8th Pay Commission में फैमिली यूनिट बढ़ाने से 66% तक बढ़ेगी सैलरी, फिटमेंट फैक्टर और पेंशन पर भी असर

नई दिल्ली  आठवें वेतन आयोग में फैमिली यूनिट बढ़ाने की मांग से केंद्रीय कर्मचारियों की बेसिक सैलरी में 66% तक उछाल आ सकता है। कर्मचारी संगठनों का कहना है कि अगर परिवार की गणना 3 की जगह 5 यूनिट पर की जाए, तो न्यूनतम वेतन, फिटमेंट फैक्टर और पेंशन (8th Pay Commission salary and pension hike) तीनों में बड़ा बदलाव संभव है। दरअसल, नेशनल काउंसिल (स्टाफ साइड) जॉइंट कंसल्टेटिव मशीनरी (NC-JCM) की ड्राफ्टिंग कमेटी ने आठवें केंद्रीय वेतन आयोग के लिए एक साझा मांग पत्र तैयार करने को राष्ट्रीय राजधानी में हफ्ते भर की बैठक बुलाई है। यह मांग देश के 50 लाख से ज्यादा केंद्रीय कर्मचारियों और करीब 69 लाख पेंशनर्स से जुड़ी है। चर्चा का सबसे अहम मुद्दा है- फैमिली यूनिट (8th Pay Commission family unit) का विस्तार। सातवें वेतन आयोग में कैसे काउंट हुआ था वेतन? 7वें वेतन आयोग में न्यूनतम वेतन की गणना 3 कंजम्प्शन यूनिट के आधार पर की गई थी। इसमें कर्मचारी, जीवनसाथी और दो बच्चों को शामिल किया गया। यह गणना डॉ. वालेस एक्रोयड के फॉर्मूले पर आधारित थी, जिसमें 2,700 कैलोरी प्रति वयस्क, सालाना 72 गज कपड़ा और मकान का खर्च जैसे मानक तय किए गए थे। मकसद था- एक परिवार को सम्मानजनक जीवन के लिए कितनी आय चाहिए, इसका अंदाजा लगाना। फैमिली यूनिट में माता-पिता भी हों शामिल! ऑल इंडिया एनपीएस एप्लॉईज फेजरेशन के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. मंजीत सिंह पटेल (Dr Manjeet Singh Patel) का कहना है कि असल में कई कर्मचारी अपने आश्रित माता-पिता का खर्च भी उठाते हैं। इसलिए फैमिली यूनिट 3 से बढ़ाकर 5 की जाए। चूंकि न्यूनतम वेतन सीधा-सीधा यूनिट की संख्या से जुड़ा होता है, इसलिए 3 से 5 यूनिट होने पर बेस कैलकुलेशन वैल्यू में गणितीय रूप से 66.67% की बढ़ोतरी हो सकती है। यूनियनों का दावा है कि इससे न्यूनतम बेसिक सैलरी में करीब 66% तक उछाल आ सकता है। फैमिली यूनिट फॉर्मूला क्या है? 7वें वेतन आयोग में न्यूनतम वेतन की गणना 3 यूनिट के आधार पर हुई थी. कर्मचारी, जीवनसाथी और दो बच्चे. यह गणना डॉ. वॉलेस अयक्रॉयड के फॉर्मूले पर आधारित थी, जिसमें परिवार की बुनियादी जरूरतें शामिल थीं.     रोजाना 2700 कैलोरी भोजन     सालाना कपड़ों की जरूरत     रहने का खर्च     इसका मकसद था सम्मानजनक जीवन के लिए जरूरी न्यूनतम आय तय करना.     अब क्या मांग की जा रही है?     कर्मचारी यूनियन चाहती हैं कि फैमिली यूनिट 3 से बढ़ाकर 5 की जाए, जिसमें आश्रित माता-पिता को भी शामिल किया जाए. सीधे शब्दों में     पहले गणना = 3 यूनिट     नया प्रस्ताव = 5 यूनिट गणित के हिसाब से     5 ÷ 3 = 1.66     यानी बेसिक गणना में लगभग 66.67% बढ़ोतरी.     न्यूनतम वेतन पर असर     अभी 7वें वेतन आयोग के तहत न्यूनतम बेसिक वेतन ₹18,000 है. कर्मचारी संगठन मांग कर रहे हैं.     फिटमेंट फैक्टर 3.25 तक (पहले 2.57)     हर साल 7% वेतन वृद्धि     पुरानी पेंशन योजना (OPS) की बहाली     अगर बेस सैलरी बढ़ती है, तो पूरी सैलरी स्ट्रक्चर ऊपर चला जाएगा. फिटमेंट फैक्टर क्यों बढ़ सकता है? फिटमेंट फैक्टर वही गुणांक है जिससे पुरानी सैलरी नई सैलरी में बदली जाती है. फैमिली यूनिट बढ़ने से न्यूनतम वेतन की गणना बड़ी हो जाएगी, जिससे ज्यादा फिटमेंट फैक्टर की मांग मजबूत हो जाती है. पेंशनर्स पर क्या असर? पेंशन आखिरी बेसिक सैलरी का 50% होती है. इसलिए अगर नई बेसिक सैलरी बढ़ती है, तो पेंशन भी उसी अनुपात में बढ़ेगी. यही वजह है कि पेंशनर्स संगठन भी इस पर नजर बनाए हुए हैं. कर्मचारी संगठन क्यों जरूरी बता रहे बदलाव?     