41 दिनों में ही तय लक्ष्य से ज्यादा अमृत सरोवरों को बनाने का काम शुरू

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृव में प्रदेश में जल गंगा संवर्धन महाअभियान चलाया जा रहा है। इस महाअभियान की शुरुआत मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बाबा महाकाल की नगरी उज्जैन से की थी। पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री श्री प्रहलाद सिंह पटेल प्रदेश में जलसंरचनाओं के संरक्षण के लिए प्रदेश में नदियों के उदगम स्थलों का दौरा कर रहे हैं। अभियान तीव्र गति से अपने लक्ष्यों को पूर्ण करने की ओर बढ़ रहा है। पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग ने मनरेगा (महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम) के तहत प्रदेश में 1 हजार अमृत सरोवरों के निर्माण का लक्ष्य रखा था। अभियान के 41 दिवस में ही निर्धारित लक्ष्य से अधिक प्रदेश में 1012 अमृत सरोवरों को बनाने का काम भी शुरू कर दिया गया है। अभियान में कूप रिचार्ज पिट, बावड़ी, खेत-तालाब, अमृत सरोवर, बोरी बंधान, चेकडैम सहित अन्य कार्य कराए जा रहे हैं। इसके साथ पुराने जल स्त्रोतों की सफाई, नदियों की जल धाराओं को जीवित के लिए गेबियन संरचना, कंटूर ट्रेंच जैसे जल संरक्षण संरचनाओं का कार्य किया जा रहा है। अमृत सरोवरों से बढ़ेगा भू-जल स्तर प्रदेश में बड़ी संख्या में अमृत सरोवर बन जाने से प्रदेश का भू-जल स्तर बढ़ेगा। इससे जल संकट की समस्या से निजात मिलेगी। गर्मियों में कुओं, हैंडपंपों और ट्यूवबेलों का जलस्तर कम नहीं होगा। साथ ही, ग्रामीण आजीविका के साधन भी बढ़ेंगे। सिंचाई के साथ मछली पालन और सिंघाड़े की खेती सहित अन्य गतिविधियों में सरोवरों का पानी इस्तेमाल किया जा सकेगा। जल गंगा संवर्धन अभियान जल गंगा संवर्धन अभियान का मुख्य उद्देश्य बारिश के पानी सहेजना और पुराने जल स्त्रोतों को संवारना है। प्रदेश सरकार द्वारा चलाए जा रहे महाअभियान में प्रदेश में भू-जल स्तर पर सुधार आएगा। कुओं, नलकूपों का जलस्तर बढ़ेगा। इसके साथ ही किसानों को फसलों की सिंचाई के लिए पर्याप्त मात्रा में पानी भी उपलब्ध होगा। 30 जून तक जारी रहेगा अभियान प्रदेश में जल गंगा संवर्धन अभियान तीन माह तक चलेगा। प्रदेश सरकार द्वारा 30 मार्च से प्रदेशव्यापी महाअभियान की शुरुआत की गई है, जो 30 जून 2025 तक संचालित किया जाएगा।   recent visitors 59

मंत्री विश्वास सारंग ने प्रभात चौराहे पर ड्रेनेज सिस्टम का निरीक्षण कर निगम के अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए

