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रिपोर्ट के अनुसार, 2024 में कुल 790 पाकिस्तानी नागरिक विस्फोटों में मारे गए

कराची आतंकवाद का पर्याय बन चुका पाकिस्तान हाल के दिनों में खुद भी धमाकों से दहल रहा है। एक रिपोर्ट के मुताबिक, साल 2024 में पाकिस्तान विस्फोटक हथियारों से नागरिकों को नुकसान पहुंचने के मामले में दुनिया का सातवां सबसे अधिक प्रभावित देश बन गया। ब्रिटेन स्थित एक गैर सरकारी संगठन एक्शन ऑन आर्म्ड वायलेंस (AOAV) द्वारा  जारी की गई रिपोर्ट में यह चौंकाने वाला खुलासा किया गया है। रिपोर्ट के अनुसार, 2024 में कुल 790 पाकिस्तानी नागरिक इन विस्फोटों में मारे गए। उस साल वहां 248 ऐसे वारदात हुए, जो कि 2023 की तुलना में 11% अधिक है। रिपोर्ट में बताया गया है कि इन घटनाओं में बलूचिस्तान लिबरेशन आर्मी (BLA) का प्रमुख हाथ है। बीएलए ने अकेले 119 नागरिकों को नुकसान पहुंचाया। रिपोर्ट के मुताबिक, BLA द्वारा की जाने वाली हिंसा में 440% की वृद्धि देखी गई। 2023 में 22 घटनाओं के मुकाबले 2024 में 119 नागरिक प्रभावित हुए। रिपोर्ट के अनुसार, 2024 में पाकिस्तान में हुए सभी आत्मघाती हमलों के पीछे BLA ने प्रमुख भूमिका निभाई। 2024 में पाकिस्तान में 2014 के बाद सबसे अधिक 248 घटनाएं दर्ज की गईं। 2018 के बाद दूसरा सबसे बड़ा साल रहा जिसमें नागरिकों की अधिक मौत हुई। 2015 के बाद दूसरे सबसे ज्यादा सशस्त्र बल के सदस्य मारे गए हुए। रिपोर्ट में गंभीर चिंता जताई गई है कि पाकिस्तान में आतंकी गतिविधियों और बीएलए की सक्रियता न केवल स्थानीय शांति के लिए खतरा है, बल्कि क्षेत्रीय अस्थिरता को भी बढ़ावा दे रही है। विशेष रूप से बलूचिस्तान और खैबर पख्तूनख्वा जैसे क्षेत्रों में बढ़ती हिंसा और आत्मघाती हमलों ने सुरक्षा बलों और आम नागरिकों दोनों को निशाना बनाया है। Pushpendra“माय सीक्रेट न्यूज़” यह एक ऑनलाइन वेबसाइट है, जो आपको देश – दुनिया और आपके आसपास की हर छोटी-बड़ी खबरों को आप तक पहुंचाती है। इस वेबसाइट का संचालन वरिष्ठ पत्रकार पुष्पेन्द्र जी कर रहे हैं। उन्होंने पत्रकारिता में BJC (बेचलर ऑफ़ जर्नलिज्म एंड कम्युनिकेशन) और MJC (मास्टर ऑफ़ जर्नलिज्म एंड कम्युनिकेशन) की डिग्री 2011 में हरिसिंह गौर केंद्रीय विश्वविद्यालय सागर मप्र से हासिल की है। उन्होंने भोपाल के स्वदेश, राज एक्सप्रेस, राष्ट्रीय हिंदी मेल, सांध्य प्रकाश, नवदुनिया और हरिभूमि जैसे बड़े समाचार पत्र समूहों में काम किया है।  और पढ़ें इस वेबसाइट का संचालन मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल से हो रहा है, जहाँ से प्रदेश की राजनीति से लेकर विकास की योजनाएं तैयार होती हैं।दे श व प्रदेश जिले की ताजा अपडेट्स व राजनीतिक प्रशासनिक खबरों के लिए पढ़ते रहिए हमारी वेबसाइट (my secret news. Com )👈 ✍️ पुष्पेन्द्र , (वरिष्ठ पत्रकार) भोपाल, मप्र  mysecretnews.com recent visitors 12

भारत ने WHO में पाकिस्तान को कड़ा जवाब देते हुए आतंकवाद को बढ़ावा देने में उसकी भूमिका को उजागर किया

नई दिल्ली आतंकवाद से पीड़ित होने का दावा कर रहे पाकिस्तान को भारत ने WHO यानी विश्व स्वास्थ्य संगठन में जमकर सुनाया। भारत ने पड़ोसी मुल्क को पाकिस्तान का 'जन्म देने वाला' बताया है। साथ ही कहा है कि पाकिस्तान आतंकवाद से पीड़ित होने का दिखावा नहीं कर सकता। जवाब दे रहीं IFS यानी भारतीय विदेश सेवा अधिकारी अनुपमा सिंह का वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। क्या बोला भारत भारतीय राजनयिक अनुपमा सिंह ने कहा, 'हमें यह नहीं भूलना चाहिए कि आतंकवाद के प्रायोजक और आयोजक पाकिस्तान की धरती से काम करते हैं। इसके जवाब में भारत ने ऑपरेशन सिंदूर शुरू किया। जो सटीक था और पाकिस्तान के अंदर बने आतंकवादी ढांचे को निशाना बना रहा था।' उन्होंने यह भी कहा, 'पाकिस्तान सिंधु जल समझौते को लेकर भी झूठी कहानियां गढ़ रहा है और मामले को उलझाने की कोशिश कर रहा है।' सिंह ने कहा, 'हमने यह सुनिश्चित करने के लिए भी उपाय किए हैं कि कोई आम नागरिक निशाना ना बने और ना ही घायल हो और सिर्फ पाकिस्तान से प्रशिक्षण हासिल किए आतंकवादी और उनके ठिकाने निशाना बनें।' उन्होंने कहा, ‘एक देश जो आतंकवाद को जन्म देता है, वो पीड़ितों की तरह दिखावा नहीं कर सकता।’ अनुपमा सिंह ने आगे कहा, "हमें यह नहीं भूलना चाहिए कि आतंकवाद के प्रायोजक और आयोजक पाकिस्तानी धरती से काम करते हैं।" इसके जवाब में, भारत ने "ऑपरेशन सिंदूर" शुरू किया। यह ऑपरेशन सटीक था और पाकिस्तान के अंदर आतंकवाद के बुनियादी ढांचे पर केंद्रित था। भारत ने संयम बरतते हुए कहा, "हमने यह सुनिश्चित करने के लिए कदम उठाए कि उनके नागरिकों को निशाना न बनाया जाए और उन्हें नुकसान न पहुंचे। हमने सिर्फ पाकिस्तान में प्रशिक्षित आतंकवादियों और उनके ठिकानों को निशाना बनाया।" कौन हैं अनुपमा सिंह अनुपमा सिंह 9 सालों से IFS में हैं और इससे पहले वह साल 2012 से लेकर 2014 तक KPMG कंपनी में थीं। उन्होंने कंपनी ने कंसल्टेंट के तौर पर शुरुआत की थी और बाद में सीनियर कंसल्टेंट बनीं। उन्होंने साल 2014 में लाल बहादुर शास्त्री नेशनल एकेडमी ऑफ एडमिनिस्ट्रेशन से ट्रेनिंग पूरी की। वह साल 2008 से 2011 तक CFA प्रोग्राम में भी शामिल रहीं। सिंह ने दिल्ली यूनिवर्सिटी से फाइनेंस में MBA किया है और कॉरपोरेट फाइनेंस, वेल्युएशन और पोर्टफोलियो मैनेजमेंट में महारत हासिल है। खास बात है कि उन्होंने MANIT यानी मौलाना आजाद राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय से बीटेक की डिग्री भी हासिल की है। Pushpendra“माय सीक्रेट न्यूज़” यह एक ऑनलाइन वेबसाइट है, जो आपको देश – दुनिया और आपके आसपास की हर छोटी-बड़ी खबरों को आप तक पहुंचाती है। इस वेबसाइट का संचालन वरिष्ठ पत्रकार पुष्पेन्द्र जी कर रहे हैं। उन्होंने पत्रकारिता में BJC (बेचलर ऑफ़ जर्नलिज्म एंड कम्युनिकेशन) और MJC (मास्टर ऑफ़ जर्नलिज्म एंड कम्युनिकेशन) की डिग्री 2011 में हरिसिंह गौर केंद्रीय विश्वविद्यालय सागर मप्र से हासिल की है। उन्होंने भोपाल के स्वदेश, राज एक्सप्रेस, राष्ट्रीय हिंदी मेल, सांध्य प्रकाश, नवदुनिया और हरिभूमि जैसे बड़े समाचार पत्र समूहों में काम किया है।  और पढ़ें इस वेबसाइट का संचालन मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल से हो रहा है, जहाँ से प्रदेश की राजनीति से लेकर विकास की योजनाएं तैयार होती हैं।दे श व प्रदेश जिले की ताजा अपडेट्स व राजनीतिक प्रशासनिक खबरों के लिए पढ़ते रहिए हमारी वेबसाइट (my secret news. Com )👈 ✍️ पुष्पेन्द्र , (वरिष्ठ पत्रकार) भोपाल, मप्र  mysecretnews.com recent visitors 8

पाकिस्तान खाद्य सुरक्षा के लिहाज से चिंताजनक हालात, खाद्य मुद्रास्फीति घटकर 0.3 % रह गई

कराची पाकिस्तान अपने मुल्क में आतंकियों को पनाह देता है और यह बात पूरी दुनिया जानती है. ऑपरेशन सिंदूर के तहत भारत ने पाकिस्तान में घुसकर आतंकी अड्डों को तबाह कर दिया. इसस पहले पहलगाम हमले के बाद पाकिस्तान के साथ सिंधु जल समझौते को सस्पेंड कर दिया गया और पड़ोसी मुल्क के साथ कारोबार पूरी तरह से रोक दिया गया. ऐसे में पहले से ही खस्ताहाल मुल्क पाकिस्तान की हालत और भी बिगड़ गई है और वहां अकाल जैसे हालात बन गए हैं. भुखमरी जैसे हालात पाकिस्तानी अखबार 'डॉन' की रिपोर्ट के मुताबिक पाकिस्तान खाद्य सुरक्षा के लिहाज से चिंताजनक हालात का सामना कर रहा है. दिसंबर 2024 तक खाद्य मुद्रास्फीति घटकर 0.3 प्रतिशत रह गई, जो वर्ष की शुरुआत में दोहरे अंकों से कम थी, लेकिन गरीबी और बेरोजगारी, भोजन तक सबकी पहुंच में सबसे बड़ी बाधा बन रही है. साल 2022 की बाढ़ ने पाकिस्तान पर गहरे निशान छोड़े हैं. साल 2023 और 2024 में बेमौसम की घटनाओं ने आजीविका को खत्म कर दिया, खासकर ग्रामीण