Tuesday, July 7, 2026 12:53 pm

स्पीकर ओम बिरला का बड़ा बयान, ‘मैंने पीएम मोदी से आग्रह किया था कि न आएं, कुछ भी हो सकता था’

नई दिल्ली  संसद के इतिहास में शायद यह पहली बार हुआ है जब लोकसभा अध्यक्ष ने खुद यह स्वीकार किया है कि देश के प्रधानमंत्री की सुरक्षा और सम्मान को सदन के भीतर ही खतरा था. लोकसभा स्पीकर ओम बिरला ने गुरुवार को एक बेहद गंभीर और चौंकाने वाला खुलासा करते हुए बताया कि उन्होंने ही कल (बुधवार) प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को सदन में आने से रोका था. बिरला ने आशंका जताई कि अगर पीएम मोदी कल सदन में आते, तो उनके साथ कोई “अप्रत्याशित और अप्रिय घटना” घट सकती थी. स्पीकर ओम बिरला ने बताया कि उन्हें खुफिया जानकारी और सदन के भीतर के हालात से यह इनपुट मिला था कि कांग्रेस के सांसद प्रधानमंत्री के आसन (कुर्सी) तक जाकर हंगामा करने और किसी अनहोनी को अंजाम देने की योजना बना रहे हैं. उन्होंने कहा, “मेरे पास जानकारी आई कि कांग्रेस के सांसद पीएम के आसन पर जाकर अप्रत्याशित घटना कर सकते थे. मुझे डर था कि प्रधानमंत्री के साथ कुछ भी हो सकता है. अगर वह घटना हो जाती, तो वह बेहद अप्रिय होती और लोकतंत्र के लिए काला दिन साबित होती.” ‘मैंने पीएम से आग्रह किया: आप मत आइए’ ओम बिरला ने बताया कि स्थिति की गंभीरता को भांपते हुए उन्होंने तुरंत हस्तक्षेप किया. उन्होंने कहा, “इस संभावित खतरे और टकराव को टालने के लिए मैंने खुद पीएम से आग्रह किया कि वो सदन में न आएं.” बता दें क‍ि बुधवार शाम को विपक्ष की महिला सांसदों ने पीएम मोदी की खाली कुर्सी को घेर लिया था, जिसके बाद बीजेपी ने आरोप लगाया था कि विपक्ष पीएम पर ‘हमला’ करना चाहता था. अब स्पीकर के इस बयान ने बीजेपी के उन आरोपों की पुष्टि कर दी है कि कल सदन के भीतर का माहौल प्रधानमंत्री की सुरक्षा के लिहाज से सामान्य नहीं था. बीजेपी ने पूछा- क्‍या पीएम पर हमला करने का इरादा था ? बीजेपी सांसद मनोज तिवारी और बृजमोहन अग्रवाल ने विपक्ष पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सुरक्षा में सेंध लगाने और उन पर ‘हमला’ करने की साजिश का बेहद गंभीर आरोप लगाया था. मनोज तिवारी ने तीखा सवाल किया कि विपक्षी सांसद हार की बौखलाहट में पीएम की कुर्सी तक क्यों आए? क्या इनका इरादा पीएम पर हमला करना था? वहीं, बृजमोहन अग्रवाल ने इसे कांग्रेस की ‘प्री-प्लान’ साजिश करार दिया. उन्होंने कहा कि महिला सांसदों को ढाल बनाकर पीएम को घेरना और भाषण से रोकना न केवल सुरक्षा से खिलवाड़ है, बल्कि पूरे सदन की अवमानना है, जिस पर कड़ी कार्रवाई होनी चाहिए. recent visitors 27

आज लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला जनजातीय महिलाओं को सिखायेंगे संसदीय शासन प्रणाली