भोपाल सहकारिता मंत्री श्री विश्वास कैलाश सारंग ने रविवार को भोपाल शहर में नाले-नालियों की वृहद रुप से साफ-सफाई अभियान अंतर्गत नरेला विधानसभा के प्रभात चौराहे पर ड्रेनेज सिस्टम का निरीक्षण कर नगर निगम के अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। मंत्री श्री सारंग ने बताया कि मानसून में जलभराव की स्थिति निर्मित न हो इसके लिए वृहद रूप से सफाई अभियान की शुरुआत की गई है। उन्होंने कहा कि इस अभियान के तहत भोपाल शहर के सभी नाले-नालियों की सफाई सुनिश्चित होगी। साथ ही नालों में लोग कचरा न डालें इसके लिए जनजागरण अभियान भी चलाया जाएगा। निरीक्षण के दौरान भोपाल नगर निगम के वरिष्ठ अधिकारियों, स्थानीय जनप्रतिनिधियों सहित क्षेत्रवासी उपस्थित रहे। मानसून के पहले भोपाल के सभी नाले-नालियां होंगे साफ मंत्री श्री सारंग ने बताया कि इस बार मौसम विभाग ने अनुमान जताया है कि मानसून भोपाल में एक सप्ताह पहले प्रवेश करेगा। इसे देखते हुए भोपाल शहर के सभी नाले नालियों की सफाई वृहद के लिये अभियान की शुरुआत की गई है। उन्होंने कहा कि हर वर्ष मानसून पूर्व नगर निगम सफाई अभियान चलता है। मंत्री श्री सारंग ने निर्देश दिये कि इस कार्य की शुरुआत पहले से ही कर दी जाए। इससे समय पर सफाई कार्य पूर्ण हो सकेगा और भविष्य में जलभराव की स्थिति निर्मित नहीं होगी। मंत्री श्री सारंग ने जनजागरण और कचरा प्रबंधन पर दिया जोर मंत्री श्री सारंग ने कहा कि मशीनों के माध्यम से समुचित रूप से नालों की सफाई सुनिश्चित की जाएगी और इसके साथ यह भी ध्यान रखा जाएगा कि जिन क्षेत्रों में नाले आसपास स्थित हैं, वहाँ के निवासियों को हिदायत दी जाए कि वे नालों में कचरा न डालें। इस दिशा में जन जागरण अभियान भी चलाया जाएगा इससे नागरिकों को नालों की स्वच्छता बनाए रखने की महत्ता समझाई जा सकेगी। उन्होंने कहा कि पॉलीथीन जैसे अपशिष्ट पदार्थ नालों में जल प्रवाह को अवरुद्ध करते हैं। इससे जलभराव और ओवरफ्लो की स्थिति उत्पन्न होती है। इसके लिए नालों के समीप कचरा निस्तारण के लिए डंप स्टेशन भी बनाए जाएंगे, जिससे कि कचरा सीधे नालों में न जाए।   recent visitors 36

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा- हमारे राज्य का युवा सक्षम, योग्य और आत्म-निर्भर बने यह राज्य सरकार की प्राथमिकता है