बलूचिस्तान, सिंध और खैबर पख्तूनख्वा में संकट ज्यादा गहरा है. इन क्षेत्रों में जलस्तर लगातार घटता जा रहा है, जिससे कृषि घाटा बढ़ रहा है और उसपर निर्भर किसान गहरे कर्ज के जाल में फंसते जा रहे हैं. कुपोषण बना चिंता का विषय रिपोर्ट में  ताजा आकलन के मुताबिक बताया गया कि पाकिस्तान में 11 मिलियन लोग IPC फेस 3 संकट या उससे भी बदतर हालात में हैं, जबकि 2.2 मिलियन लोगों के सामने इमरजेंसी जैसी स्थिति है. सिंध और खैबर पख्तूनख्वा में कुपोषण का लगातार बढ़ना चिंताजनक है, जहां कम वजन वाले बच्चों की बड़ी संख्या जन्म लेती है और डायरिया और फेफड़ों से संबंधित इंफेक्शन बढ़ा है. इंडीग्रेटिड फूट सिक्योरिटी फेस क्लासिफिकेशन फेस-3 का मतलब है कि आजीविका को बचाने, खाद्य संकट दूर करने और कुपोषण से लड़ने के लिए तत्काल कदम उठाने की जरूरत है. इन चुनौतियों को ज्यादा जटिल बनाने वाली बात है मानवीय आधार पर मिलने वाले वैश्विक निवेश का घटना, जिसने खाद्य सहायता कार्यक्रमों को कम कर दिया है. वैश्विक संस्थाओं से पाकिस्तान को मानवीय आधार पर मिलने वाली आर्थिक मदद कम हुई है, जिससे वहां खाद्य सुरक्षा, कुपोषण जैसे चुनौतियों से निपटने के लिए चल रहे कार्यक्रम कमजोड़ पड़े हैं. आतंकियों का मददगार PAK डॉन ने अपनी रिपोर्ट में कहा कि इन चुनौतियों से निपटने के लिए तत्काल नीतियों में बदलाव की जरूरत है. केंद्र और प्रांतों को अपना सोशल सिक्योरिटी नेटवर्क मजबूत करने की जरूरत है. साथ ही माताओं और बच्चों के लिए पोषण सहायता सुनिश्चित करनी चाहिए और कृषि में ज्यादा निवेश करना चाहिए. निर्णायक कार्रवाई के बिना, पाकिस्तान पर भूख और गरीबी के पुराने चंगुल में फिर से फंसने का खतरा मंडरा रहा है. पाकिस्तान की सरकार अपने नागरिकों की सुरक्षा से ज्यादा खर्च आतंकियों पर कर रही है. हाल ही में शहबाज सरकार ने आतंकी मसूद अजहर को 14 करोड़ रुपये की आर्थिक मदद देने का ऐलान किया है. जब तक वहां की सरकार आतंकियों को पालेगी और उनकी मदद करेगी तब तक आम नागरिकों के हितों की रक्षा होना बहुत मुश्किल है.   Pushpendra“माय सीक्रेट न्यूज़” यह एक ऑनलाइन वेबसाइट है, जो आपको देश – दुनिया और आपके आसपास की हर छोटी-बड़ी खबरों को आप तक पहुंचाती है। इस वेबसाइट का संचालन वरिष्ठ पत्रकार पुष्पेन्द्र जी कर रहे हैं। उन्होंने पत्रकारिता में BJC (बेचलर ऑफ़ जर्नलिज्म एंड कम्युनिकेशन) और MJC (मास्टर ऑफ़ जर्नलिज्म एंड कम्युनिकेशन) की डिग्री 2011 में हरिसिंह गौर केंद्रीय विश्वविद्यालय सागर मप्र से हासिल की है। उन्होंने भोपाल के स्वदेश, राज एक्सप्रेस, राष्ट्रीय हिंदी मेल, सांध्य प्रकाश, नवदुनिया और हरिभूमि जैसे बड़े समाचार पत्र समूहों में काम किया है।  और पढ़ें इस वेबसाइट का संचालन मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल से हो रहा है, जहाँ से प्रदेश की राजनीति से लेकर विकास की योजनाएं तैयार होती हैं।दे श व प्रदेश जिले की ताजा अपडेट्स व राजनीतिक प्रशासनिक खबरों के लिए पढ़ते रहिए हमारी वेबसाइट (my secret news. Com )👈 ✍️ पुष्पेन्द्र , (वरिष्ठ पत्रकार) भोपाल, मप्र  mysecretnews.com recent visitors 9

Pakistan पर आर्थिक चोट, FATF की ग्रे लिस्ट में फिर आएगा नाम, भारत ने कर ली पूरी तैयारी

नई दिल्ली  जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले के करीब दो हफ्ते बाद भारत ने पाकिस्तान और पाकिस्तान के कब्जे वाली जम्मू-कश्मीर (POK) में कुल नौ आतंकी शिविरों को निशाना बनाते हुए उस पर एयर स्ट्राइक किया।