यूनियनों का कहना है:     महंगाई तेजी से बढ़ी है     कई कर्मचारी माता-पिता की जिम्मेदारी उठाते हैं     3 यूनिट मॉडल आज के परिवार की हकीकत नहीं दिखाता     उनका मानना है कि सिर्फ छोटी बढ़ोतरी नहीं, बल्कि सैलरी ढांचे में बड़ा बदलाव जरूरी है. अभी स्थिति क्या है? NC-JCM अलग-अलग विभागों की मांगों को जोड़कर सरकार को अंतिम प्रस्ताव देगा. इसमें फैमिली यूनिट विस्तार, न्यूनतम वेतन, पेंशन समानता और भत्तों से जुड़े सुझाव शामिल होंगे. सरकार 5-यूनिट प्रस्ताव मानती है या नहीं, यह अभी साफ नहीं है. लेकिन अगर मंजूरी मिलती है, तो सैलरी, पेंशन और भत्तों में बड़ा बदलाव देखने को मिल सकता है. कर्मचारियों के लिए सबसे अहम बात 66% बढ़ोतरी का आंकड़ा कोई अनुमान नहीं, बल्कि वेतन गणना के फॉर्मूले में बदलाव से जुड़ा गणित है.अगर फैमिली यूनिट 3 से 5 हुई तो बेस सैलरी लगभग 66.67% बढ़ेगी. फिटमेंट फैक्टर बढ़ाने का आधार मजबूत होगा. न्यूनतम वेतन ₹54,000 तक मांग की जा सकती है. पेंशन भी उसी अनुपात में बढ़ेगी अब सबसे बड़ा सवाल यही है क्या सरकार फैमिली यूनिट फॉर्मूला बदलने को मंजूरी देगी? तो ऊपर खिसक जाएगी सैलरी मैट्रिक्स? फिलहाल 7वें वेतन आयोग के तहत न्यूनतम बेसिक वेतन 18,000 रुपए है। अगर बेसिक पे बढ़ता है, तो पूरी सैलरी मैट्रिक्स ऊपर खिसक जाएगी। यूनियनें 3.25 या उससे ज्यादा फिटमेंट फैक्टर की भी मांग कर रही हैं। साथ ही सालाना इंक्रीमेंट दर 3% से बढ़ाकर 7% करने की मांग है। पुरानी पेंशन योजना (OPS) की पूरी बहाली, NPS और UPS को खत्म करने की मांग भी उठ रही है। यह मांग पेंशनर्स के लिए भी अहम है, क्योंकि बेसिक पेंशन आखिरी बेसिक सैलरी का 50% होती है। अगर 5 यूनिट फॉर्मूला लागू होता है, तो पेंशन में भी उसी अनुपात में बढ़ोतरी होगी। अब नजर सरकार के फैसले पर है कि क्या आठवां वेतन आयोग सिर्फ इंक्रीमेंट देगा या ढांचा बदलकर बड़ी सैलरी हाइक? खैर, ये आने वाले दिनों में क्लियर हो सकता है।   recent visitors 29

भोपाल के बड़ा तालाब पर ‘बड़ों’ का कब्जा, कांग्रेस विधायक और कई VIP संस्थानों पर लाल निशान

 भोपाल  राजधानी भोपाल वासियों की लाइफलाइन कहे जाने वाले बड़े तालाब की सीमा तय करने के लिए किए जा रहे सीमांकन के दौरान कई चौंकाने वाले कब्जे देखने को मिले। नायब तहसीलदार के.के पंडोले के नेतृत्व में आरआई और पटवारियों ने शुक्रवार की दोपहर 02 बजे से सीमांकन कार्रवाई शुरू की, जो शाम 05 बजे तक चली। बता दें कि, बुधवार से शुरू हुए बड़े तालाब के सीमांकन के दौरान कैचमेंट दायरे 50 मीटर में राज्यमंत्री नरेंद्र शिवाजी पटेल को आवंटित शासकीय बंगला, के.के हाउस, गुलबाग लॉन, आईएएस मुजीबउर्रहमान के बंगले का हिस्सा समेत 25 से अधिक निर्माण चिह्नित किए गए थे। चार घंटे चला सीमांकन बताया जा रहा है कि, राजस्व अमला सीमांकन करते हुए खानूगांव स्थित कांग्रेस विधायक आरिफ मसूद के इंदिरा प्रियदर्शनी ग्रुप ऑफ इंस्टीट्यूट्स पहुंचा, जहां तालाब के फुल टैंक लेवल से सीमांकन करते हुए 50 मीटर कैचमेंट दायरा तय करने पर सामने आया कि, शैक्षणिक संस्थान कैचमेंट क्षेत्र के पास ही बना है। यहां पटवारी अरविंद गिरी ने नायब तहसीलदार के.