमेंट के प्रो. जयंत कुमार सिंह की मदद से स्कैन जिनी कंपनी ने बनाया है. इसी साल दिसंबर तक यह मार्केट में आ सकती है. चलिए जानते हैं यह डिवाइस कितनी कारगर हो सकती है, इसकी कीमत कितनी होगी… 3 हजार लोगों का ट्रायल इस डिवाइस को प्रो. जयंत कुमार सिंह और उनकी टीम ने 6 साल में तैयार किया है. यह पोर्टेबल डिवाइस है, जिसे छोटे से बैग में रखकर कही में ले जा सकते हैं. कानपुर में कई जगहों पर कैंप लगाकर करीब 3 हजार लोगों पर इसका ट्रायल भी किया गया है. इस डिवाइस से 22 साल तक के युवाओं में कैंसर का पता चला है. टेस्टिंग में फैक्टरी में काम करने वाले मजदूर, प्राइवेट जॉब करने वाले भी शामिल रहे. कैसे काम करती है डिवाइस प्रो. जयंत ने बताया कि डिवाइस की साइज एक टूथब्रेश जितनी है. इसमें हाई क्वालिटी कैमरा और LED लग है. इसे स्मार्टफोन, टैबलेट या आईपैड से भी कनेक्ट किया जा सकता है. कैमरा मुंह के अंदर की तस्वीर लेने के बाद डिटेल में रिपोर्ट मोबाइल पर भेज देगा. ये पावर बैकअप के साथ ट्रैकिंग के लिए हेल्थ हिस्ट्री जमा करती रहती है. इसका रिजल्ट 90% सटीकता वाला है और इसकी जांच में किसी तरह का दर्द भी नहीं होता है. डिवाइस को तैयार करने में लगे 6 साल केमिकल इंजीनियरिंग विभाग के सीनियर साइंटिस्ट प्रो. जयंत कुमार सिंह और उनकी टीम को इस डिवाइस को बनाने में 6 साल लगे हैं. उन्होंने बताया कि यह डिवाइस पोर्टेबल है. इसे आप छोटे बैग में रखकर कहीं भी ले जा सकते हैं. 3000 लोगों पर हुआ टेस्ट आईआईटी कानपुर ने मुंह के कैंसर की जांच के लिए शहर में कई जगहों पर कैंप लगाए. इसमें करीब 3000 लोगों पर परीक्षण किया गया. टेस्ट के दौरान 22 साल तक की उम्र के लोगों में कैंसर की पुष्टि हुई है. शिविर में फैक्ट्रियों में काम करने वाले मजदूर, प्राइवेट कंपनियों के कर्मचारी व अन्य लोग मौजूद थे. उन्होंने कहा कि अगर मुंह के कैंसर का शुरुआती दौर में पता चल जाए तो इसे काफी हद तक रोका जा सकता है. स्मार्ट फोन से कनेक्ट है डिवाइस प्रो. जयंत कुमार सिंह ने बताया कि यह डिवाइस टूथब्रश के आकार का है. इसमें हाई क्वालिटी का कैमरा और एलईडी लगी है. इसे हम अपने स्मार्टफोन, टैबलेट या आईपैड से कनेक्ट कर सकते हैं. मुंह के अंदर की फोटो लेने के बाद कैमरा आपके मोबाइल पर सारी रिपोर्ट दे देगा. डिवाइस पावर बैकअप के साथ ट्रैकिंग के लिए हेल्थ हिस्ट्री कलेक्ट करती है. यह डिवाइस 90 फीसदी सटीकता के साथ जांच करता है और इसके इस्तेमाल किसी तरह का दर्द नहीं होता. डिवाइस की कीमत प्रो. जयंत ने बताया कि इस डिवाइस की कीमत डेढ़ से दो लाख रुपये के बीच होगी. हालांकि, इसे अभी बाजार में उतारा नहीं गया है. इसमें इस्तेमाल होने वाले गैजेट दूसरे देश से खरीदने पड़ते हैं. इसलिए कीमत थोड़ी ज्यादा है. इस एक डिवाइस से पांच लाख मरीजों की जांच की जा सकती है और हम एक दिन