DA मर्जर पर फिर गरमाया मुद्दा: कर्मचारियों ने 50% महंगाई भत्ता बेसिक में जोड़ने की रखी मांग

नई दिल्ली देश के लाखों केंद्रीय कर्मचारियों और पेंशनभोगियों के लिए एक महत्वपूर्ण खबर सामने आई है। फेडरेशन ऑफ नेशनल पोस्टल ऑर्गेनाइजेशन (FNPO) ने 8वें केंद्रीय वेतन आयोग की अध्यक्ष जस्टिस रंजना प्रकाश देसाई को एक आधिकारिक पत्र लिखकर अंतरिम राहत की मांग की है। फेडरेशन का प्रस्ताव है कि 1 जनवरी, 2026 से प्रभावी रूप से कर्मचारियों के मूल वेतन (Basic Pay) में 50% महंगाई भत्ते (DA) को समाहित (Merge) कर दिया जाए। महंगाई और वेतन में देरी बनी मुख्य वजह FNPO के महासचिव शिवाजी वेसिरेड्डी ने पत्र में स्पष्ट किया है कि 8वें वेतन आयोग के गठन और उसकी सिफारिशों के क्रियान्वयन में होने वाली संभावित देरी को देखते हुए यह कदम उठाना अनिवार्य है। फेडरेशन का तर्क है कि लगातार बढ़ती महंगाई ने मध्यम और निम्न आय वर्ग के कर्मचारियों की क्रय शक्ति (Purchasing Power) को बुरी तरह प्रभावित किया है।   पत्र के मुख्य अंशों के अनुसार     बेसिक सैलरी में 50% DA मर्ज करने से कर्मचारियों को तुरंत वित्तीय राहत मिलेगी और समाज में उनका आर्थिक सम्मान बना रहेगा।     महंगाई भत्ता सीधे तौर पर जीवन यापन की लागत से जुड़ा होता है। इसमें तेजी से बढ़ोतरी इस बात का प्रमाण है कि वर्तमान मूल वेतन संरचना अब वास्तविक खर्चों को वहन करने में सक्षम नहीं है।     स्वास्थ्य सेवा, शिक्षा, आवास, ईंधन और परिवहन जैसी बुनियादी जरूरतों की कीमतें पिछले कुछ वर्षों में तेजी से बढ़ी हैं। क्या होता है DA/DR और इसका गणित? केंद्र सरकार अपने कर्मचारियों को DA (Dearness Allowance) और पेंशनभोगियों को DR (Dearness Relief) प्रदान करती है। इसका मुख्य उद्देश्य बढ़ती कीमतों के प्रभाव को बेअसर करना होता है। क्या है वर्तमान स्थिति?     फिलहाल केंद्रीय कर्मचारियों को 58% की दर से DA मिल रहा है।     संभावित बढ़ोतरी: अनुमान है कि AICPI-IW के आंकड़ों के आधार पर इसमें जल्द ही 2% की और वृद्धि हो सकती है।     संशोधन चक्र: सरकार हर साल दो बार (जनवरी और जुलाई में) महंगाई भत्ते की समीक्षा और संशोधन करती है। क्यों जरूरी है DA का मर्जर? जब महंगाई भत्ता मूल वेतन के 50% या उससे अधिक हो जाता है, तो कर्मचारी संगठन अक्सर इसे बेसिक सैलरी में जोड़ने की मांग करते हैं। इससे न केवल मासिक वेतन में वृद्धि होती है, बल्कि HRA (मकान किराया भत्ता), ग्रेच्युटी और अन्य भत्ते भी बढ़ जाते हैं, क्योंकि वे सीधे मूल वेतन पर आधारित होते हैं। FNPO ने उम्मीद जताई है कि वेतन आयोग इस मानवीय और आर्थिक पहलू पर विचार करेगा ताकि देश भर के लाखों परिवारों को महंगाई के इस दौर में संबल मिल सके। Pushpendra“माय सीक्रेट न्यूज़” यह एक ऑनलाइन वेबसाइट है, जो आपको देश – दुनिया और आपके आसपास की हर छोटी-बड़ी खबरों को आप