1 लाख रुपये के पार Gold, सोना ने तोड़े सारे रिकॉर्ड, चेक करें 22k और 24k का रेट

मुंबई सोना 1,00,000 रुपये का स्तर पार कर गया है। मंगलवार को सोने की कीमतों ने एक मनोवैज्ञानिक आंकड़ा पार करते हुए 1 लाख रुपये प्रति 10 ग्राम का स्तर छू लिया। अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोने की कीमतों में तेजी और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के फेडरल रिजर्व के चेयरमैन जेरोम पॉवेल की आलोचना के चलते बाजार में अनिश्चितता बढ़ी है। इससे निवेशकों का रुझान सुरक्षित निवेश ऑप्शन की ओर मुड़ गया, जिसके कारण सोने की कीमत अपने अब तक के उच्चतम स्तर पर पहुंच गई है। अब देखना होगा कि गोल्ड 1,38,000 रुपये के लेवल को कब तक पार करता है? GST जोड़ने के बाद 1,00,116 रुपये तक पहुंचा सोना भारत में सोने की कीमतों में 3 प्रतिशत GST जोड़ने के बाद रेट 1,00,116 रुपये प्रति 10 ग्राम तक पहुंच गया है। वहीं, वायदा बाजार में मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) पर सोना 1.76% चढ़कर ₹98,991 पर ट्रेड कर रहा है, जबकि चांदी 0.62% बढ़कर 95,840 रुपये प्रति किलोग्राम रही। GST समेत चांदी की कीमत 98,715 रुपये प्रति किलोग्राम तक पहुंच गई। आपके शहर में क्या है रेट अगर आपके घर में शादी है या फिर आप सोना और चांदी खरीदने की सोच रहे हैं तो एक बार अपने शहर के लेटेस्ट रेट चेक कर लें। ये हैं सिटी वाइज सोने-चांदी के रेट- मुंबई में सोने और चांदी की कीमतें – 22 अप्रैल मुंबई में सोने की कीमतें – ₹97,380/10 ग्राम। मुंबई में MCX सोने की कीमत – ₹97,352/10 ग्राम। मुंबई में चांदी की कीमत – ₹95,540/किग्रा। मुंबई में MCX चांदी 999 की कीमत – ₹97,275/किग्रा। चेन्नई में सोने और चांदी की कीमतें – 22 अप्रैल चेन्नई में सोने की कीमत – ₹94,750/10 ग्राम। चेन्नई में MCX सोने की कीमत – ₹97,352/10 ग्राम। चेन्नई में चांदी की कीमत – ₹95,460/किग्रा। चेन्नई में MCX चांदी 999 की कीमत – ₹97,275/किग्रा। कोलकाता में सोने और चांदी की कीमतें — 22 अप्रैल कोलकाता में सोने की कीमत — ₹94,350/10 ग्राम। कोलकाता में MCX सोने की कीमत — ₹97,670/10 ग्राम। कोलकाता में चांदी की कीमत — ₹95,820/किग्रा। कोलकाता में MCX चांदी 999 की कीमत — ₹97,275/किग्रा। हैदराबाद में सोने और चांदी की कीमतें — 22 अप्रैल हैदराबाद में सोने की कीमत — ₹97,540/10 ग्राम। हैदराबाद में MCX सोने की कीमत — ₹97,352/10 ग्राम। हैदराबाद में चांदी की कीमत — ₹95,690/किग्रा। हैदराबाद में MCX चांदी 999 की कीमत — ₹97,275/किग्रा। बेंगलुरू में सोने और चांदी की कीमतें — 22 अप्रैल बेंगलुरू में सोने की कीमत — ₹94,460/10 ग्राम। बेंगलुरू में MCX सोने की कीमत — ₹97,352/10 ग्राम। बेंगलुरू में चांदी की कीमत — ₹95,620/किग्रा। बेंगलुरू में MCX चांदी 999 की कीमत — ₹97,275/किग्रा। नई दिल्ली में सोने और चांदी की कीमतें — 22 अप्रैल नई दिल्ली में सोने की कीमतें — ₹94,260/10 ग्राम। नई दिल्ली में MCX सोने की कीमत — ₹97,220/10 ग्राम। नई दिल्ली में चांदी की कीमतें — ₹95,380/किग्रा। नई दिल्ली में MCX चांदी 999 की कीमतें — ₹97,275/किग्रा। अंतरराष्ट्रीय बाजार में रिकॉर्ड ऊंचाई पर सोना अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोना पहली बार $3,400 प्रति औंस के स्तर को पार कर गया है। स्पॉट गोल्ड 1.4% चढ़कर $3,472.49 प्रति औंस पर पहुंचा, जो इससे पहले सत्र में $3,473.03 के रिकॉर्ड स्तर को छू चुका है। वहीं, अमेरिका के गोल्ड फ्यूचर्स 1.7% की बढ़त के साथ $3,482.40 पर ट्रेंड कर रहे हैं। डॉलर की कमजोरी और वैश्विक अनिश्चितता ने बढ़ाया सोने का आकर्षण Mehta Equities Ltd के वाइस प्रेसिडेंट राहुल कलंत्री के मुताबिक डॉलर इंडेक्स तीन साल के निचले स्तर पर आ गया है और ट्रंप-पॉवेल के बीच ब्याज दरों को लेकर चल रही खींचतान से बाजार अस्थिर है। इससे सोने की मांग तेज हुई है। वहीं, अमेरिका और चीन के बीच जारी ट्रेड वॉर ने भी सेफ हेवन एसेट्स की मांग को बढ़ावा दिया है। ट्रंप की चेतावनी और निवेशकों की सतर्कता KCM Trade के चीफ मार्केट एनालिस्ट टिम वॉटरर ने कहा कि ट्रंप ने ब्याज दरों में तत्काल कटौती की मांग दोहराई है और चेतावनी दी है कि अमेरिका की अर्थव्यवस्था मंदी की ओर बढ़ सकती है। इस बयान ने निवेशकों को अमेरिकी एसेट्स से दूर कर दिया है और सोने को प्राथमिकता में ला दिया है। कुल मिलाकर वैश्विक बाजारों में जारी अस्थिरता और डॉलर की कमजोरी ने सोने की कीमतों को नई ऊंचाइयों तक पहुंचा दिया है। आने वाले दिनों में भी यह ट्रेंड जारी रह सकता है। वायदा बाजार में सोने का भाव मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज यानी MCX पर भी सोने और चांदी की कीमतों में एक्शन देखने को मिल रहा है. MCX पर सोने का जून वायदा बाजार करीब 1660 रुपए महंगा होकर 98940 रुपए प्रति 10 ग्राम पर कारोबार कर रहा है. इसने शुरुआत कारोबार में 99178 रुपए प्रति ग्राम का लेवल टच किया, जोकि वायदा बाजार में सोने का अब तक का सबसे हाइएस्ट लेवल है. MCX पर सोने की तरह चांदी की कीमतों में भी तेजी देखने को मिल रही. चांदी का मई वायदा करीब 600 रुपए की मजबूती के साथ ट्रेड कर रहR है, जोकि 95850 रुपए प्रति किलोग्राम पर कारोबार कर रही है. इसका ऑल टाइम हाई लेवल 104072 रुपए प्रति किलोग्राम है. विदेशी बाजार में सोना-चांदी घरेलू ही नहीं विदेशी बाजारों में भी सोने और चांदी की कीमतों में जोरदार तेजी है. कॉमैक्स पर सोने का भाव 2.1% की मजबूती के साथ 3500 डॉलर प्रति ऑन्स के रिकॉर्ड लेवल पर कारोबार कर रहा. अमेरिकी सेंट्रल बैंक फेडरल रिजर्व को प्रेसिडेंट ट्रंप की धमकी के बाद सोने में जोश देखने को मिल रहा. साथ ही टैरिफ को लेकर अनिश्चितता से भी सपोर्ट मिल रहा. इसके अलावा डॉलर इंडेक्स 3 साल के सबसे निचले स्तर पर फिसल गया. सोने की कीमतों में रैली कॉमैक्स पर सोने का भाव 2025 में अब तक 30 फीसदी से ज्यादा उछल गया है. डोनाल्ड ट्रंप ने 2 अप्रैल को रेसिप्रोकल टैरिफ से पर्दा उठाया. इस दिन से अब तक सोने की कीमतों में करीब 10% की तेजी देखने को मिली है. 2025 के लिए सोने पर टारगेट 3500 डॉलर प्रति ऑन्स का टारगेट दिया था. मोतीलाल ओसवाल फाइनेंशियल सर्विसेज (MOFSL) ने अपने नोट में कहा कि इस साल सोने के लिए पूरा खुला आसमान है. लेकिन अगर अमेरिका … Read more

चांदी की कीमत 96,000 रुपये प्रति किलो पहुंची, सोना 1100 रुपये बढ़कर 98,983 रुपये प्रति 10 ग्राम

