प्रयागराज में महाकुंभ मेला 2025 के चलते भारी संख्या में श्रद्धालु उमड़े, पेट्रोल पंपों पर लंबी कतारें, कई जगह ईंधन खत्म

 प्रयागराज  प्रयागराज में महाकुंभ मेला 2025 के चलते करोड़ों श्रद्धालु गंगा स्नान और धार्मिक अनुष्ठान करने के लिए उमड़ रहे हैं। मेरठ से प्रयागराज जाने वाले मार्गों पर जनसैलाब और श्रद्धालुओं की भीड़ से हाईवे गुलजार हो गए हैं। इस धार्मिक आयोजन के कारण लाखों लोगों को रोजगार मिला है। होटल, ढाबे, पेट्रोल पंप से लेकर सड़क किनारे रेहड़ी पटरी वालों तक सभी को इसका आर्थिक लाभ मिल रहा है। महाकुंभ के चलते प्रयागराज और आसपास के सभी होटलों में श्रद्धालुओं की भीड़ देखने को मिल रही है। मेरठ से प्रयागराज जाने वाले रास्ते पर स्थित ढाबों और रेस्टोरेंट में भी लोगों की भारी संख्या देखी गई। ढाबों में सामान्य दिनों की तुलना में तीन से चार गुना ज्यादा ग्राहक पहुंच रहे हैं, जिससे इन व्यवसायियों की आमदनी में जबरदस्त इजाफा हुआ है। हाईवे और उससे जुड़े मार्गों पर हजारों की संख्या में अस्थायी दुकानें भी लग गई हैं। सड़क किनारे पानी की बोतल, चाय-नाश्ता, खाने-पीने की चीजें बेचने वाले छोटे व्यापारियों की संख्या में भारी वृद्धि हुई है। कई छोटे व्यापारी इसे अपने लिए रोजगार का बेहतरीन अवसर मान रहे हैं। पेट्रोल पंपों पर लगी लंबी कतारें, कई जगह ईंधन खत्म प्रयागराज जाने वाले मार्गों पर स्थित पेट्रोल पंपों पर वाहनों की लंबी कतारें देखी गईं। बड़ी संख्या में श्रद्धालु अपने निजी वाहनों से महाकुंभ में भाग लेने के लिए रवाना हुए हैं, जिसके चलते पेट्रोल और डीजल की खपत कई गुना बढ़ गई है। कई पेट्रोल पंपों पर तो ईंधन खत्म होने की नौबत आ गई, जिससे वाहन चालकों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। मेरठ निवासी उमेश शर्मा, जो परिवार सहित प्रयागराज जा रहे थे, उन्होंने बताया कि हाईवे पर एक पेट्रोल पंप पर 45 मिनट तक लाइन में लगने के बाद भी उन्हें पेट्रोल नहीं मिल सका। ऑटो, ई-रिक्शा और बोट वालों ने यात्रियों की मजबूरी का उठाया फायदा महाकुंभ में भीड़ बढ़ने के कारण प्रयागराज में स्थानीय परिवहन सेवा महंगी हो गई है। ऑटो और ई-रिक्शा चालकों ने मनमाने किराए वसूले। जहां सामान्य दिनों में 10 से 20 रुपये किराया लिया जाता था, वहीं अब श्रद्धालुओं से 100 से 200 रुपये तक वसूले जा रहे हैं। सबसे ज्यादा लूट बाइक सवारों ने मचाई। संगम से करीब 2 किलोमीटर पहले ही यातायात बंद कर दिया गया, जिससे श्रद्धालुओं को पैदल चलना पड़ा। इस मौके का फायदा उठाकर कुछ स्थानीय लोगों ने श्रद्धालुओं को बाइक से संगम तक छोड़ने के लिए 1000 रुपये प्रति सवारी वसूले। एक बाइक पर दो सवारियों को ले जाकर 2000 रुपये तक की कमाई की जा रही है। संगम तट पर नाविकों ने भी श्रद्धालुओं की मजबूरी का लाभ उठाया। सामान्य