नई दिल्ली संविधान सदन के केन्द्रीय कक्ष में सोमवार को "पंचायत से पार्लियामेंट 2.0" कार्यक्रम में 22 राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों की पंचायती राज संस्थाओं से अनुसूचित जनजाति की 502 महिला प्रतिनिधि शामिल होंगी। लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला संविधान सदन के केन्द्रीय कक्ष में आयोजित किए जा रहे इस एक दिवसीय कार्यक्रम का उद्घाटन करेंगे और प्रतिनिधियों को संबोधित करेंगे। कार्यक्रम का उद्देश्य अनुसूचित जनजाति की निर्वाचित महिला प्रतिनिधियों को संवैधानिक प्रावधानों, संसदीय प्रक्रियाओं और शासन व्यवस्था की गहन जानकारी प्रदान करना है। श्री बिरला के नेतृत्व में सभी प्रतिनिधि भारत के संविधान की प्रस्तावना का पाठ करेंगे। केंद्रीय महिला एवं बाल विकास मंत्री अन्नपूर्णा देवी, राष्ट्रीय महिला आयोग की अध्यक्ष विजया रहाटकर और अन्य गणमान्य व्यक्ति इस अवसर पर उपस्थित रहेंगे। लोकसभा के महासचिव उत्पल कुमार सिंह स्वागत भाषण देंगे। केंद्रीय जनजातीय कार्य मंत्री जुएल ओराम दूसरे सत्र को संबोधित करेंगे। भगवान बिरसा मुंडा की 150वीं जयंती के उपलक्ष्य में आयोजित इस कार्यक्रम में कार्यशाला और सत्र आयोजित किए जाएंगे तथा प्रतिभागियों को नए संसद भवन, संविधान सदन, प्रधानमंत्री संग्रहालय और राष्ट्रपति भवन ले जाया जाएगा ताकि उन्हें भारत की विधायी प्रक्रिया और लोकतांत्रिक संस्थाओं के कामकाज की गहन जानकारी प्राप्त हो। इस कार्यक्रम में 22 राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों की अनुसूचित जनजातियों की 502 निर्वाचित महिला प्रतिनिधि शामिल होंगी जिससे एक विविध और समावेशी समूह के बीच जानकारी का आदान-प्रदान होगा। इस कार्यक्रम का उद्देश्य पंचायती राज संस्थाओं में निर्वाचित अनुसूचित जनजातियों की महिला प्रतिनिधियों को सशक्त बनाना तथा प्रभावी नेतृत्व को बढ़ावा देने के लिए उन्हें संवैधानिक प्रावधानों, संसदीय प्रक्रियाओं और शासन व्यवस्था के बारे में गहन जानकारी प्रदान करना है। इस कार्यक्रम के आयोजन के पीछे एक अन्य उद्देश्य शिक्षा, ग्रामीण विकास आदि जैसे विविध क्षेत्रों में अनुसूचित जनजाति की महिला प्रतिनिधियों द्वारा किए गए अच्छे कार्यों को मान्यता देना भी है । प्रतिभागियों के लिए परस्पर संवादपरक कार्यशालाएँ और सत्रों का आयोजन किया जाएगा जिनका संचालन सुविख्यात विशेषज्ञों और संसद सदस्यों द्वारा किया जाएगा। ये सत्र निम्नलिखित प्रमुख क्षेत्रों पर आधारित होंगे :- (1) महिलाओं से संबंधित संवैधानिक प्रावधान, जिसमें 73वें संशोधन – पंचायत उपबंध (अनुसूचित क्षेत्रों पर विस्तार) अधिनियम (पेसा अधिनियम) पर विशेष रूप से बल दिया जाएगा। (2) जनजातीय मुद्दों से संबंधित केंद्र सरकार की योजनाएँ और कार्यक्रम। इस कार्यक्रम का आयोजन "पंचायत से संसद 2024" के क्रम में किया जा रहा है, जिसमें पूरे भारत से 500 महिला सरपंच शामिल हुई थीं। कार्यक्रम के दूसरे संस्करण, पंचायत से पार्लियामेंट 2.0 का उद्देश्य, अब तक हुई प्रगति को आगे बढ़ाना तथा विशेष रूप से ग्रामीण और जनजातीय समुदायों की महिलाओं की नेतृत्व क्षमता को और सशक्त करना है।   recent visitors 60

ओम बिरला ने कहा सदन की गरिमा बनाए रखें, संसद भवन के द्वार पर धरना-प्रदर्शन करने पर लगाया प्रतिबंध

