राज्यसभा की 12 रिक्त सीटों के लिए चुनाव की अधिसूचना की जारी, 3 सितंबर को मतदान, नामांकन दाखिल 14 से 21 अगस्त तक

नई दिल्ली   भारत निर्वाचन आयोग ने राज्यसभा की 12 रिक्त सीटों के लिए चुनाव की अधिसूचना जारी कर दी है। चुनाव 3 सितंबर को आयोजित किया जाएगा। नामांकन दाखिल करने की प्रक्रिया 14 अगस्त से शुरू हो जाएगी और 21 अगस्त तक जारी रहेगी। नामांकन वापस लेने की आखिरी तारीख 26 और 27 अगस्त है। इसके बाद 22 अगस्त को नामांकन पत्रों की जांच की जाएगी। चुनाव की सीटें और संभावित विजेता राज्यसभा के उपचुनाव असम और महाराष्ट्र में दो-दो सीटों पर, और मध्य प्रदेश, राजस्थान, बिहार तेलंगाना, हरियाणा, त्रिपुरा तथा ओडिशा में एक-एक सीट पर होंगे। मध्य प्रदेश, राजस्थान हरियाणा, ओडिशा और असम में BJP उम्मीदवारों की जीत की संभावनाएं अधिक हैं, क्योंकि इन राज्यों में भाजपा की सरकार है और पार्टी के पास पर्याप्त संख्या बल है। लोकसभा में चुने गए राज्यसभा सदस्य हाल ही में केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल, सर्बानंद सोनोवाल, ज्योतिरादित्य सिंधिया, दीपेंद्र हुड्डा, मीसा भारती, बिप्लब कुमार देब और केसी वेणुगोपाल जैसे मौजूदा राज्यसभा सदस्य लोकसभा के लिए चुने गए हैं। इसके अतिरिक्त, राज्यसभा की दो सीटें सदस्यों के इस्तीफा देने के कारण भी खाली हुई हैं। चुनाव की तैयारी और आगे की योजनाएं निर्वाचन आयोग द्वारा जारी की गई इस अधिसूचना के अनुसार, उपचुनाव की तैयारियां जोर-शोर से की जा रही हैं। उम्मीदवारों की नामांकन प्रक्रिया, नामांकन पत्रों की जांच और अन्य चुनावी प्रक्रियाओं के बाद, 3 सितंबर को मतदान होगा। इस चुनाव से संबंधित सभी गतिविधियों की निगरानी की जा रही है ताकि निर्वाचन प्रक्रिया पारदर्शी और सुचारू रूप से संपन्न हो सके। recent visitors 87

मध्य प्रदेश में हाईवे पर बनाई थीं 46 पुलिस चौकियां, अमला नहीं होने से आधी बंद, दुर्घटनाएं रोकने के लिए बनाई थी योजना

