GG flyover की 1 से 5 जनवरी के बीच ब्रिज की जाएगी ओपनिंग

भोपाल जीजी फ्लाइओवर पीडब्ल्यूडी की अंदरूनी खींचतान में उलझकर जीजी फ्लाइओवर को शुरू करने का काम फिलहाल टल गया है। दूसरी और इसके नीचे की सड़क को बनाने के लिए मेट्रो तैयार है इन पीडब्ल्यूडी। दोनों के निर्माण के दौरान ये सड़क खराब हुई, लेकिन दोनों ही एजेंसी अपने अपने कॉरिडोर के नीचे की ड़क दुरुस्त कर रहे हैं। करीब दस से पंद्रह फीट का हिस्सा बेहाल लावारिस छोड़ दिया। स्थिति ये कि भोपाल पुलिस ने सड़क निर्माण के लिए एक दिन ट्रैफिक बंद करने का कहा, लेकिन सवाल फिर कि इसे कौन बनाएगा? इसमें ही उलझ गया। यह भोपाल का सबसे लंबा ब्रिज है। इसकी लंबाई 2734 मीटर यानी, करीब पौने 3 किमी है। इसका काम दिसंबर 2020 में शुरू हुआ था। जिसे 2 साल में बन जाना था, लेकिन इसे बनने में 4 साल लगे। आखिरकार अब इसका काम आखिरी दौर में है। पहले 26 दिसंबर को ब्रिज की ओपनिंग करने की बात सामने आई थी, लेकिन थर्ड आर्म नहीं बनने की वजह से ट्रैफिक शुरू नहीं हो सका। वहीं, मंत्री गुजरात दौरे पर चले गए। ऐसे में अब उम्मीद है कि 1 से 5 जनवरी के बीच ब्रिज की ओपनिंग हो जाएगी। लाइट की टेस्टिंग शुरू गणेश मंदिर से वल्लभ भवन चौराहा के बीच दो आर्म्स के बीच कुल 230 पोल पर लाइटें लगाई गई हैं। जिसकी टेस्टिंग की जा रही है। करीब 15 मीटर चौड़े इस ब्रिज की थर्ड आर्म पर भी लाइट लगाई जाएगी। ताकि, यह हिस्सा भी रोशन हो सके। यदि लाइटिंग और सर्विस रोड समय पर बन जाती है तो थर्ड आर्म पर भी ट्रैफिक शुरू हो सकता है। वरना, गणेश मंदिर से वल्लभ भवन चौराहा तक ही ट्रैफिक शुरू होगा। लोड टेस्ट पूरा पीडब्ल्यूडी के अफसरों के मुताबिक, गणेश मंदिर से वल्लभ भवन चौराहा की ओर आने वाली पहली और दूसरी आर्म का काम तकरीबन पूरा हो चुका है। इस रूट पर लोड टेस्ट भी हो चुका है। फिर भी ट्रैफिक का संचालन शुरू होने पर लोगों को कोई परेशानी न आए, इसलिए यहां कुछ उपाय किए जा रहे हैं। ऐसा मैनिट के एक्सपर्ट्स से मिली सलाह के बाद पीडब्ल्यूडी के अफसरों ने ये बदलाव करने का फैसला लिया है। ऐसे समझें स्थिति • मेट्रो रेल कारपोरेशन का स्टेशन यहां है। इसके नीचे की रोड भी खराब है, लेकिन इसे मेट्रो कारपोरेशन बनाने को तैयार है। इसके साथ ही पास अंडरग्राउंड ड्रेन बनाएंगे। ये स्टेशन की लंबाई के बराबर ही होगी, उसके बाद काम नहीं होगा। इसमें उलझन है। • पीडब्ल्यूडी ब्रिज के नीचे की सड़क ठीक है। शॉपिंग कॉम्प्लेक्स की ओर वाला करीब 200 मीटर का हिस्सा बैरिकेडिंग से ढंका है, इसे बनाना है, लेकिन बनाया नहीं गया। यहां भी मेट्रो का एफओबी बन रहा है, इसलिए पीडब्ल्यूडी ने मेट्रो से ही इसे ठीक करने कहा। इतना ही नहीं, स्टेशन से लगे जिस हिस्से पर मेट्रो ड्रेन बनाएगा, उसके दोनों किनारों पर करीब 150-150 मीटर लंबाई में रोड पर डामर का काम पीडब्लयूडी ने मेट्रो से करने का कहा है। मामले अभी उलझन में है। इस तरह ट्रैफिक प्रभावित जिंसी, पुराना भोपाल, जहांगीराबाद, प्लेटफार्म नंबर छह से सुभाष ब्रिज, पुल बोगदा और आगे तक का ट्रैफिक एमपी