Tuesday, July 7, 2026 12:14 am

फिजिकल हेल्थ: गर्मी और दिल की बीमारियां – क्यों बढ़ रहा है हार्ट अटैक का खतरा और कैसे करें बचाव

Physical Health: Heat and heart diseases – why the risk of heart attack is increasing and how to prevent it हेल्थ डेस्क: Physical Health of heart attack जैसे-जैसे तापमान बढ़ रहा है, दिल की बीमारियों का खतरा भी उसी रफ्तार से बढ़ रहा है। हीटवेव और पॉल्यूशन अब सिर्फ पर्यावरण की समस्या नहीं, बल्कि दिल की सेहत के लिए सीधा खतरा बन गए हैं। खासकर बुजुर्ग, हृदय रोगी और खुले में काम करने वाले लोग इस खतरे के दायरे में सबसे पहले आते हैं। गर्मी में क्यों बढ़ता है हार्ट अटैक का रिस्क? Physical Health of heart attack गर्मी के मौसम में शरीर खुद को ठंडा बनाए रखने के लिए लगातार पसीना बहाता है। इस प्रक्रिया में ब्लड सर्कुलेशन बढ़ाना पड़ता है, जिससे दिल पर अतिरिक्त दबाव पड़ता है। डिहाइड्रेशन, इलेक्ट्रोलाइट असंतुलन और ब्लड प्रेशर में उतार-चढ़ाव भी दिल को कमजोर बना सकते हैं। Read more: आंगनबाड़ियों में मशीन के सामने चेहरा दिखाने पर ही उपस्थिति मान्य होगी, पोषण आहार का वितरण किया जाएगा सबसे ज्यादा खतरे में कौन? हार्ट अटैक से बचाव के आसान उपाय: Declaration : बढ़ती गर्मी ने दिल की सेहत को नई चुनौती दी है। ऐसे में सही जानकारी और सतर्कता ही बचाव का सबसे बड़ा हथियार है। खुद को और अपने परिवार को सुरक्षित रखने के लिए इन बातों का पालन करें, क्योंकि मौसम अब सिर्फ बाहरी नहीं, आंतरिक स्वास्थ्य का भी मामला बन चुका है। recent visitors 108

सीढ़ी चढ़ते अचानक चक्कर खाकर गिरी, गुजरात में 8 साल की मासूम की स्कूल में हार्ट अटैक से मौत

अहमदाबाद। गुजरात के अहमदाबाद में तीसरी कक्षा में पढ़ने वाली आठ साल की छात्रा की मौत हो गई। माना जा रहा है कि दिल का दौरा पड़ने से छात्रा गार्गी रानपारा की मौत हुई। थलतेज स्थित जेबर स्कूल फॉर चिल्ड्रन के प्रबंधन की तरफ से जारी सीसीटीवी फुटेज में गार्गी अपनी कक्षा की ओर जाते दिखती है और बेचैनी के कारण कुर्सी पर बैठ जाती है। प्रधानाचार्य शर्मिष्ठा सिन्हा ने बताया, गार्गी जब सुबह स्कूल पहुंची, तो सामान्य थी। लेकिन पहली मंजिल पर कक्षा की ओर जाते समय वह गलियारे में कुर्सी पर बैठ गई। बैठे-बैठे ही अचानक वह गिर गई। शिक्षकों ने उसे सीपीआर दिया, फिर अस्पताल पहुंचाया, पर उसकी जान नहीं बच सकी। recent visitors 131

आउट होकर पवेलियन लौटते समय घटना, राजस्थान-जोधपुर में क्रिकेटर की हार्ट अटैक से मौत