दिनों में जो नाव किराया 50-100 रुपये था, वह अब 500 रुपये तक पहुंच गया है। श्रद्धालु इस मनमानी से काफी परेशान नजर आए। पुलिस की तत्परता की सराहना भारी भीड़ के बावजूद प्रयागराज पुलिस और प्रशासन की मुस्तैदी की लोग सराहना कर रहे हैं। श्रद्धालुओं का कहना है कि स्थानीय पुलिस ने इस बार काफी बेहतर व्यवस्था की है। मेरठ के शहर क्षेत्र से सौरभ खाटू और उनके साथ आए लोगों ने बताया कि पुलिस हर जगह गाइड कर रही है और श्रद्धालुओं की मदद कर रही है। जिन लोगों को रास्ते की जानकारी नहीं थी, उन्हें पुलिसकर्मी सही दिशा दिखा रहे हैं। महिलाओं और बच्चों के लिए भी विशेष सुरक्षा इंतजाम किए गए हैं। शहर में कई स्थानों से प्रवेश मार्गी पर बड़ी बड़ी निशुल्क पार्किंग की व्यवस्था सुरक्षा कर्मियों की ड्यूटी के साथ की गई है। हालांकि, कुछ जगहों पर भीड़ को नियंत्रित करने में कठिनाई हुई, लेकिन कुल मिलाकर पुलिस व्यवस्था संतोषजनक रही। विपक्ष को बताया सनातन विरोधी महाकुंभ में स्नान करने आए कई श्रद्धालुओं ने विपक्षी दलों पर निशाना साधा। उनका कहना था कि कुछ नेता लगातार सनातन धर्म को लेकर अनर्गल बयानबाजी कर रहे हैं। श्रद्धालुओं ने कहा कि महाकुंभ केवल हिंदुओं के लिए ही नहीं, बल्कि सभी धर्मों के लोगों के लिए रोजगार और आस्था का बड़ा केंद्र है। कई मुस्लिम दुकानदारों, होटल मालिकों, नाविकों और रेहड़ी-पटरी वालों को भी इसका सीधा लाभ मिला है। मेरठ निवासी रामकिशन ने कहा कि विपक्षी नेता सिर्फ एक विशेष समुदाय को खुश करने के लिए ऐसे बयान देते हैं, लेकिन हकीकत यह है कि महाकुंभ सभी के लिए लाभकारी साबित हो रहा है। recent visitors 35

भारत में इतिहास का सबसे लंबा जाम, 20 Km पैदल चलने का बूता है तो आइए महाकुंभ, 300 किमी रूट पर भारी Traffic

प्रयागराज महाकुंभ मेला अब अपने अंतिम चरण में है, और लाखों की संख्या में श्रद्धालु अपने-अपने वाहनों से पहुंच रहे हैं, जिसके कारण शहर की ट्रैफिक व्यवस्था पूरी तरह से चरमरा गई है। महाकुंभ नगर से लेकर शहर के प्रमुख इलाकों तक लंबी-लंबी गाड़ियों की कतारें लग चुकी हैं, और श्रद्धालुओं को 20 किलोमीटर तक पैदल चलने की स्थिति बन गई है। धूमनगंज, चौफटका, रेलवे स्टेशन सिटी साइड, दारागंज और बक्शी बांध जैसे प्रमुख इलाकों में जाम की स्थिति गंभीर हो गई है। यहाँ तक कि दफ्तर जाने वाले कर्मचारियों और अधिवक्ताओं को भी अदालतों तक पहुंचने में कठिनाई हो रही है। इसके बावजूद, संगम की रेती पर चल रहे महाकुंभ में श्रद्धालुओं का उत्साह कम नहीं हो रहा है। लाखों श्रद्धालु प्रतापगढ़ से होकर प्रयागराज पहुंच रहे हैं, और उनके यात्रा मार्गों पर भी भारी जाम की स्थिति बनी हुई है। हालांकि, भदोही हाइवे पर कुछ राहत मिली है, वहीं वाराणसी-प्रयागराज NH 19 पर सुबह के समय जाम की स्थिति सामान्य है, लेकिन दोपहर बाद यहां वाहनों का दबाव बढ़ने की संभावना जताई जा रही है।   