नगर, साकेत नगर, नर्मदापुरम रोड तक आवाजाही करता है। बोर्ड ऑफिस के पास मेट्रो स्टेशन व रोड का हिस्सा मेट्रो क्यों नहीं बना रहे इस मामले में मेट्रो कारपोरेशन के अफसर स्पष्ट जवाब देने को तैयार नहीं है। Pushpendra“माय सीक्रेट न्यूज़” यह एक ऑनलाइन वेबसाइट है, जो आपको देश – दुनिया और आपके आसपास की हर छोटी-बड़ी खबरों को आप तक पहुंचाती है। इस वेबसाइट का संचालन वरिष्ठ पत्रकार पुष्पेन्द्र जी कर रहे हैं। उन्होंने पत्रकारिता में BJC (बेचलर ऑफ़ जर्नलिज्म एंड कम्युनिकेशन) और MJC (मास्टर ऑफ़ जर्नलिज्म एंड कम्युनिकेशन) की डिग्री 2011 में हरिसिंह गौर केंद्रीय विश्वविद्यालय सागर मप्र से हासिल की है। उन्होंने भोपाल के स्वदेश, राज एक्सप्रेस, राष्ट्रीय हिंदी मेल, सांध्य प्रकाश, नवदुनिया और हरिभूमि जैसे बड़े समाचार पत्र समूहों में काम किया है।  और पढ़ें इस वेबसाइट का संचालन मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल से हो रहा है, जहाँ से प्रदेश की राजनीति से लेकर विकास की योजनाएं तैयार होती हैं।दे श व प्रदेश जिले की ताजा अपडेट्स व राजनीतिक प्रशासनिक खबरों के लिए पढ़ते रहिए हमारी वेबसाइट (my secret news. Com )👈 ✍️ पुष्पेन्द्र , (वरिष्ठ पत्रकार) भोपाल, मप्र  mysecretnews.com recent visitors 54

जीजी फ्लाईओवर का मैनिट के एक्सपर्ट और ट्रैफिक के अधिकारियों ने किया मुआयना, 100 मीटर की दूरी से लेना पड़ रहा यू-टर्न

भोपाल  शहर की जनता जिस जीजी फ्लाईओवर के शुरू होने का बेसब्री से इंतजार कर रही है। उस ब्रिज की गलत डिजाइन अब ट्रैफिक पुलिस के लिए गले की हड्डी बन गई है। दरअसल ब्रिज का भोपाल हाट की तरफ का बना हुआ हिस्सा सुरक्षित यातायात के मानकों पर खरा नहीं उतरा है। इसलिए ब्रिज के शुरुआती हिस्से को तोड़कर दोबारा नए सिरे से बनाया जाएगा। ताकि भोपाल हाट की तरफ से चौराहे की तरफ जाने वाले ट्रैफिक और ब्रिज से नीचे की तरफ आने वाले वाहन चालक सुरक्षित आवाजाही कर सकें। चूंकि ब्रिज के बनने के बाद उक्त चौराहे पर पांच रास्ते निकल रहे हैं। ऐसे में पांच रास्तों के लिए अलग-अलग ट्रैफिक सिग्नल लगा पाना ट्रैफिक पुलिस के लिए आसान नहीं होगा। इसको ध्यान में रखकर फिलहाल चौराहे पर बड़ी रोटरी बनाई जाएगी। साथ ही भोपाल हाट की तरफ से आने वाले ट्रैफिक और ब्रिज से नीचे उतरने वाले ट्रैफिक के लिए अलग-अलग सिग्नल लगने की प्लानिंग चल रही है। हालांकि यह प्लानिंग कितनी कारगर साबित होगी, यह तो आने वाला समय ही बताएगा। फिलहाल ब्रिज की गलत डिजाइन की वजह से ट्रैफिक पुलिस यातायात क्लियरेंस नहीं दे रही है। ज्ञात हो कि शुरुआत में ही ब्रिज का डिजाइन विवादों में रहा, लेकिन विभाग के इंजीनियर इससे नकारते रहे और आज स्थिति बिगड़ चुकी है। अब एक्सपर्ट ब्रिज के शुरुआती हिस्से को तोड़ने की बात कह रहे हैं। ताकि कुछ हद तक ट्रैफिक को कंट्रोल किया जा सकता है। इस पर विचार मंथन चल रहा है। डिवाइडर बना अड़ंगा गणेश मंदिर की तरफ की साइट अब क्लियर हो चुकी है। यहां भी ट्रैफिक पुलिस ने सुरक्षित यातायात मानकों के तहत बीच में डिवाइडर बनाने के लिए कहा था। पीडब्ल्यूडी ने डिवाइडर बनाकर गणेश मंदिर की तरफ से जो वाहन चालक अरेरा कालोनी की तरफ मुड़ जाते थे। वह अब 100 मीटर दूरी से यानी वीर सावरकर सेतू का पूरा चक्कर लगाने के बाद हबीबगंज अंडरब्रिज से होकर अरेरा कलोनी, 1100 क्वार्टर पहुंच पाते हैं। पूर्व में गणेश मंदिर की तरफ से ही वाहन चालक अरेरा कालोनी वाले क्षेत्र से होकर अपने ज्ञातव्य तक आसानी से पहुंच जाते थे। 