जोधपुर। इन दिनों हार्ट अटैक की घटना तेजी देखी जा रही है। अभी कुछ दिन पहले एक पुलिस अधिकारी को मॉर्निंग वॉक करते हुए हार्ट अटैक आया तो जोधपुर में गोशाल मैदान में क्रिकेट खेलते हुए एक क्रिकेट खिलाड़ी को भी हार्ट अटैक आने से मौत हो गई। युवक आउट होकर जब पवेलियन की ओर जा रहा था, अचानक उसके सीने में दर्द हुआ और वह कुर्सी पर बैठा। इसी दौरान उसे हार्ट अटैक आया। दोस्तों ने उसे आनन-फानन में अस्पताल भिजवाया, लेकिन अस्पताल पहुंचने से पहले ही क्रिकेटर की मौत हो गई। बताया जा रहा है कि जोधपुर के गोशाला क्रिकेट संगम मैदान में अरोड़ा खत्री सुपर लीग मैच चल रहे हैं। इसी मैच के दौरान इस क्रिकेटर को हार्ट अटैक आया और मौत हो गई। मौत के बाद इस लीग मैच को रद्द कर दिया गया था। बताया जा रहा है कि इस क्रिकेटर का नाम नीरज अरोड़ा है और मकराना मोहले जोधपुर में रहता था। एमपीसी क्लब की ओर से यह खेलता था। मैच के दौरान घटना के बाद क्रिकेटर की मौत हुई थी। वहीं, दूरभाष पर हुई बात पर उनके दोस्तों ने बताया कि नीरज को एक साल पहले भी हार्ट अटैक आया था। इसलिए दोस्त तुरंत कार में बैठाकर मथुरादास माथुर अस्पताल लेकर गए। लेकिन दो मिनट बाद ही रास्ते में नीरज को उल्टी हुई और दोस्तों ने यहां तक की सीपीआर भी दी, लेकिन नीरज को बचा नहीं पाए। अस्पताल पहुंचने पर डॉक्टरों ने नीरज को मृत घोषित कर दिया। आपको बता दें कि दो जनवरी को मॉर्निंग वॉक करते हुए सब इंस्पेक्टर को भी हार्ट अटैक आया था। वह भी अचेत होकर नीचे गिरे थे और उन्हें भी अस्पताल ले जाते-जाते उन्होंने भी दम तोड़ दिया था। वहीं, डॉक्टर से हुई दूरभाष की बातचीत में उन्होंने बताया कि अचानक सीने मे दर्द होना और रुक-रुक कर चक्कर आना पुरुषों के सीने में तेज दर्द होना तेज पसीना आना, इस तरह की घटना हो तो तुरंत व्यक्ति को अस्पताल पहुंचना चाहिए, जिससे की हार्ट अटैक से बचाया जा सके। recent visitors 121

कुआलालंपुर से तमिलनाडु की फ्लाइट में एक लाश मिलने से हड़कंप, प्लेन में महिला को पड़ा हार्ट अटैक

चेन्नै तमिलनाडु में एक हैरान कर देने वाली खबर सामने आई है। यहां मलेशिया की राजधानी कुआलालंपुर से तमिलनाडु की फ्लाइट में एक लाश मिलने से हड़कंप मच गया। फ्लाइट जैसे ही चेन्नई एयरपोर्ट पर लैंड की सभी यात्री उतर गए। सीट पर एक महिला बैठी थी। जब उसे उतारने के लिए आवाज लगाई गई तो पता चला कि वह प्लेन में मृत पड़ी थी। घटना के बाद एयरपोर्ट पर हड़कंप मच गया। पुलिस को सूचना दी गई और महिला के शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया गया। पुलिस ने बताया कि महिला कुआलालंपुर से प्लेन में बैठी थी। उसे चेन्नई में उतरना था। जब प्लेन लैंड किया और सभी यात्री उतर गए तो प्लेन की सफाई के होने लगी। फ्लाइट को अगली उड़ान के लिए तैयार होना था। इसी बीच अडेंटेंट ने देखा की सीट पर एक महिला बैठी है। हार्ट अटैस से हुई मौत! उसने अफसरों को सूचना दी। महिला को आवाज लगाई गई जब वह नहीं उठी तो उसे हाथ लगाया गया, वह सीट पर गिर पड़ी। पता चला कि महिला की मौत हो चुकी थी। उसकी मौत, किस समय और कैसे हुई किसी को नहीं पता। हालांकि जिस तरह उसकी लाश मिली है, माना जा रहा है कि महिला की मौत हार्ट अटैक से हुई है। घरवालों को दी गई सूचना पुलिस ने बताया कि विमान के यहां पहुंचने पर निजी एयरलाइन के चालक दल ने महिला को बेहोश पाया, जिसके बाद चिकित्सकों ने उसकी जांच की। चिकित्सकों ने बताया कि दिल का दौरा पड़ने से महिला की मौत हो गई। पुलिस ने बताया कि पास के सरकारी अस्पताल में शव भेज दिया गया। महिला तमिलनाडु के कल्लाकुरिची जिले की रहने वाली थी। उसके पासपोर्ट में लिखे पते के आधार पर घर पर सूचना भेज दी गई है। recent visitors 124