में करीब 300 मरीजों की जांच कर सकते हैं. कैंसर का पता लगाने वाली डिवाइस की कीमत प्रो. जयंत ने बताया कि माउथ कैंसर का पता लगाने वाली इस डिवाइस की कीमत 1.5 लाख से लेकर 2 लाख रुपए तक होगी. इसमें लगने वाले कई सामान विदेशों से इंपोर्ट किए जाने हैं, इस वजह से इसकी कीमत ज्यादा है. एक डिवाइस से कम से कम 5 लाख लोगों की जांच की जा सकती है. एक दिन में करीब 300 लोगों का टेस्ट किया जा सकता है. इस डिवाइस के मार्केट में आने से मेडिकल सेक्टर में बड़ी क्रांति आ सकती है. recent visitors 72

वृंदावन में मध्य प्रदेश सरकार के 11 मंदिर-परिसर, नगर निगम मथुरा में अवैध नामांतरण, कुछ तो गिरने की कगार पर

ग्वालियर  वृंदावन में मध्य प्रदेश सरकार के आधिपत्य वाले 11 मंदिरों की स्थिति खराब है। जर्जर हो चुके इन मंदिरों पर वर्षों से यहां रहने वाले लोगों ने कब्जा कर लिया है। वे किराया भी नाममात्र का दे रहे हैं। तीन मंदिरों से जुड़ी संपत्ति को हड़पने की मंशा से कुछ लोगों ने जून, 2024 में मथुरा नगर निगम से उनका नामांतरण भी करवा लिया। जानकारी मिलते ही मध्य प्रदेश सरकार की तरफ से नामांतरण को चुनौती दी गई है। इस पर सुनवाई जारी है। वृंदावन में मध्य प्रदेश सरकार के 11 मंदिर-परिसर हैं। इनमें रतलाम कुंज, सावंत बिहारी कांच मंदिर, श्रवण कुंज, सैलाना कुंज राधाकृष्ण मंदिर, प्रियावल्लभजी क्षीपी गली, दतिया नौहरा, हीरा मोहन सहित धर्मशाला जैसी कुल 11 संपत्तियां हैं। ढह सकते हैं मंदिर वृंदावन में मध्य प्रदेश सरकार के 11 मंदिर-परिसर हैं। इनमें रतलाम कुंज, सावंत बिहारी कांच मंदिर, श्रवण कुंज, सैलाना कुंज राधाकृष्ण मंदिर, प्रियावल्लभजी क्षीपी गली, दतिया नौहरा, हीरा मोहन सहित धर्मशाला जैसी कुल 11 संपत्तियां हैं। संकरी गलियों में स्थित इन मंदिरों को जीर्णोद्वार का इंतजार है। कुछ ऐसी स्थिति में भी पहुंच गए हैं कि कभी भी ढह सकते हैं। इन मंदिरों के पदेन प्रबंधक ग्वालियर संभाग के कमिश्नर हैं। जब राजाओं के मंदिर सरकार को दिए गए थे, तब ये मंदिर मध्य प्रदेश सरकार के आधिपत्य में आए थे। इन्हें ग्वालियर संभाग मुख्यालय के अधीन कर दिया गया। ग्वालियर संभाग के कमिश्नर के पास माफी एवं औकाफ के अंतर्गत आने वाली संपत्ति (देवस्थान व्यवस्था) की देखरेख करना और आवश्यक नियंत्रण रखना भी है। पहले ये मंदिर बिजावर स्टेट, दतिया स्टेट व अन्य कई राजपरिवारों के आधिपत्य में थे। मथुरा प्रशासन से निगरानी की अपेक्षा मंदिरों की देखरेख के लिए ग्वालियर के अधिकारियों ने मथुरा जिला प्रशासन को पूर्व में यह भी सुझाव दिया कि इन मंदिरों की बेहतर देखरेख हो, इसके लिए मथुरा जिले के जिम्मेदार अधिकारी को सदस्य बनाया जा सकता है। इसके अलावा वहां कॉरिडोर भी प्रस्तावित है, जिसमें इन मंदिरों के शामिल होने की संभावना है। मथुरा जिला प्रशासन इन मंदिरों को लेकर दूसरे स्थान पर जमीन दे सकता है। इन मंदिरों का किराया प्रति मंदिर दो सौ रुपये प्रतिमाह के लगभग है। इसे बढ़वाने के लिए मथुरा के जिलाधिकारी से भी ग्वालियर के अफसर मिले थे। नामांतरण करवा लिया मध्य प्रदेश सरकार के कुछ मंदिरों का गलत ढंग से नामांतरण करवा लिया गया है। इसे चुनौती दी गई है। इसके लिए हमारे कर्मचारी वृंदावन भेजे गए थे।