80 मीटर बचा आरईवाल का काम गायत्री मंदिर की तरफ ब्रिज के किनारों पर बनाई जा रही आरईवाल का काम 80 मीटर का बचा हुआ है। इस काम के पूरा होने के बाद ब्रिज पूरी तरह बनकर तैयार हो जाएगा। फिलहाल ब्रिज का यही हिस्सा है, जहां निर्माण कार्य लंबे समय से जारी है। ज्ञात हो कि पीडब्ल्यूडी के अधिकारी पहले कोलार पाइप लाइन का हवाला देकर इस काम में देरी की बात कह रहे थे, लेकिन पाइप लाइन को हटे हुए काफी समय हो चुका है, लेकिन अभी तक यहां आरईवाल का काम पूरा नहीं हुआ। नियंत्रित रफ्तार से चलेंगे वाहन गुरुवार को ट्रैफिक पुलिस के अधिकारी और मैनिट के एक्सपर्ट सिद्धार्थ रोकड़े ने ब्रिज पर यातायात मानकों का जायजा लिया था। इस दौरान ब्रिज पर जगह-जगह लगाए गए ट्रैफिक पुलिस के संकेत उन्होंने देखे। सिद्धार्थ रोकड़े ने बताया कि ब्रिज पर टू व्हीलर की स्पीड अधिकतम 60 और जंक्शन पर न्यूनतम गति 30 की रहेगी। ब्रिज का निरीक्षण किया है, भोपाल हाट की तरफ से ब्रिज से नीचे उतरने वाले ट्रैफिक को कंट्रोल करने के लिए वहां बड़ी रोटरी की अनुशंसा की है। सुरक्षित यातायात के लिए ब्रिज का शुरुआती हिस्से को तोड़ने की भी अनुशंसा की है। पीडब्ल्यूडी के अधिकारियों को इस बारे में बताया गया है। – सिद्धार्थ रोकड़े, प्रोफेसर, मैनिट ट्रैफिक पुलिस ने मैनिट के एक्सपर्ट के साथ ब्रिज का निरीक्षण किया था। उन्होंने कुछ बातें बताई हैं उस आधार पर काम होगा। यह फिलहाल नहीं बता सकते कि ब्रिज का शुभारंभ कब होगा। – जावेद शकील, सहायक यंत्री, पीडब्ल्यूडी, भोपाल Pushpendra“माय सीक्रेट न्यूज़” यह एक ऑनलाइन वेबसाइट है, जो आपको देश – दुनिया और आपके आसपास की हर छोटी-बड़ी खबरों को आप तक पहुंचाती है। इस वेबसाइट का संचालन वरिष्ठ पत्रकार पुष्पेन्द्र जी कर रहे हैं। उन्होंने पत्रकारिता में BJC (बेचलर ऑफ़ जर्नलिज्म एंड कम्युनिकेशन) और MJC (मास्टर ऑफ़ जर्नलिज्म एंड कम्युनिकेशन) की डिग्री 2011 में हरिसिंह गौर केंद्रीय विश्वविद्यालय सागर मप्र से हासिल की है। उन्होंने भोपाल के स्वदेश, राज एक्सप्रेस, राष्ट्रीय हिंदी मेल, सांध्य प्रकाश, नवदुनिया और हरिभूमि जैसे बड़े समाचार पत्र समूहों में काम किया है।  और पढ़ें इस वेबसाइट का संचालन मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल से हो रहा है, जहाँ से प्रदेश की राजनीति से लेकर विकास की योजनाएं तैयार होती हैं।दे श व प्रदेश जिले की ताजा अपडेट्स व राजनीतिक प्रशासनिक खबरों के लिए पढ़ते रहिए हमारी वेबसाइट (my secret news. Com )👈 ✍️ पुष्पेन्द्र , (वरिष्ठ पत्रकार) भोपाल, मप्र  mysecretnews.com recent visitors 67