के पंडोले की निगरानी ने लाल निशान लगाकर तालाब की सीमा निर्धारित की। आर्मी वाटर स्पोर्ट केंद्र के बाद मिले अवैध निर्माण राजस्व अमले ने बड़ा तालाब के कैचमेंट क्षेत्र में सेना के वाटर स्पोर्ट सेंटर के आगे जब सीमांकन किया तो कैचमेंट में पक्के मकान, बाउंड्री वाल, रेस्टोरेंट, फैक्ट्री आदि का निर्माण होना मिला। इतना ही नहीं, कुछ दूर चलने के बाद पता चला कि एक बड़े फार्म हाउस की तरह निर्माण कैचमेंट में किया जा रहा था। इसके पास ही भैंस भी बंधी हुई थीं। यहां मजदूर दीवार उठाने का काम कर रहे थे। पूछताछ में उन्होंने आदिल नाम के व्यक्ति द्वारा निर्माण कार्य किया जाना बताया। यह निर्माण करीब दो एकड़ से अधिक जमीन में किया जा रहा था, जिसे नायब तहसीलदार ने चिह्नित करवाया है। उन्होंने मौके पर बताया कि अब तक का यह सबसे बड़ा अतिक्रमण कैचमेंट क्षेत्र में मिला है, जिसे जल्द से जल्द जमींदोज करने की कार्रवाई की जाएगी। कैचमेंट में झुग्गी सहित धार्मिक स्थल खानूगांव में बड़ा तालाब के कैचमेंट में एक-दो नहीं, बल्कि दो दर्जन से अधिक अवैध मकान मिले हैं। सीमांकन के दौरान एक परिवार तालाब के अंदर ही झुग्गी बनाकर रहता हुआ मिला। पटवारी ने मौके पर ही बच्चों से जानकारी ली। इसके आगे कुछ लोगों ने तालाब किनारे स्थित जमीन पर निजी संपत्ति का बोर्ड लगा रखा था। यहां आगे ही राजस्व अमले ने कैचमेंट में बने एक धार्मिक स्थल के कुछ हिस्से को भी चिह्नित किया है। पहले भी जारी हुए हैं आदेश NGT की सेंट्रल बेंच ने 15 फरवरी को आर्या श्रीवास्तव की पिटीशन पर अपने ऑर्डर में भोपाल म्युनिसिपल कमीशन (BMC) के वकील से सख्ती से कहा था कि वह जमीन पर टाइटल या हक तय करने के लिए नहीं है, बल्कि अतिक्रमण हटाना चाहता है। उन्होंने कहा कि भदभदा की तरफ अपर लेक के किनारे 35 अतिक्रमण पहचाने गए थे, लेकिन लोकल लोगों के विरोध के कारण सिर्फ 9 ही हटाए जा सके। कुछ मामलों में, पार्टियों के अधिकार, टाइटल और हित को लेकर कोर्ट में केस पेंडिंग है। कांग्रेस नेता की जमीन भी कैचमेंट में इसी के पास स्थित स्कूल के मैदान से होते हुए अमला आगे बढ़ा तो कांग्रेस नेता अरुणेश्वर सिंहदेव की जमीन का कुछ हिस्सा कैचमेंट में पाया गया, जिसमें खेती चल रही है। बता दें कि, 04 महीने पहले खानूगांव में जब राजस्व अमले ने सीमांकन किया था, तब कांग्रेस विधायक के शैक्षणिक संस्थान के पीछे कीचड़-दलदल होने की वजह से निशान लगाया था, लेकिन तब तक कैचमेंट की सीमा तय नहीं हुई थी। कहां मिले कब्जे     टीटी नगर अनुभाग के ग्राम सेवनिया गौड़, धर्मपुरी, प्रेमपुरा, आमखेड़ा, पीपलखेड़ी, कोटरा सुल्तानाबाद, बरखेड़ी खुर्द में कुल 108 निर्माण मिले हैं। इनमें अधिकांश पक्के मकान शामिल हैं, जबकि कुछ झुग्गियां भी हैं। भदभदा इलाके में दो दिन पहले कार्रवाई भी हुई है, जबकि आगे बड़े स्तर पर कार्रवाई की तैयारी है।     खानूगांव के आसपास 3 मकान, हलालपुरा में 7, कोहेफिजा में 35 मकान दायरे में आ रहे हैं।     खानूगांव में 15 सरकारी जमीन पर कब्जे सामने आए हैं। शुक्रवार को विधायक आरिफ मसूद के कॉलेज की बाउंड्रीवॉल के पास भी राजस्व अमले ने लाल निशान लगाए हैं।     वीआईपी रोड पर एक मंत्री और आईएएस के बंगले के पास भी लाल निशान लगाए जा चुके हैं।     