मंत्री ने जल संरक्षण को लेकर बच्चों द्वारा सृजित प्रदर्शनी का शुभारम्भ भी किया

समाज के समस्त प्रश्नों का समाधान, शिक्षा के मंदिरों से होगा : उच्च शिक्षा मंत्री परमार भारतीय ज्ञान परम्परा" में विद्यमान है जल संरक्षण" का मंत्र: उच्च शिक्षा मंत्री परमार मंत्री ने जल संरक्षण को लेकर बच्चों द्वारा सृजित प्रदर्शनी का शुभारम्भ भी किया रविन्द्र भवन भोपाल में दो दिवसीय "वॉटर फॉर ऑल – ऑल फॉर वॉटर" का शुभारम्भ भोपाल समाज में किसी भी तरह के संकट का समाधान करने कोई और नहीं आएगा। समाज के संकटों के समाधान भी, समाज की ही सहभागिता से संभव हैं। वर्तमान परिदृश्य में जल संकट एक सामाजिक प्रश्न हैं, इसका समाधान भी समाज को ही करना होगा। जल की एक-एक बूंद हमारे लिए अत्यन्त महत्वपूर्ण है! जनजागृति का यह संदेश जन-जन तक पहुंचे और जल संरक्षण के प्रति सामाजिक चेतना की जागृति हो, यह अत्यंत आवश्यक एवं महत्वपूर्ण है। वैश्विक परिधियों में आने वाले समय में कुछ ऐसे भी और संकट हैं, जिनके समाधान हमें शिक्षा के माध्यम से ही मिलेंगे। समाज के समस्त प्रश्नों का समाधान, हमारे शिक्षा के मंदिर ही करेंगे और हम उसकी ओर आगे बढ़ रहे हैं। यह बात उच्च शिक्षा, तकनीकी शिक्षा एवं आयुष मंत्री इन्दर सिंह परमार ने शुक्रवार को भोपाल स्थित रविन्द्र भवन में "परमार्थ समाजसेवी संस्था और समर्थन संस्था" के संयुक्त तत्वावधान में "जल संरक्षण के प्रति जागरुकता" के लिए आयोजित दो दिवसीय "वॉटर फॉर ऑल – ऑल फॉर वॉटर" कार्यक्रम का शुभारम्भ कर कही। मंत्री परमार ने प्रदेश के बुंदेलखंड के विभिन्न जिलों से आए, नन्हे बच्चों एवं विद्यालयीन विद्यार्थियों के द्वारा जल संरक्षण पर तैयार की गई प्रदर्शनी का शुभारम्भ भी किया। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मंत्री इन्दर सिंह परमार ने कहा कि वर्तमान परिदृश्य में जल का संरक्षण करना बहुत बड़ी चुनौती है और यह चुनौती इस रूप में है कि हमारे पूर्वजों ने जल का संरक्षण करने का मंत्र दिया था लेकिन वह हम भूल गए हैं। भारतीय समाज में यह ज्ञान रूपी मंत्र, पूर्वजों के द्वारा स्थापित परम्पराओं एवं मान्यताओं के रूप में विद्यमान है। जल संकट अलावा भी दूसरे संकट सामने दिखने लगे हैं, इसके लिए फिर से जन जागरण करने की आवश्यकता है। लोगों को जल संरक्षण के विभिन्न तरीकों से अवगत कराना, यह केवल सरकार का ही नहीं बल्कि समाज का भी दायित्व है और हर सामाजिक संगठन और हर व्यक्ति की भी जिम्मेदारी है। मंत्री परमार ने कहा कि जल संरक्षण के लिए कुछ ना कुछ प्रयास करें। जल संरक्षण को लेकर किए जा रहे प्रयासों को और गति देनी होगी। मंत्री परमार ने कार्यक्रम आयोजक संगठनों की सराहना करते हुए कहा कि आपने जो जन-जागरण का जिम्मा उठाया है, इससे निश्चित रूप से समाज में जागृति आएगी। मंत्री परमार ने कहा कि आज पानी, जमीन में नहीं जा रहा है। पानी जमीन में जाने का सबसे बड़ा माध्यम वृक्ष है। पानी को बचाने के लिए वृक्षों का भी होना बहुत आवश्यक है, इसके लिए प्रचुर मात्रा में वृक्षारोपण भी आवश्यक है। मंत्री परमार ने कहा कि जल संरक्षण के प्रति लोगों में जागृति आ रही है। भले जागृति लाने वाले लोग शुरू में कम होते हैं लेकिन धीरे-धीरे यह कारवां बढ़ता जाता है। परमार ने कहा कि जनजागृति के ऐसे आयोजनों से, आने वाले समय में पानी का सदुपयाेग करने और उसे अनावश्यक खर्च करने को लेकर जनमानस के मध्य अनुशासन स्थापित हाेगा। मंत्री परमार ने आयोजकों को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि पानी का एक एक बूंद हमारे लिए महत्वपूर्ण है, यह संदेश जन-जन तक पहुंचाने में निश्चित ही सफल होंगे। परमार ने कार्यक्रम में प्रदेश के बुंदेलखंड के विभिन्न जिलों से आए नन्हे बच्चों और विद्यालयीन विद्यार्थियों से संवाद भी किया। बच्चों ने प्रदर्शनी में अपने हर चित्र के माध्यम से यह बताने का प्रयास किया कि कैसे हम पानी की एक-एक बूँद को सहज सकते हैं और जल का संरक्षण कर सकते हैं। इस दौरान हिन्दुस्थान समाचार की मासिक पत्रिका "नवोत्थान" के जल विशेषांक का विमाेचन भी किया गया। इस अवसर पर परमार्थ संस्था के संस्थापक संजय सिंह, समर्थन संस्था की ओर से डॉ. योगेश कुमार, सेवानिवृत्त आईपीएस श्रीमति अनुराधा शंकर, वाल्मी की निदेशक श्रीमति सरिता बाला ओम प्रजापति, हिंदुस्थान समाचार न्यूज़ एजेंसी से वरिष्ठ पत्रकार डॉ. मयंक चतुर्वेदी एवं श्रीमति स्मिता नामदेव सहित अन्य विद्वतजन उपस्थित थे। उल्लेखनीय है कि विवा कॉन अगुआ डे सेंट पॉल ईवी जर्मनी के हैम्बर्ग में सेंट पॉल शहर जिले का एक गैर-लाभकारी संगठन है। इस एसोसिएशन का उद्देश्य जरूरतमंद देशों में लोगों को पेयजल और स्वच्छता की सुविधा उपलब्ध कराना है। संगठन द्वारा मप्र में परमार्थ समाजसेवी संस्था और समर्थन संस्था के साथ मिलकर पन्ना, छतरपुर और निवाड़ी में पेयजल और स्वच्छता के क्षेत्र में काम किया जा रहा है। इसी क्रम में राजधानी भोपाल में 28-29 मार्च को दो दिवसीय "जल महोत्सव" जागरुकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया है, जिसमें संस्था से जुड़े बच्चों द्वारा बनाए गए पोस्टरों की प्रदर्शनी लगाई गई है। इसके अलावा दो दिनों तक अलग अलग सत्रों में गतिविधियां आयोजित की जाएगी, जिसका उद्देश्य अधिक से अधिक लोगों को अपने साथ जोड़कर जल संरक्षण और स्वच्छता के प्रति लोगों को जागरुक करना है।   Pushpendra“माय सीक्रेट न्यूज़” यह एक ऑनलाइन वेबसाइट है, जो आपको देश – दुनिया और आपके आसपास की हर छोटी-बड़ी खबरों को आप तक पहुंचाती है। इस वेबसाइट का संचालन वरिष्ठ पत्रकार पुष्पेन्द्र जी कर रहे हैं। उन्होंने पत्रकारिता में BJC (बेचलर ऑफ़ जर्नलिज्म एंड कम्युनिकेशन) और MJC (मास्टर ऑफ़ जर्नलिज्म एंड कम्युनिकेशन) की डिग्री 2011 में हरिसिंह गौर केंद्रीय विश्वविद्यालय सागर मप्र से हासिल की है। उन्होंने भोपाल के स्वदेश, राज एक्सप्रेस, राष्ट्रीय हिंदी मेल, सांध्य प्रकाश, नवदुनिया और हरिभूमि जैसे बड़े समाचार पत्र समूहों में काम किया है।  और पढ़ें इस वेबसाइट का संचालन मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल से हो रहा है, जहाँ से प्रदेश की राजनीति से लेकर विकास की योजनाएं तैयार होती हैं।दे श व प्रदेश जिले की ताजा अपडेट्स व राजनीतिक प्रशासनिक खबरों के लिए पढ़ते रहिए हमारी वेबसाइट (my secret news. 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स्वतंत्रता के शताब्दी वर्ष 2047 तक भारत को विकसित भारत बनाने का संकल्प पूरे देश का संकल्प : मंत्री परमार

