अयोध्या रेप केस की पीड़िता को संसाधनों के अभाव में अग्रिम इलाज के लिए केजीएमयू रेफर

अयोध्या जिला महिला अस्पताल में भर्ती दुष्कर्म पीड़िता को संसाधनों के अभाव में अग्रिम इलाज के लिए केजीएमयू रेफर कर दिया गया है। कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच एंबुलेंस से सीएमओ डॉ. संजय जैन पीड़िता को लेकर लखनऊ के लिए रवाना हुए हैं। भदरसा दुष्कर्म कांड की पीड़िता हैवानियत की शिकार होकर गर्भवती हो गई है। उसे इलाज के लिए महिला अस्पताल में भर्ती कराया गया था, लेकिन यहां विशेषज्ञ व आवश्यक संसाधनों की कमी के कारण चिकित्सकों ने उसके बेहतर इलाज के लिए केजीएमयू लखनऊ भेजने की संस्तुति की थी। सीएमओ डॉ. संजय जैन सुबह से अस्पताल परिसर में मौजूद रहे। कई राउंड की मंत्रणा और बाल कल्याण समिति के निर्देश पर उन्होंने बालिका को लखनऊ के लिए रेफर कराया है। बेबस बेटी के साथ लाचार मां का दर्द साझा कर पोछे आंसू भाजपा जांच दल ने पीड़िता की मां से बात की। इसपर उन्होंने बताया कि अब भी आरोपी सपा नेता मोईद खान के समर्थक धमकी दे रहे हैं। समझौते का दबाव बना रहे हैं। हमें बहुत डर लग रहा है। इस पर प्रदेश के पिछड़ा वर्ग कल्याण राज्य मंत्री व भाजपा पिछड़ा वर्ग मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष नरेंद्र कश्यप ने कहा कि धमकी देने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होगी। योगी सरकार ऐसा करने वालों को नहीं छोड़ेगी। राज्यसभा सांसद बाबूराम निषाद ने परिवार को आश्वस्त किया कि आप निश्चिंत रहें। मेरा नंबर लें। कोई धमकाए तो सीधे मुझे बताएं। दल के सदस्य जिला महिला अस्पताल पहुंचे और पीड़िता का हाल जाना। उसे ढांढस बंधाया। इसके बाद सर्किट हाउस में प्रशासन और पुलिस अफसरों के साथ बैठक कर अब तक की कार्रवाई की जानकारी ली। पीड़िता को न्याय, दोषियों को फांसी दिलाएंगे : कश्यप नरेंद्र कश्यप ने कहा कि दुष्कर्म पीड़िता को न्याय के साथ दोषियों को फांसी दिलाएंगे। इस जघन्य घटना में शामिल लोग बच नहीं पाएंगे। योगी सरकार उन्हें मिट्टी में मिलाकर ही दम लेगी। आरोपी की अवैध संपत्तियों की जांच की जा रही है। उनपर भी बुलडोजर चलेगा। राज्यमंत्री पीड़िता और उसके परिवार से मिलने के बाद सर्किट हाउस में संवाददाताओं से बातचीत कर रहे थे। उन्होंने कहा कि पीड़ित परिवार की सुरक्षा सरकार की जिम्मेदारी है। सरकार ने सख्त कार्रवाई की है। आरोपी जेल में है। उसकी संपत्ति ध्वस्त कर दी गई है। परिवार को आर्थिक मदद भी दी गई। घटना का मुख्य आरोपी सपा का नगर अध्यक्ष फैजाबाद के सांसद अवधेश प्रसाद का बेहद करीबी है। उस पर कार्रवाई की बजाय सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव डीएनए टेस्ट की बात कर रहे हैं। यह शर्मनाक है। सपा ने अपना असली रूप दिखा दिया है। पीड़ित किसी भी जाति, धर्म का हो न्याय मिलेगा : संगीता राज्यसभा सांसद संगीता बलवंत ने कहा कि भाजपा सरकार की नीति है कि पीड़ित किसी भी जाति या धर्म का हो, उसे हर हाल में न्याय मिलना चाहिए। अपराधी कितना भी रसूख वाला हो, उसे सजा मिलकर रहेगी। उन्होंने कहा कि समाजवादी पार्टी के पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष मुलायम सिंह यादव कहते थे कि लड़के हैं, उनसे गलती हो जाती है। अब उसी पार्टी के मौजूदा अध्यक्ष डीएनए टेस्ट कराने की बात कर रहे हैं। किसी भी सूरत में अपराधी के साथ नहीं खड़ा होना चाहिए, चाहे वह हमारे दल का ही क्यों न हो। recent visitors 101

