Aramco रिफाइनरी पर ईरान ने किया ड्रोन अटैक, PM मोदी ने शांति और स्थिरता के लिए की अपील

दुबई दुबई में स्थित दुनिया के सबसे बड़े ऑयल टैंक 'अरामको' पर ईरान ने अटैक किया है. रॉयटर्स की रिपोर्ट के मुताबिक, सऊदी अरब की सरकारी तेल कंपनी अरामको ने ड्रोन हमलों के बाद सोमवार को अपनी रास तनुरा तेल रिफाइनरी बंद कर दी. रिपोर्ट के मुताबिक, बंद होने की खबरों से ब्रेंट क्रूड ऑयल की कीमतें 9.32% बढ़ गई हैं. यह जगह सऊदी की सबसे बड़ी और सबसे स्ट्रेटेजिक एनर्जी साइट्स में से एक है. हमले के बाद इसके प्रोसेसिंग कॉम्प्लेक्स में आग लग गई. अधिकारियों का कहना है कि आग पर काबू पा लिया गया है और किसी के हताहत होने की पुष्टि नहीं हुई है, लेकिन इस घटना ने इलाके में ज़रूरी एनर्जी इंफ्रास्ट्रक्चर को लेकर चिंता पैदा कर दी है. रॉयटर्स की रिपोर्ट के मुताबिक, एक अधिकारी के ने बताया कि अरामको की रास तनुरा रिफाइनरी को एहतियात के तौर पर बंद कर दिया गया है. अधिकारी ने कहा कि स्थिति कंट्रोल में है. ईरान युद्ध के बीच PM मोदी का बड़ा बयान पश्चिम एशिया (West Asia) में जारी भीषण युद्ध और ईरान-इजरायल संघर्ष के बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और कनाडा के प्रधानमंत्री मार्क कार्नी की ऐतिहासिक मुलाकात भारत की कूटनीति के लिए एक नया अध्याय साबित हो सकती है. नई दिल्ली में हुई इस बैठक में दोनों देशों ने न केवल द्विपक्षीय संबंधों को 'नेक्स्ट लेवल पार्टनरशिप'  पर ले जाने का संकल्प लिया, बल्कि वैश्विक शांति के लिए एक मजबूत संदेश भी साझा किया. प्रधानमंत्री मोदी ने स्पष्ट किया कि पश्चिम एशिया की वर्तमान स्थिति भारत के लिए गहरी चिंता का विषय है. उन्होंने जोर देकर कहा कि भारत हमेशा से ही शांति और स्थिरता का पक्षधर रहा है और सभी विवादों का समाधान 'डायलॉग और डिप्लोमेसी' (संवाद और कूटनीति) के माध्यम से होना चाहिए.  पीएम मोदी ने कहा कि क्षेत्र में मौजूद भारतीय नागरिकों की सुरक्षा भारत की सर्वोच्च प्राथमिकता है और इस दिशा में सभी संबंधित देशों के साथ मिलकर काम जारी रहेगा. उन्होंने दोहराया कि “हमने हमेशा शांति और स्थिरता की अपील की है.” आतंकवाद, उग्रवाद और कट्टरपंथ को लेकर भी दोनों नेताओं के बीच गंभीर चर्चा हुई. इस दौरान दोनों नेताओं ने आतंकवाद और कट्टरपंथ को पूरी मानवता के लिए एक साझा खतरा बताते हुए इसके खिलाफ एकजुट होने का आह्वान किया. रक्षा क्षेत्र में एक बड़ा कदम उठाते हुए भारत और कनाडा ने 'इंडिया-कनाडा डिफेंस डायलॉग' की स्थापना का निर्णय लिया है.  इसके माध्यम से दोनों देश डिफेंस इंडस्ट्री, मिलिट्री एक्सचेंज और मैरीटाइम डोमेन अवेयरनेस (समुद्री सुरक्षा जागरूकता) को बढ़ावा देंगे. पीएम मोदी ने इस क्षेत्र में रह रहे लाखों भारतीय नागरिकों की सुरक्षा को अपनी सर्वोच्च प्राथमिकता बताते हुए कहा कि भारत उनकी सलामती के लिए सभी देशों के साथ मिलकर काम करना जारी रखेगा. ईरान जंग का ख़तरनाक दौर… दुनिया भर में, ईरान जंग के बढ़ने के बाद क्रूड ऑयल की कीमतों में चार साल में सबसे ज़्यादा उछाल आया है, क्योंकि होर्मुज स्ट्रेट के ज़रिए व्यापार करीब रुक गया है. यह एक ऐसा पानी का रास्ता है, जो रोज़ाना दुनिया का करीब पांचवें हिस्से का कच्चा तेल ले जाता है. हालांकि, ईरान ने ऑफिशियली चैनल बंद नहीं किया है, लेकिन जहाज़ मालिकों ने लड़ाई के बीच खुद ही रोक लगा दी है. ईरान युद्ध ग्लोबल ऑयल मार्केट के लिए एक खतरनाक नया दौर है. US और इज़रायल ने शनिवार को ईरान में कई जगहों पर मिसाइलें दागीं और लोकल लोगों से इस्लामिक शासन को उखाड़ फेंकने की अपील की. ईरान के सुप्रीम लीडर, अयातुल्ला अली खामेनेई के मारे जाने के बाद तेहरान ने इज़रायल के साथ-साथ सऊदी अरब, कतर, यूनाइटेड अरब अमीरात, कुवैत और बहरीन जैसे देशों में US बेस और दूसरे ठिकानों पर हमलों की झड़ी लगा दी.  Pushpendra“माय सीक्रेट न्यूज़” यह एक ऑनलाइन वेबसाइट है, जो आपको देश – दुनिया और आपके आसपास की हर छोटी-बड़ी खबरों को आप तक पहुंचाती है। इस वेबसाइट का संचालन वरिष्ठ पत्रकार पुष्पेन्द्र जी कर रहे हैं। उन्होंने पत्रकारिता में BJC (बेचलर ऑफ़ जर्नलिज्म एंड कम्युनिकेशन) और MJC (मास्टर ऑफ़ जर्नलिज्म एंड कम्युनिकेशन) की डिग्री 2011 में हरिसिंह गौर केंद्रीय विश्वविद्यालय सागर मप्र से हासिल की है। उन्होंने भोपाल के स्वदेश, राज एक्सप्रेस, राष्ट्रीय हिंदी मेल, सांध्य प्रकाश, नवदुनिया और हरिभूमि जैसे बड़े समाचार पत्र समूहों में काम किया है।  और पढ़ें इस वेबसाइट का संचालन मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल से हो रहा है, जहाँ से प्रदेश की राजनीति से लेकर विकास की योजनाएं तैयार होती हैं।दे श व प्रदेश जिले की ताजा अपडेट्स व राजनीतिक प्रशासनिक खबरों के लिए पढ़ते रहिए हमारी वेबसाइट (my secret news. Com )👈 ✍️ पुष्पेन्द्र , (वरिष्ठ पत्रकार) भोपाल, मप्र  mysecretnews.com recent visitors 18

ईरान का कड़ा संदेश: ट्रंप को दिया सीधा जवाब, मुसलमान देशों पर हमले को गलती मानते हुए, 6 देशों के खिलाफ विरोध

तेहरान  ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्लाह अली खामेनेई के बाद ईरान ने अपना इरादा बता दिया है। डोनाल्ड ट्रंप की तरफ से यह दावा किए जाने के बाद कि ईरान का नेतृत्व अब अमेरिका संग बातचीत के लिए तैयार है, ईरान ने साफ किया है कि अब बातचीत की कोई गुंजाइश नहीं बची है। इसके साथ ही ईरान ने डोनाल्ड ट्रंप को सीधा संदेश भेज दिया है। ईरान के सिक्योरिटी चीफ अली लारीजानी ने ट्रंप के बयानों को सिरे से खारिज कर दिया। सोमवार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट में अली लारीजानी ने कहा कि तेहरान अमेरिका के साथ कोई बातचीत नहीं करेगा। यह बयान उन रिपोर्ट्स के जवाब में था जिसमें यह कहा जा रहा था कि ईरान अमेरिका के साथ बातचीत फिर से शुरू करने की कोशिश कर रहा है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भी रविवार को इस तरह का एक बयान दिया था। डोनाल्ड ट्रंप ने संकेत दिया था कि वह ईरान के नए नेतृत्व से बातचीत के लिए तैयार हैं। उन्होंने 'द अटलांटिक' मैग्जीन के साथ एक इंटरव्यू में कहा था, "वे बात करना चाहते हैं, मैंने बातचीत के लिए सहमति दे दी है, इसलिए मैं उनसे बात करूंगा।" ईरान पर हमले जारी इस बीच ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई की मौत के बाद भी अमेरिका-इजरायल ने रविवार को ईरान में कई जगहों पर जोरदार हमले किए हैं। ईरानी नेताओं के मुताबिक, इन हमलों की शुरुआत से अब तक खामेनेई और अन्य वरिष्ठ नेताओं के अलावा 200 से ज्यादा लोग मारे जा चुके हैं। अमेरिका और इजरायल ने ईरान के महत्वपूर्ण सैन्य, राजनीतिक और खुफिया ठिकानों को भी निशाना बनाया है। इससे प्रतीत होता है कि जंग व्यापक होती जा रही है और यह लंबे समय तक चल सकती है, जो पूरे पश्चिम एशिया में अस्थिरता ला सकती है। ईरान ने अमेरिकी सैन्य अड्डों पर बोला हमला वहीं ईरान ने बदले का संकल्प लेते हुए जवाबी कार्रवाई में इजरायल और अरब देशों पर सैंकड़ों मिसाइलें दागी हैं। इजरायल की बचाव सेवाओं के मुताबिक यरुशलम और मध्य शहर बेत शेमेश के एक प्रार्थना स्थल (सिनागॉग) समेत कई जगहों पर हमले हुए। बेत शेमेश में नौ लोगों की मौत हो गई है और 28 लोग घायल हुए। इसके साथ ही इजरायल में मृतकों की कुल संख्या 11 हो गई। वहीं खाड़ी देशों में अमेरिकी सैन्य अड्डों पर ईरान लगातार मिसाइलें दाग रहा है। ईरान ने मुसलमान देशों पर हमला करके गलती इजरायल और अमेरिका ने ईरान पर हमला किया तो उसने जवाबी कार्रवाई के तहत उन 6 पड़ोसी देशों पर हमला बोल दिया, जो सीधे तौर पर इस जंग में शामिल नहीं थे। अब इन सभी देशों ने ईरान के खिलाफ बयान जारी किया है। इसके अलावा संयुक्त अरब अमीरात ने तो ईरान के राजदूत को तलब कर नाराजगी जताई है। ऐसी स्थिति में यह सवाल अब उठ रहा है कि क्या ईरान ने पड़ोस के मुसलमान देशों पर हमला करके गलती की। ऐसा इसलिए कहा जा रहा है क्योंकि गल्फ कॉपरेशन काउंसिल के वाले इन 6 देशों ने अब ईरान के खिलाफ साझा बयान जारी किया है। यही नहीं इन देशों का कहना है कि हमारे पास अधिकार है कि हम भी ईरान के इन आक्रामक हमलों का जवाब दे सकें। इस संबंध में इन देशों ने एक ऑनलाइन मीटिंग भी की है, जिसमें ईरान और इजरायल-अमेरिका के बीच छिड़ी जंग से उपजे हालातों पर चर्चा की गई। इसके अलावा यह बात भी हुई कि ईरान ने हम पर हमला करके गलती की है। संयुक्त अरब अमीरात, सऊदी अरब, बहरीन, ओमान, कतर और कुवैत को ईरानी हमलों का सामना करना पड़ा है। इन सभी देशों के विदेश मंत्रियों ने चर्चा की और क्षेत्र में स्थिरता कायम करने के उपायों पर भी बात की। खाड़ी देश बोले- संभल जाओ, वरना हम भी कदम उठाएंगे खाड़ी के इन सभी देशों ने कहा कि हम अपनी सुरक्षा और स्थिरता के लिए कदम उठाने को स्वतंत्र हैं। UAE ने तो ईरान के राजदूत रजा अमेरी को तलब किया और उनसे विरोध जताया है। यूएई ने कहा कि ईरान ने हमारे ऊपर हमला करके सही नहीं किया है। UAE ने कहा कि हमारे ऊपर हमला संयुक्त राष्ट्र के नियमों का उल्लंघन है। इसके अलावा हमारी संप्रभुता को चैलेंज किया गया है और राष्ट्रीय सुरक्षा खतरे में डाली गई है। ऐसी स्थिति को हम स्वीकार नहीं कर सकते हैं। हमारे पास भी ईरान के हमलों पर जवाब देने का अधिकार है। डोनाल्ड ट्रंप ने की UAE के नेता से बात, शियाओं में गम और गुस्सा इस बीच डोनाल्ड ट्रंप ने UAE के राष्ट्रपति शेख मोहम्मद बिन जायद अल नाहयान से बात भी की है। उन्होंने UAE के लीडर को फोन किया और ईरान के हमलों को लेकर चर्चा की। दोनों ने इस मसले पर भी बात की कि आखिर आने वाले दिन कैसे हो सकते हैं। बता दें कि ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्लाह अली खामेनेई भी इन हमलों में मारे गए हैं। उनके मारे जाने से दुनिया भर के शिया मुसलमानों में गम और गुस्सा है। भारत में भी श्रीनगर, लखनऊ, दिल्ली समेत कई शहरों में विरोध प्रदर्शन हुए हैं। खाड़ी देशों में धमाके कई खाड़ी देशों में ईरानी हमलों के बाद धमाकों की आवाजें सुनी गई हैं। यूएई की सरकारी मीडिया के मुताबिक राजधानी अबू धाबी पर ईरानी हमलों की चपेट में आने से 2 लोगों की मौत हो गई और हवाई हमलों से निकले मलबे के कारण शहर के मुख्य बंदरगाह और प्रतिष्ठित बुर्ज अल अरब होटल में आग लग गई। ईरानी कार्रवाई का दायरा ओमान तक फैल गया है, जो पश्चिम के साथ ईरान का लंबे समय से वार्ताकार रहा है और इससे पहले इस संघर्ष में शामिल नहीं हुआ था। इसके अलावा सऊदी अरब ने अपनी राजधानी रियाद और पूर्वी क्षेत्र पर ईरान के हमलों की निंदा करते हुए कहा कि उसने इन हमलों को सफलतापूर्वक नाकाम कर दिया है। सऊदी अरब ने स्पष्ट किया कि उसने अपने हवाई क्षेत्र या भूभाग का इस्तेमाल ईरान को निशाना बनाने के लिए नहीं होने दिया। वहीं जॉर्डन ने कहा कि उसने 49 ड्रोन और बैलिस्टिक मिसाइलों का सामना किया। कुवैत, बहरीन और कतर … Read more