भोपाल स्वतंत्रता के शताब्दी वर्ष 2047 तक भारत को विकसित भारत बनाने का संकल्प पूरे देश का संकल्प है। भारत को विश्वमंच पर पुनः सिरमौर बनाने के लिए, "विचार क्रान्ति" को "कर्म क्रान्ति" में परिवर्तित करने की आवश्यकता है! इसके लिए हम सभी अपने परिश्रम और पुरुषार्थ का योगदान देना होगा। भारत की गौरवशाली सभ्यता, विरासत, ज्ञान परम्परा एवं भाषाओं से प्रेरणा लेकर हम सभी को राष्ट्र के पुनर्निर्माण में सहभागिता करनी होगी। यह बात उच्च शिक्षा, तकनीकी शिक्षा एवं आयुष मंत्री इन्दर सिंह परमार ने गुरुवार को विधानसभा भवन स्थित मानसरोवर सभागृह में, राष्ट्रीय सेवा योजना और नेहरू युवा केंद्र संगठन के संयुक्त तत्वाधान में दो दिवसीय "राज्यस्तरीय विकसित भारत युवा संसद-2025" के समापन समारोह में सहभागिता कर कही। मंत्री परमार ने "राष्ट्रीय विकसित भारत युवा संसद-2025" के लिए चयनित ओजस्वी वक्ता विद्यार्थियों को पुरस्कृत कर, उन्हें बधाई एवं शुभकामनाएं दीं। परमार ने चयनित तीनों वक्ता बेटियों को राष्ट्रीय स्तर पर ओजस्वी वक्तव्य देने के लिए प्रेरित भी किया। मंत्री परमार ने समस्त प्रतिभागी विद्यार्थियों का मनोबलवर्धन भी किया। मंत्री परमार ने कहा कि भारत अपनी ज्ञान परम्परा के आधार पर विश्वमंच पर सिरमौर था। भारत के पुरातन ज्ञान को पुनः विश्वमंच पर युगानुकुल परिप्रेक्ष्य में भारतीय दृष्टिकोण के साथ, प्रस्तुत करना होगा। इसके लिए हमें हमारे पूर्वजों की गौरवशाली ज्ञान परम्परा पर गर्व का भाव जागृत कर, उनके बनाए मार्ग पर चलने की आवश्यकता है। परमार ने कहा कि हमारे पूर्वजों ने प्रकृति, जल स्त्रोतों एवं सूर्य सहित समस्त ऊर्जा स्रोतों के संरक्षण के भाव से, शोध एवं अनुसंधान के आधार पर कृतज्ञता व्यक्त करते हुए, वैज्ञानिक दृष्टिकोण के साथ समाज में परम्परा के रूप में स्थापित की। कृतज्ञता ज्ञापित करना हमारी संस्कृति और सभ्यता है। हमारे पूर्वज सूर्य उपासक थे, प्राकृतिक ऊर्जा स्रोतों की उपयोगिता और महत्व को जानते थे। परमार ने कहा कि स्वतंत्रता के शताब्दी वर्ष 2047 तक भारत, सौर ऊर्जा के माध्यम से ऊर्जा के क्षेत्र में आत्म निर्भर होकर, अन्य देशों की पूर्ति करने में समर्थ देश बनेगा। वर्ष 2047 तक खाद्यान्न के क्षेत्र में आत्म निर्भर होकर, अन्य देशों का भरण पोषण करने में भी सामर्थ्यवान देश बनेगा। हम सभी की सहभागिता से, अपने पूर्वजों के ज्ञान के आधार पर पुनः विश्वमंच पर सिरमौर राष्ट्र का पुनर्निर्माण होगा। इसके लिए हमें स्वाभिमान के साथ हर क्षेत्र में अपने परिश्रम और तप से आगे बढ़कर, विश्वमंच पर अपनी मातृभूमि का परचम लहराना होगा। अपनी गौरवशाली सभ्यता, भाषा, इतिहास और ज्ञान के आधार पर, हम सभी की सहभागिता से भारत पुनः "विश्वगुरु" बनेगा। मंत्री परमार ने कहा कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 ने हमें हीन भावना से मुक्त होकर स्वाभिमान को जागृत करने का अवसर दिया है। राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 के भावानुरूप अब भाषाएं देश के सभी प्रांतों को एक दूसरे से जोड़ने का काम करेगी। परमार ने कहा कि मध्यप्रदेश ने भारत की सभी भाषाओं को सम्मान देने के लिए, नए प्रकल्प का संकल्प लिया है। उन्होंने कहा कि प्रदेश के हर विश्वविद्यालय में, अन्य राज्यों की भाषाओं को सिखाने के लिए कार्ययोजना बना रहे हैं जिससे यहां के विद्यार्थी, अन्य राज्यों के विद्यार्थियों के साथ उनकी भाषा में संवाद कर सकें। विद्यार्थियों को मूल्यांकन में भी इसके अतिरिक्त अंक दिए जाएंगे। परमार ने कहा कि इस प्रकल्प से, देश के हृदयप्रदेश से भाषाओं के माध्यम से देश को जोड़ने का संदेश जाएगा। हमारा प्रदेश, भारतीय भाषाओं के संगम का केंद्र बनेगा। परमार ने कहा कि प्रदेश में विद्यार्थियों की संस्थानों में उपस्थिति सुनिश्चित की जाएगी और विद्यार्थियों के मूल्यांकन में क्रेडिट के रूप में उनकी उपस्थिति के अंक दिए जाएंगे। परमार ने कहा कि हर विद्या-हर क्षेत्र में भारतीय ज्ञान विद्यमान है। यह भारतीय विचार और दर्शन न केवल पाठ्यक्रमों तक सीमित रहेगा, बल्कि भारत को पुनः विश्वगुरु, शक्तिशाली, सामर्थ्यवान और सर्वश्रेष्ठ बनाने में महती उपयोगिता सुनिश्चित करेगा। निर्णायक मंडल में शामिल सीधी विधानसभा की विधायक श्रीमति रीति पाठक ने "राज्यस्तरीय विकसित भारत युवा संसद-2025" में विशिष्ट प्रदर्शन कर "राष्ट्रीय विकसित भारत युवा संसद-2025" में अपना स्थान बनाने वाले प्रतिभागियों के नाम की घोषणा की। युवा संसद के राष्ट्र स्तरीय कार्यक्रम के लिए, प्रतिभागियों में से तीन छात्राओं का चयन किया गया है, इसमें प्रथम स्थान पर इंदौर जिले की सुसजल जैन, द्वितीय स्थान पर भिंड जिले की सुयति सिसौदिया एवं तृतीय स्थान पर सतना जिले की सुराशि त्रिपाठी रहीं। ये तीनों बेटियां "विकसित भारत युवा संसद-2025" के राष्ट्रीय कार्यकम में, प्रदेश का प्रतिनिधित्व करेंगी। इसके साथ ही अपने वक्तव्य के माध्यम से उत्कृष्ट प्रदर्शन करने के लिए तीन प्रतिभागियों को सांत्वना पुरस्कार भी दिया गया, इनमें सुमंजरी शर्मा, सुभूमिका शर्मा एवं ओम त्यागी शामिल हैं। समापन समारोह में खातेगांव विधानसभा के विधायक आशीष गोविंद शर्मा, प्रमुख सचिव विधानसभा ए पी सिंह, सचिव विधानसभा अरविन्द शर्मा, राज्य एनएसएस अधिकारी मनोज अग्निहोत्री एवं नेहरू युवा केंद्र संगठन के क्षेत्रीय निदेशक राकेश सिंह तोमर सहित प्रदेश भर से सहभागिता करने पधारे युवा प्रतिभागी विद्यार्थी, राष्ट्रीय सेवा योजना के विभिन्न पदाधिकारीगण, नेहरू युवा केंद्र संगठन के विभिन्न पदाधिकारीगण एवं विधानसभा के अधिकारीगण उपस्थित थे। उल्लेखनीय है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आव्हान पर, केंद्रीय युवा कार्यक्रम एवं खेल मंत्रालय नई दिल्ली द्वारा वर्ष 2019 से सतत् आयोजित "राष्ट्रीय युवा संसद महोत्सव" के अनुक्रम में यह वर्ष "विकसित भारत युवा संसद/VBYP2025" के रूप में आयोजित किया गया है। इस परिप्रेक्ष्य में यह राज्य स्तरीय दो दिवसीय युवा संसद "भारतीय संविधान के 75 वर्षः अधिकारों, कर्तव्यों और प्रगति की यात्राः संविधान दिवस के 11 संकल्पः भारत के संवैधानिक मूल्यों को सशक्त बनाने की प्रतिज्ञा" विषय पर आयोजित की गई। इसमें प्रदेश के 20 नोडल जिलों के माध्यम से, जिलों से चयनित 200 युवा प्रतिभागियों ने अपने विचार प्रस्तुत किए।   Pushpendra“माय सीक्रेट न्यूज़” यह एक ऑनलाइन वेबसाइट है, जो आपको देश – दुनिया और आपके आसपास की हर छोटी-बड़ी खबरों को आप तक पहुंचाती है। इस वेबसाइट का संचालन वरिष्ठ पत्रकार पुष्पेन्द्र जी कर रहे हैं। उन्होंने पत्रकारिता में BJC (बेचलर ऑफ़ जर्नलिज्म एंड कम्युनिकेशन) और MJC (मास्टर ऑफ़ जर्नलिज्म एंड कम्युनिकेशन) की डिग्री 2011 में हरिसिंह गौर केंद्रीय विश्वविद्यालय सागर मप्र से हासिल की है। उन्होंने भोपाल के स्वदेश, राज एक्सप्रेस, राष्ट्रीय हिंदी मेल, सांध्य प्रकाश, नवदुनिया और हरिभूमि जैसे बड़े समाचार पत्र समूहों में काम … Read more

राज्य सरकार, शिक्षा के क्षेत्र में प्रदेश को अग्रणी एवं आत्मनिर्भर बनाने के लिए प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही :मंत्री परमार

