हम सब मुसलमान जिन्ना के साथ नहीं गए, ये एहसान तो हमारा हुकूमत को मानना चाहिए. नहीं तो पाकिस्तान लाहौर तक नहीं लखनऊ तक बनता.” : मोहम्मद अदीब

नईदिल्ली वक्फ संशोधन बिल के खिलाफ राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में एक मीटिंग बुलाई गई थी. इस बैठक में राज्यसभा के पूर्व सांसद ने मोहम्मद अदीब (Mohammad Adeeb) भी शामिल हुए. इस दौरान मंच पर अपने संबोधन में उन्होंने कुछ ऐसा कह दिया, जिससे विवाद हो गया है. मोहम्मद अदीब ने दावा किया, "ये मुसलमानों का एहसान है कि उन्होंने जिन्ना को मना किया, जिसके चलते पाकिस्तान का बॉर्डर लाहौर तक रह गया, नहीं तो ये लखनऊ तक होता." उन्होंने आगे कहा कि मैं जिंदगी के तकरीबन अस्सी साल पूरे कर रहा हूं. पचास साल से ज्यादा सियासी गलियारों में घूमा हूं. आज हम अपने इलाके में एक गुनहगार की तरह बसर कर रहे हैं. अब तो देशद्रोही भी हो गए हैं, हमने ऐसे ऐसे लोगों को देखा, जो हमारे साथ थे और फिर अपनी सियासी जिंदगी बनाने के लिए हमको किस्मत के हवाले कर गए. जो लोग पाकिस्तान चले गए, उसका इल्जाम हमें दिया गया. 'हमने गांधी-नेहरू को माना…' मोहम्मद अदीब ने आगे कहा, "हम मानते हैं, जो पाकिस्तान गए वो महावीर हो गए, लेकिन हमने तो अपना खून बांटा था, हमने तो जिन्ना को मना किया था और ठुकराया था. हमने लियाकत अली खान को नहीं माना था, हमने नेहरू गांधी और आजाद को माना था. हम सब मुसलमान जिन्ना के साथ नहीं गए, ये एहसान तो हमारा हुकूमत को मानना चाहिए. नहीं तो पाकिस्तान लाहौर तक नहीं लखनऊ तक बनता." उन्होंने आगे कहा कि हमने पाकिस्तान को मुक्तसर कर दिया और तुम हमें सजा देते हो, हम पर जुल्म करते हो. अब तक जितने भी हमारे ऊपर हमले हुए हैं, सबसे बड़ा हमला आपकी औकात का है. हम पर फसाद हुए, हमारे घरों पर बुलडोजर चले, हम इसलिए नहीं बोले कि मेरा घर तो महफूज है क्योंकि हम अपनी जिंदगी के लिए जीते हैं. मोहम्मद अदीब ने आगे कहा, "आज हमारे पास कुछ भी नहीं बचा. आप लोग हमारी कूवत है. हमने सबसे ज्यादा जो मुसीबत झेली है, वो ये है कि अब हमारी हैसियत नहीं रह गई. हम जब अलीगढ़ में पढ़ते थे, तो उस वक्त सियासी जमातें कहती थीं कि कहीं मियां नाराज न हो जाएं. मोहम्मद अदीब ने दिल्ली में आयोजित मुस्लिम कॉन्फ्रेंस में ये बाते कहीं. उनकी स्पीच के वक्त मंच पर  ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड के अध्यक्ष खालिद सैफुल्लाह रहमानी और जनरल सेक्रेटरी फजलुर्रहीम मुजद्दिदी भी मौजूद थे. इसके अलावा कांग्रेस नेता और राज्यसभा सांसद इमरान प्रतापगढ़ी, अमरैन महफूज रहमानी, समाजवादी पार्टी के नेता और रामपुर से सांसद मौलाना मोहिबुल्लाह नदवी और कर्नाटक से राज्यसभा सांसद सैय्यद नसीर हुसैन भी मौजूद थे. recent visitors 202

एडिलेड में सैम अय्यूब की 82 रनों की पारी, हारिस रऊफ के 5 विकेट के दम पर जीता पाकिस्तान.