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि हमारे राज्य का युवा सक्षम, योग्य और आत्म-निर्भर बने यह राज्य सरकार की प्राथमिकता है। हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है कि रोजगार और स्वरोजगार देकर स्वावलम्बी समाज और स्वावलम्बी प्रदेश बनाया जाये। इस दिशा में हम तेजी से लगातार आगे बढ़ रहे है। प्रदेश में हर क्षेत्र में रोजगार सृजन के लिये तेजी से प्रयास किये जा रहे है, चाहे वह परम्परागत दुग्ध पालन का क्षेत्र हो या आधुनिक आईटी का क्षेत्र। प्रदेश में रोजगार आधारित औद्योगिक विकास को बढ़ावा देने के लिये इंड्रस्टी कॉन्क्लेव व्यापक स्तर पर आयोजित की गई। इसके बेहतर परिणाम भी सामने आ रहे है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव आज रविवार को दशहरा मैदान, इंदौर में आयोजित महापौर मेगा रोजगार मेला के उद्घाटन अवसर पर आयोजित कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने रोजगार मेले को मिले बेहतर प्रतिसाद की सराहना की और कहा कि ऐसे रोजगार मेलों के माध्यम से सरकार और प्रशासन युवाओं को अवसर, मंच और मार्गदर्शन प्रदान कर रहा है। उन्होंने युवाओं को रोजगार देने की दिशा में इंदौर जिले में हर एक पंचायत में स्थापित किये गये उद्योग लगाने के अभियान की भी प्रशंसा की। उल्लेखनीय है कि इंदौर जिले में अभियान चलाकर सभी पंचायतों में उद्योग स्थापित कराने का कार्य किया गया है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने युवाओं से कहा कि आज का युग कौशल का है। डिग्री के साथ व्यवहारिक ज्ञान और संवाद कौशल भी ज़रूरी हैं। मुझे गर्व है कि इंदौर ने इस दिशा में एक अनुकरणीय पहल की है। मुख्यमंत्री ने युवाओं से अपील की कि वे इन अवसरों का लाभ उठाएँ और अपने भविष्य को उज्ज्वल बनाएँ। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने भारत-पाकिस्तान संबंधों और सीमा सुरक्षा के मुद्दे पर कहा कि देश अब पहले जैसा नहीं रहा।  प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में भारत ने वैश्विक मंच पर अपनी शक्ति, रणनीति और तकनीकी क्षमता से यह सिद्ध कर दिया है कि हम शांति चाहते हैं, लेकिन आवश्यकता पड़ने पर करारा जवाब देना भी जानते हैं। प्रधानमंत्री श्री मोदी जी के नेतृत्व में भारत ने एक नई दिशा प्राप्त की है। आज भारत किसी को छेड़ता नहीं है, लेकिन अगर कोई भारत को छेड़ने की गलती करता है, तो उसे हम कभी छोड़ते नहीं हैं। हमारी सेनाएं अब पारंपरिक युद्ध पद्धतियों से आगे बढ़कर अत्याधुनिक तकनीकों का उपयोग कर रही हैं। इससे दुश्मनों को हर मोर्चे पर जवाब दिया जा रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने भारत की रक्षा नीति की तुलना ‘नए युग के नए भारत’ से करते हुए कहा कि यह वही भारत है जो संयम रखता है, परंतु आवश्यकता होने पर शौर्य और पराक्रम का परिचय देने में पीछे नहीं हटता। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री श्री मोदी के नेतृत्व में भारत आत्म-निर्भरता की दिशा में भी तेज़ी से अग्रसर है, चाहे वह रक्षा उत्पादन हो, सामरिक नीति हो या वैश्विक कूटनीति। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने नागरिकों से कहा कि सरकार और सेनाओं पर विश्वास रखें,  भारत अब एक सशक्त, आत्मनिर्भर और निर्णायक राष्ट्र के रूप में उभर रहा है। नगरीय प्रशासन एवं आवास मंत्री श्री कैलाश विजयवर्गीय ने कहा कि भारत की पहचान उसके युवा हैं, और यही युवा देश का भविष्य हैं। उन्होंने कहा कि विश्व में भारत एक ऐसा देश है जहाँ सबसे अधिक युवा जनसंख्या है, जो हमारे लिए गौरव की बात है। श्री विजयवर्गीय ने बताया कि युवाओं के कल्याण और उन्हें रोजगार उपलब्ध कराने के लिए केंद्र एवं राज्य सरकार मिलकर सतत् प्रयास कर रही हैं। उन्होंने कहा, हम सौभाग्यशाली हैं कि हमारे देश को प्रधानमंत्री श्री मोदी जैसा नेतृत्व मिला है। उनके नेतृत्व में भारत निरंतर प्रगति के पथ पर अग्रसर है। उन्होंने यह भी कहा कि प्रधानमंत्री श्री मोदी के दृढ़ निश्चय और इच्छाशक्ति से देश ने आतंकवाद के खिलाफ मजबूती से लड़ाई लड़ी है। उन्होंने युवाओं का आह्वान किया कि वे देश के विकास में सक्रिय भागीदारी निभाएं और राष्ट्र निर्माण में अपना योगदान दें। तकनीकी शिक्षा एवं कौशल विकास राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्री गौतम टेटवाल ने कहा कि प्रदेश में कौशल विकास और रोजगार सृजन के क्षेत्र में इंदौर अग्रणी भूमिका निभा रहा है। लोकमाता देवी अहिल्याबाई होल्कर ने हमें रोजगार सृजन के क्षेत्र में नई दिशा दिखाई है। उनके बताए मार्ग पर चलते हुए राज्य सरकार लगातार नए रोजगार के अवसरों का निर्माण कर रही है। उन्होंने कहा कि पशुधन आधारित अर्थव्यवस्था और पारंपरिक कारीगरी जैसे क्षेत्रों में अपार संभावनाएं हैं, जिन्हें बढ़ावा देकर युवाओं को आत्म-निर्भर बनाया जा सकता है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में चल रहे कौशल विकास कार्यक्रमों के माध्यम से युवाओं को उद्योगों की आवश्यकतानुसार प्रशिक्षण देकर उन्हें रोजगार से जोड़ने का कार्य किया जा रहा है। प्रारंभ में स्वागत भाषण देते हुए महापौर श्री पुष्यमित्र भार्गव ने रोजगार मेला आयोजन के उदे्श्यों की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि मेले को भारी सफलता मिली है। अपेक्षा से अधिक युवाओं ने हिस्सा लिया। मेले में आये युवाओं की सुविधा का पूरा ध्यान रखा गया। उनके लिये 145 काउंटर बनाये गये और नियोजको से रूबरू कराया गया। उन्होंने कहा कि यह मेला न केवल रोजगार का माध्यम है, बल्कि युवाओं में आत्मविश्वास और दिशा निर्माण का प्रेरक मंच भी सिद्ध हुआ है।   recent visitors 56

पीएम मोदी ने कहा- ऑपरेशन सिंदूर से भारत ने हासिल किए तीन लक्ष्य, मिट्टी में मिला देंगे और फिर….

