लाल हुआ शेयर बाजार, Sensex 900 अंक टूटा, Nifty ने लगाया गोता

मुंबई शेयर बाजार शुक्रवार को फिर क्रैश (Stock Market Crash) हो गया. हालांकि, सप्ताह के आखिरी दिन इसकी चाल बदली-बदली नजर आई. दरअसल, मार्केट ओपन पर होने पर जहां सेंसेक्स (Sensex) शुरुआती कारोबार में 300 अंक टूट गया, कुछ देर में उछलकर हरे निशान पर कारोबार करने लगा, लेकिन ये खुशी भी कुछ ही देर के लिए थी, आखिरी कारोबारी घंटे में अचानक फिर से बड़ी गिरावट आ गई और बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज का 30 शेयरों वाला सेंसेक्स देखते ही देखते 900 अंक से ज्यादा फिसल गया. मार्केट क्लोज होने पर गिरावट थोड़ी कम हुई और सेंसेक्स 703 अंक की गिरावट लेकर 81,793.16  पर बंद हुआ. . पहले गिरा, फिर उठा और फिर टूटा बीते कारोबारी दिन बड़ी गिरावट देखने के बाद शेयर मार्केट (Share Market) ने शुक्रवार को सुस्ती के साथ शुरुआत की. अपने पिछले बंद 82,497.10 की तुलना में BSE Sensex 200 अंक से ज्यादा टूटकर 82,244.25 के लेवल पर ओपन हुआ और कुछ ही मिनटों में ये 389.58 अंक फिसलकर 82,107.06 के लेवल पर आ गया. लेकिन इसके बाद दोपहर 12 बजे के आस-पास ये गिरावट तेजी में तब्दील हो गई और 30 शेयरों वाला सेंसेक्स जोरदार  उछाल के साथ 83,368 के लेवल पर पहुंच गया, लेकिन दिन के इस हाई लेवल पर पहुंचने के बाद बाजार की चाल अचानक फिर बदल गई. आखिरी घंटे में सेंसेक्स 900 अंक फिसला Share Market में आखिरी कारोबारी घंटे में सेंसेक्स ऐसा टूटा कि थमने का नाम ही नहीं लिया. खबर लिखे जाने तक दोपहर के 2.40 बजे पर Sensex 913.64 अंक या 1.11 फीसदी की बड़ी गिरावट के साथ 81,583 के लेवल पर आ गया. हालांकि, मार्केट क्लोज होते होते ये गिरावट कुछ कम हुई और सेंसेक्स 703 अंक की गिरावट लेकर 81,793.16 पर क्लोज हुआ. दूसरी ओर NSE Nifty ने भी कमजोर शुरुआत की और अपने पिछले बंद 25,250.10 की तुलना में गिरकर 25,281.90 पर कारोबार शुरू किया. आखिरी कारोबारी घंटे में ये इंडेक्स भी बुरी तरह टूटा और खबर लिखे जाने तक निफ्टी 260.25 अंक गिरकर 24,990 के लेवल पर पहुंच गया. जबकि मार्केट बंद होने पर निफ्टी 200.25 अंक फिसलकर 25,049.85 के लेवल पर बंद हुआ. गुरुवार को बाजार में आया था भूचाल   बीते कारोबारी दिन गुरुवार को शेयर बाजार ने बड़ी गिरावट देखी थी. ईरान और इजरायल के बीच जंग (Iran-Israel War) के हालातों के बीच मिडिल ईस्ट के तनाव का असर साफ देखने को मिला था. BSE Sensex ने 995 अंक टूटकर 83,270 के लेवल पर कारोबार शुरू किया था और मार्केट बंद होने तक टूटता ही चला गया था. अंत में सेंसेक्स 1769.19 अंक या 2.10 फीसदी की गिरावट लेकर 82,497.10 के लेवल पर क्लोज हुआ था. सेंसेक्स में इस कदर गिरावट का असर बीएसई के मार्केट कैप पर भी दिखाई दिया और ये 10 लाख करोड़ रुपये से ज्यादा टूट गया. लार्जकैप में इन 10 शेयरों का बुरा हाल M&M                 3.56%    3017.60 रुपये Bajaj Fin          3.49%    7173.45 रुपये Nestle India      3.09%    2592.55 रुपये Asian Paints     2.91%    3058 रुपये Ultratech         2.69%    11407.05 