 एडिलेड पाकिस्तान की टीम ने एडिलेड वनडे मे ऑस्ट्रेलिया को एकतरफा अंदाज में हरा दिया. मेलबर्न में हार का स्वाद चखने वाली पाकिस्तानी टीम ने एडिलेड में ऑस्ट्रेलिया को कोई मौका नहीं दिया और दमदार जीत हासिल कर सीरीज को 1-1 से बराबर कर लिया. एडिलेड वनडे में ऑस्ट्रेलिया की टीम बुरी तरह फ्लॉप साबित हुई. ना उसके बल्लेबाज चले और ना ही गेंदबाज अपना दम दिखा पाए. ऑस्ट्रेलिया ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 35 ओवर में महज 163 रन बनाए, जवाब में पाकिस्तान की टीम ने ये लक्ष्य 26.3 ओवर में हासिल कर लिया. पाकिस्तान के लिए ये जीत बेहद खास है क्योंकि एडिलेड के मैदान पर उसने पूरे 28 साल बाद ऑस्ट्रेलिया को मात दी है. आखिरी बार पाकिस्तान ने एडिलेड में खेले वनडे में ऑस्ट्रेलिया को 1996 में हराया था. सैम अय्यूब-हारिस रऊफ ने तोड़ी कमर पाकिस्तान को सबसे ज्यादा चोट सैम अय्यूब और हारिस रऊफ ने पहुंचाई. सबसे पहले हारिस रऊफ ने अपनी तेज रफ्तार गेंदों से ऑस्ट्रेलिया के मिडिल ऑर्डर को ही तबाह कर दिया. दाएं हाथ के इस तेज गेंदबाज ने जॉश इंग्लिस , मार्नस लाबुशेन, एरॉन हार्डी, ग्लेन मैक्सवेल और पैट कमिंस का शिकार किया. हारिस रऊफ ने ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ अपना बेस्ट वनडे प्रदर्शन किया, साथ ही एडिलेड के मैदान पर ये किसी भी पाकिस्तानी तेज गेंदबाज का बेस्ट प्रदर्शन भी है. सैम अय्यूब ने बोला हमला हारिस रऊफ के कहर के बाद सैम अय्यूब ऑस्ट्रेलिया कहर बनकर टूटे. बाएं हाथ के इस बल्लेबाज ने ताबड़तोड़ अंदाज में खेलते हुए महज 71 गेंदों में 82 रन बनाए. सैम अय्यूब ने अपनी पारी में 6 छक्के, 5 चौके लगाए. इस खिलाड़ी ने स्टार्क, हेजलवुड, पैट कमिंस, जंपा जैसे गेंदबाजों को नहीं बख्शा. अय्यूब ने अब्दुल्लाह शफीक के साथ 122 गेंदों में 137 रनों की साझेदारी कर ऑस्ट्रेलिया को पूरी तरह मैच से बाहर कर दिया. सैम अय्यूब के बाद अब्दुल्लाह शफीक ने भी शानदार अर्धशतकीय पारी खेली. शफीक 64 रन बनाकर नाबाद रहे, बाबर आजम ने भी नाबाद 15 रनों की पारी खेली. आखिरी वनडे रविवार को पर्थ में खेला जाएगा, जो सीरीज का वर्चुअल फाइनल बन गया है. recent visitors 149

पाकिस्तान टीम ने तीसरे टेस्ट में मैच में भी शानदार जीत दर्ज करते हुए सीरीज 2-1 से अपने नाम कर ली

