22 लोगों की मौत, IDF बोला- कैंप में छिपे लड़ाके निशाने पर, गाजा में शरणार्थी शिविर पर इस्राइली हमला

यरुशलम. गाजा में शनिवार को इस्राइली हमले में 22 लोगों की मौत हो गई। हमला स्कूल में चल रहे शरणार्थी शिविर पर किया गया, जहां एक फलस्तीनी फोटो पत्रकार समेत 18 लोगों की मौत हो गई। जबकि गाजा सिटी में हुए एक अन्य हमले में 4 लोग मारे गए। फलस्तीनी स्वास्थ्य मंत्रालय के मुताबिक 10 लोग दीर अल-बलाह के निकाय भवन में मारे गए, वहां पर सभी लोग राहत सामग्री लेने के लिए पहुंचे थे। हमले के बाद लगभग एक दर्जन घायलों को लोग नजदीकी अस्पताल ले गए। वहीं, दूसरी तरफ इस्राइली डिफेंस फोर्स (आईडीएफ) ने बताया कि मारे गए लोग शरणार्थियों की आड़ में छिपे हुए हथियारबंद लड़ाके थे। बता दें कि सात अक्टूबर 2023 से जारी इस्राइली हमलों में अब तक लगभग 44 हजार फलस्तीनी मारे जा चुके हैं। इस बीच संयुक्त राष्ट्र राहत एजेंसी ने राहत सामग्री भेजनी भी बंद कर दी है, जिसके चलते गाजा में फलस्तीनियों के सामने भुखमरी संकट खड़ा हो गया है।  recent visitors 46

इजरायल का बड़ा हमला, ईरान का एयर डिफेंस सिस्टम ध्वस्त , श‍िया देश शुरू करेगा पश्‍चिम एशिया में एक नया युद्ध

तेहरान ईरान यहूदी देश को गीदड़ भभकी ही देता रह गया और इजरायल ने शनिवार सुबह जोरदार हमला कर दिया। ईरान की मीडिया ेक मुताबिक तेहरान के आसपास जोरदार धमाके की आवाज सुनाई दी। तेहरान के करीब ही एक सैन्य क्षेत्र को इजरायल ने निशाना बनाया है। इसके अलावा वह अन्य जगहो पर भी ईरानी सैन्य ठिकानों पर हमला कर रह है। इजरायल का कहना है कि ईरान महीनों से लगातार हमले कर रहा था और उसी का यह जवाब दिया गया है। इजरायल के इस हमले के वीडियो भी सामने आए हैं। इनमें देखा जा सकता है कि इजरायल की ओर से दागे गए रॉकेट तेहरान में गिर रहे हैं। वहीं ईरान ने कुछ मिसाइलों को रोकने का भी प्रयास किया लेकिन ज्यादातर मामले में फेल हो गया। ईरानी मीडिया के मुताबिक तेहरान में सेना के बेस के पास ही दो बार तेज हमले किए गए। वीडियो में देखा जा सकता है कि इजरायल की ओर से आ रही मिसाइलों को रास्ते में नष्ट करने का प्रयास किया गया। कई मिसाइलों को नष्ट भी किया गया लेकिन इसके बाद भी इजरायल के इस तेज हमले को ईरान का डिफेंस सिस्टम झेल नहीं पाया। बता दें कि 1 अक्टूबर को ईरान ने इजरायल पर करीब 22 मिसाइलों से हमला किया था। यह पिछले छह महीने में ईरान का दूसरा डायरेक्ट अटैक था। इजरायल ने कहा कि तेहरान की तरफ से होने वाले हमलों का जवाब देना हमारा कर्तव्य और अधिकार दोनों हैं। इजरायल की सेना ने कहा, महीने भर से चल रहे ईरानी हमले का जवाब दिया गया है और ईरानी सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया गया है। वहीं अमेरिकी अधिकारी का कहना है कि इस हमले में किसी परमाणु केंद्र को निशाना नहीं बनाया गया है। हमले में पूरे किए अपने उद्देश्य- इजरायल IDF प्रवक्ता ने कहा, 'कुछ समय पहले, IDF ने ईरान के कई क्षेत्रों में सैन्य ठिकानों के खिलाफ लक्षित और सटीक हमला पूरा किया. हमारे सभी विमान सुरक्षित रूप से अपने बेस पर लौट आए. यह हमला हाल के महीनों में ईरान में इजरायल राज्य और उसके नागरिकों के खिलाफ शासन के हमलों के जवाब में किया गया था. जवाबी हमला पूरा हो गया है और इसके उद्देश्य हासिल कर लिए गए हैं.' अगर ईरान पलटवार करता है तो हम इजरायल की रक्षा करेंगे: अमेरिका इजरायली मीडिया रिपोर्ट का दावा है कि अमेरिका ने भी ईरान को पलटवार न करने के लिये कहा है. वाइट हाउस के एक सीनियर अधिकारी ने कहा है कि प्रतिक्रिया आनुपातिक थी. हमने ईरान को संदेश भेजा कि अगर वह जवाब देता है तो हम इजरायल की रक्षा करेंगे. ईरान में सैन्य ठिकानों पर इजरायल के हमले लक्षित और आनुपातिक प्रतीत होते हैं. अब उनके बीच गोलीबारी का अंत हो जाना चाहिए. हर तर से तैयार है इजरायल की सेना: IDF हमले के बाद इजरायली सेना ने ईरान को धमकी देते हुए कहा है कि अगर ईरान अब ईरान कोई प्रतिक्रिया देने की कोशिश करता है तो हम हर तरह से तैयार हैं. IDF के प्रवक्ता ने कहा,'ईरान लातार इजरायल के खिलाफ महीनों से हमले कर रहा था. इसके जवाब में अभी इजरायल ने ईरान में सैन्य ठिकानों पर सटीक हमले किये हैं. दुनिया के हर दूसरे संप्रभु देश की तरह इजरायल को भी जवाब देने का अधिकार है. हमारी रक्षात्मक और आक्रामक क्षमताएं पूरी तरह से सक्रिय हैं. हम इजरायल और इजरायल के लोगों की रक्षा के लिए जो भी जरूरी होगा करेंगे. recent visitors 54