नई दिल्ली लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने शुक्रवार को सदन में एक अहम घोषणा की। उन्होंने कहा कि कोई भी राजनीतिक दल, संसद सदस्य या सदस्यों का समूह संसद भवन के द्वार पर धरना या प्रदर्शन आयोजित नहीं करेगा। उन्होंने यह भी कहा कि संसद भवन का परिसर और उसकी प्रतिष्ठित संस्था की गरिमा को बनाए रखना सभी सांसदों की सामूहिक जिम्मेदारी है। ओम बिरला ने कहा कि संसद क्षेत्र में किसी भी दरवाजे पर धरना-प्रदर्शन करना सही नहीं है। अगर कोई सदस्य या समूह ऐसा करता है, तो इसका असर उनकी प्रतिष्ठा पर पड़ेगा और उनके खिलाफ कार्रवाई की जा सकती है। इस प्रकार की गतिविधियों से सदन की कार्यवाही और संसद की गरिमा को नुकसान पहुंचता है, जिससे लोकतंत्र की असल भावना प्रभावित होती है। उन्होंने सांसदों ने आग्रह किया कि वह सदन की गरिमा बनाए रखें और संसद भवन के भीतर या उसके आसपास किसी भी प्रकार के प्रदर्शन से बचें। उन्होंने सांसदों की जिम्मेदारी की ओर ध्यान दिलाते हुए कहा कि संसद लोकतंत्र का सबसे महत्वपूर्ण मंदिर है, और इसे हर किसी को आदर देना चाहिए। दरअसल, गुरुवार को संसद भवन परिसर में हुए विरोध-प्रदर्शन के दौरान भाजपा के दो सांसद प्रताप सारंगी और मुकेश राजपूत सीढ़ियों से गिरकर चोटिल हो गए थे। भाजपा सांसदों का आरोप है कि कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने उन्हें धक्का दिया, जिसके बाद वह गिर गए और घायल हो गए। हालांकि, कांग्रेस ने इन आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया। इस घटना पर भाजपा नेताओं ने कड़ी प्रतिक्रिया जाहिर की थी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने दोनों चोटिल सांसदों का हालचाल भी जाना था। धक्का-मुक्की कांड पर कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी ने कहा था कि राहुल गांधी बीआर अंबेडकर की फोटो लेकर शांति पूर्वक ‘जय भीम’ के नारे लगाते हुए संसद में जा रहे थे। संसद में जाने से किसने रोका? हम इतने दिनों से साइड में प्रदर्शन कर रहे हैं। जो भी आ रहा है, जा रहा है, उसके लिए पूरा रास्ता है। इन्होंने पहली बार प्रदर्शन किया और सबको रोक दिया, धक्का-मुक्की और गुंडागर्दी की। अमित शाह को बचाने के लिए यह साजिश हुई है। बता दें कि संसद भवन परिसर में इंडिया ब्लॉक के नेता केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह द्वारा बाबा साहेब अंबेडकर के संदर्भ में की गई टिप्पणी को लेकर विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं। प्रदर्शनकारी नेता अमित शाह का इस्तीफा मांग रहे हैं। यह विरोध प्रदर्शन डॉ अंबेडकर की प्रतिमा से लेकर मकर द्वार तक किया जा रहा है।   recent visitors 65

लोकसभा अध्यक्ष ने संसद परिसर में कांग्रेस और उसके सहयोगी दलों के विरोध प्रदर्शन के तौर-तरीकों को अशोभनीय बताया