– मनोज खत्री, कमिश्नर, ग्वालियर संभाग recent visitors 126

इस ट्रेन में थाली-कटोरी लेकर जाएं, मिलेगा भरपेट भोजन, नहीं लगते पैसे, 29 सालों से लगातार जारी …..

अमृतसर भारतीय रेलवे दुनिया की बेहतरीन सुविधाओं वाली रेल सेवा बनती जा रही है। रेलवे के सफर के दौरान लोगों को बहुत सारी सहूलियतें मिलती हैं। ट्रेन में बैठे-बैठे यात्रियों को भोजन मिलता है। रेलवे की इंडियन रेलवे कैटरिंग एंड टूरिज्म कॉरपोरेशन IRCTC ने अलग से साइट बनाई है। उस पर जाकर ट्रेन में बैठे-बैठे ऑनलाइन खाना मंगाया जा सकता है। हालांकि इसके लिए पैसे देना होता है। लेकिन एक ट्रेन ऐसी, जिसमें फ्री में भरपेट भोजन मिलता है। बताया जा रहा है कि इस ट्रेन में यात्रियों को लंगर सुविधा मुहैया कराई जाती है। अमृतसर-नांदेड़ सचखंड एक्सप्रेस में 29 साल से यात्रियों को फ्री खाना खिलाया जा रहा है। इस ट्रेन में भोजन ले जाने की जरूरत नहीं रहती है। 2081 किमी के सफर में यात्रियों को लंगर दिया जाता है। सचखंड एक्सप्रेस में पैंट्री भी है। लेकिन यहां पर खाना नहीं बनता है। इसकी वजह ये है कि जिस समय नाश्ता मिलता है। उस समय स्टेशन पर लंगर लगता है। जिससे खाना बनाने की जरूरत ही नहीं पड़ती है। सचखंड एक्सप्रेस में 6 जगह मिलता है लंगर सचखंड एक्सप्रेस में सफर करने वाले यात्रियों को खाने की टेंशन नहीं रहती है। उन्हें फ्री में खाना मिलता है। बीते कई सालों से इस ट्रेन में यात्रियों को स्पेशल लंगर परोसी जाता है। सचखंड एक्सप्रेस 39 स्टेशनों पर रुकती है। इस दौरान 6 स्टेशनों पर यात्रियों के लिए लंगर लगता है। ट्रेन भी उसी हिसाब से उन स्टेशनों पर रुकती है कि लोग आराम से लंगर लेकर खा सकें। नई दिल्ली और डबरा स्टेशन पर दोनों तरफ से सचखंड एक्सप्रेस में लंगर लगता है। जिसके लिए यात्री पहले ही तैयारी करके आते हैं। इस दौरान सभी यात्रियों के हाथ में अपने बर्तन होते हैं। कोई अमीर गरीब नहीं होता है। हर किसी को लंगर का इंतजार रहता है। जनरल से लेकर एसी कोच तक के यात्री अपने बर्तन लेकर स्टेशन पर आ जाते हैं। 29 साल से चल रहा है लंगर लंगर का मेनू रोज बदला जाता है। इसका खर्च गुरुद्वारों को मिलने वाले दान से निकलता है। आमतौर पर कढ़ी-चावल, छोले, दाल, खिचड़ी,की सब्जी, आलू-गोभी की सब्जी, साग-भाजी मिलती हैं। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, 29 सालों में एक भी दिन ऐसा नहीं हुआ जब यहां पर खाना ना खिलाया गया हो। ये ट्रेन अगर लेट भी होती है तो सेवादार इंतजार में खड़े रहते हैं। रोज करीब 2000 लोगों के लिए लंगर तैयार किया जाता है। क्या है इस ट्रेन का इतिहास? ट्रेन को नांदेड़ और अमृतसर के बीच चलाया जाता है। 1995 में ये ट्रेन हफ्ते में एक बार चलती थी। इसके बाद इसमें थोड़ा बदलाव करके हफ्ते में दो बार चलाया गया। 1997-1998 के दौरान ये हफ्ते में 5 दिन चलने लगी। 2007 से ये ट्रेन रोजाना चलाई जा रही है। इस ट्रेन में लंगर सभी को दिया जाता है। जानकारी के मुताबिक, इस लंगर की शुरुआत सिख कारोबारियों ने की थी। जिसे बाद में गुरुद्वारे ने जारी रखा है। साथ बर्तन लेकर चलते हैं यात्री  ट्रेन के जनरल से लेकर एसी कोच तक में यात्री अपने साथ बर्तन लेकर चलते हैं. स्टेशनों पर बस बर्तन आगे किया, लंगर का प्रसाद मिल जाता है. दरअसल सचखंड एक्सप्रेस सिखों के दो सबसे बड़े धर्मस्थल अमृतसर के श्री हरमंदर साहिब और नांदेड़ (महाराष्ट्र) के श्री हजूर साहिब सचखंड को जोड़ती है. जिसकी वजह से सफर के रूट में पड़ने वाले छह स्टेशनों पर लंगर का प्रसाद सालों से परोसा जाता रहा है. कढ़ी-चावल, छोले, दाल, खिचड़ी,की सब्जी, आलू-गोभी की सब्जी, साग-भाजी मिलती हैं.   रोजाना 2000 लोगों के लिए बनता है लंगर  साल 1995 शुरू हुई इस ट्रेन को पहले हफ्ते में एक बार चलाया जाता था.बार में इसे बढ़ाकर हफ्ते में दो बार चलाया गया. साल 1997 में इसे हफ्ते में 5 बर और फिर इसे बढ़ाकर रोजाना कर दिया गया. इस लंगर की शुरुआत एक व्यापारी ने की थी, अब रोजाना 2000 लोगों के लिए लंगर बनता है. ट्रेन से सफर करने वाले लोग पहले से ही तैयारी करके रखते हैं. स्टेशन आने पर कुछ सेवादार ट्रेन में और कुछ स्टेशनों पर यात्रियों को लंगर का प्रसाद परोसते हैं. सालों से चली आ रही ये परंपरा आज भी जारी है.  recent visitors 87

सड़कों के रख-रखाव में लापरवाही के लिए 21 अधिकारियों और 173 ठेकेदारों को नोटिस जारी, 9 ठेकेदारों को किया ब्लैक लिस्ट

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि सतपुड़ा-विंध्याचल भवन क्षेत्र सहित संपूर्ण अरेरा हिल्स क्षेत्र में कार्यालयों के लिए वर्तमान आवश्यकताओं के अनुरूप भवनों के निर्माण के उद्देश्य से समग्रता में प्लानिंग की जाए। क्षेत्र में मेट्रो की सुविधा भी उपलब्ध होने जा रही है, साथ ही रोड नेटवर्क भी बेहतर हो रहा है। अत: कर्मचारियों व आम नागरिक की सुविधा को ध्यान में रख, कार्य स्थलों तक वॉक टू वर्क की सुविधा सुनिश्चित करते हुए क्षेत्र की अधोसंरचना विकसित की जाए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव लोक निर्माण विभाग की परियोजनाओं के संबंध में मंत्रालय में बैठक ले रहे थे। बैठक में लोक निर्माण मंत्री श्री राकेश सिंह, मुख्य सचिव श्री अनुराग जैन तथा अन्य अधिकारी उपस्थित थे। बैठक में इंदौर की ईस्टर्न बायपास परियोजना