रुपये Reliance          1.26%    2779.80 रुपये Adani Ports    1.26%    1407 रुपये ICICI Bank      1.34%    1239 रुपये HDFC Bank    1.44%    1658 रुपये HUL                1.83%    2842.40 रुपये मिडकैप और स्मालकैप में ये स्टॉक टूटे MidCap कैटेगरी में सबसे ज्यादा गिरावट M&M Finance Share में आई और ये 6.95 फीसदी गिरकर 299.75 रुपये पर आ गया, इसके अलावा Godrej Properties Share 5.68 फीसदी गिरकर 2893.90 रुपये पर, जबकि GoDigit Share 4.92 फीसदी फिसलकर 379.15 रुपये पर ट्रेड कर रहा था. स्मालकैप में Vakrangee Share 9.98 फीसदी गिरकर 30.76 रुपये पर और Reliance Infra Share 7.81 फीसदी फिसलकर 301.40 रुपये पर आ गया. recent visitors 88

उन्नत बीजों की कमी पूरा करने के लिए 65 नए बीज केंद्र बनाए जाएंगे- शिवराज

भोपाल कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने शुक्रवार को भोपाल में प्रेसवार्ता में कहा कि केंद्र सरकार ने गुरुवार को दो बड़े फैसले लिए हैं। भारत  की कुल खाद्य तेल की आवश्यकता  2022-23 में 29.2 मिलियन टन थी, लेकिन हमारे यहां ऑइल सीड से खाद्य तेल का उत्पादन 12.7 बिलियन ही हो पाता है। बाकी की मांग पूरा करने के लिए हमको विदेशों पर या आयात पर निर्भर रहना पड़ता है। इसको लेकर फैसला किया गया है कि आयात पर निर्भरता खत्म करके हम खाद्य तेलों में कैसे आत्मनिर्भर बने। इसलिए राष्ट्रीय खाद्य तेल मिशन तिहलन बनाया गया है। शिवराज ने कहा कि 10 हजार 103 करोड़ 38 लाख रुपए की लागत से हमारे यहां अभी जो ऑइल सीड्स हैं उनका उत्पादन काफी कम है और इसलिए सरकार उन्नत बीज किसानों को देगी। आईसीएमआर यह बीज बनाएगा। पहले ब्रीडर सीड्स बनाएंगे। उसे फाउंडेशन सीड फिर सरटीफाइड सीड बनाकर किसानों को फ्री में उपलब्ध कराए जाएंगे। पूरे देश में इसके लिए 600 कलस्टर बनाए जाएंगे। 347 जिले के 21 राज्यों में जहां भी ऑइल सीड्स का उत्पादन होता है उन राज्यों को विशेष रूप से लिया गया है, किसानों को इन कलस्टर में फ्री में बीज, उनको ट्रैनिंग, नई टेक्नोलॉजी कैसे खेती करे जिससे ज्यादा उत्पादन हो और वो जो उत्पादित करेंगे उसकी 100 % खरीदी की जाएगी, ऐसी सुविधाएं इस मिशन के अंतर्गत किसानों को दी जाएगी । बीच भंडारण इकाइयां भी बनाई जाएंगी हर साल 10 लाख हेक्टर पूरे देश में खेती की जाएगी। 7 साल में 70 लाख हेक्टर एरिया इस योजना के अंतर्गत दिया जाएगा, उन्नत बीजों की कमी पूरा करने के लिए 65 नए बीज केंद्र बनाए जाएंगे, 100 हमारे बीज केंद्र बनेंगे, बीजों को सुरक्षित रखने के लिए 50 बीज भंडारण इकाइयां भी बनाई जाएंगी और राज्यों पर हम ज्यादा ध्यान दे रहे हैं जहाँ केवल एक फसल लेते हैं खरीफ की, इंटरक्रॉपिंग का भी उपयोग करेंगे, अलग-अलग फसलों के बीच में ये बीज, फसलें लगाई जा सकती हैं और पूरी खरीद किसानों से करेंगे, एक ये बड़ा फैसला कल हुआ है। केंद्रीय मंत्री ने कहा कि सरकार प्याज, दाल और चावल का बफर स्टॉक बना रही है। इनके दाम बढ़ने पर सरकार सस्ते में में उपलब्ध कराएगी।   