बांग्लादेश में यशोरेश्वरी काली मंदिर से देवी का मुकुट हुआ चोरी, पीएम मोदी ने किया था भेंट, घटना पर भारत सख्त

ढाका बांग्लादेश के जेशोरेश्वरी मंदिर से मां काली का मुकुट चोरी हो गया है। चांदी का बना सोने की परत वाला यह मुकुट भारत के पीएम नरेंद्र मोदी ने मंदिर को गिफ्ट किया था। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 2021 में जब बांग्लादेश गए थे तो उन्होंने जेशोरेश्वरी मंदिर का दौरा भी किया था। इस दौरान उन्होंने ये मुकुट भेंट किया था। उपहार में दिया गया देवी काली का ये मुकुट कथित तौर पर चोरी हो गया है। इस घटना पर भारत ने सख्त रुख दिखाया है। ढाका में भारतीय उच्चायोग ने बयान जारी करते हुए इस पर चिंता जताई है। उच्चायोग ने मुकुट को बरामद करने और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई करने की मांग की है। बांग्लादेशी अखबार द डेली स्टार के मुताबिक, मंदिर के पुजारी और सफाई कर्मचारियों ने पाया कि देवी काली के सिर से मुकुट गायब है। बांग्लादेशी पुलिस ने चोरी की पुष्टि करते हुए जांच शुरू कर दी है। पुलिस का कहना है कि अपराधी की पहचान करने के लिए सीसीटीवी फुटेज खंगाली जा रही है और जल्दी ही चोर को पकड़ लिया जाएगा। जेशोरेश्वरी मंदिर की हिन्दुओं में मान्यता पीढ़ियों से मंदिर की देखभाल कर रहे परिवार की सदस्य ज्योति चट्टोपाध्याय ने बांग्लादेशी मीडिया को बताया कि मुकुट चांदी से बना था और उस पर सोने की परत चढ़ी थी। पीएम नरेंद्र मोदी ने मार्च 2021 में जेशोरेश्वरी मंदिर को मुकुट भेंट करते हुए मंदिर में एक बहुउद्देश्यीय सामुदायिक हॉल का निर्माण करने का भी ऐलान किया था। जेशोरेश्वरी मंदिर की बांग्लादेश के अलावा भारत और दूसरे पड़ोसी देशों में भी काफी मान्यता है। ये भारत के साथ-साथ पड़ोसी देशों में फैले 51 शक्तिपीठों में से एक के रूप में प्रतिष्ठित है। यह मंदिर, भक्तों के लिए एक महत्वपूर्ण स्थल, ईश्वरीपुर, सतखिरा में स्थित है। माना जाता है कि इसका निर्माण 12वीं शताब्दी में हुआ था। अल्पसंख्यकों के पूजा स्थलों की सुरक्षा पर सवाल बांग्लादेश में देवी का मुकुट चोरी होने का ये मामला ऐसे समय हुआ है, जब देश में धार्मिक अल्पसंख्यक समुदाय की सुरक्षा सवालों के घेरे में है। इस साल अगस्त में शेख हसीना की सरकार गिरने के बाद से बांग्लादेश में अल्पसंख्यकों पर हमलों की एक श्रंखला देखी गई है। हालांकि मौजूदा चोरी में अभी तक इस तरह के किसी एंगल की बात पुलिस ने नहीं की है। 51 शक्तिपीठों में से एक माना जाता है जेशोरेश्वरी मंदिर पीढ़ियों से मंदिर की देखभाल करने वाले परिवार के सदस्य ज्योति चट्टोपाध्याय ने बांग्लादेशी मीडिया को बताया कि यह मुकुट चांदी से बना था और इस पर सोने की परत चढ़ी हुई थी। चोरी हुआ मुकुट भक्तों के लिए सांस्कृतिक और धार्मिक महत्व रखता है। हिंदू पौराणिक कथाओं में, जेशोरेश्वरी मंदिर को भारत और पड़ोसी देशों में फैली 51 शक्तिपीठों में से एक माना जाता है।   