तक पहुंचाती है। इस वेबसाइट का संचालन वरिष्ठ पत्रकार पुष्पेन्द्र जी कर रहे हैं। उन्होंने पत्रकारिता में BJC (बेचलर ऑफ़ जर्नलिज्म एंड कम्युनिकेशन) और MJC (मास्टर ऑफ़ जर्नलिज्म एंड कम्युनिकेशन) की डिग्री 2011 में हरिसिंह गौर केंद्रीय विश्वविद्यालय सागर मप्र से हासिल की है। उन्होंने भोपाल के स्वदेश, राज एक्सप्रेस, राष्ट्रीय हिंदी मेल, सांध्य प्रकाश, नवदुनिया और हरिभूमि जैसे बड़े समाचार पत्र समूहों में काम किया है।  और पढ़ें इस वेबसाइट का संचालन मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल से हो रहा है, जहाँ से प्रदेश की राजनीति से लेकर विकास की योजनाएं तैयार होती हैं।दे श व प्रदेश जिले की ताजा अपडेट्स व राजनीतिक प्रशासनिक खबरों के लिए पढ़ते रहिए हमारी वेबसाइट (my secret news. Com )👈 ✍️ पुष्पेन्द्र , (वरिष्ठ पत्रकार) भोपाल, मप्र  mysecretnews.com recent visitors 19

8th Pay Commission में फैमिली यूनिट बढ़ाने से 66% तक बढ़ेगी सैलरी, फिटमेंट फैक्टर और पेंशन पर भी असर

नई दिल्ली  आठवें वेतन आयोग में फैमिली यूनिट बढ़ाने की मांग से केंद्रीय कर्मचारियों की बेसिक सैलरी में 66% तक उछाल आ सकता है। कर्मचारी संगठनों का कहना है कि अगर परिवार की गणना 3 की जगह 5 यूनिट पर की जाए, तो न्यूनतम वेतन, फिटमेंट फैक्टर और पेंशन (8th Pay Commission salary and pension hike) तीनों में बड़ा बदलाव संभव है। दरअसल, नेशनल काउंसिल (स्टाफ साइड) जॉइंट कंसल्टेटिव मशीनरी (NC-JCM) की ड्राफ्टिंग कमेटी ने आठवें केंद्रीय वेतन आयोग के लिए एक साझा मांग पत्र तैयार करने को राष्ट्रीय राजधानी में हफ्ते भर की बैठक बुलाई है। यह मांग देश के 50 लाख से ज्यादा केंद्रीय कर्मचारियों और करीब 69 लाख पेंशनर्स से जुड़ी है। चर्चा का सबसे अहम मुद्दा है- फैमिली यूनिट (8th Pay Commission family unit) का विस्तार। सातवें वेतन आयोग में कैसे काउंट हुआ था वेतन? 7वें वेतन आयोग में न्यूनतम वेतन की गणना 3 कंजम्प्शन यूनिट के आधार पर की गई थी। इसमें कर्मचारी, जीवनसाथी और दो बच्चों को शामिल किया गया। यह गणना डॉ. वालेस एक्रोयड के फॉर्मूले पर आधारित थी, जिसमें 2,700 कैलोरी प्रति वयस्क, सालाना 72 गज कपड़ा और मकान का खर्च जैसे मानक तय किए गए थे। मकसद था- एक परिवार को सम्मानजनक जीवन के लिए कितनी आय चाहिए, इसका अंदाजा लगाना। फैमिली यूनिट में माता-पिता भी हों शामिल! ऑल इंडिया एनपीएस एप्लॉईज फेजरेशन के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. मंजीत सिंह पटेल (Dr Manjeet Singh Patel) का कहना है कि असल में कई कर्मचारी अपने आश्रित माता-पिता का खर्च भी उठाते हैं। इसलिए फैमिली यूनिट 3 से बढ़ाकर 5 की जाए। चूंकि न्यूनतम वेतन सीधा-सीधा यूनिट की संख्या से जुड़ा होता है, इसलिए 3 से 5 यूनिट होने पर बेस कैलकुलेशन वैल्यू में गणितीय रूप से 66.67% की बढ़ोतरी हो सकती है। यूनियनों का दावा है कि इससे न्यूनतम बेसिक सैलरी में करीब 66% तक उछाल आ सकता है। फैमिली यूनिट फॉर्मूला क्या है? 