हुजूर के मुगालिया छाप, खजूरी में सीमांकन चल रहा है। यहां भी बड़े स्तर पर अतिक्रमण मिला है। होली से पहले पूरा होगा सीमांकन कलेक्टर सिंह ने बड़ा तालाब के आसपास के हिस्से के अधिकार क्षेत्र वाले सभी एसडीएम को होली से पहले हर हाल में सीमांकन पूरा करने को कहा है। साथ ही एमपी पॉल्यूशन कंट्रोल बोर्ड को वाटर बॉडी में मिलने वाले गंदे नालों का पता लगाने की बात कही गई है। पानी को दूषित करने वाले सभी सोर्स का पता लगाया जाएगा। ऐसे दो स्तर पर होगी कार्रवाई बता दें कि वेटलैंड एक्ट 16 मार्च 2022 को लागू हुआ था। ऐसे में इसके बाद एफटीएल के दायरे में होने वाले सभी निर्माण एक तरह से अवैध ही माने जाएंगे। चाहे इसे लेकर निगम या पंचायत स्तर से कोई भी अनुमति दी ही क्यों न गई हो। शहर में 50 मीटर और ग्रामीण में 250 मीटर का पैमाना निर्धारित है। यदि इससे पहले का कोई निर्माण है, लेकिन वह तालाब की जद में आ रहा है तो संबंधित से नगर निगम, पंचायत, टीएंडसीपी, पर्यावरण, वन आदि संबंधित विभागों की अनुमति के बारे में दस्तावेज मांगे जाएंगे। साथ ही परमिशन देने वालों की जानकारी भी ली जाएगी। अब तक 3 बार सर्वे, ठोस कार्रवाई नहीं बता दें कि बड़ा तालाब का बीते दस साल में 3 बार सर्वे हो चुका है। इनमें बड़ी संख्या में अतिक्रमण सामने आए, लेकिन सर्वे रिपोर्ट का आज तक पता नहीं है। इस वजह से बैरागढ़, खानूगांव, सूरज नगर, गौरागांव, बिसनखेड़ी समेत कई जगहों पर अतिक्रमण हुए। कई मैरिज गार्डन, फार्म हाउस, स्कूल-कॉलेज, घरों की सीमाएं बड़ा तालाब में हैं। 5 प्वॉइंट में पढ़िए पूरी खबर का सार 1. रामसर साइट और वेटलैंड नियमों के तहत तालाब के FTL (Full Tank Level) से 50 मीटर … Read more

1 मार्च से आपकी जेब पर असर डालने वाले 5 बड़े नियमों में बदलाव

नई दिल्ली 1 मार्च 2026 से भारत में कई नियम बदलने जा रहे हैं, जो आम लोगों की रोजमर्रा की जिंदगी और जेब पर सीधा असर डालेंगे. ये बदलाव ट्रेन टिकट बुकिंग से लेकर एलपीजी सिलेंडर की कीमत, सिम कार्ड, बैंक अकाउंट, यूपीआई और मैसेजिंग ऐप्स तक फैले हुए हैं. ज़ी बिजनेस और दूसरे सोर्सेज से मिली जानकारी के मुताबिक, ये नियम सुरक्षा बढ़ाने, फ्रॉड रोकने और सर्विस बेहतर बनाने के लिए लाए जा रहे हैं. भारतीय पढ़ने वालों के लिए आसान भाषा में बताता हूं कि क्या-क्या बदलाव आ रहे हैं.  रेलवे टिकट बुकिंग में बड़ा बदलाव भारतीय रेलवे 1 मार्च से अपनी डिजिटल सर्विस को और भी हाईटेक बना रहा है. रिपोर्ट्स के अनुसार पुराने यूटीएस ऐप की जगह अब नया RailOne ऐप जगह ले लेगा. इसके साथ ही जनरल और प्लेटफॉर्म टिकट बुक करने के लिए आधार बेस्ड ऑथेंटिकेशन को जरूरी किया जा सकता है, जिससे टिकट बुकिंग में क्लियरिटी आएगी. इसके अलावा सीनियर सीटीजन के लिए लोअर बर्थ प्रायोरिटी को लेकर भी नई गाइडलाइंस आ सकती हैं. सबसे बड़ा बदलाव ट्रेन टिकट बुकिंग में है. भारतीय रेलवे अब पुराना यूटीएस ऐप बंद कर रहा है. 1 मार्च से अनारक्षित टिकट, जनरल टिकट और प्लेटफॉर्म टिकट बुक करने के लिए नया रेलवन ऐप इस्तेमाल करना होगा. ये ऐप पूरी तरह एक्टिव हो जाएगा और आईआरसीटीसी के अलावा ये नया विकल्प होगा. अब स्टेशन पर काउंटर से या पुराने तरीके से टिकट लेना मुश्किल हो सकता है, इसलिए यात्रा करने वाले लोग पहले से ऐप डाउनलोड कर लें. एलपीजी सिलेंडर की कीमत एलपीजी सिलेंडर की कीमतों में हर महीने की तरह बदलाव हो सकता है. 1 मार्च को घरेलू और कमर्शियल एलपीजी सिलेंडर के नए रेट घोषित हो सकते हैं. क्रूड ऑयल की कीमतों के आधार पर ये बढ़ या घट सकते हैं, जिससे रसोई गैस का खर्च सीधा प्रभावित होगा. आम परिवारों के लिए ये बहुत जरूरी है क्योंकि गैस की कीमतें रोज के बजट पर असर डालती हैं. सिम बाइंडिंग जरूरी सिम कार्ड और मैसेजिंग ऐप्स में बड़ा नियम आ रहा है. 