रायसेन में दिल का दौरा पड़ने से एक एसआई की मौत, सड़क पर गिरे

रायसेन मध्य प्रदेश के रायसेन जिले में हैरान करने वाली घटना सामने आई। अचानक दिल का दौरा पड़ने से एक एसआई की मौत हो गई। वह बरेली में पेट्रोल पंप से फ्यूल भरवाकर आगे बढ़े ही थे कि बाइक के साथ जमीन पर गिर पड़े, मौके पर ही उनकी मौत हो गई। घटना सीसीटीवी में कैद हो गई, जिसका वीडियो वायरल हो रहा है।   जानकारी के अनुसार, हैरान कर देने वाला वीडियो बरेली के एक पेट्रोल पंप का है, जहां ड्यूटी पर तैनात सब इंस्पेक्टर सुभाष सिंह अपनी बाइक में पेट्रोल भरवाने के लिए गए थे। वह पेट्रोल भरवाकर वापस लौट रहे थे, लेकिन वह 50 कदम की दूरी भी वह तय नहीं कर पाए और मौत उनके पास पहुंच गई। घटना का जो सीसीटीवी फुटेज सामने आया है, उसमें दिख रहा है कि सब इंस्पेक्टर बाइक से जा रहे हैं और तभी वह कुछ असहज महसूस करते हैं और बाइक रोकते हैं, अगले कुछ सेकेंड में वह बाइक के साथ जमीन पर गिर जाते हैं। पेट्रोल पंप के कर्मचारी तुरंत एसआई सुभाष सिंह को पास के अस्पताल ले जाते हैं, लेकिन तब तक उनकी मौत हो चुकी थी। 1 महीने बाद था रिटायरमेंट बरेली थाने में पदस्थ सब इंस्पेक्टर सुभाष सिंह की मौत से हर कोई हैरान है। पता चला है कि एक महीने बाद सुभाष सिंह रिटायर होने वाले थे। वह मूल रूप से उत्तर प्रदेश के बनारस रहने वाले थे, 28 साल पहले जिला रायसेन में उनकी पुलिस में नौकरी लगी थी। नौकरी का अधिकतर कार्यकाल रायसेन में ही गुजरा है। इतने लंबे समय से रायसेन में रहने के कारण उन्होंने नगर के किनगी रोड पर अपना खुद का घर भी बना लिया था। महज एक महीने बाद दिसंबर में सुभाष सिंह रिटायर होने वाले थे। जानकारी के अनुसार, मौत से आधा घंटा पहले सुभाष थाने में मौजूद थे और वहां पर हंसी-मजाक में बात कर रहे थे। बताया जा रहा है कि उन्हें बीपी की समस्या थी। recent visitors 70