7वें वेतन आयोग में न्यूनतम वेतन की गणना 3 यूनिट के आधार पर हुई थी. कर्मचारी, जीवनसाथी और दो बच्चे. यह गणना डॉ. वॉलेस अयक्रॉयड के फॉर्मूले पर आधारित थी, जिसमें परिवार की बुनियादी जरूरतें शामिल थीं.     रोजाना 2700 कैलोरी भोजन     सालाना कपड़ों की जरूरत     रहने का खर्च     इसका मकसद था सम्मानजनक जीवन के लिए जरूरी न्यूनतम आय तय करना.     अब क्या मांग की जा रही है?     कर्मचारी यूनियन चाहती हैं कि फैमिली यूनिट 3 से बढ़ाकर 5 की जाए, जिसमें आश्रित माता-पिता को भी शामिल किया जाए. सीधे शब्दों में     पहले गणना = 3 यूनिट     नया प्रस्ताव = 5 यूनिट गणित के हिसाब से     5 ÷ 3 = 1.66     यानी बेसिक गणना में लगभग 66.67% बढ़ोतरी.     न्यूनतम वेतन पर असर     अभी 7वें वेतन आयोग के तहत न्यूनतम बेसिक वेतन ₹18,000 है. कर्मचारी संगठन मांग कर रहे हैं.     फिटमेंट फैक्टर 3.25 तक (पहले 2.57)     हर साल 7% वेतन वृद्धि     पुरानी पेंशन योजना (OPS) की बहाली     अगर बेस सैलरी बढ़ती है, तो पूरी सैलरी स्ट्रक्चर ऊपर चला जाएगा. फिटमेंट फैक्टर क्यों बढ़ सकता है? फिटमेंट फैक्टर वही गुणांक है जिससे पुरानी सैलरी नई सैलरी में बदली जाती है. फैमिली यूनिट बढ़ने से न्यूनतम वेतन की गणना बड़ी हो जाएगी, जिससे ज्यादा फिटमेंट फैक्टर की मांग मजबूत हो जाती है. पेंशनर्स पर क्या असर? पेंशन आखिरी बेसिक सैलरी का 50% होती है. इसलिए अगर नई बेसिक सैलरी बढ़ती है, तो पेंशन भी उसी अनुपात में बढ़ेगी. यही वजह है कि पेंशनर्स संगठन भी इस पर नजर बनाए हुए हैं. कर्मचारी संगठन क्यों जरूरी बता रहे बदलाव?     यूनियनों का कहना है:     महंगाई तेजी से बढ़ी है     कई कर्मचारी माता-पिता की जिम्मेदारी उठाते हैं     3 यूनिट मॉडल आज के परिवार की हकीकत नहीं दिखाता     उनका मानना है कि सिर्फ छोटी बढ़ोतरी नहीं, बल्कि सैलरी ढांचे में बड़ा बदलाव जरूरी है. अभी स्थिति क्या है? NC-JCM अलग-अलग विभागों की मांगों को जोड़कर सरकार को अंतिम प्रस्ताव देगा. इसमें फैमिली यूनिट विस्तार, न्यूनतम वेतन, पेंशन समानता और भत्तों से जुड़े सुझाव शामिल होंगे. सरकार 5-यूनिट प्रस्ताव मानती है या नहीं, यह अभी साफ नहीं है. लेकिन अगर मंजूरी मिलती है, तो सैलरी, पेंशन और भत्तों में बड़ा बदलाव देखने को मिल सकता है. कर्मचारियों के लिए सबसे अहम बात 66% बढ़ोतरी का आंकड़ा कोई अनुमान नहीं, बल्कि वेतन गणना के फॉर्मूले में बदलाव से जुड़ा गणित है.