Sunday, July 5, 2026 1:31 pm

कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी के भाई सहित ग्रामीण अध्यक्ष पर धोखाधड़ी का केस दर्ज

इंदौर  मध्यप्रदेश के इंदौर में होलकर रियासतकालीन जमीन पर कब्जे को लेकर कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी के दोनों भाई और जिला कांग्रेस अध्यक्ष के खिलाफ धोखाधड़ी सहित धमकाने की धाराओं में पुलिस द्वारा प्रकरण दर्ज किया गया है। तेजाजी नगर पुलिस ने प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी के भाई भरत पटवारी, नाना पटवारी और जिला कांग्रेस अध्यक्ष सदाशिव यादव के खिलाफ धोखाधड़ी और धमकी देने का केस दर्ज किया है। पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धाराएं 318(4), 336, 337, 338, 339 और 340 के तहत मामला दर्ज किया है। फिलहाल मामले की जांच जारी है। 6.33 एकड़ जमीन पर जबरिया कब्जा का आरोप एडिशनल डीसीपी आलोक शर्मा ने बताया कि तेजाजी नगर थाने पर 75 वर्षीय बुजुर्ग नरेंद्र मेहता द्वारा शिकायत की गई थी कि उनकी 6.33 एकड़ जमीन जो उमरीखेड़ा के ग्रामीण क्षेत्र में है। उस पर जोर जबरदस्ती और धमका कर कब्जा किया गया है। शिकायत के अनुसार जांच पड़ताल कर पुलिस ने कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी के भाई नाना पटवारी और भारत पटवारी सहित जिला कांग्रेस अध्यक्ष सदाशिव यादव के खिलाफ धोखाधड़ी सहित विभिन्न धाराओं में प्रकरण दर्ज किया है। पुलिस का कहना है कि यह जमीन होलकर राजघराने में रियासतकाल में खुश होकर एक अन्य व्यक्ति को दी गई थी जिसके बाद उन्होंने इस जमीन को फरियादी को भेज दिया था और उसकी लिखा पढ़ी भी की गई थी। पुलिस आरोपियों की तलाश में जुट गई है। नवरतनमल जैन के नाम दर्ज है जमीन यह जमीन होलकर रियासत ने फरवरी 1939 में इनाम स्वरूप नारायण पलसीकर को दी गई थी। नरेंद्र मेहता ने बताया कि उनके पिता नवरतनमल जैन ने 1950 में इस जमीन की विक्रय संधि के तहत ऋणों का निपटान करते हुए खरीदी थी और तभी से उस पर उनका अधिकार बना हुआ है। प्रदेश की राजस्व संहिता में वह इसके स्वामी हो गए। जान से मारने की धमकी दी मेहता ने बताया कि आरोपियों ने शिकायत करने पर जान से मारने की धमकी दी है। इस भूमि पर उन्होंने एक कमरे का निर्माण भी कर लिया है और सोशल मीडिया पर जमीन बेचने का प्रचार किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि जब वह भूमि पर जाते हैं तो आरोपी जान से मारने की धमकी देकर रुपए की मांग करते हैं। नरेंद्र मेहता के मुताबिक होलकर रियासत ने यह जमीन इनाम स्वरूप नारायण पलसीकर को दी थी। मेरे पिता नवरतनमल जैन ने 1950 में नियमानुसार यह जमीन खरीद ली थी और तभी से हमारे अधिकार में है। आरोपियों ने राजस्व रिकॉर्ड में हेरफेर कर फर्जी दस्तावेज बनवा लिए हैं पर राजस्व विभाग में जमीन अभी भी उनके पिता नवरतनमल जैन के नाम पर दर्ज है। उनके नाम पर पर्ची चिपकाकर सदाशिव यादव का नाम लिख दिया गया है जिसकी राजस्व अधिकारियों को भी शिकायत की है। शिकायत करने पर भी जान से मारने की धमकी पुलिस को दर्ज शिकायत में नरेंद्र मेहता ने कहा कि आरोपियों ने जमीन पर अवैध निर्माण भी कर लिया है। सोशल मीडिया पर भूखंड बेचने का प्रचार कर रहे हैं। मैं वहां जाता हूं तो आरोपी जान से मारने की धमकी देते हुए रुपए मांगते हैं। शिकायत करने पर भी जान से मारने की धमकी देते हैं। फर्जी डाक्यूमेंट बनाए मेहता ने बताया कि आरोपियों ने राजस्व रिकॉर्ड में हेरफेर कर फर्जी डाक्यूमेंट तैयार करवा लिए हैं, पर राजस्व विभाग के अभिलेखों में यह भूमि अभी भी उनके पिता नवरतनमल जैन के नाम है। राजस्व रिकॉर्ड में जैन के नाम पर पर्ची चिपकाकर सदाशिव यादव का नाम लिखा गया है। मेहता ने मामले में राजस्व अधिकारियों से भी शिकायत की है। recent visitors 52

‘सरकार बलात्कार जैसे संवेदनशील मुद्दे को भी एक इवेंट में बदल रही है, जमकर बोला हमला: जीतू पटवारी

भोपाल मध्यप्रदेश सरकार की ओर से दुष्कर्म की शिकार नाबालिग किशोरियों के लिए की गई एक नई पहल को लेकर कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी ने सरकार पर हमला बोलते हुए कहा कि सरकार इस संवेदनशील मुद्दे को भी एक इवेंट में बदल रही है। श्री पटवारी ने एक्स पोस्ट के माध्यम से कल देर रात कहा, 'सरकार बलात्कार जैसे संवेदनशील मुद्दे को भी एक इवेंट में बदल रही है। नाबालिगों से बलात्कार की रोकथाम के बजाय, यह सरकार बलात्कार प्रोत्साहन योजना की शुरुआत कर रही है। नाबालिग पीड़िताओं को बलात्कार के बाद मुआवजे के रूप में पैसे देना और उस पीड़ा का मज़ाक उड़ाते हुए इसे पेश करना, मैं इसका कड़ा विरोध करता हूँ।' उन्होंने कहा कि पीड़िताओं के कल्याण के लिए सरकार को एक ठोस मंच तैयार करना चाहिए, जिसमें काउंसलिंग से लेकर उन्हें मुख्यधारा से जोड़ने तक की नीति होनी चाहिए थी, लेकिन ऐसा नहीं हो रहा। सरकार के इस कदम से पीड़िताओं का अपमान होगा और समाज की चेतना को भी गहरा नुक़सान पहुंचेगा। प्रदेश मंत्रिपरिषद् की दो दिन पहले हुई बैठक में नाबालिग दुष्कर्म पीड़िताओं और दुष्कर्म से जन्मे उनके बच्चों को लेकर एक नई पहल की गई है। इसके तहत इस प्रकार जन्मे बच्चों को स्वास्थ्य सुविधाएं, पालन पोषण और अन्य प्रकार की आवश्यक सुविधाएं दी जाएंगी। योजना का उद्देश्य 18 वर्ष तक लैंगिक अपराध से पीड़ितों को पॉक्सो अधिनियम के अंतर्गत संरक्षण एवं भारत सरकार के निर्भया फण्ड से वितीय सहायता प्रदान करना एवं उनके सामने आने वाली चुनौतियों का समाधान करना है। निर्भया फण्ड से प्रत्येक जिले को 10 लाख रूपये आवंटित किये जायेंगे। लैंगिक अपराध से पीड़ितों को सहायता के लिए जिले आवश्यकता के अनुसार राशि का उपयोग कर सकेंगे। राज्य में इसे लेकर ही अब राजनीति शुरु हो गई है।   recent visitors 55