रावलपिंडी  पाकिस्तान क्रिकेट टीम ने पहले मुकाबले में हार के बाद जबरदस्त वापसी की है। उसने दूसरे मैच के बाद तीसरे में भी शानदार जीत दर्ज करते हुए सीरीज 2-1 से अपने नाम कर ली। इंग्लैंड ने पहली पारी में 267 रन बनाए थे। जवाब में पाकिस्तान ने पहली पारी में 344 रनों का स्कोर खड़ा किया। इसके बाद उसने इंग्लैंड की दूसरी पारी को सिर्फ 112 रनों पर समेट दिया। उसे दूसरी पारी में सिर्फ 36 रनों का लक्ष्य मिला, जिसे उसने एक विकेट खोकर 3.1 ओवरों में ही हासिल कर लिया। यानी उसे यह मैच जीतने में सिर्फ 19 गेंद लगे। छोटे लक्ष्य का पीछा करने उतरी पाकिस्तान टीम को पहला झटका 14 रनों के पर लगा। सैम अयूब को 8 रनों के निजी स्कोर पर जैक लीच ने एलबीडब्ल्यू किया। इसके बाद अब्दुल्लाह शफीक और शान मसूद ने कोई झटका नहीं लगने दिया। शफीक 5 रन पर नाबाद रहे तो कप्तान शान मसूद ने 6 गेंदों में 4 चौके और एक छक्का उड़ाते हुए नाबाद 23 रनों की पारी खेली। मैच में जैसे ही उन्होंने शोएब बशीर को छक्का लगाया तो पाकिस्तानी टीम के प्लेयर्स की खुशी देखते बन रही थी। यह शान मसूद के लिए भी बड़ी बात है, क्योंकि बांग्लादेश के खिलाफ हार के बाद उन्हें कप्तानी से हटाने की बात चल रही थी। ऐसे मौके पर इस तरह से इंग्लैंड के खिलाफ सीरीज जीतना बेहद खास है। रोचक बात यह है कि इस टीम में न तो बाबर आजम हैं, न ही शाहीन अफरीदी और न ही नसीम शाह। इसके बावजूद पाकिस्तान ने कमाल किया। पाकिस्तान की जीत के हीरो रहे नोमान अली और साजिद खान। इन दोनों ने एक बार फिर दूसरी पारी में सभी 10 विकेट अपने नाम किए। साजिद ने 4 और नोमान ने 6 विकेट झटके। दूसरी पारी में इंग्लिश पारी सिर्फ 112 रनों पर ढेर हो गई थी, जबकि जो रूट सबसे अधिक 33 रन बनाने वाले बल्लेबाज रहे थे। recent visitors 72

बैठक में राजनीतिक दलों के समर्थन पर होगी चर्चा, पाकिस्तान-शहबाज कैबिनेट ला रही संविधान संशोधन का प्रस्ताव