ऐसा है मंदिर का इतिहास माना जाता है कि सतखीरा के ईश्वरीपुर में स्थित इस मंदिर का निर्माण 12वीं शताब्दी के उत्तरार्ध में अनारी नामक ब्राह्मण ने करवाया था। उन्होंने जशोरेश्वरी पीठ के लिए 100 दरवाजों वाला मंदिर बनवाया था। बाद में 13वीं शताब्दी में लक्ष्मण सेन ने इसका जीर्णोद्धार करवाया और अंततः राजा प्रतापादित्य ने 16वीं शताब्दी में मंदिर का पुनर्निर्माण करवाया। अपनी बांग्लादेश यात्रा के दौरान, पीएम मोदी ने कहा था कि भारत मंदिर में एक बहुउद्देशीय सामुदायिक हॉल का निर्माण कराएगा। उन्होंने कहा कि यह स्थानीय लोगों के लिए सामाजिक, धार्मिक और शैक्षिक आयोजनों के लिए उपयोगी होगा और साथ ही, यह चक्रवात जैसी आपदाओं के समय सभी के लिए आश्रय का काम भी करेगा। recent visitors 114

फॉर्टिफाइड चावल स्‍कीम के लिए 17,082 करोड़ रुपये खर्च करेगी मोदी सरकार

नई दिल्‍ली  प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में केंद्रीय मंत्रिमंडल ने एनीमिया और पोषक तत्वों की कमी को दूर करने के लिए 17,082 करोड़ रुपये की लागत वाली एक स्‍कीम को मंजूरी दी है। इस योजना के तहत फोर्टिफाइड चावल को बढ़ावा दिया जाएगा। योजना का पूरा खर्च केंद्र सरकार उठाएगी। राष्ट्रीय परिवार स्वास्थ्य सर्वेक्षण (NFHS-5) के अनुसार, 2019 से 2021 के बीच एनीमिया भारत में एक बड़ी समस्या बनी हुई है। यह बच्चों, महिलाओं और पुरुषों सभी को प्रभावित करता है। आयरन की कमी के अलावा, विटामिन बी12 और फोलिक एसिड जैसी अन्य विटामिन और खनिज की कमी भी बनी रहती है। इससे लोगों के स्वास्थ्य और उत्पादकता पर असर पड़ता है। दुनिया भर में एनीमिया और कुपोषण से निपटने के लिए खाद्य पदार्थों को फोर्टिफाइड किया जाता है। भारत में 65% लोग चावल खाते हैं। ऐसे में पोषक तत्वों की आपूर्ति के लिए चावल एक आदर्श माध्यम है। चावल फोर्टिफिकेशन में FSSAI की ओर से निर्धारित मानकों के अनुसार सूक्ष्म पोषक तत्वों (आयरन, फोलिक एसिड, विटामिन बी 12) से समृद्ध फोर्टिफाइड राइस कर्नेल (FRK) को सामान्य चावल में मिलाया जाता है। इसके अलावा कैबिनेट ने दो और महत्‍वपूर्ण फैसले लिए हैं। इनमें गुजरात में नेशनल मेरिटाइम हेरिटेज कॉम्‍प्‍लेक्‍स का विकास और राजस्थान तथा पंजाब के सीमावर्ती क्षेत्रों में बुनियादी ढांचे में सुधार शामिल हैं। नेशनल मेरिटाइम हेरिटेज कॉम्‍प्‍लेक्‍स के विकास को हरी झंडी केंद्रीय मंत्रिमंडल ने गुजरात के लोथल में नेशनल मेरिटाइम हेरिटेज कॉम्‍प्‍लेक्‍स (NMHC) के विकास को मंजूरी दे दी है। यह दो चरणों में पूरा होगा। इससे स्थानीय लोगों को रोजगार मिलेगा और पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा। पहले चरण (1A) में 1,238.05 करोड़ रुपये की लागत आएगी। इसमें प्रमुख बंदरगाह, रक्षा मंत्रालय (भारतीय नौसेना) और संस्कृति मंत्रालय का योगदान