अगर फैमिली यूनिट 3 से 5 हुई तो बेस सैलरी लगभग 66.67% बढ़ेगी. फिटमेंट फैक्टर बढ़ाने का आधार मजबूत होगा. न्यूनतम वेतन ₹54,000 तक मांग की जा सकती है. पेंशन भी उसी अनुपात में बढ़ेगी अब सबसे बड़ा सवाल यही है क्या सरकार फैमिली यूनिट फॉर्मूला बदलने को मंजूरी देगी? तो ऊपर खिसक जाएगी सैलरी मैट्रिक्स? फिलहाल 7वें वेतन आयोग के तहत न्यूनतम बेसिक वेतन 18,000 रुपए है। अगर बेसिक पे बढ़ता है, तो पूरी सैलरी मैट्रिक्स ऊपर खिसक जाएगी। यूनियनें 3.25 या उससे ज्यादा फिटमेंट फैक्टर की भी मांग कर रही हैं। साथ ही सालाना इंक्रीमेंट दर 3% से बढ़ाकर 7% करने की मांग है। पुरानी पेंशन योजना (OPS) की पूरी बहाली, NPS और UPS को खत्म करने की मांग भी उठ रही है। यह मांग पेंशनर्स के लिए भी अहम है, क्योंकि बेसिक पेंशन आखिरी बेसिक सैलरी का 50% होती है। अगर 5 यूनिट फॉर्मूला लागू होता है, तो पेंशन में भी उसी अनुपात में बढ़ोतरी होगी। अब नजर सरकार के फैसले पर है कि क्या आठवां वेतन आयोग सिर्फ इंक्रीमेंट देगा या ढांचा बदलकर बड़ी सैलरी हाइक? खैर, ये आने वाले दिनों में क्लियर हो सकता है।   Pushpendra“माय सीक्रेट न्यूज़” यह एक ऑनलाइन वेबसाइट है, जो आपको देश – दुनिया और आपके आसपास की हर छोटी-बड़ी खबरों को आप तक पहुंचाती है। इस वेबसाइट का संचालन वरिष्ठ पत्रकार पुष्पेन्द्र जी कर रहे हैं। उन्होंने पत्रकारिता में BJC (बेचलर ऑफ़ जर्नलिज्म एंड कम्युनिकेशन) और MJC (मास्टर ऑफ़ जर्नलिज्म एंड कम्युनिकेशन) की डिग्री 2011 में हरिसिंह गौर केंद्रीय विश्वविद्यालय सागर मप्र से हासिल की है। उन्होंने भोपाल के स्वदेश, राज एक्सप्रेस, राष्ट्रीय हिंदी मेल, … Read more

केंद्रीय कर्मचारियों को मिलेगा 60% DA बढ़ोतरी, 8वें वेतन आयोग पर नई अपडेट

नई दिल्ली  केंद्रीय सरकारी कर्मचारी और पेंशनधारक जनवरी 2026 से मिलने वाली महंगाई भत्ते (DA) की बढ़ोतरी को लेकर काफी उत्साहित हैं। इस बीच, अखिल भारतीय उपभोक्ता मूल्य सूचकांक–औद्योगिक श्रमिक (AICPI-IW) का दिसंबर माह का आंकड़े भी जारी हो गए हैं। श्रम ब्यूरो के आंकड़ों के अनुसार, केंद्रीय सरकारी कर्मचारियों और पेंशनभोगियों के लिए महंगाई भत्ता (DA) 60% हो सकता है। यह DA बढ़ोतरी 7वें वेतन आयोग के तहत कर्मचारियों के मूल वेतन (बेसिक पे) के आधार पर तय की जाएगी। हालांकि, 7वें वेतन आयोग का कार्यकाल 31 दिसंबर 2025 को समाप्त हो गया है और 8वें वेतन आयोग का कार्यकाल 1 जनवरी 2026 से शुरू हो चुका है, फिर भी सरकारी कर्मचारियों और पेंशनभोगियों के लिए DA और DR में बढ़ोतरी तब तक जारी रहेगी, जब तक 8वें वेतन आयोग की सिफारिशें लागू नहीं हो जातीं। क्या कहते हैं नवंबर के आंकड़े श्रम एवं रोजगार मंत्रालय ने नवंबर 2025 का ऑल इंडिया कंज्यूमर प्राइस इंडेक्स (AICPI-IW) जारी कर दिया है, जो 148.2 पर पहुंच गया है। यही इंडेक्स हर छह महीने में DA और DR तय करने का आधार होता है। नवंबर के आंकड़ों ने साफ संकेत दे दिए हैं कि जनवरी 2026 से महंगाई भत्ता बढ़ना लगभग तय माना जा रहा है। नवंबर 2025 तक के आंकड़ों के आधार पर 12 महीने का औसत इंडेक्स 59.93% के करीब