इस्लामाबाद. पाकिस्तान में सरकार द्वारा लाए जाने वाले संविधान संशोधन प्रस्ताव को लेकर शहबाज शरीफ सरकार ने रविवार को कैबिनेट बैठक बुला ली। बीते कुछ महीनों में प्रस्ताव को लेकर राजनीतिक दलों के बीच आम राय बनाने की कोशिश में जुटी पीएमएल-एन के नेतृत्व वाली सरकार को कोई खास सफलता नहीं मिली। खासकर इमरान की पीटीआई संविधान संशोधन प्रस्ताव का जबरदस्त विरोध कर रही है। वहीं, शहबाज की पार्टी की सहयोगी मानी जाने वाली मौलाना फजलुर रहमान की पार्टी जमीयत उलेमा-ए-इस्लाम-फजल (जेयूआई-एफ) भी इस प्रस्ताव पर सहमत नहीं हुई है। बताया गया है कि जेयूआई-एफ के प्रमुख रहमान के साथ इस्लामाबाद में उनके आवास पर कई बैठकों के बाद भी इस प्रस्ताव को लेकर सहमति नहीं बन पाई। यह तब हुआ है, जब पाकिस्तान की नेशनल असेंबली और सीनेट के सत्र देरी से शुरू हुए। चौंकाने वाली बात यह है कि मौलाना फजलुर रहमान की पार्टी इस संविधान संशोधन प्रस्ताव पर इमरान खान की पार्टी की सम्मति भी चाहती है और इसे लेकर पीटीआई से बातचीत जारी है। शनिवार को पीटीआई का नेतृत्व फजलुर रहमान से मिला। उन्होंने बताया कि इमरान की पार्टी रविवार तक इस मुद्दे पर फैसला कर सकती है। दूसरी तरफ पाकिस्तान पीपुल्स पार्टी (पीपीपी) के नेता बिलावल भुट्टो जरदारी ने भरोसा जताया कि फजलुर रहमान पीटीआई को इन संविधान संशोधनों के समर्थन में लाने में कामयाब होंगे। बिलावल ने कहा है कि पीटीआई ने सरकार के प्रस्ताव पर जो चिंताएं जाहिर की थीं, उन पर विचार किया गया और संविधान संशोधन से हटा दिया गया। उन्होंने उम्मीद जताई कि सोमवार को रहमान खुद ही इस प्रस्ताव को नेशनल असेंबली में पेश करेंगे। संविधान संशोधन पर पीटीआई का क्या है रुख? मामले पर पीटीआई के अध्यक्ष बैरिस्टर गौहर खान ने कहा कि उन्हें पता चला है कि पार्टी के दो सीनेटर जरका तैमूर और फैसल सलीम पार्टी की नीति के खिलाफ जाकर वोट करेंगे। हालांकि, इमरान खान के स्पष्ट निर्देशों के बिना संविधान संशोधनों पर चर्चा में प्रगति नहीं कर पाई है। क्या है संविधान संशोधन, जिसे पेश करना चाहती है शहबाज सरकार? चौंकाने वाली बात यह है कि संविधान संशोधनों को लेकर शहबाज सरकार ने सार्वजनिक तौर पर कोई जानकारी सार्वजनिक नहीं की है। हालांकि, उस पर पीटीआई ने आरोप लगाए हैं कि संविधान संशोधन के जरिए पाकिस्तान सरकार न्यायपालिका पर कब्जा करने की तैयारी कर रही है। उसने सुप्रीम कोर्ट के न्यायाधीशों की सेवानिवृत्ति की आयु बढ़ाने संबंधी विधेयक के बारे में अटकलों के बीच कुछ और ही योजना बना ली है। बताया जा रहा है कि सरकार संसद में एक व्यापक न्यायिक सुधार पैकेज पेश करने वाली है। इसके तहत मुख्य न्यायाधीश को चुनने का हक प्रधानमंत्री के पास चला जाएगा। प्रस्ताव में जो सबसे अहम बात है वो मुख्य न्यायाधीश की नई नियुक्ति प्रक्रिया है। प्रस्तावित बदलावों के तहत संसदीय समिति और न्यायिक आयोग का विलय किया जा सकता है। इसके अलावा, वरिष्ठतम न्यायाधीश को स्वचालित रूप से नियुक्त करने के बजाय, पांच वरिष्ठ न्यायाधीशों का एक पैनल प्रधानमंत्री के पास भेजा जाएगा, जो अंतिम निर्णय लेंगे। न्यायपालिका के अंदर होने वाली राजनीति पर लगेगी रोक सरकार का मानना है कि वरिष्ठतम न्यायाधीश को नियुक्त करने की मौजूदा प्रथा न्यायपालिका के भीतर पैरवी को बढ़ावा देती है, जिससे मुख्य न्यायाधीश को अपने पसंदीदा उत्तराधिकारियों के पक्ष में वरिष्ठता सूची में हेरफेर करने की अनुमति मिलती है।प्रधानमंत्री को फैसला लेने की यह शक्ति देकर, सरकार न्यायपालिका के भीतर आंतरिक राजनीति पर अंकुश लगाने की उम्मीद कर रही है। न्यायाधीशों के स्थानांतरण करने की भी होगी अनुमति इतना ही नहीं, सुधार पैकेज में एक हाईकोर्ट से दूसरे हाईकोर्ट में न्यायाधीशों के स्थानांतरण की अनुमति देने का प्रस्ताव भी शामिल है। यह एक ऐसा कदम जो न्यायिक प्रणाली के भीतर लचीलापन बढ़ाएगा। recent visitors 99

मुल्तान टेस्ट में इंग्लैंड ने पाकिस्तान को एक पारी और 47 रनों से हराया, 147 साल में पहली बार हुआ ऐसा