होगा। मंत्रिमंडल ने चरण 1B और चरण 2 के लिए भी सैद्धांतिक मंजूरी दे दी है। इनके लिए धन स्वैच्छिक संसाधनों से जुटाया जाएगा। चरण 1B में 266.11 करोड़ रुपये की लागत से लाइट हाउस संग्रहालय का निर्माण शामिल है। इसके लिए धन लाइटहाउस और लाइटशिप महानिदेशालय की ओर से दिया जाएगा। इस परियोजना से 15,000 प्रत्यक्ष और 7,000 अप्रत्यक्ष रोजगार सृजित होने की उम्मीद है। इससे स्थानीय समुदायों, पर्यटकों, शोधकर्ताओं, सरकारी निकायों, शिक्षण संस्थानों, सांस्कृतिक संगठनों, पर्यावरण समूहों और व्यवसायों को लाभ होगा। सीमावर्ती क्षेत्रों में 2,280 किमी सड़क का निर्माण इसके अलावा, केंद्रीय मंत्रिमंडल ने राजस्थान और पंजाब के सीमावर्ती क्षेत्रों में 2,280 किलोमीटर सड़कों के निर्माण को भी मंजूरी दी है। इसमें 4,406 करोड़ रुपये का निवेश होगा। यह परियोजना प्रधानमंत्री मोदी के सीमावर्ती क्षेत्रों में बुनियादी ढांचे को मजबूत बनाने पर ध्यान केंद्रित करने के अनुरूप है। इसका उद्देश्य ग्रामीण आजीविका को बढ़ावा देना, यात्रा में सुधार करना और राष्ट्रीय राजमार्ग नेटवर्क के साथ बेहतर संपर्क सुनिश्चित करना है। यह पहल इन सीमावर्ती क्षेत्रों को बेहतर सड़कों, दूरसंचार संपर्क, पानी की आपूर्ति, स्वास्थ्य सेवा और शिक्षा सुविधाओं वाले जीवंत गांवों में बदलने के व्यापक प्रयास का हिस्सा है। recent visitors 90

पीएम मोदी 10-11 अक्तूबर को करेंगे लाओस का दौरा; 21वें आसियान-भारत शिखर सम्मेलन में लेंगे हिस्सा

नई दिल्ली  प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी 10 से 11 अक्टूबर तक लाओस की दो दिवसीय यात्रा करेंगे और इस दौरान वह 21वें आसियान-भारत शिखर सम्मेलन और 19वें पूर्वी एशिया शिखर सम्मेलन में हिस्सा लेंगे। विदेश मंत्रालय (एमईए) ने यह जानकारी दी। लाओस, दक्षिण-पूर्व एशियाई राष्ट्रों के संगठन (आसियान) का वर्तमान अध्यक्ष देश है। विदेश मंत्रालय ने एक बयान में कहा कि लाओस के अपने समकक्ष सोनेक्से सिफानदोन के निमंत्रण पर प्रधानमंत्री मोदी 10-11 अक्टूबर को लाओस की राजधानी विएंतियाने का दौरा करेंगे। विदेश मंत्रालय ने कहा कि इस दौरान मोदी लाओस की मेजबानी में होने जा रहे 21वें आसियान-भारत शिखर सम्मेलन और 19वें पूर्वी एशिया शिखर सम्मेलन में हिस्सा लेंगे। मंत्रालय के अनुसार, दोनों शिखर सम्मेलनों के दौरान मोदी के द्विपक्षीय बैठकें करने की भी उम्मीद है। विदेश मंत्रालय ने कहा, ‘‘भारत में इस वर्ष ‘एक्ट ईस्ट’ नीति का एक दशक पूरा हो रहा है। आसियान के साथ संबंध ‘एक्ट ईस्ट’ नीति और हमारे हिंद-प्रशांत दृष्टिकोण का केंद्रीय स्तंभ हैं।’’ मंत्रालय ने कहा कि आसियान-भारत शिखर सम्मेलन ‘‘हमारी व्यापक रणनीतिक साझेदारी’’ के माध्यम से भारत-आसियान संबंधों की प्रगति की समीक्षा करेगा और सहयोग की खातिर भविष्य की दिशा तय करेगा। विदेश मंत्रालय ने कहा, ‘‘दक्षिणी एशिया और पूर्वी एशिया के कुछ देशों का मंच पूर्वी एशिया शिखर सम्मेलन (ईएएस) क्षेत्र में रणनीतिक विश्वास का माहौल बनाने में योगदान देता है। यह भारत सहित ईएएस में भाग लेने वाले देशों के नेताओं को क्षेत्रीय महत्व के मुद्दों पर विचारों का आदान-प्रदान करने का अवसर प्रदान करता है।’’   recent visitors 128