बात करते -करते मौत के मुंह में चला गया युवक, दोस्तों के समझने तक हो चुकी थी देर

रीवा जिंदगी और मौत के बीच में एक पतली सी डोर है, जैसे ही वह डोर टूट जाती है, मौत आ जाती है। इसका सटीक उदाहरण मध्य प्रदेश के रीवा से सामने आया है, जहां दोस्तों के साथ बैठकर बात कर रहे युवक अचानक से जमीन पर गिरता है और उसकी मौत हो जाती है। इस घटना को देखकर वह कहावत भी सच साबित हो रहा कि मौत कब-किस रूप में आ जाए, इसका कोई भरोसा नहीं है, क्योंकि कुछ ऐसा ही हुआ रीवा के नौजवान शख्स के साथ, जिसकी दोस्तों के साथ हंसते-बोलते हुए न जाने कब जान निकल गई। वहां मौजूद लोगों को भी पता नहीं चला। एमपी की रीवा की है घटना आपको बता दें कि यह घटना रीवा शहर के ही सिरमौर चौराहे की बताई जा रही है। यहां बीते दिन बजरंग नगर निवासी प्रकाश सिंह बघेल चौराहे पर ही स्थित एक दुकान के अंदर अपने दोस्तों के साथ हंसी मजाक कर रहे थे, तभी अचानक से वह जमीन पर गिर गए और मौके पर ही उन्होंने दम तोड़ दिया। सीसीटीवी में वीडियो कैद जानकारी के अनुसार, यह घटना 20 अक्टूबर की बताई जा रही है, जिसका यह हैरान कर देने वाला वीडियो सोशल मीडिया में अब वायरल हो रहा है। बताया गया कि रीवा शहर के युवा व्यापारी विनय सिंह बघेल के भाई प्रकाश सिंह बघेल बीते दिवस दोस्तों के साथ बैठे हुए थे। सभी आपस में मौत जैसी अनहोनी घटना से बेखबर होकर बातचीत कर रहे थे, तभी प्रकाश सिंह बघेल जमीन पर गिर गया। इससे पहले कि उनके दोस्त कुछ समझ पाते, तब तक उसकी मौत हो गई। आनन-फानन में उसके दोस्त उसे अस्पताल लेकर गए, जहां पर चिकित्सकों ने दिल का दौरा होना बताया, जिसके चलते प्रकाश की मौत हुई। प्रकाश को नहीं थी कोई बीमारी, वर्क आउट भी करता था विनय सिंह बघेल ने बताया कि मेरा भाई प्रकाश सिंह बघेल पूरी तरह से ठीक था उसे कोई बीमारी नहीं थी। वह रोज वर्कआउट करता था और हेल्दी डाइट लेता था। अचानक उसे अटैक आना हैरानी की बात है। वहीं डॉक्टर यत्नेश त्रिपाठी ने बताया कि युवक की मौत सडन अटैक से हुई है। कार्डियक अरेस्ट एक आपातकालीन स्थिति है। जिसमें व्यक्ति का दिल अचानक से धड़कना बंद कर देता है, इसलिए इसे सड़न कार्डियक अरेस्ट भी कहते हैं। अगर मस्तिष्क और अन्य अंगों को रक्त की आपूर्ति में कमी का तुरंत इलाज नहीं किया जाता है, तो व्यक्ति बेहोश हो सकता है। डॉक्टर ने बताया कि इससे विकलांगता आ सकती है, या शायद उसकी मृत्यु भी हो सकती है। जब हृदय अचानक और अप्रत्याशित रूप से रक्त पंप करना बंद कर देता है, तो व्यक्ति में कार्डियक अरेस्ट होता है। और इसकी वजह से मस्तिष्क और अन्य अंगों को रक्त की आपूर्ति में रुकावट आ जाती है।ह्रदय की बीमारी कि वजह से कार्डियक अरेस्ट होना एक आम कारण है। कई बार यह भी संभव है की कार्डियक अरेस्ट बिना किसी चेतावनी के व्यक्ति में अचानक से आ जाए। वंशानुगत कारण भी हो सकते हैं। recent visitors 76