भोपाल उच्च शिक्षा, तकनीकी शिक्षा एवं आयुष मंत्री इन्दर सिंह परमार ने इंदौर स्थित गोविंदराम सेकसरिया प्रौद्योगिकी एवं विज्ञान संस्थान (एसजीएसआईटीएस) को, विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) द्वारा दस वर्षों के लिए स्वायत्तता का दर्जा मिलने पर हर्ष व्यक्त किया है। मंत्री परमार ने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव के यशस्वी नेतृत्व में, प्रदेश "विकसित एवं समृद्ध मध्यप्रदेश" संकल्पना की सिद्धि की ओर सतत् आगे बढ़ रहा है। राज्य सरकार, शिक्षा के क्षेत्र में प्रदेश को अग्रणी एवं आत्मनिर्भर बनाने के लिए प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है। परमार ने कहा कि राज्य सरकार, विद्यार्थियों को राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 के परिप्रेक्ष्य में, गुणवत्तापूर्ण एवं रोजगारपरक तकनीकी शिक्षा प्रदान करने की दिशा में अग्रसर है। हम तकनीकी शिक्षा को समृद्ध बनाने की दिशा में सतत् क्रियाशील हैं। तकनीकी शिक्षा के क्षेत्र में सतत् नवीन आयाम स्थापित हो रहे हैं, विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) द्वारा एसजीएसआईटीएस को दस वर्षों के लिए स्वायत्तता का दर्जा मिलना, इसका उदाहरण है। ज्ञातव्य है कि प्रदेश के इंदौर स्थित गोविंदराम सेकसरिया प्रौद्योगिकी एवं विज्ञान संस्थान (एसजीएसआईटीएस) ने पुनः विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) से स्वायत्तता का दर्जा प्राप्त किया है। यूजीसी ने एसजीएसआईटीएस को शैक्षणिक वर्ष 2025-2026 से 2034-2035 तक 10 वर्ष की अवधि के लिए स्वायत्त दर्जा दिया है। एसजीएसआईटीएस, प्रदेश के सबसे पुराने और प्रमुख तकनीकी शिक्षण संस्थानों में से एक तकनीकी शिक्षण संस्थान है। एसजीएसआईटीएस को वर्ष 1989 में जब पहली बार स्वायत्तता का दर्जा दिया गया था, तब एसजीएसआईटीएस संस्थान, स्वायत्तता प्राप्त करने वाला प्रदेश का पहला और एकमात्र तकनीकी शिक्षण संस्थान था। इसके बाद से हर पांच साल में स्वायत्तता की समीक्षा की जाकर, स्वायत्त स्थिति में लगातार वृद्धि होती रही है। एसजीएसआईटीएस संस्थान, विगत 35 वर्षों से सतत् स्वायत्तता के साथ क्रियाशील है। यह संस्थान राजीव गांधी प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय, भोपाल के साथ देवी अहिल्या विश्वविद्यालय, इंदौर से भी संबद्धता प्राप्त है। गोविंदराम सेकसरिया प्रौद्योगिकी एवं विज्ञान संस्थान (एसजीएसआईटीएस), राष्ट्रीय मूल्यांकन एवं प्रत्यायन परिषद (NAAC) द्वारा "A" ग्रेड से भी प्रत्ययित, तकनीकी शिक्षण संस्थान है। तकनीकी शिक्षा मंत्री एवं एसजीएसआईटीएस संस्थान के शासी निकाय के अध्यक्ष परमार ने संस्थान की स्वायत्तता के लिए, अधिकतम संभव विस्तार अवधि के लिए हरसंभव प्रयास किए जाने के निर्देश दिए थे। मंत्री परमार के मार्गदर्शन में, एसजीएसआईटीएस संस्थान की स्वायत्तता समिति ने 10 साल के लिए संस्थान की स्वायत्तता विस्तार की स्वीकृति के लिए यूजीसी को आवेदन प्रस्तुत किया था। इस बार विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) ने जनवरी 2025 में हुई अपनी बैठक में, एसजीएसआईटीएस संस्थान इंदौर को 10 वर्ष के लिए यानि 30 जून 2035 तक स्वायत्तता देने का निर्णय लिया है। विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) स्वायत्तता के दर्जे का उपयोग करते हुए एसजीएसआईटीएस संस्थान, अपने पाठ्यक्रम, परीक्षा, परिणाम, कार्ययोजना आदि स्वयं बनाता है। एसजीएसआईटीएस संस्थान, बहुविषयक शिक्षा एवं अनुसंधान विश्वविद्यालय के दर्जे के लिए भी अपनी उम्मीदवारी प्रस्तुत कर रहा है।   Pushpendra“माय सीक्रेट न्यूज़” यह एक ऑनलाइन वेबसाइट है, जो आपको देश – दुनिया और आपके आसपास की हर छोटी-बड़ी खबरों को आप तक पहुंचाती है। इस वेबसाइट का संचालन वरिष्ठ पत्रकार पुष्पेन्द्र जी कर रहे हैं। उन्होंने पत्रकारिता में BJC (बेचलर ऑफ़ जर्नलिज्म एंड कम्युनिकेशन) और MJC (मास्टर ऑफ़ जर्नलिज्म एंड कम्युनिकेशन) की डिग्री 2011 में हरिसिंह गौर केंद्रीय विश्वविद्यालय सागर मप्र से हासिल की है। उन्होंने भोपाल के स्वदेश, राज एक्सप्रेस, राष्ट्रीय हिंदी मेल, सांध्य प्रकाश, नवदुनिया और हरिभूमि जैसे बड़े समाचार पत्र समूहों में काम किया है।  और पढ़ें इस वेबसाइट का संचालन मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल से हो रहा है, जहाँ से प्रदेश की राजनीति से लेकर विकास की योजनाएं तैयार होती हैं।दे श व प्रदेश जिले की ताजा अपडेट्स व राजनीतिक प्रशासनिक खबरों के लिए पढ़ते रहिए हमारी वेबसाइट (my secret news. Com )👈 ✍️ पुष्पेन्द्र , (वरिष्ठ पत्रकार) भोपाल, मप्र  mysecretnews.com recent visitors 28

उच्च शिक्षा मंत्री ने अमरकंटक में सात दिवसीय राष्ट्रीय सेवा योजना राज्य स्तर नेतृत्व शिविर एवं सम्मेलन का किया शुभारंभ

अनूपपुर  मध्य प्रदेश शासन के उच्च शिक्षा, तकनीकी शिक्षा एवं आयुष मंत्री श्री इंदर सिंह परमार ने कहा है कि युवा देश और प्रदेश के विकास की धुरी हैं। राष्ट्रीय सेवा योजना युवाओं में समाजसेवा, राष्ट्रभक्ति, अनुशासन और साहचर्य की भावना विकसित करने का एक महत्वपूर्ण मंच है। उन्होंने कहा कि धार्मिक एवं पर्यटन नगरी अमरकंटक में मां नर्मदा की नगरी में इस शिविर का आयोजन होना स्वयंसेवियों के जीवन का बेहद खास अनुभव एवं सुखमय आनंद होगा। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय सेवा योजना व्यक्तित्व विकास और राष्ट्र प्रेम की सीख देने की जीवंत इकाई है। इसके नाम से ही सेवा का भाव उत्पन्न होता है। यह संगठन विद्यार्थियों के गुणों का संवर्धन कर उन्हें समुदाय विकास की मूल भावना से ओत-प्रोत कर देश के विकास में सहयोग देता है। मध्य प्रदेश शासन के उच्च शिक्षा, तकनीकी शिक्षा एवं आयुष मंत्री श्री इंदर सिंह परमार आज अनूपपुर जिले के अमरकंटक में सात दिवसीय राष्ट्रीय सेवा योजना के राज्य स्तरीय नेतृत्व शिविर एवं सम्मेलन कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। उच्च शिक्षा मंत्री श्री परमार ने कहा कि जिस समाज में जन्म लिया तथा जिस समाज ने हमें बोलना, चलना तथा समाज का परिचय करना सिखाया उस समाज का हमारे ऊपर कर्ज है तथा इस शिविर के माध्यम से हमको सामाजिक जीवन की अनुभूति को ग्रहण करना है तथा समाज को सही राह प्रदान करना है। उन्होंने कहा कि यह बेहद प्रशंसनीय है कि आज हमारे विद्यार्थी एनएसएस को एक विषय के रूप में पढ़ रहे हैं। युवा ही देश का भविष्य हैं और इनमें सेवा भावना के विकास से देश का विकास और अधिक तीव्र गति से होगा। उन्होंने सभी विद्यार्थियों को शिविर में सम्मिलित होने के लिए शुभकामनाएं दी। राष्ट्रीय सेवा योजना युवाओं को कदम से कदम मिलाकर चलना सिखाती है- विधायक फुंदेलाल मार्को शिविर को संबोधित करते हुए विधायक पुष्पराजगढ़ श्री फुंदेलाल मार्को ने कहा कि एनएसएस के समर्पण और सेवा भावना की सराहना करते हुए कहा कि राष्ट्रीय सेवा योजना युवाओं को कदम से कदम मिलाकर चलना सिखाती है। यह संगठन हमें सह अस्तित्व भाव से जीवन पथ पर आगे बढ़ने की प्रेरणा देता है। उन्होंने कहा कि युवा अपने जीवन के बाकी गुणों के विकास के साथ-साथ सेवा भावना को भी अपनाएं और जीवन में आगे बढ़ें। विधायक पुष्पराजगढ़ द्वारा एनएसएस द्वारा स्वच्छता, शुचिता, रक्तदान, जनजागरूकता कार्यक्रमों में सहभागिता की सराहना की।‌ अपनी मेहनत से समाज को नई दिशा दे रहे हैं युवा- कुलगुरु प्रो. राजेंद्र कुमार कुडरिया शिविर को अवधेश प्रताप विश्वविद्यालय रीवा के कुलगुरु प्रो. राजेंद्र कुमार कुडरिया ने संबोधित करते हुए कहा कि मध्यप्रदेश में सन् 1969 में राष्ट्रीय सेवा योजना सर्वप्रथम प्रदेश के दो विश्वविद्यालयों में शुरू की गई एंव वर्तमान में प्रदेश के सभी विश्वविद्यालयों द्वारा इसका संचालन किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय सेवा योजना के अंतर्गत युवा जुड़कर अपनी मेहनत से समाज को नई दिशा दे रहे हैं तथा अपने व्यक्तित्व का विकास कर रहे हैं। राष्ट्रीय सेवा योजना युवाओं को अनुशासन, कर्तव्य प्राणायता, सजगता, जागरूकता आदि सिखाती है। उन्होंने सभी विद्यार्थियों को नर्मदा की गोद में आयोजित प्रशिक्षण में अच्छी सीख लेने तथा अपना व्यक्तित्व निखारने की बात कही। उच्च शिक्षा मंत्री एवं अन्य जनप्रतिनिधियों ने किया शिविर का शुभारंभ कार्यक्रम का शुभारंभ मध्य प्रदेश शासन के उच्च शिक्षा, तकनीकी शिक्षा एवं आयुष मंत्री श्री इंदर सिंह परमार, विधायक पुष्पराजगढ़ श्री फुंदेलाल मार्को, अवधेश प्रताप सिंह विश्वविद्यालय रीवा के कुलगुरु प्रोफेसर राजेंद्र कुमार कुडरिया सहित अन्य जनप्रतिनिधियों एवं अधिकारियों ने स्वामी विवेकानंद जी के छायाचित्र के समक्ष दीपक प्रज्वलित एवं माल्यार्पण कर सात दिवसीय राष्ट्रीय सेवा योजना राज्य स्तरीय नेतृत्व शिविर एवं सम्मेलन का शुभारंभ किया। यह शिविर अमरकंटक में 2 से 8 मार्च 2025 तक आयोजित किया जाएगा। शिविर में एनएसएस शिविर से संबंधित पुस्तक का विमोचन किया गया तथा राष्ट्रीय सेवा योजना से संबंधित लक्ष्य गीत तथा चिंतन के महत्वपूर्ण बिंदुओं पर विशेष चर्चा की गई। इस अवसर पर जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री तन्मय वशिष्ठ शर्मा, अनुविभागीय अधिकारी राजस्व पुष्पराजगढ़ श्री महिपाल सिंह गुर्जर, पूर्व जनपद अध्यक्ष पुष्पराजगढ़ श्री हीरा सिंह श्याम, नगर पालिका अमरकंटक अध्यक्ष श्रीमती पार्वती सिंह, अमरकंटक विकास प्राधिकरण के पूर्व अध्यक्ष श्री अंबिका तिवारी, नगर पालिका अमरकंटक के पूर्व उपाध्यक्ष श्री राम गोपाल द्विवेदी, राज्य एन एस एस अधिकारी श्री मनोज अग्निहोत्री, अवधेश प्रताप सिंह विश्वविद्यालय कार्यक्रम समन्वयक एन एस एस श्री अभिमन्यु प्रसाद सहित अन्य जनप्रतिनिधि, शासकीय सेवक, एन एस एस स्वयं सेवक एवं आमजन उपस्थित थे। Pushpendra“माय सीक्रेट न्यूज़” यह एक ऑनलाइन वेबसाइट है, जो आपको देश – दुनिया और आपके आसपास की हर छोटी-बड़ी खबरों को आप तक पहुंचाती है। इस वेबसाइट का संचालन वरिष्ठ पत्रकार पुष्पेन्द्र जी कर रहे हैं। उन्होंने पत्रकारिता में BJC (बेचलर ऑफ़ जर्नलिज्म एंड कम्युनिकेशन) और MJC (मास्टर ऑफ़ जर्नलिज्म एंड कम्युनिकेशन) की डिग्री 2011 में हरिसिंह गौर केंद्रीय विश्वविद्यालय सागर मप्र से हासिल की है। उन्होंने भोपाल के स्वदेश, राज एक्सप्रेस, राष्ट्रीय हिंदी मेल, सांध्य प्रकाश, नवदुनिया और हरिभूमि जैसे बड़े समाचार पत्र समूहों में काम किया है।  और पढ़ें इस वेबसाइट का संचालन मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल से हो रहा है, जहाँ से प्रदेश की राजनीति से लेकर विकास की योजनाएं तैयार होती हैं।दे श व प्रदेश जिले की ताजा अपडेट्स व राजनीतिक प्रशासनिक खबरों के लिए पढ़ते रहिए हमारी वेबसाइट (my secret news. Com )👈 ✍️ पुष्पेन्द्र , (वरिष्ठ पत्रकार) भोपाल, मप्र  mysecretnews.com recent visitors 39

