शेयर बाजार जोरदार बढ़त के साथ बंद, सेंसेक्स पहुंच 82,400 के पार

मुंबई एक ओर जहां भारत-पाकिस्तान के बीच सीजफायर (India-Pakistan Ceasefire) हुआ, तो दूसरी ओर सप्ताह के पहले कारोबारी दिन सोमवार को भारतीय शेयर बाजार में चार साल की सबसे बड़ी इंट्रा-डे रैली (Stock Market Rally) देखने को मिली. बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज का 30 शेयरों वाला सेंसेक्स दिनभर तेजी में कारोबार करने के बाद मार्केट क्लोज होने पर 2975 अंक की जोरदार उछाल के साथ 82,429.90 के लेवल पर क्लोज हुआ, तो नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का निफ्टी 916 अंकों की तेजी के साथ 25,000 के बिल्कुल करीब क्लोज हुआ. इस दौरान लार्जकैप से लेकर मिड और स्मॉलकैप कंपनियों के शेयरों में तेजी आई और Reliance से लेकर HDFC Bank तक के शेयर ने गदर मचाया. सेंसेक्स-निफ्टी न खुलते ही मचाया गदर सोमवार को पहले से ही शेयर मार्केट (Share Market) में तेजी के संकेत पहले से ही मिल रहे थे. एशियाई बाजारों में तेजी के बाद BSE Sensex ने अपने पिछले बंद 79,454.47 से करीब 1500 अंक से ज्यादा की तेजी लेकर 80,803.80 के लेवल पर कारोबार की शुरुआत की और फिर दिनभर इसकी रफ्तार बढ़ती ही चली गई. मार्केट में कारोबार खत्म होने पर सेंसेक्स 2975.43 अंक या 3.74% बढ़कर 82,429.90 पर क्लोज हुआ. Sensex की तरह ही निफ्टी-50 ने भी शुरुआती रफ्तार बनाए रखी और अपने पिछले बंद 24,008 की तुलना में चढ़कर 24,420 पर खुला और कुछ ही देर में ये 582.75 अंक की तेजी लेकर 24,593.75 पर कारोबार करता हुआ दिखा, बाजार में कारोबार के आखिरी घंटे में ये रॉकेट की तरह भागा. NSE Nifty ने 916.70 अंक या 3.82% की उछाल के साथ 24,924.70 पर कारोबार खत्म किया. कोई 10, तो कोई शेयर 20% भागा बाजार की रैली में सबसे ज्यादा भागने वाले 10 शेयरों की बात करें, तो लार्जकैप कंपनियों में Infosys Share (7.91%), HCL Tech Share (6.35%), Tata Steel Share (6.16%), TCS Share (5.17%), Reliance Share (4.27%) और HDFC Bank Share 4.27% चढ़कर बंद हुए. मिडकैप कंपनियों में शामिल रेलवे से जुड़ा शेयर RVNL Stock (11.02%) और First Cry Share (9.28%) की उछाल के साथ बंद हुआ. स्मॉलकैप कैटेगरी में Maninds Share (20%) और Bajaj Electric Share (14.92%) की तेजी लेकर बंद हुआ.   बाजार में तेजी के 5 बड़े कारण अगर बाजार में तेजी के पांच बड़े कारणों की बात करें, तो सबसे बड़ा कारण भारत और पाकिस्तान में युद्ध विराम है. इसके अलावा दूसरा कारण US-China में ट्रेड डील को लेकर बनी बात और ग्लोबल ट्रेड वॉर खत्म होने के संकेत ने भी बाजार को रफ्तार दी. तीसरा कारण शेयर बाजार में बीते दिनों तक हाई पर पहुंचा IndiaVIX Index 20% गिरा जो बाजार में घबराहट कम होने का संकेत हैं, जिससे निवेशकों को राहत मिली और जमकर खरीदारी की गई. चौथा कारण तमाम कंपनियों द्वारा पेश किए जा रहे जोरदार मार्च तिमाही के नतीजे (Q4 Results) रहे. वहीं पांचवां कारण एफपीआई रहे, मई महीने में अब तक उनके द्वारा किए गए करीब 14,000 करोड़ रुपये के निवेश से बाजार का सेंटिमेंट सुधरा है. शुक्रवार को आई थी बड़ी गिरावट   बीते सप्ताह के आखिरी दो कारोबारी दिनों में भारतीय शेयर बाजार (Share Market) में गिरावट देखने को मिली थी और शुक्रवार को तो BSE Sensex ने अपने पिछले बंद 80,334.81 की तुलना में फिसलते हुए 78,968 के लेवल पर कारोबार की शुरुआत की थी और दिनभर रेड जोन में ट्रेड करता रहा. हालांकि मार्केट क्लोज होते-होते इसकी गिरावट कुछ कम हुई, फिर भी ये इंडेक्स अंत में 880.34 अंक या 1.10 फीसदी फिसलकर 