भारत की यह कार्रवाई पहलगाम आतंकी हमले के ठीक बाद हुई कई असैन्य और रणनीतिक कार्रवाई के बाद हुई, जिसमें सिंधु जल संधि को स्थगित किए जाने समेत कई अन्य फैसले लिए गए। इस दौरान भारत की तरफ से पाकिस्तान को एक बार फिर से फाइनेंशियल एक्शन टास्क फोर्स (एफएटीएफ) की ग्रे लिस्ट में डाले जाने की कूटनीतिक विवाद की व्यापक चर्चा हुई। भारत पाकिस्तान में एक्टिव आतंकवादी इंफ्रास्ट्रक्चर के संबंध में फाइनेंशियल एक्शन टास्क फोर्स (FATF) को नई खुफिया जानकारी सौंपने की प्लानिंग कर रहा है. FATF मनी लॉन्ड्रिंग और आतंकवाद को मिलने वाली आर्थिक सहायता पर नजर रखने वाली वैश्विक संस्था है जिसने पाकिस्तान को कुछ सालों पहले तक आतंक के समर्थन के लिए ग्रे लिस्ट में रखा था. पहलगाम हमले के बाद भारत ने ऑपरेशन सिंदूर के तहत पाकिस्तान और पीओके में 9 आतंकी ठिकानों को निशाना बनाया और पूरी दुनिया को दिखाया कि कैसे पाकिस्तान आतंक के इंफ्रास्ट्रक्चर को सपोर्ट कर रहा है. भारत पहले ही वैश्विक मुद्रा कोष, आईएमएफ सहित दुनिया की वित्तीय संस्थाओं से पाकिस्तान की आर्थिक मदद रोकने की अपील कर चुका है. भारत का कहना है कि पाकिस्तान इन पैसों को आतंकवाद के लिए इस्तेमाल कर रहा है. भारत इस मुद्दे को अंतरराष्ट्रीय मंच पर उठाने की सोच रहा है. भारत नए सबूत दिखाने वाला है जिससे साफ होता है कि पाकिस्तान का सरकारी तंत्र आतंकी समूहों को लगातार संरक्षण दे रहा है. ऐसे में पाकिस्तान एक बार फिर FATF की ग्रे लिस्ट में जा सकता है. भारत ने पहलगाम आतंकवादी हमले में संलिप्तता के लिए पाकिस्तान के खिलाफ अपना कूटनीतिक अभियान तेज कर दिया है तथा एशियाई विकास बैंक (एडीबी) और अन्य अंतरराष्ट्रीय वित्तीय संस्थानों से पाकिस्तान को धनराशि उपलब्ध न कराने को कहा है। इसके अलावा भारत ने पश्चिमी देशों से पाकिस्तान को वित्तीय कार्रवाई कार्य बल (एफएटीएफ) की ग्रे सूची में डालने को कहा है। बताते चलें कि एफएटीएफ की अगली बैठक जून महीने में प्रस्तावित है। पाकिस्तान पिछले कई वर्षों तक ग्रे लिस्ट में शामिल रहा और 2022 में वह इस सूची से बाहर हुआ था। इस पर प्रतिक्रिया देते हुए  भारत ने कहा था कि एफएटीएफ की निगरानी की वजह से पाकिस्तान को 26/11 मुंबई हमले में शामिल आतंकियों के खिलाफ कार्रवाई करने के लिए मजबूर होना पड़ा था। बताते चलें कि 2021 में एफएटीएफ की अहम बैठक से पहले पाकिस्तान ने मुंबई हमलों के आरोपी और लश्कर-ए-तैयबा के ऑपरेशनल कमांडर जकी-उर-रहमान को टेरर फंड्स का इस्तेमाल करने के आरोप में गिरफ्तार किया था। एफएटीएफ ने 27 प्वाइंट एक्शन प्लान को जारी करते हुए पाकिस्तान को 2018 में ग्रे लिस्ट में डाल दिया था। यह एक्शन प्लान मनी लॉन्ड्रिंग और टेरर फंडिंग पर रोक लगाने की कार्रवाई से संबंधित था। अब एक बार फिर से पाकिस्तान को इस सूची में शामिल किए जाने की मांग जोर पकड़ रही है। क्या है FATF? फाइनेंशियल एक्शन टास्क फोर्स (एफएटीएफ) वैश्विक तौर पर मनी लॉन्ड्रिंग और टेरर फाइनेंसिंग की निगरानी करने वाली संस्था है। पेरिस स्थित 40 सदस्यों वाली इस संस्था की स्थापना 1989 में हुई थी। एफएटीएफ अपने सभी निर्णय एफएटीएफ प्लेनरी के जरिए लेता है और साल में तीन बार इसकी बैठक होती है। इस बैठक में उन देशों की जवाबदेही तय की जाती है, जो इसके मानकों का पालन नहीं करते हैं। FATF की ग्रे लिस्ट से पाकिस्तान का पुराना नाता पाकिस्तान आतंकवाद के लिए कई बार FATF की ग्रेल लिस्ट में डाला जाता रहा है. आतंकवाद और टेरर फाइनेंसिंग पर नजर रखने वाली FATF ने पाकिस्तान को जून 2018 में ग्रे लिस्ट में डाला था. FATF का कहना था कि पाकिस्तान ने संयुक्त राष्ट्र के नामित आतंकवादी समूहों को टार्गेट करने में कमी दिखाई है. FATF के मुताबिक, पाकिस्तान आतंकवादी समूहों की संपत्ति फ्रीज करने, उन्हें सजा देने और उनके खिलाफ प्रतिबंध लगाने में नाकाम रहा था. इसके बाद से पाकिस्तान के FATF की ब्लैक लिस्ट में डाले जाने का डर भी बना हुआ था. लेकिन अक्टूबर 2022 में FATF ने पाकिस्तान को ग्रे लिस्ट से हटा दिया. पाकिस्तान पहले भी कई बार FATF की ग्रे लिस्ट में डाला-निकाला जाता रहा है. पाकिस्तान को सबसे पहले 2008 में ग्रे लिस्ट में डाला गया था और 2009 में हटा लिया गया था. 