“यंग लीडर डायलॉग-2025” में सहभागिता करने वाले विद्यार्थियों का भी हुआ सम्मान

उच्च शिक्षा मंत्री ने "गणतंत्र दिवस परेड -2025" में सम्मिलित "मप्र राष्ट्रीय सेवा योजना" के स्वयंसेवकों को किया सम्मानित "राष्ट्रीय सेवा योजना" से मिली जीवन दृष्टि को आत्मसात् करें विद्यार्थी : मंत्री परमार "यंग लीडर डायलॉग-2025" में सहभागिता करने वाले विद्यार्थियों का भी हुआ सम्मान भोपाल उच्च शिक्षा, तकनीकी शिक्षा एवं आयुष मंत्री इन्दर सिंह परमार ने बुधवार को भोपाल स्थित निवास पर, "गणतंत्र दिवस परेड -2025" कर्तव्यपथ नई दिल्ली में "राष्ट्रीय परेड दल" में सम्मिलित "मप्र राष्ट्रीय सेवा योजना" के स्वयंसेवकों को सम्मानित कर, उज्जवल भविष्य की शुभकामनाएं दीं। मंत्री परमार ने श्रद्धेय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी से "यंग लीडर डायलॉग" में संवाद कर "2047 के भारत की परिकल्पना" के संदर्भ में अपनी ऊर्जामयी सहभागिता करने वाले "मप्र राष्ट्रीय सेवा योजना" के स्वयंसेवकों का भी सम्मान किया और उनके उज्जवल भविष्य की शुभकामनाएं दीं। परमार ने सभी स्वयंसेवकों को महामहिम राज्यपाल द्वारा दिए गए प्रमाण पत्र, मेडल एवं शॉल-श्रीफल से भी सम्मानित किया। राष्ट्रीय परेड से लौटे स्वयंसेवक विद्यार्थियों ने मंत्री परमार को विभिन्न छायाचित्रों का अवलोकन कराया एवं शिविर के दौरान अपने अनुभवों को भी साझा किया। उच्च शिक्षा मंत्री परमार ने स्वयंसेवकों को कैंपस टू कम्युनिटी के अंतर्गत विभिन्न गतिविधियों में नेतृत्व करने का आह्वान किया। परमार ने कहा कि प्रदेश में "राष्ट्रीय सेवा योजना" की विविध गतिविधियों को परीक्षाओं के मूल्यांकन में वेटेज देने के लिए "क्रेडिट सिस्टम" विकसित करने की कार्ययोजना बना रहे हैं, इससे विद्यार्थियों को शैक्षणिक के अतिरिक्त अन्य गतिविधियों के लिए भी वेटेज मिल सकेगा। राज्य स्तर नेतृत्व शिविर के प्रशिक्षण गतिविधियों को महत्वपूर्ण मानते हुए मंत्री परमार ने कहा कि प्रशिक्षण के अन्य आयामों को प्रारम्भ करने की भी कार्ययोजना बनाएंगे। मंत्री परमार ने गणतंत्र दिवस की राष्ट्रीय परेड से लौटे स्वयंसेवक विद्यार्थियों को, अपने संस्था परिसर में सामाजिक मूल्यों का नेतृत्व करने के लिए प्रेरित किया और अन्य युवा साथियों को भी इस तरह की गतिविधियों के लिए प्रेरित करने की बात कही। परमार ने कहा कि "राष्ट्रीय सेवा योजना" के विभिन्न आयामों से प्राप्त जीवन दृष्टि को विद्यार्थी अपने व्यावहारिक जीवन में आत्मसात् करें और देशभक्त नागरिक बन राष्ट्र निर्माण में अपनी सहभागिता सुनिश्चित करें। परमार ने कहा कि स्वतंत्रता के शताब्दी वर्ष 2047 के भारत की संकल्पना को साकार करने में हम सभी का पुरुषार्थ और सहभागिता आवश्यक है। परमार ने कहा कि शिविर के दौरान मिले अनुभवों, अनुशासन और सीखों को दैनिक जीवनचर्या में अमल कर, अपने संस्थान परिवेश को बेहतर बनाने की ओर आगे बढ़ें। परमार ने कहा कि "राष्ट्रीय सेवा योजना" की समाज में व्यापक विश्वसनीयता स्थापित करने के लिए, मूल्य आधारित जीवनचर्या को धारण करें। शिक्षा के मंदिरों को आदर्श बनाने में, "राष्ट्रीय सेवा योजना" के स्वयंसेवकों को भूमिका सुनिश्चित हों। सभी स्वयंसेवक विद्यार्थी, अपने संस्थानों में विद्यावन अंतर्गत पौधरोपण कर युवाओं में प्रकृति संरक्षण का भाव जागृत करने का प्रयास करें। इस अवसर पर राष्ट्रीय सेवा योजना के क्षेत्रीय निदेशक डॉ अशोक कुमार श्रुति, राज्य एनएसएस अधिकारी डॉ मनोज अग्निहोत्री, कार्यक्रम समन्वयक डॉ अनंत कुमार सक्सेना, प्रशिक्षक एवं कार्यक्रम अधिकारी राहुल सिंह परिहार, कार्यक्रम अधिकारी डॉ अर्चना सेन एवं युवा अधिकारी राजकुमार वर्मा उपस्थित थे। ज्ञातव्य है कि "गणतंत्र दिवस परेड -2025" कर्तव्यपथ नई दिल्ली में "राष्ट्रीय परेड दल" में सम्मिलित "मप्र राष्ट्रीय सेवा योजना" के चार-चार स्वयंसेवक छात्र-छात्राओं ने महामहिम राष्ट्रपति को सलामी दी थीं। संस्था स्तर से विभिन्न चरणों के चयन के बाद, इन सभी स्वयंसेवकों का चयन हुआ था। इन स्वयंसेवकों ने महामहिम राष्ट्रपति श्रीमति द्रोपदी मुर्मू से सांस्कृतिक गतिविधियों के माध्यम से मध्यप्रदेश की सांस्कृतिक विरासत का परिचय भी कराया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से यंग लीडर डायलॉग में संवाद कर 2047 के भारत की परिकल्पना के विषयों को भी प्रदेश के स्वयंसेवकों ने इंगित किया। "गणतंत्र दिवस परेड -2025" कर्तव्यपथ नई दिल्ली में "राष्ट्रीय परेड दल" में स्वयंसेवक सुसंध्या यादव, सुविशाखा सेन, सुप्राची झारिया, सुअंशिका जोशी, अजय सिंह परिहार, निरंजन बिसेन, अतुल सेन एवं सचिन पटेल सम्मिलित हुए। "यंग लीडर डायलॉग-2025" में राष्ट्रीय सेवा योजना के स्वयंसेवकों राहुल लोधी एवं विपिन सेन ने सहभागिता की।   Pushpendra“माय सीक्रेट न्यूज़” यह एक ऑनलाइन वेबसाइट है, जो आपको देश – दुनिया और आपके आसपास की हर छोटी-बड़ी खबरों को आप तक पहुंचाती है। इस वेबसाइट का संचालन वरिष्ठ पत्रकार पुष्पेन्द्र जी कर रहे हैं। उन्होंने पत्रकारिता में BJC (बेचलर ऑफ़ जर्नलिज्म एंड कम्युनिकेशन) और MJC (मास्टर ऑफ़ जर्नलिज्म एंड कम्युनिकेशन) की डिग्री 2011 में हरिसिंह गौर केंद्रीय विश्वविद्यालय सागर मप्र से हासिल की है। उन्होंने भोपाल के स्वदेश, राज एक्सप्रेस, राष्ट्रीय हिंदी मेल, सांध्य प्रकाश, नवदुनिया और हरिभूमि जैसे बड़े समाचार पत्र समूहों में काम किया है।  और पढ़ें इस वेबसाइट का संचालन मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल से हो रहा है, जहाँ से प्रदेश की राजनीति से लेकर विकास की योजनाएं तैयार होती हैं।दे श व प्रदेश जिले की ताजा अपडेट्स व राजनीतिक प्रशासनिक खबरों के लिए पढ़ते रहिए हमारी वेबसाइट (my secret news. Com )👈 ✍️ पुष्पेन्द्र , (वरिष्ठ पत्रकार) भोपाल, मप्र  mysecretnews.com recent visitors 28