6 घंटे का रास्ता 24 घंटे में हो रहा पूरा मध्य प्रदेश के जबलपुर से लेकर प्रयागराज तक के 350 किमी के रूट पर भारी जाम की स्थिति बन गई है। नेशनल हाईवे-30 पर लाखों वाहन फंसे हुए हैं, और श्रद्धालु रेंगते हुए महाकुंभ पहुंचने की कोशिश कर रहे हैं। जबलपुर से प्रयागराज का रास्ता पहले 5 से 6 घंटे में तय हो जाता था, लेकिन अब यह समय बढ़कर 24 घंटे से ज्यादा हो चुका है। जाम की सबसे खराब स्थिति रीवा के आसपास देखी जा रही है, जहां वाहनों की लंबी कतारें और ट्रैफिक की भारी भीड़ बनी हुई है। प्रशासन द्वारा रास्ते को साफ करने के लिए प्रयास किए जा रहे हैं, लेकिन जाम की गंभीरता को देखते हुए श्रद्धालुओं को कई किलोमीटर पैदल चलने की भी स्थिति आ रही है। महाकुंभ के इस अंतिम चरण में श्रद्धालुओं का उत्साह कम नहीं हो रहा है, लेकिन यातायात की समस्या निश्चित रूप से उनके यात्रा अनुभव को प्रभावित कर रही है। काशी और अयोध्या में भी उमड़ी श्रद्धालुओं की भीड़ महाकुंभ के कारण काशी में भी भीड़ का दृश्य देखने को मिल रहा है। काशी आने वाली हर सड़क पर गाड़ियों की लंबी कतारें हैं, और यहां तक कि एक मिनट में 40 नाव घाट से निकल रही हैं। 3 से 9 फरवरी तक, 35 लाख से ज्यादा श्रद्धालु काशी पहुंचे। अयोध्या में भी महाकुंभ के बाद रामलला के दर्शन के लिए श्रद्धालुओं का हुजूम उमड़ पड़ा है। प्रयागराज में 43 करोड़ से ज्यादा श्रद्धालुओं ने डुबकी लगाई महाकुंभ के 29वें दिन तक श्रद्धालुओं की भारी भीड़ संगम तट पर उमड़ी। 9 फरवरी तक, कुल 43 करोड़ 57 लाख श्रद्धालुओं ने आस्था की डुबकी लगाई, जिसमें 10 लाख कल्पवासी और 53 लाख 75 हजार श्रद्धालु शामिल हैं। प्रशासन के लिए यह एक बड़ी चुनौती बनी हुई है, क्योंकि भीड़ को नियंत्रित करना और श्रद्धालुओं के लिए यातायात व्यवस्था बनाए रखना बेहद कठिन हो रहा है। प्रशासन की ओर से उठाए गए कदम भीड़ को नियंत्रित करने के लिए प्रशासन ने शहर में प्रवेश करने से पहले 10 से 15 किलोमीटर पहले कूलिंग ऑफ एरिया बनाए हैं, ताकि शहर में प्रवेश करने वाले श्रद्धालुओं की संख्या पर नियंत्रण रखा जा सके। प्रशासन की कड़ी मेहनत के बावजूद, श्रद्धालुओं का उत्साह थमा नहीं है, और वे अपने आस्थावान उद्देश्य की ओर बढ़ रहे हैं।   recent visitors 64

महाकुंभ में होगा स्पेशल कलर कोड, वीआईपी, साधु-संतों से श्रद्धालुओं को मिलेगी सुरक्षा