किसान सम्मान निधि की राशि होगी कल ट्रांसफर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी शनिवार को महाराष्ट्र से किसानों के खाते में किसान सम्मान निधि की राशि ट्रांसफर करेंगे। उन्होंने बताया कि किसान सम्मान निधि के तहत 20 हजार करोड़ रुपए की राशि खातों में डाली जाएगी। कृषि मंत्री ने बताया कि केंद्र सरकार ने दो नई योजनाएं पीएम-राष्ट्रीय कृषि विकास योजना और कृषि उन्नत योजना शुरू की है। उन्होंने बताया कि योजनाओं में एक लाख हजार करोड़ रुपए खर्च होंगे। प्रदेश सरकारें योजनाओं को अपने अनुसार चुन सकेगी। शिवराज ने कहा कि उनकी सरकार कृषि उत्पादन बढ़ाने, लागत कम करने और किसानों को उनकी फसल का ठीक दाम देने के साथ प्राकृतिक खेती पर फोकस कर रही है। कृषि मंत्री ने कहा कि इंपोर्ट ड्यूटी बढ़कर 27 प्रतिशत हो गई है। यह सूरजमुखी, मूंगफली और सायाबीन पर लागू है। इससे दाम बढ़ने से किसानों को फायदा होगा। सोयाबीन के दाम  500 रुपए बढ़ गए है। रिमोर्ट डिजिटल से फसल नुकसान का आकलन शिवराज ने बताया कि केंद्र ने डिजिटल एग्रीकल्चर मिशन की शुरुआत की है। इसके तहत रिमोर्ट डजिटल से फसल के नुकसान का आकलन किया जाएगा। इस तकनीक से आकड़ों में हेरफेर नहीं हो सकेगी। फसल की बुआई पर डिजिटल फोटो अपडेट होंगे। इसके लिए ड्रोन के साथ पांच बैटरी उपलब्ध कराई जाएगी। शिवराज सिंह चौहान ने जम्मू कश्मीर और हरियाणा चुनाव को लेकर भी अपनी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि जम्मू कश्मीर और हरियाणा में भाजपा सरकार बना रही है। दोनों जगह भाजपा के पक्ष में माहौल बना है।   recent visitors 107

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की सार्थक पहल से लगातार विकास परियोजनाओं का हो रहा आगाज

जशपुर के विकास को मिल रही नई उड़ान, तीव्र गति से हो रहा विकास कार्य 06 महीनों में लोक निर्माण विभाग के 113.19 करोड़ रुपयों की 43 सड़क निर्माण कार्यों की मिली स्वीकृति मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की सार्थक पहल से लगातार विकास परियोजनाओं का हो रहा आगाज रायपुर  जशपुर जिले के विकास को नई उड़ान दिलाने मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की पहल पर नई विकास परियोजनाओं का आगाज हो रहा है। जिसके द्वारा जिले के विकास को गति मिल रही है। पिछले 06 माह में लोक निर्माण विभाग की 113.19 करोड़ रुपयों की 43 सड़क निर्माण परियोजनाओं को प्रशासनिक स्वीकृति मिल गयी है।         जशपुर जिले के सभी विकासखंडों में आधारभूत संरचना के विकास के लिए मुहिम चलाई जा रही है ताकि जिले के अंतिम व्यक्ति तक शासन की योजनाओं की पहुंच को बढ़ाया जा सके। इसके लिए आवश्यक है कि उन क्षेत्रों में आधारभूत संरचनाओं का विकास किया जाए। इसके लिए आवश्यकता वाले क्षेत्रों की पहचान कर उनके लिए तीव्र गति से तकनीकी विश्लेषण द्वारा डीपीआर निर्माण कर तकनीकी स्वीकृति एवं प्रशासकीय स्वीकृति के लिए प्रयास किये जा रहे हैं। जिसका परिणाम है कि विगत 06 माह में 43 सड़क निर्माण कार्यों की प्रशासकीय स्वीकृति मिलने के साथ निविदा प्रक्रिया प्रारम्भ कर दी गयी है। कलेक्टर द्वारा मुख्यमंत्री साय की मंशानुरूप सभी सड़क निर्माण कार्यों की निविदा प्रक्रिया जल्द से जल्द पूर्ण कर आगामी 01 वर्ष में सभी को पूर्ण कराने के निर्देश विभागीय अधिकारियों को दिया गया हैं।        