उच्च शिक्षा मंत्री ने स्कूल के स्थापना दिवस पर लगाई उठक-बैठक, बोले -नई शिक्षा नीति से आएगा बड़ा परिवर्तन

शाजापुर  मध्य प्रदेश के उच्च शिक्षा मंत्री इंदर सिंह परमार ने शुजालपुर स्थित सीएम राइज स्कूल के पूर्व छात्र सम्मेलन में स्कूल के दिनों को याद करते हुए कान पकड़कर उठक-बैठक लगाई। यह अनोखा वाकया देखकर वहां मौजूद सभी लोग हैरान रह गए। मंत्री के साथ अन्य पूर्व छात्रों, प्रोफेसरों और अधिकारियों ने भी उठक-बैठक लगाई और पुराने गाने गाए। यह सम्मेलन स्कूल के पुराने दिनों को याद करने और पूर्व छात्रों के मिलन का एक मंच बना। मंत्री परमार ने नई शिक्षा नीति की चर्चा करते हुए भारत को विश्व गुरु बताया। उच्च शिक्षा मंत्री ने लगाई उठक-बैठक शाजापुर जिले के शुजालपुर में स्थित सीएम राइज स्कूल में एक अनोखा दृश्य देखने को मिला। मध्य प्रदेश के उच्च शिक्षा मंत्री इंदर सिंह परमार अपने दौरे के दौरान स्कूल पहुंचे और वहां पूर्व छात्र सम्मेलन में शामिल हुए। इस दौरान मंत्री परमार ने अपने स्कूल के दिनों को याद करते हुए कान पकड़कर उठक-बैठक लगाई। मंत्री जी का यह अंदाज़ देखकर वहां मौजूद सभी लोग हैरान रह गए। मंत्री के साथ-साथ कई अन्य पूर्व छात्र, प्रोफेसर, अधिकारी और शिक्षक भी कान पकड़कर उठक-बैठक लगाते नज़र आए। इसके अलावा, लोगों ने क्लास रूम में टेबल बजाकर पुराने गाने भी गाए। स्कूल के स्थापना दिवस पर लगाई उठक-बैठक शुजालपुर के इस स्कूल की स्थापना 1931 में श्री राम मंदिर के पीछे हुई थी। इसे 'लाल स्कूल' के नाम से जाना जाता था। 1957 में हाईस्कूल की कक्षाएं वर्तमान सीएम राइज स्कूल भवन में शुरू हुईं। मंगलवार को आयोजित इस पूर्व छात्र सम्मेलन में कई पूर्व छात्र दशकों बाद अपने स्कूल लौटे। कुछ लोग 67 साल बाद, तो कुछ 85 साल की उम्र में लकड़ी के सहारे इस यादगार आयोजन में शामिल होने पहुंचे। वहीं, क्लास रूम में शिक्षकों द्वारा दी जाने वाली सजा 'कान पकड़कर उठक-बैठक' को याद करते हुए पूर्व छात्रों ने अपने शिक्षकों के नाम लेकर 'अमर रहे' के नारे लगाए। इसके साथ ही, उन्होंने पुराने गाने गुनगुनाए, सेल्फी लीं और ग्रुप फोटो खिंचवाकर इस पल को यादगार बनाया। प्रोफेसर एमआर नालमें ने बताया कि साल 1951 में मेरी हाईस्कूल क्लास में 19 लड़के थे। तब सेकंड डिविजन पास होना भी बहुत बड़ी बात होती थी।" उन्होंने यह भी बताया कि साल 1957 में स्कूल इसी भवन में लगने लगा था। 1 जनवरी 1957 को इस स्कूल में दाखिला लेने वाले राम शर्मा ने बताया कि उनकी तीन पीढ़ियां इसी स्कूल से पढ़ी हैं। वे इस स्कूल के छात्र और शिक्षक दोनों रहे हैं। नई शिक्षा नीति से आएगा बड़ा परिवर्तन मंत्री परमार ने इस मौके पर नई शिक्षा नीति के बारे में बात की। उन्होंने कहा कि नई शिक्षा नीति से बड़ा परिवर्तन आने वाला है। अब भारत में शिक्षक 'बाय चांस' नहीं, बल्कि 'बाय चॉइस' बनेंगे। उन्होंने आगे कहा कि भारत ने आयुर्वेद, इंजीनियरिंग, शल्य चिकित्सा, गणित, संस्कृति, संस्कार, हर क्षेत्र में विश्व को मार्गदर्शित किया है, इसलिए भारत को विश्व गुरु कहा जाता है। इस सम्मेलन ने पूर्व छात्रों को अपने स्कूल के दिनों की यादें ताजा करने और एक-दूसरे से मिलने का एक अच्छा अवसर प्रदान किया। Pushpendra“माय सीक्रेट न्यूज़” यह एक ऑनलाइन वेबसाइट है, जो आपको देश – दुनिया और आपके आसपास की हर छोटी-बड़ी खबरों को आप तक पहुंचाती है। इस वेबसाइट का संचालन वरिष्ठ पत्रकार पुष्पेन्द्र जी कर रहे हैं। उन्होंने पत्रकारिता में BJC (बेचलर ऑफ़ जर्नलिज्म एंड कम्युनिकेशन) और MJC (मास्टर ऑफ़ जर्नलिज्म एंड कम्युनिकेशन) की डिग्री 2011 में हरिसिंह गौर केंद्रीय विश्वविद्यालय सागर मप्र से हासिल की है। उन्होंने भोपाल के स्वदेश, राज एक्सप्रेस, राष्ट्रीय हिंदी मेल, सांध्य प्रकाश, नवदुनिया और हरिभूमि जैसे बड़े समाचार पत्र समूहों में काम किया है।  और पढ़ें इस वेबसाइट का संचालन मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल से हो रहा है, जहाँ से प्रदेश की राजनीति से लेकर विकास की योजनाएं तैयार होती हैं।दे श व प्रदेश जिले की ताजा अपडेट्स व राजनीतिक प्रशासनिक खबरों के लिए पढ़ते रहिए हमारी वेबसाइट (my secret news. Com )👈 ✍️ पुष्पेन्द्र , (वरिष्ठ पत्रकार) भोपाल, मप्र  mysecretnews.com recent visitors 34

मंत्री परमार ने डॉ. भीमराव अंबेडकर सीएम राइज विद्यालय गौलाना में डॉ. अंबेडकर की प्रतिमा का हुआ अनावरण