मुल्तान पाकिस्तान की टीम ने इंग्लैंड के ख‍िलाफ मुल्तान टेस्ट में पहली पारी में 500 प्लस से का स्कोर बनाया, इसके बावजूद उसे मैच के पांचवें दिन (11 अक्टूबर) को पारी और 47 रनों से हार मिली. दूसरी पारी में पाकिस्तान की टीम ने अंग्रेज गेंदबाजों के सामने सरेंडर कर दिया. टेस्ट मैच के चौथे दिन इंग्लैंड ने अपनी पारी 823/7 पर घोष‍ित की. जो टेस्ट इत‍िहास का चौथा बड़ा एक पारी का स्कोर था. पाकिस्तान ने इस मुकाबले में अपनी पहली पारी में 556 रन बनाए थे. यहां ध्यान देने वाली बात यह है कि पाकिस्तान ने लगातार छठा टेस्ट मैच हारा है. पाकिस्तान टेस्ट इत‍िहास की पहली टीम बन गई, जो 500 से ज्यादा रन बनाने के बावजूद टेस्ट मैच हार गई हो. पाकिस्तान ने दिसंबर 2023 के बाद से अपने आखिरी छह टेस्ट मैच गंवाए हैं. यह टीम की पिछले ग्यारह टेस्ट मैचों में सातवीं घरेलू हार भी है, शेष चार ड्रॉ रहे हैं. मुल्तान टेस्ट में पाकिस्तान की ओर से पहली पारी में अब्दुल्लाह शफीक (102), कप्तान शान मसूद (151) और सलमान आगा (104 नाबाद) ने शानदार बल्लेबाजी की. जवाब में इस मैच में इंग्लैंड ने काउंटर अटैक करते हुए पहली पारी में हैरी ब्रूक ने 317 रनों की धमाकेदारी पारी खेली. वहीं जो रूट ने धमाकेदार दोहरा शतक जड़ते हुए 262 रन बनाए. इस तरह इंग्लैंड ने अपनी पहली पारी 823/7 रन पर घोष‍ित की. इसके साथ ही टेस्ट मैच में 800 प्लस स्कोर 3 बार बनाने वाली बनाने वाली इंग्लैंड विश्व क्रिकेट की इकलौती टीम भी बन गई. इसके बाद पाकिस्तानी टीम ने मैच के चौथे दिन (10 अक्टूबर) को दूसरी पारी में बल्लेबाजी शुरू की तो उनकी टीम ताश के पत्ते की तरह बिखर गई. जब दिन का खेल खत्म हुआ पाकिस्तानी टीम 152/6 रन बनाकर संघर्ष कर रही थी. इसके बाद मैच के अंत‍िम दिन पाकिस्तान की टीम  220 रनों पर सिमट गई. इस तरह उसे पारी और 47 रनों से हार मिली. दूसरी पारी में पाकिस्तान की ओर से पहली पारी के शतकवीर सलमान आगा (63) थोड़ा बहुत संघर्ष कर सके, उनको आम‍िर जमाल (55) का साथ मिला. पाकिस्तानी पारी 220 पर पांचवें दिन खत्म हुई. अबरार अहमद बल्लेबाजी करने नहीं आ सके. दूसरी पारी में इंग्लैंड की ओर से जैक लीच सबसे सफल गेंदबाज रहे और उन्होंने 4 विकेट झटके. पाकिस्तान की हाल‍िया टेस्ट सीरीज इंग्लैंड का पाकिस्तान दौरा (2022/23): इंग्लैंड 3-0 (3) न्यूजीलैंड का पाकिस्तान दौरा (2022/23): ड्रॉ 0-0 (2) पाकिस्तान का श्रीलंका दौरा (2023): पाकिस्तान 2-0 (2) पाकिस्तान का ऑस्ट्रेल‍िया दौरा (2023/24) ऑस्ट्रेलिया 3-0 (3) बांग्लादेश का पाकिस्तान दौरा (2024): बांग्लादेश 2-0 (2) टेस्ट मैचों में सबसे ज्यादा टीम स्कोर एक पारी से हार के बाद 556 – पाकिस्तान बनाम इंग्लैंड, मुल्तान, 2024 ( पारी और 47 रन)* 492 – आयरलैंड बनाम श्रीलंका, गॉल, 2023 ( पारी और 10 रन) 477 – इंग्लैंड बनाम भारत, चेन्नई, 2016 (पारी और 75 रन) 463 – वेस्टइंडीज बनाम भारत, कोलकाता, 2011 ( पारी और 15 रन) 459 – भारत बनाम साउथ अफ्रीका, सेंचुरियन, 2010 (इन और 25 रन) पहले बल्लेबाजी करते हुए हार के बाद सबसे ज़्यादा स्कोर 595/8d – बांग्लादेश बनाम न्यूजीलैंड, वेलिंगटन, 2017 586 – ऑस्ट्रेलिया बनाम इंग्लैंड, सिडनी, 1894 556 – ऑस्ट्रेलिया बनाम भारत, एडिलेड, 2003 556 – पाकिस्तान बनाम इंग्लैंड, मुल्तान, 2024* 553 – न्यूजीलैंड बनाम इंग्लैंड, नॉटिंघम, 2022 हार हुए टेस्ट में टीम की ओर से पारी में सबसे ज्यादा शतक 3 – श्रीलंका बनाम ऑस्ट्रेलिया, कोलंबो, 1992 3 – पाकिस्तान बनाम इंग्लैंड, रावलपिंडी, 2022 3 – पाकिस्तान बनाम इंग्लैंड, मुल्तान, 2024* पहली पारी में 500 से ज्यादा रन बनाने के बाद सबसे ज्यादा हार 5 – पाकिस्तान* 3 – ऑस्ट्रेलिया 2 – इंग्लैंड 2 – न्यूज़ीलैंड 2 – बांग्लादेश – टेस्ट की पहली पारी में 500 से ज्यादा रन देने के बावजूद इंग्लैंड की यह 9वीं जीत है. दूसरी सबसे ज्यादा जीत ऑस्ट्रेलिया के नाम है जिसने छह जीत दर्ज की हैं. टेस्ट मैचों में पाकिस्तान की घरेलू मैदान पर सबसे बड़ी हार 1959 में लाहौर में वेस्टइंडीज के खिलाफ पारी और 156 रन 2004 में रावलपिंडी में भारत के खिलाफ पारी और 131 रन 2008 में रावलपिंडी में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ पारी और 99 रन 2004 में मुल्तान में भारत के खिलाफ पारी और 52 रन 2004 में मुल्तान में इंग्लैंड के खिलाफ पारी और 47 रन 2024* में इंग्लैंड की एशिया में पारी से टेस्ट जीत 2076 में दिल्ली में भारत के खिलाफ पारी और 25 रन 2024* में मुल्तान में पाकिस्तान के खिलाफ पारी और 47 रन 2024में पाकिस्तान की घरेलू मैदान पर सबसे लंबी हार का सिलसिला 11 – मार्च 2022 – जारी (7 हारे, 4 ड्रॉ)* 11 – फरवरी 1969 से मार्च 1975 (1 हारे, 10 ड्रॉ) 8 – मार्च 1959 – अक्टूबर 1964 (4 हारे, 4 ड्रा) 8 – अक्टूबर 1998 – मार्च 2000 (4 हारे, 4 ड्रा) टेस्ट क्रिकेट इतिहास का सबसे बड़ा स्कोर 952/6 – श्रीलंका vs भारत, कोलंबो, 1997 903/7d – इंग्लैंड vs ऑस्ट्रेलिया, द ओवल, 1938 849 – इंग्लैंड vs वेस्टइंडीज, किंग्स्टन, 1930 823/7d – इंग्लैंड vs पाकिस्तान, मुल्तान, 2024 790/3d – वेस्टइंडीज बनाम पाकिस्तान, किंग्स्टन, 1958 recent visitors 91