1 मार्च से सिम बाइंडिंग अनिवार्य हो जाएगी. मतलब व्हाट्सऐप, टेलीग्राम जैसे ऐप्स को एक्टिव सिम से लिंक करना जरूरी होगा. अगर सिम नहीं जुड़ा तो ऐप इस्तेमाल नहीं कर पाएंगे. ये नियम डिजिटल फ्रॉड और फेक अकाउंट रोकने के लिए है. व्हाट्सऐप यूजर्स पर सबसे ज्यादा असर पड़ेगा क्योंकि मल्टी-डिवाइस यूज और वेब वर्जन पर नई पाबंदियां आ सकती हैं. दूरसंचार विभाग ने कहा है कि ये सुरक्षा के लिए है और कोई ढील नहीं मिलेगी. मिनिमम बैलेंस नियम में बदलाव बैंक और फाइनेंस में भी बदलाव हैं. कुछ बैंक मिनिमम बैलेंस नियम में बदलाव कर सकते हैं या सेविंग अकाउंट के रूल अपडेट हो सकते हैं. साथ ही क्रेडिट स्कोर की साप्ताहिक चेकिंग या यूपीआई ट्रांजैक्शन में ज्यादा सुरक्षा फीचर्स जैसे ओटीपी या लिमिट चेंज आ सकते हैं. ये सब फ्रॉड रोकने और यूजर को सुरक्षित रखने के लिए हैं. इसके अलावा कुछ बैंक अपने क्रेडिट कार्ड से जुड़े बदलाव भी कर सकते हैं, जिनमें रिवॉर्ड प्वाइंट्स या फिर चार्जेसेस शामिल हो सकते हैं. सीएनजी और पीएनजी के रेट्स रसोई गैस के साथ-साथ सीएनजी और पीएनजी के रेट्स भी हर महीने की शुरुआत में रिव्यू किए जाते हैं. 1 मार्च की सुबह ही नेचुरल गैस की कीमतों में बदलाव हो सकता है, जिसका सीधा असर आपकी कार के फ्यूल के खर्च पर पड़ेगा और घरेलू बजट पर भी बोझ बढ़ सकता है. अगर कीमतें बढ़ती हैं तो सीएनजी से चलने वाली कार या ऑटो रिक्शा चलाने वालों को ज्यादा पैसे देने पड़ेंगे, वहीं पीएनजी से कनेक्शन वाले घरों में खाना पकाने का खर्च भी ऊपर जा सकता है. ये बदलाव आम आदमी की डिजिटल लाइफ, यात्रा और घरेलू खर्च को प्रभावित करेंगे. recent visitors 30

सोने-चांदी से नहीं, इस मेटल में है दोगुना होने का दम, एक्‍सपर्ट ने किया विश्लेषण

नई दिल्‍ली पिछले कुछ सालों में सोना और चांदी ने निवेशकों को कमाल का रिटर्न दिया है, लेकिन अब एक नए मेटल का उदय हो रहा है. एक जानकार का कहना है कि इसकी कीमत आने वाले समय में डबल होने वाली हैं. एक्‍सपर्ट का कहना है कि AI और विद्युतीकरण की असीमित डिमांड के कारण दुनिया एक विशाल कमोडिटी सुपरसाइकिल के कगार पर खड़ी है, जिस कारण कॉपर मेटल की कीमतों में तगड़ी उछाल आ सकती है.   इवानहो माइंस के संस्थापक और सह-अध्यक्ष रॉबर्ट फ्रीडलैंड के अनुसार, उत्पादन लागत में वृद्धि और अभूतपूर्व मांग के चलते तांबे की कीमतें और भी बढ़ने वाली हैं. जनवरी 2026 में सऊदी अरब में आयोजित फ्यूचर मिनरल्स फोरम 2026 में बोलते हुए, खनन क्षेत्र के दिग्गज ने लाल धातु (तांबे) के लिए बेहद आशावादी तस्वीर पेश की है. जहां पिछले पांच वर्षों में कच्चे तेल की कीमतें लगभग 53 डॉलर प्रति बैरल के आसपास स्थिर रही हैं, वहीं फ्रीडलैंड ने बताया कि इसी अवधि के दौरान तांबे की कीमत अभी कम तेजी के बाद भी सर्वकालिक उच्च स्तर 13,400 डॉलर प्रति मीट्रिक टन तक पहुंच गई है, लेकिन आगे और भी तेजी की संभावना है.  क्‍यों आएगी कॉपर में तेजी?  