मिडिल ईस्ट की जंग में फ्रांस की एंट्री: 48 घंटे में ईरान को कितनी क्षति हुई? 48 नेता, 40 कमांडर और 9 नेवल शिप का नुकसान

तेहरान / न्यूयॉर्क अमेरिका और इजरायल के हमलों के दौरान ईरान को 48 घंटे में भारी नुकसान हुआ है. अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने फॉक्स न्यूज को बताया कि इन हमलों में 48 ईरानी नेता मारे गए हैं. उन्होंने कहा, 'यह तेजी से आगे बढ़ रहा है. कोई विश्वास नहीं कर सकता कि हमने कितनी सफलता हासिल की है, एक ही हमले में 48 नेता खत्म हो गए.' ट्रंप ने यह बात फॉक्स न्यूज के साथ इंटरव्यू में कही. वहीं इजरायल की सेना (IDF) ने कहा कि इस हमले में 40 'महत्वपूर्ण' ईरानी सैन्य कमांडर मारे गए हैं, जिनमें ईरान के चीफ ऑफ स्टाफ, अब्दुलरहीम मौसावी भी शामिल हैं. IDF के अनुसार, यह कार्रवाई खामेनेई पर हमले के तुरंत बाद हुई. नौ ईरानी युद्धपोत डूबे ट्रंप ने रविवार को कहा कि अमेरिकी सेनाएं ईरान की नौसेना को बेअसर करने में लगी हैं और अब तक नौ ईरानी युद्धपोत डूब चुके हैं. उन्होंने कहा, 'वे जल्दी ही समुद्र की तलहटी पर तैरेंगे!' उन्होंने यह भी दावा किया कि अमेरिकी हमलों ने ईरानी नौसेना मुख्यालय को भी भारी नुकसान पहुंचाया है. तीन अमेरिकी सैनिकों की मौत ईरानी सैन्य बलों ने जवाब में सैकड़ों मिसाइल और ड्रोन हमले किए हैं. अमेरिकी सेना ने पुष्टि की कि इस संघर्ष में अब तक तीन अमेरिकी सैनिक मारे गए हैं और पांच गंभीर रूप से घायल हुए हैं. अमेरिकी सेनाध्यक्षों के अनुसार, ईरान के खिलाफ संयुक्त अमेरिकी-इजरायली ऑपरेशन ने देश के कई प्रमुख सैन्य और राजनीतिक नेताओं को खत्म कर दिया, जिनमें सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई भी शामिल थे. USS अब्राहम लिंकन पर हमले का दावा खारिज यह संघर्ष अब पूरे मिडिल ईस्ट क्षेत्र में फैल गया है. ईरानी मिसाइलों ने यूएई, कतर, सऊदी अरब, कुवैत, बहरीन और जॉर्डन को निशाना बनाया. ईरानी रिवोल्यूशनरी गार्ड्स ने रविवार को दावा किया कि अमेरिकी एयरक्राफ्ट कैरियर USS Abraham Lincoln पर चार बैलिस्टिक मिसाइलें दागी गईं, लेकिन अमेरिकी सेंट्रल कमांड ने कहा कि मिसाइलें कैरियर के पास तक भी नहीं पहुंच सकीं और कैरियर अभी भी क्षेत्र में संचालन कर रहा है. अमेरिका और इजरायल ने संयुक्त रूप से कार्रवाई करते हुए ईरान पर भीषण हमले किए जो तीसरे दिन भी जारी हैं. इसके जवाब में ईरान ने भी कई देशों में बने अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर हमले किए हैं, जिससे पूरे मिडिल ईस्ट में टकराव बढ़ता जा रहा है.  दूसरी तरफ खामेनेई की मौत के बाद ईरान ने भी अपने तेवर से बता दिया है कि वो रुकने वाला नहीं है. ईरान की जामकरान मस्जिद पर इंतकाम का लाल झंडा फहराया गया है. ईरान ने जवाबी हमले में 'करारा' जवाब देने का दावा करते हुए इजरायल और मिडिल ईस्ट में स्थित कई अमेरिकी सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया है. मिडिल ईस्ट के देशों ने अपने एयरस्पेस बंद कर दिए हैं, जबकि कई देशों ने अपने नागरिकों को एडवाइजरी जारी की है, जिसमें गैर-ज़रूरी मूवमेंट से बचने के लिए कहा गया है.  पाकिस्तान में US दूतावास अलर्ट पर अमेरिकी दूतावास इस्लामाबाद ने पाकिस्तान में वर्तमान स्थिति को लेकर चेतावनी जारी की है. दूतावास ने बताया कि लाहौर स्थित अमेरिकी वाणिज्य दूतावास पर चल रहे प्रदर्शन और कराची के अमेरिकी वाणिज्य दूतावास पर हिंसक विरोध प्रदर्शन की सूचना मिल रही है. इसके अलावा, इस्लामाबाद में अमेरिकी दूतावास और पेशावर के अमेरिकी वाणिज्य दूतावास के सामने भी अतिरिक्त प्रदर्शन के आह्वान हो रहे हैं. अमेरिकी सरकार के कर्मचारियों को निर्देश दिया गया है कि वे तब तक अपनी आवाजाही सीमित रखें जब तक अन्य सूचना न दी जाए. सेंसेक्स 2743 अंक टूटा, निफ्टी 519 अंक गिरा ईरान, इजरायल और अमेरिका के बीच बढ़ते सैन्य तनाव के कारण भारतीय शेयर बाजार में भारी गिरावट दर्ज की गई है. सेंसेक्स में 2743 अंक यानी 3.38% की भारी गिरावट देखी गई और यह 78,543 अंक पर खुला. वहीं, निफ्टी इंडेक्स में भी 519 अंक या 2.06% का नुकसान हुआ, जो इसे 24,659 अंक पर ले आया. इजरायल के हमलों में कम से कम 10 लोगों की मौत ईरान, इजरायल और अमेरिका के बीच तनाव बढ़ता जा रहा है. इजरायल के हमलों के चलते बेरूत के दक्षिणी इलाकों में कम से कम 10 लोगों के मारे जाने की खबर सामने आई है. साइप्रस में ब्रिटिश बेस पर ड्रोन हमला, नुकसान की पुष्टि साइप्रस ने पुष्टि की है कि उसके द्वीप पर स्थित एक ब्रिटिश सैन्य ठिकाने को ड्रोन हमले का निशाना बनाया गया था. इस हमले से ठिकाने को गंभीर नुकसान पहुंचा है, हालांकि किसी के हताहत होने की खबर नहीं आई है. यह घटना क्षेत्रीय सुरक्षा और राजनीतिक स्थिरता के संदर्भ में चिंता का विषय बनी हुई है.  ईरानी सुप्रीम लीडर की हत्या के विरोध में डोडा-किश्तवाड़ में बंद का आह्वान डोडा और किश्तवार जिलों में शिया और अन्य मुस्लिम धार्मिक संगठनों ने आज बंद का आह्वान किया है. यह बंद ईरान के सुप्रीम नेता की हत्या के विरोध में आयोजित किया गया है. जम्मू डिवीजन के ये दोनों जिले धार्मिक और सामाजिक रूप से संवेदनशील क्षेत्र हैं, जहां इस तरह के घटनाक्रम का गहरा असर पड़ता है. Pushpendra“माय सीक्रेट न्यूज़” यह एक ऑनलाइन वेबसाइट है, जो आपको देश – दुनिया और आपके आसपास की हर छोटी-बड़ी खबरों को आप तक पहुंचाती है। इस वेबसाइट का संचालन वरिष्ठ पत्रकार पुष्पेन्द्र जी कर रहे हैं। उन्होंने पत्रकारिता में BJC (बेचलर ऑफ़ जर्नलिज्म एंड कम्युनिकेशन) और MJC (मास्टर ऑफ़ जर्नलिज्म एंड कम्युनिकेशन) की डिग्री 2011 में हरिसिंह गौर केंद्रीय विश्वविद्यालय सागर मप्र से हासिल की है। उन्होंने भोपाल के स्वदेश, राज एक्सप्रेस, राष्ट्रीय हिंदी मेल, सांध्य प्रकाश, नवदुनिया और हरिभूमि जैसे बड़े समाचार पत्र समूहों में काम किया है।  और पढ़ें इस वेबसाइट का संचालन मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल से हो रहा है, जहाँ से प्रदेश की राजनीति से लेकर विकास की योजनाएं तैयार होती हैं।दे श व प्रदेश जिले की ताजा अपडेट्स व राजनीतिक प्रशासनिक खबरों के लिए पढ़ते रहिए हमारी वेबसाइट (my secret news. Com )👈 ✍️ पुष्पेन्द्र , (वरिष्ठ पत्रकार) भोपाल, मप्र  mysecretnews.com recent visitors 22

ईरान की कसम और मिसाइल अटैक से हड़कंप, ट्रंप का सख्त संदेश- ऐसा जवाब मिलेगा जो दुनिया ने नहीं देखा

ईरान ईरान ने अपने सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई की मौत के बाद व्यापक सैन्य कार्रवाई का दावा किया है। ईरान का कहना है कि यह कार्रवाई अमेरिका और उसके सहयोगियों के खिलाफ प्रतिशोध के तौर पर की जा रही है। ईरानी मीडिया और सैन्य सूत्रों के मुताबिक, मिडिल ईस्ट में इजरायल और अमेरिकी ठिकानों को निशाना बनाते हुए बैलिस्टिक मिसाइलों और ड्रोन से हमले किए गए हैं। UAE और कतर में धमाकों की खबर संयुक्त अरब अमीरात (UAE) और कतर, जिन्हें अमेरिका का करीबी सहयोगी माना जाता है, वहां हमलों की सूचना सामने आई है। दुबई और कतर की राजधानी दोहा में कई जोरदार धमाकों की आवाज सुनाई देने की खबरें हैं। हालांकि इन हमलों से हुए नुकसान और हताहतों को लेकर स्वतंत्र पुष्टि अभी तक नहीं हुई है।   IRGC का दावा: मिसाइल और ड्रोन से हमला ईरान की रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने 'ऑपरेशन ट्रू प्रॉमिस' के पांचवें चरण के तहत कार्रवाई का दावा किया है। जेबेल अली एंकरेज पर अमेरिकी जहाज के लिए गोला-बारूद ले जा रहे एक पोत को ड्रोन से निशाना बनाए जाने का दावा किया गया है। कुवैत के अब्दुल्ला मुबारक क्षेत्र में अमेरिकी नौसैनिक अड्डे पर 4 बैलिस्टिक मिसाइल और 12 ड्रोन से हमला किए जाने की बात भी सामने आ रही है। हमलों में बुनियादी ढांचे के नष्ट होने और अमेरिकी सैनिकों के हताहत होने का दावा किया जा रहा है। हालांकि इन दावों की अभी स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। दुबई एयरपोर्ट और प्रमुख स्थलों पर हमला ईरान ने दुनिया के व्यस्ततम हवाई अड्डों में शामिल दुबई अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा को निशाना बनाने का दावा किया है। साथ ही दुबई के प्रसिद्ध पर्यटन स्थल पाम जुमेराह और लक्जरी होटल बुर्ज अल अरब पर भी पहले हमले किए जाने की बात कही गई है। अमेरिका राष्ट्रपति ने फिर दी चेतावनी अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को कड़ी चेतावनी देते हुए कहा कि अगर हमला किया गया तो अमेरिका, ऐसा जवाब देगा जो पहले कभी नहीं देखा गया। ट्रंप के अनुसार, अगर ईरान ने हमारी रेड लाइन पार की, तो उसे इसका गंभीर परिणाम भुगतना पड़ेगा। ईरान ने सार्वजनिक रूप से बदला लेने की कसम खाई वहीं, खामेनेई की मौत के बाद ईरान ने सार्वजनिक रूप से बदला लेने की कसम खाई है। ईरानी नेतृत्व का कहना है कि अमेरिका के समर्पण तक कार्रवाई जारी रहेगी। हालांकि, इन घटनाओं को लेकर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर तनाव बढ़ गया है और क्षेत्र में हालात बेहद संवेदनशील बने हुए हैं। Pushpendra“माय सीक्रेट न्यूज़” यह एक ऑनलाइन वेबसाइट है, जो आपको देश – दुनिया और आपके आसपास की हर छोटी-बड़ी खबरों को आप तक पहुंचाती है। इस वेबसाइट का संचालन वरिष्ठ पत्रकार पुष्पेन्द्र जी कर रहे हैं। उन्होंने पत्रकारिता में BJC (बेचलर ऑफ़ जर्नलिज्म एंड कम्युनिकेशन) और MJC (मास्टर ऑफ़ जर्नलिज्म एंड कम्युनिकेशन) की डिग्री 2011 में हरिसिंह गौर केंद्रीय विश्वविद्यालय सागर मप्र से हासिल की है। उन्होंने भोपाल के स्वदेश, राज एक्सप्रेस, राष्ट्रीय हिंदी मेल, सांध्य प्रकाश, नवदुनिया और हरिभूमि जैसे बड़े समाचार पत्र समूहों में काम किया है।  और पढ़ें इस वेबसाइट का संचालन मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल से हो रहा है, जहाँ से प्रदेश की राजनीति से लेकर विकास की योजनाएं तैयार होती हैं।दे श व प्रदेश जिले की ताजा अपडेट्स व राजनीतिक प्रशासनिक खबरों के लिए पढ़ते रहिए हमारी वेबसाइट (my secret news. Com )👈 ✍️ पुष्पेन्द्र , (वरिष्ठ पत्रकार) भोपाल, मप्र  mysecretnews.com recent visitors 29