लोक निर्माण विभाग से मिली जानकारी के अनुसार के पत्थलगांव के अंतर्गत 73.30 करोड़ रुपयों के 25 सड़क मार्गों का निर्माण किया जाना है। जिसमें 10.94 करोड़ की लागत के एन.एच.43 से बिच्छीकानी ढुढरूपारा से जमरगी तक 8 किमी सड़क मार्ग, 7.98 करोड़ रूपए लागत के बगीया से सूजीबहार तक के 8.70 किमी सड़क मार्ग, 5.57 करोड़ रूपए लागत के लैलूंगा, कोतबा से लवाकेरा तक के 5.18 किमी सड़क मार्ग, 4.28 करोड़ लागत के 3.5 किमी के कांसांबेल मुसकुटी तक सड़क मार्ग, 4.03 करोड़ रूपए लागत के बाबूसाजबहार से गोलीडीह नदी तक सड़क मार्ग, 3 करोड़ रूपए लागत के 1.2 किमी के करजटोली से रजौटी तक सड़क मार्ग सहित 25 सड़क मार्गों का निर्माण कराया जाएगा।         लोक निर्माण विभाग के जशपुर के कार्यपालन अभियंता विरेन्द्र कुमार चौधरी ने बताया कि जशपुर में 39.89 करोड़ रुपयों के 18 सड़क मार्गों का निर्माण किया जाना है। जिसके लिए प्रशासकीय स्वीकृति प्राप्त हो चुकी है। जिसमें 3.39 करोड़ लागत के चांडीडांड हत्ता हल्काटोली तक के 2.36 किमी सड़क मार्ग, 4.75 करोड़ लागत के एस.एच 17 मुख्य मार्ग से ढोगाअम्बा जामचुआ तक 3.26 किमी सड़क मार्ग, 3.6 करोड़ रूपए लागत के बनकोम्बों से घटमुंडा तक के 3.4 किमी सड़क मार्ग, 2.57 करोड़ रूपए लागत के बालाछापर आरा सकरडेगा से छोटाबनई तक के 2.4 किमी सड़क मार्ग, 2.45 करोड़ रूपए लागत के एन.एच. 43 खड़सा से कोमड़ो तक के 1.94 किमी सड़क मार्ग, 2.38 करोड़ रूपए लागत के भुड़केला से लवानदी पुल तक के 2.10 किमी सड़क मार्ग, 2.33 करोड़ रूपए लागत के खरवाटोली से बांधाटोली तक के 2 किमी सड़क मार्ग, 2.25 करोड़ रूपए लागत के बालाछापर आरा सकरडेगा से कारीताला तक के 2 किमी सड़क मार्ग, 2.29 करोड़ रूपए लागत के बहराखैर से जुड़वाईन तक के 1.63 किमी सड़क मार्ग सहित 18 मार्गों का निर्माण कराया जाएगा। recent visitors 64

रायपुर नगर निगम की सामान्य सभा, BJP पार्षदों का हंगामा, विपक्ष ने महापौर को कहा झूठा

रायपुर छत्‍तीसगढ़ की रायपुर नगर निगम की सामान्य सभा एक बार फिर हंगामे का शिकार हो गई, जब भाजपा पार्षदों ने लाइट मेट्रो ट्रेन के मुद्दे पर जमकर विरोध किया। जैसे ही सभा शुरू हुई, विपक्षी पार्षदों ने लाइट मेट्रो ट्रेन से जुड़े सवालों को लेकर आक्रोश व्यक्त किया। भाजपा पार्षदों ने महापौर का फर्जी मेट्रो MoU का बोर्ड लेकर सभापति के डायस पर चढ़ गए और मेयर से रायपुर की जनता से माफी की मांग करने लगे। इस मुद्दे पर बहस इतनी बढ़ गई कि सदन में माहौल गर्म हो गया। महापौर पर आरोप, सभापति से तीखी नोकझोंक सभा की शुरुआत में ही भाजपा पार्षद अमर बंसल और सभापति प्रमोद दुबे के बीच तीखी बहस छिड़ गई। बंसल ने महापौर को "झूठा" करार दिया और महापौर के बोर्ड को हटाने की मांग की। इसके जवाब में सभापति प्रमोद दुबे ने कहा कि बंसल नियमों का उल्लंघन कर रहे हैं, जिससे सदन में और अधिक तनाव बढ़ गया। लाइट मेट्रो ट्रेन के सवाल पर हंगामा नेता प्रतिपक्ष और विपक्ष के पार्षदों ने सवाल उठाया