कमोडिटी की कीमतों में इस उछाल का एक बड़ा कारण AI डेटा सेंटर्स का तेजी से विस्तार है. उन्होंने बताया कि 2026 के अंत तक, ग्‍लोबल डेटा सेंटर्स उतनी ही बिजली की खपत करेंगे जितनी जापान, जो दुनिया की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था है. फ्रीडलैंड ने शिकागो में माइक्रोसॉफ्ट के एक हालिया 'बेबी डेटा सेंटर' का उदाहरण दिया, जिसके लिए अकेले 20 लाख किलोग्राम तांबे की आवश्यकता थी. उन्होंने कहा कि टेस्ला के हर सर्वर को सोना, लोहा, गैलियम, एंटीमनी, टंगस्टन, चांदी, कई रेयर अर्थ मिनरल्‍स, इंडियम, टैंटलम, पैलेडियम, बेरियम, नाइओबियम और टाइटेनियम की आवश्यकता होती है. उन्‍होंने कहा कि अगर ग्रीन एनर्जी चेंजेज या एआई सेंटर्स के सपनों को इग्‍नोर करें तो भी कॉपर जैसे मेटल की भारी कमी है.  बहुत बड़े लेवल पर तांबे की आवश्‍यकता फ्रीडलैंड ने कहा कि अपनी वर्तमान जीवनशैली को बनाए रखने के लिए, दुनिया को ठीक उसी तरह चलाने के लिए, जैसा वह चलती आ रही है, हमें अगले 18 वर्षों में 70 करोड़ मीट्रिक टन तांबा और निकालना होगा. इस विशाल आंकड़े को समझने के लिए, यह ठीक उतनी ही मात्रा है, जितना तांबा मानव जाति ने गुफाओं से बाहर आने के बाद से 10,000 वर्षों में निकाला है. 40 फीसदी हिसा तो यहां खत्‍म हो जाएगा फ्रीडलैंड ने इस बात पर जोर दिया कि भविष्य की इस विशाल मांग को पूरा करने के लिए 2050 तक हर साल छह नए टॉप कैटेगरी की तांबा खदानों को चालू करना होगा. उस नए उत्पादन का 40 प्रतिशत हिस्सा पूरी तरह से ग्रिड अपग्रेड, इलेक्ट्रिकसिटी और डेटा केंद्रों द्वारा उपयोग किया जाएगा. क्‍यों डबल हो सकती है कॉपर की कीमत?  उन्होंने कहा कि 1900 से लेकर अब तक, तांबे की एक यूनिट के उत्पादन के लिए आवश्यक ऊर्जा 16 गुना बढ़ गई है और तांबे की एक यूनिट बनाने के लिए आवश्यक पानी की मात्रा दोगुनी हो गई है. उन्होंने आगे कहा कि इसलिए यह बिल्कुल स्पष्ट है कि भविष्य की खनन जरूरतों को पूरा करने के लिए तांबे की कीमत दोगुनी होनी चाहिए. recent visitors 35

भारत माता मंदिर समाज और राष्ट्र में ऊर्जा का कर रहा है संचार

भोपाल. मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि सनातन संस्कृति को नए आयाम तक पहुंचाने में आदि शंकराचार्य का योगदान अत्यंत महत्वपूर्ण रहा है। मध्यप्रदेश की धरा से आदि शंकराचार्य जी का विशेष संबंध रहा है। वैचारिक स्तर पर भारत को हिंदुत्व पर गर्व है, हिंदुत्व ही राष्ट्रत्व है। सनातन की धारा शाश्वत रूप से बहती रहे, इस उद्देश्य से संतवृंद और सरकार समन्वित रूप से प्रयासरत है। हरिद्वार में समन्वय सेवा ट्रस्ट द्वारा स्थापित भारत माता मंदिर समाज और राष्ट्र में ऊर्जा का संचार कर रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव गुरूवार को हरिद्वार में समन्वय सेवा ट्रस्ट द्वारा आयोजित गुरुदेव समाधि मंदिर मूर्ति स्थापना समारोह के अंतर्गत संत सम्मेलन को संबोधित कर रहे थे। इस अवसर पर जूनापीठाधीश्वर आचार्य महामंडलेश्वर स्वामी अवधेशानंद गिरि महाराज ने मुख्यमंत्री डॉ. यादव को सिंहस्थ-2028 के सफल आयोजन के लिए शुभकामनाएं दीं। संत महात्माओं को दिया सिंहस्थ-2028 का निमंत्रण मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने आदि शंकराचार्य जी की परंपरा के संवाहक, वैदिक सनातन संस्कृति के उन्नायक, देश के प्रथम भारत माता मंदिर के संस्थापक पद्मभूषण स्वामी सत्यमित्रानंद गिरि जी महाराज की प्राण प्रतिष्ठा के अवसर पर उन्हें नमन किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि राज्य सरकार भव्य और दिव्य सिंहस्थ के आयोजन के लिए सभी व्यवस्थाओं और विकास कार्यों पर ध्यान दे रही है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कार्यक्रम में उपस्थित सभी संत महात्माओं को सिंहस्थ-2028 के लिए उज्जैन पधारने के लिए निमंत्रण दिया। जम्मू कश्मीर