2012 और 2015 के बीच भी पाकिस्तान FATF की ग्रे लिस्ट में था. पहलगाम हमले के बाद भारत ने पाकिस्तान के आतंकी ढांचे को बनाया निशाना 22 अप्रैल को पाकिस्तान स्पॉन्सर आतंकवादियों ने जम्मू-कश्मीर के पहलगाम की बैसरन घाटी में हमला किया था जिसमें 26 लोग मारे गए थे और 17 अन्य घायल हुए थे. इस हमले के लिए भारत ने पाकिस्तान को जिम्मेदार बताया और 6-7 अक्टूबर को पाकिस्तान और पाकिस्तान के अवैध कब्जे वाले कश्मीर (पीओके) में 9 आतंकी ठिकानों को निशाना बनाकर एयरस्ट्राइक किए. भारत के हमले में कम से कम 100 आतंकी मारे गए जिन्हें पाकिस्तानी सरकार ने शह दे रखा था. भारत की कार्रवाई के जवाब में पाकिस्तान ने सैन्य और नागरिक ठिकानों को निशाना बनाने की कोशिश की जिसे नाकाम कर दिया गया. दोनों देशों के बीच लड़ाई करीब 4 दिनों तक चली जिसके बाद दोनों संघर्षविराम पर राजी हुए. हालांकि, भारत ने साफ कहा है कि आगे से किसी भी आतंकी कृत्य को युद्ध की कार्रवाई माना जाएगा. क्या है ग्रे और ब्लैक लिस्ट? एफएटीएफ की वेबसाइट पर मौजूद जानकारी के मुताबिक, यदि कोई देश एफएटीएफ के मानकों को लागू करने में विफल रहता है, तो उसे बढ़ी हुई निगरानी (इनक्रीज्ड मॉनिटरिंग) और अधिक जोखिम वाले क्षेत्राधिकार (हाई रिस्क ज्यूरिसडिक्शंस) में डाला जाता है और इसे ही सामान्य भाषा में ग्रे और ब्लैक लिस्ट कहा जाता है। ब्लैक लिस्ट में वे देश शामिल हैं, जहां मनी लॉन्ड्रिंग और टेरर फाइनेंसिंग को रोकने के लिए गंभीर रणनीतिक क्षमता का अभाव होता है। इस सूची में फिलहाल तीन देश शामिल हैं: डेमोक्रेटिक पीपल्स रिपब्लिक ऑफ कोरिया, ईरान और म्यांमार। वहीं, बढ़ी हुई निगरानी वाले क्षेत्राधिकार, जिन्हें ग्रे लिस्ट कहा जाता है, में … Read more

इंदौर में मोहम्मद जावेद ने PM मोदी के खिलाफ आपत्तिजनक टिप्पणी की और पाकिस्तान के समर्थन में नारे लगाए, हुआ गिरफ्तार

इंदौर मध्य प्रदेश के इंदौर में करणी सेना ने देशविरोधी नारेबाजी करने वाले एक युवक की जमकर धुनाई करने के बाद पुलिस के हवाले कर दिया। मामला गांधी नगर क्षेत्र का है, जहां मेट्रो प्रोजेक्ट में कार्यरत एक कर्मचारी का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया। वायरल वीडियो में युवक 'पाकिस्तान जिंदाबाद' के नारे लगाते, भारत के खत्म होने और प्रधानमंत्री के खिलाफ अपशब्द कहता नजर आ रहा है। इस वीडियो के सामने आने के बाद श्री राजपूत करणी सेना ने तुरंत एक्शन लेते हुए युवक को पकड़कर थाने पहुंचाया। करणी सेना के प्रदेश संगठन मंत्री दिग्विजय सिंह सोलंकी के नेतृत्व में कार्यकर्ता गांधी नगर पहुंचे और मौके पर मौजूद मेट्रो प्रोजेक्ट कर्मचारी मोहम्मद जावेद पिता किताब अंसारी को पकड़ लिया। सेना ने पहले उसे जमकर धुनाई की और फिर पुलिस थाने ले जाकर उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की। करणी सेना का कहना है कि ऐसे तत्व जो खुलेआम देश के खिलाफ नारे लगाते हैं, उन्हें बख्शा नहीं जाना चाहिए। संगठन मंत्री सोलंकी ने कहा, “देश का अपमान करने वालों को समाज में कोई स्थान नहीं मिलना चाहिए। हम किसी भी कीमत पर ऐसी हरकतों को सहन नहीं करेंगे।” करणी सेना ने प्रशासन से मांग की है कि जावेद अंसारी जैसे तत्वों को सार्वजनिक प्रोजेक्ट्स में कार्य करने की अनुमति नहीं दी जाए और ऐसे लोगों के खिलाफ राष्ट्रद्रोह जैसी कड़ी धाराओं में मुकदमा दर्ज किया जाए। पुलिस ने इस मामले को गंभीरता से लेते हुए जब जावेद के घर की तलाशी ली, तो वहां से गांजे की पुड़िया भी बरामद हुई। पुलिस ने उसे हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है और वीडियो की जांच के साथ अन्य डिजिटल साक्ष्य भी एकत्रित किए जा रहे हैं। गांधी नगर टीआई अनिल यादव के मुताबिक, मामले में आरोपी जावेद के खिलाफ विभिन्न धाराओं में केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। वीडियो में दिख रहे और वीडियो बना रहे