मंत्री विजय शाह मामले में MP हाईकोर्ट ने लिया संज्ञान, कहा- 4 घंटे में दर्ज करें FIR, क्या इस्तीफा देंगे शाह

भोपाल  कर्नल सोफिया कुरैशी के खिलाफ आपत्तिजनक टिप्पणी करने वाले मध्य प्रदेश के मंत्री विजय शाह की मुश्किल बढ़ गई है। हाईकोर्ट ने स्वतः संज्ञान लेते हुए उनके खिलाफ FIR दर्ज करने के निर्देश दिए हैं। जबलपुर HC के जस्टिस अतुल श्रीधरन और अनुराधा शुक्ला की खंडपीठ ने भारतीय न्याय संहिता के अंतर्गत मामला दर्ज करने के निर्देश दिए हैं। इस दौरान कोर्ट ने सरकार को चार घंटे के अंदर (6:00 बजे तक) मंत्री के खिलाफ मामला दर्ज करने का आदेश दिया है। बता दें कि मध्य प्रदेश के मंत्री विजय शाह के विवादित बयान पर पीएम मोदी भी नाराज हैं। मंत्री शाह ने कर्नल सोफिया कुरैशी के बारे में एक विवादित टिप्पणी की थी, जिस पर कांग्रेस ने उनके इस्तीफे की मांग की है। मंत्री शाह ने बाद में अपने बयान के लिए माफी मांगी और कहा कि उनका इरादा किसी को ठेस पहुंचाने का नहीं था। लेकिन कांग्रेस ने उनकी माफी को स्वीकार नहीं किया और उनके इस्तीफे की मांग जारी रखी है। 'विजय शाह पर देशद्रोह का मामला दर्ज हो' बता दें कि मंत्री विजय शाह के बयान से बवाल मचा हुआ है. बुधवार (14 मई) को पीसीसी चीफ जीतू पटवारी समेत कांग्रेस का प्रतिनिधि मंडल श्यामला हिल्स थाने पहुंचा. कांग्रेस ने उठाई विजय शाह के खिलाफ देशद्रोह का मामला दर्ज करने की मांग की है. कांग्रेस गुरुवार (15 मई) को मध्य प्रदेश के सभी थानों में कल शिकायती आवेदन भी देगी. एक मिनट भी पद रहने का हक नहीं- कांग्रेस मंत्री विजय शाह के बयान पर मध्य प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने कहा कि विजय शाह ने सेना का अपमान किया है और उन्हें एक मिनट भी मंत्री पद पर रहने का अधिकार नहीं है. उनके बयान से देश के लोग खुश नहीं हैं. हमने श्यामला हिल्स थाने में इसको लेकर आवेदन दिया है साथ ही हमने प्रधानमंत्री मोदी और मुख्यमंत्री मोहन यादव को भी पत्र लिखा है. क्या इस्तीफा देंगे मंत्री विजय शाह कर्नल सोफिया कुरैशी पर जनजातीय मंत्री विजय शाह द्वारा दिए गए आपत्तिजनक बयान ने मध्य प्रदेश की सियासत को गर्मा दिया है. इस मामले में मंत्री विजय शाह को केन्द्रीय नेतृत्व से फटकार लगी है. इसके बाद उन्होंने मांफी भी मांगी है. इधर, कांग्रेस ने विजय शाह के इस्तीफे की मांग तेज कर दी है. कांग्रेस के आक्रामक रुख और जनता की नाराजगी को देखते हुए अब बीजेपी बचाव की मुद्रा में है. ऐसे में सवाल उठ रहा है कि क्या विजय शाह मंत्री पद से इस्तीफा देंगे. बीजेपी नेता जुटे डैमेज कंट्रोल में वहीं, मंत्री विजय शाह के विवादास्पद बयान से हुई पार्टी की किरकिरी के बाद डैमेज कंट्रोल की कोशिशें बीजेपी ने तेज कर दी हैं. विजय शाह को प्रदेश पार्टी मुख्यालय तलब किया गया. सफाई देने मंत्री हवाई चप्पल पहने ही दौड़े-दौड़े पहुंचे. इसके बाद उन्होंने मीडिया के सामने बयान को लेकर माफी मांगी. बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष वीडी शर्मा का कहना है "मंत्री विजय शाह को समझाइश दी गई है. पार्टी नेतृत्व ने इस मामले को संज्ञान में लिया है और उन्हें आगाह किया गया है. सोफिया कुरैशी इस देश की बेटी है और उसने जो पराक्रम किया है, उसको पूरा देश सैल्यूट करता है." कांग्रेस अध्यक्ष खडगे के बयान को लेकर