ऊदी सरकार ने जारी किए हज के नए नियम, बिना परमिट के मक्का में नहीं मिलेगी एंट्री

रियाद  सऊदी अरब ने इस साल होने वाले हज के लिए तैयारियां शुरू कर दी है। हज की तैयारी के तहत सऊदी के गृह मंत्रालय ने हाजियों लिए नए नियम जारी किए हैं। ऐसे में हज से पहले उमराह करने वालों के लिए तारीखें तय कर दी गई हैं। मंत्रालय ने मक्का में एंट्री और बाहर निकलने की तारीखें घोषित कर दी हैं। उमराह के लिए 13 अप्रैल तक उमराह करने वाले सऊदी अरब में एंट्री ले सकते हैं, उनको 29 अप्रैल तक वापसी करनी होगी। वहीं मक्का में 23 अप्रैल, 2025 से एंट्री के लिए सख्त नियम लागू होंगे और बिना परमिट के जाने वालों को वापस भेज दिया जाएगा। सऊदी अरब की होम मिनिस्टरी ने जारी अपने बयान में कहा है कि हज 2025 के लिए कुछ नए नियम बनाए हैं, जिनका मकसद हज यात्रा को सुरक्षित बनाना है। मंत्रालय ने कहा है कि उमराह के लिए आए लोगों को 29 अप्रैल तक वापस जाना होगा, कोई वापस नहीं जाता है तो इसे नियमों का उल्लंघन मानते हुए कार्रवाई की जाएगी। ऐसा इसलिए किया जा रहा है ताकि हाजियों की आमद से पहले तैयारी के लिए पूरा वक्त मक्का की अथॉरिटी को मिल सके। मक्का आने वालों की बढ़ेगी निगरानी सऊदी सरकार ने कहा है कि 23 अप्रैल से मक्का में आने-जाने पर कड़ी निगरानी शुरू की जाएगी। मक्का में एंट्री करने के लिए काम करने का परमिट, मक्का का पहचान पत्र या हज का परमिट दिखाना जरूरी होगा। इनके अलावा किसी को एंट्री नहीं मिलेगी। सऊदी अरब में रहने वाले विदेशी नागरिक, जो मक्का में नहीं रहते हैं, उन्हें भी मक्का में आने के लिए परमिट लेना होगा। टूरिस्ट वीजा पर आए विदेशियों या देश के दूसरे हिस्से से आए लोगों को बिना रजिस्ट्रेशन हज में शामिल होने से रोकने के लिए ये नियम बनाए गए हैं। सऊदी मंत्रालय ने बताया है कि जिनके पास हज वीजा नहीं होगा, उन्हें 29 अप्रैल से मक्का में आने या रहने की अनुमति नहीं दी जाएगी। जो विदेशी नागरिक काम के लिए मक्का या आसपास के इलाकों में जाना चाहते हैं, उन्हें परमिट के लिए ऑनलाइन आवेदन करना होगा। मंत्रालय ने कहा है कि असुविधा से बचने के लिए सभी दस्तावेजों तके साथ ही मक्का आएं। बिना परमिट के प्रवेश करने वालों को अल शुमैसी या दूसरे चेकपॉइंट से वापस भेज दिया जाएगा। recent visitors 34

सऊदी अरब ने हज यात्रा से पहले नियमों को सख्त कर दिया, भारत सहित 14 देशों के लिए सिंगल एंट्री वीजा

रियाद  सऊदी अरब की सरकार ने इस साल, 2025 की हज यात्रा से पहले नियमों को सख्त कर दिया है। सऊदी ने वीजा समेत कई नए नियम लागू किए हैं, जिससे हज की चाहत रखने वाले दुनियाभर के मुस्लिमों को मुश्किल पैदा हो सकती है। सऊदी ने हज में बच्चों को साथ लाने पर रोक लगाई है, पेमेंट का तरीका बदला है और 14 देशों के यात्रियों के लिए सिंगल-एंट्री वीजा लागू किया है। इन बदलावों से हज यात्रा की पुरानी परंपराएं खत्म हो गई हैं, जिससे कई लोग हज पर जाने के अपने सपने को पूरा नहीं कर पाएंगे। इससे ये सवाल भी उठा है कि सऊदी सरकार हज यात्रा को क्यों मुश्किल बना रही है। सऊदी अधिकारियों ने भीड़ और सुरक्षा चिंताओं का हवाला देते हुए कहा है कि बच्चों को हज में शामिल होने की अनुमति नहीं दी जाएगी। इससे उन परिवारों के लिए हज की सपना टूट सकता है, जो बच्चों के साथ मक्का आना चाहते हैं। सऊदी अरब ने वीजा पर भी सख्ती की घोषणा की है। भारत समेत 14 देशों के यात्रियों को अब सिर्फ सिंगल एंट्री वीजा ही मिलेगा। इस कदम को उठाने की वजह अनधिकृत हज यात्रा को रोकने का प्रयास कहा गया है। सऊदी सरकार ने एक नई भुगतान प्रणाली भी शुरू की है। इसके तहत हाजियों को कई किश्तों में भुगतान करना होगा। ऐसा ना करने पर उनकी हज यात्रा पर संकट हो सकता है। निशाने पर आए मोहम्मद बिन सलमान इन नई नीतियों के लागू होने से सऊदी सरकार खासतौर से क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान लोगों के निशाने पर आए हैं। बहुत से लोग पूछ रहे हैं कि क्या सऊदी अरब धार्मिक कर्तव्य से ज्यादा राजस्व को प्राथमिकता दे रहा है। वीजा प्रतिबंधों, भुगतान नियमों और बच्चों पर प्रतिबंध ने कई लोगों को सऊदी अधिकारियों पर अनावश्यक बाधाएं डालने का आरोप लगाया है, जो हज को पहले से कहीं अधिक कठिन बनाते हैं। सऊदी अरब के हज 2025 के लिए सख्त दृष्टिकोण ने वीजा-मुक्त यात्रा और धार्मिक पर्यटन के भविष्य के बारे में चिंताएं पैदा कर दी हैं। कई लोगों को डर है कि ये नए नियम दूसरे देशों को भी ऐसा करने के लिए प्रेरित कर सकते हैं, जिससे अंतरराष्ट्रीय यात्रियों पर अतिरिक्त प्रतिबंध लगेंगे। वीजा-मुक्त यात्रा पर कार्रवाई दुनियाभर में वीजा नियमों को कड़ा करने के लिए एक मिसाल कायम कर सकती है। एक तरफ सऊदी के इन नियमों की आलोचना हो रही है तो वहीं काफी लोगों ने इनका समर्थन भी किया है। सऊदी अरब में बीते साल हज में गर्मी के चलते एक हजार से ज्यादा मौतें हुई थीं। इसकी वजह बिना परमिशन के लिए हज पर आए लोगों को माना गया। ऐसे में सऊदी की कोशिश है कि ऐसी स्थिति फिर से होने से रोकी जाए। recent visitors 50