कि महापौर ने लाइट मेट्रो ट्रेन के सवाल को अचानक से क्यों हटा दिया। उन्होंने महापौर से इस मुद्दे पर जवाब दिलवाने की मांग की और महापौर पर आरोप लगाया कि वे जनता से जुड़ी समस्याओं का समाधान नहीं कर रहे हैं। विपक्ष ने महापौर को "झूठा महापौर" कहते हुए जवाबदेही की मांग की, जिससे सदन का माहौल और अधिक गरमा गया। सदन स्थगित, पार्षदों का प्रदर्शन सभापति प्रमोद दुबे ने स्थिति को संभालने के लिए सदन को 10 मिनट के लिए स्थगित कर दिया, लेकिन इससे पहले विपक्षी पार्षद सभापति की टेबल तक पहुंच गए और विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया। सभापति ने कहा कि सदन की मर्यादा बनाए रखना आवश्यक है और उन्होंने पार्षदों से अपील की कि वे नियमों का पालन करें। महापौर द्वारा 8 पार्षदों के प्रश्न निरस्त हंगामे के बीच, महापौर ने 8 पार्षदों के सवालों को निरस्त कर दिया, जिससे विपक्ष का आक्रोश और बढ़ गया। विपक्षी पार्षदों ने सवालों को निरस्त किए जाने का विरोध किया और इसे जनता की आवाज़ दबाने की कोशिश करार दिया। सामान्य सभा में बार-बार हो रहे विवाद रायपुर नगर निगम की सामान्य सभा में लगातार विवाद और हंगामे होते रहे हैं, जिससे नगर के विकास से जुड़े कई मुद्दे प्रभावित हो रहे हैं। इस बार लाइट मेट्रो ट्रेन का मुद्दा प्रमुख विवाद का कारण बना है, जिसे लेकर भाजपा और कांग्रेस के पार्षदों के बीच तीखी बहस हुई। recent visitors 60

रतलाम में बालम ककड़ी खाने से 5 साल के बच्चे की मौत, दो बहनें आईसीयू में भर्ती

रतलाम  जिले के जड़वासा कलां गांव में बालम ककड़ी खाने से एक ही परिवार के 5 लोग बीमार हो गए। इनमें से 5 वर्षीय बालक की मौत हो जबकि मां और दो बेटियों का मेडिकल कॉलेज में उपचार जारी है। जानकारी के अनुसार जड़वासा कलां निवासी किसान मांगीलाल पाटीदार (36), पत्नी कविता, बेटी दक्षिता (11), साक्षी (8) और बेटे क्रियांश (5) को बुधवार सुबह अचानक उल्टियां होने लगी। उन्हें रतलाम के एक निजी हॉस्पिटल में लाया गया था। यहां प्राथमिक उपचार के बाद उन्हें छुट्टी दे दी गई थी और सभी गांव लौट गए थे। बुधवार-गुरुवार की दरमियानी रात 3 बजे कविता, दक्षिता, साक्षी और क्रियांश की फिर से तबीयत बिगड़ गई। इससे परिजन ने चारों को शासकीय मेडिकल कॉलेज भर्ती कराया। यहां तड़के 4 बजे डॉक्टर ने क्रियांश को मृत घोषित कर दिया। दक्षिता और साक्षी की स्थिति गंभीर बताई जा रही है। दोनों का आईसीयू में जबकि मां कविता का जनरल वार्ड में उपचार जारी है। बालम ककड़ी खाने से बिगड़ी तबीयत परिजन ने बताया कि मांगीलाल ने सोमवार को सैलाना-धामनोद रोड से बालम ककड़ी खरीदी थी। सभी ने शाम को बालम ककड़ी खाई। आशंका है कि ककड़ी खाने के कारण फूड पॉइजनिंग होने से सभी की तबीयत बिगड़ी। मांगीलाल के भाई रवि के अनुसार भाभी कविता और दोनों भतीजियों का उपचार जारी है। डॉक्टर भी प्रथमदृष्टया फूड पॉइजनिंग की आशंका जताई है। फूड पॉइजनिंग के बाद भर्ती कराए गए थे रतलाम मेडिकल कॉलेज के ऐपिडेमियोलॉजिस्ट डॉ. गौरव बोरीवाल ने बताया कि पांचों मरीज फूड पॉइजनिंग के कारण बीमार होकर‎ आए थे। सही ‎इलाज मिलने में लंबा