राष्ट्रपति मुइज्जू ने भारत को मालदीव में ‘रक्षा प्लेटफॉर्म और संपत्ति’ की तैनाती की अनुमति देने पर सहमति जताई

माले  मालदीव के राष्ट्रपति मोहम्मद मुइज्जू की भारत यात्रा के दौरान दोनों देशों के बीच कई समझौते हुए हैं। इनमें एक महत्वपूर्ण समझौते के तहत राष्ट्रपति मोहम्मद मुइज्जू ने भारत को मालदीव में 'रक्षा प्लेटफॉर्म और संपत्ति' की तैनाती की अनुमति देने पर सहमति जताई है। मालदीव का राष्ट्रपति बनने के बाद मुइज्जू ने भारत से सैनिकों को निकालने को कहा था, अब कुछ ही महीने के बाद उनकी सरकार ने भारत के रेडार को देश में लगाने की मंजूरी दी है। समझौते के तहत भारत मालदीव के राष्ट्रीय रक्षा बल की निगरानी क्षमता को बढ़ाने में भी माले की सहायता करेगा। इसके लिए नई दिल्ली से माले को 'रेडार सिस्टम और अन्य उपकरण' दिए जाएंगे। सोमवार को पीएम मोदी और राष्ट्रपति मुइज्जू की मुलाकात के बाद, भारत ने मालदीव को आर्थिक संकट और कर्ज चुकौती से उबारने में मदद देने के लिए भी सहमति जताई। मोदी-मुइज्जू में रक्षा सहयोग पर चर्चा दोनों नेताओं ने सहमति जताई कि भारत मालदीव की क्षमताओं को बढ़ाने में मदद करेगा ताकि उसके विशाल एक्सक्लूसिव आर्थिक क्षेत्र को समुद्री सुरक्षा के लिए पारंपरिक और गैर-पारंपरिक चुनौतियों से बचाया जा सके। पीएम मोदी ने कहा कि उन्होंने और मुइज्जू ने रक्षा और सुरक्षा सहयोग के विभिन्न पहलुओं पर व्यापक चर्चा की है। 'हम मालदीव के राष्ट्रीय रक्षा बलों के प्रशिक्षण और क्षमता निर्माण में अपना सहयोग जारी रखेंगे।' भारत का चीन को संदेश मालदीव में अपनी गतिविधियां बढ़ा रहे चीन को भी भारत ने संदेश दे दिया है। पीएम मोदी ने कहा, 'हम हाइड्रोग्राफी और आपदा प्रतिक्रिया में अपना सहयोग बढ़ाएंगे।' दोनों नेताओं की बैठक के बाद जारी संयुक्त बयान में कहा गया कि नई दिल्ली मालदीव के राष्ट्रीय रक्षा बल की क्षमताओं को बढ़ाने के लिए 'रक्षा प्लेटफार्मों और परिसंपत्तियों के प्रावधान' के साथ-साथ मालदीव सरकार की राष्ट्रीय प्राथमिकताओं के अनुरूप अपनी समुद्री और सुरक्षा आवश्यकताओं को आगे बढ़ाने में माले की सहायता करेगी। भारतीय सैनिकों की वापसी का मामला मुइज्जू ने पिछले साल राष्ट्रपति चुनाव से पहले मालदीव में इंडिया आउट अभियान चलाया था। दरअसल भारत ने मालदीव को डोर्नियर विमान और दो एडवांस लाइट हेलीकॉप्टर दिए थे। इनके संचालन के लिए भारत ने कुछ सैन्य कर्मियों को तैनात किया था। मुइज्जू ने चुनाव में वादा किया था कि वे भारत से अपने सभी सैन्य कर्मियों को वापस बुलाने को कहेंगे। राष्ट्रपति बनने के बाद उन्होंने भारत को इस साल 10 मई तक भारत से अपने सभी सैन्य कर्मियों को वापस बुलाने के लिए कहा, जिसके बाद भारत ने नागरिक कर्मियों की तैनाती की थी। recent visitors 84

