कटनी में स्वतंत्रता दिवस की परेड में शामिल प्रधान आरक्षक के सीने में उठा दर्द, हार्ट अटैक से मौत

कटनी  कटनी में परेड के बाद पुलिस लाइन में पदस्थ एसएसएफ मनोज कुमार यादव को कुछ दर्द उठा तो मनोज सीधे अपने बैरक में आ गए। कुछ समय बाद मनोज को उलझन अनुभव होने लगी। मनोज कुछ समझ पाते उनके साथियों ने अधिकारियों को जानकारी दी और उसके बाद लाइन में मौजूद एंंबुलेंस 108 की मदद से उनको तत्काल जिला अस्पताल भेजा गया। जहां उपचार के दौरान प्रधान आरक्षक की मौत हो गई। बैरक में पहुंचने पर दिल का दौरा पड़ा था चिकित्‍सकों ने बताया कि एसएएफ के प्रधान आरक्षक को स्वतंत्रता दिवस की परेड के बाद बैरक में पहुंचने पर दिल का दौरा पड़ा था। उनको एंंबुलेंस की मदद से जिला अस्पताल भेज गया जहां उपचार के दौरान उनकी मौत हो गई। मनोज कुमार यादव को पुलिस लाइन में एसएसएफ में पदस्थ थे। साथियों ने अधिकारियों को जानकारी दी गुरुवार की सुबह वह मुख्य समारोह में परेड में शामिल थे। परेड के बाद वे पुलिस लाइन स्थित बैरक में पहुंचे, जहां पर उनको सीने में दर्द हुआ। उनके साथियों ने अधिकारियों को जानकारी दी और उसके बाद लाइन में मौजूद एम्बुलेंस108 की मदद से उनको तत्काल जिला अस्पताल भेजा गया। जहां उपचार के दौरान प्रधान आरक्षक की मौत हो गई। आवश्यक कार्रवाई करते हुए शव स्वजनों को सौंपा पुलिस ने आवश्यक कार्रवाई करते हुए शव स्वजनों को सौंपा। वहीं प्रधान आरक्षक का शव पुलिस लाइन लाया गया। जहां पर पुलिस अधीक्षक अभिजीत रंजन सहित पुलिस के अधिकारी कर्मचारियों ने श्रद्धांजलि अर्पित की। उसके बाद उनका शव उनके गृह नगर बिहार भेजा गया। recent visitors 97

लगातार सांस फूलने का क्या है सच, कहीं आने वाला तो नहीं हार्ट अटैक

खराब लाइफस्टाइल और खानपान की वजह से हार्ट की बीमारियां दुनियाभर में बढ़ रही हैं. युवाओं में भी हार्ट अटैक का रिस्क है. कम फिजिकल एक्टिविटीज और जंक फूड्स-स्मोकिंग हार्ट अटैक को ट्रिगर कर सकती हैं. हार्ट अटैक आने से पहले कई तरह के संकेत दिखने लगते हैं. अगर इन्हें समय पर पहचान लिया जाए तो इसके खतरे से बचा जा सकता है. हेल्थ एक्सपर्ट्स के मुताबिक, हार्ट अटैक को लेकर अवेयरनेस कम होने के चलते इसे लेकर कई तरह के कंफ्यूजन भी है. बहुत से लोग सवाल करते हैं कि क्या लगातार सांस फूलना हार्ट अटैक का संकेत है. लगातार सांस फूल रही है तो क्या आने वाला है हार्ट अटैक? हाल ही में हुए एक रिसर्च के अनुसार, हार्ट अटैक के 76% मरीज सांस लेने में तकलीफ, डिस्पेनिया या थकान जैसे लक्षण महसूस करते हैं. उनमें जीवन की संभावना उन लोगों से ज्यादा होती है, जिनमें हार्ट अटैक का मुख्य लक्षण सीने में दर्द रहता है. ESC एक्यूट कार्डियोवैस्कुलर केयर 2022 में पब्लिश इस शोध में बताया गया कि महिलाओं, बुजुर्गों, हार्ट ब्लड प्रेशर, डायबिटीज, किडनी और लंग्स डिजीज जैसी समस्याओं से लोगों में हार्ट अटैक का सामान्य लक्षण सांस की तकलीफ और बहुत ज्यादा थकान था. सांस लेने में समस्या आए तो हार्ट अटैक से सावधान हो जाना चाहिए? हेल्थ एक्सपर्ट्स के मुताबिक, सांस की समस्या के कई कारण हो सकते हैं. इसमें मुख्य तौर पर हार्ट और लंग्स हैं. दोनों शरीर के बेहद महत्वपूर्ण अंग हैं, इसलिए इस तकलीफ को नजरअंदाज करने से बचा चाहिए. एक्सपर्ट्स का कहना है कि सांस फूलने का कारण यह भी है कि शरीर को जितनी ऑक्सीजन मिल रही है, उससे ज्यादा की जरूरत है. दरअसल, फेफड़ों में ऑक्सीजन वाली हवा बढ़ाने के लिए बहुत से लोग तेजी से सांस लेते हैं. लंग्स से ऑक्सीजन ब्लड में पहुंचती है और फिर हार्ट उसे पंप करके पूरे शरीर में सप्लाई करता है. क्या हार्ट अटैक से पहले सांस अचानक से फूल सकती है? डॉक्टर्स के मुताबिक, सांस फूलना धीरे-धीरे बढ़ने वाली समस्या है. अक्सर पहली बार शारीरिक मेहनत के दौरान देखी जाती है. जैसे चलते समय, सीढ़ियां चढ़ते समय हल्की-हल्की सांस फूलती है. इसके कई कारण हो सकते हैं. इसमें मोटापा, फिटनेस खराब होना, क्रॉनिक ब्रोंकाइटिस, अस्थमा और एनीमिया शामिल हैं. recent visitors 112