प्रधान मुख्य वन संरक्षक को किया तलब, नागपुर में बाघिन और उसके बच्चों का रास्ता रोकने पर HC सख्त

नागपुर। महाराष्ट्र के नागपुर में उमरेड-पावनी-करहंडला अभयारण्य में पर्यटकों द्वारा एक बाघिन और उसके पांच शावकों का रास्ता रोकने के मामले को बॉम्बे हाईकोर्ट ने गंभीरता से लिया है। अदालत की नागपुर बेंच ने राज्य के प्रधान मुख्य वन संरक्षक को नोटिस जारी किया है। न्यायमूर्ति नितिन सांबरे और न्यायमूर्ति वृषाली जोशी ने सोमवार को स्वत: संज्ञान लेते हुए जनहित याचिका दायर करने का आदेश दिया। साथ ही राज्य के प्रधान मुख्य वन संरक्षक को दो दिन के भीतर विस्तृत हलफनामा दाखिल करने को कहा है, जिसमें यह बताया जाए कि अब तक क्या कार्रवाई की गई है और भविष्य में ऐसी घटनाओं से बचने के लिए क्या कदम उठाए जा रहे हैं। 31 दिसंबर की घटना अदालत अब इस मामले में बुधवार को सुनवाई करेगी। यह घटना 31 दिसंबर 2024 की है। इसका वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। जानकारी के मुताबिक पर्यटक वाहनों ने 31 दिसंबर को ‘F2’ नाम की बाघिन और उसके पांच शावकों को काफी देर तक घेरे रखा और उसकी फोटो ले रहे थे। वन विभाग भी जांच में जुटा घटना उमरेड-पवानी-करहंडला अभयारण्य के कुछ वन क्षेत्र में गोथनगांव सफारी रूट पर हुई। अखबारों में छपी खबर के आधार पर बॉम्बे हाईकोर्ट की नागपुर बेंच के प्रशासनिक जज नितिन सांबरे ने खुद जनहित याचिका दायर करने का आदेश दिय। इसके साथ ही कोर्ट ने राज्य के प्रधान मुख्य वन संरक्षक को इस संबंध में बुधवार तक अपनी स्थिति स्पष्ट करने को कहा। मामले में नागपुर वन विभाग भी एक आंतरिक जांच करने में जुटा है। इन लोगों को किया निलंबित महाराष्ट्र वन विभाग ने सोमवार को इस घटना में शामिल चार जिप्सी चालकों और गाइड्स को तीन महीने के लिए निलंबित कर दिया है और उनकी गाड़ियों पर 25,000 रुपये का जुर्माना लगाया है। वहीं, प्रकृति गाइड्स पर 1,000 रुपये का जुर्माना लगाया गया है। इसके अलावा, इन पर वन्यजीव संरक्षण अधिनियम, 1972 की संबंधित धाराओं के तहत मामला भी दर्ज किया गया है। घटनाओं को रोकने के लिए बनाई गई समिति पेंच टाइगर रिजर्व (नागपुर) के उप निदेशक प्रभु नाथ शुक्ला ने बताया कि पर्यटकों ने अभयारण्य के नियमों का उल्लंघन किया, जब उन्होंने बाघिन F-2 और उसके शावकों के रास्ते में कई सफारी वाहनों को घेर लिया। इस घटना में शामिल पर्यटकों को भविष्य में अभयारण्य में आने से हमेशा के लिए प्रतिबंधित कर दिया गया है। इसके अलावा, एक समिति भी बनाई गई है, जो भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए उपाय सुझाएगी। उन्होंने कहा कि फील्ड अधिकारियों और कर्मचारियों को सफारी मार्गों पर नियमित गश्त बढ़ाने के निर्देश दिए गए हैं और प्रकृति गाइड्स और ड्राइवरों के लिए विशेष बैठकें और कार्यशालाएं आयोजित की जा रही हैं, ताकि इकोटूरिज्म के प्रति जागरूकता और संवेदनशीलता बढ़ाई जा सके। Pushpendra“माय सीक्रेट न्यूज़” यह एक ऑनलाइन वेबसाइट है, जो आपको देश – दुनिया और आपके आसपास की हर छोटी-बड़ी खबरों को आप तक पहुंचाती है। इस वेबसाइट का संचालन वरिष्ठ पत्रकार पुष्पेन्द्र जी कर रहे हैं। उन्होंने पत्रकारिता में BJC (बेचलर ऑफ़ जर्नलिज्म एंड कम्युनिकेशन) और MJC (मास्टर ऑफ़ जर्नलिज्म एंड कम्युनिकेशन) की डिग्री 2011 में हरिसिंह गौर केंद्रीय विश्वविद्यालय सागर मप्र से हासिल की है। उन्होंने भोपाल के स्वदेश, राज एक्सप्रेस, राष्ट्रीय हिंदी मेल, सांध्य प्रकाश, नवदुनिया और हरिभूमि जैसे बड़े समाचार पत्र समूहों में काम किया है।  और पढ़ें इस वेबसाइट का संचालन मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल से हो रहा है, जहाँ से प्रदेश की राजनीति से लेकर विकास की योजनाएं तैयार होती हैं।दे श व प्रदेश जिले की ताजा अपडेट्स व राजनीतिक प्रशासनिक खबरों के लिए पढ़ते रहिए हमारी वेबसाइट (my secret news. Com )👈 ✍️ पुष्पेन्द्र , (वरिष्ठ पत्रकार) भोपाल, मप्र  mysecretnews.com recent visitors 51