भोपाल प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 के लागू होने के बाद से ही, प्रदेश में शिक्षा में आमूलचूल और व्यापक परिवर्तन हो रहे हैं। मध्यप्रदेश नए संकल्प के साथ, भारत केंद्रित शिक्षा और भारतीय दर्शन से समृद्ध शिक्षा की ओर सतत् आगे बढ़ रहा है। शिक्षा में व्यापक परिवर्तन के लिए राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 के परिप्रेक्ष्य में, राज्य सरकार ने सीएम राइज योजना के अंतर्गत विद्यालय स्थापित किए हैं। निर्धनता, अब शिक्षा अर्जित करने में बाधा नहीं बन सकेगी। निर्धन अभिभावक का दर्द समझकर ही सीएम राइज योजना अंतर्गत विद्यालय स्थापित किए जा रहे हैं। सभी वर्ग के विद्यार्थी समान रूप से गुणवत्तापूर्ण एवं सुलभ शिक्षा अर्जित कर सकेंगे। यह बात उच्च शिक्षा, तकनीकी शिक्षा एवं आयुष मंत्री इन्दर सिंह परमार ने कही। मंत्री परमार मंगलवार को शाजापुर जिले की शुजालपुर विधानसभा के गौलाना स्थित डॉ. भीमराव अंबेडकर सीएम राइज विद्यालय में "भारत रत्न डॉ. भीमराव अंबेडकर की प्रतिमा अनावरण कार्यक्रम" में संबोधित कर रहे थे। मंत्री परमार ने गौलाना स्थित डॉ. भीमराव अंबेडकर सीएम राइज विद्यालय में भारतीय बहुज्ञ, विधिवेत्ता, अर्थशास्त्री, राजनीतिज्ञ और समाज सुधारक भारत रत्न बाबा साहेब डॉ.भीमराव अम्बेडकर की प्रतिमा का अनावरण किया। मंत्री परमार ने कहा कि प्रदेश के प्रथम सीएम राइज विद्यालय के रूप में स्थापित होने के समय ही, हमने इस विद्यालय का नामकरण बाबा साहेब के नाम पर कर दिया था। परमार ने कहा कि बाबा साहेब का संपूर्ण जीवन देश और समाज के लिए एवं सभी के लिए समान अधिकारों के लिए समर्पित रहा। इसके लिए उन्होंने शिक्षा को सामाजिक परिवर्तन का सबसे प्रभावी माध्यम माना था। परमार ने कहा कि बाबा साहेब सभी के लिए श्रद्धा का केंद्र हैं, सभी वर्ग के लोग उनका सम्मान करते हैं और उनके जीवन संघर्षों से प्रेरणा लेते हैं। मंत्री परमार ने छात्रों को प्रेरित करते हुए कहा कि वे डॉ. अंबेडकर के जीवन संघर्षों से प्रेरणा लेकर, उनके विचारों और आदर्शों को अपने जीवन में आत्मसात् करें और उनकी तरह ही राष्ट्र निर्माण के लिए देशभक्त एवं ईमानदार नागरिक बनने की ओर आगे बढ़ें। उच्च शिक्षा मंत्री परमार ने विद्यार्थियों को उज्जवल भविष्य के लिए शुभकामनाएं दीं। परमार ने कहा कि विद्यालय परिसर में महापुरुषों के लिए कथनों पर आपस में संवाद कर, उन्हें अपने जीवन में अपनाने का प्रयास करें। परमार ने कहा कि गौलाना में शीघ्र ही महाविद्यालय का भी लोकार्पण होगा, इससे विद्यार्थियों को स्थानीय स्तर पर सुलभ रूप से गुणवत्तापूर्ण एवं रोजगारपरक उच्च शिक्षा प्राप्त हो सकेगी। परमार ने विद्यार्थियों से कहा कि मातृभूमि, जन्मभूमि, मां गंगा जैसी नदियां एवं गौमाता, इन चार माताओं के प्रति जीवन भर कृतज्ञता ज्ञापित करने का भाव जागृत करें। परमार ने कहा कि निरंतर अपने पुरुषार्थ और परिश्रम से आगे बढ़ें और राष्ट्र निर्माण में सहभागिता के भाव को आत्मसात् करें। परमार ने कहा कि हम सभी की सहभागिता से स्वतंत्रता के शताब्दी वर्ष तक भारत पुनः विश्वमंच पर सिरमौर बनेगा। उच्च शिक्षा मंत्री परमार ने विद्यालय का भ्रमण कर शैक्षणिक गतिविधियों की समीक्षा भी की और विद्यार्थियों से उनकी पढ़ाई के बारे में संवाद भी किया। इस अवसर पर जिला पंचायत अध्यक्ष हेमराज सिंह सिसोदिया, जिला शिक्षा अधिकारी विवेक दुबे, अंतर सिंह जादौन, मांगीलाल, महेंद्र गोवा, योगेंद्र सिंह बंटी बना, राजेश कुमार पाटीदार एवं विद्यालय के प्राचार्य गोपाल कृष्ण शर्मा सहित विद्यालय के शिक्षक-शिक्षिकाएं, विद्यार्थी एवं अन्य गणमान्य जन उपस्थित थे।   Pushpendra“माय सीक्रेट न्यूज़” यह एक ऑनलाइन वेबसाइट है, जो आपको देश – दुनिया और आपके आसपास की हर छोटी-बड़ी खबरों को आप तक पहुंचाती है। इस वेबसाइट का संचालन वरिष्ठ पत्रकार पुष्पेन्द्र जी कर रहे हैं। उन्होंने पत्रकारिता में BJC (बेचलर ऑफ़ जर्नलिज्म एंड कम्युनिकेशन) और MJC (मास्टर ऑफ़ जर्नलिज्म एंड कम्युनिकेशन) की डिग्री 2011 में हरिसिंह गौर केंद्रीय विश्वविद्यालय सागर मप्र से हासिल की है। उन्होंने भोपाल के स्वदेश, राज एक्सप्रेस, राष्ट्रीय हिंदी मेल, सांध्य प्रकाश, नवदुनिया और हरिभूमि जैसे बड़े समाचार पत्र समूहों में काम किया है।  और पढ़ें इस वेबसाइट का संचालन मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल से हो रहा है, जहाँ से प्रदेश की राजनीति से लेकर विकास की योजनाएं तैयार होती हैं।दे श व प्रदेश जिले की ताजा अपडेट्स व राजनीतिक प्रशासनिक खबरों के लिए पढ़ते रहिए हमारी वेबसाइट (my secret news. Com )👈 ✍️ पुष्पेन्द्र , (वरिष्ठ पत्रकार) भोपाल, मप्र  mysecretnews.com recent visitors 40

आयुष मंत्री परमार की अध्यक्षता में शासकीय होम्योपैथिक चिकित्सा महाविद्यालय की सामान्य परिषद की बैठक संपन्न

शासकीय होम्योपैथिक चिकित्सा महाविद्यालय में विभिन्न कार्यों के निर्माण का अनुमोदन छात्राओं के लिए 150 बिस्तरीय अतिरिक्त छात्रावास भवन निर्माण की स्वीकृति आयुष मंत्री परमार की अध्यक्षता में शासकीय होम्योपैथिक चिकित्सा महाविद्यालय की सामान्य परिषद की बैठक संपन्न भोपाल उच्च शिक्षा, तकनीकी शिक्षा एवं आयुष मंत्री इन्दर सिंह परमार की अध्यक्षता में सोमवार को मंत्रालय स्थित सभाकक्ष में शासकीय होम्योपैथिक चिकित्सा महाविद्यालय की सामान्य परिषद की बैठक हुई। आयुष मंत्री परमार ने महाविद्यालयीन गतिविधियों की समीक्षा की एवं विद्यार्थियों के हितों से जुड़े विभिन्न बिंदुओं पर विस्तृत चर्चा कर आवश्यक दिशा निर्देश दिए। परमार ने महाविद्यालयीन विद्यार्थियों के समग्र विकास, बेहतर अध्ययन-अध्यापन, शैक्षणिक एवं अकादमिक गुणवत्ता सुधार हेतु आवश्यक क्रियान्वयन कर, संस्थान की उत्तरोत्तर उत्कृष्टता के लिए कार्य करने के दिशा निर्देश दिए। मंत्री परमार ने महाविद्यालय में फार्मेसी, अतिरिक्त महिला छात्रावास भवन का निर्माण एवं स्नातकोत्तर पाठ्यक्रम प्रारंभ करने सहित विभिन्न बिंदुओं पर व्यापक चर्चा की। परमार ने महाविद्यालय में पदस्थ व्याख्याताओं एवं अधिकारियों के समयमान-वेतनमान संबंधी प्रक्रिया एवं इसके उपरांत उच्च पद प्रभार प्रक्रिया का भी नियत समयावधि पर क्रियान्वयन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने महाविद्यालय में नव चयनित व्याख्याताओं की नियुक्ति की प्रक्रिया शीघ्र पूर्ण करने के निर्देश भी दिए। मंत्री परमार ने महाविद्यालय में औषधी निर्माण शाला (फार्मेसी) शीघ्र प्रारंभ करने के लिए व्यापक कार्य योजना के साथ, आवश्यक यंत्र, उपकरण एवं मशीनरी आदि की उपलब्धता नियमानुसार सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। परमार ने राष्ट्रीय होम्योपैथी आयोग नई दिल्ली के द्वारा प्रत्यायोजित दो विषयों सामुदायिक चिकित्सा एवं डर्मेटोलॉजी में स्नातकोत्तर एम.डी. होम्योपैथी पाठ्यक्रम प्रारंभ किये जाने एवं इसके लिए मापदण्डानुसार आवश्यक संसाधनों की उपलब्धता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। मंत्री परमार ने छात्राओं की सुरक्षा के दृष्टिगत वर्तमान में संचालित 200 बिस्तरीय बालिका छात्रावास के साथ, 150 बिस्तरीय अतिरिक्त छात्रावास भवन के निर्माण का अनुमोदन किया। महाविद्यालय भवन के चहुंओर बाउंड्रीवॉल निर्माण करने को भी कहा। महाविद्यालय के विद्यार्थियों के सुलभ आवागमन के लिये कॉलेज बस क्रय करने के लिए भी अनुमोदन किया। महापौर श्रीमती मालती राय ने होम्योपैथिक वेलनेस सेंटर के ऊपर एक फ्लोर के निर्माण कार्य कराये जाने, परिसर में हाईमास्क लाइट लगवाने एवं सीवेज समस्या के निराकरण करने की बात कही। इस अवसर पर प्रमुख सचिव आयुष डी.पी. आहूजा, आयुक्त आयुष श्रीमति उमा आर. माहेश्वरी, राष्ट्रीय होम्योपैथी आयोग नई दिल्ली के प्रतिनिधि एवं संस्थान के प्रधानाचार्य डॉ. एस.के. मिश्रा सहित सामान्य परिषद के अन्य सदस्यगण सहित विभागीय अधिकारी उपस्थित थे।   Pushpendra“माय सीक्रेट न्यूज़” यह एक ऑनलाइन वेबसाइट है, जो आपको देश – दुनिया और आपके आसपास की हर छोटी-बड़ी खबरों को आप तक पहुंचाती है। इस वेबसाइट का संचालन वरिष्ठ पत्रकार पुष्पेन्द्र जी कर रहे हैं। उन्होंने पत्रकारिता में BJC (बेचलर ऑफ़ जर्नलिज्म एंड कम्युनिकेशन) और MJC (मास्टर ऑफ़ जर्नलिज्म एंड कम्युनिकेशन) की डिग्री 2011 में हरिसिंह गौर केंद्रीय विश्वविद्यालय सागर मप्र से हासिल की है। उन्होंने भोपाल के स्वदेश, राज एक्सप्रेस, राष्ट्रीय हिंदी मेल, सांध्य प्रकाश, नवदुनिया और हरिभूमि जैसे बड़े समाचार पत्र समूहों में काम किया है।  और पढ़ें इस वेबसाइट का संचालन मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल से हो रहा है, जहाँ से प्रदेश की राजनीति से लेकर विकास की योजनाएं तैयार होती हैं।दे श व प्रदेश जिले की ताजा अपडेट्स व राजनीतिक प्रशासनिक खबरों के लिए पढ़ते रहिए हमारी वेबसाइट (my secret news. Com )👈 ✍️ पुष्पेन्द्र , (वरिष्ठ पत्रकार) भोपाल, मप्र  mysecretnews.com recent visitors 41

मंत्री परमार की अध्यक्षता में शासकीय यूनानी चिकित्सा महाद्यिालय भोपाल की साधारण सभा सम्पन्न हुई