और गड्ढा मुक्त सड़क अभियान पर भी चर्चा हुई। लोक-पथ एप से हुईं 3 हजार 652 शिकायतें निराकृत मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि इंदौर में ईस्टर्न बायपास परियोजना का क्रियान्वयन किसानों तथा क्षेत्र के निवासियों को विश्वास में लेकर किया जाए। क्षेत्र के विकास में स्थानीय लोगों के लाभ व हित सुनिश्चित करते हुए योजना लागू की जाए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि सड़कों रख-रखाव में अद्यतन तकनीक अपनाते हुए कार्य किया जाए। बैठक में जानकारी दी गई कि 07 अगस्त से 06 सितम्बर तक प्रदेश में सड़कों की मरम्मत के लिए चलाये गये विशेष अभियान में प्रमुख अभियंता, सड़क एवं सेतु द्वारा 35 हजार 995 किलोमीटर सड़कों पर मरम्मत की गई। आम नागरिकों द्वारा सड़कों में गड्ढों की शिकायत के लिए संचालित लोक-पथ एप में 46 हजार 516 किलोमीटर सड़कें रजिस्टर्ड हैं। गत 2 माह में एप में 3 हजार 721 शिकायतें प्राप्त हुई हैं, जिसमें से 3 हजार 652 शिकायतें निराकृत की जा चुकी हैं। सड़कों की स्थिति के संबंध में 15 कार्यपालन यंत्रियों को कारण बताओ सूचना पत्र और 156 ठेकेदारों को नोटिस जारी किए गए तथा 9 ठेकेदारों की 73 लाख 30 हजार रूपए की राशि राजसात कर उनका पंजीयन ब्लैक लिस्ट किया गया है। अभियान में म.प्र. सड़क विकास निगम ने ओ.एम.टी योजना के तीन मार्गों पर निवेशकर्ताओं से टोल अधिकार वापस लिए। ठेकेदारों पर दंडात्मक कार्यवाही कर एक करोड़ 30 लाख रूपए से अधिक का दंड अधिरोपित किया गया। सड़क विकास निगम ने 17 ठेकेदारों और 6 अधिकारियों को मार्ग के उचित रखरखाव न करने के कारण शो-कॉज नोटिस भी जारी किए। व्हाईट टॉपिंग से होगा सड़कों का सुधार बैठक में जानकारी दी गई कि प्रदेश में 21 जिलों में चयनित 41 डामरीकृत सड़कों पर व्हाईट टॉपिंग कार्य का पायलेट प्रोजेक्ट लिया जा रहा है। व्हाईट टॉपिंग के अंतर्गत डामरीकृत सड़कों पर क्रांकीट की 6 से 8 इंच मोटाई का कार्य किया जाता है। बैठक में अपर मुख्य सचिव डॉ. राजेश राजौरा, अपर मुख्य सचिव सामान्य प्रशासन श्री संजय दुबे, प्रमुख सचिव श्री संजय कुमार शुक्ला, प्रमुख सचिव वित्त श्री मनीष रस्तोगी तथा विभागीय अधिकारी उपस्थित थे।   recent visitors 108

विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने की घोषणा, अगले हफ्ते भारत आएंगे राष्ट्रपति मुइज्जू, मालदीव के तेवर नरम

नई दिल्ली मालदीव के राष्ट्रपति मोहम्मद मुइज्जू अगले सप्ताह भारत दौरा करेंगे। वह सात से दस अक्टूबर तक राजकीय यात्रा करेंगे। यह उनकी पहली द्विपक्षीय यात्रा होगी। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने शुक्रवार को यह घोषणा की। जून में भारत आए थे मुइज्जू मुइज्जू गत जून में भी भारत आए थे। उस समय वह प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के तीसरे कार्यकाल के शपथ ग्रहण समारोह में शामिल हुए थे। जायसवाल ने प्रेस कान्फ्रेंस में कहा कि मालदीव के राष्ट्रपति की भारत यात्रा से दोनों देशों के बीच सहयोग को और गति मिलेगी। दोनों देशों के लोगों के बीच संबंध भी प्रगाढ़ होंगे। मालदीव के राष्ट्रपति का शेड्यूल भारत यात्रा के दौरान मुइज्जू मुंबई और बेंगलुरु भी जाएंगे। उधर, मालदीव के राष्ट्रपति कार्यालय के बयान के अनुसार, मुइज्जू राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु के आमंत्रण पर भारत दौरा करेंगे। इस दौरान वह राष्ट्रपति मुर्मु, प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और भारत सरकार के अन्य वरिष्ठ अधिकारियों के साथ उच्च स्तरीय बैठकें करेंगे। बता दें कि मुइज्जू के राष्ट्रपति बनने के बाद दोनों देशों के बीच संबंधों में तनाव आ गए थे। हालांकि अब मुइज्जू सरकार के रुख में नरमी आ गई है। recent visitors 90

महिला सुरक्षा पर दस दिवसीय विशेष सर्वव्यापी जागरूकता अभियान पूरे प्रदेश में संचलित किया जा रहा है: मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के निर्देश पर मध्यप्रदेश पुलिस महिला सुरक्षा शाखा द्वारा समाज में महिलाओं एवं बालिकाओं के विरूद्ध हो रहे अपराधों एवं हिंसा की रोकथाम और सुरक्षित वातावरण उपलब्ध कराने के उद्देश्य से ''मैं हूँ अभिमन्यु'' अभियान चलाया जा रहा है। अभियान के तहत विशेष रूप से पुरूषों को जागरूक किया जाएगा। इस अभियान में तीन अक्टूबर से 12 अक्टूबर तक सहयोग, सम्मान और समानता की थीम पर सर्वव्यापी जागरूकता अभियान पूरे प्रदेश में संचलित किया जा रहा है। अभियान में नुक्कड़ नाटक, प्रश्नावली, लघु फिल्म, पोस्टर्स और जनजागरूकता रैली आयोजित की जा रही है। इसमें सभी जिलों के पुलिस अधीक्षक स्टॉफ, स्वंयसेवी संस्थाओं सहित शासकीय विभागों का सहयोग लिया गया है। उल्लेखनीय है कि वर्तमान में पूरे देश में स्वच्छता पखवाड़ा आयोजित किया जा रहा है। इसी परिपेक्ष्य में मुख्यमंत्री के निर्देश पर यह अभियान मानसिक स्वच्छता हेतु दस दिवसीय अनूठा अभियान है। इसमें सभी वर्ग युवा वर्ग उत्साह से भाग ले रहे हैं।      अभियान का उद्देश्य इस अभियान का मुख्य उद्देश्य बाल्यकाल से ही पुरूषों में लैगिंक समानता एवं एक दूसरे के प्रति सम्मान की भावना जागृत करना, महिलाओं के प्रति विशेष सम्मान की भावना जाग्रत की जाकर महिला अपराधों के प्रति संवेदनशील बनाना, शिक्षा के माध्यम से विभिन्न अपराधों की जानकारी दी जाकर उनके दुष्परिणाम से अवगत कराना, समय-समय पर बालकों के क्रियाकलापों का आकलन किया जाकर उनके दुष्परिणामों से अवगत कराना, प्रारंभिक अवस्था से ही प्रत्येक महिला के प्रति सम्मान एवं आदर का दृष्टिकोण रखने हेतु प्रोत्साहित किया जाना, युवा वर्ग को महिला अधिकारों के प्रति अवगत कराया जाकर महिलाओं को अपने विचार रखने की