उसके अन्य साथियों की तलाश की जा रही है। जिन्हें जल्द गिरफ्तार कर लिया जाएगा। Pushpendra“माय सीक्रेट न्यूज़” यह एक ऑनलाइन वेबसाइट है, जो आपको देश – दुनिया और आपके आसपास की हर छोटी-बड़ी खबरों को आप तक पहुंचाती है। इस वेबसाइट का संचालन वरिष्ठ पत्रकार पुष्पेन्द्र जी कर रहे हैं। उन्होंने पत्रकारिता में BJC (बेचलर ऑफ़ जर्नलिज्म एंड कम्युनिकेशन) और MJC (मास्टर ऑफ़ जर्नलिज्म एंड कम्युनिकेशन) की डिग्री 2011 में हरिसिंह गौर केंद्रीय विश्वविद्यालय सागर मप्र से हासिल की है। उन्होंने भोपाल के स्वदेश, राज एक्सप्रेस, राष्ट्रीय हिंदी मेल, सांध्य प्रकाश, नवदुनिया और हरिभूमि जैसे बड़े समाचार पत्र समूहों में काम किया है।  और पढ़ें इस वेबसाइट का संचालन मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल से हो रहा है, जहाँ से प्रदेश की राजनीति से लेकर विकास की योजनाएं तैयार होती हैं।दे श व प्रदेश जिले की ताजा अपडेट्स व राजनीतिक प्रशासनिक खबरों के लिए पढ़ते रहिए हमारी वेबसाइट (my secret news. Com )👈 ✍️ पुष्पेन्द्र , (वरिष्ठ पत्रकार) भोपाल, मप्र  mysecretnews.com recent visitors 7

पाकिस्तान के पास जितना विदेशी मुद्रा भंडार है, वह अपने कर्जों को चुकाने के लिए काफी नहीं: मूडीज

नई दिल्ली भारत और पाकिस्तान के बीच सीजफायर हो चुका है। दोनों देशों के बीच हुए इस संघर्ष में पाकिस्तान को भारी कीमत चुकानी पड़ी है। बताया जा रहा है कि तीन दिन से कुछ ज्यादा समय तक चली इस लड़ाई में पाकिस्तान को करीब 4 बिलियन डॉलर का नुकसान हुआ है। यह रकम हाल ही में आईएमएफ से मिले 2.4 बिलियन डॉलर के लोन के मुकाबले कहीं ज्यादा है। ऐसे में पाकिस्तान एक बार फिर से आईएमएफ या किसी दूसरी संस्था से लोन लेने के लिए हाथ फैला सकता है। पिछले महीने पहलगाम में हुए आतंकी हमले के बाद भारत ने जवाबी कार्रवाई की थी। भारतीय सेना ने पिछले हफ्ते मंगलवार रात 'ऑपरेशन सिंदूर' के तहत पाकिस्तान और पीओके में आतंकी ठिकानों पर हमला किया था। इस हमले से पाकिस्तान बौखला गया था और उसने भारतीय सेना और सीमा से सटे आम नागरिकों को निशाना बनाया। भारत ने भी पाकिस्तान के इस हमले का मुंहतोड़ जवाब दिया और उसके एयर डिफेंस सिस्टम को तबाह कर दिया था। दोनों देशों के बीच तीन दिन तक संघर्ष चला। शनिवार को सीजफायर हो गया। पाकिस्तान को कितना नुकसान? तीन दिन से कुछ ज्यादा समय चले इस संघर्ष में पाकिस्तान को जबरदस्त नुकसान हुआ है। अमेरिका की एनालिस्ट सहर खान ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पाकिस्तान मीडिया की एक खबर को शेयर करते हुए एक पोस्ट की है। इस पोस्ट में उन्होंने बताया है कि इस संघर्ष में पाकिस्तान को करीब 4 अरब डॉलर की कीमत चुकानी पड़ी है। सहर खान ने रिपोर्ट का हवाला देते हुए अपनी पोस्ट में बताया है कि पाकिस्तान को किस चीज में कितना नुकसान हुआ है: मिलिट्री ऑपरेशंस: 25 मिलियन डॉलर प्रतिदिन ड्रोन और मिसाइल ऑपरेशंस: 300 मिलियन डॉलर शेयर मार्केट में गिरावट: 2.5 बिलियन डॉलर पीएसएल सस्पेंड होने से: 10 मिलियन डॉलर एयरस्पेस बंद होने से: 20 मिलियन डॉलर कितना मंजूर हुआ लोन? भारत-पाकिस्तान संघर्ष के दौरान अंतर्राष्ट्रीय मुद्रा कोष (IMF) ने हाल ही में पाकिस्तान को 2.4 अरब डॉलर का बेलआउट पैकेज दिया है। इस बेलआउट पैकेज में एक मौजूदा कार्यक्रम से 1 अरब डॉलर और 1.4 अरब डॉलर का नया लोन शामिल है। भारत ने आईएमएफ में इस वोटिंग के दौरान भाग नहीं लिया, क्योंकि भारत इस बेलआउट पैकेज के खिलाफ था। पाकिस्तान को आईएमएफ से जितना लोन मिला है, उससे कहीं ज्यादा रकम वह खर्च कर चुका है। भरत नाम के एक सोशल मीडिया यूजर ने सहर खान की पोस्ट को शेयर करते हुए लिखा है, 'उन्होंने यानी पाकिस्तान ने IMF का लोन जारी होने से पहले ही इसे खर्च कर दिया।' पाकिस्तान की आर्थिक स्थिति काफी बुरी पाकिस्तान की आर्थिक स्थिति अभी बहुत खराब