79,454.47 के स्तर पर बंद हुआ था. वहीं सेंसेक्स की तरह ही NSE Nifty ने भी शेयर मार्केट में ट्रेडिंग बंद होने पर 265.80 अंक या 1.10% की गिरावट के साथ 24,008 पर बंद हुआ था. सीजफायर के बाद मिला बाजार को बूस्ट    Indo-Pak Ceasefire के बाद शेयर बाजार को बूस्ट मिला. इस बीच एशियाई बाजारों में भी तेजी के साथ कारोबार हुआ. बता दें कि बीते 22 अप्रैल को श्रीनगर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले (Pahalgam Terror Attack) के बाद से ही भारत और पाकिस्तान के बीच टेंशन चरम पर पहुंच गई थी. इसके बाद जवाबी कार्रवाई करते हुए भारतीय सेनाओं की ओर से चलाए गए ऑपरेशन सिंदूर ने पाकिस्तान और POK में भारी तबाही मचाई थी, जिसमें 9 आतंकी ठिकाने तबाह हो गए थे. इसके बाद बौखलाए पाकिस्तान ने सीमा पर गोलीबारी की और ड्रोन व मिसाइल अटैक किया, जिसपर भी भारत की ओर से करारा प्रहार करते हुए उसे घुटनों पर ला दिया. इस बढ़े तनाव के बीच जहां पाकिस्तानी स्टॉक मार्केट हर रोज क्रैश (Pakistan Stock Market Crash) होता नजर आया, तो वहीं भारतीय शेयर बाजार में सप्ताह के आखिरी दो दिन लगातार गिरावट देखने को मिली थी. हालांकि, अब India-Pakistan के बीच सीजफायर हो चुका है और इसका असर एशियाई समेत भारतीय बाजार पर साफ दिखा है.     recent visitors 51

Kohli ने टेस्ट क्रिकेट से किया संन्यास का ऐलान, इंग्लैंड दौरे से पहले लिया बड़ा फैसला

मुंबई भारत के दिग्गज क्रिकेटर विराट कोहली ने टेस्ट क्रिकेट से संन्यास ले लिया. उन्होंने यह चौंकाने वाला फैसला इंग्लैंड दौरे से ठीक पहले लिया है. भारतीय क्रिकेट टीम 20 जून से इंग्लैंड में 5 टेस्ट मैचों की सीरीज खेलेगी. इसमें कोहली का चयन लगभग तय था, लेकिन पिछले साल टी20 को अलविदा कहने वाले विराट अपने दोस्त रोहित शर्मा के नक्शेकदम पर चलते हुए टेस्ट से भी अलग हो गए. रोहित ने पिछले हफ्ते ही टेस्ट क्रिकेट को अलविदा कहा था. कोहली ने टेस्ट क्रिकेट को कहा अलविदा विराट कोहली ने टेस्ट क्रिकेट को अलविदा कह दिया है। कोहली ने अपने इंस्टाग्राम पर एक लंबा पोस्ट लिखते हुए टेस्ट से रिटायरमेंट का ऐलान कर दिया। कोहली का बल्ला क्रिकेट का सबसे लंबे फॉर्मेट में काफी समय से खामोश चल रहा था। वहीं, रोहित शर्मा के संन्यास के बाद कोहली के रिटायरमेंट को लेकर भी अटकलें तेज हो गई थीं। हालांकि, रोहित के साथ कोहली का रिटायर होने का फैसला टीम इंडिया के लिए बड़ा झटका है। माना जा रहा था कि विराट ने अपने रिटायरमेंट को लेकर बीसीसीआई को पहले ही जानकारी दे दी थी। हालांकि, बोर्ड विराट को मनाने में लगा हुआ था और हर किसी की चाहत थी कि किंग कोहली इंग्लैंड दौर पर जाएं। कोहली ने लिखा भावुक पोस्ट विराट कोहली ने अपने इंस्टाग्राम पर भावुक पोस्ट लिखा। उन्होंने लिखा, “टेस्ट क्रिकेट में इस ब्लू जर्सी को मैंने 14 साल पहले पहना था। ईमानदारी से कहूं तो मैंने कभी नहीं सोचा था कि यह फॉर्मेट मुझे इतनी ऊंचाइयों तक लेकर जाएगा। इस फॉर्मेट ने मुझे टेस्ट किया, मेरे करियर को शेप दिया और मुझे कई ऐसी सीख दीं, जिन्हें मैं अपनी आगे की जिंदगी में याद रखूंगा। सफेद जर्सी में खेलना मेरे लिए निजी तौर पर काफी खास रहा है। चुपचाप मेहनत करना, लंबे दिन, छोटे-छोटे मोमेंट जिनको कोई नहीं देखता है, लेकिन वह हमेशा आपके साथ रहते हैं।” कोहली ने आगे लिखा, “मैं इस फॉर्मेट से खुद को दूर कर रहा हूं और यह मेरे लिए आसान नहीं है। हालांकि, इस समय यह सही लग रहा है। मैंने अपना सबकुछ इस फॉर्मेट को दिया, जो भी मेरे पास था और बदले में इस फॉर्मेट से मुझे बहुत कुछ मिला, जिसकी शायद मैंने उम्मीद भी नहीं की थी। मैं