भोपाल मध्य प्रदेश में सड़क दुर्घटनाएं रोकने, घायलों को चिकित्सकीय सहायता और यातायात नियम तोड़ने वालों पर कार्रवाई के लिए साल 2015-16 में राष्ट्रीय राजमार्गों पर 46 पुलिस चौकियां बनाई गई थीं। इसके पीछे लक्ष्य था कि हाइवे के लिए अलग से हाइवे पुलिस की भर्ती कर इन चौकियों में तैनात किया जाएगा। मगर, आज तक यह संवर्ग ही नहीं बना है। जिला पुलिस बल के पुलिसकर्मी अपनी सुविधा अनुसार इन चौकियों में पदस्थ किए जाते हैं। मगर, कई जगह अमला कम होने के कारण चौकियों पर कोई नहीं रहता। पूरा प्रोजेक्ट 250 करोड़ रुपये का था, जिसमें अलग-अलग शीर्ष में पंचवर्षीय योजना के अंतर्गत अभी भी राशि आ रही है, पर पुलिस चौकियों पर ध्यान नहीं है।       हाइवे पुलिस बनाने के पीछे लक्ष्य यह है कि यातायात नियम तोड़ने वाले वाहन चालकों के विरुद्ध कार्रवाई की जा सके। सड़क दुर्घटना में घायलों को उपचार के लिए चिकित्सकीय सहायता उपलब्ध कराई जा सके। हाइवे में पुलिस की पेट्रोलिंग हो सके।- अनिल कुमार गुप्ता, पीटीआरआई के एडीजी एमपी में बढ़ रहे सड़क हादसे दरअसल, प्रदेश में सड़क दुर्घटनाओं और इनमें मृत्यु के मामले लगातार बढ़ रहे हैं। इन्हें रोकने के लिए हाइवे पुलिसिंग का प्लान बनाया गया था। पुलिस प्रशिक्षण एवं शोध संस्थान (पीटीआरआई) के तत्कालीन अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक (एडीजी) यूके लाल के समय यह प्रोजेक्ट स्वीकृत हुआ था। इसमें हाइवे में निर्धारित दूरी में पुलिस चौकियां तो बना दी गईं, पर अलग से अमला और अन्य संसाधन स्वीकृत नहीं हुआ। यह स्थिति तब है जब राष्ट्रीय राजमार्गों में होने वाली दुर्घटनाओं में मध्य प्रदेश देश में चौथे स्थान पर है। डेढ़ सौ से अधिक ब्लैक स्पॉट राष्ट्रीय राजमार्गों में हैं, जो अन्य मार्गों की तुलना में सर्वाधिक हैं। recent visitors 68

साल के अंत तक देश की 50 सीटों पर उपचुनाव होने हैं, राहुल, अखिलेश, शिवराज के गढ़ किसके साथ, सियासी हलचल तेज

नई दिल्ली लोकसभा चुनाव खत्म हुए अभी कुछ महीने ही बीते हैं कि अब उपचुनाव का दौर शुरू होने वाला है। इस साल के अंत तक देश की 50 सीटों पर उपचुनाव होने हैं। इनमें कई सीटें लोकसभा की हैं तो ज्यादातर विधानसभा सीटों पर मतदान होना है। ये सीटें उन विधायकों के इस्तीफे से खाली हुई हैं, जो अब सांसद बन चुके हैं या फिर दो जगहों से लड़ने के चलते एक लोकसभा सीट खाली की है। माना जा रहा है कि इन सीटों पर हरियाणा, महाराष्ट्र, जम्मू-कश्मीर और झारखंड जैसे राज्यों में विधानसभा चुनाव के साथ ही वोटिंग कराई जा सकती है। उत्तर प्रदेश में ही 10 विधानसभा सीटों पर वोटिंग होनी है, जिनमें से एक सीट अखिलेश यादव के इस्तीफे से खाली मैनपुरी की करहल है। इसके अलावा अयोध्या के सांसद बने अवधेश प्रसाद की सीट मिल्कीपुर भी है। वह अब तक यहीं से विधायक थे। गाजियाबाद, कुंदरकी जैसी सीटों पर भी चुनाव होना है। वहीं मध्य प्रदेश में पूर्व सीएम शिवराज सिंह चौहान की विधानसभा सीट बुधनी में भी चुनाव होगा। अब वह विदिशा सीट से सांसद बन चुके हैं। वहीं कर्नाटक में बसवराज बोम्मई, एचडी कुमार स्वामी, बिहार में जीतन राम मांझी और सिक्किम में सीएम प्रेम सिंह तमांग की छोड़ी हुई सीटों पर भी मतदान होगा। बंगाल की भी 6 सीटों पर उपचुनाव, बिहार और पंजाब में 4-4 उपचुनाव में सबसे ज्यादा यूपी की सीटें हैं तो दूसरे नंबर पर पश्चिम बंगाल है। यहां 6 सीटों पर उपचुनाव होगा। इसेक अलावा असम और राजस्थान में 5-5 सीटों पर वोटिंग होगी। बिहार और पंजाब में 4-4 सीटों पर उपचुनाव होना है। बता दें कि लोकसभा में नेता विपक्ष राहुल गांधी भी रायबरेली और वायनाड सीट से लड़े थे। उन्होंने चुनाव के बाद रायबरेली से सांसद बने रहने का फैसला लिया और वायनाड से इस्तीफा दे दिया। अब वायनाड से उनकी बहन प्रियंका गांधी चुनाव लड़ रही हैं। नियम के अनुसार किसी भी सीट को 6 महीने से ज्यादा खाली नहीं रका जा सकता। ऐसे में ज्यादातर सीटों पर नवंबर तक मतदान करा लिया जाएगा। यूपी में 10 सीटों पर कांग्रेस और सपा दिखाना चाहेंगे ताकत इसी साल महाराष्ट्र, हरियाणा, झारखंड और जम्मू-कश्मीर में असेंबली इलेक्शन का प्लान है। संभावना है कि अलग-अलग समय पर राज्यों के साथ ही विधानसभा और लोकसभा के उपचुनाव भी करा लिए जाएं। कई राज्यों में तो उपचुनाव को भी सरकार के लिए जनादेश के तौर पर माना जा रहा है। यूपी में भाजपा को लोकसभा चुनाव में झटका लगा था। ऐस में अब 10 विधानसभा सीटों पर जीत के जरिए वह ताकत दिखाना चाहेगी। वहीं सपा और कांग्रेस एक बार फिर अपनी ताकत को दिखाना चाहेंगे। recent visitors 86