बेलगांव लीखावाडी में स्कूल मैजिक चालक की हार्ट अटैक से, बच्चों की ऐसे बचाई जान

छिंदवाड़ा छिंदवाड़ा जिले के न्यूटन चौकी क्षेत्र के बेलगांव लीखावाडी में आज एक स्कूल बच्चों को ले जाने वाली मैजिक चालक को सडक पर अटैक आ गया। अंतिम समय में भी चालक ने अपनी सूझबूझ से बच्चों की जान बचा ली। वाहन को सडक किनारे खडा कर दिया। बाद में उसे परासिया अस्पताल लाया गया। यहां उसे मृत घोषित कर दिया गया। घटना आज सुबह साढे आठ बजे के आसपास की है। पगारा निवासी 27 वर्षीय राहुल बेलवंशी स्कूल के बच्चों को ले जाने वाली टाटा मैजिक चलाता है। मंगलवार सुबह सात बजे वह घर से मैजिक लेकर निकला। लीखवाडी से लौटते समय रास्ते में उसे सीने में दर्द हुआ और सांस लेने में परेषानी हुई। इस समय मैजिक में बच्चे थे। उसने वाहन को सडक के किनारे खडा कर दिया। इस वाहन में अन्य चालक भी बैठे थे। वे तत्काल उसे परासिया अस्पताल लेकर आए। यहां उसे जांच के बाद मृत घोषित कर दिया गया। राहुल सडक किनारे वाहन खडे नहीं करता तो वाहन के साथ कुछ भी हादसा हो सकता था। बताया जा रहा है कि राहुल को कुछ समय से टाइफाइड था। वह बीमार था। आज वह अन्य चालकों को बच्चों के घर दिखाने गया था और उसकी मौत हो गई।   जानकारी के अनुसार, जिले के पगारा निवासी 27 वर्षीय राहुल बेलवंशी स्कूल के बच्चों को ले जाने वाली टाटा मैजिक चलाता था। आज सुबह वह लीखवाडी से बच्चों को घर छोड़ने जा रहा था, उसी समय रास्ते में उसे सीने में दर्द हुआ और सांस लेने में परेशानी हुई। मैजिक में बच्चे थे। लिहाजा उसने तत्काल वाहन को सड़क के किनारे खड़ा कर दिया। इसी वाहन में अन्य चालक भी बैठे थे। वे तत्काल राहुल को परासिया अस्पताल लेकर आए। राहुल सड़क किनारे वाहन खड़ा नहीं करता तो हादसा हो सकता था। बताया जा रहा है कि राहुल को कुछ समय से टाइफाइड था। वह बीमार था। आज वह अन्य चालकों को बच्चों के घर दिखाने गया था। recent visitors 81

कटनी में स्वतंत्रता दिवस की परेड में शामिल प्रधान आरक्षक के सीने में उठा दर्द, हार्ट अटैक से मौत

कटनी  कटनी में परेड के बाद पुलिस लाइन में पदस्थ एसएसएफ मनोज कुमार यादव को कुछ दर्द उठा तो मनोज सीधे अपने बैरक में आ गए। कुछ समय बाद मनोज को उलझन अनुभव होने लगी। मनोज कुछ समझ पाते उनके साथियों ने अधिकारियों को जानकारी दी और उसके बाद लाइन में मौजूद एंंबुलेंस 108 की मदद से उनको तत्काल जिला अस्पताल भेजा गया। जहां उपचार के दौरान प्रधान आरक्षक की मौत हो गई। बैरक में पहुंचने पर दिल का दौरा पड़ा था चिकित्‍सकों ने बताया कि एसएएफ के प्रधान आरक्षक को स्वतंत्रता दिवस की परेड के बाद बैरक में पहुंचने पर दिल का दौरा पड़ा था। उनको एंंबुलेंस की मदद से जिला अस्पताल भेज गया जहां उपचार के दौरान उनकी मौत हो गई। मनोज कुमार यादव को पुलिस लाइन में एसएसएफ में पदस्थ थे। साथियों ने अधिकारियों को जानकारी दी गुरुवार की सुबह वह मुख्य समारोह में परेड में शामिल थे। परेड के बाद वे पुलिस लाइन स्थित बैरक में पहुंचे, जहां पर उनको सीने में दर्द हुआ। उनके साथियों ने अधिकारियों को जानकारी दी और उसके बाद लाइन में मौजूद एम्बुलेंस108 की मदद से उनको तत्काल जिला अस्पताल भेजा गया। जहां उपचार के दौरान प्रधान आरक्षक की मौत हो गई। आवश्यक कार्रवाई करते हुए शव स्वजनों को सौंपा पुलिस ने आवश्यक कार्रवाई करते हुए शव स्वजनों को सौंपा। वहीं प्रधान आरक्षक का शव पुलिस लाइन लाया गया। जहां पर पुलिस अधीक्षक अभिजीत रंजन सहित पुलिस के अधिकारी कर्मचारियों ने श्रद्धांजलि अर्पित की। उसके बाद उनका शव उनके गृह नगर बिहार भेजा गया। recent visitors 93