पहुंच गया था, जो 60% की अगली सीमा से बस थोड़ा सा नीचे है। ऐसे में अब दिसंबर 2025 के इंडेक्स सामान्य स्तर पर होने के चलते माना जा रहा है कि DA 60% के पार चला जाएगा। चूंकि सरकार DA हमेशा पूरे अंकों में घोषित करती है, इसलिए कर्मचारियों को कम से कम 2% की बढ़ोतरी मिलने की पूरी संभावना है। यानी मौजूदा 58% DA बढ़कर जनवरी 2026 से 60% हो सकता है। क्या है डिटेल ध्यान देने वाली बात यह है कि 7वां वेतन आयोग 31 दिसंबर 2025 को समाप्त हो चुका है और 8वां वेतन आयोग 1 जनवरी 2026 से लागू माना गया है। इसके बावजूद नई सिफारिशें लागू होने तक DA और DR में बढ़ोतरी पुरानी व्यवस्था के तहत ही जारी रहेगी। सरकार ने पिछली बार जुलाई 2025 में DA को 54% से बढ़ाकर 58% किया था। जनवरी 2026 से लागू होने वाली नई दर की आधिकारिक घोषणा मार्च या अप्रैल 2026 में होने की उम्मीद है और तब कर्मचारियों व पेंशनर्स को एरियर भी दिया जाएगा। Pushpendra“माय सीक्रेट न्यूज़” यह एक ऑनलाइन वेबसाइट है, जो आपको देश – दुनिया और आपके आसपास की हर छोटी-बड़ी खबरों को आप तक पहुंचाती है। इस वेबसाइट का संचालन वरिष्ठ पत्रकार पुष्पेन्द्र जी कर रहे हैं। उन्होंने पत्रकारिता में BJC (बेचलर ऑफ़ जर्नलिज्म एंड कम्युनिकेशन) और MJC (मास्टर ऑफ़ जर्नलिज्म एंड कम्युनिकेशन) की डिग्री 2011 में हरिसिंह गौर केंद्रीय विश्वविद्यालय सागर मप्र से हासिल की है। उन्होंने भोपाल के स्वदेश, राज एक्सप्रेस, राष्ट्रीय हिंदी मेल, सांध्य प्रकाश, नवदुनिया और हरिभूमि जैसे बड़े समाचार पत्र समूहों में काम किया है।  और पढ़ें इस वेबसाइट का संचालन मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल से हो रहा है, जहाँ से प्रदेश की राजनीति से लेकर विकास की योजनाएं तैयार होती हैं।दे श व प्रदेश जिले की ताजा अपडेट्स व राजनीतिक प्रशासनिक खबरों के लिए पढ़ते रहिए हमारी वेबसाइट (my secret news. Com )👈 ✍️ पुष्पेन्द्र , (वरिष्ठ पत्रकार) भोपाल, मप्र  mysecretnews.com recent visitors 29

8वें वेतन आयोग के गठन की तैयारियां तेज, 42 अहम पदों पर चयन शुरू, 7वें पे पेनल मुकाबले कम होंगे सदस्य

नई दिल्ली सरकार ने 8वें वेतन आयोग के गठन की तैयारियों को गति देते हुए 42 पदों पर नियुक्तियों की प्रक्रिया शुरू कर दी है। वित्त मंत्रालय के व्यय विभाग (DoE) ने 21 अप्रैल को दो अलग-अलग सर्कुलर जारी किए, जिनमें 40 पदों के लिए भर्ती की बात कही गई है। इनमें सलाहकारों के साथ-साथ सचिवालय के कई पद शामिल हैं। इसके अलावा आयोग के अध्यक्ष और दो अन्य प्रमुख सदस्यों की नियुक्ति भी की जाएगी। 8th Pay Commission: जल्द होगी चेयमैन की घोषणा फाइनेंशियल एक्सप्रेस के मुताबिक 8वें वेतन आयोग के लिए चेयरमैन और दो अन्य प्रमुख सदस्यों के नाम करीब-करीब तय हो चुके हैं और जल्द ही इसकी आधिकारिक घोषणा की जाएगी। नियुक्त किए जाने वाले सदस्यों में दो निदेशक/उप सचिव, तीन अवर सचिव और 37 अन्य कर्मचारी शामिल होंगे। ये सभी सदस्य आयोग की शर्तें (Terms of Reference – ToR) तय होने के बाद प्रारंभिक कार्य करेंगे। 