प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी के नेतृत्व को हरियाणा और जम्मू-कश्मीर की जनता ने आशीर्वाद दिया: विष्णुदत्त शर्मा

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव एवं भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष व खजुराहो सांसद श्री विष्णुदत्त शर्मा ने हरियाणा विधानसभा चुनाव में भाजपा की लगातार तीसरी बार ऐतिहासिक विजय और जम्मू-कश्मीर में पार्टी के अच्छे प्रदर्शन पर पार्टी के शीर्ष नेतृत्व का आभार जताते हुए हरियाणा एवं जम्मू-कश्मीर के कार्यकर्ताओं को बधाई दी है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी की कार्यपद्धति से हरियाणा में तीसरी बार भाजपा की सरकार बन रही है। असल में यह विधानसभा चुनाव कांग्रेस का नहीं, राहुल गांधी के फेल होने का चुनाव था। भाजपा प्रदेश अध्यक्ष व खजुराहो सांसद श्री विष्णुदत्त शर्मा ने कहा प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी के नेतृत्व को हरियाणा और जम्मू-कश्मीर की जनता ने अपना आशीर्वाद दिया है। हरियाणा में भाजपा की जीत और जम्मू-कश्मीर में पार्टी के बेहतर प्रदर्शन ने बता दिया कि जनता प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी के साथ है। भाजपा प्रदेश अध्यक्ष व सांसद श्री शर्मा ने भाजपा प्रदेश कार्यालय में कार्यकर्ताओं का मुंह मीठा कराने के साथ आतिशबाजी कर जश्न मनाया। जनता विकास को पसंद करती है, भाजपा के विकास कार्यों पर जनता को भरोसा-डॉ. मोहन यादव मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी के नेतृत्व में भाजपा की हरियाणा सरकार ने 10 सालों में बहुत अच्छा कार्य किया है। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी की कार्यपद्धति का ही परिणाम है कि हरियाणा में तीसरी बार भाजपा की सरकार बन रही है। मैं सभी निर्वाचित जनप्रतिनिधियों को बधाई देता हूं। मैंने खुद भी हरियाणा चुनाव प्रचार में पहुंचा था। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि मैंने पहले भी कहा था कि असल में यह चुनाव कांग्रेस का नहीं था, बल्कि राहुल गांधी के फेल होने का था। भाजपा ने विकास के एजेंडे को आगे बढ़ाया है। हम सब मिलकर विकास की बात करते हैं। जनता भी विकास की बात को ही पसंद करती है और इसलिए हरियाणा में कमल खिला है। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी के नेतृत्व में भाजपा द्वारा किए जा रहे विकास कार्यों पर जनता ने भरोसा जताया है। गरीब कल्याण के कार्यों को जनता ने आशीर्वाद दिया है – श्री विष्णुदत्त शर्मा भाजपा प्रदेश अध्यक्ष व सांसद श्री विष्णुदत्त शर्मा ने कहा कि आज का दिन भाजपा के लिए ऐतिहासिक दिन है। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी के नेतृत्व, केंद्रीय गृह मंत्री श्री अमित शाह जी की कुशल रणनीति और भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष श्री जगत प्रकाश नड्डा जी के साथ कार्यकर्ताओं की अथक मेहनत व परिश्रम से यह परिणाम आए हैं। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी के नेतृत्व को जनता ने आशीर्वाद दिया है। भाजपा के बूथ-बूथ के कार्यकर्ताओं ने सजग प्रहरी की तरह कार्य किया, इसी का परिणाम है कि हम हरियाणा में लगातार तीसरी बार सरकार बना रहे हैं। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी के नेतृत्व, केंद्रीय गृह मंत्री श्री अमित शाह जी की कुशल रणनीति और भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष श्री जगत प्रकाश नड्डा जी के साथ कार्यकर्ताओं की अथक मेहनत व परिश्रम से यह परिणाम आए हैं। मैं प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी, केंद्रीय गृह मंत्री श्री अमित शाह जी एवं पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष श्री जगत प्रकाश नड्डा जी का आभार व्यक्त करते हुए मध्यप्रदेश भाजपा के कार्यकर्ताओं की ओर से हरियाणा और जम्मू-कश्मीर के सभी कार्यकर्ताओं व पूरी टीम को बधाई एवं शुभकामनाएं प्रेषित करता हूं। हरियाणा की जनता ने विधानसभा चुनाव में लगातार तीसरी बार भाजपा पर विश्वास व्यक्त किया है। हरियाणा के चुनाव परिणाम और जम्मू-कश्मीर में भाजपा के अच्छे प्रदर्शन से स्पष्ट हो गया कि जनता ने प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी के करीब कल्याण के कार्यों को अपना आशीर्वाद दिया है। देश की जनता प्रधानमंत्री जी के साथ है।   प्रदेश कार्यालय में मुंह मीठा कर की गई आतिशबाजी हरियाणा में भाजपा की ऐतिहासिक विजय और जम्मू-कश्मीर में पार्टी के अच्छे प्रदर्शन पर भाजपा प्रदेश कार्यालय में आतिशबाजी कर जश्न मनाया गया। भाजपा प्रदेश अध्यक्ष श्री शर्मा ने कार्यकर्ताओं का मुंह मीठा कराया। कार्यकर्ताओं ने एक-दूसरे को पार्टी के शानदार प्रदर्शन पर बधाई दी। इस अवसर पर वरिष्ठ नेता श्री शैलेन्द्र शर्मा, प्रदेश मंत्री श्री रजनीश अग्रवाल, प्रदेश कार्यालय मंत्री डॉ. राघवेन्द्र शर्मा एवं प्रदेश प्रवक्ता श्री अजय धवले सहित कार्यकर्ता उपस्थित रहे। recent visitors 89

संवैधानिक पद पर प्रधानमंत्री Modi के 23 साल हुए पूरे अमित शाह ने दी बधाई

भोपाल संवैधानिक पद पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 23 साल पूरे होने पर उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और  CM मोहन यादव व उत्तराखंड के सीएम पुष्कर सिंह धामी ने उन्हें बधाई दी। सीएम योगी ने कहा कि मुख्यमंत्री और प्रधानमंत्री के रूप में बिना थके, बिना रुके, बिना डिगे आपकी 23 वर्षों की लोक साधना में आस्था, अस्मिता, आधुनिकता, अंत्योदय और अर्थव्यवस्था को संरक्षण और संवर्धन