नई दिल्ली ऑपरेशन सिंदूर से भारत ने पाकिस्तान की कमर तोड़ दी। कई आतंकी ठिकानों पर हमले करके 100 से ज्यादा आतंकवादियों को ढेर कर दिया गया। इस पूरे ऑपरेशन से भारत ने तीन बड़े लक्ष्य हासिल किए हैं, जिसमें सैन्य, राजनैतिक और मनोवैज्ञानिक उद्देश्य शामिल हैं। सैन्य उद्देश्य में पीएम मोदी ने कहा कि मिट्टी में मिला देंगे और फिर बहावलपुर, मुरीदके और मुजफ्फराबाद में जैश और लश्कर के आतंकी कैंपों को मिट्टी में मिला दिया गया। इसी तरह ऑपरेशन सिंदूर से भारत ने जो दूसरा लक्ष्य हासिल किया है, वह राजनैतिक है। इसके तहत, बताया गया कि सिंधु जल संधि सीमा पार आतंकवाद से जुड़ी है। जब तक सीमा पार से आतंकवाद बंद नहीं हो जाता, तब तक यह स्थगित रहेगी। वहीं, तीसरा लक्ष्य मनोवैज्ञानिक है, जोकि घुस के मारेंगे है और इसके तहत भारत ने पाकिस्तान के दिल में गहरी चोट पहुंचाई है। भारतीय सेना का ऑपरेशन पूरी तरह से सफल रहा है।   recent visitors 107

मुख्यमंत्री डॉ.मोहन यादव ने कहा- उच्चतम न्यायालय एवं उच्च न्यायालय के न्यायाधीशों के लिये इंदौर में बनेगा गेस्ट हाउस

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ.मोहन यादव ने प्रसन्नता जताते हुए कहा कि इंदौर में सुप्रीम कोर्ट और हाई कोर्ट के न्यायाधीशों के लिए गेस्ट हाउस बनाया जाएगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने रेसीडेन्सी कोठी परिसर इंदौर में गेस्ट हाउस का शिलान्यास किया। इस अवसर पर सुप्रीम कोर्ट के न्यायाधीश न्यायमूर्ति श्री जे. के. माहेश्वरी, न्यायमूर्ति श्री एस.सी.शर्मा, उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश श्री सुरेश कुमार कैत, उच्च न्यायालय के प्रशासनिक न्यायमूर्ति एवं निर्माण समिति के चेयरमैन श्री संजीव सचदेवा मौजूद रहे। शिलान्यास समारोह में उच्च न्यायालय के एडमिनिस्ट्रेटिव जज श्री विवेक रुसिया,उच्च न्यायालय के रजिस्ट्रार जनरल श्री धर्मेन्द्र सिंह, न्यायामूर्ति श्री आनंद पाठक सहित उच्च न्यायालय के न्यायामूर्ति एवं एडवोकेट विशेष रूप से उपस्थित थे। इस मौके पर नगरीय प्रशासन एवं आवास मंत्री श्री कैलाश विजयवर्गीय, जल संसाधन मंत्री श्री तुलसीराम सिलावट, कौशल विकास एवं रोजगार विभाग मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्री गौतम टेटवाल, महापौर श्री पुष्यमित्र भार्गव, विधायक श्रीमती मालिनी गौड़, श्री रमेश मेंदोला, श्री गोलू शुक्ला,श्री सुमित मिश्रा, संभागायुक्त श्री दीपक सिंह, पुलिस कमिश्नर श्री संतोष सिंह, कलेक्टर श्री आशीष सिंह सहित वरिष्ठ अधिकारी भी उपस्थित थे।   recent visitors 50

राज्यपाल मंगुभाई पटेल ने कहा- जनजातीय समुदाय की सतत आजीविका के लिए राज्य सरकार के प्रयास सराहनीय

