Wednesday, July 8, 2026 5:41 am

‘भारत को विकास की नई राह देने वाले व्यक्तित्व थे अटल जी’, राजस्थान-राज्यपाल बागडे हुए अटल बिहारी वाजपेयी जन्म शती समारोह में शामिल

जयपुर। राज्यपाल हरिभाऊ बागडे ने देश के पूर्व प्रधानमंत्री स्व. अटल बिहारी वाजपेयी को स्मरण करते हुए उनके दिए आदर्श अपनाने का आह्वान किया है। उन्होंने कहा कि अटल बिहारी वाजपेयी ने बचपन से ही कठोर परिश्रम, कड़ी मेहनत और अपने आत्मविश्वास से भारत को विकास की नई राह प्रदान की। प्रधानमंत्री रहते सुशासन के साथ उन्होंने भारतीय राजनीति में शुचिता के आदर्श मूल्यों की स्थापना की। उन्होंने स्व. वाजपेयी द्वारा देश में स्वर्णिम चतुर्भुज योजना के अंतर्गत राष्ट्रीय राजमार्गों के विकास के किए कार्यों, कावेरी विवाद हल करने और सूचना संचार प्रौद्योगिकी के लिए किए कार्यों को ऐतिहासिक बताते हुए कहा कि अच्छा कार्य किसी विरोधी दल के नेता ने भी किया है तो उसकी वह खुलकर सराहना करते थे। उनका समग्र व्यक्तित्व प्रेरणास्पद रहा है। बागडे बुधवार को अटल सामुदायिक केन्द्र, शांति नगर में पूर्व प्रधानमंत्री स्व. अटल बिहारी वाजपेयी जन्म शती समारोह में संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि स्व. वाजपेयी के प्रधानमंत्री काल में देश में निरंतर विकास के कार्य हुए। भारत परमाणु परीक्षण कर महाशक्ति बना और विभिन्न क्षेत्रों में विकास से वैश्विक शक्ति के रूप में स्थापित हुआ। उन्होंने भारत छोड़ो आंदोलन में उनके भाग लेने, जनसंघ से उनके राजनीति में प्रवेश, देश में संसदीय लोकतंत्र के लिए किए कार्य, उनके प्रखर वक्ता आदि विभिन्न रूपों में किए राष्ट्र विकास के कार्यों की चर्चा करते हुए उनके स्थापित आदर्शों से सीख लेने का आह्वान किया। राज्यपाल ने स्व. वाजपेयी के कवि हृदय की चर्चा करते हुए कहा कि जो बात वह सीधे नहीं कह सकते थे, कविता में कह दिया करते थे। उन्होंने कहा कि वाजपेयी जी सदन में बहुत शालीनता से पर मजबूती से अपनी बात तर्क के साथ रखते थे। आरंभ में सिविल लाइंस क्षेत्र के विधायक और पत्रकार डॉ. गोपाल शर्मा ने राज्यपाल का अभिनंदन किया और स्व. वाजपेयी की स्मृति में स्थापित प्रतिमा के संदर्भ में उन्हें जानकारी दी। recent visitors 84

‘भारत को विकास की नई राह देने वाले आदर्श व्यक्तित्व थे वाजपेयी’, राजस्थान-राज्यपाल बागडे हुए अटल जी के जन्म शती समारोह में शामिल