इस फॉर्मेट से अलविदा ले रहा हूं, लेकिन मेरा दिल कृतज्ञता से भरा हुआ है। इस गेम के लिए और उन लोगों के लिए, जिनके साथ मैंने फील्ड शेयर की,  इसके साथ ही उन सभी लोगों का भी धन्यवाद जो इस रास्ते में मेरे साथ चले। मैं हमेशा ही अपने टेस्ट करियर की तरफ मुड़कर स्माइल के साथ देखूंगा।” जीवन भर याद रखेंगे टेस्ट से मिले सबक कोहली ने अपने इंस्टाग्राम हैंडल पर लिखा, ''टेस्ट क्रिकेट में पहली बार बैगी ब्लू जर्सी पहने हुए 14 साल हो गए हैं. ईमानदारी से कहूं तो मैंने कभी नहीं सोचा था कि यह प्रारूप मुझे किस सफर पर ले जाएगा. इसने मेरी परीक्षा ली, मुझे आकार दिया और मुझे ऐसे सबक सिखाए जिन्हें मैं जीवन भर अपने साथ रखूंगा.'' विराट ने आगे क्या कहा? कोहली ने कहा, "सफेद कपड़ों में खेलना बहुत ही निजी अनुभव होता है. शांत रहना, लंबे दिन, छोटे-छोटे पल जिन्हें कोई नहीं देखता लेकिन जो हमेशा आपके साथ रहते हैं. जैसे ही मैं इस प्रारूप से दूर हो रहा हूं, यह आसान नहीं है – लेकिन यह सही लगता है. मैंने इसमें अपना सबकुछ दिया है और इसने मुझे मेरी उम्मीद से कहीं ज्यादा दिया है. मैं दिल से आभार के साथ जा रहा हूं – खेल के लिए, उन लोगों के लिए जिनके साथ मैंने मैदान साझा किया और हर एक व्यक्ति के लिए जिसने मुझे इस दौरान महसूस कराया. मैं हमेशा अपने टेस्ट करियर को मुस्कुराते हुए देखूंगा.'' विराट कोहली का टेस्ट करियर विराट ने भारत के लिए 123 टेस्ट मैच खेले. इस दौरान 210 पारियों में 9230 रन बनाए. उनका औसत 46.85 का रहा. कोहली के बल्ले से टेस्ट में 30 शतक और 31 अर्धशतक निकले. विराट का उच्चतम स्कोर नाबाद 254 रन रहा. कोहली ने अपना आखिरी टेस्ट शतक पर्थ में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ पिछले साल के अंत में लगाया था. जानें कैसा रहा कप्तानी का रिकॉर्ड विराट टेस्ट इतिहास में भारत के सबसे सफल कप्तान रहे हैं. विराट ने 68 टेस्ट मैचों में भारत की कप्तानी की जिसमें 40 में टीम को जीत हासिल हुई. कोहली ने जब कप्तानी संभाली थी, तब भारतीय टीम सातवें स्थान पर थी. लेकिन खुद एवं साथी खिलाड़ियों की मेहनत की बदौलत कोहली ने वर्ल्ड नंबर-1 पॉजिशन पर पहुंचाया था. विराट कोहली का इंटरनेशनल  क्रिकेट कर‍ियर 123 टेस्ट, 210 पारी, 9230 रन, 46.85 एवरेज, 30 शतक, 31 अर्धशतक 302 वनडे, 290 पारी, 14181 रन, 57.88 एवरेज, 51 शतक, 74 अर्धशतक, 5 125 टी20, 117 पारी, 4188 रन, 48.69 एवरेज, 1 शतक, 38 अर्धशतक, 4. recent visitors 35

मुख्यमंत्री ने तालाब गहरीकरण के लिये कनाड़िया में किया श्रमदान

अहिल्या माता ने सुशासन से जन-कल्याण का मार्ग प्रशस्त किया: मुख्यमंत्री डॉ. यादव मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कनाड़िया में जल संरक्षण की दिलाई शपथ मुख्यमंत्री ने तालाब गहरीकरण के लिये कनाड़िया में किया श्रमदान भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि लोक माता अहिल्याबाई ने सुशासन के साथ जन-कल्याण के कार्य कर देश के विकास के लिये एक आदर्श प्रस्तुत किया है। उन्होंने देश में धर्मशालाएं, नदियों के घाट, अन्न क्षेत्र एवं मंदिर बनवाये हैं। उन्होंने बनारस एवं सोमनाथ में मंदिर भी बनवाए हैं। उनके द्वारा शुरू कराई गई महेश्वरी साड़िया आज भी प्रसिद्ध है। अहिल्या माता के स्मरण में 20 मई को इंदौर में कैबिनेट की बैठक का आयोजन किया जा रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव इंदौर के कनाड़िया में जल गंगा संवर्धन अभियान के अंतर्गत अहिल्या माता द्वारा वर्षों पूर्व निर्मित बावड़ी के जीर्णोद्धार कार्य के लोकार्पण अवसर पर उपस्थित जन समुदाय को सम्बोधित कर