भोपाल आयुष मंत्री इंदर सिंह परमार की अध्यक्षता में शासकीय यूनानी चिकित्सा महाद्यिालय भोपाल की साधारण सभा सम्पन्न हुई। बैठक में विधायक भगवान दास सबनानी आयुष विभाग के प्रमुख सचिव डी.पी. आहूजा, आयुक्त निधि निवेदिता सहित विभाग के अधिकारी उपस्थित थे। बैठक में मंत्री परमार ने महाविद्यालय के प्रस्तावित हम्माम, टीचिंग फार्मेसी, लैब एवं अग्निशमन (फायर सैफ्टी) संबंधी कार्यों के प्रस्ताव तैयार कर शीघ्र प्रेषित किए जाने के निर्देश दिये। महाविद्यालय की प्राचार्य डॉ. मेहमूदा बेगम द्वारा बैठक में बजट संबंधी एजेन्डा प्रस्तुत किया गया। भवष्यि की योजनाओं पर चर्चा की गई एवं महाव़िालय की उन्नति के लिये अन्य बिन्दुओं पर चर्चा की गई। साथ ही मंत्री परमार द्वारा महाविद्यालय के कार्यों की समीक्षा करते हुए आमजन को उच्च स्तरीय नि:शुल्क स्वास्थ्य सुविधाएं प्रदान किए जाने के निर्देश भी दिये। महाद्यिालय के सभागार में म.प्र. लोक सेवा आयोग के माध्यम से चयनित प्रशिक्षणरत चिकित्सा अधिकारियों को संबोधित करते हुए मंत्री परमार द्वारा अधिकारियों को जन-सेवा की भावना से प्रदेश के दूर अंचलों में अपनी सेवाएं देने के लिए प्रेरित किया। साथ ही आयुष चिकित्सा पद्धति के माध्यम से भारत के पारम्परिक रूप के संवर्धन एवं परिणाम आधारित प्रयास किये जाने के निर्देश दिये, जिससे देश एवं प्रदेश का विकास हो सके।   Pushpendra“माय सीक्रेट न्यूज़” यह एक ऑनलाइन वेबसाइट है, जो आपको देश – दुनिया और आपके आसपास की हर छोटी-बड़ी खबरों को आप तक पहुंचाती है। इस वेबसाइट का संचालन वरिष्ठ पत्रकार पुष्पेन्द्र जी कर रहे हैं। उन्होंने पत्रकारिता में BJC (बेचलर ऑफ़ जर्नलिज्म एंड कम्युनिकेशन) और MJC (मास्टर ऑफ़ जर्नलिज्म एंड कम्युनिकेशन) की डिग्री 2011 में हरिसिंह गौर केंद्रीय विश्वविद्यालय सागर मप्र से हासिल की है। उन्होंने भोपाल के स्वदेश, राज एक्सप्रेस, राष्ट्रीय हिंदी मेल, सांध्य प्रकाश, नवदुनिया और हरिभूमि जैसे बड़े समाचार पत्र समूहों में काम किया है।  और पढ़ें इस वेबसाइट का संचालन मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल से हो रहा है, जहाँ से प्रदेश की राजनीति से लेकर विकास की योजनाएं तैयार होती हैं।दे श व प्रदेश जिले की ताजा अपडेट्स व राजनीतिक प्रशासनिक खबरों के लिए पढ़ते रहिए हमारी वेबसाइट (my secret news. Com )👈 ✍️ पुष्पेन्द्र , (वरिष्ठ पत्रकार) भोपाल, मप्र  mysecretnews.com recent visitors 48

राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 के परिप्रेक्ष्य में केंद्रीय अध्ययन मंडल की बैठक एवं कार्यशाला का आयोजन

भोपाल भारत का ज्ञान, हर क्षेत्र में सर्वश्रेष्ठ था। राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 के क्रियान्वयन में "भारत केंद्रित शिक्षा से समृद्ध" आदर्श पाठ्यक्रम निर्माण के लिए, लेखकों में गहन भारतीय दृष्टिकोण की आवश्यकता है। भारतीय दृष्टि के साथ, भारतीय ज्ञान परम्परा समृद्ध पाठ्यक्रम निर्माण करने की आवश्यकता है, इससे शिक्षा के मंदिरों से विद्यार्थियों में स्वत्व एवं राष्ट्र निर्माण का भाव जागृत एवं स्थापित होगा। राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 का मूल ध्येय, श्रेष्ठ नागरिक निर्माण करना है, इसके लिए हम सभी को स्वत्व के साथ अपनी सहभागिता सुनिश्चित करनी होगी। यह बात उच्च शिक्षा, तकनीकी शिक्षा एवं आयुष मंत्री इन्दर सिंह परमार ने बुधवार को भोपाल स्थित आरसीवीपी नरोन्हा प्रशासन एवं प्रबंधकीय अकादमी के स्वर्ण जयंती सभागृह में उच्च शिक्षा विभाग अंतर्गत राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 के परिप्रेक्ष्य में आयोजित केंद्रीय अध्ययन मंडल की बैठक एवं कार्यशाला के शुभारंभ अवसर पर कही। मंत्री परमार ने भारतीय ज्ञान परम्परा के संदर्भ में अपने विचार व्यक्त किए। परमार ने कहा कि पाठ्यक्रम की पहली इकाई में ही "भारतीय ज्ञान परंपरा" का तथ्यपूर्ण समावेश करना है। विद्यार्थियों को यह ज्ञात होना चाहिए कि विश्व मंच पर इतिहास में भारत की क्या साख रही है। भारत का ज्ञान विश्व मंच पर सबसे पुरातन ज्ञान है, ईसा से भी हजारों वर्षों पूर्व, भारतीय समाज में सर्वत्र विद्यमान ज्ञान परम्परा का, पाठ्यक्रमों में भारतीय दृष्टि से परिपूर्ण समावेश करना है। विश्वमंच पर राष्ट्र के गौरव को पुनर्स्थापित करने के लिए, हमें हीनभावना से बाहर आकर भारतीय दृष्टि से पाठ्य पुस्तकों में, भारतीय ज्ञान को समाहित करना है। परमार ने कहा कि भारतीय परंपराओ पर वैज्ञानिक दृष्टिकोण के आधार पर, युगानुकुल परिप्रेक्ष्य में शोध एवं अनुसंधान की आवश्यकता है। उच्च शिक्षा मंत्री परमार ने कहा कि विश्व भर में भारत आध्यात्म का केंद्र रहा है। मानवता एवं लोककल्याण, पुरातन से ही भारतीय दृष्टिकोण रहा है। पाठ्यक्रमों में भारतीय दर्शन "वसुधैव कुटुंबकम्" को समावेश करने की आवश्यकता है। हर क्षेत्र में भारतीय ज्ञान का अनंत भंडार है। इतिहास, अर्थशास्त्र, फिजिक्स, केमिस्ट्री एवं गणित सहित सभी विषयों में भारतीय पुरातन ज्ञान के तथ्यपूर्ण संदर्भों पर शोध एवं अनुसंधान करते हुए, सही परिप्रेक्ष्य में तथ्यपूर्ण संदर्भों को जनमानस के समक्ष लाने की आवश्यकता है। इसके लिए हमारी ज्ञान संपदा को तथ्यों एवं उदाहरण के साथ, सही परिप्रेक्ष्य में पाठ्यक्रमों से समावेश करना होगा। परमार ने कहा कि स्वतंत्रता के पूर्व एवं बाद भी, भारतीय गौरव के सन्दर्भों को पाठ्यक्रम में सम्मिलित करने की आवश्यकता है। इससे विद्यार्थियों में भारतीय ज्ञान पर गर्व होगा और राष्ट्र निर्माण की प्रेरणा मिलेगी। परमार ने कहा कि विद्यार्थियों को मात्र आजीविका उपार्जन के लिए तैयार नहीं बल्कि राष्ट्र निर्माण में सहभागिता के लिए, श्रेष्ठ नागरिक निर्माण करने के उद्देश्य से पाठ्यक्रम निर्माण में विचार मंथन करें। परमार ने कहा कि भगवान बिरसा मुंडा, रानी दुर्गावती, टंट्या मामा, राजा शंकर शाह एवं कुंवर रघुनाथ शाह जैसे शूरवीर जनजातीय महापुरुषों एवं नायकों के स्वतंत्रता में दिए बलिदान को, सही परिप्रेक्ष्य में पाठ्यक्रमों में समाहित करने की आवश्यकता है। परमार ने कहा कि हर विषय में भारतीय ज्ञान का संदर्भ जुड़ा हुआ है, इसे सही परिप्रेक्ष्य में प्रस्तुत करते हुए पाठयक्रम में समाहित करें। उन्होंने कहा कि ग्रामीण परिवेश में गृहिणियों की रसोई, विश्व भर में कुशल प्रबंधन का उत्कृष्ट उदाहरण है। ऐसे असंख्य संदर्भ हमारे समाज में, परम्परा के रूप में विद्यमान हैं। हमारी सभ्यता में कृतज्ञता का भाव सर्वत्र विद्यमान है। हमें अपने ज्ञान, इतिहास, शौर्य, दर्शन, सभ्यता, संस्कृति, उपलब्धियों एवं विरासत पर गर्व करने का भाव जागृत करना होगा। स्वत्व के भाव के साथ पाठ्यक्रम निर्माण में सहभागिता करनी होगी। स्वतंत्रता के शताब्दी वर्ष में भारत को पुनः विश्वमंच पर सिरमौर बनाने के लिए विद्यार्थियों में अपनी मातृभाषा, अपनी सभ्यता, अपने दर्शन एवं अपनी विरासत पर गर्व का भाव जागृत एवं स्थापित करना होगा। इसके लिए राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 के परिप्रेक्ष्य में भारतीय दृष्टि के साथ भारतीय ज्ञान परम्परा का, पाठ्यक्रमों में समाहित करना अत्यंत महत्वपूर्ण है। आयुक्त उच्च शिक्षा निशांत बरबड़े ने कार्यशाला के उद्देश्य पर प्रकाश डाला। बरबड़े ने बताया कि कार्यशाला का मुख्य उद्देश्य नवीन ऑर्डिनेंस 14(1) पर विस्तार से चर्चा, भारतीय ज्ञान परंपरा को पाठ्यक्रम में समाहित करने एवं राष्ट्रीय शिक्षा नीति के तहत प्रचलित पाठ्यक्रम में आवश्यक संशोधन करने एवं विद्यार्थी केंद्रित रोजगारोन्मुखी पाठ्यक्रम को समाहित किए जाने पर विचार करना है। इस अवसर पर मप्र प्रवेश एवं शुल्क विनियामक समिति के अध्यक्ष डॉ रविंद्र कान्हेरे सहित केंद्रीय अध्ययन मंडल के सदस्यगण, विभिन शिक्षाविद्, विभागीय अधिकारी एवं प्राध्यापकगण उपस्थित रहे। डॉ एसपी सिंह ने आभार ज्ञापित किया।   Pushpendra“माय सीक्रेट न्यूज़” यह एक ऑनलाइन वेबसाइट है, जो आपको देश – दुनिया और आपके आसपास की हर छोटी-बड़ी खबरों को आप तक पहुंचाती है। इस वेबसाइट का संचालन वरिष्ठ पत्रकार पुष्पेन्द्र जी कर रहे हैं। उन्होंने पत्रकारिता में BJC (बेचलर ऑफ़ जर्नलिज्म एंड कम्युनिकेशन) और MJC (मास्टर ऑफ़ जर्नलिज्म एंड कम्युनिकेशन) की डिग्री 2011 में हरिसिंह गौर केंद्रीय विश्वविद्यालय सागर मप्र से हासिल की है। उन्होंने भोपाल के स्वदेश, राज एक्सप्रेस, राष्ट्रीय हिंदी मेल, सांध्य प्रकाश, नवदुनिया और हरिभूमि जैसे बड़े समाचार पत्र समूहों में काम किया है।  और पढ़ें इस वेबसाइट का संचालन मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल से हो रहा है, जहाँ से प्रदेश की राजनीति से लेकर विकास की योजनाएं तैयार होती हैं।दे श व प्रदेश जिले की 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महाकवि कालिदास की रचनाओं में प्रकृति के प्रति प्रेम का अद्वितीय चित्रण है : मंत्री काश्यप