उज्जैन में बना वर्ल्ड रिकॉर्ड, डम-डम से गूंज उठी महाकाल की नगरी…

उज्जैन  महाकाल की नगर उज्जैन ने एक नया कीर्तिमान रच दिया है। सावन में 15000 डमरू वादकों 10 मिनट तक एक साथ प्रस्तुति देकर वर्ल्ड रेकॉर्ड बनाया है। डमरू वादन के लिए गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रेकॉर्ड में नाम दर्ज हो गया है। इस उपलब्धि पर एमपी के सीएम मोहन यादव ने बधाई दी है। दरअसल, महाकालेश्वर मंदिर के महाकाल लोक स्थित रुद्रसागर के समीप शक्तिपथ पर 25 दलों के 1500 डमरू वादकों ने भस्म आरती की धुन पर डमरु वादन कर गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड बनाया। वर्ल्ड रेकॉर्ड बनाने के लिए एक साथ 1500 कलाकारों ने भगवान शिव के प्रिय वाद्य डमरू, झांझ मंजीरे की सुरमयी मंगल ध्वनि आकर्षण का केंद्र बन गई। समूची उज्जैन नगरी डमरू की गूंज से गुंजायमान हो गई। उज्जैन में 1500 वादकों ने डमरू वादन कर फेडरेशन ऑफ इंडियन एसोसिएशन न्यूयॉर्क के 488 डमरू वादन का रिकॉर्ड तोड़ा। सीएम मोहन यादव की पहल पर उज्जैन डमरू वादन में रेकॉर्ड बनाया है। भव्य होती जा रही है महाकाल की सवार गौरतलब है कि सावन के महीने में उज्जैन में हर सोमवार को बाबा महाकाल की सवारी निकलती है। यह सवारी धीरे-धीरे भव्य और दिव्य होती जा रही है। सीएम ने सवारी को भव्यता प्रदान करने के लिए अनूठे प्रयास किए हैं। बाबा महाकाल की पिछले दो सवारी में जनजातीय लोकनृत्यों और 350 सदस्यीय पुलिस बैंड की प्रस्तुति हुई थी। तीसरे सोमवार को निकाली जाने वाली तीसरी सवारी में डमरू का वादन किया गया। सीएम मोहन यादव ने दी बधाई वहीं, इस उपलब्धि पर सीएम मोहन यादव ने बधाई दी है। उन्होंने एक्स पर लिखा कि 1500 डमरूओं के नाद से, अवंतिका नगरी ने रचा विश्व कीर्तिमान। बाबा महाकाल की नगरी को डमरू की नाद से गुंजायमान करने की एक इच्छा आज साकार हो गई। आज पवित्र श्रावण के तीसरे सोमवार को जब भस्म आरती की धुन पर डमरू वादन कर उज्जैन ने 'गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड' में अपना नाम दर्ज कराया, तो इस अद्भुत एवं अलौकिक अनुभूति को शब्दों में बांधना बहुत मुश्किल हो गया। उन्होंने कहा कि बाबा महाकाल हम सभी पर इसी तरह अपनी कृपा बनाए रखें। बाबा महाकाल के समस्त भक्तों को इस उपलब्धि पर हार्दिक बधाई। महाकाल सवारी की भव्यता के लिए सीएम की पहल उज्जैन दक्षिण के विधायक और मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव की विशेष पहल से बाबा महाकाल की सवारी को भव्य व दिव्यता दी जा रही है। महाकाल सवारी को भव्यता प्रदान करने के लिए अनूठे प्रयास किए हैं। बाबा महाकाल की विगत दो सवारी में जनजातीय लोकनृत्यों और 350 सदस्यीय पुलिस बैंड की प्रस्तुति दी गई थी और सावन के तीसरे सोमवार को निकाली जाने वाली तीसरी सवारी में डमरू का वादन किया जा रहा है। 