मिलने के साथ ही हर स्तर पर वंचित को वरीयता प्राप्त हुई है। मां भारती को परम वैभव तक ले जाने का मार्ग प्रशस्त करते 23 वर्षों की यशस्वी यात्रा के लिए प्रधानमंत्री को हार्दिक बधाई। बता दें कि नरेंद्र मोदी 7 अक्टूबर 2001 को पहली बार गुजरात के मुख्यमंत्री बने थे। वह 13 साल तक गुजरात के सीएम रहे। साल 2014 में लोकसभा का चुनाव जीतने के बाद नरेंद्र मोदी देश के प्रधानमंत्री बने। इसी साल 2024 में हुए लोकसभा चुनाव में तीसरी बार चुनाव जीतकर नरेंद्र मोदी लगातार तीसरी बार प्रधानमंत्री बने हैं। सीएम योगी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा, ”विकसित भारत-आत्मनिर्भर भारत’ के स्वप्नदृष्टा, 140 करोड़ देश वासियों की सुख, शांति और समृद्धि के लिए अविराम साधनारत प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मां भारती की सेवा और लोक-कल्याण को समर्पित गौरवशाली 23 वर्ष आज पूर्ण हो गए हैं। मुख्यमंत्री व प्रधानमंत्री के रूप में बिना थके, बिना रुके, बिना डिगे आपकी 23 वर्षों की लोक साधना में आस्था, अस्मिता, आधुनिकता, अंत्योदय और अर्थव्यवस्था को संरक्षण और संवर्धन मिलने के साथ ही हर स्तर पर वंचित को वरीयता प्राप्त हुई है। उनकी प्रत्येक नीति और हर योजना ने वंचितों और गरीबों के समग्र उत्थान को नए आयाम प्रदान किए हैं।” उन्होंने आगे लिखा,”स्वामी समर्थ रामदास की ‘उपभोग शून्य स्वामी’ की संकल्पना और चाणक्य नीति सूत्र के ‘राजा प्रथमोसेवक’ की परिभाषा को साकार कर रहे प्रधानमंत्री जी के कुशल नेतृत्व में ‘नया भारत’ आज वैश्विक महाशक्ति बनने के मार्ग पर सतत अग्रसर है। वे सच्चे अर्थों में आधुनिक भारत में ‘सांस्कृतिक राष्ट्रवाद’ के वास्तुकार हैं। उनका जीवन लोकतंत्र की जीवंत पाठशाला है। सेवा, सुशासन और सुरक्षा को समर्पित प्रधानमंत्री जी के प्रेरणादायक 23 वर्ष हर जनप्रतिनिधि के लिए उत्कृष्ट मार्गदर्शक और पाथेय हैं। मां भारती को परम वैभव तक ले जाने का मार्ग प्रशस्त करते 23 वर्षों की यशस्वी यात्रा के लिए प्रधानमंत्री जी को हार्दिक बधाई।” सीएम धामी ने एक्स पोस्ट पर लिखा, ”आज प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सार्वजनिक जीवन में मुख्यमंत्री और प्रधानमंत्री के रूप में 23 वर्षों की यात्रा पूरी हुई है। इस समयावधि के दौरान मुख्यमंत्री के रूप में उनके दृष्टिकोण और प्रधानमंत्री के रूप में जन कल्याणकारी निर्णयों से करोड़ों देशवासियों के जीवन में सकारात्मक परिवर्तन आया है। आपके सशक्त नेतृत्व में हमने न केवल आर्थिक विकास के नए आयाम देखे हैं अपितु सामाजिक समरसता और राष्ट्रीय सुरक्षा के क्षेत्र में राष्ट्र ने नए सोपान गढ़े हैं। मुझे विश्वास है कि आपके दिखाए मार्ग पर चलते हुए हमारा देश ‘विकसित राष्ट्र’ की संकल्पना को अवश्य साकार करेगा।”     recent visitors 88

ईरानी राजदूत ने कहा कि उनके देश और इजराइल के बीच तनाव को सिर्फ भारत ही कम करवा सकता है