वीडी शर्मा ने कहा "वे क्या कहते हैं वह उनका नजरिया है, लेकिन पार्टी इस पूरे मामले में गंभीर है." हालांकि विजय शाह के इस्तीफे के सवाल पर पार्टी अध्यक्ष ने कुछ भी नहीं कहा. नेम प्लेट पर कालिख पोतने वाले कांग्रेसियों के खिलाफ एफआईआर इधर, मंत्री विजय शाह के विवादास्पद बयान के विरोध में मंत्री की नेम प्लेट पर कालिख पोतने के मामले में कांग्रेस कार्यकर्ताओं के खिलाफ पुलिस ने एफआईआर दर्ज कर ली है. वहीं, मंत्री पर एफआईआर दर्ज कराने कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी सहित कांग्रेस नेता थाने भी पहुंचे. कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी ने अब इस मामले में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को पत्र लिखकर विजय शाह को मंत्रिमंडल से बर्खास्त करने की मांग की है. जीतू पटवारी ने लिखा है "मंत्री का यह बयान न केवल एक गंभीर अपराध है, बल्कि भारतीय सेना की गरिमा, देश की एकता और सामाजिक सद्भाव पर भी खुला हमला है. कर्नल सोफिया कुरैशी ने अपनी वीरता और देशभक्ति से देश का मान बढ़ाया है. ऐसे व्यक्तित्व पर हमला उनकी व्यक्तिगत गरिमा पर प्रहार और भारतीय सेना एवं जन भावनाओं का अपमान है." recent visitors 20

जेवर में भारत की छठी सेमीकंडक्टर यूनिट को मंजूरी दी, मोदी सरकार का बड़ा तोहफा, फोन, लैपटॉप के दाम होंगे सस्ते!

नई दिल्ली भारत में अब वो दिन दूर नहीं जब भारतीय फोन और लैपटॉप अपने ही देश में सस्ते दामों पर खरीद सकते हैं। दरअसल, मोदी सरकार ने भारत की चिप बनाने की महत्वाकांक्षाओं को बढ़ावा दिया है। इसके मद्देनजर आज बुधवार को मोदी कैबिनेट ने इंडिया सेमीकंडक्टर मिशन के तहत छठी सेमीकंडक्टर यूनिट को मंजूरी दे दी है। कैबिनेट ने उत्तर प्रदेश के जेवर में भारत की छठी सेमीकंडक्टर यूनिट को मंजूरी दी है। 3,706 करोड़ रुपये के निवेश के साथ यह परियोजना एचसीएल और फॉक्सकॉन के बीच एक ज्वाइंट वेंचर होगी। बता दें कि जेवर प्लांट में उत्पादित चिप्स का उपयोग मोबाइल फोन, लैपटॉप, ऑटोमोबाइल, पीसी आदि में किया जाएगा। अन्य पांच सेमीकंडक्टर गुजरात और असम में अंडर कंस्ट्रक्शन हैं। अश्विनी वैष्णव ने दी जानकारी सूचना एवं प्रसारण मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कहा कि करीब 3706 करोड़ रुपए के निवेश से स्थापित होने वाली इस प्लांट में लगभग दो हजार लोगों को रोजगार मिलेगा। यह यूनिट एचसीएल और फोक्सकाॅन के सहयोग से स्थापित की जाएगी और इसमें डिस्प्ले ड्राइव का निर्माण किया जाएगा। इसकी कैपासिटी मंथली 3.6 करोड़ माइक्रो चिप्स की होगी। भारत में तेजी से बढ़ रहा सेमीकंडक्टर उद्योग सरकार ने कहा, "पहले से ही पांच सेमीकंडक्टर यूनिट निर्माण के एडवांस स्टेज में हैं। अब 6वीं यूनिट के साथ भारत रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण सेमीकंडक्टर उद्योग को विकसित करने की अपनी यात्रा में आगे बढ़ रहा है। सेमीकंडक्टर उद्योग अब पूरे देश में आकार ले रहा है। देश भर के कई राज्यों में विश्व स्तरीय डिजाइन सुविधाएं आ गई हैं। राज्य सरकारें डिजाइन फर्मों से सख्ती से संपर्क कर रही हैं।" भारत में लैपटॉप, मोबाइल फोन, सर्वर, चिकित्सा उपकरण, बिजली इलेक्ट्रॉनिक्स, रक्षा उपकरण और उपभोक्ता इलेक्ट्रॉनिक्स विनिर्माण के तेजी से विकास के साथ सेमीकंडक्टर की मांग बढ़ रही है, यह नई यूनिट भारत के आत्मनिर्भर भारत के दृष्टिकोण को और आगे बढ़ाएगी।   recent visitors 50