15 सौ लोगों ने 10 मिनिट तक बजाया डमरू महाकाल लोक के शक्ति पथ पर 25 दलों के 1500 डमरु वादकों ने भस्म आरती की धुन पर डमरु वादन कर भगवान महाकाल की स्तुति की ओर गिनीन बुक विश्व रिकार्ड बनाने के लिए एक साथ 1500 कलाकार भगवान शिव को प्रिय वाद्य डमरू, झांझ मंजीरे की सुरमयी मंगल ध्वनिआकर्षण का केंद्र बन गई। उज्जैन नगरी डमरू की गूंज से गुंजायमान हो गई। महाकाल महालोक के सामने शक्तिपथ पर अदभुत अनूठे आयोजन में भगवा वस्त्रों में डमरूवादक कलाकारों की मनमोहक प्रस्तुति ने सभी को भाव विभोर किया। शाम 4 बजे शिव तांडव रूप में भक्तों को दर्शन देने निकलेंगे महाकाल उज्जैन की महाकाल नगरी में सावन सोमवार शाम 4 बजे राजाधिराज महाकाल प्रजा का हाल जानने निकलते है,इस दौरान सवारी में महाकाल चांदी की पालकी में चंद्रमौलेश्वर, तो हाथी पर मनमहेश के स्वरूप में विराजित होंगे। आज शाम 4:00 बजे निकलने वाली सवारी में बाबा महाकाल शिव तांडव के रूप में भक्तों को दर्शन देंगे मंदिर प्रशासक मृणाल मीणा की माने तो सावन सोमवार पर 3 लाख भक्तों के आने की संभावना है वही सवारी में भी भक्त बाबा महाकाल के रथ पर चल रही एलईडी के द्वारा दर्शन कर पाएंगे। महापौर मुकेश टटवाल ने बताया कि इसके लिए पिछले तीन दिन से दो सत्रों में प्रैक्टिस चल रही थी। सोमवार 25-25 डमरू वादकों के अलग-अलग दल बनाए गए थे। यह दल शाम को सवारी के दौरान डमरू बजाते हुए भी साथ चलेगा।इससे पहले, 498 लोगों द्वारा एक साथ डमरू बजाने का रिकॉर्ड फेडरेशन ऑफ न्यूयार्क के नाम 2021 में दर्ज किया गया था। मंदिर प्रशासक मृणाल मीणा ने बताया कि 14 सौ लोगो ने एक साथ डमरू बजाया है। गिनीज बुक से आई टीम ने 1390 लोगों ने एक साथ मिलकर 10 मिनिट तक डमरू बजाने की पुष्टि की है। और जो पिछला रिकॉर्ड था वह 498 का रिकॉर्ड तोड़ते हुए महाकालेश्वर प्रबंध समिति और संस्कृति विभाग द्वारा किया रिकॉर्ड स्थापित किया गया है। recent visitors 128

बागी की नियुक्ति में भाजपा की की दिखी गुटबाजी, राजपुर के सवाई माधोपुर क्रिकेट एसोसिएशन का डीडी कुमावत बनाया अध्यक्ष

जयपुर. भाजपा के नवनियुक्त प्रदेश अध्यक्ष मदन राठौर के पद ग्रहण के समारोह में पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे ने कहा था कि सबको साथ लेकर चलो, इन्हें एक करो। राजे का इशारा सीधे-सीधे भाजपा में चल रही गुटबाजी को लेकर था, जिसका शिकार वे खुद भी हुई थीं। इसी गुटबाजी का एक उदाहरण हाल ही में सवाई माधोपुर में देखने को मिला, जब जिला क्रिकेट एसोसिएशन के पद पर जयपुर ग्रामीण के बागी नेता को एसोसिएशन का अध्यक्ष बना दिया गया। भाजपा की अंदरूनी गुटबाजी का ही परिणाम रहा कि विधानसभा चुनाव में पार्टी को वह जीत नहीं मिल सकी, जिसकी उम्मीद भाजपा ने की थी। बहरहाल सरकार तो बन गई परंतु नए मुख्यमंत्री के चयन के बाद यह गुटबाजी और परवान चढ़ गई, जिसका खामियाजा भाजपा को लोकसभा चुनावों में 11 सीटें गंवाकर भुगतना पड़ा। अब एक बार फिर से प्रदेश में 5 सीटों पर उपचुनाव होने हैं। जानकार और खुद पार्टी के नेता इस गुटबाजी को लेकर खुलकर चिंता व्यक्त कर रहे हैं पर स्थिति जस की तस बनी हुई है। गुटबाजी के बीच सभी नेता अपने चहेतों को कहीं ना कहीं एडजस्ट करने की जुगत मे लगे हुए हैं। हाल ही  मे सवाई माधोपुर जिला क्रिकेट एसोसिएशन के चुनाव संपन्न हुए, जिसमें जयपुर ग्रामीण के भाजपा के बागी नेता डीडी कुमावत को सवाई माधोपुर से जिला क्रिकेट संघ का अध्यक्ष बना दिया गया। सूत्रों के अनुसार कुमावत के गॉड फादर कैबिनेट मंत्री उन्हें राजस्थान क्रिकेट एसोसिएशन में लाने के लिए बेताब हैं, जबकि सवाई माधोपुर से भाजपा के एक बड़े