लगातार सांस फूलने का क्या है सच, कहीं आने वाला तो नहीं हार्ट अटैक

खराब लाइफस्टाइल और खानपान की वजह से हार्ट की बीमारियां दुनियाभर में बढ़ रही हैं. युवाओं में भी हार्ट अटैक का रिस्क है. कम फिजिकल एक्टिविटीज और जंक फूड्स-स्मोकिंग हार्ट अटैक को ट्रिगर कर सकती हैं. हार्ट अटैक आने से पहले कई तरह के संकेत दिखने लगते हैं. अगर इन्हें समय पर पहचान लिया जाए तो इसके खतरे से बचा जा सकता है. हेल्थ एक्सपर्ट्स के मुताबिक, हार्ट अटैक को लेकर अवेयरनेस कम होने के चलते इसे लेकर कई तरह के कंफ्यूजन भी है. बहुत से लोग सवाल करते हैं कि क्या लगातार सांस फूलना हार्ट अटैक का संकेत है. लगातार सांस फूल रही है तो क्या आने वाला है हार्ट अटैक? हाल ही में हुए एक रिसर्च के अनुसार, हार्ट अटैक के 76% मरीज सांस लेने में तकलीफ, डिस्पेनिया या थकान जैसे लक्षण महसूस करते हैं. उनमें जीवन की संभावना उन लोगों से ज्यादा होती है, जिनमें हार्ट अटैक का मुख्य लक्षण सीने में दर्द रहता है. ESC एक्यूट कार्डियोवैस्कुलर केयर 2022 में पब्लिश इस शोध में बताया गया कि महिलाओं, बुजुर्गों, हार्ट ब्लड प्रेशर, डायबिटीज, किडनी और लंग्स डिजीज जैसी समस्याओं से लोगों में हार्ट अटैक का सामान्य लक्षण सांस की तकलीफ और बहुत ज्यादा थकान था. सांस लेने में समस्या आए तो हार्ट अटैक से सावधान हो जाना चाहिए? हेल्थ एक्सपर्ट्स के मुताबिक, सांस की समस्या के कई कारण हो सकते हैं. इसमें मुख्य तौर पर हार्ट और लंग्स हैं. दोनों शरीर के बेहद महत्वपूर्ण अंग हैं, इसलिए इस तकलीफ को नजरअंदाज करने से बचा चाहिए. एक्सपर्ट्स का कहना है कि सांस फूलने का कारण यह भी है कि शरीर को जितनी ऑक्सीजन मिल रही है, उससे ज्यादा की जरूरत है. दरअसल, फेफड़ों में ऑक्सीजन वाली हवा बढ़ाने के लिए बहुत से लोग तेजी से सांस लेते हैं. लंग्स से ऑक्सीजन ब्लड में पहुंचती है और फिर हार्ट उसे पंप करके पूरे शरीर में सप्लाई करता है. क्या हार्ट अटैक से पहले सांस अचानक से फूल सकती है? डॉक्टर्स के मुताबिक, सांस फूलना धीरे-धीरे बढ़ने वाली समस्या है. अक्सर पहली बार शारीरिक मेहनत के दौरान देखी जाती है. जैसे चलते समय, सीढ़ियां चढ़ते समय हल्की-हल्की सांस फूलती है. इसके कई कारण हो सकते हैं. इसमें मोटापा, फिटनेस खराब होना, क्रॉनिक ब्रोंकाइटिस, अस्थमा और एनीमिया शामिल हैं. recent visitors 108