रहे थे। इस अवसर पर उन्होंने जल संरक्षण के लिये तालाब गहरीकरण में श्रमदान किया और जल संरक्षण की शपथ भी दिलाई। कार्यक्रम में नगरीय प्रशासन एवं आवास मंत्री श्री कैलाश विजयवर्गीय, जल संसाधन मंत्री श्री तुलसीराम सिलावट, सांसद श्री शंकर लालवानी, महापौर श्री पुष्यमित्र भार्गव, विधायक श्रीमती मालिनी गौड़, गोलू शुक्ला सहित जन-प्रतिनिधि मौजूद रहे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने देश की सुरक्षा के लिये बलिदान देने वाले शहीदों को नमन करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में हमारी सेना ने देश की सुरक्षा के लिये सराहनीय कार्य किया है और दुश्मनों को सबक सिखाया है। प्रधानमंत्री श्री मोदी के नेतृत्व में देश निरंतर तरक्की कर रहा है। आज हमारे देश की अर्थव्यवस्था विश्व में चौथे नम्बर की सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बन गई है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि देश की सीमा पर तैनात जवान और खेतों मे अनाज पैदा करने वाला किसान हमारे लिये दोनों एक समान है। हमारी सरकार किसानों के कल्याण के लिये निरंतर काम कर रही है। सिंचाई की सुविधा बढ़ाने के लिये नदी जोड़ो परियोजना पर काम किया जा रहा है। किसानों को अत्यंत कम दर पर बिजली कनेक्शन देने की व्यवस्था की गई है। किसानों को सोलर पम्प लगाने के लिये अनुदान दिया जा रहा है। सोलर पम्प लगाकर किसान अपने लिये बिजली का उत्पादन करने के साथ ही अतिरिक्त बिजली सरकार को बेचने में सक्षम होंगे। इससे उन्हें बिजली का बिल भी नहीं देना होगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि हमारी सरकार महिलाओं के सशक्तिकरण पर भी ध्यान दे रही है। इसी का परिणाम है कि इंदौर जिले में दो लाख 3 हजार 395 बालिकाओं को लाड़ली लक्ष्मी योजना का लाभ मिल रहा है और 4 लाख 48 हजार 398 बहनों को लाड़ली बहना योजना का लाभ मिल रहा है। प्रदेश सरकार लाड़ली बहनों के लिये राशि की कमी नहीं होने देगी। कार्यक्रम को सम्बोधित करते हुए जल संसाधन मंत्री श्री तुलसीराम सिलावट ने कहा कि हमारी आने वाली पीढ़ी के सुरक्षित भविष्य के लिये हम सभी को जल की एक-एक बूंद बचाना चाहिए। उन्होंने कहा कि पूर्व प्रधानमंत्री स्व. श्री अटल बिहारी वाजपेयी ने नदियों को जोड़ने का सपना देखा था उस सपने को मुख्यमंत्री डॉ. यादव के नेतृत्व में प्रदेश सरकार साकार करने जा रही है। इंदौर विकास प्राधिकरण द्वारा कनाड़िया के लिये 165 करोड़ रुपये की योजना लाई जा रही है।   recent visitors 35

भारतीय सशस्त्र बलों को आतंकवादियों के ठिकानों को नष्ट करने की खुली छूट देकर पाकिस्तान के लिए हालात और खराब कर दिए: मुख्यमंत्री यादव

भोपाल नरेंद्र मोदी सरकार ने भारतीय सशस्त्र बलों को 'ऑपरेशन सिंदूर' के जरिए आतंकवादियों के ठिकानों को नष्ट करने की खुली छूट देकर पाकिस्तान के लिए हालात और खराब कर दिए. यह कहना है मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव का.   इंदौर में एक रोजगार मेले को संबोधित करते हुए CM यादव ने कहा, मोदी सरकार ने देश के दुश्मनों के नापाक इरादों से निपटने के लिए पहले से ही तैयारी कर ली थी. उन्होंने कहा, "जब पीएम मोदी के नेतृत्व वाली सरकार बनी थी, तो कई लोगों ने पूछा था कि राफेल सौदे पर इतनी बड़ी रकम क्यों खर्च की जा रही है. हमने देखा कि जब भारत का दुश्मन सीमा पर खड़ा था, तब राफेल विमान और आधुनिक सैन्य तकनीक से लैस हमारे सशस्त्र बलों ने आतंकवादी ठिकानों को नष्ट कर दिया और पुराने बकाए का भुगतान किया." मुख्यमंत्री ने कहा कि मोदी सरकार ने सशस्त्र बलों को आतंकवादी ठिकानों को