के उप राज्यपाल मनोज सिन्हा ने कहा कि संतवृंद के आशीर्वाद से देश में पिछले वर्षों में हुआ बदलाव अद्भुत है। भारत विश्व की चौथी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था हो गया है और तेजी से एक विकसित राष्ट्र के लक्ष्य की ओर बढ़ रहा है। इंफ्रास्ट्रक्चर, वॉटरवेज, हाई स्पीड रेल, हाईवेज से देश की युवा शक्ति और अर्थव्यवस्था को नई रफ्तार मिली है। देश की बहनें, किसान, युवा सभी समावेशी विकास के मार्ग पर अग्रसर हैं। सांस्कृतिक समृद्धि, विरासत संरक्षण और धार्मिक पर्यटन में भी पूरे राष्ट्र में एक नई चेतना जागृत हुई है। बिहार के राज्यपाल आरिफ मोहम्मद खान ने कहा कि संसार के दुखों का शमन केवल सत्संग से ही संभव है। हमारे प्राचीन ग्रंथ और संतों का साथ व्यक्ति को नया जीवन और दृष्टि देने में सक्षम है। संतगण वे आत्माएं हैं जिनके चरित्र शांत और उदार हैं। दूसरों का भला करने के उद्देश्य से ही संतगण की सभी गतिविधियों का संचालन होता है। भारत की पहचान सनातन से है, भारतीय संस्कृति ने मानवता का दिव्यकरण और दिव्यता का मानवीयकरण किया है। उन्होंने आदि शंकराचार्य के दर्शन पर भी अपने विचार रखें। उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि संत, महात्मा और धर्मगुरु सनातन चेतना के जीवंत प्रतीक हैं। उन्होंने संतवृंद का उत्तराखंड की भूमि पर स्वागत करते हुए कहा कि संत स्वामी सत्यमित्रानंद गिरि जी महाराज ने देश की एकता और सांस्कृतिक समृद्धता के लिए महत्वपूर्ण योगदान दिया। उनके विचार नई पीढ़ी के लिए आध्यात्मिक जागरण का आधार बनेंगे। मंचीय कार्यक्रम राष्ट्रगान जन-गण-मन के सामूहिक गान के साथ का सम्पन्न हुआ। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने योगगुरू स्वामी रामदेव जी के साथ किया योगाभ्यास मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने गुरूवार को पतंजलि योगपीठ, हरिद्वार में योगगुरु स्वामी रामदेव जी के साथ योगाभ्यास किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में योग आज भारत की प्राचीन परंपरा से निकलकर वैश्विक जन-आंदोलन बन चुका है। हम सभी योग को अपनी दिनचर्या का हिस्सा बनाएं और स्वस्थ, संतुलित व ऊर्जावान जीवन की ओर कदम बढ़ाएं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने पतंजलि योगपीठ के वातावरण से प्रभावित होकर कहा कि योगपीठ का संस्कार, साधना और आत्मबल से परिपूर्ण वातावरण मन को अपार शांति प्रदान करता है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने योगगुरु स्वामी रामदेव जी के साथ हरिद्वार में भारत माता मंदिर में दर्शन, पूजन और यज्ञ में शामिल होकर सभी के मंगल एवं कल्याण की कामना की।   recent visitors 35

पर्यटन व एडवेंचर स्पोर्ट्स से सृजित हो रहे रोजगार अवसर, युवाओं को मिल रहा लाभ : मुख्यमंत्री

रायपुर. मुख्यमंत्री ने 10 रूपए की टिकट कटाकर मयाली नेचर कैंप में लिया एडवेंचर स्पोर्ट्स का आनंद मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय आज अलग अंदाज़ में नजर आए और उन्होंने 10 रूपए का टिकट कटाकर जिले के लोकप्रिय पर्यटन स्थल मयाली नेचर कैंप में साहसिक खेल गतिविधियों का आनंद लिया और कई नए एडवेंचर स्पोर्ट्स की औपचारिक शुरुआत भी की। मुख्यमंत्री ने प्रवेश शुल्क अदा कर नेचर कैंप में प्रवेश करते हुए आम नागरिकों को नियमों के पालन और समानता का एक सशक्त संदेश दिया।  