‘परेशान करने के लिए फंसाया गया’, छत्तीसगढ़-बिलासपुर HC ने रद्द किए आईपीएस जीपी सिंह के खिलाफ मुकदमे

बिलासपुर. राजद्रोह, ब्लैकमेलिंग और आय से अधिक संपत्ति के मामले में फंसे आईपीएस जीपी सिंह को हाईकोर्ट से बड़ी राहत मिली है। हाईकोर्ट ने जीपी सिंह के खिलाफ दर्ज तीनों मामलों की एफआईआर प्रोसिडिंग्स को रद्द कर दिया है। हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस रमेश सिन्हा और जस्टिस रविंद्र अग्रवाल की बेंच ने जीपी सिंह की याचिका पर यह फैसला सुनाया है। बता दें कि जीपी सिंह ने हाईकोर्ट में याचिका दायर कर अपने खिलाफ दर्ज सभी मामलों को रद्द करने की मांग की थी। अपनी याचिका में उन्होंने कहा था कि तत्कालीन सरकार ने उन्हें राजनीतिक षड़यंत्र के तहत फंसाया था। उनके खिलाफ किसी भी मामले में कोई भी साक्ष्य नहीं है। कोर्ट ने भी माना कि उन्हें परेशान करने के लिए झूठे मामले में फंसाया गया है। उनके खिलाफ किसी भी मामले में कोई भी ठोस सबूत नहीं है। लिहाजा सभी पक्षों की दलील सुनने के बाद कोर्ट ने जीपी सिंह के खिलाफ दर्ज एफआईआर को रद्द कर दिया है। बीते एक जुलाई 2021 की सुबह एसीबी (ACB) और ईओडब्ल्यू (EOW) की टीम ने जीपी सिंह और उनके सहयोगियों के ठिकानों पर एक साथ छापामार कार्रवाई की थी। लंबे अंतराल तक चली कार्रवाई के बाद 10 करोड़ की चल अचल संपत्ति का भी खुलासा किया गया था। छापे के दौरान एसीबी (ACB) और ईओडब्ल्यू की टीम ने कई आपत्तिजनक दस्तावेज बरामद होने का दावा किया था। इन बरामद दस्तावेजों के आधार पर रायपुर पुलिस ने आईपीसी जीपी सिंह के खिलाफ राजद्रोह का मामला दर्ज किया था। इसके साथ ही उन पर भ्रष्टाचार से जुड़े हुए अपराध भी दर्ज किए गए थे। इन आरोपों के तहत जीपी सिंह को जेल भी जाना पड़ा था। बाद में उन्हें हाईकोर्ट से जमानत मिल गई थी। इसके अलावा एक अन्य मामले में साल 2015 में दुर्ग निवासी कमल सेन और बिल्डर सिंघानिया के बीच व्यावसायिक लेन-देन को लेकर विवाद हुआ था। सिंघानिया ने कमल सेन के खिलाफ केस दर्ज करा दिया। आरोप है कि इस मामले में जीपी सिंह ने कमल सेन से 20 लाख रुपये वसूले थे। इसके साथ ही आईपीएस अफसर पर धमकाने का भी आरोप लगाया गया था। Pushpendra“माय सीक्रेट न्यूज़” यह एक ऑनलाइन वेबसाइट है, जो आपको देश – दुनिया और आपके आसपास की हर छोटी-बड़ी खबरों को आप तक पहुंचाती है। इस वेबसाइट का संचालन वरिष्ठ पत्रकार पुष्पेन्द्र जी कर रहे हैं। उन्होंने पत्रकारिता में BJC (बेचलर ऑफ़ जर्नलिज्म एंड कम्युनिकेशन) और MJC (मास्टर ऑफ़ जर्नलिज्म एंड कम्युनिकेशन) की डिग्री 2011 में हरिसिंह गौर केंद्रीय विश्वविद्यालय सागर मप्र से हासिल की है। उन्होंने भोपाल के स्वदेश, राज एक्सप्रेस, राष्ट्रीय हिंदी मेल, सांध्य प्रकाश, नवदुनिया और हरिभूमि जैसे बड़े समाचार पत्र समूहों में काम किया है।  और पढ़ें इस वेबसाइट का संचालन मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल से हो रहा है, जहाँ से प्रदेश की राजनीति से लेकर विकास की योजनाएं तैयार होती हैं।दे श व प्रदेश जिले की ताजा अपडेट्स व राजनीतिक प्रशासनिक खबरों के लिए पढ़ते रहिए हमारी वेबसाइट (my secret news. Com )👈 ✍️ पुष्पेन्द्र , (वरिष्ठ पत्रकार) भोपाल, मप्र  mysecretnews.com recent visitors 49