दिल्ली में MCD की बड़ी कार्रवाई, अब तक निगम प्रशासन ने लगभग 85 कोचिंग सेंटरों और संपत्तियों को किया सील

नई दिल्ली दिल्ली के ओल्ड राजेंद्र नगर की घटना के बाद एमसीडी की ओर से लगातार कड़ी कार्रवाई सामने आ रही है। दिल्ली में अवैध रूप से कोचिंग सेंटरों, पीजी और पुस्तकालयों के संचालन पर नकेल कसने के लिए नगर निगम प्रशासन ने कार्रवाई तेज कर दी है। ओल्ड राजेंद्र नगर की घटना 27 जुलाई को रात के समय घटी थी। तब से लेकर अब तक निगम प्रशासन ने लगभग 85 कोचिंग सेंटरों, बेसमेंट व संपत्तियों को भवन निर्माण का उल्लंघन करने पर सील कर दिया है। 200 से अधिक संपत्तियों को नोटिस इसके अतिरिक्त निगम ने 200 से अधिक संपत्तियों व उनके मालिकों को नियमों का उल्लंघन करने पर नोटिस जारी किए हैं। साथ ही अवैध रूप से संपत्तियों व बेसमेंट का दुरुपयोग करने वाले मालिकों की पहचान की जा रही है। 30 लाख संपत्तियों का सर्वे इस संबंध में सभी जोन में इंजीनियरिंग विभाग, रखरखाव व इमारत विभाग सर्वे कर रहा है। इसमें लगभग 30 लाख संपत्तियों पर सर्वे किया जा रहा है। इसमें व्यावसायिक व रिहायशी संपत्तियां शामिल हैं। निगम के अधिकारियों ने बताया कि अब तक लगभग 85 संपत्तियों को भवन निर्माण का उल्लंघन करने पर सील किया है। बीते दो दिनों के दौरान मंगलवार और बुधवार को कुल 13 संपत्तियों को सील किया है। जारी रहेगी कार्रवाई बुधवार को शाहदरा दक्षिण, करोल बाग और नजफगढ़ जोन में टीमों ने संपत्तियों को सील किया है। बेसमेंट का अवैध रूप से दूसरे तरह से उपयोग करने वालों के खिलाफ भी कार्रवाई की जा रही है। अब तक हुए सर्वे में यह पता चला है कि लोगों ने विभिन्न वस्तुओं के भंडारण व अन्य तरीके से बेसमेंट बनाकर उसकी स्वीकृति ली थी। लेकिन वह कुछ और कार्य इस बेसमेंट में करते पाए। यह भवन निर्माण के नियमों का उल्लंघन हैं। इन सभी के खिलाफ आने वाले दिनों में कार्रवाई जारी रहेगी।   recent visitors 125