ईरान ने US बेस को भी बनाया निशाना, खामेनेई की मौत के बाद इजरायल पर मिसाइल अटैक

तेहरान. ईरान के सुप्रीम लीडर अली खामेनेई की मौत के बाद ईरान में लोग सड़कों पर उतर आए हैं। ईरान ने अपना नया कमांडर इन चीफ नियुक्त किया है। ईरान ने खामेनेई की मौत के बगाद 40 दिन का राष्ट्रीय शोक घोषित किया है। वहीं इजरायल और अमेरिका के इस हमले की निंदा संयुक्त राष्ट्र प्रमुख ने भी की है। वहीं ईरान ने नए सुप्रीम लीडर का भी ऐलान किया है। हमलों के बाद भड़के हुए ईरान ने भी पड़ोसी देशों में स्थित अमेरिकी एयरबेसों को निशाना बनाया। ये हमले ऐसे समय में हुए जब हाल के हफ्तों में तनाव काफी बढ़ गया है। अमेरिकी युद्धपोत क्षेत्र में तैनात किए जा चुके थे और डोनाल्ड ट्रंप ने कहा था कि वह ईरान के परमाणु कार्यक्रम को सीमित करने के लिए एक समझौता चाहते थे। यह उस समय हो रहा है जब देश के भीतर भी हालात चुनौतीपूर्ण हैं और राष्ट्रव्यापी विरोध प्रदर्शनों के बाद सरकार के खिलाफ असंतोष बढ़ रहा है। ईरान के हमलों की वजह से कतर, सऊदी अरब, ईराक और अन्य देशों में भी उसका विरोध हो रहा है। वहीं खबर के मुताबिक यूएई में ईरान के हमले में एक शख्स की मौत भी हो गई है। IRGC ने ब्रिगेडियर जनरल अहमद वहीदी को नया कमांडर इन चीफ चुन लिया है। ऐसे में युद्ध अभी लंबा खिंचने की संभावना नजर आ रही है। खामेनेई के मारे जाने पर प्रदर्शन की आग भारत तक पहुंच गई है। भारत में कश्मीर, यूपी और कई अन्य जगहों पर शिया मुसलमान सड़कों पर उतर रहे हैं। यूएन ने की हमले की निंदा संयुक्त राष्ट्र प्रमुख एंतोनियो गुतारेस ने ईरान पर अमेरिका-इजराइल के हवाई हमलों की शनिवार को निंदा की और ''क्षेत्र और पूरी दुनिया को संकट से निकालने'' के लिए तत्काल फिर से बातचीत शुरू करने का आह्वान किया। संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के महासचिव एंतोनियो गुतारेस ने आपातकालीन बैठक में कहा कि स्थिति को और बिगड़ने से रोकने के लिए हर संभव प्रयास किया जाना चाहिए। उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा, ''वरना व्यापक संघर्ष होने की आशंका है जिसके नागरिकों और क्षेत्रीय स्थिरता के लिहाज से गंभीर परिणाम हो सकते हैं।'' यहां पढ़ें ईरान-इजरायल युद्ध का पूरा मामला… कैसे चुना जाएगा ईरान का सुप्रीम लीडर ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई की मौत ने देश के भविष्य को लेकर बेहद महत्वपूर्ण सवाल खड़े कर दिए हैं। हालांकि, मौलवियों की एक समिति को उनके स्थान पर नए नेता के चयन का काम सौंपा गया है। ईरान के संविधान के तहत 88 सदस्यीय समिति 'असेंबली ऑफ एक्सपर्ट्स' (विशेषज्ञों की सभा) नये सर्वोच्च नेता का चयन करेगी। इस निकाय में केवल शिया धर्मगुरु शामिल होते हैं, जिन्हें हर आठ वर्ष में जनमत के आधार पर चुना जाता है। कानून के अनुसार, 'असेंबली ऑफ एक्सपर्ट्स' को जल्द से जल्द नये सर्वोच्च नेता का चयन करना होगा। यदि चयन में देरी होता है तो एक नेतृत्व परिषद कार्यभार संभाल सकती है, जिसमें राष्ट्रपति, न्यायपालिका प्रमुख और 'गार्जियन काउंसिल' का एक वरिष्ठ सदस्य शामिल होता है। Pushpendra“माय सीक्रेट न्यूज़” यह एक ऑनलाइन वेबसाइट है, जो आपको देश – दुनिया और आपके आसपास की हर छोटी-बड़ी खबरों को आप तक पहुंचाती है। इस वेबसाइट का संचालन वरिष्ठ पत्रकार पुष्पेन्द्र जी कर रहे हैं। उन्होंने पत्रकारिता में BJC (बेचलर ऑफ़ जर्नलिज्म एंड कम्युनिकेशन) और MJC (मास्टर ऑफ़ जर्नलिज्म एंड कम्युनिकेशन) की डिग्री 2011 में हरिसिंह गौर केंद्रीय विश्वविद्यालय सागर मप्र से हासिल की है। उन्होंने भोपाल के स्वदेश, राज एक्सप्रेस, राष्ट्रीय हिंदी मेल, सांध्य प्रकाश, नवदुनिया और हरिभूमि जैसे बड़े समाचार पत्र समूहों में काम किया है।  और पढ़ें इस वेबसाइट का संचालन मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल से हो रहा है, जहाँ से प्रदेश की राजनीति से लेकर विकास की योजनाएं तैयार होती हैं।दे श व प्रदेश जिले की ताजा अपडेट्स व राजनीतिक प्रशासनिक खबरों के लिए पढ़ते रहिए हमारी वेबसाइट (my secret news. Com )👈 ✍️ पुष्पेन्द्र , (वरिष्ठ पत्रकार) भोपाल, मप्र  mysecretnews.com recent visitors 25

अमेरिका और इजरायल बोले- हमारा हाथ नहीं, ईरान में धमाकों में 5 की मौत और कई घायल

तेहरान. कई महीनों से प्रदर्शन से परेशान ईरान को एक बार फिर झटका लगा है। दक्षिणी ईरान के समुद्र किनारे वाले शहर बंदर अब्बास में शनिवार को जोरदार धमाका हुआ है। स्थानीय मीडिया के मुताबिक यह धमाका गैस के रिसाव की वजह से हुआ। इसके अलावा इराक सीमा के पास स्थित अहवाज शहर में भी गैस के रिसाव से एक धमाका हुआ। दोनों धमाकों में कुल मिलाकर पांच लोगों की मौत हो गई है, जबकि 14 से ज्यादा लोग घायल हुए हैं। कुछ रिपोर्ट्स में सात धमाकों की जानकारी सामने आई है। इनके मुताबिक राजधानी तेहरान, बंदर अब्बास, तबरीज, कोम, अहवाज, नंताज और परंद में धमाके हुए हैं। ईरान सरकार की तरफ से इनकी पुष्टि नहीं की गई है। ईरान के अग्निशमन विभाग के प्रमुख मोहम्मद अमीन लियाकत ने बंदर अब्बास में हुए धमाके पर ईरान की मीडिया एजेंसी मेहर को दिए अपने बयान में कहा, "शुरुआती जांच के हिसाब से पता चला है कि यह धमाका गैस की वजह से हुआ है। अगले कुछ घंटों में मेरे सहयोगी और अधिक जानकारी देंगे।” इस घटना के कई वीडियो सोशल मीडिया पर शेयर किए जा रहे हैं। इनमें मलबे में तब्दील इमारतों के सामने टूटी हुई गाड़ियां खड़ी हुई नजर आ रही हैं, जो कि इमारत के मलबे की वजह से क्षतिग्रस्त हुई हैं। रॉयटर्स ने इमारतों, पेड़ों और सड़क के लेआउट का विश्लेषण कर स्थान की पुष्टि की, जो सैटेलाइट और फाइल इमेजरी से मेल खाता है। हालांकि, स्वतंत्र रूप से यह सत्यापित नहीं की जा सकती कि वीडियो किस तारीख का है। ईरान में धमाकों की खबर सामने आने के बाद सबसे बड़ा शक अमेरिका और इजरायल की तरफ ही गया। हालांकि सीएनएन की एक रिपोर्ट के मुताबिक अमेरिकी और इजरायली अधिकाियों ने यह साफ किया है कि इन धमाकों के पीछे उनका कोई हाथ नहीं है। Pushpendra“माय सीक्रेट न्यूज़” यह एक ऑनलाइन वेबसाइट है, जो आपको देश – दुनिया और आपके आसपास की हर छोटी-बड़ी खबरों को आप तक पहुंचाती है। इस वेबसाइट का संचालन वरिष्ठ पत्रकार पुष्पेन्द्र जी कर रहे हैं। उन्होंने पत्रकारिता में BJC (बेचलर ऑफ़ जर्नलिज्म एंड कम्युनिकेशन) और MJC (मास्टर ऑफ़ जर्नलिज्म एंड कम्युनिकेशन) की डिग्री 2011 में हरिसिंह गौर केंद्रीय विश्वविद्यालय सागर मप्र से हासिल की है। उन्होंने भोपाल के स्वदेश, राज एक्सप्रेस, राष्ट्रीय हिंदी मेल, सांध्य प्रकाश, नवदुनिया और हरिभूमि जैसे बड़े समाचार पत्र समूहों में काम किया है।  और पढ़ें इस वेबसाइट का संचालन मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल से हो रहा है, जहाँ से प्रदेश की राजनीति से लेकर विकास की योजनाएं तैयार होती हैं।दे श व प्रदेश जिले की ताजा अपडेट्स व राजनीतिक प्रशासनिक खबरों के लिए पढ़ते रहिए हमारी वेबसाइट (my secret news. Com )👈 ✍️ पुष्पेन्द्र , (वरिष्ठ पत्रकार) भोपाल, मप्र  mysecretnews.com recent visitors 26

ईरान में महिला ने नग्न होकर पुलिस के सामने हंगामा किया, हिजाब बैन के विरोध में

तेहरान इस्लामिक देश ईरान ने वैसे तो पिछले साल दिसंबर में ही सख्त हिजाब कानून को लागू करने पर रोक लगी दी है लेकिन अभी भी वहां हिजाब बैन के खिलाफ महिलाएं हल्ला बोल रही हैं। इसी तरह के एक वाकए में ईरान के दूसरे सबसे बड़े शहर मशहद में एक महिला ने सार्वजनिक तौर पर विरोध-प्रदर्शन करते हुए पहले अपने सभी कपड़े उतार दिए फिर नग्न होकर पुलिस वाहन के बोनट पर खड़ी होकर हंगामा करने लगीं। सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे एक वीडियो में महिला सशस्त्र बलों के अधिकारियों पर चिल्लाती हुई दिखाई दे रही है। ईरानी पत्रकार और सामाजिक कार्यकर्ता मसीह अलीनेजाद ने महिला की इस करतूत का एक वीडियो सोशल मीडिया पर साझा किया है। वीडियो में दिख रहा है कि हंगामा करने वाली महिला पुलिस की गाड़ी पर चढ़कर विंडशील्ड की ओर बढ़ते हुए और अपने दोनों पैरों को फैलाकर बैठ रही है। महिला की हालत देखकर वहां मौजूद एक सशस्त्र पुरुष अधिकारी मामले में दखल देने में हिचकिचाता हुआ दिखाई दे रहा है। वीडियो के अंत में महिला ने अपने हाथ ऊपर उठा लिए और विरोध में चिल्लाने लगीं। महिला इस्लामी गणराज्य में महिलाओं के लिए सख्त प्रावधानों का विरोध कर रही थी। वह शरीर को पूरी तरह से ढकने से इनकार भी करती दिखी। हालांकि, हंगामा बढ़ने पर उस महिला के पति ने कहा कि फिलहाल उसका इलाज चल रहा है और उसकी हालत ठीक नहीं है। बता दें कि दिसंबर में, ईरानी सांसद ने विवादास्पद 'पवित्रता और हिजाब' कानून पारित किया था, जिसमें उन महिलाओं और लड़कियों पर कठोर दंड का प्रावधान किया गया था जो अपने बाल, हाथ या पैर का प्रदर्शन करती हैं। हालांकि, महिलाओं के व्यापक विरोध के बाद ईरानी सरकार झुक गई थी और इस कानून को लागू करने पर रोक लगा दी थी। तब ईरानी सरकार ने कहा था कि इसमें सुधार की जरूरत है। एमनेस्टी इंटरनेशनल समेत कई वैश्विक संगठनों ने ईरान के इस कानून की निंदा की थी और इसे दमनकारी और दमघोंटू व्यवस्था को मजबूत करने की कोशिश कहा था। प्रस्तावित कानून में भारी जुर्माना और बार-बार अपराध करने वालों के लिए 15 साल तक की कैद का भी प्रावधान किया गया था। Pushpendra“माय सीक्रेट न्यूज़” यह एक ऑनलाइन वेबसाइट है, जो आपको देश – दुनिया और आपके आसपास की हर छोटी-बड़ी खबरों को आप तक पहुंचाती है। इस वेबसाइट का संचालन वरिष्ठ पत्रकार पुष्पेन्द्र जी कर रहे हैं। उन्होंने पत्रकारिता में BJC (बेचलर ऑफ़ जर्नलिज्म एंड कम्युनिकेशन) और MJC (मास्टर ऑफ़ जर्नलिज्म एंड कम्युनिकेशन) की डिग्री 2011 में हरिसिंह गौर केंद्रीय विश्वविद्यालय सागर मप्र से हासिल की है। उन्होंने भोपाल के स्वदेश, राज एक्सप्रेस, राष्ट्रीय हिंदी मेल, सांध्य प्रकाश, नवदुनिया और हरिभूमि जैसे बड़े समाचार पत्र समूहों में काम किया है।  और पढ़ें इस वेबसाइट का संचालन मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल से हो रहा है, जहाँ से प्रदेश की राजनीति से लेकर विकास की योजनाएं तैयार होती हैं।दे श व प्रदेश जिले की ताजा अपडेट्स व राजनीतिक प्रशासनिक खबरों के लिए पढ़ते रहिए हमारी वेबसाइट (my secret news. Com )👈 ✍️ पुष्पेन्द्र , (वरिष्ठ पत्रकार) भोपाल, मप्र  mysecretnews.com recent visitors 56

राष्ट्रपति ट्रंप ने ईरान को खुली धमकी दी कहा अगर ईरान ने मुझे मारने की कोशिश की तो मैं उस देश को खत्म कर दूंगा