पदाधिकारी जो कि विधायक भी हैं, को दरकिनार कर दिया गया। गुटबाजी का आलम यह है कि अपने गृह जिले में भी नेताजी की नहीं चल पाई। जबकि खेलों को राजनीति से दूर रखने और पारदर्शी बनाने की बात भी खुद भाजपा के ही मंत्री करते दिखाई देते हैं। अब गुटबाजी के चलते भाजपा किस प्रकार उपचुनाव और फिर पंचायत के चुनावों का सामना करेगी यह एक बड़ा सवाल है। हालांकि प्रदेश के मुख्यमंत्री पूरा दम लगा कर पार्टी कार्यकर्ताओं और आम जनता को साधने की मेहनत कर रहे हैं परंतु गुटबाजी के चलते उनके सभी प्रयास विफल होते दिखाई दे रहे हैं। recent visitors 97

बांग्लादेश में हिंसा के बीच भारत ने जारी किए हेल्पलाइन नंबर, नागरिकों को दी यात्रा नहीं करने की सलाह, 101 लोगों की मौत

 ढाका  बांग्लादेश में भड़की अभूतपूर्व हिंसा में मरने वालों की संख्या बढ़कर 101 हो गई है। आरक्षण सुधार की मांग से शुरू हुआ आंदोलन सरकार बदलने के आंदोलन के रूप में तब्दील हो गया है। सरकार के इस्तीफे की मांग करने वाले प्रदर्शनकारियों और सरकार समर्थक लोगों के बीच भीषण झड़पें हुईं। प्रदर्शनकारियों ने प्रधानमंत्री शेख हसीना के बातचीत के न्योते को भी ठुकरा दिया है। दोनों गुटों के बीच टकराव में अब तक 101 लोगों की जान चली गई है और सैकड़ों अन्‍य घायल हुए हैं। मारे गए लोगों में ज्‍यादातर पुलिसकर्मी हैं, जिन पर प्रदर्शनकारियों का गुस्‍सा फूट रहा है। प्रदर्शनकारियों ने पुलिस थानों, पुलिस चौकियों, सत्तारूढ़ पार्टी के दफ्तरों और उनके नेताओं के आवास पर हमला किया और कई वाहनों को आग के हवाले कर दिया। प्रदर्शनकारियों को नियंत्रित करने के लिए बांग्लादेश के गृह मंत्रालय ने रविवार शाम छह बजे से देश में अनिश्चितकालीन कर्फ्यू लगा दिया है। साथ ही सरकारी एजेंसियों ने सोशल मीडिया मंच ‘फेसबुक', ‘मैसेंजर', ‘व्हॉट्सऐप' और ‘इंस्टाग्राम' को बंद करने का आदेश दिया है। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए, हिंसक विरोध प्रदर्शनों के बीच लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए सोमवार, मंगलवार और बुधवार को तीन दिवसीय सामान्य अवकाश घोषित किया गया है। अब तक 100 से ज्यादा की मौत बता दें कि रविवार को राजधानी ढाका समेत बांग्लादेश के कई शहरों में एक बार फिर हिंसा भड़क गई। हिंसा के चलते अब तक 100 से ज्यादा लोगों की मौत हो गई। सैकड़ों लोग घायल हो गए। रविवार को छात्र प्रदर्शनकारियों ने पुलिस और सत्तारूढ़ पार्टी के कार्यकर्ताओं के साथ झड़प की। राजधानी ढाका समेत कई शहरों में आगजनी और तोड़फोड़ जैसी घटनाएं सामने आई हैं। पीएम शेख हसीना के इस्तीफे की मांग विरोध प्रदर्शन में शामिल सभी छात्रों ने प्रधानमंत्री शेख हसीना के इस्तीफे की मांग की है। पुलिस ने हजारों प्रदर्शनकारियों को तितर-बितर करने के लिए आंसू गैस के गोले दागे और स्टन ग्रेनेड का भी इस्तेमाल किया है। 