मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी कार्यालय भोपाल ने होली के दौरान स्वास्थ्य सम्बन्धी समस्याओं से बचने के लिए सलाह जारी की

भोपाल  होली एवं रंग पंचमी के अवसर पर चिकित्सालयों में आकस्मिक चिकित्सा व्यवस्था बनाए रखने के लिए सी एम एच ओ कार्यालय भोपाल द्वारा निर्देश जारी किए गए हैं। होलिका दहन, जुलूस एवं चल समारोह में बड़ी संख्या में लोगों के शामिल होने की संभावना को देखते हुए आकस्मिक चिकित्सा के साथ 108 एंबुलेंस वाहनों को भी निर्धारित पॉइंट्स पर उपलब्ध रहने के निर्देश जारी किए गए हैं। स्वास्थ्य विभाग ने सलाह की जारी मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी कार्यालय भोपाल द्वारा होली के दौरान स्वास्थ्य सम्बन्धी समस्याओं से बचने के लिए सलाह जारी की गई है । जिसमें केमिकल फ्री रंगों के उपयोग , पूरी बांह के कपड़ों को पहनने , रंगों में भीगने से पहले शरीर पर तेल या मॉश्चराइजर के उपयोग, अल्कोहल एवं अन्य नशीले पदार्थों के सेवन से दूर रहने और चिकित्सकीय आपात स्थिति में तुरंत डॉक्टर से परामर्श लेने हेतु कहा गया है। सतर्कता बरते मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी भोपाल डॉ प्रभाकर तिवारी ने कहा कि होली और रंगपंचमी पर केमिकल वाले रंगों में लेड ऑक्साइड, कॉपर सल्फेट और माइका जैसे केमिकल्स का भी इस्तेमाल होता है। इस तरह के केमिकल्स से बने रंग उन लोगों को खासतौर पर काफी नुकसान पहुंचा सकते हैं जिनकी त्वचा संवेदनशील होती है। केमिकल वाले रंगों से आंखों को भी बहुत नुकसान हो सकता है। इन रंगों के आंखों में जाने पर जलन या आंखें लाल हो सकती हैं। होली खेलने के दौरान या बाद में त्वचा में जलन, आंखों में धुंधलापन या खुजली हो अथवा सांस लेने में दिक्कत होने पर डॉक्टर से सलाह ली जाए। recent visitors 29

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने होली पर प्रदेशवासियों को दीं बधाई और शुभकामनाएं

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने सत्य,अधर्म एवं अत्याचार पर भक्ति की जीत के प्रतीक पर्व होली पर प्रदेशवासियों को हार्दिक बधाई और शुभकामनाएं दी हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्रदेशवासियों से होली की पवित्र अग्नि में सभी नकारात्मक तत्वों को समर्पित कर जीवन में मंगल और शुभता का वरदान मांगने का आव्हान किया है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि होली पर हम सभी देश और समाज के प्रति अपने अमूल्य योगदान की सिद्धि का संकल्प लें।   recent visitors 27

Holi Eyes Care Tips : होली खेलते समय आंखो को रंगो से बचाना हैं? तो अपनाएं ये नुस्खे

होली का त्योहार खुशियों और रंगों का प्रतीक होता है, और इस दिन सभी लोग जमकर होली खेलते हैं। हालांकि, इस रंगीन उत्सव के दौरान अपनी सेहत का भी ध्यान रखना जरूरी है, खासकर आंखों की सुरक्षा। केमिकल युक्त रंगों का इस्तेमाल न केवल हमारी त्वचा पर असर डालता है, बल्कि यह आंखों के लिए भी खतरनाक हो सकता है। इसलिए, होली के दौरान कुछ खास उपायों का पालन करना चाहिए, ताकि आपकी आंखें सुरक्षित रहें। आंखों को साफ पानी से धोए होली के दौरान अगर आंखों के आस-पास रंग लग जाए, तो इसे तुरंत पानी से धो लेना चाहिए। इसके अलावा, गुलाब जल का इस्तेमाल भी किया जा सकता है, क्योंकि यह आंखों से रंग और गंदगी हटाने में मदद करता है। गुलाब जल की ताजगी और शीतलता आपकी आंखों को आराम पहुंचाती है और जलन को कम करती है। सनग्लासेस पहनें, आंखों को सुरक्षित रखें केमिकल युक्त रंगों से बचने के लिए होली के दिन सनग्लासेस का इस्तेमाल बेहद जरूरी है। ये आपकी आंखों को रंगों से होने वाले नुकसान से बचाते हैं और केमिकल्स के प्रभाव को कम करते हैं। अगर आप संपर्क लेंस (कंटेक्ट लेंस) पहनते हैं, तो कोशिश करें कि डेली डिस्पोजेबल लेंस का उपयोग करें, क्योंकि इससे आंखों में संक्रमण का खतरा कम होता है। आंखों के साथ क्या न करें: इन बातों का रखें ध्यान     आंखों को बार-बार न रगड़ें: होली खेलते समय अगर आपकी आंखों में रंग लग जाए तो इसे बार-बार रगड़ने से बचें। हाथों पर लगे रंगों के कारण आंखों में जलन और संक्रमण हो सकता है। अगर आंखों में जलन या खुजली हो, तो आई टिश्यू वाइप्स का इस्तेमाल करें या साफ पानी से आंखों को धोएं।     आई ड्रॉप्स का इस्तेमाल न करें: अगर होली के दौरान आपकी आंखों में कोई परेशानी हो, तो बिना डॉक्टर की सलाह के आई ड्रॉप्स का उपयोग न करें। स्टेरॉयड वाली आई ड्रॉप्स से बचें, क्योंकि ये तुरंत राहत देती हैं, लेकिन लंबे समय में आंखों की समस्या पैदा कर सकती हैं। recent visitors 38