 नई दिल्ली ईरान द्वारा इजरायल पर 200 मिसाइलों से हमला करने के बाद पश्चिम एशिया में ना सिर्फ भारी तनाव पसरा हुआ है बल्कि बड़े पैमाने पर भयानक युद्ध की आशंका भी घर कर रही है। इस बीच, भारत में ईरान के राजदूत इराज इलाही ने क्षेत्र में स्थिरता और शांति की बहाली कराने में भारत से हस्तक्षेप करने की मांग की है। ईरानी राजदूत ने कहा, "भारत को इस अवसर का लाभ उठाकर इजरायल को क्षेत्र में अपनी आक्रामकता रोकने और शांति और स्थिरता कायम करने के लिए राजी करना चाहिए।" ईरानी राजदूत ने कहा कि उनके देश और इजराइल के बीच तनाव को सिर्फ भारत ही कम करवा सकता है। बता दें कि भारत के दोनों देशों से मधुर और मैत्रीपूर्ण संबंध हैं। यही वजह है कि ईरानी राजनयिक भारत सरकार से पश्चिम एशिया संकट में शामिल सभी पक्षों से तनाव कम करने और कूटनीति और बातचीत के माध्यम से मुद्दों को हल करने का आग्रह कर रहे हैं। हाल ही में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू से बात की थी, जब इजरायली सेना ने हिज्बुल्लाह आतंकियों के खिलाफ अपने उत्तरी पड़ोसी लेबनान में संघर्ष के लिए एक नया मोर्चा खोला था। प्रधानमंत्री मोदी ने तब दो टूक शब्दों में कहा था कि दुनिया में आतंकवाद के लिए कोई स्थान नहीं होना चाहिए। NDTV को दिए एक इंटरव्यू में ईरानी राजदूत ने यह भी कहा कि अगर इजरायल रुकता है, तभी हम भी रुकेंगे। उन्होंने आगे कहा, “ईरान युद्ध नहीं चाहता है। हम क्षेत्र में शांति चाहते हैं, लेकिन यदि हमारी राष्ट्रीय सुरक्षा पर कोई आंच आती है, तो हमारे पास जवाबी कार्रवाई करने के अलावा कोई विकल्प नहीं बचता है, और हमने ठीक यही किया भी है।” ईरानी राजदूत ने कहा कि मंगलवार (01 अक्तूबर) को इजरायल पर बैलिस्टिक मिसाइल से किए गए हमले बदले की कार्रवाई का रणनीतिक हिस्सा था। उन्होंने कहा, "यह ईरान की धरती पर हमास प्रमुख इस्माइल हनीयेह की हत्या के जवाब में किया गया पलटवार था। वह हमारे राजकीय अतिथि थे और हमारे देश में इजरायल द्वारा उनकी हत्या कर दी गईी। यह एक राष्ट्रीय सुरक्षा का मुद्दा है और हमारे संविधान के अनुसार, हमें इस तरह के मुद्दे से जवाबी प्रतिक्रिया के साथ निपटना होगा।" ईरानी राजदूत ने यह स्पष्ट किया कि मिसाइल हमला हिजबुल्लाह प्रमुख हसन नसरल्लाह की हत्या के लिए नहीं किया गया था। उन्होंने कहा, "यहां मुद्दा उलझाया जा रहा है। इजरायल के प्रति हमारी जवाबी कार्रवाई केवल इस्माइल हनीयेह की हत्या के लिए थी, हिजबुल्लाह प्रमुख हसन नसरल्लाह के लिए नहीं। हिजबुल्लाह खुद का ख्याल रख सकता है।" बता दें कि रूस-यूक्रेन जंग में यूक्रेनी राष्ट्रपति वोलोदिमीर जेलेंस्की ने भी पीएम मोदी से रूस को मनाने और युद्धविराम कराने की गुजारिश की थी। इसके बाद राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजित डोवाल कीव की यात्रा पर गए थे। recent visitors 74