वॉशिंगटन  अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को धमकी दे दी है। ट्रंप ने कहा कि अगर ईरान ने उन्हे मारने की कोशिश की तो वह देश को खत्म कर देंगे। अमेरिका ने ये भी संकेत दिए है कि अगर ईरान ने परमाणु हथियार से जुड़े परियोजनाओं को बंद नहीं किया तो अमेरिका उसपर और भी प्रतिबंध लगाएगा। ट्रंप ने ईरान पर और भी अधिक दबाव डालने के आदेश पर हस्ताक्षर भी किए। ईरान को ट्रंप की खुली धमकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने मंगलवार को कहा कि उन्होंने अपने सलाहकारों को निर्देश दिया है कि अगर ईरान उनके ऊपर हमला करता है तो उसे तबाह कर दिया जाए। ट्रंप ने कहा कि अगर ईरान ने मुझे मारने की कोशिश की तो मैं उसे खत्म कर दूंगा। उन्होंने कहा कि ईरान के पास ईरान के पास परमाणु हथियार नहीं हो सकता है। हालांकि, ट्रंप ने ईरान के समकक्ष से मुलाकात की इच्छा भी जाहिर की। ट्रंप पर हो चुका है जानलेवा हमला बता दें कि ट्रंप को कई बार ईरान की ओर से धमकी मिल चुकी है। हाल ही में एक चुनावी रैली के दौरान ट्रंप पर जानलेवा हमला भी हुआ था। हालांकि, अमेरिकी अधिकारियों का कहना था कि वह नहीं मानते की हत्या का प्रयास ईरान ने किया था। साल 2020 में ट्रंप ने ईरान की इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कोर की एलीट शाखा कुद्स फोर्स का नेतृत्व करने वाले कासिम सुलेमानी की हत्या का आदेश दिया था। इसके बाद से ही ट्रंप की सुरक्षा को लेकर अमेरिकी सुरक्षा एजेंसी काफी अलर्ट रहती है। आशंका जताई जा रही है कि ट्रंप, ईरान की मुश्किलें बढ़ाने वाले हैं। ईरान आर्थिक संकट से जूझ रहा है। साल 2015 में अमेरिका से जब ईरान का परमाणु समझौता हुआ था, लेकिन 2018 में ट्रंप ने ईरान से परमाणु समझौता तोड़ दिया था। इसके बाद ईरान और अमेरिका के बीच रिश्ते काफी खराब हो गए। ईरान के राष्ट्रपति से मिलने की जताई इच्छा उन्होंने कहा कि ईरान के पास परमाणु हथियार नहीं हो सकता है, लेकिन साथ ही उम्मीद जताई की तेहरान के साथ समझौता किया जा सकता है। ट्रंप ने ईरान के अपने समकक्ष से मिलने की इच्छा जताई, ताकि तेहरान को यह समझाने की कोशिश की जा सके कि वह परमाणु हथियार विकसित करने की कोशिश छोड़ दे। उन्होंने पूर्व राष्ट्रपति जो बाइडन पर तेल-निर्यात प्रतिबंधों को सख्ती से लागू करने में विफल रहने का आरोप लगाया है। ट्रंप के ऊपर खतरा अमेरिकी अधिकारी वर्षों से ट्रंप और प्रशासनिक अधिकारियों के खिलाफ ईरानी धमकियों पर नजर रख रहे हैं। ट्रंप ने 2020 में ईरान की इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कोर की एलीट शाखा कुद्स फोर्स का नेतृत्व करने वाले कासिम सुलेमानी की हत्या का आदेश दिया था। न्याय विभाग ने बीते साल नवम्बर में घोषणा की थी कि राष्ट्रपति चुनाव से पहले ट्रंप को मारने की ईरानी साजिश की नाकाम किया गया है। विभाग ने आरोप लगाया कि ईरानी अधिकारियों ने सितम्बर में 51 वर्षीय फरहाद शकेरी को ट्रंप की निगरानी करने और उनकी हत्या के लिए योजना बनाने का निर्देश दिया गया था। Pushpendra“माय सीक्रेट न्यूज़” यह एक ऑनलाइन वेबसाइट है, जो आपको देश – दुनिया और आपके आसपास की हर छोटी-बड़ी खबरों को आप तक पहुंचाती है। इस वेबसाइट का संचालन वरिष्ठ पत्रकार पुष्पेन्द्र जी कर रहे हैं। उन्होंने पत्रकारिता में BJC (बेचलर ऑफ़ जर्नलिज्म एंड कम्युनिकेशन) और MJC (मास्टर ऑफ़ जर्नलिज्म एंड कम्युनिकेशन) की डिग्री 2011 में हरिसिंह गौर केंद्रीय विश्वविद्यालय सागर मप्र से हासिल की है। उन्होंने भोपाल के स्वदेश, राज एक्सप्रेस, राष्ट्रीय हिंदी मेल, सांध्य प्रकाश, नवदुनिया और हरिभूमि जैसे बड़े समाचार पत्र समूहों में काम किया है।  और पढ़ें इस वेबसाइट का संचालन मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल से हो रहा है, जहाँ से प्रदेश की राजनीति से लेकर विकास की योजनाएं तैयार होती हैं।दे श व प्रदेश जिले की ताजा अपडेट्स व राजनीतिक प्रशासनिक खबरों के लिए पढ़ते रहिए हमारी वेबसाइट (my secret news. Com )👈 ✍️ पुष्पेन्द्र , (वरिष्ठ पत्रकार) भोपाल, मप्र  mysecretnews.com recent visitors 55

प्रतिबंधों की मार झेल रहे ईरान ने भारत से अपने रिश्ते सुधारने और सहयोग बढ़ाने की अपील की

नई दिल्ली अमेरिकी प्रतिबंधों की मार झेल रहे ईरान ने भारत से अपने रिश्ते सुधारने और सहयोग बढ़ाने की अपील की है। ईरानी अधिकारियों ने भारत से फिर से कच्चे तेल की खरीद शुरू करने और ईरानी नागरिकों को वीजा देने में राहत देने की मांग की है। ईरान का कहना है कि इन कदमों से दोनों देशों के बीच दोस्ती और आर्थिक रिश्ते और मजबूत होंगे। मगर इसके पीछे क्या ईरान की कोई मंशा है? आइए जानते हैं। ईरान की इस गुहार के पीछे मुख्य वजह अमेरिकी प्रतिबंध हैं, जिनकी वजह से उसकी अर्थव्यवस्था पर काफी दबाव है। 2019 में भारत ने अमेरिकी दबाव में ईरान से कच्चे तेल की खरीद बंद कर दी थी। हालांकि, अब ईरान चाहता है कि भारत एक बार फिर तेल खरीदने के लिए रास्ता निकाले। ईरानी अधिकारी ने साफ कहा कि भारत और ईरान को मिलकर इस मुद्दे का हल ढूंढना होगा। चाबहार बंदरगाह पर भी ईरान की खास नजर है। यह बंदरगाह अमेरिकी प्रतिबंधों के दायरे से बाहर है और भारत ने इसके विकास में काफी निवेश किया है। ईरानी अधिकारी ने कहा कि चाबहार के आसपास पेट्रो-रसायन उद्योगों में सहयोग के लिए भारत ने रुचि दिखाई है। यह बंदरगाह दोनों देशों के लिए व्यापारिक और आर्थिक संबंधों को मजबूत करने का एक अहम जरिया हो सकता है। ईरानी अधिकारी ने यह भी कहा कि रूस और ईरान पर लगे प्रतिबंध अलग हैं, और भारत ने रूस से तेल खरीदना जारी रखा है। ऐसे में ईरान उम्मीद कर रहा है कि भारत उसके लिए भी ऐसा ही कोई रास्ता निकालेगा। ईरान ने यह भी संकेत दिया कि चीन के बढ़ते प्रभाव और वैश्विक राजनीति में बदलाव के चलते अमेरिका का रुख ईरान के प्रति नरम हो सकता है। ऐसे में भारत के लिए यह मौका हो सकता है कि वह ईरान के साथ अपने रिश्तों को फिर से पटरी पर लाए। भारत के लिए ईरान की अहमियत सिर्फ तेल तक सीमित नहीं है। चाबहार बंदरगाह भारत को अफगानिस्तान और मध्य एशिया से जोड़ने का सीधा रास्ता देता है। ईरान ने साफ कर दिया है कि वह भारत के लिए किसी तरह की मुश्किल खड़ी नहीं करना चाहता, बल्कि आपसी सहयोग को नई ऊंचाइयों तक ले जाना चाहता है। ऐसे में देखना है कि क्या भारत अपने चाबहार वाले दोस्त के साथ कच्चे तेल का सौदा करता है या नहीं। Pushpendra“माय सीक्रेट न्यूज़” यह एक ऑनलाइन वेबसाइट है, जो आपको देश – दुनिया और आपके आसपास की हर छोटी-बड़ी खबरों को आप तक पहुंचाती है। इस वेबसाइट का संचालन वरिष्ठ पत्रकार पुष्पेन्द्र जी कर रहे हैं। उन्होंने पत्रकारिता में BJC (बेचलर ऑफ़ जर्नलिज्म एंड कम्युनिकेशन) और MJC (मास्टर ऑफ़ जर्नलिज्म एंड कम्युनिकेशन) की डिग्री 2011 में हरिसिंह गौर केंद्रीय विश्वविद्यालय सागर मप्र से हासिल की है। उन्होंने भोपाल के स्वदेश, राज एक्सप्रेस, राष्ट्रीय हिंदी मेल, सांध्य प्रकाश, नवदुनिया और हरिभूमि जैसे बड़े समाचार पत्र समूहों में काम किया है।  और पढ़ें इस वेबसाइट का संचालन मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल से हो रहा है, जहाँ से प्रदेश की राजनीति से लेकर विकास की योजनाएं तैयार होती हैं।दे श व प्रदेश जिले की ताजा अपडेट्स व राजनीतिक प्रशासनिक खबरों के लिए पढ़ते रहिए हमारी वेबसाइट (my secret news. Com )👈 ✍️ पुष्पेन्द्र , (वरिष्ठ पत्रकार) भोपाल, मप्र  mysecretnews.com recent visitors 97

ईरान में घट रही जनसंख्या, सरकार चिंतित, परिवार बढ़ाने चला रही कई योजनाएं

ईरान में घट रही जनसंख्या, सरकार चिंतित, परिवार बढ़ाने चला रही कई योजनाएं 2051-52 तक ईरान की 32 फीसदी आबादी बुजुर्ग हो जाएगी तेहरान  ईरान एक प्रमुख इस्लामिक देश है, वर्तमान में जनसंख्या वृद्धि की गंभीर समस्या का सामना कर रहा है। यहां की आबादी बढ़ने की बजाय स्थिर होने लगी है और इसके पीछे कई सामाजिक और आर्थिक कारण हैं। 1980 में एक दंपति के औसतन 5 से 6 बच्चे होते थे, लेकिन अब यह आंकड़ा घटकर 1 से 2 रह गया है। इस स्थिति ने ईरानी सरकार की चिंताएं बढ़ा दी हैं। वर्तमान में ईरान की कुल आबादी करीब 8.9 करोड़ है, जिसमें से 1 करोड़ बुजुर्ग लोग हैं। विशेषज्ञों का अनुमान है कि 2051-52 तक ईरान की 32 फीसदी आबादी बुजुर्ग हो जाएगी। तेहरान के एक प्रोफेसर ने बताया कि वर्तमान में 31 से 39 साल की आयु के करीब 40 लाख युवा अविवाहित हैं, जो कुल आबादी का करीब पांच फीसदी हैं। इससे साफ होता है कि युवा वर्ग में शादी करने और परिवार बढ़ाने की इच्छाशक्ति में कमी आई है। इसके पीछे का मुख्य कारण आर्थिक समस्याएं हैं। ईरान में युवाओं ने मान लिया है कि अधिक बच्चे होने से जिम्मेदारियों और आर्थिक बोझ बढ़ता है। इस बीच सरकार ने 1979 की इस्लामिक क्रांति के बाद से परिवार योजना को प्रोत्साहित किया था, जिसका असर साफ दिखता है। पहले, महिलाओं का फर्टिलिटी रेट 6.5 था, लेकिन अब यह घटकर 1.5 फीसदी पर आ गया है। यह स्थिति एक गंभीर समस्या बन रही है, क्योंकि जनसंख्या के संतुलन के लिए 2.1 की फर्टिलिटी रेट की जरुरत होती है। सरकार ने इस समस्या को देखते हुए कई उपाय किए हैं। दंपतियों को प्रोत्साहित करने के लिए उन्हें बैंक लोन, प्लॉट और कार जैसी सुविधाएं दी जा रही हैं। हालांकि, इन प्रयासों के बावजूद जनसंख्या वृद्धि की दर में कमी आ रही है। पिछले कुछ सालों में, ईरान में जनसंख्या की वृद्धि की रफ्तार में उल्लेखनीय कमी आई है। 1980 में 4 करोड़ की आबादी अब 9.1 करोड़ हो गई है, लेकिन 2000 के बाद इस वृद्धि की रफ्तार काफी धीमी हो गई है। ईरान के सामाजिक ताने-बाने और आर्थिक स्थिति को देखते हुए, यह स्पष्ट है कि यदि इस समस्या का समाधान नहीं किया गया, तो भविष्य में कार्यबल की कमी और आर्थिक विकास में बाधा आ सकती है।     Pushpendra“माय सीक्रेट न्यूज़” यह एक ऑनलाइन वेबसाइट है, जो आपको देश – दुनिया और आपके आसपास की हर छोटी-बड़ी खबरों को आप तक पहुंचाती है। इस वेबसाइट का संचालन वरिष्ठ पत्रकार पुष्पेन्द्र जी कर रहे हैं। उन्होंने पत्रकारिता में BJC (बेचलर ऑफ़ जर्नलिज्म एंड कम्युनिकेशन) और MJC (मास्टर ऑफ़ जर्नलिज्म एंड कम्युनिकेशन) की डिग्री 2011 में हरिसिंह गौर केंद्रीय विश्वविद्यालय सागर मप्र से हासिल की है। उन्होंने भोपाल के स्वदेश, राज एक्सप्रेस, राष्ट्रीय हिंदी मेल, सांध्य प्रकाश, नवदुनिया और हरिभूमि जैसे बड़े समाचार पत्र समूहों में काम किया है।  और पढ़ें इस वेबसाइट का संचालन मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल से हो रहा है, जहाँ से प्रदेश की राजनीति से लेकर विकास की योजनाएं तैयार होती हैं।दे श व प्रदेश जिले की ताजा अपडेट्स व राजनीतिक प्रशासनिक खबरों के लिए पढ़ते रहिए हमारी वेबसाइट (my secret news. Com )👈 ✍️ पुष्पेन्द्र , (वरिष्ठ पत्रकार) भोपाल, मप्र  mysecretnews.com recent visitors 143