नष्ट करने की खुली छूट देकर पाकिस्तान के लिए हालात और खराब कर दिए हैं. उन्होंने कहा, "यह बदलते दौर का भारत है. दुनिया भारत को आश्चर्य से देख रही है. एक समय था जब दुश्मन हमारे सैनिकों का सिर काट लेते थे और तत्कालीन सरकार कुछ नहीं कर पाती थी. वर्तमान सरकार के शासन में दुश्मन ऐसी हिमाकत की कल्पना भी नहीं कर सकता." यादव ने कहा कि मोदी सरकार ने त्वरित निर्णय लेकर देश को सुरक्षित रखा है. मुख्यमंत्री ने कहा, "प्रधानमंत्री मोदी ने भारत की सैन्य क्षमता को दिखाया, जिसके बाद दुनिया में भारत का सम्मान बढ़ा है. उन्होंने पहले ही कहा है कि 'हम किसी को नहीं भड़काते, लेकिन अगर कोई हमें उकसाता है, तो हम उसे छोड़ते भी नहीं हैं.' संकट की इस घड़ी में देश के एकजुट होने पर जोर देते हुए यादव ने कहा कि मप्र सरकार ने सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए हैं. उन्होंने आगे कहा कि सरकार स्वरोजगार को बढ़ावा दे रही है और विभिन्न कार्यक्रमों के जरिए रोजगार मुहैया करा रही है. उन्होंने कहा, "हमने कहा है कि हम एक लाख नई सरकारी नौकरियां देंगे, लेकिन प्रदेश की आबादी नौ करोड़ है और कुल सरकारी पदों की संख्या 10 लाख से भी कम है. ऐसे में हम रोजगार आधारित उद्योगों को विशेष प्रोत्साहन दे रहे हैं." यादव ने इंदौर में रेजीडेंसी कोठी परिसर में न्यायाधीशों के लिए विश्राम गृह निर्माण की आधारशिला रखी.  इस अवसर पर सुप्रीम कोर्ट के जस्टिस जेके माहेश्वरी, एससी शर्मा और मध्य प्रदेश उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश सुरेश कुमार कैत मौजूद थे. मुख्यमंत्री ने शहर के सिरपुर क्षेत्र में देवी अहिल्या सरोवर उद्यान में स्वामी विवेकानंद की प्रतिमा की स्थापना के लिए भूमिपूजन किया. अधिकारियों ने बताया कि विभिन्न धातुओं से बनी यह प्रतिमा 39.6 फीट ऊंची होगी और इसका वजन करीब 14 टन होगा. उन्होंने दावा किया कि यह स्वामी विवेकानंद की अपनी तरह की दुनिया की सबसे ऊंची प्रतिमा होगी. यादव ने कनाड़िया क्षेत्र में पुनर्निर्मित बावड़ी के उद्घाटन में भी भाग लिया, जिसे मूल रूप से इंदौर के पूर्ववर्ती होलकर राजवंश की शासक अहिल्याबाई होल्कर ने बनवाया था. अधिकारियों ने बताया कि राज्य सरकार के 'जल गंगा संवर्धन अभियान' के तहत इंदौर विकास प्राधिकरण ने एक करोड़ रुपये की लागत से जीर्णोद्धार किया है.   recent visitors 29

पाकिस्तान के साथ बातचीत केवल पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर की वापसी और आतंकवादियों को सौंपने के मुद्दे पर होगी: भारत

नई दिल्ली  भारत ने अमेरिका को स्पष्ट कर दिया है कि पाकिस्तान के साथ बातचीत केवल पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर की वापसी और आतंकवादियों को सौंपने के मुद्दे पर होगी. सरकारी सूत्रों ने कहा कि कश्मीर पर हमारी स्थिति बहुत स्पष्ट है, अब केवल एक ही मुद्दा बचा है- पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (पीओके) की वापसी. इसके अलावा बात करने के लिए कुछ नहीं है. सूत्रों ने कहा कि अगर वे आतंकवादियों को सौंपने की बात करते हैं, तो हम बात कर सकते हैं. हमारा किसी अन्य विषय पर कोई इरादा नहीं है. हम नहीं चाहते कि कोई मध्यस्थता करे. हमें किसी की मध्यस्थता की जरूरत नहीं है." पीएम मोदी के स्पष्ट निर्देश सूत्रों के मुताबिक ऑपरेशन सिंदूर को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने स्पष्ट निर्देश दिए थे कि अगर पाकिस्तान से गोली चले तो भारत से गोला चलाया जाए. उन्होंने कहा कि एयरबेस पर हमले निर्णायक मोड़ थे. सूत्र ने कहा कि बहावलपुर (पाकिस्तान) में जैश-ए-मोहम्मद के