15 साल से सरकार में हैं शेख हसीना पीएम शेख हसीना के लिए विरोध प्रदर्शन एक बड़ी चुनौती बन गया है। शेख हसीना जनवरी में लगातार चौथी बार सत्ता में लौटीं हैं। बांग्लादेश में 15 साल से ज्यादा समय तक शासन कर रही हैं। ऐसे में हसीना की सरकार गिरने के संकेत भी नजर आ रहे हैं। सभी प्रदर्शनकारियों की एक ही मांग पर अड़े हैं शेख हसीना पीएम पद से इस्तीफा दें। नौकरियों में आरक्षण का विरोध बांग्लादेश में छात्र संगठन सरकारी नौकरियों में आरक्षण का विरोध कर रहे हैं। यहां के लोग सरकारी नौकरियों में कोटा समाप्त करने की मांग को लेकर पिछले महीने से आंदोलन कर रहे हैं। इस विरोध प्रदर्शन में बड़ी संख्या में छात्र शामिल हैं। छात्रों के प्रदर्शन ने अब हिंसा का रूप ले लिया है। कुछ दिन पहले ही पुलिस और छात्र प्रदर्शनकारियों के बीच हिंसक झड़पों में 200 से अधिक लोग मारे गए थे। छात्र विवादास्पद कोटा प्रणाली को खत्म करने की मांग कर रहे थे। यह प्रणाली 1971 में बांग्लादेश के स्वतंत्रता संग्राम में लड़ने वाले दिग्गजों के रिश्तेदारों के लिए सरकारी नौकरियों में 30 प्रतिशत आरक्षण देती है। भारत ने बांग्लादेश में अपने नागरिकों को "अत्यधिक सावधानी" बरतने और अपनी गतिविधियों को सीमित करने की सलाह दी है। सहायक उच्चायोग, सिलहट ने कहा है कि छात्रों सहित सभी भारतीय नागरिकों से अनुरोध है कि वे इस कार्यालय के संपर्क में रहें। आपात स्थिति में, +88-01313076402 पर संपर्क करें। इस बीच, प्रधानमंत्री शेख हसीना ने कहा है कि विरोध के नाम पर बांग्लादेश में तोड़फोड़ करने वाले लोग छात्र, नहीं बल्कि आतंकवादी हैं और उन्होंने जनता से ऐसे लोगों से सख्ती से निपटने को कहा है। हसीना ने गणभवन में सुरक्षा मामलों की राष्ट्रीय समिति की बैठक बुलाई। बैठक में सेना, नौसेना, वायुसेना, पुलिस, रैपिड एक्शन बटालियन (आरएबी), बांग्लादेश सीमा गार्ड (बीजीबी) के प्रमुखों और अन्य शीर्ष सुरक्षा अधिकारियों ने हिस्सा लिया। recent visitors 189

कबीरधाम-रानीदहरा वॉटरफॉल में डूबने से मौत, छत्तीसगढ़ के डिप्टी सीएम अरुण साव के भांजे का मिला शव

कबीरधाम. छत्तीसगढ़ के एक प्रमुख राजनेता और डेप्युटी सीएम अरुण साव के भांजे तुषार साहू का शव रानीदहरा जलप्रपात से मिल गया है। दोस्तों के साथ एक पिकनिक के दौरान तुषार लापता हो गया था। उसकी तलाश में प्रशासन ने बड़े पैमाने पर अभियान चलाया था। वह अपने 6 दोस्तों के साथ चिल्फी घाटी घूमने के बाद गया था। वहां से रानीदहरा जलप्रपात घूमने आया था। यहां नहाते समय तेज बहाव के कारण यह घटना घटित हुई। शाम 4 बजे के आसपास वह वॉटरफॉल में लापता हो गया था। कवर्धा जिले के रानीदहरा जलप्रपात में नहाने के दौरान 21 वर्षीय तुषार डूब गया था। शुरूआत में उसके दोस्तों ने पता लगाने का बहुत प्रयास किया पर सफलता नहीं मिली। आखिरकार इस घटना की जानकारी बोड़ला थाने में दी गई। देर शाम तक उसके शव का पता नही चल पाया था। वहीं 05 तारीख की सुबह रानीदहरा से तुषार का शव निकाला लिया गया है। स्थानीय पुलिस और गोताखोरों की टीम ने तुरंत खोज अभियान शुरू किया, लेकिन उनको तुरंत तुषार का कोई सुराग नहीं मिला। कड़ी मशक्कत और खोजबीन के बाद दुखद खबर आई। तुषार का शव जलप्रपात में मिल गया। पहले भी हो चुकी हैं घटनाएं इसी वॉटरफॉल में पहले भी कई घटनाएं घटित हो चुकी हैं। पिछली बरसात से समय भी रानीदहरा में डूबने से कवर्धा के दो युवकों की मौत हुई थी। तुषार बेमेतरा जिले के नवापारा का निवासी बताया जा रहा है। मृतक तुषार डिप्टी सीएम अरुण साव का भांजा है। पिछली रात से ही बोड़ला पुलिस की पूरी टीम एनडीआरएफ सहित की मौके पर मौजूद थी। पूरे मामले की बारीकी से जांच की जा रही है। recent visitors 125

Waqf Act क्या है? मोदी सरकार क्या और क्यों संशोधन ला रही है?