नई दिल्ली लोकसभा में विभिन्न मुद्दों पर विपक्षी सदस्यों के शोर-शराबे के कारण मंगलवार को भी प्रश्नकाल और शून्यकाल नहीं चल सका और कार्यवाही एक बार के स्थगन के बाद दोपहर करीब 12.17 बजे दिनभर के लिए स्थगित कर दी गई। लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने संसद परिसर में कांग्रेस और उसके सहयोगी दलों के विरोध प्रदर्शन के तौर-तरीकों को अशोभनीय तथा प्रतिपक्ष के बड़े नेताओं के आचरण को संसदीय परंपराओं को प्रतिकूल बताया और कहा कि सभी को संसद की गरिमा, मर्यादा और प्रतिष्ठा को बनाए रखना चाहिए। बिरला ने लोकसभा की कार्यवाही पूर्वाह्न 11 बजे शुरू होने पर इस विषय का उल्लेख किया और अफसोस जताया। इस दौरान विपक्षी दलों के सदस्यों ने अपने मुद्दे उठाने का प्रयास करते हुए हंगामा किया जिसके चलते सदन की कार्यवाही आरंभ होने के करीब पांच मिनट बाद दोपहर 12 बजे तक के लिए स्थगित कर दी गई। दोपहर 12 बजे सदन की बैठक पुन: शुरू होने पर पीठासीन सभापति दिलीप सैकिया ने आवश्यक कागजात सदन के पटल पर प्रस्तुत कराए। केंद्रीय पत्तन, पोत परिवहन और जलमार्ग मंत्री सर्वानंद सोनोवाल ने ‘वाणिज्य पोत परिवहन विधेयक, 2024' हंगामे के बीच ही प्रस्तुत किया। सैकिया ने विपक्ष के सदस्यों से कार्यवाही चलने देने का आग्रह करते हुए कहा, ‘‘आपके कारण सदन नहीं चल रहा, ऐसा संदेश नहीं जाना चाहिए।'' संसदीय कार्य मंत्री किरेन रीजीजू ने कांग्रेस को आड़े हाथ लेते हुए कहा, ‘‘आपके शर्मनाक व्यवहार की वजह से सदन की गरिमा को ठेस पहुंची है, इसके लिए आपको माफी मांगनी चाहिए।'' उन्होंने कहा कि कांग्रेस के अमेरिकी कारोबारी जॉर्ज सोरोस और देश विरोधी ताकतों से क्या रिश्ते हैं, पता चलना चाहिए और इसके लिए विपक्षी दल को सदन में माफी मांगनी चाहिए। रीजीजू ने कांग्रेस और विपक्ष के विरोध प्रदर्शन के तरीके पर आपत्ति जताते हुए कहा कि ये लोग जॉर्ज सोरोस के साथ तालमेल करके देश के खिलाफ काम करते हैं और रग-बिरंगे पहनकर आपत्तिजनक बातें करते हैं।.पीठासीन सभापति सैकिया ने आसन के समीप हंगामा कर रहे विपक्षी सदस्यों से अपने स्थान पर जाने और कार्यवाही चलने देने की अपील की। जिसका कोई असर नहीं होने पर उन्होंने कार्यवाही करीब 12 बजकर 17 मिनट पर बुधवार पूर्वाह्न 11 बजे तक स्थगित कर दी। गौरतलब है कि भाजपा पिछले कुछ दिन से कांग्रेस, पार्टी नेता सोनिया गांधी और राहुल गांधी पर सोरोस के साथ देश की सरकार, संसद और अर्थव्यवस्था को अस्थिर करने के लिए काम करने का आरोप लगा रही है। इससे पहले लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने विपक्षी दलों द्वारा संसद परिसर में विरोध प्रदर्शन किए जाने का उल्लेख सदन में किया और क्षोभ जताया। एक दिन पहले ही नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और उद्योगपति गौतम अदाणी का मुखौटा पहने दो कांग्रेस सांसदों का प्रतीकात्मक साक्षात्कार करते हुए सरकार एवं प्रधानमंत्री पर निशाना साधा था। कांग्रेस सांसद शिवाजी कलगे ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और मणिकम टैगोर ने उद्योगपति गौतम अदाणी का मुखौटा पहन रखा था। पार्टी नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के खिलाफ भाजपा के कुछ नेताओं के आरोपों से जुड़े मुद्दे उठाने का भी प्रयास कर रही है। कांग्रेस तथा कई अन्य विपक्षी दल अदाणी मामले को लेकर संसद परिसर में पिछले कई दिनों से प्रदर्शन कर रहे हैं। विपक्ष का हंगामा अशोभनीय-  ओम बिरला बिरला ने मंलगवार को सदन में कहा, ‘‘संसद एक पवित्र स्थल है और इस भवन की उच्च गरिमा, प्रतिष्ठा और मर्यादा है। इसी भवन में हमने आजादी प्राप्त की है। यह दुनिया के सबसे बड़े लोकतंत्र की सर्वोच्च प्रतिनिधि संस्था है। इस संस्था में लोगों की अपेक्षाओं और आकांक्षाओं को पूरा किया जाता है। सहमति-असहमति हमारे लोकतंत्र की परंपरा रही है, जो संविधान बनते समय भी हमने अभिव्यक्त की थी।'' उन्होंने कहा, ‘‘पिछले कुछ दिनों से मैं देख रहा हूं कि संसद परिसर में जिस प्रकार के प्रदर्शन किए जा रहे हैं, जिस प्रकार के नारे, पोस्टर और मुखौटों का उपयोग किया जा रहा है, वह न सिर्फ अशोभनीय है, बल्कि हमारी नियम प्रक्रियाओं और संसदीय परंपराओं के अनुरूप भी नहीं है।'' अध्यक्ष को सत्तापक्ष का भी नाम लेना चाहिए- कांग्रेस बिरला ने कहा, ‘‘मुझे बहुत अफसोस के साथ कहना पड़ रहा है कि इसमें प्रतिपक्ष के बड़े नेताओं का आचरण-व्यवहार भी संसदीय व्यवहार के अनुकूल नहीं है।'' इस पर कांग्रेस और कुछ विपक्षी दलों के सदस्यों ने टोका-टोकी करते हुए कहा कि अध्यक्ष को सत्तापक्ष का भी नाम लेना चाहिए। इस पर बिरला ने कहा कि चाहे सत्तापक्ष हो या प्रतिपक्ष हो, सभी दलों के लोग संसद की गरिमा, परंपरा, मर्यादा और प्रतिष्ठा को बनाए रखें। उन्होंने कहा, ‘‘मर्यादित आचरण रखेंगे तो जनता में सकारात्मक संदेश जाएगा। इस लोकतंत्र के मंदिर के प्रति लोगों की बहुत गहरी आस्था और विश्वास है। आजादी के 75 वर्ष में हमने यहां चर्चा, संवाद और तीखी आलोचना देखी है। यह यहां की परंपराएं रही हैं।'' बिरला ने सदस्यों से अपील की, ‘‘आप सकारात्मक सहयोग करें। जो मुद्दे हैं उन पर आप आकर चर्चा करें। सत्तापक्ष से प्रतिपक्ष के लोग बैठकर चर्चा करें, सदन को चलाने का प्रयास करें।'' recent visitors 54