जयपुर। राज्यपाल श्री हरिभाऊ बागडे ने देश के पूर्व प्रधानमंत्री स्व. अटल बिहारी वाजपेयी को स्मरण करते हुए उनके दिए आदर्श अपनाने का आह्वान किया है। उन्होंने कहा कि अटल बिहारी वाजपेयी ने बचपन से ही कठोर परिश्रम, कड़ी मेहनत और अपने आत्मविश्वास से भारत को विकास की नई राह प्रदान की। प्रधानमंत्री रहते सुशासन के साथ उन्होंने भारतीय राजनीति में शुचिता के आदर्श मूल्यों की स्थापना की। उन्होंने स्व. वाजपेयी द्वारा देश में स्वर्णिम चतुर्भुज योजना के अंतर्गत राष्ट्रीय राजमार्गों के विकास के किए कार्यों, कावेरी विवाद हल करने और सूचना संचार प्रौद्योगिकी के लिए किए कार्यों को ऐतिहासिक बताते हुए कहा कि अच्छा कार्य किसी विरोधी दल के नेता ने भी किया है तो उसकी वह खुलकर सराहना करते थे। उनका समग्र व्यक्तित्व प्रेरणास्पद रहा है। बागडे बुधवार को अटल सामुदायिक केन्द्र, शांति नगर में पूर्व प्रधानमंत्री स्व. अटल बिहारी वाजपेयी जन्म शती समारोह में संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि स्व. वाजपेयी के प्रधानमंत्री काल में देश में निरंतर विकास के कार्य हुए। भारत परमाणु परीक्षण कर महाशक्ति बना और विभिन्न क्षेत्रों में विकास से वैश्विक शक्ति के रूप में स्थापित हुआ। उन्होंने भारत छोड़ो आंदोलन में उनके भाग लेने, जनसंघ से उनके राजनीति में प्रवेश, देश में संसदीय लोकतंत्र के लिए किए कार्य, उनके प्रखर वक्ता आदि विभिन्न रूपों में किए राष्ट्र विकास के कार्यों की चर्चा करते हुए उनके स्थापित आदर्शों से सीख लेने का आह्वान किया। राज्यपाल ने स्व. वाजपेयी के कवि हृदय की चर्चा करते हुए कहा कि जो बात वह सीधे नहीं कह सकते थे, कविता में कह दिया करते थे। उन्होंने कहा कि वाजपेयी जी सदन में बहुत शालीनता से पर मजबूती से अपनी बात तर्क के साथ रखते थे। आरंभ में सिविल लाइंस क्षेत्र के विधायक और पत्रकार डॉ. गोपाल शर्मा ने राज्यपाल का अभिनंदन किया और स्व. वाजपेयी की स्मृति में स्थापित प्रतिमा के संदर्भ में उन्हें जानकारी दी। recent visitors 85

‘महर्षि दयानंद व्यक्ति न होकर बड़े समाज सुधारक थे’, राजस्थान-सीकर में राज्यपाल बागडे हुए द्वि जन्म शताब्दी समारोह में शामिल

जयपुर। राज्यपाल श्री हरिभाऊ बागडे ने कहा कि महर्षि दयानंद सरस्वती युग प्रवर्तक मनीषी थे। वह व्यक्ति नहीं संस्था थे। देश को रूढ़ियों से मुक्त कराने वाले समाज सुधारक थे। बागडे मंगलवार को महर्षि दयानंद सरस्वती के द्वि जन्म शताब्दी समारोह के अवसर पर श्री श्याम गौशाला पिपराली सीकर में आयोजित कार्यक्रम में संबोधित कर रहे थे। राज्यपाल बागडे ने  कहा कि महर्षि दयानंद सरस्वती महज एक व्यक्ति नहीं होकर बहुत बड़े समाज सुधारक थे। उन्होंने सत्य का रास्ता अपनाने की बात कही। उन्होंने हमेशा राष्ट्र निर्माण एवं भारतीय संस्कृति को आगे बढ़ाने के लिए कार्य किया। उन्होंने  सामाजिक कुरीतियों को समाप्त करने का काम किया। राज्यपाल ने कहा कि महर्षि दयानंद सरस्वती ने  शिक्षा के महत्व को समझते हुए  इंसान को  सदाचारी बनने के लिए प्रेरित किया। राज्यपाल श्री बागडे ने कहा कि हम हमारे पुराने ज्ञान को संजोए रखते हुए नए ज्ञान को एकत्र करें, यही हमारी भारतीय संस्कृति है। इस दौरान उन्होंने देश निर्माण में नई शिक्षा नीति के महत्व के बारे में बताया। इस दौरान उन्होंने अहिल्या बाई होलकर के समाज सुधार में अतुल्य योगदान करने की बात कही। recent visitors 107