बेरूत पर इजरायली हवाई हमलों में मरने वालों की संख्या बढ़कर 22 हुई, 117 घायल

 ईरान ने अमेरिकी सहयोगियों हमला का जवाब हमला से देने की धमकी दी बेरूत: इजरायली एयर स्रा सइक में 22 की मौत, हिजबुल्लाह कमांडर बच निकलने में रहा कामयाब बेरूत पर इजरायली हवाई हमलों में मरने वालों की संख्या बढ़कर 22 हुई, 117 घायल तेहरान/तेल अवीव  ईरान ने गुप्त राजनयिक चैनलों के माध्यम से फारस की खाड़ी और मध्य पूर्व में अमेरिकी सहयोगियों पर हमला करने की धमकी दी है। तेहरान ने कहा कि अगर उनके क्षेत्रों या हवाई क्षेत्रों का उपयोग ईरान पर हमला करने के लिए किया जाता है तो वह इसका जवाब हमला से देगा। यह जानकारी वॉल स्ट्रीट जर्नल ने अरब अधिकारियों के हवाले से दी। रिपोर्ट में गुरुवार को कहा गया कि तेहरान ने जॉर्डन, संयुक्त अरब अमीरात, सऊदी अरब और कतर को संबंधित चेतावनी भेजी है। इन देशों ने कथित रूप से अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडेन प्रशासन को सूचित किया है कि वे ईरान के खिलाफ किसी भी आक्रामक कार्रवाई के लिए अमेरिका और इज़रायल को अपने सैन्य संरचना या हवाई क्षेत्र प्रदान नहीं करना चाहते हैं। पिछले सप्ताह, ईरानी सशस्त्र बलों के जनरल स्टाफ ने कहा था कि “अमेरिका सहित इज़रायल का समर्थन करने वाले देशों का सीधा हस्तक्षेप और ईरान के खिलाफ उनकी आक्रामकता की स्थिति में, मध्य पूर्व में उनके ठिकानों और हितों को एक साथ एक शक्तिशाली हमले का सामना करना पड़ेगा।” उत्तरी गाजा में तीन सैन्यकर्मियों की मौत : आईडीएफ  इज़रायल रक्षा बल (आईडीएफ) ने  कहा कि उत्तरी गाजा पट्टी में उसके तीन रिजर्व सैनिक मारे गए। आईडीएफ ने सैनिकों के नाम भी प्रकाशित किए, जो कि 5460 प्रशासनिक सहायता इकाई के सदस्य थे। इज़रायली सेना रेडियो ने कहा कि जबालिया क्षेत्र में एक आपूर्ति मार्ग पर एक विस्फोटक उपकरण में विस्फोट होने से तीन सैनिक मारे गए। इस सप्ताह की शुरुआत में, आईडीएफ ने जबालिया क्षेत्र में एक नए आतंकवाद विरोधी अभियान की घोषणा की थी। उल्लेखनीय है कि 07 अक्टूबर, 2023 को मध्य पूर्व में शुरू हुए संघर्ष के बाद से, इज़रायल ने विभिन्न मोर्चों पर 734 सैनिकों को खो दिया है, जिसमें गाजा पट्टी में जमीनी अभियानों में मारे गए लगभग 350 सैनिक भी शामिल हैं। बेरूत पर इजरायली हवाई हमलों में मरने वालों की संख्या बढ़कर 22 हुई, 117 घायल मध्य बेरूत के घनी आबादी वाले इलाके अल-नुएरी को निशाना बनाकर  शाम किए गए इजरायली हवाई हमले में मरने वालों की संख्या बढ़कर 22 हो गई है और 117 लोग घायल हुए हैं। लेबनानी स्वास्थ्य मंत्रालय ने अपने नवीनतम अपडेट में यह जानकारी दी। अल जज़ीरा टीवी चैनल के अनुसार, हवाई हमले का लक्ष्य कथित रूप से हिजबुल्लाह के संपर्क और समन्वय इकाई के प्रमुख वाफिक सफा को निशाना बनाना था लेकिन वह हमले में बच गए। यह तीसरी बार है जब इज़रायल ने अल कोला और अल-बचौरा क्षेत्रों पर हमले के बाद लेबनान की राजधानी बेरूत को निशाना बनाया है। इज़रायल ने हाल ही में बेरूत और उसके उपनगरों पर अपने हवाई हमले तेज कर दिए हैं, मुख्य रूप से हिजबुल्लाह के अधिकारियों और सुविधाओं को निशाना बनाया है। इजरायल और हिजबुल्लाह के बीच संघर्ष एक साल पहले तब शुरू हुआ था जब हिजबुल्लाह ने गाजा युद्ध की शुरुआत में हमास के समर्थन में इजराइल पर रॉकेटों की बौछार की थी। बेरूत: इजरायली एयर स्रा सइक में 22 की मौत, हिजबुल्लाह कमांडर बच निकलने में रहा कामयाब  बेरूत के घनी आबादी वाले क्षेत्र अल-नूइरी को निशाना बनाकर की गई इजरायली एयर स्ट्राइक में मरने वालों की संख्या कम से कम 22 हो गई और 117 लोग घायल हुए हैं। लेबनान के स्वास्थ्य मंत्रालय ने अपने नवीनतम अपडेट में यह जानकारी दी ।  एयर स्ट्राइक कथित तौर पर हिजबुल्लाह के संपर्क और कोऑर्डिनेशन यूनिट के प्रमुख वाफिक सफा को निशाना बनाकर की गई। हालांकि सफा हमले में बच गया। सिन्हुआ समाचार एजेंसी ने अल जजीरा टीवी चैनल के हवाले से बताया कि यह तीसरी बार है जब इजरायल ने अल कोला और अल-बचौरा इलाकों पर हमला करने के बाद लेबनान की राजधानी बेरूत को निशाना बनाया। रॉयटर्स की शुक्रवार की एक रिपोर्ट के मुताबिक लेबनान सरकार ने अपने दैनिक अपडेट में कहा कि पिछले साल से लेबनान में जारी इजरायली हमलों में कम से कम 2,169 लोग मारे गए। इनमें से ज्यादातर की मौत 23 सितंबर के बाद हुई, जब इजरायल ने अपने सैन्य अभियान का विस्तार किया। मृतकों की संख्या में नागरिकों और लड़ाकों के बीच अंतर नहीं किया गया। बता दें 23 सितंबर से, इजरायल ने लेबनान में हवाई हमले तेज कर दिए। उसका कहना है कि यह कार्रवाई लेबानानी संगठन हिजबुल्ला के खात्मे के लिए की जा रही है। 27 सितंबर को बेरूत के दक्षिणी उपनगर में एक महत्वपूर्ण हमले में हिजबुल्लाह चीफ हसन नसरल्लाह और उसके कई सहयोगी मारे गए। वहीं इजरायल ने दक्षिणी लेबनान में जमीनी सैन्य अभियान भी शुरू कर दिया। इजरायली हमलों की वजह से लेबनान में लाखों लोग विस्थापित हुए हैं। 8 अक्टूबर, 2023 को हिजबुल्लाह ने गाजा में हमास के प्रति एकजुटता जाहिर करते हुए इजरायल पर रॉकेट दागने शुरू किए थे। नवीनतम घटनाक्रम इसी संघर्ष का विस्तार है। पिछले साल 7 अक्टूबर को हमास ने इजरायल पर एक बड़ा हमला किया था जिसमें करीब 1200 लोगों की मौत हुई थी जबकि 250 से ज्यादा लोगों को बंधक बना लिया गया। ऐसा माना जाता है कि 100 से अधिक बंधक अब भी गाजा में है। इस हमले के बाद इजरायल ने हमास के कंट्रोल वाली गाजा पट्टी में सैन्य कार्रवाई शुरू कर दी। अलजजीरा की शुक्रवार की एक रिपोर्ट के मुताबिक अक्टूबर 2023 से अब तक गाजा में इजरायली हमलों में कम से कम 42,065 लोग मारे गए हैं और 97,886 घायल हुए हैं।       Pushpendra“माय सीक्रेट न्यूज़” यह एक ऑनलाइन वेबसाइट है, जो आपको देश – दुनिया और आपके आसपास की हर छोटी-बड़ी खबरों को आप तक पहुंचाती है। इस वेबसाइट का संचालन वरिष्ठ पत्रकार पुष्पेन्द्र जी कर रहे हैं। उन्होंने पत्रकारिता में BJC (बेचलर ऑफ़ जर्नलिज्म एंड कम्युनिकेशन) और MJC (मास्टर ऑफ़ जर्नलिज्म एंड कम्युनिकेशन) की डिग्री 2011 में हरिसिंह गौर केंद्रीय विश्वविद्यालय सागर मप्र से हासिल की है। उन्होंने भोपाल के स्वदेश, राज एक्सप्रेस, राष्ट्रीय हिंदी मेल, सांध्य प्रकाश, नवदुनिया … Read more

इतिहास में इजरायल और ईरान ने एक साझा दुश्मन से लड़ने के लिए अमेरिका की मदद से हाथ मिलाया था

नई दिल्ली मिडिल ईस्ट में तनाव चरम पर पहुंच गया है। ईरान ने मंगलवार को इजरायल पर 200 से ज्यादा मिसाइलें दागीं है जिनमें हाइपरसोनिक हथियार भी शामिल हैं। अब इजरायल ने भी कसम खाई है कि ईरान इस हमले की कीमत चुकाएगा। हालांकि दोनों देशों के बीच रिश्ते हमेशा से खराब नहीं थे। यह सुनने में भले ही अकल्पनीय लगे लेकिन इजरायल और ईरान ने एक साझा दुश्मन से लड़ने के लिए अमेरिका की मदद से हाथ मिलाया था। 1960 के दशक में इजरायल और ईरान दोनों का एक साझा दुश्मन था इराक। जहां इजरायल अरब देशों के खिलाफ संघर्ष में उलझा हुआ था वहीं शाह के नेतृत्व में ईरान के लिए सुरक्षा और क्षेत्रीय महत्वाकांक्षाओं को देखते हुए इराक एक सीधा खतरा था। इसके बाद इस समय की सबसे गुप्त साझेदारी के लिए एक आधार तैयार हुआ। इस साझेदारी में इज़राइल की खुफिया एजेंसी मोसाद और ईरान की सीक्रेट पुलिस SAVAK शामिल थे। दोनों ने इराकी शासन के खिलाफ कुर्द विद्रोहियों को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी। इराक के अरब नेतृत्व की कमजोरी के रूप में देखे जाने वाले ये कुर्द समूह इराकी सरकार को अंदर से कमजोर करने के लिए जरूरी थे। खुफिया गठबंधन कोड-नाम ट्राइडेंट के गठन के बाद इज़राइल और ईरान के बीच के रिश्ते नई ऊंचाइयों पर पहुंच गए थे जिसमें तुर्की भी शामिल था। 1958 की शुरुआत में ट्राइडेंट की मदद से इन तीन समूहों ने कई खुफिया जानकारियों का आदान-प्रदान किया। जैसे-जैसे संबंध परिपक्व होते गए इज़राइल और ईरान और भी करीब होते गए। शाह की महत्वाकांक्षाएं और इज़राइल का प्रभाव ईरान के शाह मोहम्मद रजा पहलवी न केवल साझा भू-राजनीतिक हितों से प्रेरित थे बल्कि अमेरिका में इज़राइल के प्रभाव से भी प्रेरित थे। शाह ने इजराइल को अमेरिका के साथ संबंधों को सुधारने के लिए एक साधन के रूप में देखा। खासकर कैनेडी प्रशासन द्वारा उनके शासन के बारे में चिंता व्यक्त करने के बाद यह और जरूरी हो गया था। इजराइली-ईरानी संबंध ईरान की पश्चिम के साथ खुद को जोड़ने की रणनीति का हिस्सा बन गए। नतीजतन 1960 के दशक के मध्य तक तेहरान में एक स्थायी इजराइली प्रतिनिधिमंडल की स्थापना हुई जो एक दूतावास के रूप में कार्य करने लगी। हालांकि इस संबंध में भी कुछ जटिलताएं थी। शाह अरब दुनिया में व्यापक इजराइल-विरोधी भावना से अवगत थे। उन्होंने ईरान के इजराइल के साथ संबंधों के सार्वजनिक तौर पर इनकार किया। इराक के खिलाफ मिलकर काम करने में दोनों देशों का फायदा ईरान में 1979 की इस्लामी क्रांति ने देश के राजनीतिक परिदृश्य को काफी हद तक बदल दिया और इसे एक इजराइल विरोधी इस्लामी गणराज्य में बदल दिया। फिर भी अयातुल्ला खोईमेनी के सत्ता में आने के बाद भी नए शासन ने इजराइल के साथ गुप्त सहयोग जारी रखा। जैसे-जैसे ईरान-इराक युद्ध (1980-1988) आगे बढ़ा दोनों देशों ने सद्दाम हुसैन के इराक के खिलाफ़ मिलकर काम करने में ही फायदा देखा। इज़राइल ने भी ईरान की मदद करने में एक अच्छा अवसर देखा। अमेरिका और सोवियत संघ दोनों ने इराकी सेना की आपूर्ति की थी और यह एक जोखिम था। इज़राइल द्वारा ईरान को हथियारों की खेप भेजना, खास कर से प्रधानमंत्री मेनाचेम बेगिन द्वारा 1980 में सैन्य उपकरणों की बिक्री को मंज़ूरी दिए जाने के बाद इराक की ताकत को कमज़ोर करने का एक सोचा-समझा फ़ैसला था। ये गुप्त हथियार सौदे अमेरिकी नीति के बावजूद किए गए जिसमें तेहरान में बंधक बनाए गए अमेरिकी लोगों की रिहाई तक ईरान को सैन्य सहायता देने पर रोक लगाई गई थी। इज़राइली सैन्य सहायता के बदले में, खोईमेनी के शासन ने बड़ी संख्या में ईरानी यहूदियों को इज़राइल या अमेरिका में रहने की अनुमति दी। ऑपरेशन फ्लावर इजरायल-ईरानी साझेदारी पारंपरिक हथियार सौदों से आगे तक पहुंच गई थी। सबसे महत्वाकांक्षी योजनाओं में से एक ऑपरेशन फ्लावर था जो एक गुप्त करोड़ों डॉलर की योजना थी जो 1977 में शाह के शासन के दौरान शुरू हुई थी। इस सौदे के तहत ईरान ने 1978 में इजरायल को 260 मिलियन डॉलर का तेल भेजकर एक बड़ा अग्रिम भुगतान किया जैसा कि 1986 की न्यूयॉर्क टाइम्स की एक रिपोर्ट में दावा किया गया था। मिसाइल कार्यक्रम पर काम 1979 में इस्लामिक क्रांति तक जारी रहा जिसके बाद खोमेनेई के शासन ने अचानक सहयोग रोक दिया। अक्टूबर 1980 में जब ईरान ने इराक के खिलाफ युद्ध छेड़ा था तब इजरायल ने गुप्त रूप से ईरान को अमेरिकी निर्मित एफ-4 लड़ाकू विमानों के लिए 250 अतिरिक्त टायर भी दिए थे। दुश्मनी की शुरुआत 1990 के दशक तक इज़राइल और ईरान के बीच सहयोग का युग लगभग समाप्त हो गया था। भू-राजनीतिक कारण जैसे अरब समाजवाद, सोवियत प्रभाव और इराक का खतरा, जो कभी उन्हें एकजुट करते थे गायब हो गए थे जिससे सहयोग के लिए वजहें नहीं बची थी। इसके बाद ईरान ने इजरायल विरोधी विचारधारा को अपनाया। ईरान ने इजरायल के साथ संघर्ष में हिजबुल्लाह और हमास जैसे समूहों का समर्थन किया है। 2000 के दशक की शुरुआत में ईरानी राष्ट्रपति महमूद अहमदीनेजाद का चुनाव, नरसंहार से इनकार और इजरायल के खिलाफ आक्रामक बयानबाजी ने तनाव को और बढ़ा दिया। इसके बाद ईरान इस क्षेत्र में इजरायल का सबसे प्रमुख विरोधी बन गया। अब मिडिल ईस्ट के ये दो देश पूरी तरह युद्ध की कगार पर हैं। Pushpendra“माय सीक्रेट न्यूज़” यह एक ऑनलाइन वेबसाइट है, जो आपको देश – दुनिया और आपके आसपास की हर छोटी-बड़ी खबरों को आप तक पहुंचाती है। इस वेबसाइट का संचालन वरिष्ठ पत्रकार पुष्पेन्द्र जी कर रहे हैं। उन्होंने पत्रकारिता में BJC (बेचलर ऑफ़ जर्नलिज्म एंड कम्युनिकेशन) और MJC (मास्टर ऑफ़ जर्नलिज्म एंड कम्युनिकेशन) की डिग्री 2011 में हरिसिंह गौर केंद्रीय विश्वविद्यालय सागर मप्र से हासिल की है। उन्होंने भोपाल के स्वदेश, राज एक्सप्रेस, राष्ट्रीय हिंदी मेल, सांध्य प्रकाश, नवदुनिया और हरिभूमि जैसे बड़े समाचार पत्र समूहों में काम किया है।  और पढ़ें इस वेबसाइट का संचालन मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल से हो रहा है, जहाँ से प्रदेश की राजनीति से लेकर विकास की योजनाएं तैयार होती हैं।दे श व प्रदेश जिले की ताजा अपडेट्स व राजनीतिक प्रशासनिक खबरों के लिए पढ़ते रहिए हमारी वेबसाइट (my secret news. 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इजरायल के लिए एक अच्छी खबर पड़ोसी देश जॉर्डन ईरान पर पलटवार करने के लिए अपना एयरस्पेस देगा