पाकिस्तान का दबाव में फैसला चीनियों की सुरक्षा पर खर्च करेगा 45 अरब रुपये

इस्लामाबाद पाकिस्तान के बलूचिस्तान, खैबर पख्तूनख्वा और सिंध प्रांत में बीते सालों में चीनी नागरिकों को टारगेट करते हुए कई हमले हुए हैं। इसके अलावा ग्वादर पोर्ट समेत चीन के सहयोग से बनने वाली कई परियोजनाओं को भी टारगेट किया गया है। इन हमलों में बड़ी संख्या में लोग मारे गए हैं। इसे लेकर चीन की ओर से पाकिस्तान पर दबाव भी था कि वह ऐक्शन ले ताकि उसके नागरिकों की जान और माल की रक्षा की जा सके। अब चीन के दबाव के बीच पाकिस्तान ने बड़ा फैसला लिया है। पाकिस्तान ने सैन्य बलों के लिए अतिरिक्त 45 अरब रुपये के बजट को मंजूरी प्रदान की है। इसका मुख्य उद्देश्य पाकिस्तान में चीनी व्यापारिक हितों की रक्षा करना और अंतरराष्ट्रीय सीमा पर बाड़ को बरकरार रखने के लिए सैन्य क्षमताओं को बढ़ाना है। द एक्सप्रेस ट्रिब्यून ने कहा कि पाकिस्तान के वित्त मंत्री मुहम्मद औरंगजेब ने ईसीसी बैठक की अध्यक्षता की। कैबिनेट के प्रस्ताव के अनुसार विभिन्न उद्देश्यों के लिए सेना को 35.4 अरब रुपये और नौसेना को 9.5 अरब रुपये आवंटित किए जाएंगे। पाकिस्तानी वित्त मंत्रालय के एक बयान के अनुसार ईसीसी ने चालू वित्त वर्ष के लिए पहले से ही अधिकृत रक्षा सेवा परियोजनाओं में 45 अरब रुपये के अतिरिक्त अनुदान के लिए रक्षा प्रभाग के आवेदन का मूल्यांकन किया और स्वीकार किया। जून में बजट को मंजूरी मिलने के बाद से यह सैन्य बलों के लिए दिया गया दूसरा सबसे बड़ा अतिरिक्त अनुदान है। इससे पहले, ईसीसी ने ऑपरेशन आज़म-ए-इस्तेहकम के लिए 60 अरब रुपये प्रदान किए थे। ये पूरक अनुदान 2.127 ट्रिलियन रुपये के रक्षा बजट से अधिक है। ईसीसी ने विशेष सुरक्षा प्रभाग दक्षिण के लिए 16 अरब रुपये प्रदान किए, जिसपर दक्षिणी क्षेत्रों में चीन-पाकिस्तान आर्थिक गलियारे (सीपीईसी) को सुरक्षित करने की जिम्मेदारी है। इस तरह पाकिस्तान की सेना पर कंगाली के दौर में चीनी नागरिकों और उसके प्रतिष्ठानों की रक्षा के नाम पर अतिरिक्त बोझ पड़ा है। recent visitors 90