महानदी भवन में मुख्यमंत्री साय ने की कैबिनेट की बैठक, लिए गए अनेक महत्वपूर्ण निर्णय

रायपुर मंत्रिपरिषद ने राष्ट्रीय शिक्षा नीति के तहत बच्चों की शैक्षणिक गुणवत्ता में सुधार के लिए राज्य के शासकीय विद्यालयों में ‘‘मुख्यमंत्री शिक्षा गुणवत्ता अभियान का संचालन करने का अहम निर्णय लिया गया। इस अभियान के अंतर्गत शिक्षा की गुणवत्ता सुधारने, पालक-शिक्षक सहभागिता बढ़ाने और शैक्षणिक उपलब्धियों को उन्नत करने के लिए कई महत्वपूर्ण बिंदुओं पर विशेष फोकस किया जाएगा। स्कूल शिक्षा विभाग द्वारा अभियान के संबंध में विस्तृत दिशा-निर्देश जारी किया जाएगा। अभियान के तहत विद्यालयों का सामाजिक अंकेक्षण कर गुणवत्ता के आधार पर ग्रेडिंग की जाएगी। कमजोर शालाओं की नियमित मॉनीटरिंग विभिन्न विभागों के अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों के माध्यम से सुनिश्चित की जाएगी। मॉडल शालाओं का चयन कर, कमजोर शालाओं के शिक्षकों को वहाँ शैक्षणिक भ्रमण कराया जाएगा। पालक-शिक्षक बैठकों (पीटीएम) के माध्यम से अभिभावकों की सक्रिय सहभागिता सुनिश्चित की जाएगी। विद्यार्थियों की शैक्षणिक उपलब्धियों में वृद्धि के लिए कक्षा शिक्षण प्रक्रियाओं में सुधार किया जाएगा। मंत्रिपरिषद ने साहित्य और कला के क्षेत्र में राज्य के अर्थाभावग्रस्त कलाकारों और साहित्यकारों के लिए एक बड़ी राहत देने का निर्णय लिया है। विधानसभा बजट सत्र में की गई घोषणा के परिपालन में अब कलाकारों को दी जाने वाली मासिक वित्तीय सहायता (पेंशन) को 2000 रुपये से बढ़ाकर 5000 रुपये प्रति माह कर दिया गया है। इसके लिए संस्कृति विभाग अंतर्गत संचालित वित्तीय सहायता योजना नियम-1986 में संशोधन के प्रस्ताव का मंत्रिपरिषद द्वारा अनुमोदन किया गया। इससे उन कलाकारों और साहित्यकारों को आर्थिक संबल मिलेगा, जो आजीविका के लिए संघर्षरत हैं। यह योजना वर्ष 1986 में प्रारंभ की गई थी, तब न्यूनतम सहायता राशि 150 रुपये और अधिकतम 600 रुपये निर्धारित थी। बाद में वर्ष 2007 में इसे बढ़ाकर 1500 रुपये और फिर 2012 में 2000 रुपये किया गया। लेकिन पिछले 12 वर्षों में कोई वृद्धि नहीं हुई थी। वर्तमान में राज्य में कुल 162 कलाकारों को यह पेंशन दी जा रही है। वर्तमान में हर कलाकार को सालाना 24 हजार रुपये पेंशन मिल रही है, जो संशोधन के बाद बढ़कर 60 हजार रुपये हो जाएगी। इससे कुल वार्षिक व्यय 38.88 लाख रुपये से बढ़कर 97.20 लाख रुपये हो जाएगा, जिससे राज्य पर 58.32 लाख रुपये का अतिरिक्त वार्षिक भार आएगा। मंत्रिपरिषद द्वारा प्रदेश में औद्योगिक विकास को और अधिक गति देने एवं भूमि आबंटन प्रक्रिया को पारदर्शी बनाने के उद्देश्य से छत्तीसगढ़ औद्योगिक भूमि एवं भवन प्रबंधन नियम, 2015 में संशोधन के प्रस्ताव का अनुमोदन किया गया। इस संशोधन से औद्योगिक क्षेत्रों, लैंड बैंक तथा अन्य भूमि खंडों के आबंटन की प्रक्रिया में और अधिक स्पष्टता व पारदर्शिता आएगी, इससे औद्योगिक निवेशकों को भूमि आबंटन प्रक्रिया को बेहतर ढंग से समझने व लाभ उठाने में सुविधा होगी। मंत्रिपरिषद ने छत्तीसगढ़ राज्य में उद्योगों को बढ़ावा देने और निवेश को प्रोत्साहित करने के लिए राज्य की औद्योगिक विकास नीति 2024-30 में कई महत्वपूर्ण संशोधनों