8th Pay Commission: 8वें वेतन आयोग में होंगे कम सदस्य फाइनेंशियल एक्सप्रेस ने सूत्रों के अनुसार लिखा कि 8वें वेतन आयोग में पिछली बार की तुलना में कम सदस्य होंगे। उदाहरण के लिए, 7वें वेतन आयोग में कुल 45 सदस्य थे, जिसमें अध्यक्ष, 18 सचिवालय कर्मी, 16 सलाहकार और 7 अन्य कर्मचारी शामिल थे। यह आयोग न्यायमूर्ति अशोक कुमार माथुर की अध्यक्षता में काम कर रहा था। 6वें वेतन आयोग में कुल चार सदस्य और 17 सचिवालय कर्मी थे। वहीं, 5वें वेतन आयोग में केवल तीन सदस्य थे। शुरुआती दौर में पहले वेतन आयोग में 9 सदस्य, दूसरे में 6 और तीसरे व चौथे में 5-5 सदस्य होते थे। 8th Pay Commission: राष्ट्रीय परिषद (JCM) ने तैयारियां तेज कीं इसी बीच, नेशनल काउंसिल (JCM) के स्टाफ साइड ने 8वें वेतन आयोग को सौंपे जाने वाले ज्ञापन की तैयारी शुरू कर दी है। 22 अप्रैल को आयोजित विस्तारित बैठक में न्यूनतम वेतन, पे स्केल, फिटमेंट फैक्टर, भत्ते, पदोन्नति नीति और पेंशन से जुड़े मुद्दों पर चर्चा हुई। एक ड्राफ्टिंग कमेटी बनाई गई है जिसमें प्रमुख कर्मचारी संघों के प्रतिनिधि शामिल होंगे। सभी संगठनों को 20 मई 2025 तक अपने सुझाव PDF और Word फॉर्मेट में भेजने को कहा गया है। 8वें वेतन आयोग में 7वें वेतन आयोग से कम सदस्य होंगे अगर हम पिछला स्ट्रक्चर को देखें तो 7वें वेतन आयोग में कुल 45 लोग शामिल थे. इसमें अध्यक्ष, सचिवालय में 18 लोग, 16 सलाहकार और 7 अन्य कर्मचारी शामिल थे. इस आयोग की अध्यक्षता जस्टिस अशोक कुमार माथुर कर रहे थे. वहीं, अगर बात करें छठे वेतन आयोग की तो इसमें भी अध्यक्ष समेत चार सदस्य थे, लेकिन सचिवालय में सिर्फ 17 लोग ही काम कर रहे थे. छठे वेतन आयोग की अध्यक्षता जस्टिस बीएन श्रीकृष्ण कर रहे थे. मजे की बात यह है कि 5वें वेतन आयोग में सदस्यों की संख्या और भी कम थी. इसमें केवल तीन सदस्य शामिल थे. अगर शुरुआती चरण की बात करें तो पहले पे कमीशन में नौ सदस्य थे, दूसरे में छह, जबकि तीसरे और चौथे वेतन आयोग में पांच-पांच सदस्य थे. 8th Pay Commission: 48 लाख कर्मचारियों और 57 लाख पेंशनभोगियों को लाभ की उम्मीद हालांकि सरकार ने अभी तक आयोग के औपचारिक गठन या ToR की घोषणा नहीं की है, लेकिन लगातार जारी हो रहे सर्कुलर और आंतरिक बैठकों से स्पष्ट है कि आयोग के गठन की दिशा में तेजी से काम हो रहा है। एक बार आयोग सक्रिय हो जाने के बाद यह 48 लाख केंद्र सरकार कर्मचारियों और 57 लाख पेंशनरों के वेतन, भत्तों और सेवा शर्तों में सुधार के लिए अहम भूमिका निभाएगा। केंद्र सरकार के कर्मचारियों के बीच चर्चा इस बीच राष्ट्रीय परिषद (NC-JCM) के कर्मचारी पक्ष ने 22 अप्रैल को अपनी स्थायी समिति