डिप्थीरिया से बचाव के लिए बच्चों को प्रत्येक गुरुवार स्कूलों में टीका लगाया जाएगा

भोपाल डिप्थीरिया से बचाव के लिए बच्चों को प्रत्येक गुरुवार स्कूलों में टीका लगाया जाएगा। इसकी शुरुआत आठ अगस्त से होने जा रही है। प्रदेश के शासकीय विद्यालयों में प्रत्येक गुरुवार को 'शालेय टीकाकरण दिवस' होगा। इसमें पांचवीं एवं 11वीं कक्षा के बालक-बालिकाओं को डीपीटी और टीडी का टीका लगाया जाएगा। उप मुख्यमंत्री राजेंद्र शुक्ल ने कहा है कि बच्चों को पूर्ण प्रतिरक्षित कर जानलेवा बीमारियों से मुक्त रखना हम सबकी जिम्मेदारी है। पोलियो उन्मूलन की ही तरह बच्चों को शत-प्रतिशत डिप्थीरिया मुक्त बनाया जाएगा। डिप्थीरिया गलघोटू बीमारी डिप्थीरिया (गलघोटू) बैक्टीरिया से होने वाली बीमारी है। इसमें श्वास लेने में तकलीफ से पीड़ित बच्चों में 70 प्रतिशत की मौत हो जाती है। पहले यह बीमारी पांच वर्ष की उम्र तक होती थी, जिससे बचाव के लिए डीपीटी का टीका लगाया जाता था। अब यह बीमारी, 15-16 वर्ष तक की उम्र तक भी देखने को मिल रही है। 70 प्रतिशत बच्चों को लगा टीका इस बीमारी से बचाव के लिए अब 10 और 16 वर्ष की उम्र वाले बच्चों को टीडी (टिटनेस, डिप्थीरिया) का टीका लगाया जा रहा है। प्रदेश में अगस्त 2022 में विशेष टीकाकरण अभियान में लक्ष्य के विरुद्ध 70 प्रतिशत बच्चों को ही टीका लग पाया, जिससे अब स्कूल में नियमित टीकाकरण किया जा रहा है। recent visitors 147

तीसरे एकदिवसीय मैच में श्रीलंका ने भारत को 110 रनों से हराया

नई दिल्ली श्रीलंका और भारत के बीच आखिरी वनडे बुधवार को खेला गया। कोलंबो के आर प्रेमदासा स्टेडियम में खेले जाने वाले इस मैच में श्रीलंका के कप्तान चरिथ असलंका ने टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी का फैसला किया। श्रीलंका ने अकीला धनंजय की जगह महीश तीक्षणा को प्लेइंग 11 में मौका दिया। वहीं, भारतीय टीम में विकेटकीपर केएल राहुल की जगह ऋषभ पंत आए। तेज गेंदबाज अर्शदीप सिंह की जगह रियान पराग को मौका मिला। रोहित शर्मा की कप्तानी में वनडे सीरीज 2-0 से गंवा दी है। टीम इंडिया को आखिरी वनडे में 110 रनों से शिकस्त मिली है। मैच में टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करते हुए श्रीलंका ने 249 रन बनाएं। जवाब में भारतीय टीम 26.1 ओवर में 138 रन पर सिमट गई। रोहित शर्मा ने सर्वाधिक 35 रन बनाएं। वाशिंगटन सुंदर 30, विराट कोहली 20 और रियान पराग 15 रन बनाकर पवेलियन लौटे। श्रीलंका की ओर से वेल्लालागे ने 5 विकेट झटके। जेफरी और महीश को 2-2 सफलता मिली। श्रीलंका की दमदर शुरुआत श्रीलंका ने टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करने का फैसला किया। सलामी बल्लेबाजों के बीच 89 रनों की साझेदारी हुई। पथुम निसांका 45 रन पर आउट हुए। पारी के 20वें ओवर में अक्षर पटेल ने पहली सफलता दिलाई। इसके बाद कुसल मेंडिस ने अविष्का फर्नांडो के साथ मोर्चा संभाला। मेंडिस और अविष्का के बीच 82 रन की साझेदारी को रियान पराग ने तोड़ा। उन्होंने अविष्का (96) पर चलता किया। इसके अलावा कुसल मेंडिस ने 59 रन बनाए और श्रीलंका ने 7 विकेट पर 248 रन का स्कोर बनाया।   recent visitors 104