स्वतंत्रता एवं उनके विचारों के प्रति सम्मानजनक भाव रखने की शिक्षा दी जाना तथा वर्तमान में तकनीकों के माध्यम से समाज में जो अश्लीलता व्याप्त है उनसे दूर किया जाकर शिक्षा/संस्कारों पर जोर दिया जाना है। आयोजित होंगी विभिन्न गतिविधियां अभियान के दौरान इन दस दिनों में पूरे प्रदेश में वाद-विवाद प्रतियोगिता, नुक्कड नाटक, स्लोगन, समूह चर्चा, लघुफिल्मों का प्रदर्शन एवं मैराथन दौड़ का आयोजन। जिले के प्रमुख स्थानों जैसे- रेलवे स्टेशन, बस स्टेण्ड, पर्यटन स्थल, तहसील कार्यालय, कलेक्टर कार्यालय, शापिंग मॉल आदि स्थानों पर अभिमन्यु शुभंकर के कट-आउट का सेल्फी प्वाइंट लगाए गयें है। अभिमन्यु वैज, अभिमन्यु स्टीकर विभिन्न प्रतिभागियों को प्रदान किये जाएगें। टिवट्टर हैंडल, व्हाटसअप ग्रुप आदि में लघु फिल्म एवं पोस्टरों का प्रचार-प्रसार किया जायेगा। अभियान के दौरान समाज की धारा से वंचित समुदाय के ऐसे व्यक्ति जो समुदाय की रीति से अलग कार्य कर रहे हैं। पुलिस अधीक्षक एवं कलेक्टर द्वारा ऐसे लोगों का चयन कर उन्हें सम्मानित किया जाएगा। महिला अपराध को रोकने में अहम भूमिका निभाने वालों को एवं ऐसी महिलाएं जिन्होने पुरूषों द्वारा किए जाने वाले कार्यक्षेत्र में अपनी पहचान बनाई हो, को भी सम्मानित कर स्मृति चिन्ह प्रदान किये जायेंगे। साथ ही  महिला उत्थान के क्षेत्र में कार्य कर रहे पुरुषों (पीड़िता पुनर्वास के क्षेत्र में, पीड़िता से विवाह करने आदि) को सम्मानित किया जायेगा। महिला सुरक्षा शाखा द्वारा निर्मित लघु फिल्मों का होगा प्रर्दशन महिला सुरक्षा शाखा पीएचक्यू भोपाल द्वारा समाज में गिरते हुए पारिवारिक मूल्यों तथा संस्कारों के प्रति जागृत करने के लिए तीन लघु फिल्मों का निर्माण कर विभिन्न प्लेटफार्मो पर उनका प्रर्दशन सुनिचित किया जा रहा है ताकि लोग महिलाओं/ बालिकाओं के प्रति अपनी संस्कृति के अनुरूप गरिमामय आचरण करें। इन विभागों की रहेगी मुख्य भूमिका इस अभियान के कुशल क्रियान्वयन में पुलिस विभाग के साथ-साथ स्कूल एवं उच्च शिक्षा विभाग, खेल एवं युवा कल्याण विभाग, संस्कृति विभाग, पर्यटन विभाग, ग्रामीण एवं पंचायत विभाग, परिवहन विभाग, महिला एवं बाल विकास विभाग एवं गैर सरकारी संगठनों की भी महत्वपूर्ण भूमिका रहेगी।   recent visitors 87

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने निर्देश दिए कि लाड़ली बहनों को लघु उद्योग और व्यवसाय की गतिविधियों से जोड़ा जाए