ओम बिरला ने महाभक्ति यज्ञ में डाली आहुति, राजस्थान-भीलवाड़ा में भगवान देवनारायण की जन्मस्थली पर 500 ड्रोन का मेगा शो

भीलवाड़ा. भीलवाड़ा जिले के आसींद उपखंड स्थित भगवान श्री देवनारायण जी की जन्मस्थली मालासेरी डूंगरी पर रविवार देर सायं को महाभक्ति कार्यक्रम का आयोजन हुआ। इस अवसर पर लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने भगवान देवनारायण के दर्शन किए और मंदिर में आयोजित यज्ञ में आहुति दी। कार्यक्रम का आयोजन मुंबई की श्री जालवाला नाथ फाउंडेशन द्वारा किया गया इसमें लोकसभा अध्यक्ष के साथ दक्षिण दिल्ली सांसद राजवीर विधूड़ी, केंद्रीय कृषि राज्य मंत्री भागीरथ चैधरी, राजस्थान के गृह राज्य मंत्री जवाहर सिंह बेढ़म, और कई अन्य मंत्री व विधायक उपस्थित रहे। इस भव्य आयोजन में राजस्थान, मुंबई, गुजरात, और दिल्ली से भारी संख्या में श्रद्धालु शामिल हुए। कार्यक्रम की खासियत शाम को आयोजित किया गया प्रदेश का पहला 500 ड्रोन का मेगा शो रहा। इस शो में भगवान देवनारायण के अवतरण की आकृतियां आसमान में बनाईं गईं, जो भक्तों के लिए एक अद्वितीय दृश्य अनुभव था। भगवान देवनारायण के दर्शन के बाद इस दौरान आयोजित सभा को समारेाह को संबोधित करते हुए लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने कहा कि भगवान देवनारायण ने समाज में समरसता, अध्यात्म और लोक कल्याण का संदेश दिया। उनका जीवन हमें सत्य, सद्भाव, और वचन पालन की प्रेरणा देता है। उनके दर्शन से मनुष्य का कल्याण होता है और सभी को सुख-समृद्धि प्राप्त होती है। बिरला ने अपने संबोधन में भगवान श्री विष्णु के अवतार श्री देवनारायण जी की महिमा का बखान किया। उन्होंने कहा कि मालासेरी डूंगरी, जो भगवान देवनारायण की जन्मस्थली और माता साडू की तपोभूमि है, एक दिव्य स्थान है। यहां आकर अपार हर्ष का अनुभव हुआ। श्री देवनारायण जी की फड़, लोकगीत, और कथाएं हमें सद्मार्ग पर चलने की प्रेरणा देती हैं। इससे पूर्व लोकसभा अध्यक्ष ने मंदिर परिसर में चल रहे यज्ञ में पूर्णाहुति दी और भगवान से सबके कल्याण और समृद्धि की प्रार्थना की। उन्होंने कहा कि यह उनका सौभाग्य है कि उन्हें इस पवित्र स्थान पर आने और भगवान के दर्शन करने का अवसर मिला। बिरला ने कहा, मालासेरी डूंगरी पर आकर मन को शांति और प्रेरणा मिली। भविष्य में यहां लौटकर आने की मेरी इच्छा है। भगवान देवनारायण जी की कृपा से समाज में समरसता और सभी का कल्याण हो। कार्यक्रम में श्रद्धालुओं ने भगवान देवनारायण के प्रति अपनी गहरी आस्था और श्रद्धा व्यक्त की। ड्रोन शो और महाभक्ति कार्यक्रम ने श्रद्धालुओं को अविस्मरणीय अनुभव प्रदान किया। recent visitors 131