गैप होने से भी ‎स्थिति बिगड़ी। क्रियांश का ब्लड सैम्पल लिया है‎, जांच करवाई जाएगी। मेडिकल कॉलेज के अधीक्षक डॉ. विनय शर्मा ने कहा कि प्रथम दृष्टया बच्चे की मौत‎ फूड पॉइजनिंग से हुई है। मां‎ और दो बेटियों को इलाज किया जा रहा है। पुलिस ‎चौकी को इन्वेस्टिगेशन के‎ लिए लिखकर दिया था। वहीं, पुलिस चौकी प्रभारी सुनील राघव ने‎ बताया कि फिलहाल इस तरह का ‎मामला नहीं आया है। जानकारी ‎आएगी तो पड़ताल की जाएगी। कीटनाशक का छिड़काव करते हैं किसान ऐपिडेमियोलॉजिस्ट डॉ. गौरव बोरीवाल ने बताया, ‘किसान फल और सब्जियों में लगने वाले कीड़ों को मारने के लिए ‎कीटनाशक का छिड़काव करते हैं, जो इनको अच्छी तरह धोने से ही साफ हो पाता‎ है। ककड़ी में पित्त भी होता है, जिसे उसके दोनों सिरों को काटने के बाद ‎रगड़कर निकाला जाता है। ककड़ी देखकर खरीदें कि कहीं यह ज्यादा पुरानी तो नहीं है। फल और ‎सब्जी को काटते समय चेक करें क्योंकि इनमें कई बार कीड़े भी निकलते‎ हैं। क्या है बालम ककड़ी बालम ककड़ी मध्य भारत का मौसमी विशेष खीरा है। मध्य भारत के कुछ हिस्सों में आम तौर पर पाई जाने वाली विशाल ककड़ी की मौसमी किस्म, बालम ककड़ी एक ताज़ा देशी सामग्री है जो हाइड्रेटिंग है और कई स्वास्थ्य लाभ प्रदान करती है इसे कब खाना चाहिये खीरा दिन या रात के किसी भी समय खाया जा सकता है क्योंकि यह शरीर को संतुलित करने में मदद करता है और शरीर में पानी की मात्रा को बनाए रखने में मदद करता है। अगर आपका पाचन कमजोर या खराब है तो आपको रात में इसका सेवन करने से बचना चाहिए क्योंकि खीरे के बीज पचने में भारी होते हैं। recent visitors 100

SC ने किया नई SIT का गठन, CBI और FSSAI के अधिकारी भी होंगे शामिल

नई दिल्ली  सुप्रीम कोर्ट ने तिरुपति लड्डू बनाने में जानवरों की चर्बी के इस्तेमाल के आरोपों की जांच के लिए शुक्रवार को एक स्वतंत्र विशेष जांच दल (SIT) का गठन किया। सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि यह करोड़ों लोगों की आस्था का सवाल है। कोर्ट ने इस पूरे मामले की जांच के पांच सदस्यीय एसआईटी गठित करने का आदेश दिया जिसमें सीबीआई, पुलिस और FSSAI के अधिकारी शामिल होंगे। सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने तिरुपति लड्डू विवाद पर सुप्रीम कोर्ट से कहा कि यदि आरोपों में थोड़ी भी सच्चाई है तो यह अस्वीकार्य है। तुषार मेहता ने सुप्रीम कोर्ट को सुझाव दिया कि एसआईटी जांच की निगरानी केंद्र सरकार के किसी वरिष्ठ अधिकारी द्वारा की जाए। 30 सितंबर को इस मामले की सुनवाई करते हुए सुप्रीम कोर्ट ने मेहता से यह तय करने में सहायता करने को कहा था कि राज्य द्वारा नियुक्त एसआईटी द्वारा जांच जारी रहनी चाहिए या किसी स्वतंत्र एजेंसी द्वारा जांच की जानी चाहिए। तिरुपति मंदिर में प्रसाद के लड्डू बनाने में जानवरों की चर्बी के कथित इस्तेमाल के मामले में सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में जांच के अनुरोध वाली याचिका समेत अन्य दूसरी याचिकाओं पर सुप्रीम कोर्ट का यह फैसला सामने आया। सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि हम अदालत