Saturday, July 4, 2026 9:52 am

अलीजाई-बागान समुदाय करेंगे संघर्ष विराम, पाकिस्तान-खैबर पख्तूनख्वा में बवाल थमेगा?

करांची. पाकिस्तान के उत्तर-पश्चिमी प्रांत खैबर पख्तूनख्वा में बीते कुछ दिनों से बवाल मचा हुआ था। अलीजाई और बागान समूहों के बीच गोलीबारी जारी थी। हालांकि, अब दो युद्धरत जनजातियों के बीच संघर्ष विराम समझौता हो गया है। मगर, पिछले कई दिनों से जारी खुर्रम कबायली सांप्रदायिक हिंसा में 130 लोगों की जान चली गई। उपायुक्त कुर्रम जवेदुल्ला महसूद ने रविवार को पुष्टि की कि अशांत कुर्रम जिले के संघर्षरत क्षेत्रों में शांति स्थापित हो गई है। जिले में अलीजाई और बागान समुदायों के बीच संघर्ष 22 नवंबर को शुरू हुआ था। इससे एक दिन पहले पाराचिनार के पास यात्री गाड़ियों के काफिले पर हमला हुआ था, जिसमें 47 लोग मारे गए थे। गंभीर रूप से घायल हुए कई यात्रियों ने बाद में दम तोड़ दिया था, जिससे मरने वालों की संख्या बढ़कर 57 हो गई थी। बागान बाजार क्षेत्र से शुरू हुई हिंसा में पिछले दो दिनों में कम से कम 37 लोग मारे गए और कई अन्य घायल हुए। यह हिंसा बालिशखेल, खार, काली, जुंज अलीजई और मकबल जैसे अन्य हिस्सों में फैल गई। जिरगा सड़कों को खोलने के लिए करेगी बात महसूद ने कहा कि जिला प्रशासन ने रविवार को दो युद्धरत जनजातियों के बीच एक स्थायी युद्ध विराम कराने में सफलता हासिल कर ली है। उन्होंने आगे कहा कि जिरगा (आदिवासी नेताओं की परिषद) सड़कों को फिर से खोलने और शांति समझौते पर हस्ताक्षर करने के लिए बुजुर्गों से बात करेगी। सशस्त्र आदिवासियों को गोलीबारी चौकियों से हटा दिया गया है, जबकि क्षेत्र में पुलिस और सुरक्षा बलों को तैनात किया गया है। 130 हुई मरने वालों की संख्या अशांत कुर्रम जिले में लगातार 11वें दिन भी हिंसा में मरने वालों की संख्या बढ़कर 130 हो गई। रविवार को कम से कम छह लोगों की मौत हो गई और आठ घायल हुए हैं। अब तक घायल हुए लोगों की संख्या 186 पर पहुंच गई है। मोबाइल, इंटरनेट और शैक्षणिक संस्थान पर यह असर झड़पों का हालिया प्रकरण आठ दिन पहले पुलिस सुरक्षा में दो अलग-अलग काफिलों पर घात लगाकर किए गए हमलों के साथ शुरू हुआ था। तब से, युद्धरत कबीलों के बीच हिंसा बढ़ गई है और पुलिस नियंत्रण बनाए रखने के लिए संघर्ष कर रही है। कुर्रम क्षेत्र संचार ब्लैकआउट का सामना कर रहा है, मोबाइल और इंटरनेट सेवाएं निलंबित हैं और शैक्षणिक संस्थान बंद हैं। मुख्य राजमार्ग के बंद होने से न केवल स्थानीय परिवहन बाधित हुआ है, बल्कि अफगानिस्तान के साथ व्यापार भी पूरी तरह से ठप हो गया है। कोहाट डिवीजन के बुजुर्ग और सांसद युद्धरत जनजातियों के बीच शांति समझौता सुनिश्चित करने के लिए कुर्रम जिले का दौरा करेंगे। सात दिन का हुआ था संघर्ष विराम सरकार ने अलीजाई और बागान समुदायों के बीच गत रविवार को सात दिन का संघर्ष विराम कराया था। बाद में इसे बढ़ाकर 10 दिन कर दिया गया था। हालांकि यह संघर्ष विराम पूरी तरह से सफल नहीं हो पाया था। दूसरी ओर, पाकिस्तान की आतंकवाद निरोधक अदालत ने प्रदर्शन के दौरान गिरफ्तार पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान की पार्टी के 156 कार्यकर्ताओं की पुलिस रिमांड को मंजूरी दे दी है। खान की पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ के कार्यकर्ताओं को 24 नवंबर को डी-चौक पर धरना प्रदर्शन के दौरान गिरफ्तार किया गया था और उनके खिलाफ सचिवालय पुलिस थाने में मामले दर्ज किए गए हैं। पार्टी के सदस्यों ने अवरोधकों को हटाकर इस्लामाबाद पहुंचने का प्रयास किया, जहां मध्य रात्रि को की गई कार्रवाई में चार लोगों की मौत हो गई थी और 50 से अधिक लोग घायल हो गए थे। recent visitors 197