मुख्यालय को सबसे ज़्यादा नुकसान पहुंचा. यह भारत का एक महत्वपूर्ण संदेश था. सूत्रों के मुताबिक भारत और पाकिस्तान के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकारों और विदेश मंत्रियों के बीच कोई बातचीत नहीं हुई. दोनों देशों के सैन्य संचालन महानिदेशकों (डीजीएमओ) के बीच ही बातचीत हुई. सूत्र के अनुसार हर दौर में पाकिस्तान के लिए स्थिति खराब होती गई. वे लड़ाई के हर दौर में भारत से हार गए. पाकिस्तान के हवाई ठिकानों पर हमारे हमलों के बाद पाकिस्तान को एहसास हो गया है कि वे इस लीग में नहीं हैं. भारत की ओर से साफ संदेश दिया गया कि कोई भी सुरक्षित नहीं है. सूत्रों ने ऑपरेशन सिंदूर चलाकर भारत ने तीनों उद्देश्य हासिल किए. 1. सैन्य उद्देश्य- पीएम मोदी ने कहा 'मिट्टी में मिला देंगे, बहावलपुर, मुरीदके और मुजफ्फराबाद कैंप को मिट्टी में मिला दिया.' 2. राजनीतिक उद्देश्य- सिंधु जल संधि सीमा पार आतंकवाद से जुड़ी है. जब तक सीमा पार से आतंकवाद बंद नहीं हो जाता, तब तक यह स्थगित रहेगी. 3. मनोवैज्ञानिक उद्देश्य- 'घुस के मारेंगे', हमने उनके दिल में गहरी चोट पहुंचाई. हम बहुत सफल रहे. पाकिस्तान ने 26 ठिकानों पर हमला किया न्यूयॉर्क टाइम्स की रिपोर्ट पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस से साफ कहा कि अगर पाकिस्तान कुछ करता है तो उसका जवाब और भी विनाशकारी और कड़ा होगा. उसी रात पाकिस्तान ने 26 ठिकानों पर हमला किया और भारत ने भी इसका जोरदार जवाब दिया. उनके ठिकानों पर हमले किए गए. भारत ने कड़ा संदेश दिया सूत्रों ने बताया कि आईएसआई से करीबी संबंध रखने वाले मुरीदके, बहावलपुर के आतंकी शिविरों पर हमला करके भारत ने कड़ा संदेश दिया है कि हम अंधे नहीं है और हम आपको मुख्यालय पर ही निशाना बनाएंगे. हम छोटे शिविरों पर हमला नहीं करेंगें. सूत्रों ने कहा कि तकनीकी और सैन्य उपयोग को लेकर भारत और पाकिस्तान के बीच बहुत बड़ा अंतर था, पाकिस्तान को एहसास हुआ कि वे उस कैटेगरी में नहीं हैं. भारत ने अपनी मर्जी से हमला किया और पाकिस्तान के ज़्यादातर हमलों को नाकाम कर दिया गया. पाकिस्तान को कोई संदेह नहीं होना चाहिए. recent visitors 150

छत्तीसगढ़ में भीषण सड़क हादसा ट्रक और ट्रेलर में टक्कर,14 लोगों की मौत और 30 घायल

 रायपुर रायपुर में रविवार देर रात मिनी ट्रक और ट्रैलर की टक्कर में 13 लोगों की मौत हो गई। 13 लोग घायल हुए हैं। ट्रक में सवार ये सभी लोग छठी के कार्यक्रम से लौट रहे थे। ट्रक खरोरा के बाना गांव से आ रहा था। बंगोली में इसे रायपुर से आ रहे ट्रेलर ने टक्कर मार दी. घायलों को रायपुर मेडिकल अस्पताल लाया गया है। यह हादसा उस वक्त हुआ जब ग्राम चटौद के ग्रामीण एक स्वराज माजदा वाहन से विवाह समारोह में शामिल होकर लौट रहे थे। हादसे में कुछ घायलों की हालत गंभीर है। मृतकों में सबसे ज्यादा महिलाएं हैं।     जानकारी के अनुसार सारागांव के पास सामने से आ रहे तेज रफ्तार ट्रेलर ने माजदा वाहन को जोरदार टक्कर मार दी।     टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि माजदा में सवार लोगों में से कई की मौके पर ही मौत हो गई। मृतकों में 3 बच्चे और 10 महिलाएं शामिल हैं। सभी का अंतिम संस्कार आज उनके गांव में दोपहर को किया जाएगा। वहीं बच्चों सहित 13 घायलों का इलाज मेकाहारा में जारी है, सभी खतरे से बाहर हैं। बता दें कि ट्रेलर झारखंड पासिंग है। टोल नाके से बचने के चक्कर में ड्राइवर ने दूसरा रास्ता पकड़ा और हादसा हो गया। हादसा इतना दर्दनाक था कि कई महिलाओं और बच्चों के शरीर के टुकड़े हो गए। मिनी ट्रक में सवार होकर वापस घर लौट रहे थे। इस दौरान