प्रयागराज प्रयागराज के महाकुंभ में श्रद्धालुओं की सुविधा, अच्छी व्यवस्था के अलावा सुरक्षा के लिए छह रंग के ई-पास जारी किए जा रहे हैं. पुलिस से लेकर अखाड़े और वीआईपी तक के लिए अलग-अलग रंग के ई-पास जारी किए जा रहे हैं. यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के आदेश के बाद श्रद्धालुओं की सुरक्षा के लिए सभी जरूरी इंतजाम पूरे कर लिए गए हैं. साथ ही, कैटेगरी के आधार पर कोटा निर्धारित किया जा रहा है. देश विदेश से आने वाले श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की असुविधा न होने पाए, इस लिहाज से विभागीय स्तर पर नोडल अधिकारी नियुक्त किए जा रहे हैं. यूपीडेस्को के जरिए ई-पास प्रणाली लागू करने की व्यवस्था वाहन ई-पास के लिए उत्तर प्रदेश की नोडल आईटी संस्था यूपीडेस्को के जरिए से ई-पास प्रणाली लागू करने की व्यवस्था की गई है. व्यवस्था के सुचारु संचालन के लिए कई विभागों के नोडल अधिकारी, मेला पुलिस, सभी संस्थाओं के वाहन पास के आवदेनों का सत्यापन निर्धारित कोटा के आधार पर करेंगे. ये कागजात हैं जरूरी आवेदन प्रक्रिया के अंतर्गत प्रत्येक वाहन पास के लिए आवेदक का व्यक्तिगत विवरण, कलर्ड पासपोर्ट फोटो, आधार कार्ड, पैन कार्ड और वाहन का रजिस्ट्रेशन प्रमाण पत्र और ड्राइविंग लाइसेंस की छाया प्रति लेनी होगी. यूपीडेस्को की ओर से अनुबंधित कार्यदायी संस्था के प्रतिनिधि की ओर से अस्थायी मेला पुलिस स्थल पर अनुमोदित ई-पास को प्रिंट कर मेला पुलिस कार्यालय से ही उपलब्ध कराया जाएगा. किस तरह जारी होंगे अलग-अलग ई-पास उच्च न्यायालय, वीआईपी, विदेशी राजदूत, विदेशी नागरिक और अप्रवासीय भारतीयों के साथ केंद्र, राज्य के विभाग के लिए सफेद रंग का ई-पास जारी किया जा रहा है. अखाड़ों और संस्थाओं को केसरिया रंग का ई-पास प्रदान किया जा रहा है. वहीं, कार्यदायी संस्थाओं, वेंडर, फूड कोर्ट और मिल्क बूथ के लिए पीले रंग का ई-पास जारी किया जा रहा है. मीडिया को आसमानी, पुलिस बल को नीला और आपातकालीन और आवश्यक सेवाओं के लिए लाल रंग का ई-पास प्रदान किया जा रहा है. सभी सेक्टर में वाहन पार्किंग की व्यवस्था महाकुंभ के अवसर पर श्रद्धालुओं की सुरक्षा के लिए सभी जरूरी इंतजाम किए जा रहे हैं. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का अफसरों को स्पष्ट निर्देश है कि देश दुनिया के कोने-कोने से आने वाले एक भी श्रद्धालु को किसी प्रकार की असुविधा न हो पाए. इसी के मद्देनजर मेला प्राधिकरण की ओर से सभी सेक्टर में वाहन पार्किंग की व्यवस्था सुनिश्चित की गई है. निकटतम पार्किंग तक पहुंचाने के लिए सभी विभागों, कार्यदायी संस्थाओं के प्रतिनिधियों के वाहनों के ई-पास जारी किए जाने हैं. वाहनों के पास के लिए कैटेगरी के आधार पर कोटा निर्धारित किया गया है, जिसके अनुरूप वाहन पास के अनुमोदन के लिए प्रत्येक विभाग के स्तर से नोडल अधिकारी नामित किया जा रहा है. उनकी संस्तुति के आधार पर ही वाहन पास के लिए जरूरी सभी विवरण ऑनलाइन भरकर सबमिट किए जा रहे हैं.   recent visitors 131

महाकुंभ के लिए बड़े पैमाने पर इंफ्रास्ट्रक्चर में सुधार किया गया, श्रद्धालुओं के लिए तैयार प्रयागराज