खुदरा कारोबारियों का संगठन कन्फेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया ट्रेडर्स ने कहा- होली में 60 हजार करोड़ का होगा कारोबार

नई दिल्ली खुदरा कारोबारियों का संगठन कन्फेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया ट्रेडर्स (कैट) ने आज कहा कि इस वर्ष की होली में देश में 60 हजार करोड़ रुपये का कारोबार होने की संभावना है। कैट के राष्ट्रीय महामंत्री एवं चांदनी चौक से भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) सांसद प्रवीन खंडेलवाल ने रविवार को बताया कि इस साल होली के मौके पर देशभर में 60 हजार करोड़ रुपये से अधिक के व्यापार होने की संभावना है, जो पिछले साल की तुलना में 20 प्रतिशत अधिक है। पिछले वर्ष यही कारोबार लगभग 50 हज़ार करोड़ रुपये का था। श्री खंडेलवाल ने बताया कि कारोबारियों और ग्राहकों ने इस बार भी चीन में बने उत्पादों का बहिष्कार किया, जिससे भारतीय निर्मित हर्बल रंग, गुलाल, पिचकारी, मिठाइयां, ड्राई फ्रूट्स, परिधान, गिफ्ट आइटम और अन्य उत्पादों की बिक्री में जबरदस्त उछाल देखने को मिल रहा है। होली के उत्सव ने छोटे कारोबारियों, खुदरा विक्रेताओं और सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उपमक्र (एमएसएमई) क्षेत्र के लिए बड़े आर्थिक अवसर पैदा किए हैं। दिल्ली में ही आठ हजार करोड़ रुपये से अधिक का कारोबार होने की उम्मीद है, जहां बाजारों में रंग, गुलाल, पिचकारी, मिठाइयों और उपहारों की खरीदारी के लिए भीड़ उमड़ रही है। इस बार के होली सीजन में पारंपरिक भारतीय परिधानों जैसे सफेद कुर्ता-पाजामा, सलवार-सूट और "हैप्पी होली" लिखे टी-शर्ट की भी भारी मांग देखी जा रही है। कैट के अनुसार, देशभर में तीन हजार से अधिक होली मिलन समारोहों का आयोजन हो रहा है, जिससे होटल, बैंक्वेट हॉल, फार्महाउस और रेस्टोरेंट सेक्टर को भी लाभ मिल रहा है। बाज़ार में हर्बल रंगों और गुलाल की अधिक मांग है, जबकि केमिकल युक्त रंगों की लोकप्रियता घटी है। खासकर स्पाइडर मैन और छोटा भीम थीम वाली पिचकारी, गुलाल स्प्रे और प्रेशर टैंक पिचकारी बच्चों के बीच खूब पसंद की जा रही है। श्री खंडेलवाल ने कहा कि दिल्ली में 13 मार्च को होली जलाई जाएगी जबकि रंगों का पर्व 14 मार्च को मनाया जाएगा। होली के रंग में बाजार भी रंगे हुए नजर आने लगे हैं। बाजार में रंग बिरंगे गुलाल और पिचकारी के अलावा गुजिया के हार और मेवा से दुकानें सजी हुई है।बाजार में खरीददारी के लिए लोगों की प्रतिदिन बड़ती जा रही है। उन्होंने बताया कि होली पर रिश्तेदारों के यहां फल और मिठाई के साथ में मेवे की माला ले जाने की परंपरा के चलते खरीदारी के लिए लोगों की भीड़ दुकानों पर लगी रही। इसके चलते बाजार में चहल पहल बनी हुई है। केमिकल युक्त गुलाल एवं रंग की बजाय हर्बल रंग, अबीर और गुलाल की सर्वाधिक मांग बाज़ारों में है वहीं गुब्बारे और पिचकारी की मांग पिछले सालों के मुक़ाबले कुछ ज़्यादा ही है। कैट के राष्ट्रीय महामंत्री ने बताया कि इस बार बाजार में अलग-अलग तरह की पिचकारी गुब्बारे और अन्य आकर्षक आइटम आए हैं। प्रेशर वाली पिचकारी 100 रुपये से 350 रुपये तक की उपलब्ध है। टैंक के रूप में पिचकारी 100 रुपये से लेकर 400 रुपये तक में उपलब्ध है। इसके अलावा फैंसी पाइप की भी बाजार में धूम मची है। बच्चे स्पाइडर मैन, छोटा भीम आदि को बच्चे खूब पसंद कर रहे है वहीं गुलाल के स्प्रे की माँग बेहद हो रही है। recent visitors 43