तेल अवीव तेहरान में हमास चीफ इस्माइल हानिया की मौत के बाद इजरायल पर ईरान के हमले का डर बना हुआ है। ईरान चेतावनी दे चुका है कि वह हमला करेगा। वहीं इजरायल ने कहा है कि वह भी जवाबी कार्रवाई करेगा। इस बीच इजरायल के लिए एक अच्छी खबर सामने आई है। उसका एक पड़ोसी मुस्लिम देश ईरान पर पलटवार करने के लिए अपना एयरस्पेस देगा। यह देश जॉर्डन है। जॉर्डन सरकार के आधिकारी रुख के बावजूद यह इजाजत दी जा सकती है। इजरायली चैनल 12 की रिपोर्ट के मुताबिक एक हाई रैंकिंग स्रोत ने इससे जुड़ी जानकारी दी है। यह फैसला जॉर्डन के व्यापक सुरक्षा हितों और इजरायल के साथ सहयोग की नीति के अनुरूप है। जॉर्डन ने अप्रैल में ईरान की तरफ से इजरायल पर हुए हमलों को विफल करने में मदद की थी। सूत्र ने इस बात पर जोर दिया कि जॉर्डन का कदम यूएस के साथ उसके रणनीतिक गठबंधन के अनुरूप हैं। लेकिन सार्वजनिक तौर पर उसने इसे नहीं माना है। ईरान में हमास नेता इस्माइल हानिया की मौत के बाद बढ़े तनाव के बीच यह खुलासा हुआ है। इजरायल ने आधिकारिक तौर पर हानिया की हत्या में हाथ को नहीं माना है। पहले भी जॉर्डन ने की थी मदद रिपोर्ट्स के मुताबिक जॉर्डन ने पहले अप्रैल में ईरानी मिसाइल और ड्रोन हमले के दौरान इजरायल को इसी तरह की इजाजत दी थी। तब ईरान ने 300 मिसाइल और ड्रोन के जरिए इजरायल पर हमला बोला था। इनमें से कुछ इजरायल तक पहुंचे थे, जिन्हें इजरायल के मिसाइल डिफेंस सिस्टम ने रोक दिया। एक बार फिर इसी तरह के हमले की आशंका जताई जा रही है। लेकिन हानिया की मौत के 10 दिन होने के बाद भी ईरान ने कोई सख्त कार्रवाई नहीं की है। गाजा के हमले में 100 की मौत गाजा सिटी में एक स्कूल पर शनिवार तड़के हुए इजराइल के हवाई हमले में लगभग 100 लोगों की मौत हो गई। फलस्तीनी स्वास्थ्य अधिकारियों ने यह जानकारी दी। इजराइली सरकार ने तबीन स्कूल पर हमले की बात स्वीकार करते हुए दावा किया है कि स्कूल के अंदर हमास के कमान सेंटर को निशाना बनाया गया था। हालांकि, हमास ने कहा कि उसका कोई कमान सेंटर अंदर नहीं था। स्कूल का इस्तेमाल युद्ध के चलते अपने घरों को छोड़कर भागने को मजबूर हुए लोगों को शरण देने के लिए किया जा रहा था। Pushpendra“माय सीक्रेट न्यूज़” यह एक ऑनलाइन वेबसाइट है, जो आपको देश – दुनिया और आपके आसपास की हर छोटी-बड़ी खबरों को आप तक पहुंचाती है। इस वेबसाइट का संचालन वरिष्ठ पत्रकार पुष्पेन्द्र जी कर रहे हैं। उन्होंने पत्रकारिता में BJC (बेचलर ऑफ़ जर्नलिज्म एंड कम्युनिकेशन) और MJC (मास्टर ऑफ़ जर्नलिज्म एंड कम्युनिकेशन) की डिग्री 2011 में हरिसिंह गौर केंद्रीय विश्वविद्यालय सागर मप्र से हासिल की है। उन्होंने भोपाल के स्वदेश, राज एक्सप्रेस, राष्ट्रीय हिंदी मेल, सांध्य प्रकाश, नवदुनिया और हरिभूमि जैसे बड़े समाचार पत्र समूहों में काम किया है।  और पढ़ें इस वेबसाइट का संचालन मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल से हो रहा है, जहाँ से प्रदेश की राजनीति से लेकर विकास की योजनाएं तैयार होती हैं।दे श व प्रदेश जिले की ताजा अपडेट्स व राजनीतिक प्रशासनिक खबरों के लिए पढ़ते रहिए हमारी वेबसाइट (my secret news. Com )👈 ✍️ पुष्पेन्द्र , (वरिष्ठ पत्रकार) भोपाल, मप्र  mysecretnews.com recent visitors 80

ईरान के बदलते तेवर ‘इजरायल के अंदर तक होना चाहिए हमला’

वाशिंगटन अमेरिकी और इजरायली अधिकारियों को उम्मीद है कि संघर्ष बढ़ने के बीच ईरान सोमवार को इजरायली क्षेत्र पर हमला करेगा। ‘एक्सियोस पोर्टल’ ने तीन स्रोतों का हवाला देते हुए यह रिपोर्ट दी। प्रकाशन में कहा गया है कि अमेरिकी अधिकारियों को उम्मीद है कि ईरानी प्रतिशोध अप्रैल के मध्य में इज़राइल पर हमले के समान होगा, लेकिन संभावित रूप से इसका दायरा बड़ा होगा, क्योंकि इसमें लेबनानी आंदोलन हिजबुल्लाह भी शामिल हो सकता है। फिलिस्तीनी आंदोलन हमास ने बुधवार को अपने राजनीतिक नेता, इस्माइल हानिया की तेहरान में उनके आवास पर एक इजरायली हमले के परिणामस्वरूप मौत की सूचना दी, जहां वह नए ईरानी राष्ट्रपति के उद्घाटन में भाग लेने के लिए पहुंचे थे। आंदोलन ने हानिया की मौत के लिए इज़रायल और अमेरिका को दोषी ठहराया और कहा कि हमला अनुत्तरित नहीं रहेगा। पेंटागन प्रमुख लॉयड ऑस्टिन ने दावा किया कि उन्हें हानिया की मौत और इज़रायल की कथित संलिप्तता के बारे में कुछ नहीं कहना है। बदले में इज़रायली सैन्य अधिकारियों ने कहा कि वे हानिया की हत्या के बारे में “मीडिया रिपोर्टों पर प्रतिक्रिया नहीं दे रहे हैं”। जेरूसलम पोस्ट ने बताया कि इजरायली अधिकारियों ने मंत्रियों को हमास नेता की हत्या के बारे में नहीं बोलने का निर्देश दिया था। बड़े पैमाने पर युद्ध की आशंका और दुनिया के अन्य देशों की बढ़ती टेंशन के बीच 10 प्वाइंट्स में समझिए हालिया घटनाक्रमों को, जिससे हालात नाजुक मोड़ पर पहुंच गए हैं। 1. इजरायल-हमास के बीच महीनों से जारी जंग के बीच लेबनान के सशस्त्र समूह हिजबूल्लाह ने भी इजरायल पर हमले शुरू किए थे। हालात तब और भी बिगड़ने शुरू हुए, जब इजरायल के कब्जे वाले गोलान हाइट्स में हिजबुल्लाह ने विनाशकारी रॉकेट दागे। 2. इजरायल ने हमले को लेकर कहा था कि गोलान हाइट्स में रॉकेट हमले के लिए हिजबुल्लाह कमांडर फुआद शुक्र जिम्मेदार था, जिसमें उसके 12 नागरिकों की मौत हो गई थी। इजरायल ने कहा था कि गाजा के साथ युद्ध शुरू होने के बाद से फुआद ने इजराइल पर हिजबुल्लाह के हमलों का नेतृत्व किया था। 3. इसके बाद मंगलवार को इजरायल के जवाबी हमले में हिजबुल्लाह कमांडर फुआद शुक्र की मौत हो गई थी। लेबनान के स्वास्थ्य मंत्रालय के अनुसार हमले में पांच नागरिकों की मौत हो गई थी, जिसमें तीन महिलाएं और दो बच्चे शामिल थे। 4. इधर, ईरान के रिवोल्यूशनरी गार्ड्स के अनुसार फुआद शुक्र की हत्या के कुछ घंटों बाद बुधवार को ईरान की राजधानी तेहरान में हमास के राजनीतिक नेता, इस्माइल हानिया की उसके आवास पर सुबह-सुबह एक मिसाइल हमले से हत्या कर दी गई थी। हमले को लेकर इजरायल ने टिप्पणी से इनकार कर दिया था। वहीं ईरान ने हमले के लिए इजरायल को जिम्मेदार ठहराते हुए बदला लेने की कसम खाई थी। 5. एजेंसी एएफपी की ओर से दी गई जानकारी के अनुसार बढ़ते तनाव के बीच शनिवार को ईरान के मिशन ने संयुक्त राष्ट्र में कहा कि उसे उम्मीद है कि हिजबुल्लाह इजरायल के अंदर तक हमला करेगा और इजरायल द्वारा हिजबुल्लाह कमांडर को मारने के बाद अब हमले सैन्य लक्ष्यों तक सीमित नहीं रहेंगे। ईरान ने कहा कि हिजबुल्लाह और इजरायली सेना के बीच लगभग रोजाना गोलीबारी हो रही है। 6. संयुक्त राष्ट्र में ईरान के मिशन ने कहा कि दक्षिण बेरूत के एक भीड़भाड़ वाले आवासीय क्षेत्र में इजरायल द्वारा किए गए हमले ने हालात बदल दिए हैं। समाचार एजेंसी आईआरएनए के अनुसार मिशन ने कहा कि हम उम्मीद करते हैं कि हिज़्बुल्लाह अपनी प्रतिक्रिया में बड़ा लक्ष्य चुनेगा और हमला करेगा। 7. ईरान के मिशन ने कहा, 'हिजबुल्लाह और इजरायल ने कुछ निश्चित सीमाओं का पालन किया था, जिसमें सीमावर्ती क्षेत्रों और सैन्य लक्ष्यों पर हमले सीमित करना शामिल था, लेकिन बेरूत हमले ने उस रेखा को पार कर लिया है। 8. इधर, इजरायल-ईरान युद्ध की बढ़ती आशंका के बीच अमेरिका ने सतर्कता बढ़ा दी है। एएफपी के अनुसार पेंटागन ने कहा है कि अमेरिका मध्य पूर्व में अपनी सैन्य उपस्थिति को बढ़ाएगा। ईरान या उसके प्रतिनिधियों को आगे बढ़ने से रोकने के लिए क्षेत्र में अतिरिक्त युद्धपोत और लड़ाकू जेट तैनात करेगा। 9. यमन के ईरान समर्थित हूथी विद्रोहियों के नेता ने भी इस्माइल हानिया की हत्या पर सैन्य प्रतिक्रिया की कसम खाई है। एएफपी के अनुसार अब्दुल मलिक अल-हुथी ने एक टेलीविजन भाषण में कहा कि इन अपराधों पर सैन्य प्रतिक्रिया होनी चाहिए। 10. क्षेत्र में बढ़ते तनाव के बाद भारत भी सतर्क हो गया है और इजरायल में रहने वाले भारतीय नागरिकों के लिए सुरक्षा एडवाइजरी जारी की है, जिसमें नागरिकों से सतर्क रहने और सुरक्षा प्रोटोकॉल का पालन करने के लिए कहा गया है। इससे पहले लेबनान के बेरूत स्थित भारतीय दूतावास ने भारतीय नागरिकों को अगली सूचना तक लेबनान की यात्रा न करने की सख्त सलाह दी है और उन्हें लेबनान छोड़ने के लिए भी कहा है।     Pushpendra“माय सीक्रेट न्यूज़” यह एक ऑनलाइन वेबसाइट है, जो आपको देश – दुनिया और आपके आसपास की हर छोटी-बड़ी खबरों को आप तक पहुंचाती है। इस वेबसाइट का संचालन वरिष्ठ पत्रकार पुष्पेन्द्र जी कर रहे हैं। उन्होंने पत्रकारिता में BJC (बेचलर ऑफ़ जर्नलिज्म एंड कम्युनिकेशन) और MJC (मास्टर ऑफ़ जर्नलिज्म एंड कम्युनिकेशन) की डिग्री 2011 में हरिसिंह गौर केंद्रीय विश्वविद्यालय सागर मप्र से हासिल की है। उन्होंने भोपाल के स्वदेश, राज एक्सप्रेस, राष्ट्रीय हिंदी मेल, सांध्य प्रकाश, नवदुनिया और हरिभूमि जैसे बड़े समाचार पत्र समूहों में काम किया है।  और पढ़ें इस वेबसाइट का संचालन मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल से हो रहा है, जहाँ से प्रदेश की राजनीति से लेकर विकास की योजनाएं तैयार होती हैं।दे श व प्रदेश जिले की ताजा अपडेट्स व राजनीतिक प्रशासनिक खबरों के लिए पढ़ते रहिए हमारी वेबसाइट (my secret news. Com )👈 ✍️ पुष्पेन्द्र , (वरिष्ठ पत्रकार) भोपाल, मप्र  mysecretnews.com recent visitors 93