 इंदौर और दिल्ली के सर्राफा बाजार में सोने और चांदी की कीमतों में जोरदार तेजी देखी गई। राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली के सर्राफा बाजार में सोना 1100  रुपये की बड़ी बढ़त के साथ 98,983 रुपये प्रति 10 ग्राम पर पहुंच गया, जो अब तक का सबसे ऊंचा स्तर है। अमेरिका और चीन के बीच बढ़ते व्यापार तनाव, वैश्विक आर्थिक अनिश्चितता और सुरक्षित निवेश की मांग के चलते सोने की कीमतें नए रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गई हैं। दिल्ली में गोल्ड में ऐतिहासिक बढ़त चांदी 1,900 रुपये उछलकर 99,400 रुपये प्रति किलोग्राम पर पहुंच गई। 99.9 प्रतिशत शुद्धता वाले सोने का पिछला बंद भाव 96,450 रुपये था। इस साल की शुरुआत में यानी 1 जनवरी 2025 को सोने का भाव 79,390 रुपये था, जो अब तक 18,710 रुपये या करीब 23.5 प्रतिशत की बढ़त दर्ज कर चुका है। क्यों आ रही है सोने में तेजी यह तेजी अमेरिका और चीन के बीच व्यापार युद्ध बढ़ने, अमेरिकी डॉलर के कमजोर होने और ब्याज दरों में संभावित कटौती की उम्मीद के चलते आई है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में हाजिर सोना 3,318 डॉलर प्रति औंस के रिकॉर्ड स्तर तक पहुंच गया। वहीं, हाजिर चांदी भी करीब दो प्रतिशत की बढ़त के साथ 32.86 डॉलर प्रति औंस तक पहुंच गई। इंदौर में भी सोना मजबूत इंदौर के स्थानीय सर्राफा बाजार में भी बुधवार को सोने और चांदी की मांग में इजाफा देखने को मिला। व्यापारियों के अनुसार मंगलवार की तुलना में बुधवार को ग्राहकों की संख्या और खरीदारी दोनों में बढ़ोतरी हुई। इंदौर में सोने का औसत भाव 93,150 रुपये प्रति 10 ग्राम रहा। वहीं चांदी 97,800 रुपये प्रति किलोग्राम पर पहुंच गई। चांदी के सिक्के का भाव 1,100 रुपये प्रति नग दर्ज किया गया। निवेशकों की नजर एक्सपर्ट का मानना है कि मौजूदा भू-राजनीतिक स्थिति और आर्थिक आंकड़ों के कारण आने वाले समय में सोने-चांदी की कीमतों में और उतार-चढ़ाव देखने को मिल सकता है। निवेशक अब अमेरिकी फेडरल रिजर्व के ब्याज दरों को लेकर आने वाले बयानों और आर्थिक आंकड़ों पर नजर बनाए हुए हैं। वहीं, डिजिटल माध्यमों जैसे ऑनलाइन गोल्ड ईटीएफ, डिजिटल गोल्ड और गोल्ड म्युचुअल फंड्स में भी निवेशकों की रुचि लगातार बढ़ रही है। विशेषज्ञों का कहना है कि मौजूदा दौर में सोने-चांदी जैसे सुरक्षित निवेश विकल्पों की मांग और बढ़ सकती है। कुल मिलाकर वैश्विक हालात और निवेशकों की सोच में बदलाव के चलते सर्राफा बाजार में सोना और चांदी नई ऊंचाइयों पर पहुंच गए हैं। recent visitors 50

सोने के दाम में आ रही बड़ी गिरावट: इस महीने पहुंचेगा 56,000 रुपये तोला, एक्सपर्ट्स की भविष्यवाणी

मुंबई सोने की कीमतों में लगातार उतार-चढ़ाव का दौर जारी है, और निवेशक जानने के लिए उत्सुक हैं कि क्या सोने का भाव 56,000 रुपये तक गिर सकता है। हालिया घटनाओं और वैश्विक आर्थिक परिस्थितियों को देखते हुए कई Gold Market एक्सपर्ट्स इस संभावना को लेकर अपने विचार साझा कर रहे हैं। विशेषज्ञों के अनुसार, आने वाले कुछ महीनों में सोने के दामों में और गिरावट आने की संभावना है, और अगर ये ट्रेंड जारी रहता है, तो सोने का भाव 56,000 रुपये तक पहुंच सकता है। इसका मुख्य कारण अमेरिका के tariff chart, वैश्विक शेयर बाजारों में उतार-चढ़ाव, और डॉलर की मजबूत स्थिति को माना जा रहा है। इसके अलावा, मांग में कमी और अधिक खनन के कारण भी सोने के दामों में गिरावट आ सकती है। जानकारी के लिए बता दें कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के टैरिफ चार्ट ने दुनिया भर की अर्थव्यवस्था को हिलाकर रख दिया है। अमेरिका ने भारत समेत 16 देशों पर टैरिफ लगाने का फैसला किया, जिसके बाद इन देशों ने भी जवाबी कार्रवाई में टैरिफ बढ़ा दिए। इसका असर वैश्विक शेयर बाजारों पर पड़ा, और कहीं न कहीं हर देश में महंगाई बढ़ने की आंशका जताई जा रही है। इसी बीच, सोने की कीमतों को लेकर एक नया अनुमान सामने आया है। गोल्ड एक्सपर्ट्स का मानना है कि ट्रंप के टैरिफ की वजह से अगले महीने सोने की कीमतों में भारी गिरावट आने वाली है। कब तक आएगी सोने में गिरावट? रिपोर्ट्स के अनुसार, सोने के दाम 40% तक गिर सकते हैं, और ये गिरावट अगले महीने तक महसूस हो सकती है। अगर ऐसा हुआ तो सोने का दाम 90,000 रुपये से घटकर महज 50-55 हजार रुपये तक पहुंच सकता है। क्या है सोने के दाम गिरने की वजह? सोने के दाम में यह गिरावट अमेरिका के टैरिफ चार्ट, अंतरराष्ट्रीय शेयर बाजारों में उतार-चढ़ाव, और अमेरिकी डॉलर की मजबूती के कारण हो सकती है। इसके अलावा, केंद्रीय बैंकों की नीतियों में बदलाव और सोने की मांग में कमी भी इसकी वजह हो सकती है। अगर आप सोने में निवेश करने का सोच रहे हैं, तो यह समय आपके लिए बेहतरीन हो सकता है। मगर, क्या यह गिरावट लंबे समय तक बनी रहेगी, या यह महज एक अस्थायी बदलाव है? क्यों गिरेगा सोने का भाव? अंतरराष्ट्रीय आर्थिक स्थितियां: वैश्विक बाजारों में उथल-पुथल और शेयर बाजारों में उतार-चढ़ाव सोने के दाम को प्रभावित कर सकते हैं। अमेरिकी डॉलर की मजबूती: डॉलर के मजबूत होने से सोने के दाम में गिरावट हो सकती है, क्योंकि डॉलर की तुलना में सोने की मांग घट सकती है। सार्वभौमिक खनन और आपूर्ति: सोने के ज्यादा खनन और कम डिमांड के चलते भी इसकी कीमतों में कमी हो सकती है। निवेशकों के लिए क्या है सही समय? अगर आप सोने में निवेश करने का सोच रहे हैं, तो यह समय आपके लिए अच्छा हो सकता है, खासकर अगर सोने के दाम में गिरावट आती है। लेकिन, जैसा कि एक्सपर्ट्स का कहना है, सोने की कीमतों में गिरावट की संभावना है, तो आपको सावधानी से काम करना चाहिए और बाजार की स्थिति को ध्यान से देखना चाहिए।   recent visitors 50

अगले कुछ सालों में सोने के दाम 38% तक गिरेंगे, भारत में 55,000 प्रति 10 ग्राम आएंगे भाव

नई दिल्ली  क्या कभी सोने की कीमत 55 हजार हो जाएगी। क्या सोने की कीमतों के लिहाज से वक्त 2 साल पीछे हो जाएगा, जब 2023 में 10 ग्राम सोने की कीमत तकरीबन यही थी…संभव हो ऐसा हो। एक अमेरिकी एनालिटिकल कंपनी ने तो कुछ ऐसा ही अनुमान लगाया है। मगर, ऐसा क्यों होगा, इसके पीछे क्या ईरान-अमेरिका, रूस-यूक्रेन युद्ध, बांग्लादेश में तख्तापलट या इजरायल-हमास जंग है, जिसके खत्म होने के आसार लगाए जा रहे हैं। आइए-समझते हैं। किसने की सोने पर ऐसी खुशी देने वाली भविष्णवाणी अमेरिकी कंपनी मॉर्निंगस्टार के विश्लेषक ने यह भविष्यवाणी की है कि अगले कुछ सालों में सोने के दाम 38% तक गिर सकते हैं। भारत में 24 कैरेट सोने का दाम लगभग 90,000 रुपये प्रति 10 ग्राम है। वहीं, अंतरराष्ट्रीय बाजार में यह $3,100 से ऊपर है। अगर सोने के दाम 40% गिरते हैं, तो भारत में यह लगभग 55,000 रुपये प्रति 10 ग्राम तक आ सकता है। सोने के दाम कब बढ़ जाते हैं और क्यों यह सुरक्षित निवेश सोने के दाम लगातार बढ़ ही रहे हैं। इसकी एक बड़ी वजह यह है कि दुनिया बीते कई सालों से युद्ध, महामारी, महंगाई और आर्थिक अनिश्चितता के चलते उतार-चढ़ाव से जूझ रही है। चूंकि, युद्ध या संघर्षों के दौरान सोना एक सुरक्षित निवेश माना जाता है। चीन के साथ अमेरिका का ट्रेड वॉर भी इसकी बड़ी वजह माना जा रहा है। रूस-यूक्रेन युद्ध की वजह से सोने ने दिखाई अकड़ 2018 में यूक्रेन ने इस क्षेत्र पर रूस के कब्जे की घोषणा की। संघर्ष के इन पहले आठ वर्षों में नौसैनिक घटनाएं और साइबर युद्ध भी शामिल थे। 