घर लें आएं ये होली से पहले 5 चीजें, मां लक्ष्मी की बरसेगी कृपा, होगा धन लाभ

 इस साल होलिका दहन 13 मार्च 2025 को है और इसके अगले दिन होली खेली जाएगी. रंगों का ये त्योहार होली परिवार में सुख और अपार प्रेम लेकर आता है. होली पर या होलिक दहन से पहले कई लोग वास्तु अनुसार उपाय करते हैं. मान्यता है इससे रोग, दोष, मानसिक और आर्थिक परेशानी से छुटकारा मिलता है. होली से पहले कुछ चीजों को घर लाने से व्यक्ति की सोई किस्मत जाग उठती है, सकारात्मक ऊर्जा का प्रवाह घर में बढ़ता है, साथ ही धन लक्ष्मी घर में वास करती हैं. होली से पहले घर में लाएं ये चीजें चांदी का सिक्का – होलिका दहन के दिन फाल्गुन पूर्णिमा होती है, इस दिन घर में चांदी का सिक्का, चांदी का हाथी लाना शुभ होता है. चांदी का सिक्का घर लाने से माता लक्ष्मी प्रसन्न होती है. इस दिन चांदी के सिक्के की पूजा कर इसे लाल कपड़े में बांधकर तिजोरी में रख लें मान्यता है इससे घर में बरकत आती है. मां लक्ष्मी घर में वास करती हैं. इस दिन चांदी की बिछिया या पायल भी खरीद सकते हैं. बंदनवार – वास्तुशास्त्र के अनुसार, घर के मुख्य द्वार पर बंदनवार यानी तोरण लगाने से नकारात्मक ऊर्जा दूर होती है. इसलिए होली पर्व से पहले अपने घर पर मुख्य द्वार पर तोरण लगाएं. इससे से सकारात्मकता ऊर्जा का संचार बढ़ता है. बांस का पौधा – वास्तु में बांस का पौधा यानी बैम्बू ट्री को लकी प्लांट माना जाता है. होली पर आप अपने घर में बैम्बू ट्री भी ला सकते हैं. घर या ऑफिस में बांस का पौधा लगाने से अच्छे भाग्य की शुरुआत होती है एवं सुख-शांति और समृद्धि बनी रहती है. कछुआ – कछुए को भगवत स्वरुप माना जाता है. माना जाता है कि अगर आप होली पर्व पर धातु से बना कछुआ घर में लाते हैं तो इससे मां लक्ष्मी की कृपा घर पर बनी रहती है. लेकिन ध्यान रखें कि कछुए की पीठ पर श्रीयंत्र या कुबेर यंत्र बना होना चाहिए. होलिका की राख – होली से पहले होलिका दहन की पूजा होती है. अगले दिन होली पर होलिका की राख घर लाकर लाल कपड़े में बांधकर तिजोरी में रखे लें. कहते हैं इससे दरिद्रता दूर होती है. recent visitors 52

ब्रज की होली में मुसलमानो के प्रवेश पर लगे प्रतिबंध, BJP विधायक ने किया समर्थन, जानें क्या कहा?