मुख्यमंत्री ने 10 रूपए की टिकट कटाकर मयाली नेचर कैंप में लिया एडवेंचर स्पोर्ट्स का आनंद इस अवसर पर उनकी धर्मपत्नी मती कौशल्या साय, विधायक मती गोमती साय, छत्तीसगढ़ भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण मंडल के अध्यक्ष डॉ. रामप्रताप सिंह, पर्यटन विभाग के सचिव डॉ. रोहित यादव, छत्तीसगढ़ टूरिज्म बोर्ड के प्रबंध संचालक  विवेक आचार्य सहित जनप्रतिनिधिगण, अधिकारी-कर्मचारी एवं खेल प्रेमी बड़ी संख्या में उपस्थित रहे।     मुख्यमंत्री ने 10 रूपए की टिकट कटाकर मयाली नेचर कैंप में लिया एडवेंचर स्पोर्ट्स का आनंद  मुख्यमंत्री  साय ने इस दौरान नेचर कैंप में विकसित अधोसंरचनाओं, सुरक्षा व्यवस्था, पर्यटकों के लिए उपलब्ध सुविधाओं तथा स्थानीय युवाओं को स्वरोजगार से जोड़ने के पहल की प्रशंसा की। उन्होंने कहा कि प्रकृति-आधारित पर्यटन एवं साहसिक गतिविधियां न केवल पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा देती हैं, बल्कि स्थानीय समुदाय के लिए रोजगार और आय के नए अवसर भी सृजित करती हैं।  मुख्यमंत्री ने 4 नए एडवेंचर स्पोर्ट्स का किया शुभारंभ    मुख्यमंत्री  साय ने मयाली नेचर कैंप में संचालित स्पोर्ट्स मोटर बाइक (एटीवी) को स्वयं चलाकर साहसिक पर्यटन का आनंद लिया। इसके साथ ही उन्होंने बंदूक से सटीक निशाना साधते हुए बैलून शूटिंग का शुभारंभ किया। मुख्यमंत्री ने आर्चरी शूटिंग में तीर चलाकर निशाना साधा और इस खेल की भी शुरुआत की। साथ ही उन्होंने माउंटेन साइक्लिंग का शुभारंभ करते हुए स्वयं साइकिल चलाकर स्वस्थ जीवनशैली का संदेश दिया। नेचर कैंप में वॉल क्लाइंबिंग बोर्ड का उद्घाटन भी मुख्यमंत्री के द्वारा किया गया।     इस दौरान वॉल क्लाइंबर तेज सिंह एवं तेजल भगत ने मुख्यमंत्री के समक्ष वॉल क्लाइंबिंग कर अपने कौशल का प्रदर्शन किया, जिसकी मुख्यमंत्री ने सराहना की। मुख्यमंत्री  साय बॉक्स क्रिकेट में भी हाथ आजमाते हुए नजर आए और स्टेट ड्राइव व ऑफ साइड पर आकर्षक शॉट लगाए। मुख्यमंत्री ने मयाली नेचर कैंप स्थित कैक्टस गार्डन का अवलोकन किया, जहां विभिन्न प्रजातियों के कैक्टस लगाए गए हैं वनमंडलाधिकारी  शशि कुमार ने कैक्टस के औषधीय महत्व की जानकारी दी। recent visitors 38

ग्राम हर्रवाह में बांधवगढ़ विधायक ने विकास निर्माण कार्य का भूमि पूजन किये

बिलासपुर उमरिया जिले के बिलासपुर तहसील अंतर्गत ग्राम पंचायत हर्रवाह में बांधवगढ़ विधायक शिवनारायण सिंह ने विकास कार्यों का भूमि पूजन किये। एवं भूमि पूजन करते हुए कार्यक्रम को संबोधित भी किया। विकास निर्माण कार्यक्रम में लाड़ली बहनों के ऊपर पुष्प वर्षा भी बांधवगढ़ विधायक शिव नारायण सिंह ने किये। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए बांधवगढ़ विधायक श्री शिव नारायण सिंह ने कहे कि अब महात्मा गांधी रोजगार गारंटी जो चल रही थी।अब उसकी जगह में जी राम जी योजना के तहत  सभी लोगों को 100 दिन से बढ़ाकर के 125 दिन का काम आपके पंचायत में दिया जाएगा। केंद्र सरकार एवं राज्य सरकार की चलाई जाने वाली योजनाओं के बारे में सभी ग्रामीण जनों को जानकारी भी दिए। कार्यक्रम में बांधवगढ़ विधायक शिवनारायण सिंह ग्राम पंचायत हर्रवाह के सरपंच सोनू गुप्ता भाजपा किसान मोर्चा के जिला अध्यक्ष कमलेश गुप्ता भाजपा मंडल बिलासपुर के अध्यक्ष पुष्पेंद्र सोनी मंडल महामंत्री सोहन कोल मंडल उपाध्यक्ष राकेश तिवारी,रामपाल सिंह,सत्यनारायण गुप्ता,शिव प्रकाश द्विवेदी, द्वारिका द्विवेदी एवं ग्रामीण जन उपस्थित रहे recent visitors 36