नई दिल्ली केंद्र की मोदी सरकार संसद में वक्फ बोर्ड संशोधन बिल लाने की तैयारी कर रही है. ऐसे में सियासी माहौल गरमाया हुआ है. इस बीच पूर्व केंद्रीय मंत्री मुख्तार अब्बास नकवी का बयान सामने आया है, जिसमें उन्होंने कहा है कि वक्फ सिस्टम को सियासत से बाहर आना होगा. नकवी ने दो टूक कहा कि वक्फ सिस्टम को टच मी नॉट की सनक-सियासत से बाहर आना होगा, समावेशी सुधार पर सांप्रदायिक वार ठीक नहीं है. इस बीच ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड (एआईएमपीएलबी) ने कहा कि वक्फ बोर्ड की कानूनी स्थिति और शक्तियों में किसी भी तरह का हस्तक्षेप बर्दाश्त नहीं किया जाएगा. ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड (एआईएमपीएलबी) ने एनडीए के सहयोगी दलों और विपक्षी दलों से भी ऐसे किसी भी कदम को पूरी तरह से खारिज करने और संसद में ऐसे संशोधनों को पारित न होने देने का आग्रह किया है. संसद में पेश होगा विधेयक! सूत्रों के मुतबिक, सरकार वक्फ बोर्ड को नियंत्रित करने वाले 1995 के कानून में संशोधन करने के लिए संसद में एक विधेयक लाने वाली है ताकि इनके कामकाज में अधिक जवाबदेही और पारदर्शिता सुनिश्चित हो सके तथा इन निकायों में महिलाओं की अनिवार्य भागीदारी हो सके. यह कदम मुस्लिम समुदाय के भीतर से उठ रही मांगों की पृष्ठभूमि में उठाया गया है. संशोधन विधेयक वक्फ बोर्डों के लिए अपनी संपत्तियों का वास्तविक मूल्यांकन सुनिश्चित करने के लिए जिला कलेक्टरों के पास पंजीकरण कराना अनिवार्य कर देगा. केंद्र की मोदी सरकार वक्फ अधिनियम में बड़े संशोधन करने जा रही है. इसी सत्र में संसद में संशोधन विधेयक लाने पर विचार किया जा रहा है. इससे पहले शुक्रवार को कैबिनेट की बैठक में वक्फ अधिनियम में 40 संशोधन के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी गई है. संसद में संशोधन विधेयक पारित होने के बाद वक्फ बोर्ड की अनियंत्रित शक्तियां कम हो जाएंगी. बोर्ड किसी भी संपत्ति पर बिना सत्यापन आधिपत्य घोषित भी नहीं कर सकेगा. वक्फ एक्ट क्या है? वक्फ बोर्ड के पास कितनी जमीन है? सरकार का क्या प्लान है? विरोध में क्या दलीलें दी जा रही हैं? जानिए सारे सवालों के जवाब… बता दें कि 2013 में यूपीए की सरकार में वक्फ बोर्ड की शक्तियों को बढ़ा दिया गया था. आम मुस्लिम, गरीब मुस्लिम महिलाएं, तलाकशुदा मुस्लिम महिलाओं के बच्चे, शिया और बोहरा जैसे समुदाय लंबे समय से कानून में बदलाव की मांग कर रहे थे. इन लोगों का कहना था कि वक्फ में आज आम मुसलमानों की जगह ही नहीं है. सिर्फ पावरफुल लोग हैं. रेवन्यू पर सवाल है. कितना रेवन्यू आता है, इसका कोई आकलन नहीं करने देता. रेवेन्यू जब रिकॉर्ड पर आएगा तो वो मुस्लिमों के लिए ही इस्तेमाल होगा. देश में अभी 30 वक्फ बोर्ड हैं. सभी वक्फ संपत्तियों से हर साल 200 करोड़ का राजस्व प्राप्त होने का अनुमान है.   वक्फ बोर्ड की लेकर वो फैक्ट, जो चर्चा में हैं? – पहला वक्फ अधिनियम 1954 में पारित किया गया. पहला संशोधन 1995 में और फिर 2013 में दूसरी बार संशोधन किया गया. – दुनिया के किसी भी देश में वक्फ बोर्ड के पास इतनी शक्तियां नहीं हैं. यहां तक ​​कि सऊदी या ओमान में भी ऐसा कानून नहीं है. – एक बार जब कोई जमीन वक्फ के पास चली जाती है तो उसे पलट नहीं सकते. पावरफुल लोगों ने वक्फ बोर्ड पर कब्जा कर लिया है. – भारत में वक्फ संपत्ति दुनिया में सबसे ज्यादा है और 200 करोड़ का भी राजस्व नहीं आ रहा है. – यहां तक ​​कि केंद्र सरकार, राज्य सरकार या अदालतें भी इसमें हस्तक्षेप नहीं कर सकतीं. वक्फ बोर्ड पर नियंत्रण रखने वालों के अलावा अन्य लोग भी इस कानून के खिलाफ हैं. – सच्चर कमेटी ने भी कहा कि वक्फ बोर्ड में पारदर्शिता होनी चाहिए. वक्फ संपत्ति का उपयोग सिर्फ मुसलमान ही कर सकते हैं. 