इजरायली हमले में हिजबुल्लाह के टॉप कमांडर हाशेम सफीदीन को निशाना बनाया

बेरूत हिजबुल्लाह के खतरनाक कमांडर नसरल्लाह को मारने के बाद भी इजरायल चैन से नहीं बैठा है। न्यूज एजेंसी रॉयटर्स ने सूत्रों के हवाले से बताया है कि बेरूत में हुए ताजा इजरायली हमले में हिजबुल्लाह के टॉप कमांडर हाशेम सफीदीन को निशाना बनाया गया। नसरल्लाह की मौत के बाद कहा है जा रहा है कि हाशेम को ही हिजबुल्लाह की कमान मिलने वाला है। हालांकि, इजरायली रक्षा बलों (आईडीएफ) या हिजबुल्लाह की ओर से अभी तक इस मामले पर कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है। न्यू यॉर्क टाइम्स के अनुसार आधी रात को इजरायल ने बेरूत पर लगातार कई हवाई हमले किए। इस बात की संभावना है कि उस समय सफीदीन एक भूमिगत बंकर में वरिष्ठ हिजबुल्लाह अधिकारियों के साथ बैठक में शामिल था। इजरायल द्वारा नसरल्लाह को मारे जाने के बाद से इस क्षेत्र में यह सबसे भारी बमबारी थी। समाचार आउटलेट एक्सियोस के अनुसार, इजरायली हमला नसरल्लाह को मारने वाले हमले से कहीं अधिक बड़ा था। इसमें कितने लोगों की जान गई है इसका अभी पता नहीं चल सका है। आपको बता दें कि 2017 में हाशेम सफीदीन को संयुक्त राज्य अमेरिका द्वारा आतंकवादी घोषित किया गया था। वह हिजबुल्लाह के राजनीतिक मामलों में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। वह समूह की जिहाद परिषद का भी सदस्य है। नसरल्लाह के चचेरे भाई सफीदीन को आम तौर पर हिजबुल्लाह में 'नंबर दो' माना जाता था और ईरानी शासन के साथ भी उसके घनिष्ठ संबंध हैं। नसरल्लाह ने हिजबुल्लाह की परिषदों में सफीदीन को कई प्रभावशाली पदों पर नियुक्त किया था। सफीदीन कई मौकों पर समूह का प्रवक्ता भी रह चुका है। अमेरिकी विदेश विभाग ने 2017 में और सऊदी अरब ने भी उसे आतंकवादी घोषित किया है। इज़राइल ने यह भी दावा किया है कि उसने हाल ही में बेरूत में हिजबुल्लाह की खुफिया शाखा को निशाना बनाकर किए गए हवाई हमले में हिजबुल्लाह के एक और अधिकारी मोहम्मद अनीसी को मार गिराया है। recent visitors 56