ईरान का इजरायल पर होगाजोरदार हमला… एक्सपर्ट ने नेतन्‍याहू को दी चेतावनी, बड़ी तैयारी में शिया मुल्‍क

तेहरान  ईरान और इजरायल के बीच तनाव इस समय चरम पर है। हानिया पर हमले के बाद ईरान की से बदले की कार्रवाई हो सकती है। ईरान के हमले के अंदेशे को देखते हुए इजरायल और उसका खास सहयोगी अमेरिका तैयारी कर रहे हैं। इस बीच रक्षा एक्सपर्ट ने दावा किया है कि ईरान का इजरायल पर ये हमला इसी साल अप्रैल में हुए अटैक से बड़े स्तर पर होगा। ईरान ने इस साल अप्रैल में इजरायल पर सैकड़ों की तादाद में मिसाइल और ड्रोन दागे थे। दावा किया जा रहा है कि इस दफा ईरान इससे कहीं बड़े हमले की योजना बना रहा है। द सन की रिपोर्ट कहती है कि इस्माइल हानिया की बाद ईरान अपना बदला लेने की योजना बना रहा है। रिपोर्ट में दावा किया गया है कि आईडीएफ को उसके पड़ोसी देशों में ईरान की ओर से 170 ड्रोन, 30 क्रूज मिसाइल और 120 बैलिस्टिक मिसाइलें भेजे जाने की सूचना मिली है। एक्सियोस ने अमेरिकी जासूसों के हवाले से कगहा है कि ईरान कुछ ही दिनों में इजरायल पर हमला करेगा। लेबनान की राजधानी बेरूत में अपने वरिष्ठ कमांडर की हत्या के बाद हिजबुल्लाह भी इजरायल पर हमला कर सकता है और वह ईरान के साथ इसमें शामिल होगा। अमेरिका ने माना- आने वाले दिन हो सकते हैं मुश्किल रिपोर्ट के मुताबिक, अमेरिका अपने सहयोगी इजरायल की सुरक्षा के लिए सावधानी बरत रहा है और उसे लगता है कि आने वाले दिन मुश्किल भरे हो सकते हैं। इजरायल के अधिकारियों भी मानना है कि ईरान उनके देश पर बड़ा मिसाइल हमला करेगा। पूर्व इजरायली खुफिया अधिकारी एवी मेलमेड ने कहा कि हमला ईरान के किसी प्रॉक्सी जैसे हिजबुल्लाह, इराक में शिया मिलिशिया या यमन में हौथियों के माध्यम से हो सकता है। उन्होंने कहा कि हमले में साइबर हमला शामिल हो सकता है।  ईरान की सेना अब इजरायल पर सबसे बड़े हमले की तैयारी कर रही है। इस हमले की जद में लेबनान भी आ सकता है जहां पर ह‍िज्‍बुल्‍ला के लड़ाके इजरायली इलाके में रॉकेट बरसा रहे हैं। मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक ईरान, हिज्‍बुल्‍ला, हूती तीनों मिलकर इजरायल पर एक साथ मिसाइल, रॉकेट और विस्‍फोटक ड्रोन से हमला बोल सकते हैं। इस खतरे को देखते हुए इजरायल भी नागरिकों से बम शेल्‍टर को साफ करने और सभी जरूरी सामान रखने के लिए कहा गया है। वहीं इस बड़े खतरे को देखते हुए भारत सरकार ने इजरायल और लेबनान में रह रहे भारतीय लोगों के लिए एडवाइजरी जारी की है। दरअसल, इन 3 तीनों ही देशों में कुल मिलाकर 40 हजार भारतीय रहते हैं जो वहां नौकरी या पढ़ाई कर रहे हैं। दिल्‍ली से लेकर इजरायल तक भारत अलर्ट यही नहीं भारत में सभी राज्‍यों के पुलिस प्रमुखों को इजरायली नागरिकों और यहूदियों की सुरक्षा बढ़ाने का निर्देश दिया गया है। इस रिपोर्ट में बताया गया है कि इजरायल की राजधानी तेलअवीव में अमेरिका के दूतावास को भी ड्रोन से निशाना बनाया गया था। इस हमले में 1 आम नागरिक की मौत हो गई थी। साल 2021 में इजरायल के नई दिल्‍ली स्थित दूतावास के पास क्रूड बम का एक विस्‍फोट हुआ था। 26 दिसंबर 2023 को इजरायली दूतावास के पास एक और धमाका हुआ था। इन हमलों के पीछे ईरानी गुटों पर आशंका जताई गई थी लेकिन इसकी पुष्टि नहीं हो पाई थी। मिडिल ईस्ट में अमेरिका कर रहा हथियारों की तैनाती पिछले हफ्ते मिडिल ईस्ट में क्षेत्रीय तनाव बढ़ने के बाद पेंटागन ने शुक्रवार को ऐलान किया कि अमेरिका मध्य पूर्व में एक अतिरिक्त लड़ाकू स्क्वाड्रन तैनात कर रहा है. साथ ही ऐलान किया गया है कि इजराइल की रक्षा और अमेरिकी सेना की सुरक्षा में मदद के लिए अतिरिक्त क्रूजर और विध्वंसक जहाज की भी तैनाती किया जाएगा. पेंटागन के प्रवक्ता ने कहा कि यूएसएस अब्राहम लिंकन विमानवाहक पोत मध्य पूर्व में यूएसएस थियोडोर रूजवेल्ट की जगह लेगा. हिज्बुल्लाह ने भी दी है अटैक की चेतावनी यूएन में ईरान के स्थायी मिशन ने चेतावनी दी है कि मंगलवार को लेबनान की राजधानी बेरूत में हिजबुल्लाह के एक टॉप कमांडर फुआद शुक्र की हत्या के जवाब में समूह इजरायल के अंदर "और बड़े और गहरे" नागरिक और सैन्य ठिकानों पर हमला कर सकता है. यह अभी स्पष्ट नहीं है कि क्या हिजबुल्लाह फिर से ईरान और उसके क्षेत्रीय सहयोगियों द्वारा इजरायल पर एक साथ किए जाने वाले जवाबी हमले का हिस्सा होगा, या फिर वह अपना अलग हमला करेगा. कितना ताकतवर है हिज्बुल्लाह? माना जाता है कि हिजबुल्लाह के पास 150,000 मिसाइलों और रॉकेटों का भंडार है, जिनमें से कुछ लंबी दूरी तक मार करने वाली हैं. मसलन, अगर इतनी बड़ी संख्या में मिसाइलें छोड़ी जाती हैं तो इजरायल के आयरन डोम के लिए इसे इंटरसेप्ट करना मुश्किल हो जाएगा. लंबी दूरी की मिसाइलें इजरायल के अंदर ठिकानों को निशाना बनाने में कारगर है. इजरायली सेना, जो कि फिलहाल गाजा में है, ने दक्षिण और उत्तर में एक साथ दो मोर्चे पर जंग लड़ने में सक्षम नहीं होगी. Pushpendra“माय सीक्रेट न्यूज़” यह एक ऑनलाइन वेबसाइट है, जो आपको देश – दुनिया और आपके आसपास की हर छोटी-बड़ी खबरों को आप तक पहुंचाती है। इस वेबसाइट का संचालन वरिष्ठ पत्रकार पुष्पेन्द्र जी कर रहे हैं। उन्होंने पत्रकारिता में BJC (बेचलर ऑफ़ जर्नलिज्म एंड कम्युनिकेशन) और MJC (मास्टर ऑफ़ जर्नलिज्म एंड कम्युनिकेशन) की डिग्री 2011 में हरिसिंह गौर केंद्रीय विश्वविद्यालय सागर मप्र से हासिल की है। उन्होंने भोपाल के स्वदेश, राज एक्सप्रेस, राष्ट्रीय हिंदी मेल, सांध्य प्रकाश, नवदुनिया और हरिभूमि जैसे बड़े समाचार पत्र समूहों में काम किया है।  और पढ़ें इस वेबसाइट का संचालन मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल से हो रहा है, जहाँ से प्रदेश की राजनीति से लेकर विकास की योजनाएं तैयार होती हैं।दे श व प्रदेश जिले की ताजा अपडेट्स व राजनीतिक प्रशासनिक खबरों के लिए पढ़ते रहिए हमारी वेबसाइट (my secret news. Com )👈 ✍️ पुष्पेन्द्र , (वरिष्ठ पत्रकार) भोपाल, मप्र  mysecretnews.com recent visitors 76

ईरान इजरायल पर हजारों रॉकेट और ड्रोन की बारिश करेगा ! नेतन्याहू घातक पलटवार को तैयार

तेल अवीव  ईरान और इजरायल के बीच बीते कई वर्षों से तनातनी चल रही है। ये तनातनी इस समय चरम पर पहुंच गई है, इसकी वजह तेहरान में हमास नेता इस्माइल हानिया की मौत है। हानिया पर हमले के लिए ईरान ने इजरायल को जिम्मेदार बताया है और बदला लेने की कसम खाई है। इस्माइल के अलावा हिजबुल्लाह कमांडर फुआद शुकर को भी बेरूत में एक हवाई हमले में मार दिया गया है। कुछ घंटे के भीतर शुकर और हानिया की मौत ने ईरान और हिजबुल्लाह को भड़का दिया है। हमले के अंदेशे को देखते हुए कई एयरलाइंस ने इजरायल और लेबनान के लिए उड़ानें रद्द कर दी हैं और कई देशों ने अपने नागरिकों से तुरंत इस क्षेत्र को छोड़ने के लिए कहा है। इजरायल बीते साल अक्टूबर से गाजा में हमास के साथ लड़ रहा है। इस जंग में हमास के समर्थन में लेबनान सीमा पर हिजबुल्लाह और यमन में हूती विद्रोही भी शामिल हैं। इन तीनों ही संगठनों को ईरान का समर्थन है। माना जाता है इजरायल को चौतरफा घेरने के लिए ईरान इन समूहों को वित्तपोषित और प्रशिक्षित करता है। हालिया घटनाक्रम के बाद ईरान की ओर से इजरायल को निशाना बनाया जा सकता है। इजरायली पीएम बेंजामिन नेतन्याहू ने भी इसका इशारा करते हुए कहा कि हमारे सामने चुनौतीपूर्ण दिन हैं। हम सभी तरफ से धमकियां सुन रहे हैं। हम किसी भी परिदृश्य के लिए तैयार हैं। किसी भी खतरे के खिलाफ एकजुट और दृढ़ से लड़ेंगे। ईरान के पास जवाबी कार्रवाई के कई विकल्प यरुशलम पोस्ट की रिपोर्ट के मुताबिक, मिसगाव इंस्टीट्यूट फॉर नेशनल सिक्योरिटी के ब्रिगेडियर जनरल (सेवानिवृत्त) योसी कुपरवासेर ने ईरान की ओर से हमले के अंदेशे पर कहा कि ईरान के पास जवाबी कार्रवाई के लिए कई विकल्प हैं और इस संघर्ष के एक बड़े पैमाने पर क्षेत्रीय युद्ध में बदलने की संभावना है। तेल अवीव विश्वविद्यालय में ईरान विशेषज्ञ डॉक्टर रज जिम्ट का कहना है कि ईरान की धरती से सीधे इजरायल पर हमले के साथ यह इजराइल और ईरान के बीच संघर्ष का एक नया चरण शुरू हो सकता है। रिपोर्ट कहती है कि इजरायली खुद को ईरानी हमले के लिए तैयार कर रहे हैं, जिसके परिणामस्वरूप एक बड़ा क्षेत्रीय संघर्ष हो सकता है। जिम्ट का कहना है कि ये बहुत संभावना है कि ईरान हमला करेगा। सवाल यह है कि इस तरह के हमले के क्या परिणाम होंगे और क्या इस साल अप्रैल की तरह ये नियंत्रित हो पाएगा। अगर इजरायल व्यापक संघर्ष में उतरा तो फिर उसे बड़ा खतरा हिजबुल्लाह से है। वह निश्चित ही खुद को एक बहु-मोर्चे पर टकराव की स्थिति में पाएग। ईरान के साथ कई गुट भी करेंगे हमला! जिम्ट का कहना है कि इजरायल को इस दफा ईरान और उसके प्रॉक्सी मिलिशिया की ओर से संयुक्त हमला देखने को मिल सकता है। ईरान संभवत यूएवी और क्रूज मिसाइलों का इस्तेमाल इजरायल पर करेगा, जैसे ईरान इसी साल अप्रैल में कर चुका है। उसके साथ हिजबुल्लाह भी इजरायल की जमीन पर रॉकेट दाग सकता है। इससे इजरायल के लिए मुश्किल खड़ी हो सकती है। रक्षा विश्लेषकों का अनुमान है कि हिजबुल्लाह के पास करीह 150,000 रॉकेट जमा हैं। साथ ही उसने अपनी मिसाइल क्षमताओं में भी सुधार किया है और इजरायल पर हमला करने के लिए उसके पास लड़ाकों की बड़ी तादाद है। ईरान और हिजबुल्लाह के अलावा इजरायल के लिए खतरों में हूती विद्रोही भी शामिल हैं। Pushpendra“माय सीक्रेट न्यूज़” यह एक ऑनलाइन वेबसाइट है, जो आपको देश – दुनिया और आपके आसपास की हर छोटी-बड़ी खबरों को आप तक पहुंचाती है। इस वेबसाइट का संचालन वरिष्ठ पत्रकार पुष्पेन्द्र जी कर रहे हैं। उन्होंने पत्रकारिता में BJC (बेचलर ऑफ़ जर्नलिज्म एंड कम्युनिकेशन) और MJC (मास्टर ऑफ़ जर्नलिज्म एंड कम्युनिकेशन) की डिग्री 2011 में हरिसिंह गौर केंद्रीय विश्वविद्यालय सागर मप्र से हासिल की है। उन्होंने भोपाल के स्वदेश, राज एक्सप्रेस, राष्ट्रीय हिंदी मेल, सांध्य प्रकाश, नवदुनिया और हरिभूमि जैसे बड़े समाचार पत्र समूहों में काम किया है।  और पढ़ें इस वेबसाइट का संचालन मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल से हो रहा है, जहाँ से प्रदेश की राजनीति से लेकर विकास की योजनाएं तैयार होती हैं।दे श व प्रदेश जिले की ताजा अपडेट्स व राजनीतिक प्रशासनिक खबरों के लिए पढ़ते रहिए हमारी वेबसाइट (my secret news. Com )👈 ✍️ पुष्पेन्द्र , (वरिष्ठ पत्रकार) भोपाल, मप्र  mysecretnews.com recent visitors 100