भोपाल उच्च शिक्षा, तकनीकी शिक्षा एवं आयुष मंत्री इंदर सिंह परमार एवं सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम मंत्री चेतन्य काश्यप के आतिथ्य में 66वें अखिल भारतीय कालिदास समारोह का रंगारंग प्रस्तुतियों के साथ समापन कार्यक्रम सम्पन्न हुआ। कार्यक्रम की अध्यक्षता अखिल भारतीय त्रिपदी परिवार के अध्यक्ष डॉ. प्रदीप तराणेकर ने की। कार्यक्रम में सारस्वत अतिथि सर्वेश्वर रघुनाथ मंदिर माउण्टआबू राजस्थान के स्वामी सियाराम दास जी महाराज थे। कार्यक्रम में कलाकारों द्वारा सुरबहार वादन, घुंघरू वादन एवं सरोद वादन की प्रस्तुति दी गई। स्वामी सियाराम दास जी महाराज ने उद्बोधन दिया कि जिस प्रकार समुद्र के रत्नों का लाभ वहीं उठा सकते हैं, जो ज्यादा गहरा गोता लगा सकते हैं। उसी प्रकार भारतीय दर्शन का लाभ वही ले सकते हैं, जो महाकवि कालिदास की कृतियों को आत्मसात कर सकते हैं। उन्होंने कहा कि महाकवि कालिदास सिर्फ कवि नहीं थे, वह अपने समय के महान वेदांती एवं मिमांसी थे। सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम मंत्री चेतन्य काश्यप ने कहा कि अखिल भारतीय समारोह एक प्रतिष्ठित समारोह है। यह समारोह 7 दिन तक संगीत, नाटक, वाद-विवाद, संगोष्ठी, व्याख्यान-माला, सांस्कृतिक कार्यक्रम सफलतापूर्वक आयोजित किए गए। उन्होंने कहा कि महाकवि कालिदास एक महान विद्वान थे। उनके ग्रंथ सिर्फ काव्य नहीं है, अपितु उनमें समाज के कल्याण के लिए संदेश भी निहित है। उनके काव्यों ने समाज में धर्म एवं संस्कृति का समावेश किया है। इसी के साथ उनकी रचनाओं में प्रकृति के प्रति प्रेम का अद्वितीय चित्रण है। महाकवि कालिदास की कर्मभूमि उज्जैन रही है, वे विक्रमादित्य के नवरत्नों में से एक रहे हैं। मैं भगवान महाकालेश्वर की पावन भूमि अवंतिका को प्रणाम करता हूँ। उन्होंने कहा कि यह वर्ष उज्जैन के लिए गौरवशाली रहा है, यहां के नेतृत्वकर्ता डॉ. मोहन यादव को प्रदेश का मुख्यमंत्री भी बनाया गया है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव के नेतृत्व में कालिदास समारोह में देश की महान विभूतियाँ शामिल हुई हैं। यह सांस्कृतिक विधाओं के प्रति मुख्यमंत्री डॉ. यादव की प्रतिबद्धता दर्शाती है। इस समारोह के माध्यम से महाकवि कालिदास एवं संस्कृत विषय में विद्यार्थियों की रूचि पुन: जागृत हुई है, यह हमारे सांस्कृतिक उत्थान एवं अभ्युदय का प्रतीक है। समारोह हमारी भारतीय संस्कृति में महत्वपूर्ण योगदान देता है। उच्च शिक्षा, तकनीकी शिक्षा एवं आयुष मंत्री परमार ने कहा कि भारत की महान ज्ञान परंपरा का दर्शन महाकवि कालिदास के ग्रंथों से होता है। समारोह हमारी ज्ञान परंपरा का उत्कृष्ट उदाहरण है। भारत में 300 साल पहले तक 7 लाख से ज्यादा गुरूकूल थे, जो कि शिक्षा के प्रमुख केन्द्र हुआ करते थे। भारत में नालंदा, विक्रमशिला, तक्षशिला जैसे विश्व में ज्ञान की गंगा बहाने वाले विश्वविद्यालय पुरातनकाल से रहे हैं। हमारा ज्ञान आध्यात्म के साथ-साथ विज्ञान एवं गणित में भी परिपूर्ण एवं समृद्ध रहा है। प्रधानमंत्री मोदी ने पुन: उस परंपरा को नई शिक्षा नीति-2020 से पाठ्यक्रम में शामिल किया है। नई शिक्षा नीति में भारत के विचारकों, वैज्ञानिकों एवं दार्शनिकों का ज्ञान शामिल किया गया। उन्होंने कहा कि भारत की संस्कृति सभ्यता और कृतज्ञता की संस्कृति है। हमारे पूर्वज लाखों वर्षों से पेड़, जलाशय, सूर्य, पशु-पक्षी को कृतज्ञता के कारण पूजा करते रहे हैं। यही हमारी ज्ञान परंपरा है, जिसमें हम सभी को सम्मान देते हैं और उनके दायित्वों के निर्वहन पर कृतज्ञता व्यक्त करते हैं। हमारे पूर्वज इतने शिक्षित थे कि वह अनादिकाल से जानते थे कि सूर्य ही उर्जा का केन्द्र है। भारतीय ज्ञान परंपरा में शिक्षा के साथ-साथ खेल को भी जीवन का अभिन्न अंग माना गया है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी एवं मुख्यमंत्री डॉ. यादव की डबल इंजन की सरकार वर्ष 2047 तक भारत को सभी क्षेत्रों में आत्मनिर्भर बनाने के लिए प्रतिबद्ध है। डॉ. तराणेकर ने कहा कि मैं भगवान महाकालेश्वर, महाकवि कालिदास, वराहमिहिर व विक्रमादित्य की अवंतिका नगरी में आना मेरा सौभाग्य है। उन्होंने कहा कि हमारे ग्रंथों में ज्ञान का अटूट भंडार है। हमारी युवा पीढ़ी का लक्ष्य प्राचीन ग्रंथों के ज्ञान को आधुनिक तरीके से प्रस्तुत करना होना चाहिए। कार्यक्रम में आचार्य मिथिला प्रसाद त्रिपाठी को श्रेष्ठ कृति अलंकरण से पुरस्कृत किया गया। प्रतिभागियों को पुरस्कार वितरण किया गया। कार्यक्रम में विधायक अनिल जैन कालूहेडा, महापौर मुकेश टटवाल, सभापति श्रीमती कलावती यादव, संभागायुक्त संजय गुप्ता, विक्रम विश्वविद्यालय कुलगुरू अर्पण भारद्वाज, कलेक्टर नीरज कुमार सिंह, श्रीपाद जोशी, डॉ. विजय कुमार मेनन, गोविन्द गंधे आदि उपस्थित रहे।   Pushpendra“माय सीक्रेट न्यूज़” यह एक ऑनलाइन वेबसाइट है, जो आपको देश – दुनिया और आपके आसपास की हर छोटी-बड़ी खबरों को आप तक पहुंचाती है। इस वेबसाइट का संचालन वरिष्ठ पत्रकार पुष्पेन्द्र जी कर रहे हैं। उन्होंने पत्रकारिता में BJC (बेचलर ऑफ़ जर्नलिज्म एंड कम्युनिकेशन) और MJC (मास्टर ऑफ़ जर्नलिज्म एंड कम्युनिकेशन) की डिग्री 2011 में हरिसिंह गौर केंद्रीय विश्वविद्यालय सागर मप्र से हासिल की है। उन्होंने भोपाल के स्वदेश, राज एक्सप्रेस, राष्ट्रीय हिंदी मेल, सांध्य प्रकाश, नवदुनिया और हरिभूमि जैसे बड़े समाचार पत्र समूहों में काम किया है।  और पढ़ें इस वेबसाइट का संचालन मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल से हो रहा है, जहाँ से प्रदेश की राजनीति से लेकर विकास की योजनाएं तैयार होती हैं।दे श व प्रदेश जिले की ताजा अपडेट्स व राजनीतिक प्रशासनिक खबरों के लिए पढ़ते रहिए हमारी वेबसाइट (my secret news. Com )👈 ✍️ पुष्पेन्द्र , (वरिष्ठ पत्रकार) भोपाल, मप्र  mysecretnews.com recent visitors 122