को मंजूरी दी है। इससे राज्य की औद्योगिक नीति और अधिक रोजगारपरक, व्यापक और उद्यमों के लिए लाभकारी हो जाएगी। प्रस्तावित संशोधन से राज्य में रोजगार के नए अवसर बढ़ेंगे साथ ही आधुनिक खेती से लेकर खिलौना उद्योग तक को बढ़ावा मिलेगा। युवाओं को मिलेगा रोजगार – नई नीति के तहत जिन कंपनियों में छत्तीसगढ़ के लोगों को नौकरी मिलेगी, उन्हें सरकार की तरफ से अनुदान मिलेगा। हाइटेक खेती को बढ़ावा – अब हाइड्रोपोनिक और ऐयरोपोनिक जैसी आधुनिक खेती को बढ़ावा मिलेगा। किसानों को नई तकनीक, जैसे ऑटोमेशन और इंटरनेट ऑफ थिंग्स का फायदा मिलेगा। युवाओं के लिए ट्रेनिंग और खेल की सुविधाएं – राज्य में खेल अकादमी और निजी प्रशिक्षण केंद्रों को प्रोत्साहन मिलेगा, जिससे युवाओं को बेहतर ट्रेनिंग और करियर के अवसर मिलेंगे। गुणवत्ता पूर्ण विश्वविद्यालयों की स्थापना को प्रोत्साहन मिलेगा। ऑटोमोबाइल रिपेयरिंग और सर्विस सेंटर को सभी विकासखण्ड समूहों में मान्य किया जाएगा। पर्यटन और होटल व्यवसाय को बढ़ावा – बस्तर और सरगुजा संभाग में होटल और रिसॉर्ट बनाने के लिए निवेश की न्यूनतम सीमा घटा दी गई है, जिससे इन इलाकों में पर्यटन बढ़ेगा और स्थानीय लोगों को रोजगार मिलेगा। कपड़ा उद्योग को दोगुना प्रोत्साहन – टेक्सटाइल सेक्टर में निवेश करने पर अब 200 प्रतिशत तक का प्रोत्साहन मिलेगा। इससे सिलाई, कढ़ाई और बुनाई जैसे काम करने वालों को भी फायदा मिलेगा। लॉजिस्टिक हब बनेगा छत्तीसगढ़ – अब राज्य के हर हिस्से में माल ढुलाई और व्यापार को आसान बनाने के लिए नई लॉजिस्टिक नीति लाई जाएगी। इससे व्यापारियों को फायदा होगा और बाजारों तक पहुंच आसान होगी। दिव्यांगजनों को विशेष लाभ – दिव्यांगजनों की परिभाषा को नया रूप दिया गया है ताकि उन्हें ज्यादा योजनाओं का लाभ मिल सके। ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर, रक्षा और एयरोस्पेस सेक्टर को विशेष पैकेज, निजी औद्योगिक पार्क के लिए अधोसंरचना अनुदान में बढ़ोत्तरी तथा प्लग एंड प्ले फैक्ट्री निर्माण को प्रोत्साहन मिलेगा। प्रदेश में इज आफ लिविंग को बढ़ावा देने हेतु, न्यूनतम 500 विद्यार्थी क्षमता के कक्षा पहली से 12वीं निजी सीबीएसई मान्यता प्राप्त स्कूल एवं मल्टिप्लेक्स युक्त मिनी मॉल से वंचित प्रदेश के नगरीय क्षेत्र एवं नगरीय क्षेत्र से भिन्न विकासखण्ड मुख्यालय से 10 किलोमीटर की परिधि तक के क्षेत्र में प्रथम तीन इकाई को थ्रस्ट सेक्टर की भांति सम्मिलित किया जाएगा।     recent visitors 24

महिला डॉक्टर की मौत के बाद बस मालिक का फर्जीवाड़ा, हादसे के बाद बस को बेचने का फर्जी डाक्यूमेंट बनवा लिया

भोपाल  बाणगंगा चौराहे पर सोमवार करीब 11 बजे हुए बस हादसे के बाद श्रीराम नंदा एजुकेशन एंड वेयलफेयर सोसायटी ने दोपहर तीन बजे पुलिस की कार्रवाई से बचने के लिए जालसाजी की थी। पुलिस ने जांच के बाद इस फर्जीवाड़े को भी राजफाश कर दिया। जांच में सामने आया कि स्कूल बस हादसे के चार घंटे बाद ही बस बेचने के अनुबंध के दस्तावेज तैयार करवाए गए थे, ताकि हादसे की जिम्मेदारी से बचा जा सके। इसके लिए एक किसान प्रवेश नागर को प्रलोभन देकर तैयार किया गया था। पुलिस ने इसके बाद दोनों आरोपित पर धोखाधड़ी की धाराएं बढ़ा दी हैं। दस्तावेज खंगाले गए टीटी नगर थाना प्रभारी ने बताया कि हादसे के बाद जब जांच शुरू हुई तो दस्तावेज