महाकुंभ नगर कभी संकरी और खस्ताहाल सड़कों के लिए पहचाने जाने वाले प्रयागराज का आज कायाकल्प हो चुका है। पहले कुंभ 2019 और अब महाकुंभ 2025 को देखते हुए योगी सरकार ने यहां की सूरत ही बदल दी है। 2019 कुंभ के दृष्टिगत जो विकास कार्य हुए, उसे 2025 महाकुम्भ में और विस्तार देते हुए स्थाई कार्यों पर जोर दिया गया है। सनातन आस्था के सबसे बड़े समागम महाकुंभ के लिए बड़े पैमाने पर इंफ्रास्ट्रक्चर में सुधार किया गया है। आने वाले करोड़ों श्रद्धालुओं को आवागमन में किसी तरह की परेशानी न हो, इसको देखते हुए इस बार 200 सड़कों का निर्माण और विकास किया गया है। इन सड़कों को 3 लाख पौधों और एक लाख हॉर्टिकल्चर सैंपलिंग से सजाया गया है। कुल मिलाकर महाकुंभ के दौरान जब बड़ी संख्या में श्रद्धालु यहां आएंगे तो यहां की सड़कों और उनके सौंदर्यीकरण की मनमोहक छवि के साथ यादगार अनुभव लेकर वापस जाएंगे। प्रयागराज में महाकुंभ के महा आयोजन को देखते हुए कुल 200 ऐसी सड़कें हैं, जिनका उन्नयन किया गया है। इसमें नई सड़कों का भी निर्माण हुआ है, जबकि सड़कों का चौड़ीकरण और सुदृढ़ीकरण भी किया गया है। सड़कों के निर्माण और विकास में तीनों विभागों ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। इसमें सबसे ज्यादा काम प्रयागराज नगर निगम की ओर से किया गया है, जिसने कुल 78 सड़कों का नव निर्माण, चौड़ीकरण और सुदृढ़ीकरण करने में सफलता प्राप्त की है। इसके बाद लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) ने 74 और प्रयागराज विकास प्राधिकरण (पीडीए) ने कुल 48 सड़कों का विकास किया है। इसके साथ ही सड़कों का सौंदर्यीकरण भी किया गया है। खासतौर पर विभिन्न तरह के पौधों को यहां सजाया गया है, जबकि हॉर्टिकल्चर सैंपलिंग्स भी की गई है। इन 200 सड़कों पर कुल मिलाकर तीन लाख पौधों को रोपित किया गया है, जबकि एक लाख हॉर्टिकल्चर सैंपलिंग्स को प्लांट किया गया है। इन्हीं सड़कों के माध्यम से श्रद्धालुओं का संगम तक आवागमन सुगम हो सकेगा और उन्हें दिव्य आनंद की अनुभूति प्राप्त होगी। इन सड़कों का निर्माण तीनों विभागों के लिए कतई आसान नहीं रहा है। इसके लिए इन्हें कई तरह की चुनौतियों का भी सामना करना पड़ा है। उदाहरण के तौर पर निर्माण के दौरान कई ऐसे स्थल थे, जहां पर एंक्रोचमेंट था जिन्हें हटाया गया है। श्रद्धालुओं के साथ ही प्रयागराज वासियों की सुविधा के लिए निर्मित इन सड़कों के विकास के लिए कुल मिलाकर 4426 एंक्रोचमेंट को ध्वस्त किया गया है। इसी तरह, कई स्थलों पर निर्माण को लेकर कोर्ट केस का भी सामना करना पड़ा है। कुल मिलाकर 82 कोर्ट केसेस को रिजॉल्व किया गया है। वहीं, निर्माण के दौरान 4893 इलेक्ट्रिक पोल्स को भी यहां से शिफ्ट करने में सफलता प्राप्त हुई है। इतना ही नहीं, सड़कों के निर्माण के साथ-साथ 170 किमी. लंबी अंडरग्राउंड केबलिंग भी की गई है।   recent visitors 57