की विस्तारित बैठक के बाद 8वें वेतन आयोग को सौंपे जाने वाले व्यापक ज्ञापन की तैयारी शुरू कर दी हैं. इस बैठक में केंद्र सरकार के कर्मचारियों और पेंशनभोगियों से संबंधित कई प्रमुख मुद्दों पर विस्तार से चर्चा की गई, जिसमें मिनिमम सैलरी, वेतनमान, फिटमेंट फैक्टर, भत्ते, पदोन्नति नीति और पेंशन लाभ शामिल हैं. ज्ञापन तैयार करने के लिए एक मसौदा समिति का गठन किया गया है. इस समिति में प्रमुख कर्मचारी महासंघों के प्रतिनिधि शामिल होंगे. ये महासंघ 30 अप्रैल 2025 तक अपने प्रतिनिधियों के नाम भेजेंगे.व्यय विभाग ने सर्कुलर में कहा, "इन पदों पर 8वें वेतन आयोग के गठन की डेट से लेकर कमीशन के बंद होने तक कर्मचारियों की नियुक्ति की जाएगी. इसमें यह भी कहा गया है कि रिक्त पदों के लिए आवेदनों की समीक्षा तब तक जारी रहेगी, जब तक सभी पद भर नहीं जाते." कितने कर्मचारियों को मिलेगा लाभ? हालांकि, सरकार ने अभी तक 8वें वेतन आयोग के औपचारिक गठन या इसके टर्म ऑफ रिफ्रेंस को लेकर कोई की घोषणा नहीं की है, लेकिन लगातार सामने आ रहे सर्कुलर और मीटिंग्स से संकेत मिलता है कि तैयारियां तेजी से चल रही हैं और कमीशन अगले कुछ महीनों में काम करना शुरू कर देगा. एक बार 8वां वेतन आयोग एक्टिव हो जाने के बाद यह लगभग 48 लाख केंद्रीय सरकारी कर्मचारियों और 57 लाख से अधिक पेंशनर्स के सैलरी स्ट्रक्चर और सर्विस कंडीशन को रिवाइज करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा. 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केंद्र सरकार बजट 2025-26 में 8वें वेतन आयोग को लेकर बड़ा फैसला लेगी! न्यूनतम वेतन 34 हजार और पेंशन 17 हजार

नई दिल्ली फरवरी में पेश होने वाले बजट 2025-26 से पहले 8वें वेतन आयोग की चर्चा तेज हो चली है।चुंकी सरकारी कर्मचारियों के वेतन में संशोधन करने के लिए केंद्र सरकार द्वारा हर 10 साल में नए वेतन आयोग का गठन किया जाता है। 7वें वेतन आयोग का गठन फरवरी 2014 में किया गया था, लेकिन इसकी सिफारिशें 1 जनवरी 2016 से लागू की गई, जिसका समय 31 दिसंबर 2025 को खत्म होगा, इस आधार पर अब अगले वेतन आयोग की मांग उठने लगी है। कयास लगाए जा रहे है कि केंद्र सरकार बजट 2025-26 में 8वें वेतन आयोग को लेकर कोई बड़ा फैसला ले सकती है।अगर 8वें वेतन आयोग की सिफारिशें लागू होती हैं तो न्यूनतम वेतन 34 हजार और पेंशन 17 हजार तक पहुंच सकती है।हालांकि इस संबंध में अभी तक कोई अधिकारिक बयान सामने नहीं आया है।बता दे कि नए वेतन आयोग में सरकारी कर्मचारियों की सैलरी और पेंशन को अलग-अलग आर्थिक मापदंडों खासतौर पर महंगाई के हिसाब से रिवाइज किया जाता है। 8th Pay Commission लागू हुआ तो बढ़ेगा फिटमेंट फैक्टर ?     मीडिया रिपोर्ट्स की मानें तो साल 2025-26 में अगर 8वां वेतन आयोग लागू होता है तो फिटमेंट फैक्टर में भी बदलाव देखने को मिल सकता है। फिटमेंट फैक्टर 2.57 से बढ़कर 2.86 फीसदी हो सकता है, जिससे न्यूनतम सैलरी में 186 फीसदी की वृद्धि होगी।     