20 फरवरी 2022 को रूस ने यूक्रेन के कुछ हिस्सों पर आक्रमण किया और कब्जा कर लिया। इस युद्ध की शुरुआत वैसे तो 2014 में तब शुरू हुई थी, जब फरवरी 2014 में यूक्रेन के स्वायत्त गणराज्य क्रीमिया पर रूसी सैनिको ने गुप्त रूप से आक्रमण कर दिया था। इसके बाद से ही छिटपुट युद्ध चलता रहा है। 2022 में इसकी बाकायदा शुरुआत हो गई। तभी से एक और विश्वयुद्ध की आशंका के चलते सोने के भाव बढ़ते चले गए। 2023 में सोना करीब 55 हजार ही था, मगर बीते दो साल में यह दोगुने के करीब पहुंच चुका है। इजरायल-हमास युद्ध ने भी बढ़ाए सोने के भाव बीते कई सालों से इजरायल-हमास के बीच जारी युद्ध के दौरान सोने की चमक लगातार बढ़ती गई। बीते साल अक्टूबर तक सोना 76000 के पार निकल गया था। जो अब 90 हजार के पार पहुंच चुका है। बताया जा रहा है कि अगर यही हाल रहा तो इसकी कीमत इसी साल 1 लाख के पार हो जाएगी। बीते कुछ महीनों से इजरायल और हमास के बीच जंग और गहरी हो गई है। गाजा पट्टी को लेकर संघर्ष भी बढ़ गया है। अमेरिका-ईरान के बीच परमाणु युद्ध को लेकर टेंशन बीते कई महीनों से अमेरिका और ईरान के बीच परमाणु प्रसार को लेकर भी टेंशन बढ़ रही है। ईरान के गुपचुप तरीके से यूरेनियम संवर्द्धन की खबरें आती रही हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि ईरान के पास इतनी परमाणु सामग्री जमा हो चुकी है कि वह मौका पाते ही बेहद कम समय में परमाणु हथियार बना लेगा, जो अमेरिका और उसके समर्थक देशों के लिए तबाही ला सकता है। इस बात को लेकर भी अमेरिकी शेयर बाजार कई बार टूटे हैं। मगर, उस वक्त भी सोने ने अंगद की तरह पांव जमा रखे थे। उसके भाव बढ़ते रहे हैं। इन वजहों से गिर सकते हैं सोने के भाव दरअसल, मॉर्निंगस्टार के एनालिस्ट का कहना है कि सोने का उत्पादन बढ़ गया है। 2024 की दूसरी तिमाही में सोने की खदानों को एक औंस पर $950 का मुनाफा हुआ। इसका मतलब है कि सोना निकालने वाली कंपनियों को फायदा हो रहा है। दुनिया भर में सोने का भंडार भी 9% बढ़कर 2,16,265 टन हो गया है। ऑस्ट्रेलिया में सोने का उत्पादन बढ़ गया है। साथ ही, पुराने सोने को पिघलाकर फिर से इस्तेमाल करने का चलन भी बढ़ गया है। क्या सोने की मांग कम होने से दाम गिरना संभव यह भी कहा जा रहा है कि दुनिया में सोने की मांग कम हो सकती है। पिछले साल केंद्रीय बैंकों ने 1,045 टन सोना खरीदा था। लेकिन अब वे शायद उतना सोना न खरीदें। वर्ल्ड गोल्ड काउंसिल के एक सर्वे में पता चला है कि 71% केंद्रीय बैंक या तो अपना सोने का भंडार कम करेंगे या उसे उतना ही रखेंगे। इससे सोने के दाम में संभव है कि उतनी तेजी न आए, जितना आमतौर पर देखने को मिलती है। क्या सोने का बाजार का यह सैचुरेशन पीरियड यह भी कहा जा रहा है कि सोने का बाजार शायद अब चरम पर पहुंच गया है। 