खंगाले गए। इस दौरान पाया गया कि हादसे के बाद करीब तीन बजे दस्तावेज तैयार किए गए। इसमें प्रवेश नागर को क्रेता और श्रीराम नंदा एजुकेशन एंड वेयलफेयर सोसायटी के सचिव प्रदीप पांडे को विक्रेता दर्शाया गया। हादसे के बाद एग्रीमेंट करवाते नजर आए पुलिस ने इसे दस्तावेजी फर्जीवाड़ा मानते हुए उन्हें गिरफ्तार कर लिया है। प्रवेश नागर पुलिस को पूछताछ में गुमराह करता रहा, लेकिन बाद में वह टूट गया। पुलिस को एक स्थान पर सीसीटीवी फुटेज में दोनों हादसे के बाद एग्रीमेंट करवाते नजर आ रहे हैं। बस ड्राइवर विशाल बैरागी फिलहाल फरार है। डॉक्टर की मौके पर ही मौत बता दें कि सोमवार को भोपाल के बाणगंगा चौराहे पर स्कूल की बस ने रेड सिग्नल पर खड़ी आठ गाड़ियों को टक्कर मार दी थी। हादसे में स्कूटी सवार बीएएमएस इंटर्न डॉ. आयशा खान की मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई थी। वह अपनी शादी की तैयारियों में जुटी थी। शादी की तारीख 14 जून तय थी। उनकी मां जब रिश्तेदारों को शादी के कार्ड बांट रही थीं, तभी उन्हें बेटी की मौत की खबर मिली। 50 फीट तक घिसटती रही सीसीटीवी फुटेज में देखा जा सकता है कि रेड सिग्नल पर खड़ी गाड़ियों को पीछे से तेज रफ्तार आई बस ने टक्कर मारी। स्कूटर पर बैठी आयशा बस के अगले हिस्से में फंस गई और करीब 50 फीट तक घिसटने के बाद आगे वाले पहिए के नीचे आ गई। छह अन्य लोग घायल हुए, जिनमें दो की हालत गंभीर बनी हुई है। टक्कर मारने वाली बस का फिटनेस नवंबर 2024 में ही खत्म हो चुका था और बीमा भी नवीनीकृत नहीं था। बस सड़क पर अवैध रूप से दौड़ाई जा रही थी। इस लापरवाही को गंभीर मानते हुए संभागायुक्त संदीप सिंह ने भोपाल आरटीओ जितेंद्र शर्मा को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया। फर्जी दस्तावेजों से बचने की कोशिश टीटी नगर थाना प्रभारी सुधीर अरजरिया ने बताया कि इंटरनेशनल पब्लिक स्कूल की बस से हुए हादसे के बाद जब जांच शुरू हुई तो दस्तावेज खंगाले गए। इस दौरान पाया गया कि दुर्घटना के तुरंत बाद, बैकडेट में दस्तावेज तैयार किए गए। इसमें प्रवेश नागर को क्रेता और प्रदीप पांडे को विक्रेता दर्शाया गया। यह संभावना है कि दस्तावेजों में दी गई तारीख हादसे के बाद ही बनाई गई है। पुलिस ने इसे दस्तावेजी फर्जीवाड़ा मानते हुए दोनों पर IPC की संबंधित धाराओं में प्रकरण दर्ज कर उन्हें गिरफ्तार कर लिया है। वहीं, हादसे के मुख्य आरोपी बस ड्राइवर विशाल बैरागी फिलहाल फरार है। IPS स्कूल का संचालन करती है श्री रामनंदा एजुकेशन सोसाइटी डीसीपी प्रियंका शुक्ला ने बताया कि आईपीएस स्कूल का संचालन श्री रामनंदा एजुकेशन सोसाइटी करती है। सोसाइटी में 8 सदस्य हैं। पुलिस सभी की भूमिका की जांच कर रही है। मामले में सोसाइटी के सचिव प्रदीप पांडेय सहित प्रवेश नागर की गिरफ्तारी कर ली गई है। ड्राइवर विशाल बैरागी फरार है। उसके पास हैवी लाइसेंस नहीं होने के बावजूद उसे बस चलाने को दी गई थी। recent visitors 23

प्रधानमंत्री जी की पहल से हम पिछड़ी जनजातियों के भाग्य खुल गए , हर प्रकार की सरकारी सुविधाओं के साथ पक्का आवास भी मिलने लगा