ट्रेलर के साइड से करीब 3 फीट बाहर निकले लोहे (हैवी मशीन का हिस्सा) से टक्कर हो गई। छठी से लौट रहा था साहू परिवार रायपुर SSP डॉ. लाल उमेद सिंह से मिली जानकारी के मुताबिक, चटोद गांव निवासी पुनीत राम साहू का परिवार और रिश्तेदार बाना गांव में छट्ठी कार्यक्रम से लौट रहे थे। यह सभी मिनी ट्रक में सवार थे। इस दौरान बंगोनी गांव के पास पहुंचे थे। तभी सामने से आ रहे ट्रेलर के ऊपर लोड मशीनरी पार्ट के साइड से निकले लोहे से गाड़ी टकरा गईं। हादसे के बाद मिनी ट्रक अनियंत्रित होकर ट्रेलर के पीछे आ रही दूसरी ट्रक में जा भिड़ी। शरीर के दो टुकड़े हुए, लाशें सड़क पर बिखरी कुछ ही सेकंड में मिनी ट्रक एक के बाद एक दो गाड़ियों से टकरा गई। भीषण एक्सीडेंट के बाद उसमें सवार महिलाएं और बच्चे बुरी तरह जख्मी हो गए। इनमें से कई हवा में उछलकर सड़क पर गिर गए। जिससे उनका सिर फट गया और मौत हो गई। कुछ बच्चे और महिलाएं ट्रक के लोहे की बॉडी में टकरा गए। पुलिस ने पीछा कर ट्रेलर चालक को पकड़ा पुलिस की शुरुआती जांच के मुताबिक, मिनी ट्रक सबसे पहले ट्रेलर के साइड से निकले लोहे के पार्ट से टकराई है। जो ट्रक की बॉडी से करीब 3-3 फीट दोनों तरफ बाहर निकला हुआ था। अंधेरे की वजह से वह दिखा नहीं। ट्रेलर का ड्राइवर अमित कुमार बर्मन है जो पश्चिम सिंहभूम जिला झारखंड का रहने वाला है। ट्रेलर का मालिक भी वही है। एक्सीडेंट के बाद वह मौके से फरार हो गया था लेकिन पुलिस ने पीछा करके उसे पकड़ लिया। डीजल टैंक फटने से बचा, आग का था खतरा ट्रेलर से टकराने के बाद मिनी ट्रक अनियंत्रित होकर एक अन्य ट्रक के डीजल टैंक के हिस्से में टकराई। जिससे ट्रक में भरा हुआ डीजल सड़क पर पूरी तरह बिखर गया। इस भीषण टक्कर के दौरान अगर कोई चिंगारी निकलती तो वह सड़क पर बिखरे हुए डीजल में फौरन आग पकड़ लेती। जिससे आशंका थी कि डीजल का टैंक ब्लास्ट हो जाता और मिनी ट्रक में घायल पड़े लोग आग की चपेट में आ जाते।     मृतकों में एक वर्ष से कम उम्र का बच्चा भी शामिल है। 50 से अधिक लोग थे सवार     हादसे के समय माजदा वाहन में 50 से अधिक लोग सवार थे, जो शादी पश्चात आयोजित छट्ठी कार्यक्रम से लौट रहे थे।     हादसे के बाद घटनास्थल पर चीख-पुकार मच गई। कई लोग वाहन में फंसे रह गए जिन्हें ग्रामीणों और पुलिस की मदद से बाहर निकाला गया। इलाज जारी, मौके पर अफसर तैनात     घायलों को तत्काल खरोरा के सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र और रायपुर मेडिकल कॉलेज रेफर किया गया है।     कुछ की हालत गंभीर बनी हुई है। खरोरा पुलिस मौके पर मौजूद है और राहत-बचाव कार्य जारी है। वरिष्ठ अधिकारी भी घटनास्थल में पहुंच गए हैं। सड़क पर एंबुलेंस की लगी रही लाइन इस घटना के बाद खरोरा से रायपुर की ओर एक के बाद एक एंबुलेंस दिखने लगी। आसपास से गुजर रहे लोग अपनी गाड़ियों से उतरकर घायलों को एंबुलेंस में चढ़ाने लगे। मौके पर जिला प्रशासन और पुलिसकर्मी भी पहुंचे। शुरुआत में कुछ घायलों को निजी अस्पताल ले जाया गया। लेकिन गंभीर हालत होने की वजह से उन्हें मेकाहारा रेफर कर दिया गया। फिलहाल मेकाहारा में घायलों का इलाज और मृतकों का पोस्टमॉर्टम जारी है। वहीं परिजनों को शव सौंपने के बाद उनके गांवों में अंतिम संस्कार किया जाएगा। मृतक परिजनों और घायलों के लिए सहायता राशि का ऐलान हादसे पर सीएम साय ने सोशल मीडिया साइट X पर पोस्ट कर लिखा है कि संकट की इस घड़ी में छत्तीसगढ़ सरकार मृतकों के परिजनों के साथ खड़ी है। राज्य सरकार ने मृतकों के परिजनों को पांच-पांच लाख रुपए और घायलों को 50-50 हजार रूपए की सहायता राशि स्वीकृत की है। घायलों के