2024 में सोने के कारोबार में विलय और अधिग्रहण 32% बढ़ गए हैं। यह इस बात का संकेत है कि बाजार अब ऊपर जाने के बजाय नीचे आ सकता है। कुछ मामलों में लोग सोना खरीदने-बेचने के बजाया सोने में निवेश करना ज्यादा सुरक्षित मानते हैं। क्या रूस-यूक्रेन की जंग होगी खत्म, जिससे घटेगा सोना रूस-यूक्रेन युद्ध को समाप्त कराने के लिए खुद अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कमर कस ली है। वह दुनिया के दिग्गज राजनेताओं से इस बारे में मुलाकात और बात भी कर चुके हैं। यहां तक कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी इस युद्ध के खात्मे के लिए यूक्रेनी राष्ट्रपति जेलेंस्की और रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन से भी बात कर चुके हैं। माना जा रहा है कि अगर ये कोशिशें जारी रहती हैं तो वह दिन दूर नहीं जब दोनों देशों के बीच युद्ध थम जाएगा। वैसे भी दोनों देश अब ज्यादा लड़ने के इच्छुक भी नहीं हैं। अगर ऐसा हुआ तो बाजार सुधरेगा और दुनिया में सोने की बेतहाशा खरीददारी भी थम सकती है। जब सोने की मांग घटेगी तो जाहिर है सोने की कीमतें भी गिर सकती हैं। क्या इजरायल-हमास जंग के भी खत्म होने के आसार है इजरायल और हमास के बीच वैसे तो जंग पूरी तरह से खत्म होने के आसार नहीं हैं। मगर, ये है कि ये संघर्ष कुछ समय के लिए थम सकता है। खुद अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप इसे लेकर प्रयास कर रहे … Read more

1 साल में सोने की कीमत 50 बार ऑल टाइम हाई पर पहुंची, 12 साल में सोने की कीमत में तेजी का सबसे लंबा दौर

नई दिल्ली  सोने की कीमत नए रेकॉर्ड ऊंचाई पर पहुंच गई। पिछले 12 महीने में सोने की कीमत 50 बार ऑल टाइम हाई पर पहुंच चुकी है। पिछले 12 साल में यह इसमें तेजी का सबसे लंबा दौर है। साथ ही यह सोने के इतिहास में तेजी का तीसरा सबसे लंबा दौर है। इससे पहले 1970 के दशक में महंगाई, आर्थिक विकास में ठहराव और बेरोजगारी के कारण सोने की कीमत कई महीनों तक चढ़ी थी। उस दौरान सोने की कीमत में लगातार चार साल तक तेजी आई थी। इस बार सोने की कीमत पिछले एक साल में 39 फीसदी और इस साल 16 फीसदी चढ़ चुकी हैं। यह लगातार तीसरे साल पॉजिटिव परफॉरमेंस की तरफ बढ़ रहा है। सोने की कीमत में तेजी के कई कारण हैं। लोगों को डर है कि अमरीका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के नए टैरिफ लगाने से दुनिया में व्यापार युद्ध गहरा हो सकता है। यही वजह है कि निवेशक सोने को सुरक्षित मानकर इसमें पैसा लगा रहे हैं। सोने को हमेशा से ही आर्थिक और राजनीतिक अस्थिरता के खिलाफ एक बचाव के रूप में देखा जाता है। जब ब्याज दरें कम होती हैं, तो सोने की कीमत बढ़ने लगती है। जानकारों का कहना है कि लगातार अनिश्चितता लेकर बढ़ती चिंताओं के कारण सोने की मांग बढ़ रही है। इसका मतलब है कि लोग सोने को इसलिए खरीद रहे हैं क्योंकि उन्हें लग रहा है कि दुनिया में कुछ गड़बड़ होने वाली है। कहां तक जा सकती है कीमत ICICI Bank Global Markets की एक रिपोर्ट के मुताबिक 2025 की दूसरी तिमाही में सोने की कीमत 96,000 रुपये प्रति 10 ग्राम तक जा सकती हैं। वैश्विक स्तर पर सोने की कीमत दिसंबर तक $3,200 से $3,400 प्रति औंस तक जा सकती है। राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली के सर्राफा बाजार में  सोने की कीमत 1,100 रुपये के उछाल के साथ 92,150 रुपये प्रति 10 ग्राम की नई ऊंचाई पर पहुंच गई। पिछले कारोबारी सत्र में 99.9 प्रतिशत शुद्धता वाला सोना 91,050 रुपये प्रति 10 ग्राम पर बंद हुआ था। चांदी की कीमतों में 1,300 रुपये की तेजी आई और यह बृहस्पतिवार के बंद स्तर 1,01,700 रुपये प्रति किलोग्राम के मुकाबले 1,03,000 रुपये प्रति किलोग्राम के रिकॉर्ड उच्च स्तर के करीब पहुंच गई। recent visitors 50