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में मंत्रालय में संपन्न बैठक में महिला एवं बाल विकास विभाग के कार्यों और योजनाओं की आज समीक्षा हुई। महिला एवं बाल विकास मंत्री सुश्री निर्मला भूरिया भी उपस्थित थीं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने निर्देश दिए कि लाड़ली बहनों को लघु उद्योग और व्यवसाय की गतिविधियों से जोड़ा जाए। हुनरमंद लाड़ली बहनों को चिन्हित कर लघु उद्योगों से जोड़ा जाएगा तो उनके आर्थिक उन्नयन का मार्ग प्रशस्त होगा। हितग्राही बहनों को यह लाभ दिलवाया जाए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश में आंगनवाड़ी केंद्रों के निर्माण कार्य में सीएसआर फंड का उपयोग किया जाए। आंगनवाड़ी केंद्रों को व्यवस्थित और सुविधाजनक बनाने के लिए प्राप्त जन सहयोग सराहनीय है। बैठक में जनजातीय बहुल क्षेत्र में आंगनवाड़ी केंद्रों को अधिक प्रभावी बनाने के संबंध में भी चर्चा हुई। प्रदेश में 97 हजार 339 आंगनवाड़ी केंद्रों का संचालन किया जा रहा है। इनसे 81 लाख महिलाएं और बच्चे लाभान्वित हो रहे हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मिशन वात्सल्य सहित विभिन्न कार्यक्रम की सतत् मॉनिटरिंग के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मिशन शक्ति, मिशन वात्सल्य, सक्षम आंगनवाड़ी एवं पोषण, पूरक पोषण आहार कार्यक्रम, पोषण अभियान, प्रधानमंत्री जनजाति आदिवासी न्याय महा अभियान (पीएम जन-मन), शाला पूर्व शिक्षा गतिविधि, आंगनवाड़ी सेवाओं के सुचारू संचालन, बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ, वन स्टॉप सेंटर शक्ति अभिनंदन अभियान के संबंध में भी जानकारी प्राप्त की। बैठक में बताया गया कि महिलाओं के लिए प्रदेश में शक्ति सदन और सखी निवास संचालित हैं। प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना में मध्यप्रदेश अग्रणी प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना में मध्यप्रदेश देश में अव्वल है । वर्ष 2024 -25 में प्रदेश में 2 लाख 46 हजार 185 हितग्राही पंजीकृत हैं। योजना शुरू होने से अब तक 1191 करोड़ रुपए की राशि का भुगतान हितग्राहियों को किया गया है। योजना का उद्देश्य गर्भवती महिलाओं को मजदूरी की हानि की आंशिक क्षति पूर्ति के रूप में प्रोत्साहन राशि प्रदान करना और दूसरे प्रसव पर बालिका जन्म को प्रोत्साहित करना शामिल है। भारत सरकार ने प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना का क्रियान्वयन राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम प्रावधान के अनुक्रम में एक जनवरी 2017 से प्रारंभ किया है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मिशन वात्सल्य के तहत फोस्टर केयर की मॉनिटरिंग के निर्देश भी दिए। बैठक में मुख्य सचिव श्री अनुराग जैन, मुख्यमंत्री कार्यालय में अपर मुख्य सचिव डॉ. राजेश राजौरा, मुख्यमंत्री कार्यालय और महिला एवं बाल विकास विभाग के प्रमुख सचिव श्री संजय कुमार शुक्ला, प्रमुख सचिव वित्त श्री मनीष रस्तोगी, मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव श्री राघवेंद्र कुमार सिंह एवं अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।   recent visitors 76