रायपुर : धन्यवाद उन सभी का, जिन्होंने हमारी सुध ली रायपुर हम लोग पहाड़ी कोरवा है बाबू,  जंगल से जुड़े हैं, जो कुछ है हमारा सबकुछ जंगल ही है, हमारे पुरखे ही नहीं, हम लोग का जीवन संघर्षों के साथ ही बीता है किसी ने आँसू तक नहीं पोछा…किसी ने हमारी सुध नहीं ली, आज हमें साफ पानी..गाँव तक सड़क..गाँव में स्कूल…बीमारी से इलाज के लिए आयुषमान कार्ड और पक्का मकान दिया जा रहा है..हमें पैरों में खड़ा करने के साथ ही..हमारे पांव पखारे जा रहे हैं। यह हमारा सौभाग्य है। धन्यवाद उन सभी लोगों का, जिन्होंने हमारी सुध ली और हमें सम्मान दे रहे हैं। यह कहना है विशेष पिछड़ी जनजाति परिवार की पहाड़ी कोरवा फूलो बाई और शनी राम कोरवा का। ये पहाड़ी कोरवा परिवार प्रधानमंत्री जनमन आवास योजना के तहत आशियाना मिलने के बाद गृह प्रवेश से पहले केंद्रीय कृषि एवं पंचायत मंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान और मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के हाथों पाँव पखारने के पश्चात अभिभूत और खुद को गौरवान्वित महसूस कर रहे थे। छत्तीसगढ़ के दौरे पर आए केंद्रीय कृषि एवं पंचायत मंत्री  श्री शिवराज सिंह, मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय तथा अन्य अतिथियों ने आज अम्बिकापुर में प्रधानमंत्री आवास योजना के हितग्राहियों के पाँव को पखारकर गृह प्रवेश कराया। इस मौके पर प्रदेश के 51 हजार हितग्राहियों को आवास की चाबी सौंपी। जशपुर जिले के बगीचा ब्लॉक अंतर्गत ग्राम पंडरापाठ की रहने वाली फूलो बाई बताती है कि उनका जीवन संघर्षों से गुजरा। दो साल पहले पति के मौत के बाद उनकी मुश्किलें और भी बढ़ गई थीं। उनका कहना था कि पति जब तक जीवित थे तब तक उनको पूरा भरोसा था कि पक्का मकान एक दिन बना लेंगे, लेकिन असमय उनकी मौत ने उनकी उम्मीदों पर पानी फेर दिया था। देश के प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने वनांचलों में रहने वाले विशेष पिछड़ी जनजाति परिवारों की सुध ली है। प्रधानमंत्री जी की पहल से हम पिछड़ी जनजातियों के भाग्य खुल गए हैं। हर प्रकार की सरकारी सुविधाओं के साथ पक्का आवास भी मिलने लगा है। ग्राम ढेलवाडाँड़-बोकाई पंचायत जिला सरगुजा के पहाड़ी कोरवा शनी राम ने बताया कि जंगलों के आसपास रहते हमारी कई पीढ़ियां बीत गई। हमारी पीढ़ियों ने पानी भी ढोढ़ी का पीया। घास-फूस के घर में रहे और आंधी-तूफान, बारिश के दिनों में डर के साये में जैसे-तैसे जिंदगी काटी। हमने तो कभी सोचा भी नहीं था कि एक दिन हमारी जिंदगी के कठिन दिन बहुरेंगे। अब पीएम जनमन से हमारे पक्के मकान बन गए। नल कनेक्शन, बिजली कनेक्शन मिल रहा। इलाज के लिए कार्ड बन रहा है। गाँव तक पक्की सड़क बन रही है। हमारे पांव पखार कर सम्मान दिया गया वह एक सुखद अनुभूति है, यह हमारे आने वाली पीढ़ी की तकदीर बदलने की शुरूआत है, इसके लिए हम जितना भी आभार जताए..कम ही है। recent visitors 40

सोफिया कुरैशी के खिलाफ अभद्र टिप्पणी पर भड़के अजय राय, कहा- ऐसा बयान उनके घिनौने सोच को बताता है

भोपाल कर्नल सोफिया कुरैशी पर पूरे देश को गर्व है। लेकिन मध्यप्रदेश के जनजातीय कार्य मंत्री विजय शाह ने उनको लेकर 'गंदी बात' कर दी। इतनी गंदी कि नवभारत टाइम्स डॉट कॉम उसे बता भी नहीं सकता। बयान के वायरल होते ही हल्ला मच गया। सीधे शाह को भाजपा कार्यालय तलब कर लिया गया, जहां जाकर उन्होंने माफी मांग ली। आलाकमान के तेवर को देखते हुए मंत्री विजय शाह हवाई चप्पल में ही भागते हुए पार्टी ऑफिस पहुंचे। हवाई चप्पल में ही आए पार्टी दफ्तर