है। मूडीज की एक रिपोर्ट के मुताबिक अभी पाकिस्तान के पास जितना विदेशी मुद्रा भंडार है, वह अगले कुछ सालों में अपने कर्जों को चुकाने के लिए काफी नहीं है। पाकिस्तान के पास अभी करीब 15 अरब डॉलर का विदेशी मुद्रा भंडार है। वहीं, भारत के पास 688 अरब डॉलर से भी ज्यादा का भंडार है। पाकिस्तान कई देशों से लोन ले चुका है। साल 1948 से अकेले अमेरिका ने पाकिस्तान को 40 अरब डॉलर की आर्थिक और सैन्य मदद दी है। अगर कनाडा, ब्रिटेन और यूरोप को भी मिला लें, तो यह आंकड़ा 55 अरब डॉलर से ज़्यादा हो जाता है। Pushpendra“माय सीक्रेट न्यूज़” यह एक ऑनलाइन वेबसाइट है, जो आपको देश – दुनिया और आपके आसपास की हर छोटी-बड़ी खबरों को आप तक पहुंचाती है। इस वेबसाइट का संचालन वरिष्ठ पत्रकार पुष्पेन्द्र जी कर रहे हैं। उन्होंने पत्रकारिता में BJC (बेचलर ऑफ़ जर्नलिज्म एंड कम्युनिकेशन) और MJC (मास्टर ऑफ़ जर्नलिज्म एंड कम्युनिकेशन) की डिग्री 2011 में हरिसिंह गौर केंद्रीय विश्वविद्यालय सागर मप्र से हासिल की है। उन्होंने भोपाल के स्वदेश, राज एक्सप्रेस, राष्ट्रीय हिंदी मेल, सांध्य प्रकाश, नवदुनिया और हरिभूमि जैसे बड़े समाचार पत्र समूहों में काम किया है।  और पढ़ें इस वेबसाइट का संचालन मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल से हो रहा है, जहाँ से प्रदेश की राजनीति से लेकर विकास की योजनाएं तैयार होती हैं।दे श व प्रदेश जिले की ताजा अपडेट्स व राजनीतिक प्रशासनिक खबरों के लिए पढ़ते रहिए हमारी वेबसाइट (my secret news. Com )👈 ✍️ पुष्पेन्द्र , (वरिष्ठ पत्रकार) भोपाल, मप्र  mysecretnews.com recent visitors 22

भारत सैन्य संघर्ष को तब तक खींचेगा जब तक पाकिस्तान खुद ब खुद न टूट जाए

नई दिल्ली पाकिस्तान के निर्माण में मुहम्मद अली जिन्ना की टू नेशन थ्‍योरी की महत्वपूर्ण भूमिका थी. इसी आधार पर 1947 में भारत के विभाजन और पाकिस्तान के निर्माण की मांग की गई थी. यह सिद्धांत मुख्य रूप से यह तर्क देता था कि भारतीय उपमहाद्वीप के हिंदू और मुस्लिम दो अलग-अलग राष्ट्र हैं, जिनके धार्मिक, सांस्कृतिक, सामाजिक और ऐतिहासिक पहचान इतने भिन्न हैं कि वे एक साथ एक राष्ट्र में नहीं रह सकते. इस सिद्धांत ने मुस्लिम बहुल क्षेत्रों के लिए एक अलग देश, पाकिस्तान, की स्थापना को औचित्य प्रदान किया. 1971 में ही इस सिद्धांत को तिलांजलि देते हुए पूर्वी पाकिस्तान ने पाकिस्तान से अलग होकर अलग देश बांग्लादेश बना लिया. कायदे से इस सिद्धांत का अंत उसी दिन हो गया था. पर पाकिस्तान के हुक्मरान आज भी अपनी गद्दी बचाने और पाकिस्तान को बिखरने से रोकने के लिए इस सिद्धांत की दुहाई देते हैं. पहलगाम अटैक से कुछ रोज पहले ही पाकिस्तानी सेना के प्रमुख असीम मुनीर ने प्रवासी पाकिस्तानियों के एक सम्मेलन को संबोधित करते हुए टू नेशन थियरी को सही बताया था. मुनीर ने इस सम्मेलन में हिंदुओं पर अपनी श्रेष्ठता को सिद्ध करते हुए भारत के खिलाफ खूब जहर उगला था. यही कारण है कि पाकिस्तान में भी लोगों का मानना है कि मुनीर ने अपनी महत्वाकांक्षा के चलते पहलगाम अटैक को अंजाम दिया है. पर पहलगाम हमले का खामियाजा अब पूरा पाकिस्तान भुगत रहा है. ऑपरेशन सिंदूर के बाद पाकिस्तान ने जैसी हरकतें की हैं उससे यही लगता है कि पाकिस्तान का भविष्य अधर में है. आइये देखते हैं कि भविष्य में पाकिस्तान का क्या हाल हो सकता है? 