को राजनीतिक युद्धक्षेत्र के रूप में इस्तेमाल नहीं होने देंगे। पिछले महीने की शुरुआत में आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू ने दावा किया था कि राज्य में पिछली जगन मोहन रेड्डी के नेतृत्व वाली सरकार के दौरान तिरुपति में लड्डू तैयार करने में पशु चर्बी का उपयोग किया गया था, जिससे एक बड़ा राजनीतिक विवाद पैदा हो गया था। सुप्रीम कोर्ट ने पिछली सुनवाई के दौरान आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू के सार्वजनिक बयान पर सवाल उठाया था। सुप्रीम कोर्ट ने कहा था कि लैब रिपोर्ट बिल्कुल स्पष्ट नहीं है। कोर्ट ने पूछा कि इस बात का क्या सबूत है कि तिरुपति मंदिर में लड्डू बनाने में दूषित घी का इस्तेमाल किया गया था। अदालत को राजनीतिक लड़ाई का अखाड़ा नहीं बना सकते कोर्ट ने कहा कि हम अदालत को राजनीतिक लड़ाई के अखाड़े में तब्दील होने की इजाजत नहीं दे सकते. नई SIT में CBI के दो अधिकारी, आंध्र प्रदेश सरकार के दो प्रतिनिधि और FSSAI का एक सदस्य शामिल है. SIT जांच की निगरानी CBI डायरेक्टर करेंगे. इसके साथ ही स्पष्ट हो गया है कि तिरुपति बालाजी का प्रसाद बनाने में प्रयोग होने वाले घी में मिलावट के आरोपों की जांच राज्य सरकार की SIT नहीं करेगी. जस्टिस बी आर गवई और जस्टिस के वी विश्वनाथन की पीठ के समक्ष सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने कहा कि SIT की क्षमता को लेकर उन्हें कोई संदेह नहीं है. हम चाहते हैं कि सेंट्रल पुलिस फोर्स के किसी सीनियर अधिकारी को जांच की निगरानी सौंप दी जाए. मैंने मुद्दे की जांच की. इसमें एक बात स्पष्ट है कि यदि इस आरोप में सच्चाई का कोई अंश है तो यह अस्वीकार्य है. देशभर में भक्त हैं. खाद्य सुरक्षा भी जरूरी है. मुझे एसआईटी के सदस्य जो जांच कर रहे है उन पर कोई आपत्ति नही है. वहीं, इससे पहले आंध्र प्रदेश सरकार के वकील ने कहा कि अगर SIT में किसी अधिकारी को कोर्ट जोड़ना चाहता है तो हमे कोई दिक्कत नहीं है. याचिकाकर्ता की ओर से कपिल सिब्बल ने कोर्ट से कहा कि कल फिर इसको लेकर बयान जारी किया गया. सिब्बल ने मांग की कि कोर्ट इस मामले की जांच का जिम्मा SIT के बजाए किसी स्वतंत्र जाँच एजेंसी को सौप दे. इस पर कोर्ट ने कहा कि ये करोड़ों लोगों की आस्था का मामला है. हम नहीं चाहते कि ये सियासी ड्रामा बन जाए. कोर्ट ने सुझाव दिया कि पांच लोगों की SIT बनाई जा सकती है, जिसमें सीबीआई के दो अधिकारी और FSSAI का एक सदस्य शामिल हो. यानी इस मामले की जांच के लिए स्वतंत्र जांच एजेंसी हो, जिसमें सीबीआई के दो आधिकारी, राज्य सरकार के दो अधिकारी और एक अधिकारी FSSAI से होगा. recent visitors 69

सुक्खू सरकार की ‘टॉयलेट एक प्रेम कथा’, जिस पर हो-हल्ला होने के बाद अब देना पड़ेगा TAX