दक्षिणी प्रान्त में धमाके में तीन की मौत, पाकिस्तान-खैबर पख्तूनख्वा में सीएम के भाई की हत्या

करांची/खैबर पख्तूनख्वा. खैबर पख्तूनख्वा के मुख्यमंत्री अली अमीन गंडापुर के चचेरे भाई की सोमवार को उत्तर-पश्चिम पाकिस्तान में अज्ञात बंदूकधारियों ने गोली मारकर हत्या कर दी। एक पुलिस अधिकारी ने बताया कि सरदार सकलैन खान गंडापुर की डेरा इस्माइल खान जिले में गोली मारकर हत्या कर दी गई। जिला मुख्यमंत्री का पैतृक स्थान है। वह एक पूर्व स्थानीय सरकारी पदाधिकारी भी थे। लूनी मोड़ पर हुए इस हमले की जिम्मेदारी अभी तक किसी समूह ने नहीं ली है। यह ऐसा इलाका है जहां पाकिस्तानी तालिबान की काफी मौजूदगी है। घटना की जांच शुरू कर दी गई है। बलूचिस्तान सेना के खिलाफ बढ़ते आक्रोश व लक्षित हमलों के बीच प्रांत के पूर्व मुख्यमंत्री व मौजूदा प्रांतीय एसेंबली के सदस्य नवाब असलम रायसानी ने कहा कि अधिकांश बलोच पाकिस्तान से आजादी का समर्थन करते हैं। रायसानी ने एक बयान में कहा कि बलोच राष्ट्र तीन गुटों में विभाजित है। बलूचिस्तान पोस्ट की रिपोर्ट के अनुसार रायसानी ने कहा, अधिकांश बलोच आजादी के पक्ष में हैं और राष्ट्रीय आंदोलन में सक्रिय योगदान दे रहे हैं। दूसरा गुट सेना के साथ है, जिसमें शामिल लोग निजी स्वार्थ की पूर्ति तथा ताकत की चाहत रखते हैं। तीसरा गुट राष्ट्रवादी दलों का है, जो संघ के भीतर स्वायत्तता व संसाधन नियंत्रण की वकालत करता है। हालांकि, यह गुट काफी कमजोर है और इसका प्रभाव सीमित है। बम धमाके से कम से कम तीन बच्चों की मौत इस बीच खबर है कि पाकिस्तान के अशांत उत्तर-पश्चिमी खैबर पख्तूनख्वा प्रांत में सोमवार को बम धमाके से कम से कम तीन बच्चों की मौत हो गई, जिनमें दो भाई भी शामिल हैं। घटना बन्नू के वजीर उपखंड के जानी खेल इलाके में हुई। स्थानीय सूत्रों ने बताया कि बच्चे मदरसे से घर लौट रहे थे, तभी मोर्टार बम फट गया और इसमें दो भाइयों समेत तीन छात्रों की मौत हो गई। मोर्टार बम सुनसान इलाके में पड़ा था। बच्चों ने इसे खिलौना समझकर उठा लिया, जिससे जोरदार विस्फोट हुआ। पाकिस्तान के कुर्रम में जारी हिंसा में अब तक 130 से ज्यादा की मौत देश के उत्तर-पश्चिमी खैबर पख्तूनख्वा के कुर्रम जिले में सांप्रदायिक हिंसा में मरने वालों की संख्या बढ़कर 130 से अधिक हो गई है। मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, पिछले महीने सुन्नी और शियाओं के बीच झड़पों में दर्जनों लोगों की मौत हो गई थी। जिला प्रशासन अधिकारी वाजिद हुसैन ने कहा कि पिछले डेढ़ सप्ताह में हमलों में अब तक कुल 133 लोग मारे गए हैं। recent visitors 68