चांदी बनी रॉकेट, 1 लाख के पार, सोने ने भी दौड़ लगाकर बनाया नया रिकॉर्ड

भोपाल देशभर में एक अप्रैल से नए फाइनेंशियल ईयर 2025-26 की शुरुआत हो जायेगी. इस बीच लोगों को बाजार से बेहतर परफॉर्मेंस की उम्मीद होगी. जिसका सीधा असर गोल्ड मार्केट में भी दिखेगा. एमपी की राजधानी भोपाल में आज शुक्रवार (28 मार्च) को भारतीय बुलियन (www.bullions.co.in) के मुताबिक, बाजार शुरू होने तक सोने और चांदी के भाव कुछ इस प्रकार हैं: – भोपाल में 22 कैरेट सोने का रेट आज: 81,428 रुपए/10 ग्राम बीते दिन: 80,978 रुपए – भोपाल में 24 कैरेट सोने के दाम आज: 88,830 Rs/10gm बीते दिन: 88,340 रुपए प्रति 10 ग्राम अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रम्प द्वारा शुल्क लगाने से ग्लोबल मार्केट में सोना ऑल टाइम हाई पर पहुंच गया है। घरेलू बाजार में भी सोने चांदी के वायदा कारोबार की शुरुआत में आज तेजी देखने को मिल रही है। दोनों के भाव आज तेजी के साथ खुले। खबर लिखे जाने के समय सोने के वायदा भाव 88,750 रुपये के करीब कारोबार कर रहे थे, जबकि चांदी के भाव 1,01,500 रुपये के करीब कारोबार कर रहे थे। अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोने चांदी के वायदा भाव में तेजी देखी जा रही है। चांदी ने बनाया रिकॉर्ड, एक लाख पार अब बात करें तो गोल्ड-सिल्वर में पिछले कुछ महीने से लगातार हलचल मची है. इसी बीच आज पहली बार चांदी ने ऐतिहासिक बढ़त बनाते हुए 1 लाख का मार्क पार कर दिया है. इसी बीच आज येलो मेटल कहे जाने वाले सोने का शुरुआती कारोबार में भी हलचल दिखी है, जहां देश में आज गोल्ड-सिल्वर रेट कुछ इस प्रकार से हैं: – भारत में 24 कैरेट गोल्ड रेट आज: 88,900 रुपए प्रति 10 ग्राम बीते दिन: 88,400 Rs/10gm – भारत में चांदी का भाव आज: 101,670 रुपए प्रति 1 किलो बीते दिन: 99,970 रुपए/किलो सोने जल्द टच करेगा 95 हजार का मार्क भारत संग दुनियाभर के बाजार पिछले कुछ महीनों से काफी हलचल से गुजरे हैं. इस दौरान जहां बाजार से बड़ी संख्या में फॉरेन इंवेस्टर भारत छोड़ रहे हैं. इस बीच सोने के भाव में लगातार उतार-चढ़ाव जारी है और सेंसेक्स से लेकर निफ्टी तक रेड जोन में है. इसके अलावा इंटरनेशनल गोल्ड मार्केट में भी रिकॉर्ड बढ़ोतरी जारी है. अब अगर आप भी गोल्ड खरीदी की सोच रहे हैं तो फटाफट खरीद ले, क्योंकि आने वाले दिनों में सोना और भी रिकॉर्ड महंगाई छु सकता है. बाजार के ट्रेंड की माने तो इस साल अगस्त महीने तक ही सोना 95 हजार का रिकॉर्ड आकड़ा पार कर सकता है. हालमार्क ही है असली सोने की पहचान देखिए अगर आप सोने के गहने खरीदने जा रहे हैं तो कभी भी क्वालिटी से समझौता न करें. हॉलमार्क देखकर ही गहने खरीदें, क्योंकि यही सोने की सरकारी गारंटी है. भारत में ब्यूरो ऑफ इंडियन स्टैंडर्ड्स (BIS) हॉलमार्क का निर्धारण करता है. हर कैरेट के हॉलमार्क अंक अलग होते हैं, जिसे ध्यान से रखकर ही सोना खरीदें. अगर आप ऐसा नही करते हैं तो आपके सोने में मिलावट भी हो सकती है तो हमेशा जांच परख कर ही खरीदी करें. सोने के भाव तेज सोने के वायदा भाव की शुरुआत तेजी के साथ हुई। मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) पर सोने का बेंचमार्क अप्रैल कॉन्ट्रैक्ट आज 289 रुपये की तेजी के साथ 88,673 रुपये के भाव पर खुला। पिछला बंद भाव 88,384 रुपये था। खबर लिखे जाने के समय यह कॉन्ट्रैक्ट 371 रुपये की तेजी के साथ 88,755 रुपये के भाव पर कारोबार कर रहा था। इस समय इसने 88,930 रुपये के भाव पर दिन का उच्च और 88,673 रुपये के भाव पर दिन का निचला स्तर छू लिया। सोने के वायदा भाव ने पिछले सप्ताह 89,796 रुपये के भाव पर सर्वोच्च स्तर छू लिया था। recent visitors 55