मुख्यमंत्री डॉ. यादव की अध्यक्षता में मंत्रि-परिषद के निर्णय, मध्यप्रदेश कार्यपालक शासन के कार्य नियम 3 में संशोधन की मंजूरी

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में मंत्रि-परिषद की बैठक मंत्रालय में हुई। मंत्रि-परिषद द्वारा वित्त विभाग के अंतर्गत संचालनालय वित्तीय प्रबंधन सूचना प्रणाली का पुनर्गठन मान्य करते हुये 47 नवीन पदों के सृजन तथा नियमों में संशोधन एवं (पी.एम.यू) प्रोजेक्ट मैनेजमेंट यूनिट के गठन का अनुमोदन किया गया। इस निर्णय से प्रदेश के वित्तीय प्रबंधन की गुणवत्ता एवं सटीकता में और सुधार होगा। संचालनालय वित्तीय प्रबंध सूचना प्रणाली वर्ष 1980 से अस्तित्व में है। इसके माध्यम से राज्य शासन के आय-व्यय का निरंतर अनुश्रवण, राज्य शासन के मुख्य तथा अनुपूरक बजट,राज्य शासन के नगद शेष का अनुश्रवण, राज्य शासन का ऋण प्रबंधन, महालेखाकार कार्यालय से प्राप्त आय-व्यय के आंकड़ों के आधार पर विभिन्न वित्तीय सूचनायें एवं विश्लेषण के कार्य संपादित किये जाते हैं। बजट प्रक्रियाओं में निरन्तर परिवर्तन/सुधार तथा वित्तीय संव्यवहारो में अधिक सजगता व सतर्कता की आवश्यकता को दृष्टिगत रखते हुए वित्तीय प्रबंध सूचना प्रणाली संचालनालय की वर्तमान संगठनात्मक संरचना को सुद्दढ़ किये जाने का निर्णय लिया गया। लोकतंत्र सेनानियों के दिवंगत होने पर अंत्येष्टि के लिए सहायता राशि में वृद्धि मंत्रि-परिषद द्वारा लोकतंत्र सेनानियों के दिवंगत होने पर अंत्येष्टि के लिए प्रदाय की जा रही वर्तमान राशि 8 हजार रूपये में वृद्धि कर 10 हजार रूपये किये जाने एवं दिवंगत लोकतंत्र सेनानियों की राजकीय सम्मान के साथ अंत्येष्टि किए जाने की स्वीकृति दी गईं। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने 26 जून 2024 को यह घोषणा की थी। घोषणा की पूर्ति के लिए अंत्येष्टि के लिए सहायता राशि में वृद्धि के लिए मध्यप्रदेश लोकतंत्र सेनानी सम्मान नियम 2018 की कंडिका 5(2) में संशोधन तथा राजकीय सम्मान के साथ अंत्येष्टि किये जाने के लिए नवीन कंडिका 5(3) प्रतिस्थापित की जाने की अनुमति दी गयी। मध्यप्रदेश कार्य (आवंटन) नियम को अद्यतन करने के संबंधी स्वीकृति मंत्रि-परिषद द्वारा मध्यप्रदेश कार्य (आवंटन) नियम में उर्जा विभाग और पशुपालन एवं डेयरी विभाग के अन्तर्गत वर्तमान प्रविष्टियों के स्थान पर संक्षेपिका के अनुसार प्रविष्टियां प्रतिस्थापित करने की स्वीकृति दी गईं। विभिन्न विभागों