पार्टी ने इस तरह फटकार लगाई कि वे हवाई चप्पल पहनकर भाजपा प्रदेश कार्यालय पहुंचे और मीडिया से बचने के लिए दौड़ते हुए कार्यालय में दाखिल हो गए। भाजपा राष्ट्रीय नेतृत्व द्वारा संज्ञान लिए जाने के बाद राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्‌डा ने इस मामले पर एमपी संगठन से रिपोर्ट मांगी। इसके बाद प्रदेश संगठन महामंत्री हितानंद शर्मा और भाजपा प्रदेश अध्यक्ष वीडी शर्मा ने मंत्री शाह को मिलने बुलाया तो उनके होश फाक्ता हो गए। वे हवाई चप्पल में ही पार्टी कार्यालय पहुंच गए। पार्टी नेतृत्व से मांगी माफी उन्होंने पार्टी के नेतृत्व से माफी मांगी और मीडिया में कहा कि मैं बहन सोफिया से हजार बार माफी मांग सकता हूं। आपको बता दें कि जनजातीय कार्य मंत्री विजय शाह सोमवार को इंदौर के महू के रायकुंडा गांव में आयोजित हलमा कार्यक्रम में पहुंचे थे। इस दौरान उन्होंने कर्नल सोफिया कुरैशी को लेकर बेहद घटिया बयान दे दिया। लेकिन घटना का वीडियो मंगलवार को वायरल हुआ। वीडियो में उन्होंने इतनी गंदी बात कही है कि हमारे लिये यहां लिखना भी कर्नल सोफिया की बेकद्री हो सकती है। यहां पर हम इसलिए बयान नहीं लिख रहे। दस बार माफी मांग लूंगा मीडिया से चर्चा में विजय शाह ने कहा कि जो घटना हुई उस पर भी आप जाओ। सबसे पहले मैं ये बता दूं कि मेरा पूरा परिवार, खानदान मिलिट्री बेस्ड रहा है। कारगिल से लेकर और तमाम जगहों पर मेरे परिवार में कई लोग शहीद हुए। मैं उस बात से मैं न सिर्फ विचलित था बल्कि बहुत दुखी था। हम सपने में भी उनके अपमान का सोच भी नहीं सकते। फिर भी किसी को ऐसा लगा हो, किसी समाज को या किसी व्यक्ति को तो मैं दस बार माफी मांगने को तैयार हूं। शाह ने कहा कि मैंने कहा न कि दुखी मन से और इतनी विपरीत परिस्थितियों में अगर मेरे मुंह से कुछ गलत निकल गया है। पार्टी ने दूसरे मैटर के लिए बुलाया था हालांकि विजय शाह ने इस बात से मुकर गए कि पार्टी संगठन ने उन्हें बयानबाजी के लिए बुलाया था। शाह ने कहा है कि महामंत्री जी से दूसरे मैटर पर बात करने के लिए बुलाया था। बीजेपी नेताओं ने परिवार से की मुलाकात वहीं, मंत्री विजय शाह के बयान से पार्टी को नुकसान हुआ है। मध्य प्रदेश बीजेपी अब डैमेज कंट्रोल में जुटी है। प्रदेश अध्यक्ष वीडी शर्मा का संदेश लेकर बीजेपी नेताओं ने कर्नल सोफिया कुरैशी के परिवार से नौगांव जाकर मुलाकात की है। सोफिया कुरैशी के खिलाफ अभद्र टिप्पणी पर भड़के अजय राय  मंत्री विजय शाह के कर्नल सोफिया कुरैशी पर विवादित बयान ने अब तूल पकड़ लिया है। विपक्षी दल लगातार विजय शाह को घेर रहे हैं। इतना ही नहीं, भाजपा संगठन ने भी विजय शाह को तलब कर लिया है। इसी बीच यूपी कांग्रेस अध्यक्ष अजय राय का बयान सामने आया है। जिममें उन्होंने केन्द्र सरकार को मंत्री का इस्तीफा लेने की बात कही है। कर्नल सोफिया कुरैशी का अपमान अजय राय ने कहा कि मध्य प्रदेश के मंत्री विजय शाह ने अपने बयान से देश की वीरांगना बिटिया कर्नल सोफिया कुरैशी का अपमान करके नारीशक्ति, देश की सेना के साथ-साथ हमारी एकता पर भी चोट किया है। उनका बयान उनके छोटे और घिनौने सोच को बताता है। किसी जिम्मेदारी पर बैठा आदमी ऐसा अनैतिक और नफरती बयान कैसे दे सकता है। अजय राय ने आगे कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को इस मंत्री से तुरंत इस्तीफा लेना चाहिए या बर्खास्त कर देना चाहिए अन्यथा यही माना जाएगा कि इस ओछी बयानबाजी में उनकी भी मूक सहमति है। हालांकि अगर ऐसा हुआ भी तो कोई ताज्जुब की बात नहीं होगी। क्योंकि, भाजपा और संघ का इतिहास ही महिला विरोध के साथ-साथ नफरत फैलाने वाला रहा है। recent visitors 41

मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय और विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह ने की उच्च स्तरीय समीक्षा

रायपुर : छत्तीसगढ़ की पहचान बनेगा नया विधानसभा भवन: सितम्बर 2025 तक निर्माण हर हाल में पूर्ण करने के निर्देश 51 एकड़ क्षेत्र में बन रहा है भव्य और आधुनिक सुविधाओं से युक्त नया विधानसभा परिसर मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय और विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह ने की उच्च स्तरीय समीक्षा रायपुर नवा रायपुर के सेक्टर-19 में 51 एकड़ भूमि पर छत्तीसगढ़ की नवीन विधानसभा का निर्माण तीव्र गति से जारी है। अब तक 95 प्रतिशत से अधिक कार्य पूर्ण हो चुका है। मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय एवं विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह ने आज मुख्यमंत्री निवास में आयोजित उच्चस्तरीय बैठक में निर्माण की प्रगति की विस्तार से समीक्षा की और इसे सितम्बर 2025 तक हर हाल में पूर्ण करने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि यह भवन छत्तीसगढ़ की लोकतांत्रिक चेतना और सांस्कृतिक गरिमा का प्रतीक बनेगा। इसकी भव्यता और कार्यक्षमता नई पीढ़ी को प्रेरित करेगी। नवीन विधानसभा भवन के निर्माण कार्यों को तीन प्रमुख विंगों में विभाजित किया गया है—विधानसभा सचिवालय, विधानसभा सदन और सेंट्रल हॉल परिसर। इनमें दर्शक दीर्घा, मीडिया दीर्घा, सभागृह कक्ष, पुस्तकालय, विद्युतीकरण, वातानुकूलन, डामरीकरण, उद्यानिकी, जल एवं विद्युत आपूर्ति, आंतरिक साज-सज्जा और फिक्स्ड फर्नीचर का कार्य तीव्र गति से जारी है। हर विभाग की जिम्मेदारी तय: समन्वय से बनेगा आदर्श परिसर बैठक में लोक निर्माण विभाग, उद्यानिकी, संस्कृति विभाग और चिप्स द्वारा किए जा रहे कार्यों की समीक्षा की गई। सभी विभागों को निर्धारित समयसीमा में कार्य पूर्ण करने के स्पष्ट निर्देश दिए गए। सुरक्षा और ऊर्जा संरक्षण का समावेश: फायर फाइटिंग से लेकर सोलर पैनल तक विधानसभा परिसर में फायर फाइटिंग सिस्टम, रेन वाटर हार्वेस्टिंग, अत्याधुनिक ऑडियो-वीडियो प्रणाली, 300 किलोवॉट सोलर पैनल और 500 सीटर ऑडिटोरियम की स्थापना की जा रही है, जिससे यह परिसर पर्यावरणीय दृष्टि से भी आदर्श उदाहरण बने। संस्कृति का संगम: छत्तीसगढ़ की लोकसंस्कृति पर आधारित संग्रहालय भी होगा शामिल संस्कृति विभाग द्वारा परिसर में छत्तीसगढ़ की समृद्ध लोक-संस्कृति को समर्पित संग्रहालय का निर्माण भी किया जाएगा, जो राज्य की सांस्कृतिक विविधता और धरोहर को प्रदर्शित करेगा। इस अवसर पर उपमुख्यमंत्री श्री अरुण साव, वित्त मंत्री श्री ओपी चौधरी, मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव श्री सुबोध कुमार सिंह, मुख्यमंत्री के सचिव श्री पी. दयानन्द, श्री मुकेश बंसल, डॉ. बसवराजू एस, विधानसभा सचिव श्री दिनेश शर्मा सहित संबंधित विभागों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे। recent visitors 29