1. मोदी सरकार का क्या प्लान है? शुक्रवार को कैबिनेट ने वक्फ अधिनियम में करीब 40 संशोधनों को मंजूरी दे दी. मोदी सरकार कैबिनेट में वक्फ बोर्ड की किसी भी संपत्ति को "वक्फ संपत्ति" बनाने की शक्तियों पर अंकुश लगाना चाहती है. इन संशोधनों का उद्देश्य किसी भी संपत्ति को 'वक्फ संपत्ति' के रूप में नामित करने के वक्फ बोर्ड के अधिकार को प्रतिबंधित करना है. वक्फ बोर्ड द्वारा संपत्तियों पर किए गए दावों का अनिवार्य रूप से सत्यापन किया जाएगा. संशोधन विधेयक पारित होने के बाद वक्फ संपत्तियों के मैनेजमेंट और ट्रांसफर में बड़ा बदलाव आएगा. सूत्रों का कहना है कि कानून में संशोधन की वजहों का भी जिक्र किया है. इसमें जस्टिस सच्चर आयोग और के रहमान खान की अध्यक्षता वाली संसद की संयुक्त कमेटी की सिफारिशों का हवाला दिया है. 2. कानून में बदलाव से क्या होगा? चूंकि, मौजूदा कानून के मुताबिक राज्य और केंद्र सरकार वक्फ संपत्तियों में दखल नहीं दे सकती हैं. संशोधन के बाद वक्फ बोर्ड को अपनी संपत्ति जिला मजिस्ट्रेट के दफ्तर में रजिस्टर्ड करानी होगी, ताकि संपत्ति का मूल्यांकन हो सके. राजस्व की जांच हो सकेगी. नए बिल में यह प्रावधान होगा कि सिर्फ मुस्लिम ही वक्फ संपत्ति बना सकते हैं. बोर्ड के स्ट्रक्चर में बदलाव किया जाएगा और इसमें महिलाओं की हिस्सेदारी भी सुनिश्चित की जाएगी. राज्यों में वक्फ बोर्ड में महिला सदस्य शामिल होंगी. प्रत्येक राज्य बोर्ड में दो और केंद्रीय परिषद में दो महिलाएं होंगी. अभी तक महिलाएं वक्फ बोर्ड और काउंसिल की सदस्य नहीं हैं. जिन जगहों पर वक्फ बोर्ड नहीं है, वहां कोई ट्रिब्यूनल में जा सकता है. जो अब तक नहीं है. वक्फ बोर्ड की विवादित और पुरानी संपत्ति का नए सिरे से सत्यापन हो सकेगा. नया संशोधन उन संपत्तियों पर भी लागू होगा, जिन पर वक्फ बोर्ड और या किसी व्यक्ति ने दावे-प्रतिदावे किए हैं. प्रस्तावित एक्ट के मुताबिक, वक्फ बोर्ड द्वारा किए गए सभी दावों का अनिवार्य और पारदर्शी सत्यापन जरूरी होगा. वक्फ एक्ट की धारा 19 और 14 में बदलाव होगा. इससे केंद्रीय वक्फ परिषद और राज्य वक्फ बोर्ड की संरचना में बदलाव संभव है. वक्फ बोर्ड के फैसले के खिलाफ हाईकोर्ट में अब अपील की जा सकती है. यह प्रावधान अब तक नहीं था.  3. वक्फ बोर्ड को कब ज्यादा अधिकार मिले? 2013 में कांग्रेस के नेतृत्व वाली यूपीए सरकार ने 1995 के बेसिक वक्फ एक्ट में … Read more

सागर हादसे पर CM मोहन यादव का बड़ा एक्शन, DM-SP हटाए गए, शाहपुर के CMO सस्पेंड

 भोपाल  सागर जिले के शाहपुर क्षेत्र में दीवार गिरने से हुई नौ बच्चों की मौत मामले में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कार्रवाई की है। उन्होंने सागर के कलेक्टर और एसपी को हटा दिया है। वहीं सीएमओ को भी सस्पेंड कर दिया है। जानकारी के अनुसार, सागर के कलेक्टर दीपक आर्य का तबादला राजधानी भोपाल स्थित वल्लभ भवन में किया गया है। वहीं, छतरपुर के कलेक्टर संदीप जी.