नवल सागर झील के किनारे बैठकर विकास को लेकर लोगों से की चर्चा, राजस्थान-बूंदी पहुंचे ओम बिरला

बूंदी. लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने अपने बूंदी प्रवास के दौरान रविवार को नवल सागर झील के किनारे शहरवासियों और प्रबुद्धजनों से मुलाकात कर शहर के समग्र विकास को लेकर चर्चा की। इस दौरान ऊर्जा राज्यमंत्री एवं बूंदी जिला प्रभारी हीरालाल नागर भी उनके साथ उपस्थित थे। बिरला ने बूंदीवासियों को मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराने और पर्यटन को बढ़ाने के लिए हो रहे प्रयासों की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि बालचंदपाड़ा और नाहर का चौहट्टा क्षेत्र में गर्मियों के दौरान बिजली की अनियमित आपूर्ति को देखते हुए ग्रिड सब-स्टेशन का निर्माण करवाया जा रहा है। जमीन आवंटन की प्रक्रिया शीघ्र पूरी होने के बाद इसका कार्य प्रारंभ होगा। उन्होंने पुराने शहर के हैरिटेज लुक को बनाए रखने के लिए झूलते बिजली तारों को भूमिगत करने के निर्देश भी अधिकारियों को दिए। लोकसभा अध्यक्ष ने कहा कि बूंदी शहर पर्यटन के क्षेत्र में अपार संभावनाएं रखता है। रामगढ़ विषधारी टाइगर रिजर्व में जंगल सफारी और बोटिंग जैसी सुविधाओं की शुरुआत की गई है, जिससे यह देश का एक प्रमुख टाइगर रिजर्व बनेगा। उन्होंने कहा कि योजनाबद्ध विकास कार्यों से बूंदी को पर्यटन स्थल के रूप में पहचान दिलाने के लिए हर संभव प्रयास किए जा रहे हैं। बिरला ने कहा कि नवल सागर झील को पर्यटन का प्रमुख आकर्षण बनाने के लिए इसके सौंदर्यीकरण का कार्य तेजी से चल रहा है। झील में गिरने वाले गंदे पानी की समस्या का समाधान करने और कैचमेंट एरिया को पक्का करने के बाद इसे और आकर्षक बनाया जाएगा। उन्होंने कहा कि इन विकास कार्यों से झील देशी-विदेशी पर्यटकों के लिए एक खास आकर्षण बन जाएगी। अपने प्रवास के दौरान लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला और मंत्री हीरालाल नागर ने पूर्व जिला प्रमुख राकेश बोयत के निवास पर पहुंचकर उनकी माता के निधन पर शोक व्यक्त किया और परिवार को सांत्वना देते हुए दुख की इस घड़ी में धैर्य रखने की बात कही। इस दौरान पूर्व विधायक अशोक डोगरा, जिला पुलिस अधीक्षक राजेंद्र कुमार मीणा, नगर परिषद सभापति सरोज अग्रवाल, जिलाध्यक्ष सुरेश अग्रवाल, एडीएम सुदर्शन सिंह तोमर, और अन्य गणमान्य नागरिक एवं अधिकारी उनके साथ उपस्थित रहे। recent visitors 233