मथुरा /पटना मथुरा के संतों ने होली पर ब्रज में मुस्लिमों की एंट्री बैन करने की मांग का बिहार के भाजपा विधायक हरिभूषण ठाकुर ने भी समर्थन किया है। उन्होंने साधु संतों की मांगों का समर्थन करते हुए कहा कि निश्चित रूप से जो हमारी संस्कृति को नहीं मानते हैं, उन्हें ऐसे आयोजनों पर जाने से रोका जाना चाहिए। भाजपा के विधायक हरिभूषण ठाकुर ने कहा कि जिनके मदरसों में पढ़ाया जाता है कि चेहरे पर रंग लग जाने से अल्लाह दंड देगा, उन्हें रंगों के त्योहार में नहीं जाना चाहिए। अल्लाह देता है दंड- बीजेपी विधायक बीजेपी के विधायक हरिभूषण ठाकुर ने कहा कि जिनके मदरसों में पढ़ाया जाता है कि चेहरे पर रंग लग जाने से अल्लाह दंड देगा, उन्हें रंगों के त्योहार में नहीं जाना चाहिए. साधु संतों की मांग का समर्थन करते हुए उन्होंने कहा कि जब वे हमारे देवी-देवता को नहीं मानते हैं, हमसे बैर रखते हैं, तो ऐसे किसी भी आयोजन में जहां सनातन संस्कृति का उत्सव हो, वहां मुस्लिम बंधुओं को नहीं जाना चाहिए. उन्होंने हालांकि यह भी कहा कि उनके भी पूर्वज हिन्दू ही थे. मथुरा में धूमधाम से मनाई जाती है होली गौरतलब है कि मथुरा में होली धूमधाम से मनाई जाती है. इस बीच मथुरा के संतों ने एक सुर में इस समारोह में मुस्लिमों के प्रवेश पर रोक लगाने की मांग की है. मथुरा के संतों का कहना है कि ब्रज की होली देखने देश-दुनिया से लोग मथुरा आते हैं. होली पर ब्रज में मुस्लिमों की एंट्री बैन होनी चाहिए. होली पर मुस्लिमों का क्या काम है? ब्रज में प्रयाग जैसा कानून लागू रहेगा. मुस्लिम होली में नहीं आने चाहिए. बिहार से भी मथुरा के साधु-संतों का समर्थन साधु-संतों की मांग का समर्थन करते हुए भाजपा के विधायक हरिभूषण ठाकुर ने कहा कि जब वे हमारे देवी-देवता को नहीं मानते हैं, हमसे बैर रखते हैं, तो ऐसे किसी भी आयोजन में जहां सनातन संस्कृति का उत्सव हो, वहां मुस्लिम बंधुओं को नहीं जाना चाहिए। उन्होंने हालांकि यह भी कहा कि उनके भी पूर्वज हिन्दू ही थे। ब्रज की होली में मुस्लिमों की एंट्री पर रोक मामला मथुरा में होली धूमधाम से मनाई जाती है। इस बीच मथुरा के संतों ने एक सुर में इस समारोह में मुस्लिमों के प्रवेश पर रोक लगाने की मांग की है। मथुरा के संतों का कहना है कि ब्रज की होली देखने देश-दुनिया से लोग मथुरा आते हैं। होली पर ब्रज में मुस्लिमों की एंट्री बैन होनी चाहिए। होली पर मुस्लिमों का क्या काम है? ब्रज में प्रयाग जैसा कानून लागू रहेगा। मुस्लिम होली में नहीं आने चाहिए। देश-दुनिया से ब्रज की होली में शामिल होते हैं श्रद्धालु ब्रज की होली कई दिन पहले शुरू हो जाती है, उमंग और जोश यहां पर एक अलग ही स्तर पर देखने को मिलता है। यहां पर दूर-दूर से लोग होली खेलने के लिए आते हैं। इसकी शुरुआत राधा की जन्मस्थली बरसाना से होती है। बरसाने की लठमार होली भगवान कृष्ण के काल में उनके द्वारा की जाने वाली लीलाओं का एक हिस्सा माना जाता है। ब्रज में कई दिन पहले से शुरू हो जाती है होली ब्रज की होली कई दिन पहले शुरू हो जाती है, उमंग और जोश यहां पर एक अलग ही स्तर पर देखने को मिलता है. यहां पर दूर-दूर से लोग होली खेलने के लिए आते हैं. इसकी शुरुआत राधा की जन्मस्थली बरसाना से होती है. बरसाने की लठमार होली भगवान कृष्ण के काल में उनके द्वारा की जाने वाली लीलाओं का एक हिस्सा माना जाता है. recent visitors 55