2040-जेट… एक किलो सोने में क्या खरीद सकते हैं आप?1990-मारुति, 2000-एस्टीम, 2025-बीएमडब्ल्यू

नई दिल्ली  सोने की कीमत रोज-रोज नए रेकॉर्ड बना रही है। दिल्ली सर्राफा बाजार में सोने की कीमत 91,000 रुपये प्रति 10 ग्राम के पार पहुंच गई। यानी एक किलो सोने की कीमत 91 लाख रुपये के पार पहुंच गई है। इतने पैसों में आप आप एक BMW या Audi जैसी गाड़ी खरीद सकते हैं। 1990 मेंएक किलो सोने की कीमत में सिर्फ एक मारुति 800 आती थी। BMW X1 की शुरुआती कीमत लगभग 50.80 लाख रुपये है। वहीं नई X3 पेट्रोल/डीजल मॉडल की कीमत 97.80 लाख रुपये है। एक किलो सोने की कीमत में आप Audi A4, S5, A6 और Q3 जैसे मॉडल भी खरीद सकते हैं। SEBI में रजिस्टर्ड रिसर्च एनालिस्ट ए के मंधान ने 16 मार्च को एक ट्वीट किया था। उन्होंने बताया कि कैसे सोने की कीमतें कारों की तुलना में बदल गई हैं। 1990 में 1 किलो सोना Maruti 800 खरीदने के लिए काफी था। साल 2000 तक इससे Maruti Suzuki Esteem खरीदी जा सकती थी। 2005 में यह एक Toyota Innova खरीदने के लिए पर्याप्त था। 2010 तक एक Toyota Fortuner खरीदी जा सकती थी। 2019 तक 1 किलो सोना BMW X1 खरीदने के लिए काफी था। कहां तक जाएगी कीमत उन्होंने ट्वीट किया, '1 किलो सोना रखिए और 2040 तक इंतजार कीजिए… शायद आप एक प्राइवेट जेट खरीद सकें।' पिछले तीन साल से सोने की कीमतें तेजी से बढ़ रही हैं। 2024 में इसने पिछले दस साल में सबसे अच्छा प्रदर्शन किया। बीते साल सोने की कीमत में 26% की बढ़ोतरी हुई है। सेंट्रल बैंकों की खरीदारी और दुनिया में तनाव से सोने की चमक बढ़ी। 2025 में अब तक सोने की कीमत में 15% की वृद्धि हुई है। इसका मतलब है कि प्रति 10 ग्राम सोने की कीमत लगभग 11,735 रुपये बढ़ गई है। सोने की ताकत लगातार बढ़ रही है। यह हर साल ऊपर जा रहा है। जानकारों का कहना है कि सोने की कीमतें अभी और बढ़ेंगी। दुनिया में तनाव के कारण लोग सोना खरीदना पसंद कर रहे हैं। मध्य पूर्व में अस्थिरता और चीन की अतिरिक्त आर्थिक प्रोत्साहन योजनाओं ने सोने की सुरक्षित ठिकाने की मांग को और बढ़ा दिया है। विशेषज्ञों के अनुसार, गाज़ा संकट और ट्रेड टैरिफ को लेकर बढ़ती चिंताओं के कारण निवेशक जोखिम भरे एसेट्स से दूरी बनाकर सोने में निवेश कर रहे हैं, जिससे इसकी कीमतों में लगातार इजाफा हो रहा है।   1947: ₹8,000 1948: ₹9,587 1949: ₹9,417 1950: ₹9,918 1951: ₹9,805 1952: ₹7,681 1953: ₹7,306 1954: ₹7,775 1955: ₹7,918 1956: ₹9,081 1957: ₹9,062 1958: ₹9,538 1959: ₹10,256 1960: ₹11,187 1961: ₹11,935 1962: ₹11,975… बता दें कि बीते 3 वर्षों में सेंट्रल बैंकों की खरीद और वैश्विक तनाव के चलते इसकी कीमतों में जबरदस्त तेजी देखी गई है। 2024 में भी यह रैली जारी है, और विश्लेषकों का मानना है कि वैश्विक अनिश्चितताओं और आर्थिक प्रोत्साहन उपायों के कारण सोने की कीमतें और ऊंचाई छू सकती हैं।   recent visitors 50