भोपाल राज्यपाल श्री मंगुभाई पटेल ने कहा है कि जनजातीय द्वारा सदियों से संरक्षित खान-पान, लोक कलाएं, शिल्प, वस्त्र, आभूषण, उपकरण और चिकित्सा पद्धतियां सभी हमारी अनमोल धरोहर है। हमारी इस लोक संस्कृति का संरक्षण और प्रोत्साहन समाज का दायित्व है। उन्होंने राज्य सरकार द्वारा जनजातीय समुदाय की सतत आजीविका के लिए प्राकृतिक संसाधनों पर आधारित मौलिक, स्वाभाविक, कला, शिल्प और संस्कृति की सृजनशीलता को निखार कर व्यवसायिक बनाने के प्रयासों की सराहना की है। राज्यपाल श्री पटेल तीन दिवसीय शिल्प ग्राम महोत्सव के समापन कार्यक्रम को रवीन्द्र भवन में संबोधित कर रहे थे। महोत्सव का आयोजन जनजातीय कार्य विभाग द्वारा वन्या प्रकाशन, राष्ट्रीय डिजाइन संस्थान और ट्राइबल रिसर्च इंस्टीट्यूट के समन्वय से किया गया था। राज्यपाल श्री पटेल ने समापन कार्यक्रम के पूर्व सभागार में उपस्थित कलाकारों के पास पहुंचे और समक्ष में उनसे चर्चा की। कार्यक्रम में राज्यपाल को बैतूल जिले के शिल्पकारों की बेल मेटल से बनी जनजातीय कलाकृति स्मृति प्रतीक के रूप में और महोत्सव के प्रशिक्षणार्थी शिल्पियों, कलाकारों द्वारा निर्मित उत्पादों का सेट भेंट किए गए। राज्यपाल का वरिष्ठ गोंड कलाकार श्री आनंद श्याम ने पारंपरिक गोंड परंपरा के अनुसार साफा और बीरन माला से स्वागत किया। राज्यपाल श्री पटेल ने कहा कि जनजातीय समुदाय के लिए गर्व की बात है कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने जनजातीय समुदाय को सक्षम बना कर उनके विकास और खुशहाली के लिए अभूतपूर्व कार्य किए हैं।पूरे देश में जनजातीय आबादी के लिए समान अवसरों के सृजन, सामाजिक-आर्थिक स्तर को उठाने, स्वास्थ्य, शिक्षा, बुनियादी ढांचे में सुधार और आजीविका के कार्य 'धरती आबा जनजातीय ग्राम उत्कर्ष अभियान' के तहत किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री श्री मोदी ने देश की अति पिछड़ी जनजातियों जिनमें राज्य के बैगा, भारिया, सहरिया जनजातीय समुदाय शामिल हैं, उनके लिए जनमन योजना के तहत सुरक्षित आवास, स्वच्छ पेयजल तक पहुँच, बेहतर स्वास्थ्य देखभाल, शिक्षा, पोषण, सड़क एवं दूरसंचार कनेक्टिविटी के साथ-साथ स्थायी आजीविका के अवसर उपलब्ध कराए हैं। राज्यपाल श्री पटेल ने कहा कि प्रधानमंत्री ने जनजाति समुदाय की आनुवंशिक बीमारी सिकल सेल को वर्ष 2047 तक समाप्त करने का संकल्प किया है। संकल्प की सफलता के लिए सरकार और समाज को मिलकर आगे आना होगा। राज्य सरकार द्वारा अभियान के रूप में कार्यवाही करते हुए प्रदेश की 1 करोड़ 6 लाख जनजातीय बहनों-भाईयों की स्क्रीनिंग कर ली है। स्क्रीनिंग में 2 लाख 6 हजार से अधिक वाहक और 28 हजार से अधिक रोगी मिले है। सभी को आवश्यक उपचार दिया जा रहा है। सिकल सेल की गर्भावस्था में और प्रसूति के 72 घन्टों के भीतर नवजात की जांच की सुविधाएं भी उपलब्ध करा दी गई है। वर्ष 2047 तक रोग उन्मूलन के लिए समुदाय को दो बातों पर विशेष ध्यान देना होगा। पहली, हर गर्भवती महिला की गर्भावस्था में और नवजात शिशु की 72 घन्टों के भीतर जांच हो जाए। दूसरी, जेनेटिक कार्ड मिलाकर ही विवाह संबंध तय किए जाए। किसी एक के रोगी, वाहक होने पर विवाह किया जा सकता है, किन्तु रोगी युवक-युवती का आपस में विवाह नहीं होना चाहिए। राज्यपाल श्री पटेल ने जनजातीय समुदाय के गौरव रानी दुर्गावती और बिरसा मुण्डा का संदर्भ देते हुए कहा कि समुदाय को उनके गौरव से प्रेरणा लेकर आगे बढ़ने के प्रयास करने होंगे। शिक्षा प्रगति की पहली सीढ़ी होती है। संतान को अच्छी से अच्छी शिक्षा दिलाएं। सरकार द्वारा शिक्षा के लिए समुदाय को सभी तरह की सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही है। उन्होंने जनजातीय समुदाय विशेषकर युवाओं को सामाजिक कुरीतियों के प्रति आगाह किया, कहा कि प्रगति के लिए प्राथमिक आवश्यकता व्यसनों से दूर रहना है। जनजातीय कार्य मंत्री डॉ. कुंवर विजय शाह ने कहा कि देश में पहली बार मध्यप्रदेश ने जनजातीय कला-शिल्प, संस्कृति-सभ्यता, रीति-रिवाज और मान्यताओं-परंपराओं के संरक्षण और भावी पीढ़ी में हस्तांतरण की सार्थक पहल की है। शीघ्र ही हरसूद में 100 सीटर बालिका-बालक प्रशिक्षण केन्द्र प्रारंभ किया जाएगा। केन्द्र में जनजातीय समुदाय के शिल्पकार, कलाकारों द्वारा जनजातीय संस्कृति और सभ्यता के विभिन्न आयामों का प्रशिक्षण दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि राज्यपाल श्री पटेल ने उनको बताया है कि कला का सम्मान समाज का दायित्व है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि राज्यपाल महोदय की भावना के अनुसार निर्माणाधीन प्रशिक्षण केन्द्र द्वारा प्रशिक्षक कलाकारों को सम्मान जनक मानदेय दिया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि राज्य की मोहन सरकार द्वारा जनजातीय समुदाय की खुशहाली के कार्यों में कोई कोर-कसर छोड़ी नहीं जाएंगी। आयुक्त जनजातीय कार्य एवं प्रबंध संचालक वन्या प्रकाशन श्री श्रीमन शुक्ला ने महोत्सव की जानकारी देते हुए बताया कि परंपरा को डिजाइन का साथ मिलता है तो वह आजीविका और आत्मनिर्भरता का प्रतीक बन जाता है। उन्होंने बताया कि महोत्सव के दौरान विशेषज्ञों द्वारा जनजातीय कलाकारों को तकनीकी ज्ञान देने के साथ ही जनजातीय शिल्प, कौशल व्यंजन परंपरा की प्रदर्शनी का भी आयोजन किया गया था। समापन कार्यक्रम में गोंड चित्र कलाकार श्री गगन सिंह मरावी, गौंड चित्रकार एवं नृत्यांगना श्रीमती संदीप्ती परस्ते ने प्रशिक्षण के अनुभवों को साझा किया। आयुक्त आदिमजाति क्षेत्रीय विकास योजनाएं श्रीमती वंदना वैद्य ने आभार प्रदर्शन में बताया कि महोत्सव में जनजातीय कार्य मंत्री ने क्रेता के रूप में आकर प्रतिभागियों का उत्साहवर्धन किया था। कार्यक्रम का संचालन श्री विनय उपाध्याय ने किया।   recent visitors 25