की संरचना में परिवर्तन एवं उनके कार्यों का विस्तार होने तथा विभागों का आपस में संविलियन हो जाने से विभागों के क्रियाकलापों में काफी परिवर्तन आया है। अनेक योजनाओं के आरंभ हो जाने के कारण भी विभागों के दायित्व परिवर्तित हुए हैं। तद्‌नुसार परिवर्तनों का समावेश करते हुए मध्यप्रदेश कार्य (आवंटन) नियम में संशोधन कर अद्यतन किये जाने की स्वीकृति दी गयी। "मध्यप्रदेश कार्यपालक शासन के कार्य नियम" 3 में संशोधन की मंजूरी मंत्रि-परिषद द्वारा "मध्यप्रदेश कार्यपालक शासन के कार्य नियम" में संशोधन करते हुए, "कागज़-पत्र" या "अभिलेख" के अंतर्गत इलेक्ट्रॉनिक अभिलेख को भी मंजूरी दी गयी। जेल विभाग के विभिन्न निर्माण कार्यों और 279 पदों की प्रशासकीय स्वीकृति मंत्रि-परिषद द्वारा बुरहानपुर जेल के आवास गृहों के निर्माण कार्य के लिए 73 करोड़ 44 लाख रूपये तथा 60 पदों के सृजन, सब जेल मऊगंज के आवास गृहों के निर्माण के लिए 19 करोड़ 44 लाख रूपये तथा 33 पदों के सृजन, सब जेल मैहर के उन्नयन के संबंध में पुनर्घनत्वीकरण योजना अंतर्गत नई जेल का निर्माण कराये जाने तथा योजना के डीपीआर पर अनुमोदन प्रदाय कर 33 अतिरिक्त पदों के सृजन, जिला जेल अनूपपुर में 60 पदों के सृजन, सब जेल त्योंथर के लिए 31 पदों के सृजन, सब जेल बड़नगर में 31 पदों के सृजन तथा सब जेल गैरतगंज में 31 पदों के सृजन की प्रशासकीय स्वीकृति दी गईं। शासकीय पॉलीटेक्निक महाविद्यालय रीवा में 02 नवीन संकाय प्रारंभ करने की स्वीकृति मंत्रि-परिषद द्वारा शासकीय पॉलीटेक्निक महाविद्यालय रीवा में 02 नवीन संकाय सिविल एवं मैकेनिकल प्रारंभ करने के लिए पदीय संरचना की स्वीकृति प्रदान की गयी। सिविल संकाय में 01 विभागाध्यक्ष एवं 06 व्याख्याता और मैकेनिकल संकाय में 01 विभागाध्यक्ष एवं 06 व्याख्याता के पद शामिल है। इन संकाय के प्रारंभ होने से रीवा अंचल के विद्यार्थियों को तकनीकी रोजगारमूलक शिक्षा का लाभ प्राप्त होगा। प्राकृतिक संपदा से ओत-प्रोत रीवा जिले में स्थित औ‌द्यौगिक क्षेत्रों में सीमेंट फैक्ट्रियों की अधिकता है। इन औ‌द्यौगिक इकाइयों में सिविल एवं मैकेनिकल के छात्रों की मांग बनी रहती है। शासकीय पॉलीटेक्निक महाविद्यालय रीवा में फॉयर टेक्नालॉजी एण्ड सेफ्टी ब्रांच को यथावत वर्तमान पद स्वीकृति सहित रखा जायेगा। अपेक्षित आवर्ती/अनावर्ती व्यय लगभग 592 लाख रूपये के वित्तीय प्रावधान की स्वीकृति प्रदान की गयी।   recent visitors 109