आर. को सागर जिले का नया कलेक्टर बनाया गया है। इसके अलावा सागर के एसपी अभिषेक तिवारी का भी ट्रांसफर किया गया है। उन्हें भोपाल पुलिस मुख्यालय में सहायक महानिरीक्षक बनाया गया है। अभिषेक तिवारी की जगह रायसेन के एसपी विकास कुमार सहवाल को सागर का नया एसपी बनाया गया है। इससे पहले मुख्यमंत्री ने 9 बच्चों की मौत पर दु:ख जताया था। उन्होंने एक्स पर पोस्ट में कहा था, “सागर जिले के शाहपुर में हुई मासूमों की मृत्यु की दुःखद घटना को गंभीरता से लेते हुए जिले के कलेक्टर, एसपी एवं एसडीएम (सागर) को हटाने हेतु निर्देशित किया है। साथ ही प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र शाहपुर में पदस्थ डॉ. हरिओम बंसल को तत्काल प्रभाव से निलंबित किया जा रहा है।” उन्होंने प्रशासनिक अधिकारियों को चेतावनी देते हुए कहा, “मानसून पूर्व भी प्रदेश के सभी अधिकारियों को निर्देशित किया था। पुनः सभी को निर्देशित कर रहा हूं कि इस तरह की घटनाओं के प्रति संवेदनशील रहे। उपयुक्त उपाय और तत्परता से काम करे, भविष्य में ऐसी घटना की पुनरावृत्ति नहीं हो।” मध्य प्रदेश के सागर जिले के शाहपुर क्षेत्र में रविवार (4 अगस्त) को एक बड़ा हादसा हुआ था। यहां दीवार गिरने से नौ बच्चों की मौत हो गई थी और कई गंभीर रूप से घायल हो गए थे। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने इस हादसे पर दुख व्यक्त करते हुए मुआवजे का भी ऐलान किया था। उन्होंने मृतकों के परिजनों को चार-चार लाख रुपए दिए जाने की घोषणा की थी। छतरपुर के कलेक्टर बने सागर के नए डीएम न्यूज एजेंसी के मुताबिक, सागर जिला के कलेक्टर दीपक आर्य का भोपाल में राज्य सचिवालय में उप सचिव के रूप में ट्रांसफर किया गया है. वहीं छतरपुर के वर्तमान कलेक्टर संदीप जीआर को सागर का नया कलेक्टर बनाया गया है. संदीप जीआर 2013 के बैच के आईएएस हैं. इसके अलावा सागर के एसपी अभिषेक तिवारी (2013 बैच) को भोपाल पुलिस मुख्यालय में सहायक महानिरीक्षक (AIG) बनाया गया है. उनकी जगह 2014 बैच के आईपीएस विकास कुमार सहवाल को सागर का नया एसपी बनाया गया है, जोकि वर्तमान में रायसेन के एसपी हैं. मामले में शाहपुर के CMO सस्पेंड इससे पहले मुख्यमंत्री मोहन यादव ने शाहपुर नगर पंचायत के मुख्य नगरपालिका अधिकारी (CMO) और एक सब-इंजीनियर को सस्पेंड किया था. इसके साथ ही राज्य के नागरिक निकायों  को जर्जर इमारतों की पहचान करने और कार्रवाई करने का निर्देश दिया था.   राष्ट्रपति-PM ने भी जताया दुख, मुआवजे का ऐलान इस घटना पर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी दुख जताया. इसके अलावा प्रधानमंत्री कार्यालय की ओर से मृतकों के परिजनों को दो लाख रुपये की आर्थिक मदद का ऐलान भी किया गया है, जबकि घायलों को 50-50 हजार रुपये दिए जाएंगे. इससे पहले मुख्यमंत्री मोहन यादव की ओर से मृतकों के परिजनों को चार-चार लाख रुपये की आर्थिक मदद का ऐलान किया गया था.   दीवार गिरने से 9 बच्चों की गई थी जान यह घटना बीते सागर जिले के रहली विधानसभा के सानौधा थाना क्षेत्र की है. रविवार को शाहपुर के हरदौल मंदिर में शिवलिंग निर्माण और भागवत कथा का आयोजन हो रहा था. रविवार की छुट्टी होने के चलते शिवलिंग बनाने के लिए बच्चे भी पहुंचे थे. जिस जगह बच्चे बैठकर शिवलिंग बना रहे थे, वहीं मंदिर परिसर के बगल वाली दीवार भरभराकर गिर गई, जिसमें कुछ बच्चे दब गए. जब जेसीबी से मलबा हटाया गया तो बच्चों की मौके पर ही मौत हो गई थी. इसके अलावा सात बच्चों की अस्पताल पहुंचने पर मौत की पुष्टि हुई. मृतक बच्चों की उम्र 10 से 15 के बीच इस घटना में जिन बच्चों की मौत हुई है, उनकी उम्र 10 से 15 साल के बीच बताई जा रही है. अधिकारियों के मुताबिक, मृतकों की पहचान ध्रुव यादव (12), नितेश पटेल (13), आशुतोष प्रजापति (15), प्रिंस साहू (12), पर्व विश्वकर्मा (10), दिव्यांश साहू (12), देव साहू (12), वंश लोधी (10) और हेमन्त (10) के रूप में हुई है. बीते दो दिनों में यह इस तरह की दूसरी घटना है. इससे पहले शनिवार को रीवा जिले में स्कूल से घर लौटते समय एक बिल्डिंग की दीवार से गिरने से चार बच्चों की मौत हुई थी, जबकि एक महिला और एक बच्चा घायल हो गया था. recent visitors 104