बुधनी में देश का पहला कृषि केंद्र खुलेगा, जहां पुरुष और महिला कृषकों को हाईटेक ड्रोन खेती के गुण सिखाए जाएंगे

भोपाल केंद्रीय कृषि मशीनरी प्रशिक्षण और परीक्षण संस्थान केंद्र से मध्य प्रदेश को बड़ी सौगात मिली है. सीहोर जिले के बुधनी में देश का पहला कृषि केंद्र खुलेगा. जहां पुरुष और महिला कृषकों को हाईटेक ड्रोन खेती के गुण सिखाए जाएंगे. बता दें कि प्रशिक्षण के पहले चरण में 20 सीटें उपलब्ध होंगी. इसके लिए आवेदक को कम से कम 10वीं पास होना आवश्यक है. आवेदन करने के लिए संबंधित विभाग या कार्यालय से संपर्क करना होगा. कृषि केंद्र से प्रशिक्षित किसान नई तकनीकों का प्रयोग कर अपनी आय को और बढ़ा सकते हैं. साथ ही खेती के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बन सकते हैं. क्योंकि आज के समय में किसानों के लिए ड्रोन खेती एक महत्वपूर्ण तकनीक बन चुकी है. जो फसलों की निगरानी, छिड़काव और फसल निरीक्षण में मददगार है. इससे न केवल लागत कम होगी, बल्कि फसल गुणवत्ता भी बेहतर होगी. recent visitors 24