पड़ोसी देश पाकिस्तान ऐसे आर्थिक संकट में घिरा की 6 मंत्रालय ही बंद और डेढ़ लाख नौकरियां खत्म

 इस्लामाबाद पड़ोसी देश पाकिस्तान ऐसे आर्थिक संकट में घिर गया है कि अब उसने डेढ़ लाख सरकारी नौकरियां समाप्त कर दी हैं। इसके अलावा 6 मंत्रालयों को ही भंग कर दिया है। ऐसा इसलिए किया गया है ताकि सरकारी खर्च को रोका जा सके। यही नहीं दो मंत्रालयों का अन्य विभागों के साथ विलय कर दिया गया है। आईएमएफ से 7 अरब डॉलर की लोन डील के तहत पाकिस्तान सरकार ने ये कदम उठाए हैं। पाकिस्तान लगातार संकट के दौर से गुजर रहा है और आईएमएफ से लोन की एक किस्त मिलने के बाद भी उसका संकट समाप्त नहीं हुआ है। अब वह एक और राउंड का लोन लेने के लिए जुगत भिड़ा रहा है। आईएमएफ ने पाकिस्तान के लिए मंजूर लोन की पहली किस्त 26 सितंबर को जारी की थी। इसके तहत 1 अरब डॉलर का पैकेज घोषित किया गया है। आईएमएफ ने इसके साथ ही पाकिस्तान सरकार को आदेश दिया है कि वह अपने खर्च घटाएं, टैक्स में इजाफा करे, कृषि और रियल एस्टेट जैसे सेक्टरों में पर भी टैक्स लगाया जाए। इसके अलावा सब्सिडी खत्म की जाए और कुछ योजनाओं को भी सीमित किया जाए। अमेरिका से लौटे पाकिस्तानी वित्त मंत्री मोहम्मद औरंगजेब ने कहा कि आईएमएफ के साथ डील हो गई है। यह हमारी आखिरी डील होगी। हमें इसके तहत कुछ नीतियों को लागू करना होगा। उन्होंने कहा कि इसी के तहत हम सरकारी खर्चों में भी कटौती कर रहे हैं। 6 मंत्रालयों को बंद किया जाएगा और दो का विलय किया जाएगा। इसके अलावा अलग-अलग मंत्रालयों के डेढ़ लाख सरकारी पदों को समाप्त किया जाएगा। उन्होंने कहा कि हम टैक्स में भी इजाफे के प्रयास करेंगे। बीते साल 3 लाख अतिरिक्त टैक्सपेयर जुड़े हैं। इस साल अब तक 7 लाख से ज्यादा नए टैक्सपेयर जुड़ चुके हैं। उन्होंने कहा कि टैक्स के नियमों को सख्त किया जाएगा। जो लोग टैक्स नहीं भरेंगे, उन्हें संपत्ति और वाहन खरीदने की परमिशन नहीं होगी। औरंगजेब ने कहा कि पाकिस्तान को यदि जी-20 का हिस्सा बनना है तो फिर अर्थव्यवस्था को मजबूत करना होगा। उन्होंने कहा कि अब तो हमारा एक्सपोर्ट भी बढ़ रहा है। recent visitors 81