‘कुम्भ रेल सेवा ऐप’ में यात्रियों के लिए ट्रेन टिकट बुकिंग की सुविधा भी होगी, मिलेगी आवश्यक जानकारी

प्रयागराज  महाकुम्भ 2025 के दौरान श्रद्धालुओं के सुगम और आरामदायक सफर के लिए भारतीय रेलवे ने विशेष प्रबंध किए हैं। रेलवे की ये पहल यात्रियों के अनुभव को बेहतर बनाने और समय की बचत करने के उद्देश्य से की गई है। कुम्भ रेल सेवा ऐप महाकुम्भ 2025 के दौरान श्रद्धालुओं का स्मार्ट साथी उत्तर मध्य रेलवे ने महाकुंभ 2025 के दौरान श्रद्धालुओं की यात्रा को आसान और सुरक्षित बनाने के लिए एक नई पहल शुरू की है – ‘कुम्भ रेल सेवा ऐप’। इस ऐप का उद्देश्य महाकुंभ मेले में आने वाले लाखों श्रद्धालुओं को रेलवे से जुड़ी सभी जानकारी एक ही स्थान पर प्रदान करना है। यह ऐप यात्रियों के लिए एक महत्वपूर्ण डिजिटल संसाधन होगा, जो उनकी यात्रा को सुगम, सुरक्षित और सुविधाजनक बनाएगा।   यात्रियों को मिलेगी सभी आवश्यक जानकारी ‘कुम्भ रेल सेवा ऐप’ के माध्यम से यात्रियों को महाकुंभ से जुड़ी सारी आवश्यक जानकारी एक ही स्थान पर मिल सकेगी। इसमें ट्रेनों की समय-सारणी, टिकट बुकिंग, स्टेशन से मेला क्षेत्र तक पहुंचने के मार्ग, और रेलवे स्टेशनों पर उपलब्ध सुविधाओं की जानकारी शामिल होगी। इसके अलावा, ऐप में महाकुंभ के प्रमुख धार्मिक और सांस्कृतिक स्थलों की जानकारी भी दी जाएगी, जिससे श्रद्धालु अपनी यात्रा की योजना बेहतर तरीके से बना सकेंगे।   आपातकालीन सेवाएं और सुरक्षा की व्यवस्था महाकुंभ जैसे बड़े आयोजन में सुरक्षा और आपातकालीन सेवाएं अत्यंत महत्वपूर्ण होती हैं। इस ऐप में आपातकालीन संपर्क नंबरों की जानकारी भी उपलब्ध होगी, जिससे किसी भी आपात स्थिति में यात्री तुरंत सहायता प्राप्त कर सकेंगे। इसके अलावा, आरपीएफ द्वारा रेलवे स्टेशनों और मेला क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था को लेकर यात्रियों को सभी आवश्यक जानकारी प्रदान की जाएगी, जिससे वे सुरक्षित रूप से अपनी यात्रा पूरी कर सकें।   विशेष सुविधाएं और डिजिटल टिकट बुकिंग ‘कुम्भ रेल सेवा ऐप’ में यात्रियों के लिए ट्रेन टिकट बुकिंग की सुविधा भी होगी, जिससे वे ऐप के माध्यम से सीधे टिकट बुक कर सकेंगे। यह सुविधा यात्रियों के लिए बहुत सहायक होगी, क्योंकि उन्हें अलग से काउंटर या वेबसाइट पर जाने की आवश्यकता नहीं पड़ेगी। इसके अलावा, ऐप में रेलवे स्टेशनों पर उपलब्ध विभिन्न सुविधाओं की जानकारी भी दी जाएगी, जैसे वेटिंग रूम, रेस्ट रूम, फूड स्टॉल्स, पीने के पानी की व्यवस्था और सफाई जैसी सुविधाएं।   हिंदी और अंग्रेजी में उपलब्ध जानकारी यात्रियों की सुविधा के लिए इस ऐप को हिंदी और अंग्रेजी दोनों भाषाओं में उपलब्ध कराया जाएगा, ताकि देश के विभिन्न हिस्सों से आने वाले श्रद्धालुओं को भाषा संबंधी कोई परेशानी न हो। इसके माध्यम से वे अपनी यात्रा को बेहतर तरीके से योजना बना सकेंगे और ऐप का पूरा लाभ उठा सकेंगे।   