1-पाकिस्तान में मुनीर को हटाकर कोई सैन्य तानाशाह आ जाए, आंशिक लोकतंत्र भी खत्म हो जाए पाकिस्तान में मार्शल ला का इतिहास रहा है. यहां सेना ने अतीत में कई बार सत्ता हथियाई है जैसे 1958, 1977, 1999 में. वर्तमान में भी सेना का राजनीतिक प्रभाव मजबूत है. जिस तरह वर्तमान सेना प्रमुख असीम मुनीर के खिलाफ पाकिस्तान में हवा चल रही है उससे उनके लिए खतरा बढ़ रहा है. हो सकता है कि भारत के हाथों पाकिस्तानी सेना के मुंह की खाने के बाद सेना का कोई दूसरा सैन्य अधिकारी मुनीर को कैदकर खुद तानाशाह बन जाए. पिछले दिनों पाक सेना में आंतरिक असंतोष की तमाम खबरें आईं थीं. मार्च 2025 में, पाकिस्तानी सेना के जूनियर अधिकारियों (कर्नल, मेजर, कैप्टन रैंक) और जवानों ने असीम मुनीर के खिलाफ एक खुला पत्र लिखा, जिसमें उनके इस्तीफे की मांग की गई. पत्र में उन पर सेना को राजनीतिक उत्पीड़न का हथियार बनाने, लोकतांत्रिक ताकतों को कुचलने और आर्थिक बर्बादी को बढ़ावा देने का आरोप लगाया गया. पत्र में 1971 के युद्ध की तुलना की गई, जिसमें कहा गया कि मुनीर के नेतृत्व ने सेना की प्रतिष्ठा को गटर में डाल दिया और जनता के बीच सेना को बेगाना बना दिया. कुछ मीडिया रिपोर्ट्स और X पोस्ट्स में दावा किया गया कि 500 जवानों ने सामूहिक इस्तीफा दे दिया, हालांकि सेना मुख्यालय ने इसे स्वीकार करने से इनकार कर दिया. जाहिर है कि पाक सेना में सब कुछ ठीक नहीं चल रहा है. पाकिस्तान का इतिहास रहा है कि ऐसी स्थिति में नया नेतृत्व जन्म लेता है जो हमेशा तख्तापलट से ही आता है. आम जनता भी आर्थिक संकट, आतंकवाद, और राजनीतिक अस्थिरता के कारण सैन्य शासन को स्वीकर कर लेती है. 2-पाकिस्तान की स्थिति सीरिया जैसी हो सकती है पाकिस्तान के लिए युद्ध कितना मुश्किल है यह इससे समझा जा सकता है कि पाकिस्तान सरकार अभी से आर्थिक संकट में है. जाहिर है कि ऐसी दशा में कर्ज संकट ($73 बिलियन 2025 तक चुकाना) और बेरोजगारी बढ़नी तय है. अगर ऐसा होता है तो सामाजिक अशांति (प्रदर्शन, हड़ताल) सीरिया जैसे विरोध प्रदर्शनों को जन्म दे सकती है. बलूचिस्तान में BLA और KPK में PTM हिंसा को बढ़ा सकते हैं. सोशल मीडिया पर तमाम दावे हैं कि बलूचिस्तान स्वतंत्रता की ओर बढ़ रहा है, और भारत का समर्थन इस समस्या को और बढ़ा सकता है. TTP और ISIS-खोरासान जैसे समूह सीरिया के ISIS की तरह अराजकता फैला सकते हैं, विशेष रूप से KPK और बलूचिस्तान में. जाहिर है कि पाक सेना का पूरा ध्यान भारतीय सेना से बचाव पर रहेगा. इसका प्रभाव और सरकार की अक्षमता को बढ़ाएगा जो जनता के असंतोष को और बढ़ा सकती है, जैसा सीरिया में असद के खिलाफ हुआ. 3-भारत सीमित सैन्य संघर्ष को तब तक खींचेगा जब तक पाकिस्तान खुद ब खुद न टूट जाए भारत की रणनीति हो सकती है कि पाकिस्तान के साथ तनाव को सीमित सैन्य संघर्ष में बदल दिया जाए. पाहलगाम हमले के बाद जिस तरह के कदम भारत ने उठाए हैं वो कुछ ऐसा ही संकेत देते हैं. सिंधु जल संधि को निलंबित करना  और ऑपरेशन सिंदूर जैसे कदम कुछ ऐसा ही फैसला है जो बताता है कि भारत सीधे जंग में उतरने की बजाय सीमित सैन्य संघर्ष को लंबा खींचना चाहेगा. भारत और पाकिस्तान दोनों तरफ से सीमा पर गोलीबारी, सर्जिकल स्ट्राइक, या हवाई हमले बढ़ सकते हैं. संयुक्त राष्ट्र, अमेरिका, और ईरान ने संयम की अपील की है पर कोई भी खुलकर किसी भी पक्ष से सामने नहीं आना चाहता है. दरअसल सीमित संघर्ष से आर्थिक नुकसान विशेष रूप से पाकिस्तान को होगा. क्योंकि उसकी अर्थव्यवस्था पहले से कमजोर है. भारत की सैन्य श्रेष्ठता (S-400, राफेल) उसे बढ़त दे सकती है. भारत यही चाहेगा कि पाकिस्तान युद्ध में इस तरह फंस जाए कि उसकी आर्थिक रूप से कमर टूट जाए. सेना भारतीय सीमा पर फंसेगी जिसके चलते पाकिस्तान में बलूच और खैबर पख्तुनवा, सिंध आदि में स्थिति अनियंत्रित हो जाएगी. 4-पाकिस्तान कम से कम 3 टुकड़ों में बंट जाए भारत जिस तरह की आक्रामकता इस बार दिखा रहा है उससे यही लगता है कि 1971 जैसे युद्ध के लिए वो तैयार है. अगर भारत और पाकिस्तान में सीधा मुकाबला होता है तो बलूचिस्तान, सिंध, और खैबर पख्तूनख्वा जैसे क्षेत्र अलग होने की उड़ान भर सकते हैं. कुछ लोगों का दावा है कि भारत, अफगानिस्तान और कुछ अन्य देश इन आंदोलनों को समर्थन दे सकते हैं. पाकिस्तान पहले से ही आर्थिक संकट में है. कर्ज का बोझ ($73 बिलियन 2025 तक चुकाना) और … Read more