बेहतर इलाज के लिए अधिकारियों को निर्देशित किया है। डिप्टी सीएम अरुण साव ने भी X पर पोस्ट कर लिखा है कि सड़क हादसे में 13 लोगों के मौत की खबर है। मैं परिजनों के प्रति संवेदना व्यक्त करता हूं। घटना की जांच होगी। जांच के बाद जो भी दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। पीड़ित परिवार को हर संभव मदद भी उपलब्ध कराई जाएगी" वहीं भूपेश बघेल ने सोशल मीडिया साइट X पर पोस्ट कर लिखा है कि "कल और आज को मिलाकर सड़क दुर्घटनाओं में 23 लोगों की मृत्यु हुई है। मैं उनके प्रति शोक व्यक्त करता हूं…सरकार इसको गंभीरता से ले और आगे ऐसी दुर्घटनाएं ना हों। कांग्रेस ने मृतकों को 50 लाख और घायलों को 10 लाख मुआवजा देने की मांग की है।   recent visitors 68

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव इंदौर के ऐतिहासिक लालबाग परिसर में आयोजित मालवा उत्सव में शामिल हुए

इंदौर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव इंदौर के ऐतिहासिक लालबाग परिसर में आयोजित मालवा उत्सव में शामिल हुए। उत्सव में पहुँचकर उन्होंने वहाँ विभिन्न प्रदेशों से आए लोक कलाकारों से मुलाकात कर संवाद किया और उनका हौसला बढ़ाया। मालवा उत्सव में देश के विभिन्न प्रदेशों के साथ ही मध्यप्रदेश के विभिन्न क्षेत्रों से आए लोक कलाकार अपने लोक कलाओं का प्रदर्शन कर रहे हैं। उत्सव में बुनकर और अन्य हस्तशिल्प कलाकारों ने अपनी पारंपरिक हस्तकला, बुनकरी, मिट्टी और धातु की कलाकृतियाँ प्रदर्शित की है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मालवा उत्सव हमारी सांस्कृतिक विरासत और लोककला की जीवंत प्रस्तुति है। यह आयोजन न केवल कलाकारों को मंच प्रदान करता है, बल्कि जनमानस को भी अपनी जड़ों से जुड़ने का अवसर देता है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने संबोधित करते हुए कहा कि प्रदेश सरकार पारंपरिक कला, संस्कृति और शिल्प के संरक्षण के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने मालवा की सांस्कृतिक समृद्धि और उत्सवों की परंपरा को गौरव बताते हुए कहा कि ऐसे आयोजनों से स्थानीय शिल्पकारों को आर्थिक संबल भी प्राप्त होता है। कार्यक्रम के प्रारंभ में सांसद तथा लोक संस्कृति मंच के संस्थापक श्री शंकर लालवानी ने स्वागत भाषण देते हुए आयोजन के उद्देश्यों की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि यह मालवा उत्सव कला-संस्कृति के संरक्षण और संवर्धन के उद्देश्य से लगातार 25 वर्षों से आयोजित किया जा रहा है। उन्होंने ऐतिहासिक राजबाड़ा और लालबाग के विकास के लिए राशि स्वीकृत करने हेतु मुख्यमंत्री डॉ. यादव के प्रति आभार व्यक्त किया। कार्यक्रम में जल संसाधन मंत्री श्री तुलसीराम सिलावट, महापौर श्री पुष्यमित्र भार्गव, विधायक श्री रमेश मेंदोला तथा श्री गोलू शुक्ला, श्री सुमित मिश्रा सहित अन्य जनप्रतिनिधि भी मौजूद थे। मुख्यमंत्री ने मालवा उत्सव में बनाए भजिए और चखा स्वाद लालबाग परिसर में पारंपरिक लोक नृत्य और संगीत की प्रस्तुतियों के साथ ही भित्तिचित्रों की प्रदर्शनी, हस्तशिल्प और व्यंजन स्टॉल लगाये गए हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने विभिन्न स्टालों का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने एक स्टॉल पर भजिए तले और उनका स्वाद चखा। रेजा कार्य, बटिक प्रिंट, ताँबे व पीतल की मूर्तियाँ, और आदिवासी चित्रकलाओं ने दर्शकों का ध्यान खींचा। उत्सव में सांस्कृतिक मंच पर लोकनृत्य की विभिन्न प्रस्तुतियाँ हुईं, जिनमें दर्शकों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।   recent visitors 35