इजरायल और ईरान में तनाव के बीच अमेरिका ने तैनात किए युद्धपोत, ईरान ने दी है इजरायल पर हमले की धमकी

तेल अवीव  हमास नेता इस्माइल हानिया की हत्या के बाद मध्य पूर्व में तनाव चरम पर है, जिसके चलते अमेरिका अलर्ट पर है। अमेरिकी सेना ने इजरायल पर किसी भी हमले की स्थिति से निपटने के लिए मध्य पूर्व में कम से कम 12 युद्धपोत तैनात किए हैं। वाशिंगटन पोस्ट ने पेंटागन के अधिकारी के हवाले से ये जानकारी दी है। इनमें विमानवाहक पोत यूएसएस थियोडोर रूजवेल्ट, जमीन और समुद्र में हमला करने में सक्षम दल और 4000 से अधिक मरीन और नाविक शामिल है। रिपोर्ट के अनुसार, फारस की खाड़ी और पूर्वी भूमध्य सागर में विध्वंसक तैनात किए गए हैं। इसके साथ ही अमेरिका ने लाल सागर से युद्धपोतों को हटा लिया है। वहां, ये वाणिज्यिक जहाजों की सुरक्षा के लिए तैनात थे। अमेरिका ने ये कदम तेहरान में हमास नेता इस्माइल हानिया और बेरूत में हिजबुल्लाह के सैन्य प्रमुख फुआद शुकर की हत्या के बाद क्षेत्र में बढ़ते तनाव के जवाब में उठाया गया है। हानिया को इजरायल ने बुधवार सुबह तड़के तेहरान में मार गिराया था। वे ईरान के नए राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियन के शपथ ग्रहण समारोह में शामिल होने गए थे। यह समारोह मंगलवार को हुआ था। हानिया के हत्या के बाद ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामनेई ने इजरायल से बदला लेने का आदेश दिया है। अमेरिका ने की शांति की अपील इस बीच अमेरिकी विदेश मंत्री एंटनी ब्लिंकन ने सभी पक्षों से आक्रामक कार्रवाइयों को रोकने का आग्रह किया है। मंगोलिया में ब्लिंकन ने जोर देकर कहा कि युद्ध विराम पर पहुंचने के लिए पार्टियों को ऐसी कार्रवाइयों को रोकना होगा जो तनाव बढ़ाती हैं। हानिया की मौत के बाद मध्य पूर्व में जंग भड़कने की स्थिति में अमेरिका के भी उतरने की संभावना है। अमेरिकी रक्षा मंत्री लॉयड ऑस्टिन ने कहा है कि इजरायल पर हमला होने पर अमेरिका उसकी सुरक्षा करेगा। इजरायल की हिजबुल्लाह को चेतावनी वहीं, बेरूत में अपने टॉप कमांडर की मौत के बाद हिजबुल्लाह भी भड़का हुआ है। इजरायल ने मंगलवार को हवाई हमले में हिजबुल्लाह के टॉप कमांडर फुआद शुकर को मार गिराया था। उसे हिजबुल्लाह प्रमुख नसरल्लाह का करीबी माना जाता था। सूत्रों के अनुसार, हाल में हुई हत्या के बाद इजरायली प्रशासन ने पश्चिमी और क्षेत्रीय मध्यस्थों के माध्यम से हिजबुल्लाह को कड़ी चेतावनी दी है कि कोई भी बड़ा हमला युद्ध की ओर ले जाएगा। शुकर की मौत के बाद से हिजबुल्लाह की तरफ से इजरायल पर कोई बड़ा हमला नहीं हुआ है। शुकर को शुक्रवार को गुरुवार को दफनाया जाना है, जिसमें नसरल्लाह के भाषण देने की उम्मीद है। वहीं, गुरुवार सुबह को ईरान की राजधानी तेहरान ने हानिया का अंतिम संस्कार हुआ, जिसमें सर्वोच्च नेता अयातुल्ला खामनेई और वरिष्ठ ईरानी अधिकारी शामिल हुए। हानिया को कतर की राजधानी दोहा में दफनाया जाएगा। Pushpendra“माय सीक्रेट न्यूज़” यह एक ऑनलाइन वेबसाइट है, जो आपको देश – दुनिया और आपके आसपास की हर छोटी-बड़ी खबरों को आप तक पहुंचाती है। इस वेबसाइट का संचालन वरिष्ठ पत्रकार पुष्पेन्द्र जी कर रहे हैं। उन्होंने पत्रकारिता में BJC (बेचलर ऑफ़ जर्नलिज्म एंड कम्युनिकेशन) और MJC (मास्टर ऑफ़ जर्नलिज्म एंड कम्युनिकेशन) की डिग्री 2011 में हरिसिंह गौर केंद्रीय विश्वविद्यालय सागर मप्र से हासिल की है। उन्होंने भोपाल के स्वदेश, राज एक्सप्रेस, राष्ट्रीय हिंदी मेल, सांध्य प्रकाश, नवदुनिया और हरिभूमि जैसे बड़े समाचार पत्र समूहों में काम किया है।  और पढ़ें इस वेबसाइट का संचालन मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल से हो रहा है, जहाँ से प्रदेश की राजनीति से लेकर विकास की योजनाएं तैयार होती हैं।दे श व प्रदेश जिले की ताजा अपडेट्स व राजनीतिक प्रशासनिक खबरों के लिए पढ़ते रहिए हमारी वेबसाइट (my secret news. Com )👈 ✍️ पुष्पेन्द्र , (वरिष्ठ पत्रकार) भोपाल, मप्र  mysecretnews.com recent visitors 152

हानिया की मौत से युद्ध के मुहाने पर पश्चिम एशिया, ईरान बना रहा नया आतंकी संगठन !

तेहरान  इजरायल ने 20 जुलाई को यमन के हूतियों के कब्जे वाले होदेदाह पर हवाई हमला किया था। इस हमले में कम से कम तीन लोगों की मौत हो गई और 80 से ज्यादा घायल हुए। इसके बाद 30 जुलाई को इजरायल ने लेबनान की राजधानी बेरूत में हिजबुल्लाह के एक शीर्ष कमांडर फुआद शुकर को एक हमले में मार गिराया। इसके कुछ घंटे बाद हमास के राजनीतिक प्रमुख इस्माइल हानिया की तेहरान में हत्या कर दी गई। ईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) और हमास ने हानिया की हत्या के लिए इजरायल को दोषी ठहराया है। तीनों समूहों- यमन के हूती, लेबनान के हिजबुल्लाह और फिलिस्तीन के हमास के बीच एक बात सामान्य है कि इन तीनों को इजरायल के मुख्य प्रतिद्वंद्वी ईरान का समर्थन प्राप्त है। कुछ ही दिनों में तीनों गुटों को निशाना बनाकर इजरायल ने ईरान को तगड़ा झटका दिया है। वहीं लगातार हुए इन हमलों ने क्षेत्र को एक पूर्ण युद्ध के कगार पर पहुंचा दिया है। इसकी वजह ये है कि हूती, हमास और हिजबुल्ला इन हमलों के बाद ईरान के साथ एक मंच पर आकर इजरायल से भिड़ने की सोच सकते हैं। हानिया की मौत के बाद क्या करेगा ईरान?  एक रिपोर्ट में हालिया घटनाओं, खासतौर से हानिया की मौत से ईरान और इजरायल के रिश्ते पर पड़ने वाले असर की बात की गई है। गाजा के बाहर हमास के बड़े नेता हानिया की हत्या को इजरायल की जीत की तरह से देखा जा रहा है। शेख अहमद यासीन और अब्देल अजीज अल-रंतिसी के बाद हानिया को हमास के सबसे शक्तिशाली नेता के तौर पर देखा जाता था। यासीन मार्च 2004 में इजरायली मिसाइल हमले में मारे गए थे। उनके उत्तराधिकारी नियुक्त किए गए रंतिसी को भी एक महीने के भीतर इजरायलियों ने मार डाला था। ऐसे समय में जब हमास नेतृत्व विहीन होता दिख रहा था तो हानिया ने हमास को आगे बढ़ाया और इसमें उसे काफी कामयाबी भी हासिल की। गाजा पर हमास के कब्जे में हानिया की भूमिका काफी अहम रही तो दुनिया में भी समर्थन हासिल करने की कोशिश की। इस्माइल हानिया 2017 में गाजा छोड़कर कतर आ गया और हमास की अंतरराष्ट्रीय उपस्थिति का प्रमुख चेहरा बनकर उभरा। हानिया ने हालिया दिनों में गाजा में युद्ध विराम के लिए हमास की ओर से लगातार बातचीत का नेतृत्व किया था। हानिया की मौत से गाजा युद्ध विराम वार्ता को भी झटका लगा है। ऐसे में क्या हमास अब इजरायल के साथ बंधक समझौते को स्वीकार करेगा और ईरान इस हत्या की शर्मिंदगी के बाद क्या फैसला लेगा। ईरान ने इस साल दमिश्क में अपने दूतावास परिसर पर बमबारी के बाद इजरायल पर बड़े पैमाने पर मिसाइल और ड्रोन हमला किया था। इसके बाद से इजरायल ने ईरानी अधिकारियों या उसके मिशनों को निशाना नहीं बनाया था लेकिन ईरान से जुड़े तीन मिलिशिया के खिलाफ हमले करके इजरायल ने एक नई लड़ाई का ऐलान कर दिया है। खासतौर से तेहरान की जमीन पर हमला ईरान के लिए बड़ी शर्मिंदगी का सबब बन रहा है। जवाबी हमला करेगा ईरान? इस साल अप्रैल में जब सीरिया में उसके दूतावास परिसर पर हमला हुआ था तो ईरान ने जवाबी कार्रवाई करते हुए मिसाइल और ड्रोन से हमला किया था। ऐसे में सवाल उठता है कि क्या ईरान इस बार भी अपनी जमीन पर हुई हत्या के बाद जवाबी कार्रवाई करेगा। आईआरजीसी ने हमले के लिए इजरायल को दोषी ठहराया है, जो ये दिखाता है कि ईरान जवाबी कार्रवाई करेगा। सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खुमैनी ने भी बदला लेने की कसम खाई है। अब यह देखना बाकी है कि ईरान और हिजबुल्लाह जवाबी कार्रवाई में क्या करने जा रहे हैं और इसके बाद इजरायल क्या करेगा। कहा जा सकता है कि पश्चिम एशिया खतरनाक रूप से एक पूर्ण युद्ध के करीब है। निश्चित रूप से हानिया की मौत ईरान और इजरायल के बीच तनाव को खतरनाक स्तर तक बढ़ा सकती है। Pushpendra“माय सीक्रेट न्यूज़” यह एक ऑनलाइन वेबसाइट है, जो आपको देश – दुनिया और आपके आसपास की हर छोटी-बड़ी खबरों को आप तक पहुंचाती है। इस वेबसाइट का संचालन वरिष्ठ पत्रकार पुष्पेन्द्र जी कर रहे हैं। उन्होंने पत्रकारिता में BJC (बेचलर ऑफ़ जर्नलिज्म एंड कम्युनिकेशन) और MJC (मास्टर ऑफ़ जर्नलिज्म एंड कम्युनिकेशन) की डिग्री 2011 में हरिसिंह गौर केंद्रीय विश्वविद्यालय सागर मप्र से हासिल की है। उन्होंने भोपाल के स्वदेश, राज एक्सप्रेस, राष्ट्रीय हिंदी मेल, सांध्य प्रकाश, नवदुनिया और हरिभूमि जैसे बड़े समाचार पत्र समूहों में काम किया है।  और पढ़ें इस वेबसाइट का संचालन मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल से हो रहा है, जहाँ से प्रदेश की राजनीति से लेकर विकास की योजनाएं तैयार होती हैं।दे श व प्रदेश जिले की ताजा अपडेट्स व राजनीतिक प्रशासनिक खबरों के लिए पढ़ते रहिए हमारी वेबसाइट (my secret news. Com )👈 ✍️ पुष्पेन्द्र , (वरिष्ठ पत्रकार) भोपाल, मप्र  mysecretnews.com recent visitors 129