आज ओम बिरला का लोकसभा में दिखा चुटीला अंदाज, टीआर बालू से पूछ लिया ऐसा सवाल

नई दिल्ली लोकसभा में मंगलवार को अध्यक्ष ओम बिरला का चुटीला अंदाज देखने को मिला। इस दौरान उन्होंने कुछ नेताओं ने मजाकिया सवाल पूछे, जिससे सदन का माहौल हल्का-फुल्का नजर आया। ओम बिरला ने प्रश्नकाल के दौरान द्रमुक नेता टी आर बालू से चुटीले अंदाज में सवाल किया कि क्या वह उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, मध्य प्रदेश और गुजरात में अपनी पार्टी का विस्तार करना चाहते हैं? उन्होंने यह टिप्पणी उस वक्त की जब बालू ने मनरेगा से जुड़ा पूरक प्रश्न पूछा। असल में टीआर बालू ने इस मुद्दे को उठाते हुए उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, मध्य प्रदेश और गुजरात में मनरेगा का मानदेय कम होने का दावा किया। इस पर लोकसभा अध्यक्ष ने कहा कि क्या बालू जी, उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, मध्य प्रदेश, गुजरात में पार्टी का विस्तार करना चाह रहे हो? गौरतलब है कि टीआर बालू द्रविड़ मुनेत्र कड़गम (डीएमके) पार्टी से सांसद हैं। बीते लोकसभा चुनाव में डीएमके ने तमिलनाडु में 39 में 22 सीटों पर जीत हासिल की है। उनकी पार्टी इंडिया गठबंधन का हिस्सा है। मनरेगा से जुड़े पूरक प्रश्न पूछे जाने के दौरान बिरला ने तृणमूल कांग्रेस के सांसद कल्याण बनर्जी पर भी व्यंग्यात्मक अंदाज में टिप्पणी की। प्रश्नकाल में पूरक प्रश्न पूछने के लिए आसन से नाम पुकारे जाने पर जब बनर्जी खड़े नहीं हुए जो बिरला ने कहाकि थोड़ा कानों को ठीक रखो कल्याण बाबू। इससे पहले मंगलवार को भी सदन की कार्यवाही बाधित रही। विपक्षी गठबंधन के कई घटक दलों के सांसदों ने अदाणी समूह से जुड़े मुद्दे को लेकर मंगलवार को संसद परिसर में विरोध प्रदर्शन किया। साथ ही मामले की जांच के लिए संयुक्त संसदीय समिति (जेपीसी) के गठन की मांग दोहराई। कांग्रेस, आम आदमी पार्टी, राष्ट्रीय जनता दल (राजद), शिवसेना (उबाठा), द्रमुक और वाम दलों सहित अन्य सांसदों ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के खिलाफ नारे लगाए और जवाबदेही की मांग की। लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी, आप के संजय सिंह, राजद की मीसा भारती और शिवसेना (यूबीटी) के अरविंद सावंत ने संसद भवन के ‘मकर द्वार’ पर आयोजित प्रदर्शन में भाग लिया। recent visitors 56

ओम बिरला ने सदन में खड़े होने के तौर-तरीकों को लेकर कांग्रेस के सचेतक मणिकम टैगोर को फटकार लगाई

नई दिल्ली लोकसभा के अंदर सांसदों के तौर-तरीके और व्यवहार से नाराज लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने शुक्रवार को सदन में खड़े होने के तौर-तरीकों को लेकर कांग्रेस के सचेतक मणिकम टैगोर को फटकार लगाई। दोनों के बीच सदन में इसे लेकर बहस भी हुई है। दरअसल, शुक्रवार को लोकसभा में प्रश्नकाल की कार्यवाही के दौरान जब केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा एक सवाल का जवाब दे रहे थे, उस समय मणिकम टैगोर विपक्षी बेंच की तरफ अपनी सीट से पीछे जाकर खड़े होकर एक सांसद के साथ बातें कर रहे थे और उस समय उनकी पीठ लोकसभा अध्यक्ष के आसन की तरफ थी। स्पीकर बिरला की नजर जैसे ही उस तरफ गई, उन्होंने जवाब दे रहे जेपी नड्डा को रोककर कांग्रेस के सचेतक मणिकम टैगोर को फटकार लगाते हुए कहा, "आप पीठ पीछे करके मत खड़े हुआ करिए।" कांग्रेस सांसद ने भी जवाब में बहस करते हुए यह पूछ लिया, "कैसे खड़े होना है?" उनके जवाब पर नाराजगी जाहिर करते हुए लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने कहा, "मैं वह ट्रेनिंग भी आपको दे दूंगा।" आपको याद दिला दें कि, इससे पहले 30 जुलाई को सदन की कार्यवाही के दौरान स्पीकर बिरला विपक्ष के नेता राहुल गांधी को भी आसन (लोकसभा अध्यक्ष की चेयर) की तरफ पीठ नहीं करने की नसीहत दे चुके हैं। recent visitors 89