महाकुंभ से जुड़ी तस्वीरें और ऐतिहासिक जानकारी इस ऐप में महाकुंभ से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारी और तस्वीरें भी उपलब्ध कराई जाएंगी। इसमें अतीत के महाकुंभ के फोटो गैलरी, महाकुंभ के इतिहास, आयोजनों और धार्मिक महत्व की जानकारी भी दी जाएगी। इससे श्रद्धालु महाकुंभ के धार्मिक और सांस्कृतिक महत्व को बेहतर समझ सकेंगे।   उत्तर मध्य रेलवे का यह प्रयास श्रद्धालुओं की यात्रा को आसान, सुरक्षित और आरामदायक बनाने में मदद करेगा। ‘कुम्भ रेल सेवा ऐप’ महाकुंभ 2025 के आयोजन को एक नया डिजिटल दृष्टिकोण प्रदान करेगा, जिससे यात्रियों को पूरी यात्रा के दौरान आवश्यक जानकारी और सुविधाएं आसानी से मिल सकेंगी। recent visitors 56

प्रयागराज महाकुंभ में 13 जनवरी 2025 को प्रथम मुख्य स्नान पर्व के लिए तैयारी

 प्रयागराज प्रयागराज में महाकुंभ 2025 को भव्य दिव्य नव्य बनाने की तैयारी युद्ध स्तर पर शुरू है। 13 जनवरी 2025 प्रथम मुख्य स्नान पर्व की तिथि 10 दिन पहले ही यह संपूर्ण कार्य पूरा करने की कोशिश जारी है। इसके लिए 24 घंटे दिन रात कार्य हो रहा है। लेबर टेक्नीशियन राजगीर कारीगर आदि स्विफ्ट वाइज काम कर रहे हैं। संगम और किला के मध्य स्थित बड़े हनुमान जी मंदिर के कॉरिडोर का निर्माण कार्य भी प्रयागराज विकास प्राधिकरण द्वारा लगातार किया जा रहा है। बड़े हनुमान मंदिर कॉरिडोर को जोधपुर पिंक स्टोन से सजाया संवारा जा रहा है। बता दें कि बड़े हनुमान मंदिर कॉरिडोर निर्माण के लिए 11,589 स्क्वायर मीटर जमीन को चिह्नित किया गया है। इसमें 535 स्क्वायर मीटर में बड़े हनुमान मंदिर का भव्य गर्भगृह और परिक्रमा पथ बन रहा हैं। वहीं कॉरिडोर एरिया के लिए 2184 स्क्वायर मीटर भूमि निर्धारित है। लगभग 40 करोड़ रुपये की लागत से कॉरिडोर का निर्माण कराया जाना था। पैदल परिक्रमा पथ बनेगा हालांकि कम समय की वजह से कुछ कार्यों को आगे बढ़ाया गया है। कॉरिडोर एरिया में पाथवे के अलावा पूजा-प्रसाद, फूलमाला की दुकानें और श्रद्धालुओं के लिए 6,176 स्क्वायर मीटर का खुला क्षेत्र डिवेलप किया जा रहा है। कॉरिडोर रोड के लिए 1,310 स्क्वायर मीटर और पैदल परिक्रमा पथ के लिए 760 स्क्वायर मीटर भूमि प्रस्तावित है। बजरंगबली से जुड़ी आकृतियां कॉरिडोर की दीवारों पर बजरंगबली के जीवन से जुड़ी आकृतियों को उकेरा जाएगा। कॉरिडोर में प्रसाद तैयार करने के लिए आधुनिक किचन का निर्माण होगा। श्रद्धालुओं के लिए पूजा-अर्चना के लिए स्थान और मेडिटेशन सेंटर भी होगा। गर्भगृह में श्रद्धालुओं के आने और जाने के स्थान को भी चौड़ा किया जाएगा। इसके अलावा मंदिर में क्लाक रूम, आरओ वॉटर की सुविधा भी मिलेगी। recent visitors 70