शिमला हिमाचल प्रदेश की सुखविंदर सिंह सुक्खू सरकार अब राज्य में टॉयलेट सीट टैक्स वसूल करने की तैयारी में है। लोगों पर अब उनके घरों में मौजूद टॉयलेट सीट्स की संख्या के आधार पर टैक्स चुकाना होगा। दरअसल, वित्तीय संकट से जूझ रही राज्य सरकार ने हाल ही में इस संबंध में अधिसूचना जारी की है। सीवरेज और पानी के बिल से जुड़ी सरकारी अधिसूचना में कहा गया है कि शहरी क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को अपने घर में बने टॉयलेट की हर एक सीट के लिए 25 रुपये का शुल्क देना होगा। सीवरेज बिल के साथ यह अतिरिक्त शुल्क जल शक्ति विभाग के खाते में ट्रांसफर किया जाएगा। सरकारी अधिसूचना में कहा गया है कि सीवरेज बिल पानी के बिल का 30 प्रतिशत होगा। नोटिफिकेशन के अनुसार, जो लोग अपने सोर्स से पानी का उपयोग करते हैं और केवल सरकारी विभाग से सीवरेज कनेक्शन का उपयोग करते हैं, उन्हें हर महीने प्रति टॉयलेट सीट 25 रुपये का शुल्क देना होगा। विभाग ने इसे लेकर आदेश सभी मंडल अधिकारियों को जारी कर दिए हैं। इससे पहले पहाड़ी राज्य में पानी के बिल जारी नहीं किए जाते थे। बीजेपी सरकार ने घोषणा की थी कि अगर वह सत्ता में आई तो मुफ्त पानी दिया जाएगा। लेकिन हिमाचल प्रदेश की सुक्खू सरकार ने अब हर कनेक्शन पर 100 रुपये महीने पानी का बिल जारी करने का आदेश दिया है। इसकी शुरुआत अक्टूबर से हो गई है। शहरी क्षेत्रों में रहने वालों को इन नए सरकारी शुल्कों का खामियाजा भुगतना पड़ सकता है। ऐसा इसलिए है क्योंकि आमतौर पर लोग अपने घरों में कई टॉयलेट बनवाते हैं और अब प्रत्येक टॉयलेट सीट पर शुल्क लगाया जाएगा। हिमाचल प्रदेश में कुल 5 नगर निगम, 29 नगर पालिकाएं और 17 नगर पंचायतें हैं, जिनमें कुल मिलाकर लगभग 10 लाख लोग रहते हैं। सरकार के नए आदेश से राज्य की एक बड़ी आबादी पर असर पड़ने की उम्मीद है। टॉयलेट टैक्स को लेकर बीजेपी नेता शहजाद पूनावाला ने कांग्रेस पर हमला बोला है। उन्होंने कहा, 'जहां भी कांग्रेस आई, वहां महंगाई लाई, बर्बादी लाई। अब हिमाचल प्रदेश में, अपने वादों से राज्य को दिवालिया बनाने के बाद, हम देख रहे हैं कि कैसे लोगों पर लगातार टैक्स लगाया जा रहा है। यहां तक ​​कि कांग्रेस पार्टी ने टॉयलेट को भी नहीं बख्शा। कांग्रेस पार्टी बहुत सारे वादे करती है, लेकिन वे कभी उन्हें पूरा नहीं करते। वे बस राज्यों को दिवालिया बनाते हैं और इस तरह के टैक्स लगाते हैं।' कई मीडिया आउटलेट्स ने ऐसी खबरें प्रकाशित की थीं कि सुखविंदर सिंह सुक्खू के नेतृत्व वाली हिमाचल प्रदेश सरकार ने पहाड़ी राज्य में टॉयलेट सीट टैक्स लगाने का फैसला किया है. इस नई नीति के तहत हिमाचल प्रदेश के लोगों से उनके घरों में टॉयलेट सीटों की संख्या के आधार पर हर महीने 25 रुपये सीवरेज टैक्स लिया जाएगा. हालांकि, सुखविंदर सिंह सुक्खू के नेतृत्व वाली कांग्रेस सरकार ने इन खबरों का खंडन किया है. यह ध्यान रखना महत्वपूर्ण है कि हिमाचल प्रदेश वर्तमान में वित्तीय संकट का सामना कर रहा है. पिछले महीने राज्य कर्मचारियों का वेतन और पेंशनर्स की पेंशन समय पर नहीं ​जारी किया जा सकता था और इसमें 5 दिन की देरी हुई थी. अगस्त में सीएम सुक्खू ने ऐलान किया था कि वह और राज्य के मुख्य संसदीय सचिव अगले दो महीने तक अपना वेतन और भत्ते नहीं लेंगे.  उन्होंने विधानसभा के अन्य सदस्यों से भी अपील की थी कि वे स्वेच्छा से अपना वेतन और भत्ते छोड़कर इस आर्थिक संकट से निपटने में राज्य की मदद करें. recent visitors 56