वर्तमान में 7वें वेतन आयोग के तहत केन्द्रीय कर्मचारियों का फिटमेंट फैक्टर 2.57 है और बेसिक सैलरी 18000 है। माना जा रहा है कि 8वें वेतन आयोग में मोदी सरकार फिटमेंट फैक्टर को 2.57 से बढ़ाकर 2.86% कर सकती है।इससे सरकारी कर्मचारियों का न्यूनतम वेतन 186 प्रतिशत बढ़कर 51,480 रुपए हो जाएगा और पेंशन में भी 186 प्रतिशत की वृद्धि होने की उम्मीद है, जो मौजूदा पेंशन 9,000 रुपए से बढ़कर 25,740 रुपये हो जाएगी।हालांकि अभी अधिकारिक पुष्टि होना बाकी है।     इससे पहले आखिरी बार केन्द्र सरकार ने 2016 में फिटमेंट फैक्टर को बढ़ाया था और इसी साल से 7th pay commission को भी लागू किया गया था।इससे करीब 48.62 लाख कर्मचारियों और 67.85 लाख पेंशनभोगियों को लाभ मिलेगा। Fitment Factor वृद्धि की मांग क्यों?     फिटमेंट फैक्टर वह गुणांक है, जिसके जरिए सैलरी (Salary) और पेंशन (Pension) में संशोधन किया जाता है।फिटमेंट फैक्टर का केन्द्रीय कर्मचारियों की बेसिक सैलरी तय करने में अहम रोल माना जाता है।     इस फैक्टर के कारण ही केंद्रीय कर्मचारियों के वेतन में ढाई गुना से अधिक की बढ़ोतरी होती है। फिटमेंट फैक्टर के आधार पर ही पुरानी बेसिक पे से रिवाइज्ड बेसिक पे की कैलकुलेशन की जाती है।पिछली वेतन आयोग की रिपोर्ट में फिटमेंट फैक्टर एक महत्वपूर्ण सिफारिश है, इसी आधार पर वेतन वृद्धि तय होगी।     यदि 7वें वेतन आयोग के तहत केंद्रीय कर्मचारी की बेसिक सैलरी 20,000 रुपए है, तो भत्तों को छोड़कर उसकी सैलरी 20,000 X 2.57= 51,400 रुपए होगी। अगर इसे 8वें वेतन आयोग में बढ़ाकर 2.86 कर दिया जाता है, तो यही सैलरी 20,000 x 2.86 = 57,200 रुपये हो जाएगी। Pushpendra“माय सीक्रेट न्यूज़” यह एक ऑनलाइन वेबसाइट है, जो आपको देश – दुनिया और आपके आसपास की हर छोटी-बड़ी खबरों को आप तक पहुंचाती है। इस वेबसाइट का संचालन वरिष्ठ पत्रकार पुष्पेन्द्र जी कर रहे हैं। उन्होंने पत्रकारिता में BJC (बेचलर ऑफ़ जर्नलिज्म एंड कम्युनिकेशन) और MJC (मास्टर ऑफ़ जर्नलिज्म एंड कम्युनिकेशन) की डिग्री 2011 में हरिसिंह गौर केंद्रीय विश्वविद्यालय सागर मप्र से हासिल की है। उन्होंने भोपाल के स्वदेश, राज एक्सप्रेस, राष्ट्रीय हिंदी मेल, सांध्य प्रकाश, नवदुनिया और हरिभूमि जैसे बड़े समाचार पत्र समूहों में काम किया है।  और पढ़ें इस वेबसाइट का संचालन मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल से हो रहा है, जहाँ से प्रदेश की राजनीति से लेकर विकास की योजनाएं तैयार होती हैं।दे श व प्रदेश जिले की ताजा अपडेट्स व राजनीतिक प्रशासनिक खबरों के लिए पढ़ते रहिए हमारी वेबसाइट (my secret news. Com )👈 ✍️ पुष्पेन्द्र , (वरिष्ठ पत्रकार) भोपाल, मप्र  mysecretnews.com recent visitors 66